एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेत्री शर्वरी, स्प्राइट की महिला ब्रांड एंबेसडर बन गयी हैं। स्प्राइट इंडिया ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि शर्वरी अब उनकी नई ब्रांड एंबेसडर होंगी। अपनी सहज और आकर्षक शख्सियत के लिए जानी जाने वाली शर्वरी स्प्राइट के फ्रेश, यंग और कूल एटिट्यूड को पूरी तरह से दशार्ती हैं।
प्रतिभाशाली शर्वरी को उनकी पीढ़ी की बेहतरीन अभिनेत्री माना जा रहा है। 100 करोड़ की ब्लॉकबस्टर मुंज्या, ग्लोबल हिट महाराज और दमदार एक्शन-थ्रिलर वेदा जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनायी है। अब स्प्राइट के नये कैंपेन स्प्राइट, ठंड रख के लिए उन्हें ब्रांड एंबेसडर के रूप में साइन किया गया है।
स्प्राइट हमेशा से ही अपने फ्रेश और मजेदार अप्रोच से ग्राहकों से जुड़ने के लिए जाना जाता है। इसलिए, इस पीढ़ी की सबसे ज्यादा कनेक्ट होने वाली शर्वरी को इस कैंपेन की लीड बनाया गया है। स्प्राइट का यह नया कैंपेन ग्राहकों को हर स्थिति में कूल और कॉन्फिडेंट रहने का संदेश देता है।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेत्री यामिनी मल्होत्रा ने बताया कि डॉक्टर और वकील की दो प्रमुख शैक्षिक डिग्री के साथ वह अपने जीवन को रंगमय बना कर जी रही हैं। बिग बॉस 18 की प्रसिद्ध हस्ती डॉ यामिनी मल्होत्रा को निश्चित रूप से सबसे आश्चर्यजनक व्यक्तित्वों में से एक के रूप में सराहा जाता है।
बहुत ही कम समय के भीतर, वह अपने मीठे, सूक्ष्म और सरल स्वभाव से एक गुणवत्ता और विश्वसनीय दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रही और यही कारण है कि, वह इस साल बिग बॉस 18 की सबसे पसंदीदा हस्तियों में से एक थीं। यामिनी बचपन से ही एक सुंदर अभिनेत्री रही हैं जो बचपन से ही नाटकों और नाटकों में अभिनय करती रही हैं। वह स्टार प्लस के शो गम है किसीके प्यार में... में अपनी भूमिका के लिए भी जानी जाती हैं।
यामिनी ने अपनी पढ़ाई और अभिनय की शुरुआत के बारे में बात करते हुए कहा कि मेरे लिए, मेरे माता-पिता बचपन से ही बहुत स्पष्ट थे कि शिक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। मेरे माता-पिता ने मुझे बताया कि मैं जीवन में जो चाहूं वह कर सकता हूं, लेकिन उन्होंने मुझे शिक्षा के महत्व के बारे में भी बताया और मैं इस विचार से पूरी तरह सहमत हूँ।
मैंने दंत चिकित्सा में डिग्री प्राप्त की क्योंकि यह मेरी माँ का सपना था और इसलिए मैंने इसे पूरी तरह से अपनी माँ के लिए अपने प्यार और स्नेह से किया। मैं अपने परिवार में पहली डॉक्टर हूं और जिस क्षण मैं डॉक्टर बनी, मेरे माता-पिता बहुत खुश थे। एक बार जब मैंने अपनी डिग्री पूरी कर ली, उसके बाद मेरे माता-पिता ने मुझे अपनी इच्छा व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता दी।
