वन और पर्यावरण

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Published / 2026-04-20 22:52:12
झारखंड : कल से और तेज चलेगी लू

  • झारखंड : कल से और तेज चलेगी लू
  • झारखंड में 21 अप्रैल से लू चलने की चेतावनी; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

टीम एबीएन, रांची। रांची सहित राज्यभर में अप्रैल के मध्य में ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं। रांची का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.7 डिग्री की बढ़ोतरी दर्शाता है। सुबह की शुरुआत से ही उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है और दिन चढ़ने के साथ इसका असर और तेज हो रहा है। 

तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है, लेकिन दोपहर की गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। इसका असर बाजारों और सड़कों पर भी दिख रहा है, जहां दोपहर में भीड़ कम हो गयी है। 

तेजी से बढ़ रहा गर्मी का असर 

राज्य के अन्य जिलों में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। मेदिनीनगर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं जमशेदपुर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिसमें 4.8 डिग्री की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार रांची, पलामू, कोडरमा, हजारीबाग और जमशेदपुर में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इसके अलावा बोकारो, देवघर, धनबाद और गिरिडीह जैसे जिलों में तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जिससे लू जैसे हालात बन सकते हैं। 

फिलहाल गर्म और शुष्क बना रहेगा मौसम 
विभाग ने बताया है कि झारखंड का मौसम फिलहाल गर्म और शुष्क बना रहेगा। पलामू, जमशेदपुर, कोडरमा, बोकारो, देवघर, हजारीबाग और धनबाद में दोपहर के समय तेज गर्मी और लू चलने की आशंका है। 

वहीं गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं तथा हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और अधिकांश मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। 

21 अप्रैल को लू चलने की चेतावनी 

मौसम विभाग ने 21 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, जिसका असर 23 अप्रैल तक बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। 

लोगों को अधिक पानी पीने, ओआरएस का सेवन करने तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। वहीं 24 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। तब तक लोगों को भीषण गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

Published / 2026-04-20 21:16:28
अक्षय तृतीया पर दिखा भक्ति और श्रद्धा का संगम

श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में हुआ भव्य आयोजन 

टीम एबीएन, रांची। रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर परिसर में अक्षय तृतीया का पावन पर्व इस वर्ष अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। संत शिरोमणि परमहंस स्वामी सदानंद महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात:कालीन पूजा-अर्चना से हुआ, जिसमें मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडेय ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण की पूजा संपन्न कराई। इस पावन अवसर पर श्री राधा रानी का विशेष श्रृंगार किया गया, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। 

उन्हें नवीन भगवा पोशाक एवं जड़ित आभूषणों से सुसज्जित किया गया, जिसकी दिव्यता और सौंदर्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण व्याप्त था। ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। राधे-राधे और श्याम नाम के संकीर्तन से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और सभी ने सामूहिक रूप से भक्ति रस में डूबकर ईश्वर का स्मरण किया। 

इस अवसर पर भगवान को विविध प्रकार के भोग अर्पित किये गये। प्रसाद स्वरूप बेसन के लड्डू, केसरिया पेड़ा, मेवा, फल एवं वेजिटेबल खिचड़ी का विशेष भोग लगाया गया। साथ ही शीतल पेय के रूप में शरबत भी भगवान को अर्पित किया गया। पूजा के उपरांत थालियों में दीप सजाकर भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। 

महाआरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया और इस पुण्य अवसर का लाभ उठाया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने अक्षय तृतीया के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया का पर्व सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। 

इस दिन किए गए दान, जप, तप एवं धार्मिक कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं, अर्थात इनका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि इस दिन धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व होता है। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि समाज में एकता, सेवा और भक्ति की भावना को भी प्रोत्साहित किया। 

मौके पर डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, मनोज कुमार चौधरी, सज्जन पाड़िया, पूरणमल सर्राफ, संजय सर्राफ, सुनील पोद्दार, सुरेश अग्रवाल, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, अंजनी अग्रवाल, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, सुरेश भगत, आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2026-04-20 21:13:39
विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को, प्रकृति संरक्षण का वैश्विक संकल्प

पृथ्वी की सुरक्षा ही मानवता की सुरक्षा है : संजय सर्राफ 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 22 अप्रैल को विश्वभर में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमारी धरती के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से समर्पित है। 

