टीम एबीएन, लोहरदगा/रांची। पवित्र सावन माह पर अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन द्वारा गुरुवार को अग्रसेन भवन में धूमधाम से सावन उत्सव मनाया गया। मौके पर महिलाओं ने हरे रंग की साड़ियों व पारंपरिक साज सज्जा में सज-धज कर शामिल हुईं। इस दौरान महिलाओं ने सावन के गीतों पर झूमते हुए अपने नृत्य प्रस्तुत किया। मौके पर कई प्रकार के खेल एवं संस्कृति कार्यक्रम आयोजित की गई। महिलाओं ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। उत्सव के दौरान झूले लगाये गये। हरे रंग के साड़ियों में सजी महिलाओं ने एक-दूसरे को झूला झुलाया। संगीत और नृत्य ने आयोजन में चार-चांद लगा दिए। समाज की महिलाओं ने सावन के लोकगीत गाकर उत्सव के माहौल को खुशनुमा बना दिया। मौके पर रश्मि अग्रवाल, आंसू खत्री, नीतू अग्रवाल, अंजलि अग्रवाल, नीति अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल, राखी अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में सभी समाज के महिलाएं उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। नागपंचमी के दिन पलामू से रामेश्वरम की यात्रा पर जा रहे 96 श्रद्धालुओं के जत्थे की सेवा के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा रांची महानगर अध्यक्ष रोमित नारायण सिंह के नेतृत्व में हटिया रेलवे स्टेशन पर सेवा शिविर लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं का माला पहनाकर स्वागत किया गया। उसके बाद उनके बीच में खाने के पैकेट (रोटी, सब्जी, भुजिया, सलाद, अचार, चटनी और पानी की बोतल) यात्रियों को दी गई। मौके पर रांची महानगर के अध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने बताया कि हमें सूचना मिली कि 96 की संख्या में झारखंड के लोग रामेश्वरम की यात्रा पर निकले हैं और उन्हें भोजन की जरूरत है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि तीर्थयात्रा पर निकले लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का अवसर मिला। यह हमारे संस्कार में है। इसलिए मुझे जैसे ही इस बात की सूचना मिली मैंने अपने सहयोगियों के साथ तुरंत सभी लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की। उनके पास पहुंचा, सबको भोजन कराया। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम सेवा और सुशासन के 8 साल मना रहे हैं। निश्चित रूप से यह कार्य भी उसी सुशासन और सेवा का हिस्सा है और आगे भी इस तरीके के सेवा कार्य जारी रहेगा। मौके पर समाज सेवी अजय सिंह ने कहा की सनातनी धर्म में सबसे पवित्र स्थानों में से एक रामेश्वरम जहा पर प्रभु श्री राम ने शिवलिंग स्थापित पर महादेव की पूजा कर लंका विजय के लंका के लिए प्रस्थान किया था। वहां जा रहे श्रद्धालुओं की सेवा करने का सौभाग्य मुझे मिला इसके लिए में ईश्वर को धन्यवाद देता हूं और भारतीय जनता युवा मोर्चा के युवा साथी जो यह सेवा का कार्य कर रहे है इसके लिए में उन्हें साधुवाद देता हूं। इस कार्यक्रम में प्रख्यात वास्तुशास्त्री विमलेश सिंह, युवा मोर्चा कार्यालय मंत्री समुंद्र मिर्धा, सोशल मीडिया प्रभारी संजय चौधरी, कार्यसमिति सदस्य तरुण दास, अभिषेक चौबे, सुकुमार दास प्रमोद सिंह, प्रिंस कुमार, उत्कर्ष वर्मा, अखिलेश सिंह आदि उपस्थित थे।
