Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन

समाज

View All
करमा : भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व...
Published / 2022-09-06 09:49:55
करमा : भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक पर्व...

टीम एबीएन, रांची। करम या करमा पर्व झारखंड के आदिवासियों और मूलवासियों की संस्कृति से जुड़ा लोकपर्व है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम को दर्शाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार भादो मास की एकादशी में मनाया जाने वाला पर्व करम आदिवासियों की परंपरा में बहुत ही खास महत्व रखता है। इस दिन आदिवासी पुरुष और महिलाएं मिलकर करम देवता की पूजा करते हैं। मौके पर सभी पारंपरिक परिधान लाल बार्डर के साथ सफेद रंग की साड़ी और धोती में जगह-जगह लोक नृत्य करते नजर आते हैं। आदिवासियों के साथ-साथ सनातन धर्म प्रेमी भी इस पर्व में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। झारखंड में पेड़-पौधों की पूजा की प्रथा सदियों चली आ रही है। प्रकृति के प्रति मानव समाज की यह परंपरा बहुत पुरानी है। आदि मानवों ने जब प्रकृति के उपकार को समझा तब से ही यह प्रकृति पर्व आदिवासियों के संस्कृति का हिस्सा बन गया। आज भी इसकी प्रासंगिकता है। इसमें प्रकृति का संदेश निहित है। जैसे करम में करम डाली, सरहुल में सखुआ फूल, जितिया में कतारी आदि की पूजा करते आ रहे हैं। आदिवासी करम पर्व की पूर्व संध्या से ही इसकी तैयारी में लग जाते हैं। इस पर्व का आदिवासी बड़े ही बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि करम पर्व के बाद से ही आदिवासी समाज में शादी और शुभ कार्य की शुरुआत की जाती है। पूजा के दौरान कर्मा और धर्मा नाम के दो भाइयों की कहानी भी सुनाई जाती है, जिसका सार करम के महत्व को समझाता है। इस कहानी को सुने बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। माना जाता है कि इस पर्व को मनाने से गांव में खुशहाली आती है। करम के दिन घर घर में कई प्रकार के व्यंजन भी बनाए जाते हैं। करम भाई-बहन के प्यार को दर्शाता है। महिलाएं खासकर अपने भाइयों की लंबी उम्र और अच्छे भविष्य के लिए व्रत रखती है।

टीचर्स डे : जानें शिक्षक दिवस से जुड़ी हर जानकारी...
Published / 2022-09-05 04:19:39
टीचर्स डे : जानें शिक्षक दिवस से जुड़ी हर जानकारी...

एबीएन सोशल डेस्क। माता-पिता जहां प्यार और गुण देने के लिए जिम्मेदार हैं वहीं शिक्षक पूरा भविष्य उज्ज्वल और सफल बनाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वे जीवन में शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हैं और हमारी प्रेरणा स्रोत बन कर हमें आगे बढ़ने तथा सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे हमें संसार भर के महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देकर शिक्षा की ओर प्रोत्साहित करते हैं। वे हमें बहुत मजबूत और जीवन में आने वाली हरेक बाधा का सामना करने के लिए तैयार करते हैं तथा अपार ज्ञान और बुद्धि से हमारे जीवन को पोषित करते हैं। यदि हमें जीवन में सफल होना है तो हमेशा अपने शिक्षकों के आदेशों का पालन करना चाहिए और देश का योग्य नागरिक बनने के लिए उनकी सलाह का अनुकरण करना चाहिए। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन परिचय : डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद् तथा महान दार्शनिक थे। राजनीति में आने से पहले वह एक सम्मानित अकादमिक थे। वह कई कॉलेजों में प्रोफैसर रहे। वह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में 1936 से 1952 तक प्राध्यापक रहे। कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफैसर के रूप में 1937 से 1941 तक कार्य किया। 1946 में यूनैस्को में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वह शिक्षा में बहुत विश्वास रखते थे और उन्हें अध्यापन से गहरा प्रेम था। एक आदर्श शिक्षक के सभी गुण उनमें विद्यमान थे। डॉ राधाकृष्णन जी का करियर 1908 में तब शुरू हुआ, जब उन्हें मद्रास प्रैजीडैंसी कालेज में दर्शनशास्त्र का सहायक अध्यापक चुना गया। इसके बाद वह सन 1921 तक मैसूर विश्वविद्यालय में रहे और 1921 में कोलकाता विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र की पीठ के गौरवमय पद पर नियुक्त हुए। 1931 में आंध्र विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी चुने गये। शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने पर उन्हें डी-लिट की उपाधि से भी विभूषित किया गया। 1939 में महामना मदन मोहन मालवीय जी के आग्रह पर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के उपकुलपति बने और इस पद पर 1948 तक रहते हुए विश्वविद्यालय के विकास हेतु अनेक कार्य किये। देश की आजादी के बाद 1949 में डॉ राधाकृष्णन को रूस में भारत का राजदूत बनाकर भेजा गया, जहां उन्होंने विद्वता से वहां के लोगों में भी अमिट जगह बना ली। 1952 में सवसम्मति से भारत के उपराष्ट्रपति पद पर आसीन हुए। अपने उपराष्ट्रपति काल में रूस, चीन, जापान आदि देशों की यात्रा करके उनसे मधुर संबंध स्थापित किए। मई 1962 में जब भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अवकाश ग्रहण किया तो डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति पद पर नियुक्त किये गये। एक महान दार्शनिक, शिक्षक, लेखक का बाद में राष्ट्रपति पद पर सुशोभित होना न केवल भारत अपितु विश्व के लिए गौरव की बात थी। डा. राधाकृष्णन जीवन पर्यंत शिक्षा सुधार तथा समाज सुधार के कार्यों में लगे रहे। उन्होंने स्वयं को अन्य लोगों की तरह समझकर सादा जीवन व्यतीत किया। आज के शिक्षक वर्ग को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने स्तर में सुधार लाना चाहिए ताकि एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो सके। उनके जन्मदिन को शिक्षक दिन बनाए जाने की कहानी यह है कि देश का राष्ट्रपति बनने के बाद उनके कुछ दोस्तों और शिष्यों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी थी। इस पर उन्होंने कहा, मेरे जन्मदिन का जश्न मनाने की बजाय 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा।

