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सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव 12 से 18 सितंबर तक अग्रसेन भवन में
Published / 2026-09-07 16:24:13
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव 12 से 18 सितंबर तक अग्रसेन भवन में

सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव 12 से 18 सितंबर तक अग्रसेन भवन मेंटीम एबीएन, रांची। सराफ परिवार के तत्वावधान में भक्ति, ज्ञान और प्रेम के दिव्य संगम सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा अमृत महोत्सव का भव्य आयोजन आगामी 12 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक महाराजा अग्रसेन भवन, सेवा सदन रोड रांची में किया जाएगा। कथा में सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं व्यास श्री दिनेश जी भारद्वाज श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान कराएंगे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी। कथा का आयोजन प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से संध्या 6 बजे तक होगा। आयोजन को लेकर सराफ परिवार द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।सातों दिनों में श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों, भगवान के अवतारों, भक्त चरित्रों तथा श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। प्रथम दिवस- 12 सितंबर शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य एवं शुकदेव परीक्षित मिलन का प्रसंग होगा। इसी दिन प्रातः 10 बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी।द्वितीय दिवस-13 सितंबर रविवार को वराह अवतार, कपिल चरित्र एवं सृष्टि का वर्णन किया जाएगा। तृतीय दिवस-14 सितंबर सोमवार को वामन अवतार, प्रह्लाद चरित्र एवं अजामिल व्याख्यान होगा। चतुर्थ दिवस-15 सितंबर मंगलवार को समुद्र मंथन, गजेन्द्र मोक्ष एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का मनोहारी प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा।पंचम दिवस-16 सितंबर बुधवार को श्रीकृष्ण लीला, नंद महोत्सव, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग का आयोजन होगा।षष्ठम दिवस-17 सितंबर गुरुवार को महारास एवं रुक्मिणी विवाह का दिव्य प्रसंग सुनाया जाएगा।सप्तम एवं अंतिम दिवस, 18 सितंबर शुक्रवार को सुदामा चरित्र एवं पूर्णाहुति के साथ कथा अमृत महोत्सव का समापन होगा।समापन दिवस पर प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सप्तम दिवस की विशेष कथा होगी। इसके पश्चात अपराह्न 1 बजे से महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा,संजय सर्राफ ने बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ग्रंथ है। कथा श्रवण से मनुष्य को आत्मिक शांति प्राप्त होती है तथा परिवार और समाज में संस्कार एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है। उन्होंने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से सातों दिनों कथा में सपरिवार उपस्थित होकर श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य ज्ञान, भक्ति और प्रेम का लाभ उठाने करने का आग्रह किया।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर को
Published / 2026-09-06 19:42:43
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर को