यामिनी ने कहा कि वैसे तो मैं हमेशा कहती हूं कि मेरे पास एक सफेद कोट है और मेरे पास एक काला कोट है। मैंने एलएलबी की पढ़ाई भी की है। मैंने पढ़ाई की क्योंकि मेरे माता-पिता ने शिक्षा के महत्व को समझाया था। लेकिन साथ ही, उन्होंने मुझे अपने जुनून का पालन करने और वह करने के लिए प्रोत्साहित किया जिसमें मैं सबसे अच्छी हूं। कोई भी शिक्षा कभी बेकार नहीं जाती। लेकिन साथ ही, किसी को अपने जुनून का पालन करना चाहिए क्योंकि जीने के लिए सिर्फ एक ही जीवन है।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और यूनिसेफ इंडिया के राष्ट्रीय ब्रांड एंबेसडर आयुष्मान खुराना ने सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर बच्चों और युवाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करने का बीड़ा उठाया है। इंटरनेट के बढ़ते उपयोग को देखते हुए यह पहल आनलाइन सुरक्षा के महत्व को समझाने और बच्चों को साइबर खतरों से बचाने के लिए की गयी।
बच्चों के अधिकारों और डिजिटल वेलबीइंग के मजबूत समर्थक आयुष्मान ने यूनिसेफ इंडिया और बाल अधिकार संगठन (प्रत्येक) के केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने बच्चों के साथ डिजिटल सुरक्षा पर मजेदार और शिक्षाप्रद खेल खेले, जिससे बच्चों को इंटरनेट सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया।
इंटरनेट की सुरक्षित दुनिया पर बात करते हुए आयुष्मान ने कहा कि आज के समय में 5-6 साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर कोई इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में इंटरनेट का पहली बार इस्तेमाल करने वाले बच्चों को इसके खतरों और इससे बचने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना बेहद जरूरी है।
इस साल सुरक्षित इंटरनेट दिवस के मौके पर मैंने यूनिसेफ के साथ (प्रत्येक) का दौरा किया, जहां मैंने बच्चों के साथ इंटरनेट सुरक्षा के कुछ अहम नियम सीखे। आयुष्मान ने इंटरनेट सुरक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा- सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर यूनिसेफ के साथ मिलकर मैं आनलाइन सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना चाहता हूं।
यह बहुत जरूरी है कि बच्चों को ऐसे उपकरण दिये जायें जिससे वे आनलाइन किसी भी तरह की परेशानी या खतरे का सामना करने पर रिपोर्ट कर सकें। इससे वे न केवल खुद की, बल्कि दूसरों की भी सुरक्षा कर सकते हैं।
माता-पिता को भी अपने बच्चों के साथ इंटरनेट पर आने वाली समस्याओं को लेकर खुलकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि वे किसी भी मुश्किल का समाधान कर सकें। अगर हम सभी मिलकर इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करें, तो इसे एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना सकते हैं जो सभी को सशक्त बनाये और सुरक्षित रहे।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। होली का त्योहार नजदीक आते ही सदाबहार अभिनेत्री पाखी हेगड़े और देसी स्टार समर सिंह ने एक नया होली गीत 28% जीएसटी कटेला... रिलीज किया है। इस गीत ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त की है और तेजी से लोकप्रियता बटोर रही है।
समर सिंह और शिल्पी राज की जोड़ी ने इस मस्ती भरे गीत को अपनी ऊर्जावान आवाज़ों में गाया है, जिसमें होली के उत्सव की भावना को बखूबी दर्शाया गया है। गीत के बोल और धुन दोनों ही होली के रंगों और उल्लास को जीवंत कर देते हैं।
