टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद, झारखंड प्रांत असदुद्दीन ओवैसी के स्वागत एवं सभा के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया गया, जो एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। विश्व हिंदू परिषद इसकी कड़ी निंदा करता है। हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र में देश एवं राष्ट्र सर्वोपरि होता है। देश को नकारते हुए इस्लामिक एजेंडा लेकर आए नेताओं के द्वारा राष्ट्रद्रोही गतिविधि चलाने का एक षड्यंत्र चलाया जा रहा है। झारखंड के मांडर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी सभा में मुस्लिम समुदाय के बीच ओवैसी के द्वारा हिंदू विरोधी विषय को रखना और पाकिस्तान जिन्दाबाद का नारा लगाना एक चिंताजनक का विषय है। रांची का हिंदू समाज इस देश विरोधी नारे का उत्तर अवश्य देंगे। उक्त जानकारी प्रान्त मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। हिंदू जागरण मंच झारखंड, गत 10 जून को हुई हिंसा की घटना की निंदा करती है और प्राचीन काली मंदिर और हनुमान मंदिर के आसपास के हिंदू परिवारों की सुरक्षा हेतु चिंतित है। हिन्दू जागरण मंच आपसे सविनय निवेदन करती है कि प्राचीन काली मंदिर और हनुमान मंदिर की सुरक्षा हेतु समुचित प्रबंध करते हुए चर्च रोड, गुदरी, हिंदपीढ़ी और लेक रोड के हिन्दू परिवारों की विशेष चिंता की जाए। वो लोग उस घटना से अत्यंत हतोत्साहित है। विशेष कर इस क्षेत्र के हिन्दू कार्यकर्ताओं और हिन्दू जनसाधारण को जिस प्रकार से धमकी दी गयी वो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। विगत शुक्रवार को जिस प्रकार से मन्दिरों को टारगेट किया गया और धमकी दी गयी इससे और चिंता बढ़ गयी है। महाशय विदित हो कि डेली मार्केट थाना के आसपास के क्षेत्र में पुलिस विभाग की जमीन है, जिनमें पहले पुलिस कर्मियों के आवास थे, जो वर्तमान में बंद पड़े हैं । पुलिस विभाग द्वारा उनमें स्थायी पुलिस छावनी का निर्माण किया जा सकता है। जिससे क्षेत्र में विधि व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हो सके। प्रदेश अध्यक्ष ऋषि शाहदेव ने बताया कि राज्यपाल ने मंदिरों एवं हिन्दू परिवार के सुरक्षा का आश्वासन दिया।अत: श्रीमान से नम्र निवेदन है कि प्राचीन काली मन्दिर, हनुमान मंदिर की सुरक्षा हेतु पुलिस पिकेट की व्यवस्था की जाए और क्षेत्र के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने की कृपा की जाए। प्रदेश अध्यक्ष लाल ऋषि नाथ शहदेव, प्रदेश महामंत्री वाणी कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष सुजीत सिंह, प्रदेश प्रवक्ता प्रमुख संजय कुमार वर्मा, महानगर अध्यक्ष चंदन मिश्रा ने महामहिम राज्यपाल से भेंट किया। उक्त जानकारी हिंदू जागरण मंच झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष लाल ऋषि नाथ शाहदेव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर सत्यानंद योग मिशन के आचार्य राजधानी के विभिन्न संस्थानों में योग शिविर चला रहे हैं। आज केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआईपी कांके), पोस्टमास्टर जेनरल आॅफिस डोरंडा, सत्यानंद योग मिशन केंद्र, बसंत बिहार, आईएएस आॅफिसर्स क्लब और बिरसा मुंडा फुटबाल स्टेडियम में योगाभ्यास हुआ। सीआईपी कांके में आज बड़ी संख्या में चिकित्सक, नर्स, वहां के स्टाफ और डिप्रेशन के लोगों ने योगाचार्य गौरव कुमार और योग प्रशिक्षक अवनीश के सान्निध्य में प्राणायाम तथा योगनिद्रा का अभ्यास किया। गौरव कुमार ने बताया आज विशेष रूप से मस्तिष्क को रिलैक्स करने एवं डिप्रेशन की समस्याओं पर योग कार्यक्रम था। तनाव से जूझ रहे व्यक्ति को अवसाद, अनिद्रा, हेडेक और फोबिया की संभावना ज्यादा होती है इससे बचाव का शक्तिशाली उपाय है स्वामी सत्यानंद सरस्वती का योगनिद्रा और समग्र योग।