पृथ्वी दिवस का प्रारंभ वर्ष 1970 में अमेरिका के सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन के प्रयासों से हुआ था। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय संकट को देखते हुए उन्होंने एक जन आंदोलन की शुरुआत की, जो आज वैश्विक अभियान का रूप ले चुका है। विश्व पृथ्वी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पृथ्वी ही हमारा एकमात्र घर है और इसका संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। 

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, वनों की कटाई, जैव विविधता का ह्रास और प्रदूषण जैसी समस्याएं पृथ्वी के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। ऐसे में यह दिवस हमें चेताता है कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाये गये, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस दिवस की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक वैश्विक आंदोलन है। 

दुनिया भर के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग इस दिन वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त अभियान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हैं। स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों और सरकारी संस्थाओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। विश्व पृथ्वी दिवस का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सतत विकास को बढ़ावा देना भी है। 

इसका अर्थ है कि हम अपने वर्तमान की आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करें कि भविष्य की पीढ़ियों के संसाधनों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, पुनर्चक्रण और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना इसी दिशा में आवश्यक कदम हैं।आज के डिजिटल और औद्योगिक युग में पर्यावरण पर बढ़ता दबाव चिंता का विषय है। वायु और जल प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। 

ऐसे में पृथ्वी दिवस हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाने की प्रेरणा देता है, जैसे-प्लास्टिक का कम उपयोग, पेड़ लगाना, जल की बचत करना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाना। अंतत: विश्व पृथ्वी दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का निरंतर स्मरण है। यदि हम सभी मिलकर पृथ्वी की रक्षा के लिए संकल्प लें और उसे व्यवहार में उतारें, तभी हम एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य की कल्पना को साकार कर सकते हैं। पृथ्वी की सुरक्षा ही मानवता की सुरक्षा है,यही इस दिवस का मूल संदेश है।

Published / 2026-04-18 18:58:21
तेज धूप और पछुआ हवा प्रभावित कर रहा तापमान

भीषण गर्मी और लू का सेहत पर पड़ रहा है असर! अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या, डॉक्टर ने दी यह सलाह 

टीम एबीएन, रांची। रांची सहित राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज धूप और पछुआ हवा के प्रभाव से तापमान बढ़ा है। इस तपिश भरी गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में लोग बीमार होने लगे हैं। रांची के सदर अस्पताल और रिम्स के ओपीडी में सामान्य दिनों की अपेक्षा डेढ़ गुणा मरीजों की संख्या बढ़ी है। 

रांची सदर अस्पताल के मेडिसीन विभाग के डॉक्टर लक्ष्मीकांत साय ने बताया कि ज्यादातर लोग तेज गर्मी और धूप की वजह से बीमार पड़ कर अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉ लक्ष्मीकांत साय ने कहा कि जो मरीज पहुंच रहे हैं, उसमें से ज्यादा लोग बुखार, शरीर में दर्द, सुस्ती, डायरिया जैसी शिकायत के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी को लेकर लोगों को विशेष सावधानी बरतने और खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। 

गर्मी की वजह से बढ़ गयी है आइसक्रीम की बिक्री 

अल्बर्ट एक्का चौक पर वर्षों से गोला चुस्की बेच रहे सचिन कहते हैं कि कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने के साथ ही उनकी बिक्री बढ़ गयी है। उन्होंने बताया कि हर आइसक्रीम बेचने वाला चाहता है कि ऐसे ही उसकी बिक्री बनीं रहे। 

लू लगने के क्या हैं लक्षण 

शरीर में पानी की कमी, उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी, सिर दर्द, चक्कर आना, डायरिया, हृदयाघात, मस्तिष्काघात, कार्डियोवास्कुलर जटिलताएं जैसे लक्षण के साथ परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, इस मौसम में त्वचा पर रैशेज सहित अन्य समस्याएं होने का भी खतरा बढ़ जाता है। 