टीम अवबन, देवघर/रांची। सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा धाम मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। आज अहले सुबह 3:45 बजे हुई सरकारी पूजा के बाद मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। सरकारी पूजा के दौरान प्रधान पुरोहित ने षोडशोपचार पूजा से बाबा की विशेष पूजा अर्चना की। आज जिला प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी और नई रणनीति काफी काम आई। पहली बार ऐसा हुआ है कि सावन की सोमवार को कतार कुमैठा स्टेडियम तक नहीं पहुंची। नई रणनीति काफी काम आई और कतार को नंदन पहाड़ तक सीमित रखा गया। देवघर एसपी सुभाष चंद्र जाट और देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्रि की रणनीति ने भीड़ को लंबी दूरी तक नहीं जाने दिया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा हो रही है और उन्हें लंबी दूरी कतार के लिए तय नहीं करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ रविवार को देर रात तकरीबन 11 बजे तक जल अर्पण कराया गया जिससे भीड़ काफी हद तक काबू पाने में सफलता मिल गई। देवघर जिला प्रशासन का अनुमान है कि सावन की तीसरी सोमवारी को तकरीबन तीन लाख के करीब भक्त जल अर्पण करेंगे जो कि दूसरी सोमवारी से ज्यादा होगी। लेकिन बेहतर प्रबंधन के कारण भक्तों की कतार को सीमित रखा गया है और जल अर्पण करने की गति को काफी तेज रखा गया है। इसके कारण श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल रही है। देवघर बाबा मंदिर में जल अर्पण लगातार जारी है और इसके लिए भी लंबी-लंबी कतार लग रही है। कुल मिलाकर तीसरी सोमवारी को बेहतर प्रबंधन की बदौलत जिला प्रशासन ने अब तक जनसैलाब को कंट्रोल करने में सफलता पाई है।
टीम एबीएन, रांची। कारगिल विजय दिवस के मौके पर महामहिम पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कर कमलों से परम विशिष्ट सेवा सम्मानित मिथिला वासी मेजर जनरल शैलजा नंद झा को विश्वंभर फाउंडेशन, रांची ने सम्मानित किया। मौके पर विश्वंभर फाउंडेशन का एक प्रतिनिधिमंडल श्री झा मिथिला का संस्कृति सम्मान पाग, दोपटा एवं पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया। मौके पर शैलजानंद झा ने अपने वक्तव्य के माध्यम से आह्वान किया कि मिथिला क्षेत्र के बेटे संग बेटियों को सेना में सिपाही ही नहीं बल्कि उच्च पदाधिकारियों के पोस्ट के लिये भी आगे आना चाहिये। सम्मानित करने वाले प्रतिनिधिमंडल में फाउंडेशन के सचिव नवीन कुमार झा, अमर नाथ झा, बिनोदानंद झा, राजेश झा, अवध किशोर, अभिलाषा चौधरी, अनिमेष, विशेष के संग किशोर झा उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। हरमू रोड स्थित श्री श्याम मंदिर में आज खाटू नरेश का हरियाली तीज पर्व अनुष्ठान का विविध कार्यक्रमों के साथ भक्तिमय वातावरण में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। श्री श्याम मित्र मंडल के महामंत्री श्री विश्वनाथ नारसरिया ने बताया कि खाटू धाम के श्री श्याम मंदिर के अनुरूप आज हरमू रोड के श्री श्याम मंदिर में विराजमान सभी देवी देवता यथा श्री श्याम बाबा श्री शिव परिवार, श्री हनुमान जी, श्री लड्डू गोपाल, श्री शालिग्राम, श्री गरुड़ जी को हरियाली रंग का वस्त्र पहनाया गया। खाटू नरेश का केशर तिलक शृंगार किया गया। सुगंधित इत्र से श्याम सरकार का मसाज किया गया। खाटू नरेश को विभिन्न प्रकार के फूल रजनी, लाल गुलाब, तुलसीदल, मोती, बेली, गेंदा, जूही व हरियाली एरिलापता की मोटी-मोटी मालाओं से श्री श्याम दरबार को सजाया गया। मंडल के मंत्री श्री श्याम सुंदर शर्मा के सान्निध्य में झारखंड के प्रशिद्ध आचार्य अनूप दाधीच व रत्नाकर शर्मा मंदिर के चार अचार्यों ने बाबा का शृंगार किया। श्री शिव मंदिर में भी