टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय टोली बैठक दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय (संकट मोचन आश्रम, सेक्टर-6, रामकृष्णपुरम, नई दिल्ली) में आज दोपहर 12:30 बजे संपन्न हुई। बैठक में विगत 3 माह के बीच संपन्न हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की योजना बनायी गयी। इनमें निम्न हैं :
1 अक्टूबर 2026 से 21 सितंबर 2027 तक श्रद्धेय अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष मनाने के लिए तिथियां तय की गई। बैठक के समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं एवं विश्व हिंदू परिषद के संपर्क अधिकारी भैया जी जोशी ने कहा हमने सांगठनिक ढांचा तो तैयार करने में सफलता प्राप्त कर ली है।
हमारी बातों को सुनने के लिए भी समाज तैयार है परंतु इसे मजबूत करने के लिए आज सभी आयामों का पूर्ण विकास आवश्यक है। संस्कार, सुरक्षा एवं सक्रियता प्रत्येक हिंदू का मापदंड बनना चाहिए। हमें मशीन की तरह सिर्फ निदेर्शात्मक कार्यों को ही पूर्ण नहीं करना चाहिए बल्कि हमें सोच-समझकर क्रियात्मक कार्य करने वाला व्यक्तित्व अर्थात सक्षम कार्यकर्ता का निर्माण करना चाहिए।
किसी भी कार्य को क्यों?, क्या?, कैसे?, कब? और किसके द्वारा कराना है? यह हमारे सामाजिक जीवन में व्याप्त होना होगा। हमारी उपासना पद्धति अलग हो सकती है परंतु व्यक्तिगत धर्म, सामाजिक धर्म एवं राष्ट्र धर्म एक हुआ करता है, इस प्रकार की अनुकूल व सकारात्मक वातावरण बनाने की आवश्यकता है।
बैठक में केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा, संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे सहित सभी केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे। झारखंड-बिहार (पटना क्षेत्र) के प्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू एवं क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडेय उपस्थित थे। उक्त जानकारी विहिप के झारखंड-बिहार (पटना क्षेत्र) क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहू (7033541040) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मंडल, रांची द्वारा अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में आज खाटू नरेश श्याम बाबा को चांदन द्वादशी के पावन अवसर पर संध्या 6:30 बजे से रात्रि 9 बजे तक श्री श्याम प्रभु को खीर चूरमा का भोग अर्पित किया गया। आज के भोग के मुख्य यजमान उमेश अग्रवाल ने श्याम बाबा को खीर चूरमा का भोग अर्पित किये।
सर्व प्रथम मंडल के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश बागला, मंत्री धीरज बंका एवं अग्रवाल परिवार से सोनिया अग्रवाल, कशवी, अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, मधु लता अग्रवाल, नितिन अग्रवाल परिवार ने गणेश पूजन कर मंदिर में विराजे वीर बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी पूजन कर विभिन्न प्रकार के फल एवं मिष्ठान अर्पित कर श्री श्याम प्रभु को खीर चूरमे का भोग अर्पित किया। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर हारे के सहारे की जय लखदातार की जय जयकारों के गूंज उठा।
द्वादशी के दिन श्री श्याम प्रभु का प्रिय भोग खीर चूरमा को लेने भक्तगण कतारबद्ध होकर प्राप्त कर रहे थे। साथ ही श्री श्याम मंडल के कार्यकर्ता आये हुए भक्तजनों को शुद्ध पेयजल का वितरण कर रहे थे तथा उनके चरण पादुका को रखने की उत्तम व्यवस्था बनायी हुई थी। आज के खीर चूरमा का भोग श्री श्याम मंदिर में ही निर्मित किया गया तथा 550 से ज्यादा भक्तजनों प्रसाद प्राप्त किया।
आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विकास पाड़िया, प्रदीप अग्रवाल, संजय सारस्वत, अजय साबू, प्रमोद बगड़िया, महेश सारस्वत, अमित जलान का सहयोग रहा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन मार्ग रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में भगवान हनुमान का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके जन्मोत्सव के रूप में मनायी जाने वाली हनुमान जयंती श्रद्धा, भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।
