अजय कुमार शर्मा
एबीएन डेस्क। नौशाद साहब भारतीय संगीत के ऐसे सितारे हैं जिनके जिक्र के बिना हमारे फिल्मी संगीत का इतिहास अधूरा ही होगा। लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत को साथ लेकर जिस तरह का संगीत आपने पेश किया वह अपने आप में बेमिसाल है। शास्त्रीय संगीत की बंदिशों को उन्होंने इतने आसान तरीके से फिल्मी गीतों में डाला कि आम आदमी भी समझ सके। अपने समय के दूसरे संगीतकारों के मुकाबले नौशाद साहब ने हिन्दी फिल्म संगीत के लोकप्रिय ढांचे का ख्याल रखते हुए भी कलात्मक ढंग के संगीत को प्रस्तुत करने का काम किया।
यह करते समय उन्होंने मेलोडी को एक ऊंचा मक़ाम हासिल कराया और भारतीय फिल्म संगीत को अमर बना दिया। उनके वक्त के बहुत कम संगीतकार इतना ऊंचा काम कर पाये। नौशाद साहब के संगीत और गानों का असर भले ही सीधा-सादा महसूस होता है फिर भी हर गीत और रचना के पीछे उनकी रात-दिन की मेहनत है।
नौशाद साहब न तो सुनने वालों की चीप टेस्ट के शिकार हुए और न ही दूसरे संगीतकारों की तरह कुछ समय बाद पश्चिमी संगीत के आदी हो गये। नौशाद साहब भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति अपने प्रेम, भारतीय लोक संगीत और खूबसूरती के फलसफे को हमेशा अपने साथ लेकर चलते रहे। स्टेशन मास्टर, रतन, अनमोल घड़ी, शाहजहां, अनोखी अदा, मेला, अंदाज, दुलारी, बाबुल, दास्तान, दीदार, आन, बैजू बावरा उड़न खटोला, मदर इंडिया, मुगले आजम, गंगा जमुना, मेरे महबूब, दिल दिया दर्द लिया, राम और श्याम, पालकी, आदमी, संघर्ष, धर्म कांटा और लव एंड गॉड आदि जैसी अनेकों सुपर हिट फिल्मों का संगीत आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना अपने समय में था। लेकिन यह सब आम जनता तक पहुंचाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और संघर्ष किया। एक समय वह भी था जब नौशाद साहब खाली हाथ लखनऊ से बंबई आये और जीने की सीढ़ियों, फुटपाथों पर सोये। उनकी जेब में महीने भर के खर्चे के लिए महज बीस रुपये हुआ करते थे और रुपये खत्म होने पर फाका करते हुए नौकरी की तलाश में मारे-मारे फिरते थे। स्टूडियो के सामने खड़े होने पर गेटमैन भगा दिया करते थे। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और फिर उन्हें कारदार प्रोडक्शन में पांच सौ रुपये महीने की नौकरी मिली।
इस दौर में वे काम में इतना मशगूल हो जाते थे कि उन्हें अपना ही होश नहीं रहता था। कोई धुन या फिर कोई गाना जैसे ही उनके दिमाग में आती तो वे अपनी सुध-बुध खो बैठते और कई अजीब-ओ-गरीब हरकतें कर बैठते। एक बार जब वे दादर में किराये पर एक फ्लैट में रहते थे तब उनके साथ एक दिन मजेदार वाकया हुआ। एक गाने की तर्ज के ख्याल में वे चलते ही चले गये और सीधे परेल की झोपड़पट्टी में पहुंच कर एक घर में घुस गये। अपना घर मानकर बड़े आराम से कोट उतारकर रख दिया और बिस्तर पर लेट गये। आंखें बन्द कर बड़ी ही मीठी और कशिश भरी तर्ज बनाने में डूब गये। तभी भीतर के कमरे में से एक औरत बाहर आई और उन्हें देख वह हैरान हो गई। फिर मराठी में चिल्ला उठी, कोण तू? इयं काय करतोस? (तुम कौन हो? यहां क्या कर रहे हो?) यह सुनकर नौशाद साहब हड़बड़ाकर उठे और अपना कोट उठाकर भागना शुरू किया।