हरियाली शृंगार किया गया। कोलकाता से फूल मंगवाये गये थे। श्री शिव मंदिर को जमीन पर हरियाली पत्तों से शृंगार किया गया था। श्री नारसरिया ने बताया कि हरियाली तीज पर मंदिर में विशेष प्रसाद बनवाया गया। हरा परवल, केसरिया पेड़ा, भुजिया, चना दाल, मेथी सुहाली का प्रसाद मंदिर में विराजमान सभी देवी देवताओं को अर्पित किया गया। एक भक्त ने शृंगार व प्रसाद सेवा निवेदित की। संस्था ने पंचमेवा व आम का भोग निवेदित किया। सायंकाल में बाबा का दरबार दर्शन हेतु खोल दिया गया। जहां भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। भक्तों के बीच विशेष प्रसाद वितरित किया गया। मौके पर विश्वनाथ नारसरिया, श्रवण ढाढ़निया, श्याम सुंदर शर्मा, अनिल नारनौली, पंकज गाडोदिया, विकास मोदी, संजय सराफ, दा प्रवीण नारसरिया, प्रदीप मोदी, पवन गोयेनका, दिनेश अग्रवाल, रोशन खेमका, किशन शर्मा, आशीष डालमिया, सहित बड़ी संख्या में भगत्तगण उपस्थित थे। मंगलवार को होगा सुंदरकांड पाठ : श्री श्याम मित्र मंडल के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर 11वां श्री सुंदरकांड व श्री हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ मंगलवार 2 अगस्त 2022 को सायं 4.30 बजे से हरमू रोड के श्री श्याम मंदिर में होगा। उक्त जानकारी श्री श्याम मित्र मंडल के महामंत्री विश्वनाथ नारसरिया ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
एबीएन सोशल डेस्क। कुछ दिन पहले यूपी के देवरिया में पबजी गेम के शौकीन लड़के ने अपने दादा को फंसाने के लिए छह वर्षीय मासूम की हत्या कर दी। मध्य प्रदेश में पोते ने दादा के लाखों रुपये गायब कर दिए। वहीं, लखनऊ में 16 वर्षीय लड़के ने अपनी मां की हत्या कर दी। विशेषज्ञ इन घटनाओं में आॅनलाइन गेम, सोशल मीडिया व इंटरनेट के घंटों इस्तेमाल से बच्चे व किशोरों में हिंसक व्यवहार होना मुख्य कारण मानते हैं। अध्ययन बताते हैं, सोशल मीडिया पर सक्रिय 10 में से तीन बच्चे अवसाद, भय, चिंता के साथ चिड़चिड़ेपन के शिकार हैं। किसी का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, तो कुछ बगैर फोन खाना तक नहीं खा पाते। बंगलूरू स्थित राष्ट्रीय मानसिक जांच एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निम्हांस) के अनुसार, देश के 73% बच्चे मोबाइल यूजर्स हैं। इनमें 30% मनोविकार से पीड़ित हैं। नई दिल्ली एम्स के मनोचिकित्सक डॉ. यतन पाल सिंह बताते हैं, उनके यहां महीने में 15 से 16 बच्चे काउंसलिंग के लिए आते हैं जिनमें से 90% तक मॉडरेट व क्रोनिक स्थिति वाले हैं। यानी लक्षण तीसरी या फिर चौथी स्टेज जैसे दिखाई दे रहे हैं। आॅनलाइन एडिक्शन : लक्षण- अगर कोई स्क्रीन के सामने लंबा वक्त बिता रहा है तो यह एक बड़ा लक्षण है। परफॉर्मेंस घटना, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, धैर्य खोना, गुस्सा आना। एम्स क्लीनिक में साइबर बुलिंग के मामले भी आ रहे, पीड़ितों में लड़कियां सबसे अधिक, 10 में से एक किशोर साइबर बुलिंग का शिकार। चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के अध्ययन के अनुसार, दिल्ली जैसे महानगरों में 10 में से एक किशोर साइबर बुलिंग का शिकार है। साइबर स्टॉकिंग के मामले बढ़े : 2017- 542, 2018- 739. सजा की दर घटी :2017- 40%, 2018- 25%. निम्हांस के अनुसार, हर सप्ताह देशभर में मनोचिकित्सकों के पास सोशल मीडिया की लत से परेशान औसतन 10 मामले पहुंचते हैं, जिनमें 12 साल से भी कम उम्र के हैं। साइबर बुलिंग : टारगेट पर ज्यादातर लड़कियां- दिल्ली एम्स में हर शनिवार संचालित क्लीनिक में साइबर बुलिंग के मामले आ रहे हैं। इनमें अधिकांश कॉलेज छात्राएं हैं। आॅनलाइन स्टडी एंड इंटरनेट एडिक्शन अध्ययन के अनुसार, 50% से ज्यादा साइबर बुलिंग के मामले दर्ज नहीं होते क्यूंकि लड़कियां अपनी परेशानी साझा नहीं कर पाती हैं और धीरे-धीरे अवसाद से ग्रस्त होने लगती हैं। यहां से शुरू होती है बच्चों की चिंता : सोशल प्लेटफॉर्म पर खुद को टैग नहीं किए जाने, वॉट्सग्रुप ग्रुप से रिमूव होने, पोस्ट पर लाइक्स या शेयर नहीं बढ़ने से चितिंत हो रहे हैं। बार-बार फोन चैक करना। सोशल मीडिया पर दूसरों की पोस्ट देखना और इसी दुनिया पर भरोसा कर लेना। खुद से पूछिए ये सवाल... क्या आॅनलाइन वीडियो, साइट्स पर घंटों बिता रहे हैं? आपका पढ़ाई या किसी काम में मन नहीं लग रहा? जल्दी संयम खो देते हैं। बात-बात पर गुस्सा आता है? अगर इनका जवाब हां है तो सचेत हो जाएं। देश का पहला क्लीनिक निम्हांस में : इंटरनेट के लतखोर बच्चों-किशोरों की काउंसलिंग के लिए निम्हांस में देश का पहला क्लीनिक शुरू हुआ। देश में स्मार्टफोन औसतन 10 साल की उम्र में बच्चे को मिलता है। इनमें से 12 वर्ष की उम्र तक 50% बच्चे सोशल मीडिया का उपयोग करने लग जाते हैं।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। झारखंड के देवघर स्थित बाबा धाम में कोरोना के कारण 2 वर्षों बाद इस वर्ष 14 जुलाई से प्रारंभ हुए श्रावणी मेले में बाबा के दर्शन करने अब तक लगभग 16 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इन श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में कुल 1 करोड़, 58 लाख, 14 हजार, 70 रुपए मूल्य का कुल चढ़ावा चढ़ाया है। देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है तथा भक्त बड़ी संख्या में सोने और चांदी के सिक्के तथा नकदी भी बाबा के दरबार में चढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से प्रारंभ श्रावण मेले में पहले 13 दिनों में 26 जुलाई तक कुल 15,79,269 श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में जलाभिषेक किया। इस दौरान कुल 37,038 भक्तों ने टिकट खरीद कर "शीघ्रदर्शनम" सुविधा का लाभ उठाया। वहीं भजंत्री ने बताया कि मंदिर प्रशासन ने भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी के सिक्कों तथा शीघ्र दर्शनम् के टिकटों से कुल 92 लाख, 84 हजार रुपए प्राप्त किए। इस बीच मंदिर की पंडा समिति के देवनाथ पंडा ने बताया कि इस वर्ष भक्तों में अन्य वर्षों की तुलना में असीम उत्साह दीख रहा है।
एबीएन सोशल डेस्क। एक समय की बात है। माता पार्वती जी अपनी सहेली जया और विजया के साथ सुन्दर मंदाकिनी नदी के किनारे पर स्नान करने के लिए गई। तीनों स्नान करके बाहर आकर बालू-मिट्टी के शिवलिंग का निर्माण कर पूजन किया। फिर विसर्जन किया। उसके बाद माता और जया-विजया टहलने लगे। टहलते-टहलते जया-विजया को बहुत ही जोर की भूख लगी। उन दोनों ने माता पार्वती से भोजन मांगा। परन्तु माता ने उन्हें प्रतीक्षा करने को कहा। इस प्रकार जया विजया बार-बार भोजन मांगती और माता बार-बार प्रतीक्षा करने हेतु कहती। जब भूख असहनीय हो गई, तब जया-विजया ने करूणा भरे वचन से बोली। माता बच्चे को भूख लगने पर अपने बच्चों को तुरंत भोजन देती है। लेकिन आप तो हमें बार-बार प्रतीक्षा हेतु कहती है। आप तो अन्नपूर्णा है, फिर भी आप ऐसा क्यों कहती है? माता जया विजया के ऐसा करूण भरे वचन सुनकर माता पार्वती की आंख में आंसू आ गये और उसने तुरंत अपना सिर से धड़ को अलग कर