समाज

View All
Published / 2021-08-26 12:14:13
गढ़वा पर गर्व : किसान के बेटे को शिशु चिकित्सा परीक्षा में मिला गोल्ड मेडल

भंडरिया। गढ़वा जिला के भंडरिया प्रखंड अंतर्गत मदगड़ी ग्राम निवासी किसान का बेटा ने शिशु रोग विशेषज्ञ परीक्षा में प्रथम श्रेणी से पास कर गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। किसान प्रायाग महतो के पुत्र डॉ अनुप कुशवाहा ने गोल्ड मेडल प्राप्त कर गढ़वा जिला का नाम रौषन किया है। बता दूं कि अनुप पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के भवारमाल में शासकीय स्कूल से पांचवी की पढ़ाई के बाद गढ़वा जिला अंतर्गत भंडरिया प्रखंड के कंजिया संत अंतोनिस में दसवीं तक पढ़ाई की। उसके बाद एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए रिम्स रांची चले गये। वहां अनुप ने एमबीबीएस कीे डिग्री प्राप्त करने के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ में प्रथम श्रेणी से पास करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। डा. अनुप कुशवहा के पिता खेती कर सब्जी बेचते हैं। इस सफलता के लिए डा. अनुप ने अपने माता-पिता को श्रेय दिया हैै। वहीं अनुप ने कहा कि मेहनत से कुछ भी संभव है। अपने क्षेत्र के युवाओं से उन्होंने कहा कि मेहनत करें। मेहनत एक दिन जरूर रंग लाती है।

Published / 2021-08-12 13:30:07
सरकार संसाधन दे, तो कोयलांचल से भी निकल सकते हैं गोल्ड मेडलिस्ट

धनबाद। कतरास के सुजल रक्षित पिता सपन रक्षित कतरास बाजार राजबाड़ी रोड के रहने वाला है। सुजल सर्वोदय पब्लिक स्कूल, कतरास में पढ़ाई कर रहा है। सुजल ऐसे ही कतरास मुहल्ले के गलियों में बैडमिंटन खेलते-खेलते इस खेल का इतना दीवाना बन गया जो वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर में खेल कर आॅल इंडिया अंडर 13 सिंगल में 7 रैंक प्राप्त है। खेल के प्रति बेटे के दीवानगी देख अभिभावक ने भी उसे कभी रोका नहीं। सुजल 2017 से कोच संदीप कुमार दे से प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया एवं अपने घर से 25 किलोमीटर दूर कतरास से धनबाद इंडोर स्टेडियम में अभ्यास के लिए प्रतिदिन जाता है। सुजल 2017 से ही अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। 2017 में पीएनबी मेट लाइफ द्वारा आयोजित जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 3 लखनऊ में सेमी-फाइनल तक खेल ग्रैंड फिनाले, दिल्ली के लिए चयनित हुआ तथा ग्रैंड फिनाले में क्वार्टर- फाइनल का सफर तय किया।पीएनबी मेट लाइफ द्वारा सुजल का अच्छा खेल प्रदर्शन देख उसे 2018 से स्पॉन्सर देना प्रारम्भ किया। सुजल का कहना है कि आज के समय मे अच्छे परामर्शदाता का होना अतिआवश्यक है। कोच, पीएनबी मेट लाइफ एवं क्राई के सहयोग से आज राष्ट्रीय स्तर के मुकाम तक पहुँचे।आगे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय स्तर में अच्छे प्रदर्शन करना हमारा लक्ष्य है। वर्तमान में सुजल का आॅल इंडिया अंडर 13 सिंगल्स में 7 है। सुजल कई बार राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में उपविजेता बने तथा राज्य का प्रतिनिधित्व कर राष्ट्रीय स्तर में खेल रहा है। धनबाद जिला बैडमिंटन एसोसिएशन से संबद्ध और एनआइएस कोच संदीप कुमार दे ने कहा कि कोच मार्गदर्शन का काम करता है। मेहनत तो खिलाड़ी को ही करनी होती है । खिलाड़ी अनुशासन में रहकर खेल पर फोकस करें तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। सुजल एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। वहीं सुजल के कोच संदीप ने बताया कि कोयलांचल में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है लेकिन संसाधन की कमी के कारण खिलाड़ियों के प्रतिभा दबकर रह जाती है। कतरास में भी बैडमिंटन के लिए इंदौर स्टेडियम होना आवश्यक है।