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर कोज्ञान का प्रकाश ही सच्ची साक्षरता और समावेशी विकास की पहचान : संजय सर्राफएबीएन सोशल डेस्क। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 8 सितंबर को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस केवल पढ़ने-लिखने की क्षमता के महत्व को रेखांकित करने का अवसर नहीं है, बल्कि शिक्षा को मानव अधिकार, सामाजिक समानता, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की आधारशिला के रूप में स्थापित करने का संदेश भी देता है। यूनेस्को ने 1966 में 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया और वर्ष 1967 से इसका आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की पृष्ठभूमि वर्ष 1965 में तेहरान में आयोजित विश्व शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन से जुड़ी है। इस सम्मेलन में निरक्षरता उन्मूलन के लिए वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने पर बल दिया गया था। इसके बाद यूनेस्को के 14वें महासम्मेलन ने 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में औपचारिक मान्यता प्रदान की। भारत सरकार भी स्वतंत्रता के बाद से साक्षरता को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानती रही है तथा वर्ष 1988 में राष्ट्रीय साक्षरता मिशन की शुरुआत की गई थी। साक्षरता का अर्थ केवल अक्षर पहचानना या अपना नाम लिख लेना नहीं है। आधुनिक युग में साक्षरता का दायरा पढ़ने-लिखने के साथ-साथ समझने, तार्किक विचार करने, जानकारी का सही उपयोग करने, डिजिटल माध्यमों को समझने और सही-गलत सूचनाओं में अंतर करने तक विस्तृत हो गया है। आज के डिजिटल युग में डिजिटल एवं मीडिया साक्षरता भी अत्यंत आवश्यक है। यूनेस्को भी साक्षरता को व्यापक ज्ञान, कौशल, मूल्यों और जीवनभर सीखने की क्षमता से जोड़ता है। इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना, निरक्षरता के प्रति जागरूकता पैदा करना, बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, वयस्क शिक्षा को बढ़ावा देना तथा महिलाओं और वंचित वर्गों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है। साक्षर व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकता है।रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकता है और सामाजिक एवं आर्थिक विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है। साक्षरता सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करती है और उसे अंधविश्वास, भेदभाव तथा शोषण के विरुद्ध जागरूक बनाती है। एक शिक्षित परिवार अपने बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के प्रति अधिक सजग होता है। इस प्रकार एक व्यक्ति की साक्षरता पूरे परिवार और समाज के विकास का आधार बन सकती है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस की 60वीं वर्षगांठ है। तथा इस वर्ष का थीम है- लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता। इस अवसर पर दुनिया भर में साक्षरता की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा की जा रही है।आज भी विश्व में करोड़ों युवा और वयस्क बुनियादी साक्षरता कौशल से वंचित हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि शिक्षा किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, लिंग, क्षेत्र या सामाजिक पृष्ठभूमि पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। हर व्यक्ति तक ज्ञान का प्रकाश पहुंचाना ही सच्ची साक्षरता और समावेशी विकास की पहचान है।

नंदोत्सव में कृष्ण भक्ति से सराबोर हुआ श्री राधा-कृष्ण प्रणामी सेवाधाम मंदिर
Published / 2026-09-06 19:39:06
नंदोत्सव में कृष्ण भक्ति से सराबोर हुआ श्री राधा-कृष्ण प्रणामी सेवाधाम मंदिर

नंदोत्सव में कृष्ण भक्ति से सराबोर हुआ श्री राधा-कृष्ण प्रणामी सेवाधाम मंदिर10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, 3 हजार भक्तों ने ग्रहण किया अन्नपूर्णा महाप्रसादटीम एबीएन, रांची। परमहंस डॉ. सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य एवं आशीर्वाद से संचालित एम.आर.एस. श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी सेवाधाम मंदिर में नंदोत्सव हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नंदोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं मनमोहक रोशनी से सजाया गया था। पूरा मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत नजर आ रहा था। भगवान श्री राधा-कृष्ण एवं श्री राधा रानी का विशेष श्रृंगार किया गया। वृंदावन से मंगाए गए आकर्षक जड़ित आभूषणों से श्री राधा रानी को सुसज्जित किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।पुजारी पंडित अरविंद पांडेय के द्वारा विधिवत विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री राधा-कृष्ण को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इसके पश्चात मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं भक्तिमय संकीर्तन का आयोजन हुआ। मधुर भजनों और संकीर्तन से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। नंदोत्सव के अवसर पर ट्रस्ट की ओर से अन्नपूर्णा सेवा के तहत श्रद्धालुओं के लिए केसरिया खीर,स्वादिष्ट वेजिटेबल खिचड़ी एवं जलजीरा जूस वितरित किया गया। अन्नपूर्णा महाप्रसाद सेवा में 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, दिनभर में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। भजन-कीर्तन के उपरांत सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्री राधा-कृष्ण की आराधना की और परिवार एवं समाज की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसी क्रम में मंदिर परिसर स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गौ सेवा धाम में भी विशेष गौसेवा का आयोजन किया गया।श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने गौसेवा कर धर्म, सेवा और करुणा का संदेश दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि नंदोत्सव केवल भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की आनंदमयी स्मृति का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सेवा, सद्भावना और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने वाला उत्सव भी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट धार्मिक आयोजनों के साथ निरंतर सेवा कार्यों को भी प्राथमिकता देता रहा है। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, अंजनी अग्रवाल, पवन पोद्दार, संजय सर्राफ, सहित बड़ी संख्या में ट्रस्ट के सदस्य, सेवाभावी कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

