एबीएन डेस्क (मुंबई)। जगतगुरु श्री रामकृष्ण परमहंस की महिमा अपरंपार हैं। वे एक महान संत, योगी और आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों में एकता का संदेश दिया। वे अद्वैत वेदांत के प्रकांड विद्वान थे। लेकिन उन्होंने सभी धर्मों के अनुयायियों को उनके अपने-अपने धर्म के अनुसार भक्ति करने के लिए प्रोत्साहित किया।
रामकृष्ण परमहंस का जन्म 1836 में बंगाल के कामारपुकुर में हुआ था। उन्होंने बचपन से ही आध्यात्मिकता की ओर रुचि दिखायी। उन्होंने विभिन्न साधु-संत और गुरुओं से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों का अध्ययन किया और अंतत: वे अद्वैत वेदांत के सिद्धांतों पर पहुंचे।
रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन में विभिन्न प्रकार की भक्ति पद्धतियों का अभ्यास किया। वे काली की भक्ति में लीन रहते थे, लेकिन उन्होंने कृष्ण, राम और शिव की भी भक्ति की। उन्होंने सूफी और ईसाई धर्म की भी शिक्षा प्राप्त की।
रामकृष्ण परमहंस के शिष्यों में स्वामी विवेकानंद सबसे प्रमुख थे। विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस के आदर्शों को दुनिया भर में फैलाया। रामकृष्ण परमहंस के सिद्धांतों ने आधुनिक भारतीय धर्म और संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया है।
रामकृष्ण परमहंस एक महान संत और योगी थे।वे अद्वैत वेदान्त के प्रकांड विद्वान थे। उन्होंने सभी धर्मों और संप्रदायों में एकता का संदेश दिया। उन्होंने अपने शिष्यों को दुनिया भर में आध्यात्मिकता का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया।
रामकृष्ण परमहंस के विचार और सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। वे हमें आध्यात्मिकता के उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। वीईसी फिल्म्स द्वारा निर्मित फिल्म जगतगुरू श्री रामकृष्ण वास्तविकता को जन-जन तक पहुंचाने वाली है।
यह एक महान धार्मिक फिल्म है, जो भक्ति भाव जगाने के साथ - साथ मंनोरंजन भी करेगी। भजन सम्राट अनूप जलोटा, सुरेश वाडकर और महालक्ष्मी अय्यर ने इस फिल्म में भावों से भरा गीत और भजन गाये हैं। फिल्म का संगीत अजय मिश्रा ने दिया है, जो उच्च स्तरीय संगीत है। फिल्म के निर्देशक बिमल कुमार मिश्र हैं। जिन्होंने बहुत ही अच्छा काम किया है।
फिल्म में साधक रामकृष्ण का अभिनय अमरकांत राय ने किया है और जगत्गुरू श्री रामकृष्ण परमहंस का अभिनय गजानंद पाठक ने किया है। सभी कलाकरों का अभिनय फिल्म की गुणवत्ता और सुंदरता को बहुत ही ऊंचाई तक ले जाता है।
मनोज पांडेय, संजय तिवारी, चांदनी झा, श्रेष्ठा भट्टाचार्य, टोनी, पीके सेनगुप्ता, दीपक घोष ने मुख्य कलाकरों के रूप में उम्दा अभिनय का प्रदर्शन किया है।
कुल मिलाकर यह फिल्म मनोरंजन और भक्ति श्रद्धा जगाने के साथ-साथ शिक्षा और मानव कल्याण हेतु बनायी गयी उच्च स्तरीय फिल्म है। इस फिल्म में युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है। यह फिल्म सुपरहिट होने की पूरी संभावना है।
एबीएन डेस्क। कृति सैनन ने फिल्म मिमी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नेशनल फिल्म अवार्ड जीतने पर खुशी जतायी है।
69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स 2023 के विजेताओं का ऐलान हो गया है।
आलिया भट्ट को गंगूबाई काठियावाड़ी और कृति सैनन को मिमी के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया है। कृति सैनन ने अपनी इस कामयाबी पर सभी को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है।
कृति सैनन ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा मैं अभी भी इसमें डूबी हुई हूं। खुद को पिंच कर रही हूं कि क्या ये सब सच में हुआ है। मिमि के लिए बेस्ट ऐक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला है। ज्यूरी को शुक्रिया, जिन्होंने मेरी परफॉर्मेंस को इस अवॉर्ड के लायक समझा।
यह मेरे लिए पूरी दुनिया है। डीनो मैं आपका धन्यवाद कैसे करुं... आपने मुझपर इतना विश्वास किया और हमेशा मेरे साथ खड़े रहे और मुझे यह फिल्म दी... इसके लिए मैं आपकी जीवन भर शुक्रगुजार हूं।