म्यूजिक वीडियो में पाखी हेगड़े और समर सिंह को होली का जश्न मनाते हुए दिखाया गया है। दोनों की केमिस्ट्री और रंग-बिरंगे दृश्य गीत में और भी जान डाल देते हैं, जिससे यह वीडियो देखने वालों के लिए एक दृश्य आनंद बन जाता है। पाखी और समर का ऊर्जावान प्रदर्शन और आकर्षक दृश्यावली इस गाने को और भी खास बना देती है।
28% जीएसटी कटेला को बिहार की धड़कन चैनल पर रिलीज़ किया गया है और कुछ ही घंटों में यह गीत हजारों व्यूज़ और सकारात्मक टिप्पणियों से भर गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस गीत को भारी प्रतिक्रिया मिल रही है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
पाखी हेगड़े और समर सिंह के प्रशंसकों ने इस नए गीत को लेकर अपनी खुशी और प्रशंसा व्यक्त की है। कई लोगों ने गीत की तारीफ की है और कलाकारों के ऊर्जावान प्रदर्शन की सराहना की है। यह गीत चार्ट्स में टॉप पर पहुंचने और होली प्लेलिस्ट का हिस्सा बनने की पूरी संभावना है।
28% जीएसटी कटेला पर काम करना एक अद्भुत अनुभव था। होली के पर्व की ऊर्जा और उत्साह को इस गीत में खूबसूरती से कैद किया गया है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रशंसकों से इसको अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
होली मेरे पसंदीदा त्योहारों में से एक है और समर के साथ इस गीत को जीवंत करना एक खुशनुमा अनुभव था। मुझे उम्मीद है कि सभी इसे उतना ही एन्जॉय करेंगे जितना हमने इसे बनाते समय किया।
रंगों के त्योहार से पहले 28% जीएसटी कटेला... निश्चित रूप से उत्सव में एक और परत जोड़ने वाला है। तो तैयार हो जाइए और इस होली गीत की धुनों में डूब जाइए और अपने दिलों को खुशियों से भर लीजिए।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। भोजपुरी सिनेमा की सदाबहार अभिनेत्री पाखी हेगड़े और उभरते अभिनेता पृथ्वी तिवारी का हाल ही में रिलीज़ हुआ गाना करेजवा में गोली मारे... सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है। गाने ने रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच खास जगह बना ली और अब यह 1 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है।
यह गाना अपने बेहतरीन संगीत, दमदार लिरिक्स और पाखी हेगड़े व पृथ्वी तिवारी की जोड़ी के शानदार प्रदर्शन के कारण सुर्खियों में है। गाने में पाखी का ग्लैमरस अंदाज और पृथ्वी तिवारी का चार्म दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।
गाने का संगीत बेहद आकर्षक और एनर्जेटिक है, जो किसी भी पार्टी या इवेंट को जीवंत बना सकता है। बोल (लिरिक्स) श्रोताओं के दिल को छूने वाले हैं, जो गाने को बार-बार सुनने के लिए मजबूर करते हैं। वीडियो डायरेक्शन और सिनेमेटोग्राफी भी बेहद शानदार है, जिसने गाने को और अधिक प्रभावशाली बना दिया है।
भोजपुरी इंडस्ट्री में पाखी हेगड़े को उनकी बेहतरीन अदाकारी और विविध भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। वहीं, पृथ्वी तिवारी जैसे प्रतिभाशाली अभिनेता ने इस गाने के जरिए अपनी उपस्थिति और एक्टिंग स्किल्स से दर्शकों का दिल जीत लिया है।
गाने की लोकप्रियता ने साबित कर दिया है कि भोजपुरी म्यूजिक अब सिर्फ एक क्षेत्रीय जॉनर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर में धूम मचा रहा है। प्रशंसकों का कहना है कि करेजवा में गोली मारे... एक बार सुनने पर ही मन में बस जाता है और इसकी धुन लंबे समय तक कानों में गूंजती रहती है।