पवित्र ज्वालामुखी पर चढ़ने का दुस्साहस करने वाले पर्वतारोहियों ने एक-एक कर तोड़ा दम
Published / 2022-09-04 16:12:00
पवित्र ज्वालामुखी पर चढ़ने का दुस्साहस करने वाले पर्वतारोहियों ने एक-एक कर तोड़ा दम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूरेशिया के सबसे ऊंचे सक्रिय ज्वालामुखी क्लाइयुचेवस्काया सोपका पर चढ़ने के दौरान हुई एक दुर्घटना में शनिवार को कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खराब मौसम के कारण बचावकर्मी क्लाइयुचेवस्काया सोपका ज्वालामुखी के छह अन्य पर्वतारोहियों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दो पर्वतारोही समुद्र तल से 3,300 मीटर (10,827 फीट) ऊपर एक शिविर में और चार अन्य 4,000 मीटर पर एक तम्बू में शरण लिए हुए हैं। बीबीसी की खबर के मुताबिक स्थानीय मीडिया का कहना है कि 12 लोगों के पर्वतारोहियों के एक समूह (जिसमें दो गाइड शामिल थे) ने मंगलवार को 4,754 मीटर शिखर पर चढ़ना शुरू किया। चढ़ाई करने के चार दिन बाद शनिवार को चार पर्वतारोही लगभग 4,000 मीटर ऊंचाई चढ़ने के बाद अचानक फिसलने लगे और गिर कर मारे गए। इसके कुछ समय बाद दो और पर्वतारोहियों के गिरने से मौत हो गई। बताया जाता है कि गाइडों में से एक का पैर टूट गया था और शेष पर्वतारोहियों की स्थिति का तुरंत पता नहीं चल पाया है। मीडिया रिपोर्ट में कामचटका क्षेत्र के अभियोजक के कार्यालय का हवाला देते हुए कहा गया कि पर्वतारोही क्लाइयुचेवस्काया सोपका ज्वालामुखी के शीर्ष पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी यह हादसा 4,750 मीटर की ऊंचाई वाले पर्वत शिखर से लगभग 500 मीटर नीचे हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी पर्वतारोही रूसी थे। इस हादसे के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। गौरतलब है कि रूस के सुदूर उत्तर पूर्व में कामचटका प्रायद्वीप सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखियों, गर्म झरनों और वन्य जीवों के लिए प्रसिद्ध है। इयुचेवस्काया सोपका ज्वालामुखी को कुछ स्वदेशी समुदायों द्वारा बेहद पवित्र माना जाता है और इस पर चढ़ने को वे अपशकुन मानते हैं।

श्री सर्वेश्वरी समूह ने मनाया परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 86वीं जयंती
Published / 2022-09-03 16:54:04
श्री सर्वेश्वरी समूह ने मनाया परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 86वीं जयंती