निर्मल धाम में गूंजा श्री कृष्ण नाम, हजारों साधकों ने लिया आध्यात्मिक आशीर्वाद
Published / 2026-09-06 19:35:47
निर्मल धाम में गूंजा श्री कृष्ण नाम, हजारों साधकों ने लिया आध्यात्मिक आशीर्वाद

निर्मल धाम में गूंजा श्री कृष्ण नाम, हजारों साधकों ने लिया आध्यात्मिक आशीर्वादसहज योग परिवार, रांची के श्री कृष्ण पूजा समारोह में भक्ति, ध्यान और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरणटीम एबीएन, रांची। सहज योग परिवार, रांची द्वारा रविवार को रिंग रोड, मनातू स्थित सहज मंदिर, निर्मल धाम में श्री कृष्ण पूजा समारोह का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर रांची सहित पूरे भारत में सहज योग परिवार के विभिन्न केंद्रों पर श्री कृष्ण पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में सहज योगियों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद सामूहिक ध्यान एवं श्री कृष्ण पूजा संपन्न हुई। भक्तिमय वातावरण में विभिन्न भजनों की प्रस्तुति ने उपस्थित साधकों को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। “आना सुंदर श्याम”, “आपकी कृपा से श्याम मेरा काम हो रहा है” तथा “कृष्ण गोविंद गोविंद गोविंद गाया करो” जैसे भजनों से पूरा निर्मल धाम श्री कृष्ण की भक्ति में सराबोर हो उठा।पूजा एवं ध्यान के दौरान साधकों ने श्री कृष्ण के प्रेम, सत्य, धर्म एवं सहज जीवन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सामूहिक ध्यान के माध्यम से उपस्थित लोगों ने आत्मिक शांति एवं आनंद का अनुभव किया। कार्यक्रम के समापन पर विधिवत महाआरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम की जानकारी राजेश (राजू) सोमानी ने दी। 

जैन धर्म का विशेष पर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व 8 से
Published / 2026-09-06 19:33:17
जैन धर्म का विशेष पर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व 8 से

जैन धर्म का विशेष पर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर्व 8 सितंबर से शुरू हो रहा हैरांची में 8 से 15 सितंबर तक गूंजेगा धर्म और आत्मचिंतन का संदेश एवं प्रतिदिन होंगे धार्मिक कार्यक्रमटीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेताम्बर साधुमार्गी संघ द्वारा जैन धर्म के सबसे बड़े पर्व पर्वाधिराज पर्युषण पर आठ दिवसीय धार्मिक गतिविधियां दिगम्बर जैन भवन, हरमू रोड, रांची मे दिनांक 8 सितंबर से 15 सितंबर 2026 तक आयोजित किये जायेंगे।इस अवसर पर आगामी आठ दिनो मे विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन प्रातः 8:30 से 9:30 बजे तक प्रवचन, प्रवचन पश्चात अल्पाहार, दोपहर मे धर्मचर्चा, नित्य संध्या 6 बजे प्रतिक्रमण एवं स्वाध्याय आदि के माध्यम से आत्मचिंतन, संयम और आत्मशुद्धि की प्रेरणा दी जाएगी।पर्युषण पर्व की आराधना को विशेष रूप से सार्थक बनाने के लिए इस बार दो स्वाध्यायी बहने पुष्पाजी ओस्तवाल एवं ज्योतिजी ओस्तवाल छत्तीसगढ़ से रांची कल सुबह 07 सितंबर को प्रातः 4:30 बजे हटिया स्टेशन पर आगमन होगा। संघ के सदस्य स्टेशन पहुंचकर उनकी अगवानी एवं स्वागत करेंगे।साधुमार्गी संघ के सचिव उत्तम जैन ने बताया कि पर्युषण केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मावलोकन, आत्मसंयम, क्षमा, तप, त्याग और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अवसर है। इन दिनों में श्रद्धालुओं को अपनी दिनचर्या में धर्म और स्वाध्याय को अधिक स्थान देकर आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए।श्री संघ के अध्यक्ष अशोक सुराणा ने बताया की सामूहिक धर्माराधना से पर्व की आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रभाव और अधिक बढ़ता है। रांची के समस्त जैन समाज एवं धर्मप्रेमी सदस्यों को कार्यक्रम मे सपरिवार शामिल होकर पर्युषण पर्व की आराधना का लाभ लेने का आह्वान किया है। पर्युषण पर्व पर सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन श्री साधुमार्गी जैन संघ, रांची, समता युवा संघ, रांची एवं समता महिला मंडल, रांची के सहयोग से किया जा रहा है।उक्त जानकारी आज की कार्यकारिणी की बैठक मे श्री साधुमार्गी जैन संघ के अध्यक्ष अशोक सुराणा, मंत्री उत्तम जैन, समता युवा संघ के अध्यक्ष राकेश बच्छावत ने दी। उक्त जानकारी उत्तम जैन ने दी। 