इस गाने की सफलता पाखी हेगड़े और पृथ्वी तिवारी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। अगर आपने अभी तक यह गाना नहीं सुना है, तो इसे मिस न करें और इस धमाकेदार हिट का आनंद लें।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेता राहुल बी कुमार का कहना है कि उनकी आने वाली हॉरर फिल्म लव इज फॉरएवर किसी भी फिल्म या किसी सत्य घटना से इंस्पायर नहीं है।
राहुल बी कुमार इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म लव इज़ फॉरएवर को लेकर चर्चा में हैं।राहुल बी कुमार ने बताया, लव इज़ फॉरएवर किसी भी फिल्म या किसी सत्य घटना से इंस्पायर नहीं है। यह पूरी तरह से काल्पनिक फिल्म है।
फिल्म देखने के बाद दर्शकों को शाहरुख खान की डर और नाना पाटेकर की फिल्म अग्नि साक्षी की याद आयेगी, लेकिन यह फिल्म उससे काफी अलग है।इस फिल्म में मेरी बहुत ही अहम भूमिका है। इसमें मेरी कॉलेज स्टूडेंट की भूमिका है। जिस लड़की को पसंद करता हूं उसी से शादी हो जाती है। उसके बाद उसके जीवन में क्या- क्या घटित होता है।
यह फिल्म देखने के बाद पता चलेगा। यह अब बनी हॉरर फिल्मों से काफी अलग है। राहुल बी कुमार ने बताया, इस फिल्म में काम करने का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है। यह उस तरह की हॉरर फिल्म नहीं है, जिस तरह की हॉरर फिल्में महेश भट्ट बनाते हैं।
पहले की हॉरर फिल्मों में अडल्ट सीन बहुत होते थे। आज की जनरेशन उस तरह की हॉरर फिल्में नहीं पसंद करती है। उन्हें अच्छा कंटेंट देखना पसंद है। हमारी फिल्म की कहानी बहुत अच्छी है। इसमें सभी कलाकारों ने बहुत ही अच्छा काम किया है।
इस फिल्म में मेरे को-स्टार रुसलान मुमताज और कर्णिका मंडल हैं। रुसलान मुमताज के साथ इस फिल्म में पहली बार काम कर रहा हूं। कर्णिका मंडल के साथ पहले काम कर चुका हूं। दोनों के साथ ही इस फिल्म काम करने का बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है।
शूटिंग खत्म होने के बाद भी मैं सेट पर एक सप्ताह तक सारी चीजों को समझने में रुका रहा। मैं साउथ में पहले ही कई फिल्मों में काम कर चुका हूं, वो मुझे जानते थे। निर्देशक एस.श्रीनिवास ने बहुत ही अच्छा काम किया है और कलाकारों से बहुत ही प्यार से काम निकलवाया है।
राहुल बी कुमार ने बताया कि साउथ के लोग हमेशा काम में आगे रहते हैं और आगे भी रहेंगे। उनका काम करने का तरीका हमारे बॉलीवुड से बहुत अलग है। हम हिंदी फिल्म बनाते हैं और इंग्लिश में बात करते हैं। लेकिन साउथ के लोग जिस भाषा में फिल्म बनाते हैं, उसी भाषा में बात करते हैं।
यहां तक कि सामने वाला अभिनेता जो भाषा समझता है, उसी भाषा में सीन समझाते हैं।इसके बाद मेरी एक फिल्म हथौड़ा सिंह आयेगी। यह बहुत ही अच्छी फिल्म है। इसके अलावा मेरी एक और फिल्म जैकी भाई आयेगी। इसमें मेरी लीड भूमिका है। इसमें कर्णिका मंडल और मिमोह चक्रवर्ती जैसे कई बड़े सितारे हैं।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अपने लाजवाब पार्श्वगायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाले आवाज की दुनिया के सरताज मोहम्मद रफी को पार्श्वगायक बनने की प्रेरणा एक फकीर से मिली थी। पंजाब के कोटला सुल्तान सिंह गांव में 24 दिसंबर 1924 को एकमध्यम वर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्में रफी एक फकीर के गीतों को सुना करते थे जिससे उनके दिल में संगीत के प्रति एक अटूट लगाव पैदा हो गया।
