बिहार

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Published / 2026-02-13 22:02:40
सारण : देर रात छापों में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 लड़कियों को मुक्त कराया, सात गिरफ्तार

  • सारण : देर रात छापों में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 लड़कियों को मुक्त कराया, सात गिरफ्तार

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सारण। बिहार के सारण में महज दस किलोमीटर के दायरे में देर रात हुई छापों की कार्रवाई में छह आर्केस्ट्रा समूहों से 15 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। बिहार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई और गैरसरकारी संगठनों एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) व नारायणी सेवा संस्थान की पांच घंटे तक चली संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 

मुक्त कराई गई ज्यादातर लड़कियों के शरीर पर चोट के निशान थे। इन लड़कियों को ट्रैफिकिंग के जरिए पंजाब, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से लाया गया था। इस दौरान एक गाड़ी को जब्त किया गया और मुक्त कराई गई लड़कियों को आश्रय गृह भेज दिया गया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के सहयोगी संगठन हैं।  

यह कार्रवाई बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग, सीआईडी, बिहार पुलिस मुख्यालय) डॉ. अमित कुमार जैन के दिशानिर्देशों के बाद सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई। छापे की कार्रवाई आधी रात शुरू हुई और भोर तक जारी रही। इसमें विभिन्न आर्केस्ट्रा परिसरों से 12 लड़कियों को मुक्त कराया गया जबकि खुशी आर्केस्ट्रा के मालिक ने तीन लड़कियों को कार में लेकर भागने की कोशिश की। आठ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया और तीनों नाबालिग लड़कियों को मुक्त करा लिया गया।

मुक्त कराई गई सभी लड़कियों ने बताया कि उन्हें शारीरिक प्रताड़ना व यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था और अश्लील गानों पर नाचने को मजबूर किया जाता था। एफआईआर के अनुसार, इन लड़कियों को रात में भीड़ के सामने अश्लील गानों पर जबरन नृत्य कराया जाता था। इन्हें पूरी तनख्वाह नहीं दी जाती थी और इनका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।

लड़कियों के शरीर पर दिख रहे चोटों के निशान बता रहे थे कि आर्केस्ट्रा मालिकों ने उन पर कितना अत्याचार किया था। जिन आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे मारे गए उनमें काजल आर्केस्ट्रा, सुर संगम आर्केस्ट्रा, कोपा चट्टी आर्केस्ट्रा, खुशी आर्केस्ट्रा, श्याम आर्केस्ट्रा और दिया आर्केस्ट्रा शामिल थे।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और बिहार पुलिस टीम की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, बिहार पुलिस ने जिस तरह आर्केस्ट्रा समूहों पर शिकंजा कसा है, वह एक नजीर है। ये आर्केस्ट्रा समूह बड़े ट्रैफिकिंग गिरोहों के लिए एक अहम कड़ी हैं। ये गिरोह कमजोर पृष्ठभूमि की लड़कियों को जाल में फांसते हैं और उन्हें शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन चक्र में धकेल देते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि स्थानीय पुलिस इसे संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़ा मामला समझ कर इसकी छानबीन करे और उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही, हमें इन नाबालिग बच्चियों का तत्काल पुनर्वास सुनिश्चित करना होगा ताकि ये फिर से समाज की मुख्य धारा में लौट सकें।

पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं, पॉक्सो अधिनियम, 2012; किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल व संरक्षण) अधिनियम, 2015 और बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी नाबालिग लड़कियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें काउंसलिंग व पुनर्वास के लिए आश्रय गृह भेज दिया गया।

और जानकारी के लिए संपर्क करें
जितेंद्र परमार
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Published / 2026-02-04 21:19:06
दरभंगा : गांव के सभी ब्राह्मणों पर एक साथ केस

  • दिल्ली में काम करने वाले भी बने आरोपी, बिहार में अनोखा मामला 
  • दरभंगा के एक गांव में लगभग हर ब्राह्मण परिवार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने 70 नामजद लोगों और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पूरे ब्राह्मण समुदाय ने मिलकर एक परिवार का शोषण किया। 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के दरभंगा में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में दर्ज एक प्राथमिकी आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। इसका कारण यह है कि इस एक ही प्राथमिकी में पूरे गांव के ब्राह्मण समुदाय के सभी सदस्यों को आरोपी बनाया गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कई लोग सालों से अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में काम कर रहे हैं, फिर भी उनके नाम भी आरोपियों की लिस्ट में शामिल हैं। 