टीम एबीएन, रांची। शनिवार को श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) में परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की 86वीं जयंती पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्री सर्वेश्वरी समूह- शाखा रांची में परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी की जयंती को प्रत्येक वर्ष युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत प्रात: 5.30 बजे प्रभात फेरी (नगर भ्रमण) से की गयी। उसके उपरांत 8.30 बजे से परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के तस्वीर की विधिवत पूजन एवं आरती किया गया। पूजन के बाद सद्ग्रन्थ सफल योनि का सामूहिक पाठ किया गया। उसके बाद प्रात: 10.30 बजे से युवा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मंगलाचरण यशवन्त नाथ शाहदेव ने किया तथा शाखा के संयुक्त मंत्री अभय सहाय ने विषय प्रवेश कराया एवं परमपूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के जीवनी एवं उनकी महिमा पर प्रकाश डाला। गोष्ठी में नयन मंजरी, सौरभ भारतीय, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, शाम्भवी शाहदेव, सीमा कुमारी, बॉबी कुमारी, गौरीशंकर षाड़ंगी, मानवेन्द्र शाहदेव, ओमकार शाहदेव, संजय कुमार, उमाशंकर नन्द, ऋषभ सिंह, शैलजा शाहदेव, उपेन्द्र नाथ शाहदेव के साथ कुल 16 लोगों ने अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन नवीन कुमार ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन हेमन्त नाथ शाहदेव ने किया। गोष्ठी के उपरान्त सामूहिक प्रसाद वितरण किया गया एवं कार्यक्रम के अंत में स्थानीय अनाथालय आंचल शिशु आश्रम में बच्चों के बीच फल वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय दीपक रौशन भी शामिल हुए।

भारत में फेसबुक-इंस्टाग्राम पर 2.7 करोड़ पोस्ट के खिलाफ Meta का बस एक्शन
Published / 2022-09-01 10:07:17
भारत में फेसबुक-इंस्टाग्राम पर 2.7 करोड़ पोस्ट के खिलाफ Meta का बस एक्शन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने जुलाई में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 2.7 करोड़ पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की। कंपनी ने बुधवार को अपनी मासिक पारदर्शिता रिपोर्ट में यह जानकारी दी। कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 का पालन करने के लिए फेसबुक पर 2.5 करोड़ पोस्ट और इंस्टाग्राम पर 20 लाख पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की। कंपनी ने बताया कि फेसबुक पर 1.73 करोड़ स्पैम कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद वयस्क नग्नता और यौन गतिविधि से संबंधित 27 लाख पोस्ट और हिंसक और ग्राफिक सामग्री से संबंधित 23 लाख पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की।

देश में हर रोज दर्ज हो रहे दुष्कर्म के 86 मामले, महिलाओं के खिलाफ हर घंटे 49 अपराध
Published / 2022-08-31 14:11:29
देश में हर रोज दर्ज हो रहे दुष्कर्म के 86 मामले, महिलाओं के खिलाफ हर घंटे 49 अपराध