रफी के बड़े भाई हमीद ने मोहम्मद रफी के मन मे संगीत के प्रति बढ़ते रुझान को पहचान लिया था और उन्हें इस राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। लाहौर में रफी संगीत की शिक्षा उस्ताद अव्दुल वाहिद खान से लेने लगे और साथ हीं उन्होंने गुलाम अली खान से भारतीय शास्त्रीय संगीत भी सीखना शुरू कर दिया।
एक बार हमीद रफी को लेकर केएल सहगल संगीत कार्यक्रम में ले गये, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण केएल सहगल ने गाने से इंकार कर दिया। हमीद ने कार्यक्रम के संचालक से गुजारिश की कि वह उनके भाई रफी को गाने का मौका दें। संचालक के राजी होने पर रफी ने पहली बार 13 वर्ष की उम्र में अपना पहला गीत स्टेज पर दर्शकों के बीच पेश किया।
दर्शकों के बीच बैठे संगीतकार श्याम सुंदर को उनका गाना अच्छा लगा और उन्होंने रफी को मुंबई आने के लिये न्यौता दिया। श्याम सुंदर के संगीत निर्देशन मे रफी ने अपना पहला गाना सोनियेनी हिरीये नी पार्श्व गायिका जीनत बेगम के साथ एक पंजाबी फिल्म गुल बलोच के लिए गाया। वर्ष 1944 मे नौशाद के संगीत निर्देशन में उन्हें अपना पहला हिन्दी गाना हिन्दुस्तान के हम है पहले आप के लिये गाया।
वर्ष 1949 मे नौशाद के संगीत निर्देशन में दुलारी फिल्म मे गाये गीत सुहानी रात ढ़ल चुकी के जरिये वह सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंच गये और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। दिलीप कुमार देवानंद, शम्मी कपूर, राजेन्द्र कुमार, शशि कपूर, राजकुमार जैसे नामचीन नायकों की आवाज कहे जाने वाले रफी अपने संपूर्ण सिने कैरियर मे लगभग 700 फिल्मों के लिये 26000 से भी ज्यादा गीत गाये।
मोहम्मद रफी बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के बहुत बड़े प्रशंसक थे। मोहम्मद रफी फिल्म देखने के शौकीन नही थे लेकिन कभी-कभी वह फिल्म देख लिया करते थे। एक बार रफी ने अमिताभ बच्चन की फिल्म दीवार देखी थी। दीवार देखने के बाद रफी अमिताभ के बहुत बड़े प्रशंसक बन गये। वर्ष 1980 में प्रदर्शित फिल्म नसीब में रफी को अमिताभ के साथ युगल गीत... चल चल मेरे भाई... गाने का अवसर मिला।
अमिताभ के साथ इस गीत को गाने के बाद रफी बेहद खुश हुए थे। जब रफी साहब अपने घर पहुंचे तो उन्होंने अपने परिवार के लोगो को अपने पसंदीदा अभिनेता अमिताभ के साथ गाने की बात को खुश होते हुये बताया था। अमिताभ के अलावा रफी को शम्मी कपूर और धर्मेन्द्र की फिल्में भी बेहद पसंद आती थी। मोहम्मद रफी को अमिताभ-धर्मेंद्र की फिल्म शोले बेहद पंसद थी और उन्होंने इसे तीन बार देखा था।
मोहम्मद रफी फिल्म इंडस्ट्री में मृदु स्वभाव के कारण जाने जाते थे लेकिन एक बार उनकी कोकिल कंठ लता मंगेश्कर के साथ अनबन हो गयी थी। मोहम्मद रफी ने लता मंगेशकर के साथ सैकड़ों गीत गाये थे लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था जब रफी ने लता से बातचीत तक करनी बंद कर दी थी। लता मंगेशकर गानों पर रॉयल्टी की पक्षधर थीं जबकि रफी ने कभी भी रॉयल्टी की मांग नहीं की।