एक प्राथमिकी, पूरा गांव कटघरे में 

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाने में दर्ज इस प्राथमिकी में हरिनगर गांव के करीब 70 ब्राह्मणों के नाम हैं, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता, असरफी पासवान का आरोप है कि पूरे गांव ने मिलकर उनके परिवार पर हमला किया और उन्हें परेशान किया। इसी आधार पर पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 
जैसे ही यह मामला सामने आया, गांव में हंगामा मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है कि किसी विवाद में पूरे समुदाय को आरोपी बनाया गया है। 

दिल्ली और मुंबई में काम करने वाले भी आरोपी 

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आवेदन में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें से कई सालों से गांव में नहीं रह रहे हैं। कुछ दिल्ली और मुंबई में मजदूरी करते हैं, जबकि कुछ प्राइवेट कंपनियों में नौकरी करते हैं। परिवार वालों का कहना है कि घटना के समय ये लोग गांव में मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्हें आरोपी बनाया गया है।

Published / 2026-02-01 23:19:32
सकारात्मक है केंद्रीय आम बजट : नीतीश कुमार

  • सकारात्मक है केंद्रीय आम बजट : नीतीश कुमार
  • केंद्रीय बजट पर आया मुख्यमंत्री नीतीश का रिएक्शन...जानें क्या कहा?

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय बजट को सकारात्मक एवं स्वागत योग्य बताया और कहा कि यह बजट विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है। 

केंद्रीय बजट प्रगतिशील एवं भविष्योन्मुखी
नीतीश कुमार ने आज एक्स पर लिखा, केंद्रीय बजट प्रगतिशील एवं भविष्योन्मुखी है। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से केंद्र सरकार ने देश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा किइस बार केंद्रीय बजट में देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इसमें वाराणसी -सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से बिहार को भी काफी फायदा होगा। 

साथ ही बजट में देश भर में 20 नये राष्ट्रीय जलमार्ग बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बिहार के उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलमार्ग के विस्तार से बिहार के भी कई शहरों को फायदा मिलेगा तथा राज्य के उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी और व्यापारिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

 उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में देश भर में बड़े टेक्सटाइल पाकर् तथा महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना की घोषणा की गई है। साथ ही बजट में सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रूपए के सपोर्ट का ऐलान किया गया है। इससे बिहार सहित देश भर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश का आर्थिक विकास और तीव्र गति से हो सकेगा।

निवेश और रोजगार के अवसरों का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषणा की गई है कि विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाने के लिए पूर्वोतर राज्यों और उत्तर-पूर्व क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जायेगा। इससे जुड़ी विकास की योजनाओं से बिहार को औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, केंद्रीय बजट में शहरों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से बिहार में शहरीकरण को नई गति मिलेगी। 

इससे राज्य के शहरों में आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। कुमार ने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में देश के सभी जिलों में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। इससे उच्च शिक्षा ग्रहण करने में लड़कियों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक बेहतर बजट पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण धन्यवाद के पात्र हैं।

Published / 2026-01-31 21:20:35
पटना : चार्ली चैपलिन 2 लाइव शो आकर्षण का केंद्र

पटना में एपीआई की 81वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस एपिकोन 2026 का भव्य आयोजन 

गल्फा लेबोरेटरीज की विशेष भागीदारी, फिल्म अभिनेता राजन कुमार कर रहे हैं प्रमोशन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/बिहार। इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत की धरती पटना में एसोसिएशन आॅफ फिजिशियंस आॅफ इंडिया (एपीआई) की 81वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस एपिकोन 2026 का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक हो रहा है। यह प्रतिष्ठित चिकित्सा सम्मेलन पटना के हृदय स्थल पर स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहा है। 

चार दिनों तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जा रही है। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा उपहार है की मूल भावना के साथ इस आयोजन का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों से अवगत कराना है। 

इस वर्ष की एपिकोन 2026 में प्रमुख भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनी गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड की विशेष भागीदारी है। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता एवं गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर राजन कुमार कंपनी को प्रमोट कर रहे है। साथ ही, उनका चर्चित चार्ली चैपलिन 2 लाइव शो कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण है। 

गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड, जिसकी स्थापना वर्ष 1986 में नवल किशोर सिंह द्वारा की गयी थी, आज भारतीय फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में एक सशक्त और भरोसेमंद नाम बन चुकी है। कंपनी के उत्पाद अपनी किफायती कीमत और उच्च गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। इसके प्रमुख प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में एंटीबायोटिक्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, एनएसएआईडीएस और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल उत्पाद शामिल हैं। 

गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड को अब तक कंपनी आॅफ द ईयर, ब्रांड आॅफ द ईयर सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। गल्फा लेबोरेटरीज का फोकस इनोवेटिव हेल्थकेयर सॉल्यूशंन और मजबूत वितरण नेटवर्क पर है। कंपनी की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, विशेष रूप से बद्दी स्थित यूनिट, जीवाईएमपी और यूके एमएचआरए के अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करती हैं। 

इस अवसर पर फिल्म अभिनेता राजन कुमार ने कहा, गल्फा लेबोरेटरीज लगभग चार दशकों की विरासत के साथ देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। कंपनी का उद्देश्य है हर वर्ग तक सस्ती और उच्च-गुणवत्ता वाली फार्मास्यूटिकल सेवाएं पहुंचाना, जो इसे भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाता है। 

गल्फा लेबोरेटरीज का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और कंपनी किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के अपने मिशन के साथ भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग में निरंतर आगे बढ़ रही है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था गल्फा लेबोरेटरीज की वैश्विक उपस्थिति या विस्तृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहती है, तो एपिकोन 2026 उनके लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

Published / 2026-01-17 18:43:24
120 एकड़ के प्रांगण में विराजमान होगा दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग

2 लाख किलो वजनी, 33 फीट लंबा... मोतिहारी में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग को देख हो जायेंगे हैरान 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मोतिहारी/ पटना। आज बिहार के मोतिहारी में केसरिया के कठौलिया गांव में बन रहे विराट रामायण मदिर के प्रांगण में दुनिया की सबसे बड़ी शिवलिंग की स्थापना की गयी। यह मंदिर 120 एकड़ के प्रांगण में स्थापित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे विराट रामायण मंदिर है। 

यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किमी और 40 दिन से ज्यादा की यात्रा तय करके बिहार आया है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा है, इस शिवलिंग को ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है, जिसमें 1008 छोटे शिवलिंग को उकेरा गया है और इसे बनाने में 1008 कारीगरों ने अपना योगदान दिया है।

पूर्व आईपीएस और महावीर न्यास बोर्ड के पूर्व सचिव आचार्य कुणाल का सपना था यह विराट रामायण मंदिर। इसकी नींव उन्होंने अपने जीवन में रखी थी, लेकिन आज वह हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनके बेटे सयान कुणाल से आज उनके सपने को पूरा करते हुए पूरे विधि विधान से इस शिवलिंग को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया है। 

उन्होंने बताया है कि इस मंदिर के बनने से इस जगह का विकास भी तेजी से होगा। अयोध्या के बाद यह सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा। यहां होटल्स, एयरपोर्ट और हाईवे बनेंगे और इस पूरे इलाके का विकास तेजी से होगा। इस विशाल शिवलिंग का वजन 200 मैट्रिक टन (2,00,000 किलोग्राम) है और जो 33 फीट लंबा है। 

इसे स्थापित करना बेहद ही मुश्किल कार्य था, लेकिन इंजीनियर्स की टीम ने इसे बेहद सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस शिवलिंग को 30 फीट से ऊंचे गुंबद पर स्थापित किया गया, जिसके बाद इसके कुल उचाई 60 फीट से भी ज्यादा हो गयी है। इसे स्थापित करने में लगभग आधे घंटे का वक्त लगा है और इसे 2 भारी-भरकम क्रेन की मदद से स्थापित किया गया है। 

शिवलिंग को क्रेन की मदद से पहले हवा में लिफ्ट किया गया, फिर ऊंचाई पर ले जाकर इसे स्थापित किया गया। शिवलिंग बनाने वाली टीम के मॉडरेटर वेंकटेश विनायक ने बताया कि इस शिवलिंग को 10 साल में बनाया गया और अब इसे विराट रामायण मंदिर के प्रांगण में स्थापित किया गया है।

Published / 2026-01-10 21:22:32
क्या राजद विधायकों को तोड़ देगी भाजपा?