श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में हर्षोल्लास से मनेगा नंदोत्सव
Published / 2026-09-05 21:47:47
श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में हर्षोल्लास से मनेगा नंदोत्सव

भक्ति, श्रृंगार, महाभोग और गौसेवा से सजेगा नंदोत्सव का पावन आयोजन एबीएन सोशल डेस्क। परमहंस डॉ. सदानंद जी महाराज के पावन सानिध्य एव आशीर्वाद से संचालित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी सेवाधाम मंदिर में 6 सितंबर दिन रविवार को नंदोत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया जायेगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। नंदोत्सव पर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सेवा भाव से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का साक्षी बनने का अवसर मिलेगा। ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि नंदोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जायेगा। भगवान श्री राधा-कृष्ण एवं श्री राधा रानी का विशेष श्रृंगार किया जायेगा। वृंदावन से मंगाये गये जड़ित आभूषणों से श्री राधा रानी को सुसज्जित किया जायेगा। विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान को विविध प्रकार के भोग अर्पित किये जायेंगे। नंदोत्सव के क्रम में श्रद्धालुओं के लिए अन्नपूर्णा महाप्रसाद की भी व्यवस्था की जायेगी। भजन-कीर्तन एवं भक्तिमय संकीर्तन से पूरा मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति में सराबोर रहेगा। इसके साथ ही सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जायेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भगवान श्री राधा-कृष्ण की आराधना करेंगे। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जायेगा। नंदोत्सव का संदेश केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा एवं करुणा की भावना को भी प्रमुखता दी जायेगी। इसी क्रम में मंदिर परिसर में स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गौ सेवा धाम में विशेष गौसेवा का आयोजन किया जायेगा। गौसेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीव मात्र के प्रति दया, सेवा और संरक्षण का संदेश दिया जायेगा। ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से नंदोत्सव में सपरिवार शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, भजन-कीर्तन, महाआरती, महाप्रसाद एवं गौसेवा में सहभागी बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नंदोत्सव आनंद, प्रेम, भक्ति और सेवा का पर्व है, जो समाज में आध्यात्मिक चेतना के साथ परस्पर प्रेम एवं सद्भाव की भावना को मजबूत करता है।

बाल विवाह के खिलाफ भारत की मुहिम को वैश्विक मान्यता
Published / 2026-09-05 20:38:38
बाल विवाह के खिलाफ भारत की मुहिम को वैश्विक मान्यता

संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय दिवस; झारखंड ने लिया सख्त कार्रवाई का संकल्प एबीएन सेंट्रल डेस्क। बाल विवाह के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत से उठी आवाज को वैश्विक मान्यता मिली है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया है। भारत के लिए इस तारीख का विशेष महत्व है, क्योंकि 27 नवंबर 2024 को ही भारत सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की थी। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के संस्थापक भुवन ऋभु ने बाल विवाह के खात्मे के लिए एक अलग समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किये जाने की पहल की थी। मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में भुवन ऋभु ने अपने संबोधन के दौरान कई वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में एक बार फिर बाल विवाह के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाने की बात कही। तब अफ्रीकी देश सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो भी मौजूद थीं, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया। इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत सहित 67 देशों के अनुमोदन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया, जिसमें 27 नवंबर को बाल विवाह समाप्त करने के लिए समर्पित वैश्विक दिवस घोषित करने की बात थी। 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित कर दिया। संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश करने के दौरान सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो ने यूएन हॉल में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का विशेष रूप से उल्लेख भी किया। जेआरसी बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है और अपने चाइल्ड मैरिज फ्री वर्ल्ड अभियान के तहत बाल विवाह के खिलाफ एक वैश्विक लड़ाई लड़ रहा है। भारत में, जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ देश के सभी 782 जिलों में बाल विवाह के लिए संवेदनशील समुदायों के बीच काम कर रहा है। जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठनों के साथ सरकारों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से समुदायों, स्कूलों, पंचायतों, आदिवासी और वंचित समुदायों, महिलाओं, पुलिसकर्मियों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों को बाल विवाह रोकने के लिए एकजुट किया है। पिछले तीन वर्षों में जेआरसी ने झारखंड के 24 जिलों में 21 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर 1,14,114, जबकि पूरे भारत में 5,50,000 लाख से अधिक बाल विवाह रुकवाएं हैं।  संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव के अपनाये जाने के मौके पर यूएन प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के संस्थापक भुवन ऋभु, नागरिक समाज संगठनों की ओर से एकमात्र प्रतिनिधि थे। उन्होंने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, आज भारत बाल संरक्षण के क्षेत्र में दुनिया के सामने विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो रहा है। चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया अभियान की शुरुआत सबसे पहले बच्चों और समुदायों ने की और बाद में सरकार ने इसे समर्थन देकर बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया। 27 नवंबर 2024 को इस अभियान के तहत 25 करोड़ से ज्यादा लोगों ने एक साथ मिलकर बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली थी। आज यही अभियान विश्व द्वारा स्वीकार किए गए एक अंतरराष्ट्रीय दिवस का रूप ले चुका है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का पल है। मैं बच्चों, समुदाय के नेताओं, धर्मगुरुओं और खासतौर से अपने सभी सहयोगी संगठनों को बधाई और धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता ने आज के इस दिन को संभव बनाया। मैं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी को उनके निर्णायक नेतृत्व और प्रतिबद्धता के लिए विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहता हूं। दुनिया हमारी ओर देख रही है और हमारा काम अभी बस शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, आज का दिन उस निर्णायक मोड़ का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि बाल विवाह जैसे अपराध का अंत अब निश्चित और जल्द होने वाला है।अब समय आ गया है कि दुनिया भर की सरकारें 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने के लिए निर्णायक नेतृत्व प्रदान करें और हर बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करें, ताकि वह अपनी पूरी क्षमता को साकार कर सके। उन्होंने कहा, मैं सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी का इस मुद्दे को मजबूती से आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व के लिए आभारी हूं। साथ ही मैं उन 67 देशों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने हमारे प्रस्ताव का समर्थन किया। इस मुहिम का प्रभाव झारखंड में बाल विवाह की दर में आयी गिरावट में भी साफ नजर आता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-5 (2019-21) के अनुसार राज्य में 32.2 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल से पहले हो चुकी थी, जबकि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-6 (2023-24) में यह आंकड़ा घटकर 28.1 फीसदी रह गया, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 20.1 फीसदी है। भारत सरकार ने 2026 तक बाल विवाह की दर को 10 फीसदी तक घटाने का लक्ष्य रखा है। केंद्र और राज्य, दोनों ही स्तरों पर लगातार किए जा रहे प्रयासों की बदौलत उम्मीद है कि 2026 खत्म होते-होते भारत में बाल विवाह की दर 15 फीसदी से भी नीचे आ जाएगी। यह 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने की वैश्विक प्रतिबद्धता सतत विकास लक्ष्य 5 (लैंगिक समानता) के लक्ष्य 5.3 के अनुरूप है, जिसमें बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह जैसी सभी नुकसानदेह प्रथाओं को खत्म करने की बात कही गयी है। भारत ने अब बाल विवाह के खिलाफ अपनी मुहिम को देश की सीमाओं से आगे भी ले जाना शुरू कर दिया है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों से बाल विवाह मुक्त भारत की तर्ज पर दिसंबर 2024 में बाल विवाह मुक्त नेपाल अभियान शुरू हुआ। देखते-देखते यह मुहिम 99 से ज्यादा देशों तक पहुंची और 25 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने अपने मुल्कों में बाल विवाह के खात्मे की शपथ ली। जेआरसी ने दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच चाइल्ड मैरिज फ्री वर्ल्ड के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया। इसका लक्ष्य 100 देशों की सरकारों के साथ मिलकर एक लाख स्कूलों तक पहुंचना था। इस अभियान से मिले अनुभवों और सुझावों को संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया गया, ताकि बाल विवाह के खिलाफ दुनिया भर में मजबूत और समन्वित कार्रवाई की जा सके। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें।