रफी साहब मानते थे कि एक बार जब निमार्ताओं ने गाने के पैसे दे दिए तो फिर रॉयल्टी किस बात की मांगी जाये। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के बीच बातचीत भी बंद हो गर्यी और दोनो ने एक साथ गीत गाने से इंकार कर दिया हालांकि चार वर्ष के बाद अभिनेत्री नरगिस के प्रयास से दोनों ने एक साथ एक कार्यक्रम में दिल पुकारे... गीत गाया।
मोहम्मद रफी ने हिन्दी फिल्मों के अलावा मराठी और तेलुगू फिल्मों के लिये भी गाने गाये। मोहम्मद रफी अपने करियर में 06 बार फिल्म फेयर अवार्ड से सम्मानित किये गये। वह वर्ष 1965 मे रफी पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किये गये। 30 जुलाई 1980 को आस पास फिल्म के गाने शाम कयू उदास है दोस्त, गाने के पूरा करने के बाद जब रफी ने लक्ष्मीकांत प्यारे लाल से कहा, शूड आई लीव जिसे सुनकर लक्ष्मीकांत प्यारे लाल अचंभित हो गये क्योांकि इसके पहले रफी ने उनसे कभी इस तरह की बात नही की थी। अगले दिन 31 जुलाई 1980 को रफी को दिल का दौरा पड़ा और वह इस दुनिया को हीं छोड़कर चले गये।
एबीएन एंटरटेनमेंट डेस्क। अभिनेत्री कियारा आडवाणी अपनी वर्सेटिलिटी और स्टार पावर को दिखाते हुए आने वाली फिल्मों की एक प्रभावशाली लाइन-अप के साथ दर्शकों को चकित करने के लिए तैयार हैं। वर्ष 2025 में रिलीज के लिए निर्धारित, फिल्म गेम चेंजर प्रशंसित एस। शंकर द्वारा निर्देशित है।
इस फिल्म में कियारा राम चरण के साथ हैं, जो एक डायनामिक आन-स्क्रीन जोड़ी का वादा करता है। शंकर के दूरदर्शी निर्देशन के साथ, फिल्म गेम चेंजर कियारा के करियर में एक प्रमुख आकर्षण होने की उम्मीद है। एक और दिलचस्प प्रोजेक्ट टॉक्सिक है, जो दर्शकों के लिए एक फेरीटेल है, जिसे गीतू मोहनदास ने लिखा और निर्देशित किया है। कियारा इस फिल्म में यश के साथ स्क्रीन साझा करेंगी, जो उनके विविध पोर्टफोलियो में उत्साह की एक और परत जोड़ देगा।
अयान मुखर्जी की ब्लॉकबस्टर वॉर की महत्वाकांक्षी सीक्वल में ऋतिक रोशन और कियारा आडवाणी एक साथ नजर आयेंगे। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म हाई-आक्टेन एक्शन सीक्वेंस और मनोरंजक ड्रामा देने का वादा करती है, जो कियारा की एक डायनामिक और पावरहाउस कलाकार के रूप में स्थिति को और मजबूत करती है।
कियारा आइकोनिक डॉन फ्रेंचाइजी की बहुप्रतीक्षित तीसरी किस्त में भी दिखाई देंगी। फरहान अख्तर द्वारा निर्देशित, इस स्टाइलिश और एक्शन से भरपूर थ्रिलर में वह रणवीर सिंह के साथ नजर आयेंगी। कियारा आडवाणी के आगामी प्रोजेक्ट्स अलग-अलग भूमिका निभाने और इंडस्ट्री के कुछ टॉप टैलेंट्स के साथ काम करने की उनकी क्षमता को उजागर करते हैं।
उनकी सशक्त लाइनअप उनकी बढ़ती स्टार पावर और टॉप डायरेक्टर्स और एक्टर्स द्वारा उन पर रखे गए भरोसे का साफ संकेत है। फैंस इन रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो रोमांचकारी और यादगार सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती हैं।
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