Published / 2021-08-09 17:48:19
Coffee से याददाश्‍त होती है मजबूत, जानें और भी फायदे

एबीएन डेस्क। कुछ लोग ज्‍यादा चाय पसंद करते हैं, तो कुछ लोग कॉफ़ी। ये दोनों चीजें पीते-पीते अमूमन हमारी आदत में शुमार हो जाती हैं। पेय पदार्थों से हमारी सेहत और जीवन की गतिविधियों को लेकर विशेष जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि चाय में थीन (Thein) और कॉफी में कैफीन (Caffein)उपलब्‍ध होता है। कैफीन भरपूर एनर्जी देने में सक्षम है। Coffee के सेवन से तनाव (Stress) कम होता है। इससे याददाश्‍त भी मजबूत होती है। इसके और भी फायदे हैं, पर ध्‍यान रहे, एक दिन में चार कप से अधिक कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। कॉफी का सेवन करने से हमारे लीवर को भी बहुत मदद मिलती है, क्योंकि इससे कुछ ऐसी स्थिति से बचाया जा सकता है, जिसमें लीवर डेमेज हो सकता है। कॉफी के सेवन से स्कार टिश्यू डेवलप होता है, जिस कारण लीवर हेल्दी ना रहता है।ब्लैक कॉफी में एंटी ऑक्सीडेंट्स की मात्रा भी अधिक होती है। इससे यह फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाती है और स्किन और बालों के लिए भी काफी लाभदायी होती है। कॉफी हमारे शरीर के मेटाबॉलिक रेट को भी 10% बढ़ा देती है।इस कारण फैट लॉस होने में बहुत मदद मिलती है और अधिक कैलोरीज़ भी उपयोग में आती हैं।अगर वर्क आउट करने से पहले कॉफी का सेवन किया जाए, तो इससे एड्रेनलीन हार्मोन बढ़ जाता है।इससे हमारे फैट टिश्यू से फैटी एसिड्स रिमूव होते हैं। इस वजह से हमारा फिजिकल परफॉर्मेंस बेटर होता है।

Published / 2021-08-04 15:46:18
दिसंबर 2023 से कर सकेंगे रामलला के दर्शन, बाकी काम 2025 तक होंगे पूरे

एबीएन डेस्क। रामभक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर में श्रद्धालु दिसंबर 2023 से रामलला के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि रामलला 2023 तक गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। रामलला के विराजते ही मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। हालांकि, मंदिर से जुड़े बाकी काम 2025 तक पूरे होंगे। मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि गणेशोत्सव के दौरान मंदिर की नींव का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद अगले चरण का काम शुरू होगा। 2023 में दिसंबर महीने से पहले रामलला का गर्भगृह बनकर तैयार हो जाएगा। जुलाई में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में भी इस पर चर्चा हुई थी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उस समय भी कहा था कि 2023 के आखिर तक लोग राम मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। 5 अगस्त को राम मंदिर के शिलापूजन का एक साल पूरा हो रहा है। इस मौके पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे रामलला के दरबार में विशेष अनुष्ठान में शामिल होंगे। दोपहर 2.15 बजे योगी रामलला के दर्शन करेंगे। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ 50 महीने में 29 बार अयोध्या पहुंचे हैं। योगी आदित्यनाथ अयोध्या के वासुदेव घाट पर दोपहर 12:15 बजे अन्न योजना की शुरुआत करेंगे। वे यहां दो घंटे तक रुकेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित कर सकते हैं। योगी अयोध्या से दोपहर 3 बजे रवाना होंगे। अयोध्या में संत भूमिपूजन की सालगिरह को दीपावली जैसा उत्सव मनाने की तैयारी कर रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सावन में रामलला को चांदी के सिंहासन पर बैठाने की तैयारी कर रहा है। 500 साल बाद रामलला के लिए चांदी का झूला बनवा रहे ट्रस्ट ने सिंहासन की नापतौल भी करा ली है। रामादल ट्रस्ट ने रामलला के मंदिर में सोने की चौखट देने की घोषणा की है। ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित कल्किराम ने कहा कि भूमि पूजन के बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को सोने की चौखट देने का संकल्प पत्र सौंपा था। अब मंदिर का मॉडल बदलने के बाद रामादल ट्रस्ट ने एक बार फिर मंदिर की चौखट की माप मांगी है।