एबीएन डेस्क। इस बार 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का आयोजन आज शाम 5 बजे होना है। इस इवेंट को आॅनलाइन लाइव भी देखा जा सकता है। बता दें कि इस पुरस्कार की दौड़ में आलिया भट्ट से लेकर कंगना रणौत तक कई सितारे शामिल हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के जूरी सदस्यों ने फीचर, गैर-फीचर और सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट श्रेणी के लिए पुरस्कार विजेताओं की सूची केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को सौंपी।
एबीएन डेस्क। फिल्म जगतगुरू श्री रामकृष्ण का पोस्टर सेंसर के लिए भेजा गया। फिल्म का पोस्ट प्रोडक्शन का काम मुंबई में लगभग पूरा हो गया हैं। फिल्म जगतगुरू श्री रामकृष्ण का पोस्टर पास होने के बाद फिल्म बहुत जल्द सेंसर के लिए भेजा जायेगा।
इस फिल्म में श्री रामकृष्ण परमहंस के जीवन एवं संदेशो को बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति दी गयी है। भजन सम्राट अनूप जलोटा सुरेश वाडकर और महालक्ष्मी अय्यर ने अपनी आवाज दी है। गीत संगीत की रिकार्डिंग अशोक होंडा स्टूडियो मुंबई में हुई है।
संगीतकार अजय मिश्रा है। फिल्म के निर्देशक बिमल कुमार मिश्र है और निर्माता गजानंद पाठक है। इस फिल्म में हजारीबाग झारखंड राज्य के कलाकारों ने अभिनय किया है। यह एक प्रेरणा दायक, अध्यात्म और मनोरंजन से परिपूर्ण फिल्म है। फिल्म बहुत ही जल्द रिलीज होने वाली है।
एबीएन डेस्क। बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल की फिल्म गदर 2 कमाई के मामले में आग की तरफ फैल रही है। तारा सिंह की कहानी तीन दिन तक 134 करोड़ की कमाई कर चुकी है। गद्दर 2 के क्रेज में हालांकि अक्षय कुमार की ओएमजी 2 पिछड़ गयी।
अगर तीन दिन की रिपोर्ट देखें तो रविवार को ओएमजी 2 की शुरूआती दो दिन से ज्यादा कमाई हुई है। कमाई के मामले में तीसरे दिन गदर ने केजीएफ 2 रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गदर 2, संडे को सबसे ज्यादा कमाने वाली हिंदी फिल्मों में केजीएफ 2 को पछाड़कर दूसरे नंबर पर आ गयी है।
पहले रविवार को 50 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने वाली अभी तक दो ही फिल्में थीं- पठान और केजीएफ 2 (हिंदी)। जहां शाहरुख खान की पठान ने पहले संडे को 60.75 करोड़ रुपए कमाये थे, जबकि मॉन्स्टर केजीएफ 2 (हिंदी) ने संडे को 50.35 करोड़ का कलेक्शन किया था।
वहीं तीसरे दिन गदर 2 ने 51 करोड़ से 52 करोड़ रुपये तक का कलेक्शन किया है। इसके अलावा अब तक सिर्फ 4 ही हिंदी फिल्में ऐसी थीं जिन्होंने बॉक्स आॅफिस पर एक दिन में 50 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कलेक्शन किया- पठान, केजीएफ 2, वॉर और ठग्स आफ हिंदोस्तान।
अब गदर 2 भी इस खास लिस्ट में शामिल हो गयी है। जब गदर 2 रिलीज हुई थी, तब से ही सिनेमाघरों में छायी हुई है। पहले दिन के शो के लिए एडवांस बुकिंग से साफ हो गया था कि फिल्म सुपरहिट होने वाली है। साल 2001 में आई गदर भी खूब चर्चा में रही थी, जिसे आज भी पसंद किया जाता है।
अब जब इसका 1971 के समय पर दूसरा पार्ट आया तो लोग देखने में उस्तुक दिखे। इस फिल्म को तीसरे दिन 18 प्रतिशत का सॉलिड जंप मिला है। पहले दिन शुक्रवार को गदर 2 ने 40.10 करोड़ की कमाई की थी, जबकि दूसरे दिन शनिवार को 43 करोड़ कमाये। तीसरे दिन यानि रविवार की छुट्टी का फायदा सनी देओल को मिला और इसकी कमाई करीब 51 करोड़ तक पहुंच गयी।
वहीं अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम की ओएमजी 2 गदर से पिछड़ गयी। हालांकि, इस फिल्म की शुरुआती दो दिनों से बेहतर कमाई संडे को ही हुई। फिल्म ने तीसरे दिन 18 करोड़ के करीब कमाई की है। पहले दिन, शुक्रवार को फिल्म ने 10 करोड़, शनिवार को फिल्म ने 15 करोड़ की कमाई की। अब संडे, रविवार को इसकी कमाई 18 करोड़ तक पहुंच गयी है।
एबीएन डेस्क। सर्च इंजन गूगल ने रविवार को प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी को उनकी 60वीं जयंती पर विशेष डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। गूगल को अपने इनोवेटिव डूडल के लिए जाना जाता है। इसी क्रम में आज गुगल ने विभिन्न फिल्मों में प्रतिष्ठित भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री श्रीदेवी के नृत्य करते हुए चित्र को अपने डूडल पर दर्शाया है।