एबीएन सोशल डेस्क। देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध किस कदर बढ़ रहे हैं, इसकी झलक राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वर्ष 2021 की रिपोर्ट से मिलती है। ब्यूरो के अनुसार बीते वर्ष रोजाना दुष्कर्म के 86 मामले दर्ज हुए। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध के हर घंटे 49 मामले दायर हुए। देश में अपराधों पर नवीनतम ताजा सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 2021 में दुष्कर्म के कुल 31,677 केस दर्ज हुए। इस तरह हर घंटे औसत 86 केस कायम किए गए। जबकि हर घंटे महिलाओं के खिलाफ अपराध के औसत 49 केस दर्ज हुए। 2020 के मुकाबले 2021 में बढ़ी दुष्कर्म की घटनाएं : गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनसीआरबी के अनुसार 2020 में दुष्कर्म के कुल 28,046 केस दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में 32,033। ब्यूरो ने क्राइम इन इंडिया 2021 ने यह रिपोर्ट तैयार की है। दुष्कर्म में राजस्थान आगे, मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर : रिपोर्ट के वर्ष 2021 में राजस्थान में दुष्कर्म के सर्वाधिक 6,337 मामले दर्ज हुई। वहीं, मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। मप्र में इस दौरान दुष्कर्म के 2,947 केस दर्ज हुए। महाराष्ट्र में 2,496 तो उत्तर प्रदेश में 2,845 केस दर्ज किए गए। दिल्ली में वर्ष 2021 में दुष्कर्म के 1,250 मामले दर्ज किए गए। लगातार बढ़े महिलाओं के खिलाफ अपराध : वर्ष 2021 में देश भर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,28,278 मामले दर्ज किए गए। इनमें अपराध की दर (प्रति एक लाख आबादी पर) 64.5 फीसदी रही। आंकड़ों से पता चलता है कि ऐसे अपराधों में आरोपियों पर आरोप पत्र दायर करने की दर दर 77.1 फीसदी थी। बात करें वर्ष 2020 की, तो तब महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों की संख्या 3,71,503 और 2019 में 4,05,326 दर्ज की गई थी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दुष्कर्म, दुष्कर्म व हत्या, दहेज हत्या, एसिड हमले, आत्महत्या के लिए उकसाना, अपहरण, जबरन शादी, मानव तस्करी, आॅनलाइन उत्पीड़न जैसे अपराध शामिल हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले यूपी में : 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश (56,083) में दर्ज किए गए, उसके बाद राजस्थान (40,738), महाराष्ट्र (39,526), पश्चिम बंगाल (35,884) और ओडिशा में 31,352 दर्ज किए गए। हालांकि, महिलाओं के खिलाफ अपराध दर के आधार पर तुलना करें तो असम 168 फीसदी के साथ शीर्ष पर है। वहीं, दिल्ली 147 फीसदी के साथ दूसरे व ओडिशा 137 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर रहा। हर साल आने वाली एनसीआरबी की रिपोर्ट से देश में अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलती है। इसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां संबंधित क्षेत्रों में अपराध पर लगाम लगाने के उपाय करती हैं।

गणेश चतुर्थी के रंग में रंगा भारत, चारों ओर गूंज रहा "गणपति बप्पा मोरिया" की गूंज
Published / 2022-08-31 10:15:52
गणेश चतुर्थी के रंग में रंगा भारत, चारों ओर गूंज रहा "गणपति बप्पा मोरिया" की गूंज

एबीएन सोशल डेस्क। पूरे देश में गणेश चतुर्थी की धूम हैं, क्या आम और क्या खास, सभी बप्पा के प्रेम में रंगे हुए हैं। कुछ जगहों पर विघ्नहर्ता की स्थापना हो गई है तो कुछ जगहों पर स्थापना की तैयारी हो रही है। पीएम मोदी ने भी गणेश पर्व पर सबको बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि गणेश चतुर्थी की ढेरों शुभकामनाएं। गणपति बप्पा मोरया! तो वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर मैं भारत और विदेश में रह रहे सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं।आइए, हम सब इस अवसर पर प्रार्थना करें कि भगवान गणेश की कृपा से समूचे विश्व में सद्भाव और सौहार्द का संचार रहे। आपको बता दें सुबह से मंदिरों, पंडालों में धूम देखी जा रही है। लोग सज-धजकर बप्पा का स्वागत कर रहे हैं। कहीं मंगल गीत गाए जा रहे हैं तो कहीं पर मोदक बनाने और खाने की होड़ मची हुई है।

गो वंशों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठायेगी विहिप
Published / 2022-08-28 14:40:31
गो वंशों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठायेगी विहिप