भागते-भागते बस स्टैंड पर आये और बस पकड़कर दादर पहुंचे। घर पहुंचने पर उन्हें अपने ही पागलपन पर हंसी आ रही थी और इस ख्याल से दिल कांप भी रहा था कि अकेली औरत के घर में घुसने की वजह से लोगों की तगड़ी मार भी पड़ सकती थी। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जब वे दोबारा उसी गाने की तर्ज के बारे में सोचते हुए इमारत की सीढ़ियां अपनी ही धुन में चढ़ते जा रहे थे तो बीच में उनके एक दोस्त ने उन्हें टोका और कहा कि नौशाद, तुम जिस्म और दिमाग दोनों से थक जाते हो। तुम ओवलटीन पिया करो तभी तुम्हारी सेहत अच्छी रहेगी।
उसके कहने पर उन्होंने ओवलटीन का डिब्बा खरीदा और फ्लैट की ओर चल पड़े। अब आप उन्हें पागल कहें या बहुत काम करने की सनक का नतीजा कहें, फ्लैट के ताले को चाभी से खोलने की बजाय वे अपने ही मूड में ताले को ओवलटीन के डिब्बे से खोलने की कोशिश करने लगे। यह तमाशा लगभग आधा घंटा चलता रहा। उनके पड़ोसी भी उनकी इस हरकत को हैरत से देख रहे थे। तब उनके पड़ोस में रहने वाली भरत नाट्यम की मशहूर नर्तकी दमयन्ती जोशी ने फ्लैट खोलने में उनकी मदद की।
चलते-चलते
नौशाद साहब पहले भारतीय संगीतकार थे जो फिल्म आन के बैक ग्राउंड म्यूजिक के सिलसिले में विदेश (लंदन) गये। इसी फिल्म के लिए नौशाद साहब ने मौसीकी की दुनिया में पहली बार सौ वाद्य यंत्रों के ऑर्केस्ट्रा का इस्तेमाल कर पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। इससे पहले किसी मौसीकार ने यह कारनामा नहीं किया था। साउंड मिक्सिंग भी हमारी फिल्म इंडस्ट्री को नौशाद साहब की ही देन है। सन 1951 में बीबीसी के ऑर्केस्ट्रा ने नौशाद साहब का बनाया हुआ संगीत प्ले किया था। यह पहला मौका था जब किसी इंडियन म्यूजिक कंपोजर के लिखे हुए म्यूजिक पर किसी वेस्टर्न ऑर्केस्ट्रा ने प्रोग्राम पेश किया हो। (लेखक, राष्ट्रीय साहित्य संस्थान के सहायक संपादक हैं। नब्बे के दशक में खोजपूर्ण पत्रकारिता के लिए ख्यातिलब्ध रही प्रतिष्ठित पहली हिंदी वीडियो पत्रिका कालचक्र से संबद्ध रहे हैं। साहित्य, संस्कृति और सिनेमा पर पैनी नजर रखते हैं।)
टीम एबीएन, टाटीझरिया। प्रखंड के झरपो चौरंगी मोड़ में कार्यक्रम आयोजित कर देवगंगा निर्देशन में निर्मित खोरठा म्यूजिक वीडियो कोन मारे माछ देवगंगा डब्लु सीरीज यूट्यूब चैनल पर गुरूवार को रिलीज किया गया। सिंगर देवगंगा व खोरठा गायिका लाली पटेल द्वारा गाया गया। यह खोरठा गाना का आॅडियो बहुत ही मधुर कर्णप्रिय लोक गीत श्रेणी का हैं। जो खोरठा भाषियों की पसंद के अनुरूप हैं।
वीडियो में दिनेश दिवाना, दिलवाले राजा, प्रकाश राज, सुरेश ठाकुर, खुशबू रानी ने बहुत ही आकर्षक अभिनय की प्रस्तुति दी हैं। इसके अलावे फोटोग्राफर रौशन रंगीला का भी इस गाने में शानदार योगदान रहा। जो दर्शकों को अच्छा लगेगा। खूबसूरत और संभावित गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के साथ यह गाना रिलीज किया गया हैं। देवगंगा डब्लु के निर्देशन हमेशा से ही अलग रहा हैं और खास कर खोरठा गीत संगीत से इनका लगाव पुराना रहा है। इस गाने का सारा रिर्कोडिंग झरपो का कारी चट्टान, बौधा डैम, सिझुवा झरना में लिया गया है।
टाटीझरिया जिप सदस्य रामप्रसाद, उप प्रमुख रवि वर्णवाल, झरपो पंचायत मुखिया शिबु प्रसाद सोनी, विधायक प्रतिनिधि उपेंद्र पांडेय, मिथिलेश पाठक, सांसद प्रतिनिधि महेश अग्रवाल, राजु यादव, सोनु पांडेय, ज्योतिष पंडा, संदीप पांडेय, राजेंद्र उर्फ राजा, दयाल प्रसाद, जितेन्द्र पासवान, रवि कुमार, सुधिर कुमार, मुकेश कुमार समेत अन्य ने इस गाने का विमोचन किया।