Published / 2021-07-22 15:44:26
खादी बोर्ड के प्रयास से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

जमशेदपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर व परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने के उद्देश्य से आज झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने जमशेदपुर सेन्टर में 57 युवती व महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान किया। उक्त वितरण ‘शिल्पी रोजगार योजना’ के तहत बोर्ड के सीईओ राखाल चंद्र बेसरा, एलआइसी के सीनियर डिविजनल मैनेजर मनोज कुमार पांडा तथा बोर्ड के बिष्टुपुर केंद्र के प्रबंधक विभूति राय ने किया। सिलाई मशीन सभी के चेहरे खिले हुए थे। वे सभी युवती व महिलाओं को पहले छह माह का प्रशिक्षण भी दिया गया। सिलाई मशीन पानेवालों में बिष्टुपुर सेन्टर की 24, घोड़ाबांधा सेंटर की 12 तथा बिरसानगर सेंटर की 21 प्रशिक्षणार्थी शामिल है। इस संबंध में सीईओ श्री बेसरा ने बताया कि इनके प्रशिक्षण के दौरान सभी को स्टाइपेंड के रूप में 150 रु प्रतिमाह दिये गये। यह योजना एक तरह से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। एलआईसी के श्री पंडा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से महिलाएं अपने परिवार को आर्थिक मदद कर सकेंगी। मौके पर बोर्ड के बिष्टुपुर केंद्र के राकेश कुमार, संगीता कुमारी, सुकुमारी सवैया, पिंकी देवी, लीना हेम्ब्रम, माया प्रधान सहित एलआईसी के सुशील पांडेय, आरके दासगुप्ता, ए महापात्र व कई ट्रेनर मौजूद थी।

Published / 2021-07-22 14:40:54
खादी बोर्ड के प्रयास से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

जमशेदपुर। महिलाओं को आत्मनिर्भर व परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने के उद्देश्य से आज झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने जमशेदपुर सेन्टर में 57 युवती व महिलाओं को सिलाई मशीन प्रदान किया। उक्त वितरण ‘शिल्पी रोजगार योजना’ के तहत बोर्ड के सीईओ राखाल चंद्र बेसरा, एलआइसी के सीनियर डिविजनल मैनेजर मनोज कुमार पांडा तथा बोर्ड के बिष्टुपुर केंद्र के प्रबंधक विभूति राय ने किया। सिलाई मशीन सभी के चेहरे खिले हुए थे। वे सभी युवती व महिलाओं को पहले छह माह का प्रशिक्षण भी दिया गया। सिलाई मशीन पानेवालों में बिष्टुपुर सेन्टर की 24, घोड़ाबांधा सेंटर की 12 तथा बिरसानगर सेंटर की 21 प्रशिक्षणार्थी शामिल है। इस संबंध में सीईओ श्री बेसरा ने बताया कि इनके प्रशिक्षण के दौरान सभी को स्टाइपेंड के रूप में 150 रु प्रतिमाह दिये गये। यह योजना एक तरह से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। एलआईसी के श्री पंडा ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से महिलाएं अपने परिवार को आर्थिक मदद कर सकेंगी। मौके पर बोर्ड के बिष्टुपुर केंद्र के राकेश कुमार, संगीता कुमारी, सुकुमारी सवैया, पिंकी देवी, लीना हेम्ब्रम, माया प्रधान सहित एलआईसी के सुशील पांडेय, आरके दासगुप्ता, ए महापात्र व कई ट्रेनर मौजूद थी।