तेजस्वी यादव के विधायकों को तोड़ने की तैयारी में भाजपा

कृषि मंत्री बोले- एनडीए के संपर्क में राजद के सभी विधायक 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि राजद के सभी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। रामकृपाल ने कहा कि तेजस्वी यादव के पास अब कुछ नहीं बचा, वो जीरो पर आउट हो जायेंगे। 

बिहार की राजनीति में बयानबाजी की वजह से एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ गया है। विधानसभा चुनाव के करीब डेढ़ महीने बाद अब राजद में बड़ी टूट की खबरें गलियारों में तैर रही हैं। तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को भाजपा और जदयू ने पलायन करार दिया है, वहीं नीतीश सरकार में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के बयानों ने राजद में संभावित टूट की चर्चाओं को और हवा दे दी है। 

तेजस्वी होंगे जीरो पर आउट : रामकृपाल यादव 

बिहार के कृषि मंत्री और कभी लालू यादव के बेहद करीबी रहे रामकृपाल यादव ने राजद के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद तेजस्वी यादव हताशा में हैं। उनके पास न दिशा है, न नेतृत्व। राजद के विधायक हताश हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी संभालें, वरना जीरो पर आउट हो जायेंगे। उनके पास अब कुछ बचा नहीं है। 

रामकृपाल ने कहा, तेजस्वी यादव की पार्टी खत्म हो चुकी है। वे विदेश के दौरे पर हैं। हार बर्दाश्त नहीं हुआ और जनता के बीच जाने में उनको शर्म आ रही है इसलिए भाग कर विदेश चल गये हैं। मैं गंभीरता के साथ कह रहा हूं कि उनके 25 के 25 विधायक हमारी पार्टी के संपर्क में हैं। कभी भी 25 विधायक भाजपा में शामिल होंगे। 

नीरज कुमार का तंज 

वहीं, भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बेचारे तेजस्वी यादव, चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद अपना चेहरा छिपाने के लिए परिवार के साथ विदेश भाग गये हैं। उनके विधायक यहां नेतृत्व की कमी, वंशवाद की राजनीति, भाई-भतीजावाद और मौजूदा अराजकता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उनके सभी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। राजद विधायकों का नेतृत्व या मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं है। पार्टी में कभी भी बड़ी फूट पड़ सकती है। 

डिप्रेशन में हैं राजद विधायक 

जदयू नेता मनीष यादव ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय नीतीश कुमार पर ओछी टिप्पणी करने वाले तेजस्वी यादव को जनता ने उनकी जगह दिखा दी है। अब उनके विधायक डिप्रेशन में हैं क्योंकि उन्हें दिशा देने वाला कोई नहीं है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजद के कई असंतुष्ट विधायक एनडीए के पाले में आने की सोच रहे हैं।

Published / 2026-01-10 21:18:27
क्या सही में जदयू से निष्कासित हो गये केसी त्यागी!

कभी थे जदयू के संकट मोचन, अब पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता जानिए कौन हैं केसी त्यागी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। केसी त्यागी, एक वरिष्ठ समाजवादी नेता और राजनीतिक संकट मोचक, हाल ही में जदयू से कथित निष्कासन को लेकर चर्चा में हैं। गाजियाबाद के मोरटा गांव के मूल निवासी त्यागी ने कॉलेज जीवन से राजनीति शुरू की। 

उन्होंने चौधरी चरण सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी और शरद यादव जैसे कई प्रमुख नेताओं के साथ काम किया। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बिहार के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भी रहे, त्यागी अपने मुखर विचारों के लिए जाने जाते हैं। 

वरिष्ठ समाजवादी नेता और राजनीतिक संकट मोचक के रूप में पहचान 

समाजवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता किशन चंद त्यागी को राजनीति के गलियारों में के सी त्यागी के नाम से सम्मान की नजरों से देखा जाता है। बीते कुछ समय से अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे केसी त्याग आज इसलिए चर्चा का विषय हैं क्योंकि आज ही (10 जनवरी) उनके जदयू से बाहर निकाले जाने की खबरें सामने आ रही हैं। 

कहा जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड ने उनसे किनारा कर लिया है। गाजियाबाद जिले के मोरटा गांव के मूल निवासी केसी त्यागी ने राजनीति की शिक्षा अपने विद्यालय की पढ़ाई के साथ ही ली। 

उन्होंने कॉलेज जीवन से ही राजनीतिक गतिविधियां आरंभ कर दी थीं। कॉलेज की राजनीति के उपरांत 1974 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और युवा जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए। उनको राजनीतिक संकट मोचक के रूप में देखा जाता है। 

ऐसे समाजवादी नेता बने केसी त्यागी 

  • उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ही शरद यादव के साथ मिलकर कार्य किया। यहीं से उनमें समाजवाद विचारधारा ने घर कर लिया। 
  • पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को वह अपना राजनीतिक पिता मानते हैं। उनके साथ रहकर उन्होंने गांव-किसान और गरीब की लड़ाई का ककहरा सींखा। 
  • लंबे समय तक केसी त्यागी ने चौधरी चरण सिंह के मीडिया सलाहकार का दायित्व निभाया। संगठन के साथ ही वह चुनावी राजनीति में आगे बढ़े। 