एबीएन डेस्क। बॉलीवुड के भाईजान 57 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर बीती रात उन्होंने ग्रेंड पार्टी दी, जिसमें बी टाउन का करीब करीब हर सितारा चमकता हुआ दिखाई दिया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चे शाहरुख खान और संगीता बिजलानी के हो रहे हैं।सलमान ने यह पार्टी बहन अर्पिता खान और जीजू आयुष शर्मा के घर पर थ्रो की थी। पार्टी में बॉलीवुड के किंग खान की मौजूदगी खास तौर पर सभी का ध्यान खींच रही थी। दोनों खान को साथ देखकर काफी अच्छा लग रहा था।
वहीं सलमान खान की एक्स गर्लफ्रेंड संगीता बिजलानी भी पार्टी में पहुंचीं। बर्थडे बैश में शिरकत करने के लिए पहुंची संगीता बिजलानी को सलमान खान ने माथे पर किस करके और गले लगाकर बेहद शानदार तरीके से उनका स्वागत किया। संगीता ने पर्पल कलर की शिमरी ड्रेस पहनी थी। यहीं नहीं, पार्टी खत्म होने के बाद सल्लू मियां अपनी एक्स गर्लफ्रेंड को कार तक छोड़ते भी दिखे। भाईजान की एक और एक्स गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पार्टी में दिखीं। उन्होंने ब्लैक कलर की शिमरी ड्रेस में अपना ग्लैमर बिखेरा था।
रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा सलमान के करीबी लोगों में शामिल हैं, इसलिए इस कपल को तो लोग पहले से ही एक्सपेक्ट कर रहे थे। दोनों ने मैचिंग कलर के आउटफिट में पार्टी में एंट्री की।
बॉलीवुड के फेमस कपल पुलकित सम्राट और कृति खरबंदा भी पार्टी में पहुंचे थे। व्हाइट कलर की स्कर्ट और क्रॉप टॉप में कृति काफी गॉर्जियस लग रही थीं, जबकि पुलकित कैजुअल लुक में दिखे।
एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा आॅल ब्लैक लुक में सलमान के बर्थडे बैश में पहुंचीं। वह सिंपल लेकिन काफी एलिगेंट लग रही थीं, जबकि एवरयंग एक्ट्रेस तब्बू भी ब्लैक और व्हाइट कलर की ड्रेस में पार्टी में चार चांद लगाती दिखीं।
एबीएन डेस्क। शाहरूख खान एम्पायर मैगजीन की लिस्ट में दुनिया भर के 50 महानतम कलाकारों की लिस्ट में शामिल किये गये हैं। एम्पायर मैगजीन के अब तक के 50 महानतम कलाकारों की लिस्ट जारी की है, जिसमें भारत से एकमात्र शाहरुख ऐसे शख्स है, जिसका नाम इसमें शामिल हैं।
एम्पायर मैगजीन की लिस्ट में हॉलीवुड के टॉम हैंक्स, डेंजल वाशिंगटन, मर्लिन मुनरो, रॉबर्ट डिनीरो, नेटली पोर्टमैन, हीथ लेजर, टॉम क्रूज, लियोनार्दो डिकैपरियो, सैमुअल एल जैक्सन, निकोलस केज, वियोला डेविस, केट, ब्लेंचेट, मारलोन ब्रांडो, टॉम हार्डी, मेरिल स्ट्रीप, क्रिश्चियन बेल, एंथनी हॉपकिंस, जूलियन मूर, चार्लीज थेरोन, अल पचीनो, पेनेलोप क्रूज, योकिन फीनिक्स, मोरगन फ्रीमैन आदि शामिल हैं। मैगजीन ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की है।
यह लिस्ट मैगजीन के फरवरी अंक में छपेगी। हालांकि, आनलाइन इसे जारी कर दिया गया है। यह लिस्ट पाठकों की वोटिंग के आधार पर तैयार की गयी है। इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए लिखा गया है कि पाठकों से ऐसे अभिनेताओं और सितारों को लेकर वोटिंग करने के लिए कहा गया था, जिन्होंने हमेशा परिणाम दिये हैं, जो गेम चेंजर साबित हुए हैं और जिनके खास टैलेंट को दोहराया नहीं जा सकता है।
एबीएन डेस्क। सारा अली खान ने अपनी आने वाली फिल्म ‘ऐ वतन मेरे वतन’ की शूटिंग पूरी कर ली है। सारा अली खान ऐ वतन मेरे वतन में स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका में नजर आयेंगी। सारा, उषा मेहता के किरदार में नजर आयेंगी। ऐ वतन मेरे वतन धर्मा प्रोडक्शन के बैनर तले बनायी जा रही है। ऐ वतन मेरे वतन को कन्नन अय्यर ने निर्देशित किया है वहीं, फिल्म की कहानी दरब फारूकी ने लिखी है।