Published / 2021-07-22 12:34:30
फ्रांस में आयोजित ग्लोबल फ्रेंच क्विज में आव्याा को प्रथम स्थान

बोकारो। दिल्ली पब्लिक स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा आव्या सिंह ने फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस (14 जुलाई) की पूर्व संध्या पर मुंबई स्थित प्रयत्न एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा आयोजित वैश्विक क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान (अंतर्राष्ट्रीय रैंक-1) हासिल कर राज्य व देश ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। यह क्विज प्रतियोगिता टूर आॅफ पेरिस थीम पर आधारित थी, जो वर्चुअल मोड में आयोजित की गई थी। इस वैश्विक क्विज प्रतियोगिता में शीर्ष 25 में डीपीएस बोकारो के 4 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है जिसमें आव्या सिंह को प्रथम, सूरज कुमार को सप्तम, अमोघ आनंद झा को 14वां एवं आरव कुमार को 16वां स्थान प्राप्त हुआ है। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और भारत जैसे देशों सहित दुनिया भर के 260 स्कूलों के कुल 3000 छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में शामिल प्रमुख स्कूलों में आबू धाबी इंडियन स्कूल, एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, एपीजे स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, बिलबोंग हाई इंटरनेशनल स्कूल, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल, एमराल्ड वैली पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, जीइएमएस जेनेसिस इंटरनेशनल स्कूल, ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल आबू धाबी, के आर मंगलम वर्ल्ड स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, चार्मवुड विलेज, मैक्सफोर्ट स्कूल-पीतमपुरा, प्रेसिडियम स्कूल, संस्कृति स्कूल चाणक्यपुरी आदि प्रमुख स्कूलों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। शीर्ष 25 छात्रों को 1000 रुपये के वाउचर और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। डीपीएस बोकारो के प्राचार्य ए एस गंगवार ने विजेताओं को बधाई दी और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन हेतु शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आव्या ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय व राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश का मान बढ़ाया है। इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में शामिल होने से विद्यार्थियों को वैश्विक पहचान मिलती है।

Published / 2021-07-21 12:19:13
शब्द साहित्य के प्रचार से प्रदूषित हो रही भाषा संस्कृति की रक्षा की कवायद...

घाघरा। झारखंड नवनिर्माण दल से जुड़ी सर्वोदय सांस्कृतिक कला मंच घाघरा ने हापामुनी में फूल व शूल पुस्तक का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया। सर्वप्रथम फूल व शूल पुस्तक के लेखक दिवाकर मणि पाठक को झारखंड रत्न सहित कई सम्मान से सम्मानित मुख्य अतिथि सहनी उपेंद्र पाल नहन, राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता व खगोल वैज्ञानिक वैद्यनाथ मिश्रा, झारखंड नवनिर्माण दल के संयोजक विजय सिंह व चुंदरी मुखिया आदित्य भगत ने स्वागत कर पुस्तक का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सर्वोदय सांस्कृतिक कला मंच के प्रभारी सह प्रख्यात साहित्यकार सहनी उपेंद्र पाल नहन ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से प्रदूषित हो रहे भाषा व संस्कृति की रक्षा के लिए शब्द साहित्य का प्रचार प्रसार जरूरी है। तभी देश व समाज बौद्धिक स्तर पर मजबूत होगा। श्री नहन ने यह भी कहा कि सरकार को भी इस दिशा में सार्थक पहल करने व बढ़ावा देने की आवश्यकता है। मौके पर राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता व खगोल वैज्ञानिक वैद्यनाथ मिश्रा, झारखंड नवनिर्माण दल के संयोजक विजय सिंह, चुंदरी पंचायत के मुखिया आदित्य भगत, देवमणि पाठक के अलावे कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। मौके पर देवमणि पाठक, हरिया पहान, आदित्य भगत, आदित्य सिंह, सुमन साहू, केश्वर सिंह, राजेश मणि पाठक, शिशिर शर्मा, रामकेश्वर सिंह, मुकुंद मणि पाठक के अलावे दर्जनों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

Page 217 of 220

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse