वन और पर्यावरण

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Published / 2022-03-24 16:39:33
आंखें तरेर रहे सूर्यदेव : डाल्टनगंज का पारा 39 डिग्री पार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम लगातार गर्म हो रहा है। तेज धूप होने से लोगों को गर्मी ने सताना शुरू कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले 5 दिनों में रांची और झारखंड का मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बुलेटिन जारी कर बताया कि 24 मार्च से 28 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले 3-4 दिनों के दौरान दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार झारखंड के कई जिलों में सुबह आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है। वहीं राज्य में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव आने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों में राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। उच्चतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान बोकारो थर्मल में 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा झारखंड के अन्य शहरों में तापमान कुछ इस प्रकार रहा। रांची में अधिकतम तापमान 35.8, जमशेदपुर में 39.0, डाल्टनगंज 39.2, बोकारो 38.1, चाईबासा में 38.4, देवघर में 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में 18.4, जमशेदपुर में 20.7, डाल्टनगंज 18.3 बोकारो में 17.1, चाईबासा में 22.2 और देवघर में 18.3 रिकॉर्ड किया गया है।

Published / 2022-03-22 13:38:33
दमघोंटू हवा... दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी दिल्ली

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की राजधानी दिल्ली इस साल भी दुनिया की सबसे प्रदूषित बन गई है। दिल्ली में 2021 में PM2.5 सांद्रता में 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2020 में सांद्रता 84 Ig/m3 थी। जबकि अब यह बढ़कर 96.4 Ig/m3 हो गई है। भारत के 48 प्रतिशत शहरों में वार्षिक PM2.5 सांद्रता औसत 50 Ig/m3 या विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वायु गुणवत्ता दिशा-निर्देशों के 10 गुना से ज्यादा है। भारत में फसलों को जलाना आम बात है। खासकर सर्दियों के महीनों में दिल्ली के पास चावल के खेतों में फसलों को जलाना काफी कॉमन है। शहर में 45 प्रतिशत तक प्रदूषण के लिए धुआं जिम्मेदार होता है, जो सबसे ज्यादा इन फसलों के जलाने से उत्पन्न होता है। चौंकाने वाले ये फैक्ट्स मंगलवार को 2021 की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट में सामने आए हैं। इस रिपोर्ट में 117 देशों के 6475 शहरों में स्थित वायु निगरानी स्टेशनों से पीएम2.5 वायु प्रदूषण माप का विश्लेषण किया गया है। PM2.5 से होती हैं गंभीर बीमारियां : सूक्ष्म कण प्रदूषण, जिसे PM2.5 के रूप में जाना जाता है। इसको आमतौर पर सबसे हानिकारक और सबसे ज्यादा निगरानी वाले वायु प्रदूषक के रूप में माना जाता है। PM2.5 अस्थमा, स्ट्रोक, हृदय और फेफड़ों के रोगों को और गंभीर बना सकती है। PM2.5 से हर साल लाखों लोगों की अकाल मृत्यु होती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोई भी देश 2021 में PM2.5 के लिए WHO द्वारा निर्धारित वायु गुणवत्ता दिशा-निर्देशों को पूरा नहीं कर सका है। केवल न्यू कैलेडोनिया, यूएस वर्जिन आइलैंड्स और प्यूर्टो रिको क्षेत्रों ने WHO PM2.5 वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों को पूरा किया। रिपोर्ट में शामिल 6475 वैश्विक शहरों में से केवल 222 ने ही डब्ल्यूएचओ पीएम2.5 दिशा-निर्देशों को पूरा किया है।

Published / 2022-03-21 14:28:30
तपतपाती गर्मी : झारखंड का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम ने अपने तेवर बदल लिए हैं और रांची समेत कई जिलों में तापमान में वृद्धि देखने को मिल रही है। पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ऐसे में कहा जा रहा है कि झारखंड में गर्मी ने दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कुछ जिलों में लू चलने का भी अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने बढ़ती गर्मी के मद्देनजर अलर्ट जारी करते हुए 20 मार्च से 21 मार्च तक लू से बचने की सलाह दी है। गढ़वा, पलामू, चतरा और लातेहार जिले में चेतावनी जारी करते हुए लोगों को लू से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में अगले 2 से 3 दिनों तक अधिकतम तापमान कोई गिरावट होने का अनुमान नहीं है, जिसके कारण लोगों को गर्मी से फिलहाल निजात नहीं मिल पाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के 5 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 20 मार्च से 24 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा और आसमान साफ रहेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21 डिग्री तक रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में झारखंड में मौसम शुष्क रहा है। उच्चतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया है, जबकि न्यूनतम तापमान साहिबगंज में 20.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में अगले दो-तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।

