एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेस्तरां से लेकर घर में डिनर की टेबल तक टूथपिक मौजूद रहती है। लंच या डिनर के बाद दांतों में फंसे खाने के टुकड़े को निकालने के लिए इसका इस्तेमाल तो सभी करते हैं, लेकिन कभी सोचा है कि इसका अंतिम सिरा उभरा हुआ क्यों होता है। इसे ऐसी डिजाइन क्यों दी गई है। जानिए इसकी वजह इस तरह की टूथपिक को जापानी टूथपिक भी कहा जाता है। यह सबसे कॉमन टूथपिक है। हालांकि प्लेन टूथपिक भी चलन में हैं, लेकिन जापानी टूथपिक को ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसका अपना एक खास फायदा होता है और ओरल प्रॉब्लम से बचाता है। अब समझते हैं इस डिजाइन का मतलब क्या है? इसकी डिजाइन का मतलब इसे इस्तेमाल करने के तौर तरीके से जुड़ा है। जैसे- इसे इस्तेमाल करने के बाद डिजाइन वाला हिस्सा तोड़ दिया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि उस टूथपिक का इस्तेमाल किया जा चुका है और दोबारा यूज नहीं करना है। ऐसा करने की वजह क्या है, अब यह भी जान लीजिए। इस डिजाइन को देने की शुरुआत के पीछे बीमारियों को रोकना बताया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तेमाल करने के बाद टूथपिक का पिछला तोड़ने पर इसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इससे कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। मान लीजिये, कोई शख्स पायरिया या दूसरी बीमारी से जूझ रह है और आप उसके इस्तेमाल किए हुए टूथपिक को यूज करेंगे तो बीमारी बढ़ने का खतरा बढ़ेगा। इस तरह टूथपिक को इस्तेमाल भी किया जा सकता है और बीमारियों से भी बचा जा सकता है। इसलिए अगली बार जब भी टूथपिक का इस्तेमाल करें तो देखें क्या उसका यह हिस्सा अलग है या नहीं ताकि दूसरे की टूथपिक का इस्तेमाल करने से खुद को रोक सकें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक दो आतंकवादियों ने सरेंडर कर दिया है। पुलिस ने बताया कि कुलगाम के हादीगाम गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान शुरू हुई मुठभेड़ में शामिल दो आतंकवादी अपने घरवालों की अपील और पुलिस के कहे जाने पर आत्मसमर्पण किया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान दो स्थानीय आतंकवादियों ने अपने माता-पिता और पुलिस की अपील पर आत्मसमर्पण कर दिया है। उनके पास से आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादियों की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है और न ही यह पता लगाया जा सका है कि वे किस समूह से संबंधित हैं। पुलिस ने कहा है कि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है। मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सुरक्षा बलों की एक टीम ने आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर आधी रात के करीब कुलगाम के हादीगाम गांव में घेराबंदी और तलाशी अभियान की शुरुआत की। एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों की टीम पर गोलीबारी कर दी, जिस पर जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई।
एबीएन सोशल डेस्क। पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा के लिए 8,700 से अधिक तीर्थयात्रियों का पांचवां जत्था रविवार को आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ तीर्थस्थल के लिए रवाना हो गया। इसी बीच अमरनाथ यात्रा के मार्ग से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ( ITBP) के जवानों की तस्वीरें सामने आई हैं जो जरूरतमंद तीर्थयात्रियों की मदद में जुटे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर अगर किसी तीर्थयात्री की हालत खराब हो रही है तो उन्हें ऑक्सीजन भी दे रहे है। सामने आईं तस्वीरों में ITBP के जवान बुजुर्गों को पानी पिला रहे है और जिन लोगों को चढ़ने में दिक्कत आ रही है, उन्हें कंधे का सहारा देकर उनके स्थान तक ले जा रहे हैं। यही नहीं जवान घायलों को अस्पताल भी ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं, उनका वे प्राथमिक उपचार भी कर रहे हैं। एक खबर के मुताबिक 2 जुलाई तक इन ITBP के जवानों ने अबतक 50 से अधिक लोगों को ऑक्सीजन की सेवा दी। अमरनाथ यात्रा के लिए 8,700 से अधिक तीर्थयात्रियों का पांचवां जत्था रविवार को यहां आधार शिविर से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ तीर्थस्थल के लिए रवाना हो गया। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्री 326 वाहनों के काफिले में यहां भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुए। उन्होंने कहा कि बालटाल जाने वाले 2,618 तीर्थयात्री सबसे पहले भगवती नगर शिविर से 121 वाहनों में तड़के साढ़े तीन बजे रवाना हुए, इसके बाद 205 वाहनों से 6,155 तीर्थयात्रियों का दूसरा काफिला पहलगाम के लिए रवाना हुआ। वार्षिक 43-दिवसीय अमरनाथ यात्रा 30 जून को दोनों आधार शिविरों-दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में 48 किलोमीटर के नुनवान-पहलगाम मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदरबल में 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से शुरू हुई। अधिकारियों ने बताया कि सुबह 9 बजे तक 39,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित बर्फ के शिवलिंग की पूजा अर्चना की। अधिकारियों ने कहा कि पहलगाम के लिए रवाना हुए 6,155 तीर्थयात्रियों में 1,924 महिलाएं, 12 बच्चे और दो ट्रांसजेंडर हैं, जबकि बालटाल जाने वाले समूह में 709 महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ, 29 जून से घाटी के लिए भगवती नगर आधार शिविर से कुल 31,987 तीर्थयात्री रवाना हुए हैं। इसी दिन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाई थी। यात्रा 11 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर समाप्त होगी।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। श्रावणी मेले की शुरूआत 14 जुलाई से होने जा रही है। श्रावणी मेले को ध्यान में रखते हुए मध्य रेलवे पटना, गया और रक्सौल से भागलपुर और जसीडीह के लिए तीन स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। श्रावणी मेले में आने वाले श्रृद्धालुओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं, इस मेले में कांवरिया भागलपुर के सुल्तानगंज से गंगा जल झारखंड स्थित देवघर बाबा धाम जाएंगे। 5 दिन श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलेगी : पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग ने श्रावणी मेला को लेकर स्पेशल ट्रेनें चलाने को कहा, जिसको लेकर मंजूरी दी जा चुकी है। यह ट्रेनें पटना, गया और रक्सौल से होकर चलेंगी। रक्सौल से भागलपुर और गया से जसीडीह के लिए हफ्ते में 5 दिन श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलेगी। इसके अलावा पटना से जसीडीह के बीच प्रतिदिन श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। जिसका संचालन मेले की शुरूआत से दो दिन पहले 12 जुलाई से होने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल, ट्रेन संख्या और समय का निर्धारण नहीं किया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़े तो चलेगी और ट्रेनें : इस संबंध में सीपीआरओ ने कहा कि फिलहाल रेलवे द्वारा श्रावणी मेले को लेकर तीन स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने का फैसला लिया है। यदि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी तो कुछ और ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। जैसा कि श्रावणी मेले की शुरूआत 14 जुलाई से होने जा रही है। यह 12 अगस्त तक चलने वाला है। यह भारत के सबसे बड़े मेलों में से एक है। श्रावणी मेले में प्रतिदिन देश विदेश से लाखों श्रद्धालु आने के आसार हैं; क्योंकि यह मेला कोरोना के कारण दो साल बाद शुरू होने जा रहा है। सुल्तानगंज से लेकर देवघर तक कांवरियों के लिए सभी सुविधाओं का ख्याल रखा जाएगा। इस मेले में सुरक्षा से लेकर सभी चीजों का ध्यान रखा जा रहा है। मेले की शुरूआत से पहले हर प्रकार की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
टीम एबीएन, रांची। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जिलों में 1-15 जुलाई तक ‘उद्यमिता विकास पखवाड़ा’ का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय एनएन सिन्हा ने आज आॅनलाइन माध्यम से किया। सखी मण्डल से जुड़ी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के उद्देश्य से झारखंड में 1-15 जुलाई तक जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन झारखंड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। आजीविका मिशन अंतर्गत नॉन-फार्म लाईवलीहुड के विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को गति देते हुए ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। श्री सिन्हा ने आजीविका मिशन के अधिकारियों को ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित सभी उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित करने के साथ ही उन्हें उद्यम से जोड़ने की आवश्यकता है। एग्रीकल्चर और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग, मेडिकल आदि सेक्टरों में भी संभावनाएं तलाश कर महिलाओं को