टीम एबीएन, जमशेदपुर/रांची। आज दिनांक 28 अगस्त, 2022 को मानगो डिमना चौक स्थित आशीर्वाद पैलेस में "भारतीय गौवंश रक्षण, संवर्धन परिषद", विश्व हिंदू परिषद (गौ रक्ष विभाग) की प्रांत टोली सह जिला गोरक्षा प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। इस बैठक में क्षेत्रीय गोरक्षा प्रमुख त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह, प्रांत अध्यक्ष सुजीत कुमार साहू, प्रांत सह गौरक्षा प्रमुख कमलेश सिंह, विधि प्रकोष्ठ के प्रांत प्रमुख दीपक शर्मा, सिंहभूम विभाग गोरक्षा प्रमुख अवतार सिंह परमार, सह गोरक्षा प्रमुख सर्वश्री सुधीर प्रसाद, भीम यादव तथा मंटू दुबे, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गब्बू लाल जायसवाल, धनबाद ग्रामीण जिला के अध्यक्ष बैजनाथ गोस्वामी, सह प्रमुख अभिजीत गोराई, धनबाद महानगर के कार्य अध्यक्ष सुभाष चौहान, देवघर जिला के संजय देव, धनबाद महानगर गोरक्षा प्रमुख संजीव गिरी तथा सह प्रमुख रामजीत सिंह, जमशेदपुर महानगर के उपाध्यक्ष सर्वश्री कृष्णा सोरेन, आनंद प्रसाद तथा सीमा पांडे, घाटशिला ग्रामीण जिला के गो विज्ञान परीक्षा प्रमुख शरत सिंह सरदार, उपाध्यक्ष सौरव मिश्रा, जमशेदपुर महानगर के सह गोरक्षा प्रमुख कमल वर्मा तथा गिरीश राव, विधि प्रकोष्ठ के संरक्षक अनिल वर्मा तथा विभाग प्रमुख सुशील शर्मा, महानगर सह प्रमुख अनंत गोप सहित बड़ी संख्या में गोरक्षा के कार्यकर्ता उपस्थित थे। मौके पर झारखंड प्रांत के उड़ीसा, बंगाल तथा छत्तीसगढ़ से लगती हुई सीमावर्ती जिलों मे बड़े पैमाने पर हो रही पशु तस्करी पर गंभीर चिंता प्रकट करते हुए ग्रामीण अंचलों मैं संगठन के विस्तार पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान संगठन के विस्तार करते हुए राष्ट्रीय गौरक्षा आंदोलन समिति के सिंहभूम विभाग के सह प्रमुख के रूप में दीपक शर्मा, सरायकेला- खरसावां जिला के प्रमुख निशांत कुमार तथा पश्चिम सिंहभूम के प्रमुख के रूप में हर्कुलस ठाकुर को जिम्मेदारी सौंपी गई। उक्त जानकारी झारखण्ड प्रान्त के प्रान्त प्रचार प्रसार प्रमुख संजय कुमार (9835138678) ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

2024 तक झारखंड के 32000 गांवों तक समिति गठन करना हमारा लक्ष्य : आनंद कुमार
Published / 2022-08-27 15:30:58
2024 तक झारखंड के 32000 गांवों तक समिति गठन करना हमारा लक्ष्य : आनंद कुमार

टीम एबीएन रांची। विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत टोली की बैठक आज दिनांक 27 अगस्त, 2021 को पूर्वाहन 10:30 बजे से 4:00 बजे तक हरमू रोड स्थित विहिप प्रांत कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से क्षेत्र संगठनमंत्री (झारखंड-बिहार ) माननीय आनंद कुमार जी उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद कुमार ने कहा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकतार्ओं का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित एवं समरस करना है। उन्होंने कहा प्रांत के सभी मंदिरों में साप्ताहिक सत्संग होना आवश्यक है। सत्संग से जहां एक ओर धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है वही समाज भी संगठित दिखाई पड़ता है। उन्होंने कहा 2024 तक झारखंड के सभी 32000 गांवों तक की समिति गठन करना हमारा लक्ष्य है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने बताया विगत 11 अगस्त को रक्षाबंधन उत्सव, 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस एवं 18 से 25 अगस्त तक विश्व हिंदू परिषद की स्थापना दिवस के अनेकों कार्यक्रम संपन्न हुए। उन्होंने बताया आगामी 11 सितंबर 2022 तक संगठन विस्तार कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें प्रांत के सभी पंचायत समिति का गठन किया जाएगा, 10 एवं 11 सितंबर को प्रांत के सभी जिला सत्संग प्रमुखों का अभ्यास वर्ग रांची में आयोजित की जाएगी, 13 सितंबर से 17 सितंबर तक देवघर में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बैठक की जाएगी, 17 एवं 18 सितंबर को बजरंग दल अभ्यास वर्ग देवघर में किया जाएगा। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर तक दुर्गाष्टमी का कार्यक्रम आयोजित होंगे। बैठक में विश्व हिंदू परिषद क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत सहमंत्री राम नरेश सिंह, प्रांत सहमंत्री रंगनाथ महतो, सामाजिक समरसता प्रांत प्रमुख मिथिलेश्वर मिश्र, गोरक्षा प्रांत प्रमुख गिरजा शंकर पांडेय, सत्संग प्रांत प्रमुख गणेश शंकर विद्यार्थी, रांची विभाग मंत्री किशुन झा, सिंहभूम विभाग मंत्री संजय चौरसिया, धनबाद विभाग मंत्री विनय कुमार, रांची विभाग सहमंत्री विकास सिंह, पलामू विभाग संगठन मंत्री विजय यादव, गुमला विभाग संगठन मंत्री राम प्रताप सिंह, धर्म प्रसार परियोजना प्रांत सहप्रमुख रेनू अग्रवाल, साहिबगंज विभाग संयोजिका शशि शर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद झारखंड के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.