वह बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार थी। सर्च इंजन ने श्रीदेवी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी मनमोहक मुस्कान वाले चित्र को दशार्या है। श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु में हुआ था और उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने चार साल की उम्र में तमिल फिल्म कंधन करुणई में अभिनय की शुरुआत की थी।
उन्होंने अपने मनमोहक अंदाज और जादुई अभिनय से कई वर्षो तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्होंने हिंदी फिल्म उद्योग के अलावा तेलुगू, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी अभिनय किया। वर्ष 2017 में श्रीदेवी ने क्राइम थ्रिलर मॉम में एक मां की भूमिका निभायी।
इसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। गूगल ने कहा कि श्रीदेवी ने भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए प्रमुख भूमिकाएं निभाने के लिए नए रास्ते तलाशकर हमेशा के लिए फिल्म उद्योग पर अपनी छाप छोड़ी। उन्हें अपने समय के महानतम भारतीय अभिनेताओं में से एक के रूप में याद किया जायेगा।
एबीएन डेस्क। सनी देओल ने नेपोटिज्म पर अपनी राय रखते हुये बताया है कि यदि उनके पिता धर्मेंद्र अभिनेता नहीं होते तो शायद वह भी अभिनेता नहीं होते, हालांकि सफलता व्यक्तिगत होती है। फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर हमेशा से विवाद होता है।
स्टार किड्स को आसानी से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिल जाता है, जबकि टैलेंटेड आउट साइडर्स को काम के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। स्टार किड्स हमेशा ट्रोलर्स के निशाने पर होते हैं। सनी देओल को फिल्म इंडस्ट्री में आये हुये चार दयाक हो गये हैं।
सनी देओल ने नेपोटिज्म के मुद्दे पर अपनी राय रखी है। सनी देओल का कहना है कि यदि उनके पिता धर्मेन्द्र अभिनेता नहीं होते तो शायद वह भी नहीं होते। यदि उनके पिता कुछ और काम करते तो शायद वह भी वही काम कर रहे होते। उन्होंने कहा, नफरत और नेपोटिज्म उन लोगों द्वारा फैलाया जा रहा है, जो परेशान हैं।
यदि कोई पिता अपने बेटे या बेटी के लिए कुछ करना चाहता है तो इसमें गलत क्या है? यदि पिता अपने परिवार के लिए नहीं करेगा तो वह किसके लिए काम कर रहा है? लोगों को यह समझना होगा कि एक परिवार में बच्चा अपने पिता को फॉलो करता है। सनी देओल ने बताया कि भले ही फिल्म इंडस्ट्री में आने का अवसर उन्हें अपने पिता की वजह से मिला है, लेकिन सक्सेस हासिल करना व्यक्तिगत होता है।
मेरे पिता ने मुझे अभिनेता बनने के लिए नहीं कहा था। मैं अपने बच्चों को भी एक्टर बनाने के बारे में भी नहीं सोच सकता। पापा बहुत बड़े आइकन हैं और मैंने अपनी पहचान बनायी।
एबीएन डेस्क। इन दिनों गांव में अपना क्वॉलिटी टाइम बिता रहे हैं। धर्मेंद्र इन दिनों अपनी फिल्म रॉकी और रानी की प्रेम कहानी को लेकर चर्चा में हैं। धर्मेन्द्र इन दिनों गांव में अपना क्वॉलिटी टाइम बिता रहे हैं, जिसका एक वीडियो उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया है। इस वीडियो में खाट पर बैठे धर्मेंद्र एकदम सिंपल लुक में नजर आ रहे हैं, वहीं उनके हाथ में एक कस्तूरी मेथी रखी हुई थाली दिख रही है।
वीडियो शेयर करते हुए धर्मेंद्र ने लिखा, दोस्तों, आनंद लेने का सबसे अच्छा तरीका ……ए पूरी स्कून लाइफ। धर्मेन्द्र वीडियो में कहते हैं, हैलो दोस्तों... आप सोच रहे होंगे कि हमारा धर्मेंद्र कर क्या रहा है...यह सब क्या है... ये मेथी है दोस्तों तोड़कर सुखाया है इसको ,अब इसको परांठे में डालकर पराठा बनेंगे, सब्जी बनेगी और मक्खन के साथ खाएंगे। गांव वालों की जिंदगी बसर कर रहा हूं। ये है मेरी चारपाई। अच्छा लग रहा है। जानें क्यों आपसे शेयर करने को दिल करता है ये सब चीजें..।
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