प्रशिक्षित करने की जरूरत है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के रहने वाले अनिल केजरीवाल दुबई में आजादी का अमृत महोत्सव मनाएंगे। भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरा होने के अवसर पर देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत अनिल केजरीवाल की संस्था आर्ट्सक्राफ्ट की ओर से अनोखे अंदाज में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाएगा। यूएई में भारतीय दूतावास के सहयोग से आर्ट्सक्राफ्ट की ओर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 13 अगस्त से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलेगा। इसमें झारखंड के अलावा देश-विदेश के कलाकार हिस्सा ले सकते हैं। कार्यक्रम के तहत तीन तरह की प्रतियोगिताएं होंगी। पहली प्रतियोगिता इंटर स्कूल पेंटिंग, दूसरी प्रतियोगिता चार थीमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और तीसरी प्रतियोगिता भारत और आबुधाबी के ख्याति प्राप्त कलाकारों द्वारा कलाकृतियों प्रदर्शन होगा। प्रतियोगिता की चुनिंदा कलाकृतियों को आबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास में 13 से 15 अगस्त तक प्रदर्शित किया जायेगा। केजरीवाल ने बताया कि कार्यक्रम के तहत पहली प्रतियोगिता इंटर स्कूल पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। आबुधाबी के ड्युनेस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस प्रतियोगिता में 10 स्कूलों के 50 से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इनमें से 25 चुनिंदा कलाकृतियों को निर्णायक मंडल द्वारा चुनकर आबुधाबी स्थित भारतीय दूतावास में 13 से 15 अगस्त तक प्रदर्शित किया जाएगा। दूसरी प्रतियोगिता चार थीमों पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। ये चार थीम हैं : आजादी का अमृत महोत्सव, एक भारत-श्रेष्ठ भारत, 75 इयर्स आॅफ ग्लोरियस जर्नी और कल्चरल हेरिटेज आॅफ इंडिया। दुनियाभर के किसी भी देश के कलकार इनमें से किसी एक थीम पर आधारित कलाकृति बनायेंगे। इसके अलावा इन्हीं चार थीमों पर भारत और आबुधाबी के ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी कलाकृति बनायेंगे। ये कलाकृतियां भारतीय दूतावास में प्रदर्शित की जाएंगी। ये प्रदर्शनी तीन दिन तक चलेगी। कलाकृतियों को जमा करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई निर्धारित की गयी है। 20 से 25 जुलाई तक आॅनलाइन वोटिंग होगी। आॅनलाइन वोटिंग और निर्णायक मंडल के वोटों के आधार पर विजेताओं का चयन किया जाएगा और इसकी घोषणा 30 जुलाई को की जायेगी। बेहतरीन कलाकृति को ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और नगद ईनाम दिया जायेगा। वरिष्ठ कलाकार कनु पटेल की अगुवाई में देश-विदेश के प्रतिष्ठित कलाकारों का निर्णायक मंडल विजेताओं का चयन करेगा। प्रतियोगिता के संयोजक अनिल केजरीवाल ने बताया कि यह प्रतियोगिता एजे स्टील के मोहम्मद इस्माइल द्वारा प्रायोजित की जा रही है। इंस्टीट्यूट आॅफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आॅफ इंडिया की दुबई और अबू धाबी शाखा और इंडियन बिजनेस प्रमोशन ग्रुप अबू धाबी भी अनिल केजरीवाल को सहयोगी पार्टनर के तौर पर सहयोग कर रहे हैं। इन तीन दिनों के दौरान भारतीय दूतावास में लाईव पेंटिंग और टॉक शो का भी आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए कलाकारों को अपनी प्रवृष्टि पूरी जानकारी के साथ contest.artscrafts@gmail.com पर भेजनी होगी। इस प्रतियोगिता से जुड़ी विस्तृत जानकारी संस्था की वेबसाइट https://artscrafts.co/ पर और इसके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा है। इस दिन दुनिया भर में लाखों लोग भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन राजसी रथों को आगे बढ़ते हुए देखते हैं। दुनिया भर में लाखों भक्त दिव्य आनंद से भर जाते हैं। हर साल दुनिया भर से लाखों लोग श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के लिए पवित्र मंदिर शहर पुरी आते हैं। इन लाखों भक्तों को सुरक्षा और सुरक्षा के उपायों के साथ-साथ सभी सुविधाएं प्रदान करना आसान नहीं है। इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि भक्त बिना किसी असुविधा या असुविधा के पूजा का आनंद ले सकें, ओडिशा के लिए हमेशा सर्वोत्तम सुविधाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक चुनौती रही है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शुरू की परियोजना : कई महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था और तब भी यह अनिश्चित और कई