निशीथ जायसवाल फिर बने मां चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष
Published / 2026-09-04 21:26:58
निशीथ जायसवाल फिर बने मां चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष

मां चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति की बैठक संपन्न, निशीथ जायसवाल पुन: अध्यक्ष निर्वाचित एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। मिशन चौक मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को मां चंडी नवयुवक संघ दुर्गा पूजा समिति की आवश्यक बैठक समिति के अध्यक्ष श्री निसिथ जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। बैठक में आगामी दुगार्पूजा को भव्य एवं उत्साहपूर्ण ढंग से मनाने को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक के प्रारंभ में विगत वर्ष आयोजित दुर्गा पूजा के आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आगामी दुर्गा पूजा के सफल आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारियों एवं व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निसिथ जायसवाल को पुन: पूजा समिति का अध्यक्ष चुना गया। वहीं उपाध्यक्ष के रूप में पंकज जायसवाल, अभिषेक सिन्हा एवं पंकज मेहतो, सचिव के रूप में राकेश सिंघल, डब्लू जायसवाल, विनय अग्रवाल (आनंद) एवं गौरव अग्रवाल तथा सह-सचिव के रूप में प्रशांत सिंह, धीरज अग्रवाल एवं रोहित गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गयी। कोषाध्यक्ष के रूप में आलोक अग्रवाल (निखिल) एवं उज्ज्वल बंसल तथा सह-कोषाध्यक्ष के रूप में राम सिंह एवं नंदन अग्रवाल को चुना गया। पूजा प्रभारी की जिम्मेदारी विनय अग्रवाल, भोलू केसरी, सुनील अग्रवाल एवं नितेश अग्रवाल को तथा पंडाल प्रभारी की जिम्मेदारी राहुल मेहतो, उत्तम देव, रोहित साहू एवं राणा जय को दी गयी। समिति के सदस्य के रूप में रौशन साहू, नमन अग्रवाल, राम कुमार हरि, निखिल (निक्कू), राज नायक, रिक्की जायसवाल एवं हरि राम को शामिल किया गया। बैठक में संरक्षक के रूप में मनोज जायसवाल, दीपक जायसवाल, सुनील जायसवाल, संजय अग्रवाल, राजकुमार केसरी, बाबलू जायसवाल, अनिल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, दिलीप साहू, शिव कुमार अग्रवाल, श्रीकांत सिंह, उमेश भगत एवं संजय नायक उपस्थित रहे। बैठक में ये रहे उपस्थित बैठक में समिति के अध्यक्ष निसिथ जायसवाल सहित पंकज जायसवाल, अभिषेक सिन्हा, पंकज मेहतो, राकेश सिंघल, डब्लू जायसवाल, विनय अग्रवाल (आनंद), गौरव अग्रवाल, प्रशांत सिंह, धीरज अग्रवाल, रोहित गुप्ता, आलोक अग्रवाल (निखिल), उज्ज्वल बंसल, राम सिंह, नंदन अग्रवाल, भोलू केसरी, सुनील अग्रवाल, नितेश अग्रवाल, राहुल मेहतो, उत्तम देव, रोहित साहू, राणा जय, रौशन साहू, नमन अग्रवाल, राम कुमार हरि, निखिल (निक्कू), राज नायक, रिक्की जायसवाल, हरि राम, मनोज जायसवाल, दीपक जायसवाल, सुनील जायसवाल, संजय अग्रवाल, राजकुमार केसरी, बाबलू जायसवाल, अनिल अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, दिलीप साहू, शिव कुमार अग्रवाल, श्रीकांत सिंह, उमेश भगत, संजय नायक के अलावा मुकेश दुबे, निश्चय वर्मा एवं रितेश कुमार उपस्थित रहे। बैठक में सभी सदस्यों ने आगामी दुगार्पूजा को श्रद्धा, भक्ति, आपसी समन्वय एवं उत्साह के साथ भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया। 