टीम एबीएन, रांची। सत्यानन्द योग मिशन के अध्यक्ष स्वामी मुक्तरथ जी के दिशा-निर्देशन में आज से एक सप्ताह का योगाभ्यास साधना सत्र केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान (सीआईपी) कांके में शुरू किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक बासुदेव दास, वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय मुंडा सहित काफी संख्या में डॉक्टर्स, नर्स और संस्थान के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य लाभ लेने वाले आवासीय मरीज योगासन, प्राणायाम एवं शिथिलीकरण का अभ्यास किये। पुरुष वर्ग में योग कक्षा का संचालन योगाचार्य गौरव कुमार और अवनीश कुमार ने किया, जबकि महिला वर्ग में योग कक्षा का संचालन योग प्रशिक्षक पियुष कुमार और अंशु कुमार ने किया। शान्ति मन्त्र से योग कक्षा की शुरूआत हुई तत्पश्चात सभी लोगों को ताड़ासन, कटि चालन, त्रिकोणासन, वृक्षासन, पाद हस्तासन, अर्ध चक्रासन, जोड़ों के सूक्ष्म अभ्यास, मेरु वक्रासन, उत्तान कुर्मासन, कंधरासन (सेतुबंध), शशांकासन/ शशकासन, उष्ट्रासन, मकरासन, उत्तान पादासन, शलभासन, भुजंगासन, शवासन तथा प्राणायाम में नाड़ीशोधन, कपालभाति, सीतली/ सीत्कारी एवं भ्रामरी को कराया गया। सीआईपी के निदेशक डॉ वासुदेव दास ने कहा योग केवल शरीर के फिटनेस के लिए नहीं है, यह योग मानसिक सबलता को लाता है और मन को तनावमुक्त रखता है। यह भावनात्मक असंतुलन को ठीक करता है तथा जीवन को आनंदमय बना देता है। सभी लोगों को अपने दिनचर्या में योग को शामिल करना बहुत जरूरी है। योगाचार्य गौरव कुमार ने कहा वर्तमान समय बिकट स्थिति के दौर से गुजर रहा है, हर तरफ अशांति, तेजी से बढ़ता डिप्रेशन, सुसाईडल केश और कम उम्र में बढ़ता रोग इन सभी को योग और ध्यान करके ठीक किया जा सकता है। अव्यवस्थित समाज को स्थिर किया जा सकता है।
एबीएन सोशल डेस्क। आदिवासी समुदाय सागवान के पत्तों का छाते के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर इस तरह के प्राकृतिक छाते बुजुर्गों के पास देखने को मिल जाते हैं। आदिवासी समुदाय के पास ऐसी कई चीजों के ज्ञान का है। यह कला उन्होंने कहा, डिग्री लेकर नहीं बल्कि सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी अपने पुरखों से हासिल की है।
एबीएन नॉलेज डेस्क। वैज्ञानिक कहते है, बिच्छू धरती का ऐसा सबसे पुराना जीव है जो आज भी जिंदा है। इसके जीवश्म बताते हैं कि यह डायनासोर से भी ज्यादा पुराना जीव है। सिर्फ यही नहीं, बिच्छू से जुड़ी ऐसी कई दिलचस्प बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। जैसे- बिच्छू की कई प्रजाति ऐसी हैं जो बिना किसी भोजन के एक साल तक जिंदा हर सकती हैं। बिच्छू का जहर (काफी जहरीला माना जाता है, लेकिन फिर भी ये इंसानों की जान बचाता है, जानिए कैसे... बिच्छू का जहर कितना जहरीला है, पहले इसे समझ लेते हैं। मेयो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अपनी पूंछ में लगे डंक से जहर छोड़ता है। एक बार इसके डंक मारने पर शरीर में जहर तेजी से फैलता है। इसका जहर सीधे तौर पर नर्वस सिस्टम यानी मस्तिष्क पर असर छोड़ता है। इसलिए असर भी तेजी से दिखता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके जहर का असर सबसे ज्यादा दो तरह के लोगों में होता है। पहला बच्चों में और दूसरा बुजुर्गों में। डंक मारने के कुछ ही घंटों के अंदर हार्ट फेल और सांस न ले पाने के मामले सामने आते हैं। यही मौत की सबसे बड़ी वजह बनती है। अमेरिका में ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं। ये तो हुई जान लेने की बात, अब समझते हैं इसका जहर लोगों की जान कैसे बचाता है। इसके जहर में ऐसे केमिकल भी पाए जाते हैं जिनका इस्तेमाल दवा की तरह किया जाता है। जैसे-क्लोरोटॉक्सिन। इसका इस्तेमाल कैंसर के इलाज में किया जाता है। एशिया में बिच्छुओं की कुछ ऐसी प्रजातियां भी पाई जाती हैं जिसमें एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड्स होते हैं, ये बैक्टीरिया के संक्रमण को घटाने में असरदार साबित होते हैं। एशियाई बिच्छुओं के जहर में एंटी-इंफ्लेमेट्री खूबी होती हैं जो आर्थराइटिस के इलाज में काम आता है। इसके अलावा आॅटोइम्यून डिसआॅर्डर में भी असर दिखाता है। इस तरह बिच्छू का जहर सिर्फ जान लेता ही नहीं, जीवन भी देता है।