तार्किक चुनौतियों से भरा था। महिलाओं और बुजुर्गों को मंदिर परिसर से काफी दूर शौचालय तक पहुंचने में भी काफी कठिनाई होती थी। रथ यात्रा के दौरान जब लाखों लोग मंदिर के सामने इकट्ठा होते हैं, तो भगदड़ या किसी गड़बड़ी का डर होता था। इन चुनौतियों को स्वीकार करते हुए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक श्रीमंदिर हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना (श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना) लेकर आए जिसे पहले से ही लागू किया जा रहा है और काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले चरण में मंदिर की मेघनाद दीवार (बाहरी दीवार) से 75 मीटर के दायरे में सभी संरचनाओं को हटा दिया गया। इसके लिए ओडिशा सरकार ने लोगों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा भी दिया और साथ ही शहर के बीचोबीच पुनर्वास के लिए जमीन भी मुहैया कराई। इसके बाद मंदिर के चारों ओर 75 मीटर के दायरे को साफ किया गया और बिना ढांचे के इस पूरे क्षेत्र को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित किया गया। ये जोन थे बफर जोन, मंदिर परिक्रमा जोन, लैंडस्केप जोन, बाहरी परिक्रमा जोन, सार्वजनिक सुविधा जोन और जनता की आवाजाही के लिए जोन। सार्वजनिक सुविधा क्षेत्र में, एक मॉडल पैच विकसित किया गया है जिसमें विभिन्न सार्वजनिक सुविधाएं हैं। फीडबैक और इस मॉडल पैच की सफलता के आधार पर मंदिर के तीनों तरफ ऐसी सुविधाएं और सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। ऐसे प्रत्येक क्षेत्र में शौचालय, पीने के पानी की सुविधा के साथ-साथ जनता के लिए क्लॉक रूम भी होंगे। इसके अलावा, सुरक्षा स्टेशन प्रदान किए जाएंगे जो भक्तों की सुरक्षा और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे। पीने का पानी, शौचालय, क्लॉक रूम और विश्राम स्थलों जैसी सुविधाओं ने भक्तों की खुशी बढ़ा दी है। मंदिर के आसपास के खुले स्थानों ने किसी भी भगदड़ की आशंका को भी कम कर दिया है और मंदिर में भारी भीड़ के प्रवाह को भी कम कर दिया है। श्रीमंदिर परिक्रमा परियोजना के माध्यम से श्रीमंदिर के परिवेश के इस व्यापक परिवर्तन की उनकी कल्पना दूरदर्शी नेतृत्व के लिए भक्त ओडिशा के मुख्यमंत्री के प्रति हृदय से आभारी हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया के सबसे बड़े चॉकलेट प्लांट में साल्मोनेला बैक्टीरिया मिला है। दुनिया का सबसे बड़ा चॉकलेट प्लांट बेल्जियम में है, साल्मोनेला बैक्टीरिया मिलने के बाद यहां काम रोक दिया गया है। जहां-जहां भी प्लांट से चॉकलेट से बने प्रोडक्ट भेजे गए हैं, उन सभी को बैक्टीरिया पाए जाने की सूचना दे दी गई है। फिलहाल डीलर्स को प्रोडक्ट बेचने से मना कर दिया गया है। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब साल्मोनेला बैक्टीरिया मिला है। इससे पहले दक्षिणी बेल्जियम के आर्लोन में किंडर चॉकलेट बनाने वाली फेरेरो फैक्ट्री में मिला था। प्लांट बैरी कैलेबॉट कंपनी का : बेल्जियम के विएज शहर में दुनिया का सबसे बड़ा प्लांट बना हुआ है। यह प्लांट बैरी कैलेबॉट कंपनी का है और यहां पर लिक्विड चॉकलेट बनाई जाती है। इस प्लांट से कई बड़े ब्रांड्स को चॉकलेट से बने प्रोडेक्ट्स सप्लाई किए जाते हैं, जिसमें हर्षी, मोंडेलेज, नेस्ले और यूनिलीवर शामिल हैं। चॉकलेट से बने प्रोडक्ट बेचने से रोका : कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि जब प्लांट में बैक्टीरिया पाए जाने की खबर मिली तो सभी ब्रांड्स को 25 जून से बने किसी भी प्रोडेक्ट को बेचने से मना कर दिया गया है। इस मामले को लेकर बेल्जियम की फूड सेफ्टी एजेंसी AFSCA को भी सूचित कर दिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। साल्मोनेला बैक्टीरिया क्या?: साल्मोनेला एक ऐसा बैक्टीरिया है, जिससे टाइफाइड और साल्मोनेलोसिस जैसी बीमारियां होती हैं। यह आमतौर पर पक्षियों, जानवरों और इंसानों की आंतों को प्रभावित करती हैं। मनुष्यों में यह ज्यादातर अंडा, कच्चा मांस या उससे बनी चीजें या गंदे फल-सब्जियों से फैलता है। इसके अलावा यह सांप, कछुए और छिपकली से भी फैलता है। यह बैक्टीरिया सबसे ज्यादा छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल्मोनेला बैक्टीरिया इन्फेक्शन का पता 6 से 36 घंटों के अंदर चल जाता है। अगर किसी की बॉडी में यह बैक्टीरिया है तो डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, बुखार, सिर दर्द और जी मिचलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
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