सारा अली खान ने अपनी इस फिल्म की शूटिंग पूरी होने की जानकारी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर तस्वीरें साझा कर दी हैं। सारा अली खान ने तस्वीरें साझा कर बताया कि वह बीते कई दिनों से ऐ वतन मेरे वतन के लिए नाइट शेड्यूल की शूटिंग कर रही थीं, लेकिन रविवार को उन्होंने अपने इस शेड्यूल की शूटिंग को पूरा कर लिया है। इस तस्वीर में एक केक भी नजर आ रहा है, जिसमें पर लिखा है इट्स रैप। साथ ही उन्होंने तस्वीर में ऐ वतन मेरे वतन भी लिखा है।
गौरतलब है कि उषा मेहता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सीक्रेट रेडियो आपरेटर थीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के दौरान अहम भूमिका निभायी थी। उषा मेहता ने सीक्रेट रेडियो सर्विस कांग्रेस रेडियो की शुरुआत की थी। इस सर्विस रेडियो की मदद से उस समय वह सारी जानकारी और अन्य खबरें शेयर की जाती थीं, जिस पर उस दौरान अंग्रेजों ने पाबंदी लगा रखी थी।
टीम एबीएन, रांची। सुधा सिने मूवीज़ की अधिकारिक ओटीटी चैनल वाऊ सिनेमा की भव्य लॉन्चिंग 11 दिसम्बर रविवार को रांची के एयरपोर्ट रोड पर स्थित होटल ग्रीन एकरेस में किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि हटिया विधायक नवीन जायसवाल एवं बाॉलीवुड लेखक एवं निर्देशक इकबाल दुर्रानी उपस्थित हुए। इनके अतिरिक्त कार्यक्रम में फिल्म एक्टर देवेश खान, निर्माता सिराज अहमद, आनंद जालान सहित अन्य शामिल हुए। इस ओटीटी चैनल की एमडी शबनम राज़ एवं सीईओ प्रभात राज़ हैं।
इस कार्यक्रम में वाऊ सिनेमा लाइफ टाइम एचीवमेंट 2022 से झारखंड के ऐसे शख़्सियत को सम्मानित किया गया। जिन्होंने फिल्म क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया। इनमें क्रमशः इकबाल दुर्रानी (लेखक एवं निर्देशक), सिराज अहमद (निर्माता एवं एक्टर), देवेश खान ( एक्टर), रीना सहाय (एक्ट्रेस) मुख्य हैं।
साथ ही इस दौरान हिन्दी फ़िल्म अपराधी कौन? का मुहूर्त भी किया गया। इस फिल्म की निर्मात्री शबनम राज़, लेखक एवं निर्देशक प्रभात राज़, डीओपी भास्कर डोरनाला एवं संदीप गुप्ता, गीतकार संजीव राय चौधरी एवं प्रभात राज़, संगीतकार अपूर्वा बनर्जी, पीआरओ युधिष्ठिर महतो एवं बुलंद अख्तर हैं। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में देवेश खान, संजय मौर्या, प्रिया राजपूत, रूमेली गांगुली, शोएब उर रहमान, अली खान, रीना सहाय, हेमंत बिर्जे, राकेश पाण्डेय, अरुण सिंह राठौड़, एसएम मेंहदी सहित अन्य होंगे। इस कार्यक्रम की मंच संचालिका मृदुल प्रिया थी।
इसके अलावा गायन कुमार गहलैत, कविता होररो एवं वीणा श्री ने अपनी मधुर प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध किया।
वाऊ सिनेमा के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर के सदस्यों को भी सम्मानित किया जायेगा। इसके अलावा इस कार्यक्रम में शामिल विशिष्ट अतिथियों को यादगार के रूप में एक मोमेंट देकर मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया जायेगा। इस दौरान मासिक डिजिटल पत्रिका वाऊ सिनेमा न्यूज की भी घोषणा की गई।जिसका विधिवत उद्घाटन भी किया गया।
वाऊ सिनेमा के सीईओ प्रभात राज ने कहा कि यह ओटीटी चैनल हर भाषा के दर्शकों के लिए हैं और इसमें हर भाषा के कलाकारों के कंटेंट को रिलीज किया जायेगा। वर्तमान में पूरे भारत से इस ओटीटी चैनल के साथ लोग जुड़े हुए हैं और जोर शोर से काम जारी हैं। बहुत सारे निर्माता निर्देशकों व कलाकारों ने अपने कंटेंट को वाऊ सिनेमा पर रिलीज के लिए दिया हैं और कई कंटेंट रिलीज भी हो चुके हैं।वर्तमान में कंपनी कंटेंट को रिलीज कर रहीं हैं। लेकिन, भविष्य में एक्सक्लूसिव राइट्स लेने एवं निर्माण की भी योजना हैं। अभी नॉन एक्सक्लूसिव राइट्स के साथ ओटीटी चैनल को विकसित किया जा रहा है।