एबीएन सोशल डेस्क। उत्तराखंड स्थित गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ चार धामों के ग्रीष्मकालीन कपाट खुलने के बाद मंगलवार सायं 4 बजे तक कुल 20 लाख 37 हजार 951 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं। जबकि सिक्खों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब में कुल 88,999 भक्तों ने सोमवार रात्रि तक दर्शन लाभ किए हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने मन्दिर समिति, पुलिस- प्रशासन, आपदा प्रबंधन और गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के सहयोग से एकत्र यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार सायं 4 बजे तक दर्शनार्थियों, तीर्थयात्रियों की संख्या बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 8 मई से 703975 और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 6 मई से अभी तक 685856 हो चुकी है, जिसमें हेलीकॉप्टर से पधारे 69,159 तीर्थयात्री भी शामिल हैं। वहीं डॉ गौड़ ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि 03 मई से मंगलवार शाम तक 3,68,202 और इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि मंगलवार तक 2,79,918 श्रद्वालु दर्शन करने के लिए आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन चारों धामों में मंगलवार शाम 4 बजे तक पहुंचे संपूर्ण तीर्थयात्रियों की संख्या 20 लाख 37 हजार 951 हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, हेमकुंड साहिब लोकपाल तीर्थ पहुंचे तीर्थयात्रियों की संख्या कपाट खुलने की तिथि 22 मई से 14 जून शाम तक 88 हजार 999 हो चुकी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में बढ़ती इस्लामिक जिहादी कट्टरपंथियों की अतिवादी घटनाओं के विरुध्द विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंगदल अब सड़कों पर उतरेगा। मस्जिदों से निकलने वाले जिहादी कट्टरपंथी लगातार हिंदुओं के घरों को जला रहे है, उन पर जानलेवा हमला कर रहे हैं, इन हिंसक घटनाओं के विरुद्ध बजरंगदल आगामी गुरुवार 16.6.22 को देशभर के जिला मुख्यालयो में धरने देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी देगा। इसकी घोषणा करते हुए विहिप के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि गत शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद जिन मस्जिदों से उन्मादी भीड़ व दंगाई निकले थे उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए। जिन लोगों ने उस भीड़ को उकसाया, उनके विरुध्द भी कठोर कार्यवाही अविलंब कर, गिरफ्तारी हो। उन्होंने मांग की कि जिनको धमकियां दी जा रही हैं उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा जो लोग ये धमकियां दे रहे हैं, उनके विरुध्द भी आपराधिक मामले दर्ज कर अविलम्ब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, हिंसा में शामिल लोगों के साथ उन जिहादी मानसिकता के लोगों, मस्जिदों तथा जमीयत ए उलेमा ए हिन्द जैसे संगठनों के विरुध्द भी शिकंजा कसा जाए जो कि इन दंगाइयों के खाद-पानी व प्रेरणा के स्रोत हैं। उक्त जानकारी विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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