Published / 2022-03-19 03:49:20
चक्रवात का असर... अरब सागर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, लू की भी संभावना

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय मौसम विभाग ने साल के पहले चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। मार्च 2000 के बाद से उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में पहला चक्रवात आ सकता है जिसमें अरब सागर भी शामिल है। अगर ऐसा होता है, तो चक्रवाती तूफान को आसनी कहा जाएगा, जो श्रीलंका द्वारा दिया गया नाम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए नए अपडेट के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र, जो मंगलवार को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना था, 19 मार्च की सुबह तक पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और फिर 20 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ-साथ उत्तर की ओर बढ़ेगा। अगले एक दो दिनों में भारी बारिश की संभावना है। 22 मार्च की सुबह मुख्य भूमि भारत को छोड़कर बांग्लादेश और उत्तरी म्यांमार को पार करने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तट पर ये दस्तक दे सकता है। इसके 20 मार्च को तूफान और 21 मार्च को चक्रवाती तूफान में बदलने की उम्मीद है। चक्रवाती तूफान 22 मार्च तक उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। दक्षिण भारत के राज्यों केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी के साथ-साथ कर्नाटक में अगले 5 दिनों तक कुछ जगहों पर वर्षा होने के आसार हैं। वहीं लद्दाख के कुछ हिस्सों और जम्मू कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकता है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। शनिवार तक, यह एक अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (31 किमी / घंटा से कम हवा की गति) बनने की उम्मीद है और रविवार को, यह एक अवसाद (31 और 50 किमी / घंटा के बीच हवा की गति) में बदल सकता है। आईएमडी महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने कहा, अधिकतम तीव्रता 70-80 किमी/घंटा के बीच हवा की गति वाले चक्रवात की हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार तक भारी से बहुत भारी वर्षा (24 घंटों में 64.5 मिमी से 204.4 मिमी) होने का अनुमान है। मछुआरों को मंगलवार तक गहरे समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। शनिवार से मंगलवार तक मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से लगे इलाकों में न जाएं। 1891 से 2021 के बीच उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में मार्च में केवल आठ चक्रवाती विक्षोभ हुए हैं। रविवार को अंडमान-निकोबार में तेज हवाएं चलने की संभावना है। सोमवार को 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। यह 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक के तूफानी हवाओं में बदल सकती है। तेज हवा और भारी बारिश आशंकओं के बीच मौसम खराब होने का अनुमान जताया गया है।

Published / 2022-03-17 17:57:10
बंगाल की खाड़ी में बन रहा साल का पहला चक्रवात अंडमान निकोबार में मचायेगा तबाही

एबीएन सेंट्रल डेस्क। साल का पहला चक्रवात असानी दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है और शुक्रवार से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश होने की उम्मीद है, हालांकि पूर्वी तटीय इलाकों में बारिश नहीं होगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है। अपने पहले उत्पत्ति-पूर्व मार्ग और तीव्रता पूर्वानुमान में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मंगलवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में बना निम्न दबाव का क्षेत्र 19 मार्च की सुबह तक पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा और फिर उत्तर की ओर बढ़ेगा और 20 मार्च तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचेगा। कम दबाव का क्षेत्र शनिवार तक अच्छी तरह से चिन्हित निम्न दबाव वाले क्षेत्र में, फिर और बढ़कर रविवार तक अंडमान व निकोबार द्वीप समूह पर 55-65 किमी प्रति घंटे से 75 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ एक दबाव में बदल जाने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि मौसम प्रणाली के सोमवार को चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा, इसके बाद, इसके लगभग उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और 22 मार्च की सुबह के आसपास बांग्लादेश-उत्तर म्यांमा तटों के पास पहुंचने की आशंका है। एक बार जब यह प्रणाली चक्रवात में बदल जाती है, तो इसका नाम असानी रखा जाएगा, यह नाम श्रीलंका ने सुझाया है।

Published / 2022-03-17 17:40:43
रांची का तापमान 34° पार, जानें होली के दिन कैसा रहेगा मौसम...