लू से बचाव और लू लगने की स्थिति में क्या करें 

लू यानी हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए बेहद जरूरी है कि अपने शरीर को हाइड्रेट रखें यानी शरीर में पानी और मिनरल की कमी न होने दें। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी ज्यादा पानी पीना, समय-समय पर स्वस्थ रहने के बाद भी ओआरएस का घोल ले सकते हैं। दोपहर 12 बजे से शाम के 03 बजे तक घर से बाहर न निकलें। अगर बेहद जरूरी काम हो तो पूरे शरीर को ढंककर ही बाहर निकले ताकि गर्म हवा से सीधे शरीर का एक्सपोजर न हो। 

लू लगे व्यक्ति को छांव में लिटा दें, ठंडे गीले कपड़े से शरीर को बार बार पोंछे या ठंडे पानी से लू लगे व्यक्ति को नहलायें। अगर इसके बाद भी अगर व्यक्ति की सेहत में सुधार न दिखें तो बिना समय गंवाये अपने नजदीकी अस्पताल ले जायें। गर्मी के दिनों में शरीर को हाइड्रेट करके रखना बेहद जरूरी है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल खाद्य पदार्थो को अपने आहार में शामिल करें। 

नमक पानी का घोल (ओआरएस), छाछ, नींबू पानी, कच्चा आम का शर्बत, लस्सी, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी का उपयोग करें। तला-भुना, ज्यादा मसालेदार, बासी भोजन से परहेज करें। कोल्ड ड्रिंक से भी दूरी बनाएं, क्योंकि यह गर्मी के दिनों में थोड़ी और क्षणिक राहत तो देता है लेकिन स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है।

Published / 2026-04-13 21:08:21
झारखंड : जमशेदपुर में बना राज्य का सबसे बड़ा पार्क, घूमने में लगेंगे दो दिन

झारखंड में सबसे बड़ा पार्क बनकर हुआ तैयार, पूरा पार्क घूमने में लगेंगे 2 दिन 

टीम एबीएन, रांची। जमशेदपुर के चाकुलिया में झारखंड का सबसे बड़ा पार्क बनकर तैयार हो गया है। इस पार्क को वन विभाग ने 23 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है, जो 75 एकड़ में फैला हुआ है। जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही चाकुलिया के इकोलॉजिकल डायवर्सिटी पार्क का उद्घाटन करेंगे। 

इस पार्क में बच्चों के साथ बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधा दी गयी है और पूरे पार्क में झारखंड की संस्कृति देखने को मिलेगी। यह पार्क सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र होगा।  

पार्क में बनाये गये हैं कॉटेज 

झारखंड उड़ीसा बंगाल के बॉर्डर पर चाकुलिया में बना यह पार्क सिर्फ घूमने के लिए नहीं, बल्कि झारखंड की संस्कृति के साथ-साथ यहां सैलानियों के लिए रहने के लिए भी व्यवस्था की गयी है। पार्क कॉटेज बनाये गये हैं, जहां सैलानी आकर अपने पूरे परिवार के साथ रूक कर पार्क का आनंद ले सकेंगे। 

जमशेदपुर वन प्रमंडल के वन पदाधिकारी सभा आलम अंसारी ने कहा कि पार्क को घूमने में 2 दिन का समय लगेगा, इस पार्क में बच्चों के लिए अलग से क्षेत्र बनाया गया है। वहीं बुजुर्गों के लिए भी योग वॉकिंग स्टेप भी लगाया गया है। साथ ही अगर सैलानी दूर दराजे से आते हैं तो उनके रहने के लिए कॉटेज का भी निर्माण किया गया है। 

पार्क में चलेंगे ई रिक्शा 

पूरे पार्क में घूमने के लिए ई रिक्शा भी रखा गया है। ताकि इतने बड़े पार्क में सैलानी ई रिक्शा से भी घूम सकते हैं। वन अधिकारी ने बताया कि झारखंड की कला संस्कृति को भी लोग जान सकेंगे, समझ सकेंगे। उसके लिए भी एक अलग से क्षेत्र तैयार किया गया है।

Published / 2026-04-13 18:21:36
17 को 40 डिग्री पार कर जायेगा पारा

17 अप्रैल को हीट वेव का अलर्ट, 40 डिग्री पहुंचेगा पारा 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आने वाले दिनों में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके साथ ही कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गयी है। 
मौसम विभाग ने 17 अप्रैल के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों को छोड़कर राज्य के कई इलाकों में हीट वेव यानी लू चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है। 

पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जमशेदपुर में तापमान 39.0 डिग्री और सरायकेला में 39.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 

वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, 17 अप्रैल तक रांची में पारा बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं जमशेदपुर और डाल्टनगंज में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने के आसार हैं। 

गर्मी के बीच कुछ इलाकों में हल्की राहत मिलने की संभावना भी जतायी गयी है। मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा और दुमका समेत उत्तर-पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बाकी क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और मेघ गर्जन की संभावना है। वहीं 18 अप्रैल को दक्षिण झारखंड के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। 

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तापमान में बढ़ोतरी और लू की स्थिति को देखते हुए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें। अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो पर्याप्त पानी पीते रहें और खुद को हाइड्रेटेड रखें। विभाग के अनुसार, 20 अप्रैल तक राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

Published / 2026-04-08 21:18:38
गुमला का जीवनदायी तालाब खतरे में!

ठेकेदार के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन का एलान 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले के सिसई प्रखंड की भुरसो पंचायत में लघु सिंचाई योजना के तहत चल रहे सार्वजनिक तालाब के सुंदरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। 

ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे तालाब की संरचना, आसपास के घरों और सिसई-लोहरदगा मुख्य पथ की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस संबंध में उन्होंने जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है। 

ग्रामीणों के अनुसार यह तालाब भुरसो सहित आसपास के टोला-मुहल्लों के लिए जीवनरेखा है। पूजा-पाठ, पशु-पक्षियों की आवश्यकताओं और खेतों की सिंचाई के लिए लोग इसी तालाब पर निर्भर हैं। ग्राम प्रधान दिनेश उरांव और अन्य ग्रामीणों का दावा है कि लगभग 5,000 एकड़ भूमि की सिंचाई इस तालाब के पानी से होती है। 

आरोप है कि निर्माण के दौरान कहीं अत्यधिक खुदाई की गई है, तो कहीं मिट्टी के बड़े-बड़े ढेर छोड़ दिए गए हैं। संकरी जगह पर गार्डवाल निर्माण से बरसात में पानी के तेज बहाव का खतरा बढ़ सकता है, जिससे आसपास के घर और मुख्य सड़क नुकसान का सामना कर सकते हैं। 

तालाब से निकली मिट्टी को साप्ताहिक हाट, खेल मैदान और सरना स्थल के पास डंप करने से भी ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि समतलीकरण की मांग करने पर ठेकेदार ने साफ इनकार कर दिया। आपत्ति जताने पर दुर्व्यवहार और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। 

इस मुद्दे पर ग्रामसभा बुलाई गई, जिसमें ठेकेदार को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्य में सुधार और जांच नहीं हुई, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने और मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

Published / 2026-04-06 20:20:07
गढ़वा : आंधी-बारिश से गांवों में भारी नुकसान

झारखंड में बारिश ने मचाई तबाही! तेज आंधी-बारिश और वज्रपात से आधा दर्जन घर टूटे, मवेशियों की मौत; लोग परेशान 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा। जिले के रमकंडा इलाके में रविवार की रात तेज आंधी और बारिश के साथ वज्रपात हुआ। इस दौरान कई गांवों में नुकसान हुआ और लोग परेशान रहे। 

रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर हुए लोग 

चेटे गांव में करीब आधा दर्जन खपरैल वाले घर टूट गए और कई पेड़ गिर गए। बिजली के तार टूटने से बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पटसर के टोला पत्थलगढ़वा में वज्रपात के कारण उपेंद्र भुइयां के दो भैंसों की मौत हो गई, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ। 

वहीं, कुरुमदारी गांव में तेज हवा के कारण बिजली का खंभा गिर गया, जिससे पूरे गांव की बिजली गुल हो गयी और लोग रात अंधेरे में गुजारने को मजबूर हुए। मुनि भुइयां, शंभू बैठा, प्रताप रजक और सुरेश भुईयां के घरों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा। 

ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ितों को मुआवजा देने और बिजली की व्यवस्था जल्द बहाल करने की मांग की। विधायक प्रतिनिधि ज्ञानरंजन पांडेय ने कहा कि घटना की जानकारी मिल गयी है और पीड़ितों को हर संभव मदद दी जायेगी।

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