श्री श्याम मंदिर में धूमधाम से मना श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव
Published / 2026-09-04 20:51:59
श्री श्याम मंदिर में धूमधाम से मना श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव

टीम एबीएन, रांची। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में दिनांक 4 सितंबर 2026 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव अत्यन्त उत्साह के साथ भक्तिमय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया। रंग बिरंगे बैलूनों की कलामक्तक व विद्युत की रंगीन लड़ियों से रोशनी बिखेर रही थी। साथ ही इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु का मनमोहक श्रृंगार किया गया साथ ही मन्दिर में विराजमान हनुमान जी एवम शिव परिवार का भी विषेश श्रृंगार किया गया।  श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण लीला पर आधारित झांकियां भक्तों का मन मोह रही थी। मुख्य आकर्षण था रजत झूले पर मधुर मुस्कान के साथ विराजमान लड्डू गोपाल का दिव्य दर्शन, रजत झूले की कलात्मतक व सजावट को भक्तगण निहारकर धन्य हो रहे थे। रात्रि 8:30 बजे से ही भक्तों की अपार भीड़ मंदिर पहुंचने शुरू गयी तथा 9 बजे से श्री श्याम मंडल के सदस्यों द्वारा गणेश वंदना के साथ संगीतमय संकीर्तन का शुभारंभ किया गया।  बस इतनी तमन्ना है हे श्याम तुम्हें देखूं कन्हैया बांसुरी वाले तुम्हारी याद आती है कन्हैया एक बार सुना दे तेरी बांसुरी छोटी छोटी गैयां छोटे छोटे ग्वाल इत्यादि भजनों की गंगा में भक्तगण गोते लगाते रहे। मौके पर लड्डू गोपाल को माखन मिश्री, केसरिया पेड़ा, नारियल बर्फी, पंजीरी, फल, मेवा, चॉकलेट एवं कलाकंद से बना हुआ केक का भोग लगाया गया। रोहिणी नक्षत्र में रात्रि 12 बजते ही मंदिर परिसर ढोल नगाड़े, घंटा घड़ियाल व शंख ध्वनि से गूंज उठा। भक्तगण नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की की धुन पर झूम उठा साथ ही महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।  आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में रमेश चंद्र सारस्वत, चंद्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, अशोक लाठ, प्रमोद बगड़िया, विकास पाड़िया, नितेश लाखोटिया, विवेक ढांढनीयां, अमित जलान, गौरव परसरामपुरिया का सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।

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