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में मौसम ने अब धीरे-धीरे अपना रुख बदलना शुरू कर दिया है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को अब गर्मी का एहसास होने लगा है। 15 मार्च तक अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया है। होली के दिन मौसम की बात करें तो 18 मार्च को मौसम साफ रहेगा। वहीं, 19 मार्च को आसमान में कहीं-कहीं पर आंशिक बादल छाए रहेंगे। पिछले 24 घंटे में झारखंड में मौसम शुष्क रहा। उच्चतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस गोड्डा में रिकॉर्ड किया है, जबकि न्यूनतम तापमान गढ़वा में 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में अगले दो-तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार 2020 में कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के कारण मौसम काफी अच्छा देखने को मिला था। अधिकतम जगह तापमान नॉर्मल देखने को मिला था। झारखंड के मौसम वैज्ञानिक ने फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी और बदलाव को ग्रीन हाउस इफेक्ट को माना है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले 7 वर्षों में 15 मार्च तक राजधानी रांची का अधिकतम तापमान कई बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर गया है, इससे मौसम के बदलाव को समझा जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2016 में 15 मार्च तक 2 बार 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, 2017 में एक बार, 2018 में दो बार, 2019 में एक बार, जबकि 2020 में मौसम बिल्कुल सामान्य था। 2021 में 5 बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान रिकॉर्ड किया गया, वहीं, 2022 में 15 मार्च तक सिर्फ एक बार 34 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अभी जो तापमान में बढ़ोतरी हुई है वह सामान्य है। बीच में कई बार बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है।

Published / 2022-03-16 16:26:41
बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव से अगले हफ्ते आ सकता है चक्रवात "आसनी"

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर के ऊपर बना कम दबाव का एक क्षेत्र अगले सप्ताह की शुरुआत में एक चक्रवात में बदलने की उम्मीद है और ऐसा पूर्वानुमान है कि यह बांग्लादेश और उससे सटे उत्तरी म्यांमार की ओर बढ़ सकता है। मौसम कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि मंगलवार को बने निम्न दबाव का क्षेत्र (एलपीए) के पूर्व-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने और शनिवार तक पूरी तरह से एलपीए बनने की उम्मीद थी। विभाग ने कहा कि बाद में यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की ओर बढ़ने से पहले कम दबाव का क्षेत्र में बदल गया। मौसम प्रणाली के 21 मार्च को एक चक्रवाती तूफान में बदलने और 22 मार्च तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का अनुमान है। जब यह चक्रवात में बदल जाता है, तो इसका नाम "आसनी" रखा जाएगा, जो कि श्रीलंका द्वारा सुझाया गया एक नाम है। मौसम कार्यालय ने कहा, इसके बाद, यह उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ेगा और 23 मार्च की सुबह तक बांग्लादेश और उससे सटे उत्तरी म्यांमा तट के पास पहुंच जाएगा। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर पर स्थिति खराब होने की आशंका है। मौसम कार्यालय ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे बुधवार को दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के मध्य भागों में और बृहस्पतिवार तथा शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान तटीय क्षेत्र में न जाएं। कार्यालय ने मछुआरों को शनिवार और मंगलवार के बीच अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर नहीं जाने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रविवार को तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

Published / 2022-03-02 08:13:46
झारखंड : उत्तरी भाग में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन से बारिश की आशंका

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मौसम में उतार-चढ़ाव लगातार देखने को मिल रहा है। राज्य में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखा जा सकता है। इसका कारण ओडिशा का साइक्लोनिक सरकुलेशन है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने संभावना जताई है कि ओडिशा के उत्तरी भाग में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन का असर झारखंड में देखने को मिल सकता है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार मार्च में झारखंड के दक्षिणी और मध्य भाग में गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश के आसार हैं। वहीं, 2 मार्च को झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर भी गरज के साथ बारिश का अनुमान है।

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