विधायक नवीन जायसवाल ने ओटीटी चैनल की लॉन्चिंग पर प्रभात राज को बधाई दी एवं कहा कि इस तरह के डिजिटल मंच से झारखंड के कलाकारों, निर्माता, निर्देशकों को एक मंच मिलेगा और यहां की फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। साथ वे भी फिल्म इंडस्ट्री और कलाकारों के विकास में यथासंभव प्रयास करेंगे। फिल्म सब्सिडी के मामले को लेकर भी उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एक पहल की थी। लेकिन, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में निराशा हैं। इस पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास करेंगे।
इकबाल दुर्रानी ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि यह बहुत ही नेक और सराहनीय पहल हैं।लेकिन, अपने आप को उस काबिल बनाना होगा कि यहां पर बाहर से लोग ढूंढते हुए आपके पास आये। यहां ऐसा काम करना होगा कि बाहर से यहां लोग काम करने की सोचेंगे। यहां के काम की चर्चा बाहर होगी। तभी एक विकसित फिल्म उद्योग की कल्पना सफल साबित होगी।
एबीएन डेस्क। अभिनेत्री नोरा फतेही ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और कई मीडिया संस्थानों पर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला चलाने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
अभिनेत्री नोरा फतेही ने कहा है कि उनके खिलाफ गलत बयान दिया गया, जिसे कई मीडिया संस्थानों की ओर से प्रसारित किया गया। इसकी वजह से उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। नोरा फतेही ने याचिका में कहा है कि महाठग सुकेश चंद्रशेखर के साथ लगाए गए आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं।
याचिका में कहा गया है कि नोरा फतेही का नाम सुकेश चंद्रशेखर मामले में गलत तरीके से घसीटा जा रहा है। न्यूज चैनल और कुछ समाचार पत्रों में खबर चलाने की वजह से उनकी छवि धूमिल हुई है। याचिका में मांग की गई है कि उनके खिलाफ मनगढ़ंत खबर चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाये।
एबीएन डेस्क। ऋतिक रौशन का कहना है कि उनके पिता राकेश रौशन नहीं चाहते थे कि वह अभिनेता बनें। ऋतिक रौशन को फिल्म इंडस्ट्री में आये हुये दो दशक हो गये हैं। ऋतिक रौशन हाल ही में रेड-सी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि मेरे पापा, मेरे फिल्मी दुनिया का हिस्सा बनने के खिलाफ थे। इसका कारण उनका लगातार 20 सालों तक किया स्ट्रगल था।मेरे पापा नहीं चाहते थे कि मुझे भी इस तरह का स्ट्रगल करना पड़े, लेकिन मुझे लगता है मेरे अंदर कुछ खास था जिसकी वजह से मैंने यहां आने का अटूट फैसला किया था।
ऋतिक रौशन ने कहा कि मैं खुद को साबित करना चाहता था क्योंकि मुझे हकलाने की दिक्कत थी। नॉर्मल दिखने और फील करने के लिए मेरे पास बस यही मौका था। जब मैंने एक्टिंग शुरू की थी, तब फिल्मों का एक फॉर्मूला हुआ करता था, लेकिन अब लोगों की सोच बदल गई है। कोरोना महामारी के बाद से सिनेमा पहले से ज्यादा रियल हो गया है क्योंकि एक सोसाइटी के तौर पर हमारी क्लेक्टिव सोच बढ़ी है। लोग ज्यादा चीजों को समझना चाहते हैं और समझ भी रहे हैं।
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