दिया। उनका सिर कट कर उनके बाएं हाथ में आ गिरा और धड़ से 3 धाराएं निकली, जिससे दो धाराएं माता ने सखियों की ओर प्रवाहित किया और तीसरी धारा माता स्वयं पीने लगी। इस प्रकार दोनों सखियां प्रसन्न हो गई। तभी से माता का नाम छिन्नमस्तिका पड़ गया। मां पार्वती के जैसा कोई दयालु देवता या देवी नहीं है, जो अपने बच्चों के लिए अपने मस्तक तक को काट लेती है और मां ही एक ऐसी होती है जो अपने बच्चों को नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करती है। मां की ममता हमेशा हम बच्चों पर बनी रहे। जो अपने दोनों हाथों में तलवार और अपनी कटी हुई मस्तक धारण करती है। अपने भक्तों के लिए सदा वरदायनी रहती है, जो ममता और करूणा की देवी है। जिसने कामदेव और रति को अपने पैरों तले दबाये हुए है। जिसके अगल बगल जया-विजया है। वो छिन्नमस्तिका दुर्गा देवी हमें मंगल प्रदान करें और सबका कल्याण करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिले में प्रवीण नेत्तारू की हत्या समेत हाल ही में हुए जिहादी हिंसा के सभी केस फास्ट ट्रैक अदालतों में चलाए जाने चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों और हिंदू समुदाय को न्याय शीघ्र सुनिश्चित हो सके। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ने बयान जारी कर यह मांग की है। श्री परांडे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को फास्ट ट्रैक न्यायालय बनाने पर तुरंत विचार करना चाहिए। उनके अनुसार कि जिहादी मानसिकता यदि ऐसी हिंसा करती रहेगी, तो हिंदू समाज में प्रत्यक्ष आक्रोश बढ़ेगा और स्वाभाविक तौर पर उग्र प्रतिक्रिया भी होगी। यदि ऐसा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी हिंदू समाज की नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि विश्व हिंदू परिषद और उसकी युवा शाखा बजरंग दल ने प्रांतीय स्तर पर हैल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि किसी को हिंसा की धमकी मिलती है, तो पुलिस से शिकायत करने के साथ ही कानूनी और सभी आवश्यक सहायता के लिए उन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें। विहिप हिंदू समुदाय के साथ सदैव खड़ा रहा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा। श्री परांडे ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अब तय करना पड़ेगा कि उसे कौन सा नेतृत्व स्वीकार है, मदनी और औवैसी का या फिर कलाम और अश्फाक उल्ला का। मुस्लिम समुदाय को अतिवादियों व आतंकी मानसिकता को कौम से बाहर का रास्ता दिखाना होगा अन्यथा उनकी कथनी व करनी का अंतर बना ही रहेगा। जमाते इस्लामी जैसे संगठन दोहरा मानदंड अपनाते हैं। एक ओर वह सिर तन से जुदा करने व बम विस्फोट करने वालों के समर्थन में खड़ा होता है तो वहीं वह कावड़ियों को जलपान कराने का नाटक भी करता है। श्री परांडे ने यह भी कहा कि जिहादी हिंसा को बढ़ावा देने वाली, उकसाने और भड़काने वाली सामग्री का प्रचार-प्रसार इंटरनेट के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसी सारी सामग्री इंटरनेट पर प्रसारित किए जाने पर संपूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। श्री परांडे ने कहा कि नेपाल से दिल्ली तक टैरर कॉरीडोर बनाने का षड्यंत्र सामने आ चुका है। ऐसे में उसे ध्वस्त करने के लिए केंद्र सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए। उक्त जानकारी विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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