पहले लोकसभा चुनाव में करना पड़ा हार का सामना 

  • उन्होंने हापुड़-गाजियाबाद लोकसभा सीट से रालोद से 1984 में चुनाव लड़ा, लेकिन केएन सिंह के सामने हार का सामना करना पड़ा। 
  • केसी त्यागी की क्षेत्र में अच्छी पकड़ होने के बावजूद उनके प्रतिद्वंदी केएन सिंह को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की सहानुभूति का लाभ मिला। 
  • उसके बाद केसी त्यागी ने 1989 में फिर भाग्य आजमाया और सांसद बन गए। उसके साथ ही उनकी समाजवादी विधारधारा और मजबूत होती गयी। 

कर्पूरी ठाकुर से लेकर नीतीश तक के राजनीतिक उतार-चढ़ाव में रहे साथ 

  • कर्पूरी ठाकुर, विश्वनाथ प्रताप सिंह, पूर्व पंधानमंत्री चंद्रशेखर, चौधरी देवीलाल, शरद यादव, मुलायम सिंह और जॉर्ज फर्नांडीज के साथ वह राजनीति में प्रत्येक उतार-चढ़ाव में साथ रहे। 
  • आपातकाल में वह 18 महीने जेल में रहे। उसके बाद उन्होंने सपा ज्वाइन की और राष्ट्रीय महासचिव बने। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल-यू से 2002 में मेरठ से सांसद का चुनाव लड़ा और भाजपा से गठबंधन होने के बावजूद परास्त हो गये। 
  • वह बिहार से 2013 में राज्यसभा के सांसद और फिर गन्ना निगम के चेयरमैन रहे। वह जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे और बिहार के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार रहे। 
  • केसी त्यागी का मुखर वक्ता के रूप में जाना जाता है। वह किसी भी स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे पर बेरोकटोक विचार रखने के लिए जाने जाते हैं।

Published / 2026-01-09 22:07:57
नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखी चिट्ठी 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश कुमार ने पिछले साल नवंबर में दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। एक बार फिर सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार का नाम सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शुमार हो गया है। अब खबर आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं।

 त्यागी ने ये मांग करते हुए बाकायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है ।पत्र में त्यागी ने लिखा है कि नीतीश कुमार जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस उपाधि के पूरी तरह हकदार हैं।  

के सी त्यागी ने कहा कि बिहार और देश के प्रति नीतीश कुमार की सेवाओं को सम्मान देने का इससे अच्छा कदम नहीं हो सकता है। हालांकि ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी जीवित व्यक्ति को भारत रत्न दिया गया हो। त्यागी ने कहा कि करीब आधा दर्जन मामले ऐसे हैं जिसमें जीवित व्यक्ति को भी भारत रत्न दिया गया। इनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, लता मंगेशकर और प्रणब मुखर्जी जैसे लोग शामिल हैं।  

आम तौर पर जनवरी में ही प्रधानमंत्री की तरफ से अलग अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान देने के भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया जाता है। पिछले साल भी किसान नेता चौधरी चरण सिंह और महान समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया गया था। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को तब बिहार चुनाव से जोड़कर देखा गया था क्योंकि ठाकुर अति पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे।  

पिछले साल नवंबर में नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में उनका शुमार होता है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ते हुए 200 से ज्यादा सीटें जीती और प्रचंड जीत हासिल की। करीब 10 महीनों को छोड़कर नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। हालांकि बार बार अपना राजनीतिक पाला बदलने के लिए उनकी आलोचना भी होती है।  

वैसे राजनीतिक गलियारों में के सी त्यागी की चिट्ठी के अलग अलग मायने भी लगाये जा रहे हैं। हाल ही में बांग्लादेश खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर निकालने के फैसले पर त्यागी ने पार्टी से अलग लाइन लिया था और इस फैसले पर सवाल उठाया था। इतना ही नहीं, 2024 में फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी त्यागी ने भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था जिसपर काफी हो हल्ला भी मचा था। माना जाता है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने सितंबर 2024 में पार्टी के एकमात्र राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। ऐसे भारत रत्न की मांग को डैमेज कंट्रोल के तौर पर भी देखा जा सकता है।

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