इस वर्ष हनुमान जयंती का पावन पर्व 2 अप्रैल दिन गुरुवार को मनायी जायेगी। देश के विभिन्न राज्यों में तिथि और परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में भी हनुमान जयंती मनाने की प्रथा प्रचलित है।भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव मनाना और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना है। पवनपुत्र हनुमान को अटूट भक्ति, अपार बल, निष्ठा और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है।
उन्होंने भगवान राम के प्रति अपनी अनन्य भक्ति और समर्पण से यह सिद्ध किया कि सच्ची सेवा ही सर्वोच्च धर्म है। इस दिन भक्तगण उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संकल्प लेते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रा अवतार संकट मोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था हनुमान जी का जन्म माता अंजना और केसरी के यहां हुआ था।
उन्हें पवन देव का पुत्र भी कहा जाता है, इसलिए वे पवनपुत्र के नाम से विख्यात हैं। बाल्यकाल से ही उनमें अद्भुत शक्तियां थीं। सूर्य को फल समझकर निगलने की कथा उनकी अलौकिक शक्ति को दशार्ती है।रामायण में हनुमान जी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने माता सीता की खोज में लंका पहुंचकर अद्भुत साहस का परिचय दिया और रावण की लंका में आग लगाकर अपनी वीरता का प्रदर्शन किया।
संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाने की कथा उनकी बुद्धिमत्ता और सेवा भावना का सर्वोत्तम उदाहरण है। हनुमान जयंती का धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। इस दिन भक्तगण व्रत रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में किसी भी कठिनाई का सामना धैर्य, साहस और विश्वास से किया जा सकता है।
हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, अर्थात वे सभी कष्टों को दूर करने वाले हैं। इसलिए इस दिन उनकी उपासना करने से भय, रोग और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है। हनुमान जयंती के अवसर पर जगह-जगह शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन किया जाता है। यह पर्व समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है।
हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह साहस, समर्पण और सच्ची भक्ति का संदेश देने वाला पावन पर्व है। भगवान हनुमान का जीवन हमें सिखाता है कि यदि हमारे भीतर विश्वास और निष्ठा हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। अत: इस पावन अवसर पर हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए आगे बढ़ना चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हटिया, रांची। हटिया देवी मंडप के प्रांगण में हिन्दू संगम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि अद्वैत आश्रम के स्वामी अमृतानंद जी ने हिन्दू समाज के सद्भाव एवं एकता पर आशीर्वचन देकर भेदभाव-रहित समाज निर्माण की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम संरक्षक सम्मानित पद्मश्री श्री महाबीर नायक जी ने अपने उद्बोधन में हिन्दू धर्म में गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी श्रीमंत महाराज जी ने धर्म के माध्यम से समाज निर्माण पर बल दिया।
मुख्य वक्ता आशुतोष द्विवेदी ने पंच परिवर्तन के पांच आयामों—सामाजिक समरसता, स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से राष्ट्र को सुदृढ़, समरस और विकसित बनाने पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में हटिया क्षेत्र की मातृशक्ति, बंधुओं एवं भगिनियों की बड़ी संख्या ने समाज की एकता का जीवंत प्रदर्शन किया। नन्हे बच्चों ने पौराणिक चरित्रों के स्वरूप धारण कर सबका मन मोह लिया, साथ ही स्तोत्र, श्लोक एवं मंत्रों के उद्घोष से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए।
समाज एवं समुदाय के प्रत्येक घर से एकत्र अनाज से ग्राम देवी माता एवं भारत माता को भोग अर्पित कर दुर्गा माता एवं भारत माता की आरती एवं जयघोष के साथ लगभग 400 से अधिक आगंतुकों को प्रसाद वितरित किया गया। इसने सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री अखिलेश्वरनाथ मिश्र, डॉ. एन.डी. गोस्वामी, डॉ. उमाशंकर शर्मा, राजा राम सिंह, डॉ. प्रेम प्रकाश मिश्र, मिथिलेश्वर, नर्मदेशवर मिश्र एवं राजन वर्मा एवं समाज के अनेक गणमान्य, मातृशक्ति उपस्थित रहे। उक्त जानकारी बिरसा नगर के रोहित कुमार ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में 29 मार्च 2026 को कामदा एकादशी उत्सव अत्यंत श्रद्धा भाव वातावरण में आयोजित किया गया। प्रात: से ही भक्तों की भारी भीड़ इस पावन दिवस पर श्री श्याम प्रभु का दर्शन करने के लिए उमड़ पड़ी।
इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु को सुंदर नवीन वस्त्र (बागा) पहनाकर स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत कर जूही, बेला, रजनीगंधा, गुलाब एवं तुलसी दल की मालाओं से अत्यंत मनमोहक श्रृंगार किया गया। साथ ही मंदिर में विराजमान बजरंगबली एवं शिव परिवार का भी इस अवसर पर विशेष श्रृंगार किया गया।
रात्रि 9 बजे से श्री श्याम प्रभु के जयकारों की बीच पावन ज्योत प्रज्वलित कर श्री श्याम मंडल के सदस्यों ने भावपूर्ण संकीर्तन प्रारंभ किया। तुझको रिझाएंगे भजन तेरा सुनाएंगे, खूब सज्यों श्रृंगार खाटू वाले को, छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार ओ बाबा सात जन्म तक, हमें तो जी भी दिया श्याम बाबा ने दिया... इत्यादि भजनों की लय पर भक्तगण झूमते रहे। इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु को विभिन्न प्रकार के मेवा, फल, खीर, चूरमा व केसरिया दूध का भोग अर्पित किया गया। रात्रि 12 बजे महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में ओम जोशी, रमेश सारस्वत, चन्द्र प्रकाश बागला, धीरज बंका, मनोज ढांढणनीयां, प्रदीप अग्रवाल, नितेश केजरीवाल, नितेश लाखोटिया, विकास पाडिया, प्रियांश पोद्दार का सहयोग रहा। कल 30 मार्च 2026 को द्वादशी के उपलक्ष्य में संध्या 6:30 बजे श्याम प्रभु को खीर चूरमा का भोग अर्पित किया जायेगा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल श्री श्याम मंदिर, अग्रसेन पथ रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पर्व शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में अत्यधिक भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार इस अवसर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, राम मंदिर में दोपहर 12 बजे वैज्ञानिक तकनीक की मदद से रामलला का दिव्य सूर्य तिलक किया गया। इस दौरान करीब नौ मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान के मस्तक पर पड़ीं।
गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न किये। समारोह के उपरांत मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद कर भगवान को 56 व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। श्रीराम की प्रतिमा की स्थापना के बाद यह दूसरा सूर्य तिलक समारोह था।
रामनवमी का पर्व चैत्र नवरात्र के नौवें दिन मनाया जाता है, यह भगवान श्रीराम के जन्म का प्रतीक पर्व है। सुबह सूर्योदय के साथ ही उत्सव की शुरूआत सूर्य आराधना से हुई, जबकि दोपहर में भगवान के जन्म के समय सभी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान आयोजित किये गये।
अयोध्या के पुजारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और पालने में विराजमान रामलला की प्रतिमा को झुलाकर जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की रथयात्राएं विभिन्न मंदिरों से निकाली गयीं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के तट पर पवित्र स्नान किया, जबकि कई श्रद्धालुओं ने व्रत भी रखा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अयोध्या को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटा गया था। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात में बदलाव किया गया और भारी वाहनों का मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा गया।
उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों, पीएसी और स्थानीय पुलिस के साथ जल पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात रहीं, जिन्होंने विशेष रूप से सरयू नदी के आसपास निगरानी रखी। गर्मी से तीर्थयात्रियों को राहत दिलाने के लिए राम मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख स्थानों पर छांव और चटाई की व्यवस्था की गयी थी। सभी प्रमुख स्थलों पर पीने का पानी उपलब्ध कराया गया था।
टीम एबीएन, रांची। सनातन महापंचायत झारखंड केंद्रीय समिति के मुख्य संयोजक पंडित ललित नारायण ओझा ने बताया कि इस बार रामनवमी का उत्सव राज्य के सभी सनातन धर्म प्रेमी बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनायेंगे। साथ ही ऐतिहासिक रामनवमी मनायी जायेगी।
पंडित ओझा ने बताया दोपहर 1 बजे सनातन महापंचायत के नेतृत्व में 251 झंडा के साथ तपोवन मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। उपरोक्त शोभायात्रा में पंडरा, हेसल, पिस्का मोड़, धोबी मोहल्ला, रातू रोड से काफी संख्या में लोग शामिल होकर विशाल स्वरूप के साथ महावीर चौक स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर से होते हुए मेन रोड होते हुए तपोवन श्री राम मंदिर पहुंचेगी।
शोभायात्रा और रामनवमी महोत्सव के ऐतिहासिक बनाने के लिए सनातन महापंचायत के सभी सदस्यो ने विभिन्न अखाड़ों का भ्रमण कर लोगों में उत्साह और उमंग जागने का कार्य किया और सभी अखाड़ों ओर धर्म प्रेमियों से समय पर शोभायात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से निकालने का आग्रह किया। पंडरा, बजरा, सहित सभी अखाड़ों के समन्वय से दिन के एक बजे से पिस्का मोड पे मिलन के बाद शुरू होगी।
आप सभी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भक्तों से अपील करते हैं कि कल हजारों हजार की संख्या में गाजे बाजे तलवार ध्वज लेकर शोभा यात्रा ने सम्मिलित हो। सनातन महापंचायत झारखंड के मुख्य संयोजक पंडित ललित नारायण ओझा, संयोजक संजय कुमार जायसवाल ने राज्य के सभी अखाड़ाधारियों से धर्म प्रेमियों से रामनवमी समितियों से आग्रह किया है कि पूरे उत्साह और उमंग के साथ इस बार की श्री रामनवमी महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में अपना भरपूर योगदान दें।
श्रीराम के जयकारों व वीर बजरंगबली के नारों के साथ तपोवन मंदिर में पहुंचकर भगवान श्री के दर्शन का लाभ लें। युवाओं से अपील सनातन महापंचायत के मुख्य संयोजक पंडित ललित नारायण ओझा ने राज्य के सभी युवाओं से श्री रामनवमी के उपलक्ष्य पर अपील की। अपने हाथों में श्री राम जी का धर्म ध्वजा साथ ही दंड तलवार लेकर आप अवश्य अपने पूरे परिवार सहित पूरे अखाड़ा के साथ शामिल होकर पूरे आयोजन को सफल बनायें।
संयोजक पंडित ललित नारायण ओझा ने राज्य के प्रशासन से मांग की है कि शोभायात्रा के मुख्य मार्ग पर साफ सफाई की व्यवस्था, जेनरेटर सहित प्रकाश की व्यवस्था, पीने के पानी की ब्यवस्था, चलंत शौचालय की व्यवस्था की जाये, जिससे शोभायात्रा में शामिल राम भक्तों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो। शोभायात्रा मार्गों पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था रखी जाये। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा की व्यवस्था डॉक्टर की टीम के साथ रखी जाये। श्री ओझा ने बताया कि संजय कुमार जायसवाल, शशांक राज, संजय मिनोचा, कृपा शंकर सिंह, मंतोष सिंह, मुकेश पांडे, दीपक ओझा, विशाल पांडेय, नीतीश भारद्वाज, संजय कुमार, बब्बन बैठा, अटल पांडेय, विवेक कुमार, अशोक यादव, प्रमोद सारस्वत, राजकुमार पाठक, मुकेश सिंह, युवराज पासवान, मंटू दुबे, रंधीर रजक, संजीत सिंह, सत्यजीत सिंह, अमिताभ धीरज, बाबू पाठक, आकाश चतुर्वेदी, राजू ओझा, रमाशंकर तिवारी, उमेश साहू, सुभाष साहू, श्याम चौधरी, संतोष सिंह, नकुल तिर्की, राजू रजक, राम लगन राम, मृत्युंजय पाठक, ब्रजेश शर्मा, सोनू कुमार, शुभम जायसवाल, अमित ओझा, राजकुमार जायसवाल, सूरज साहू, विशाल साहू, काशीनाथ महतो, प्रवीण मिश्रा सहित सैकड़ों रामभक्त अखाड़ों का दौरा कर श्री सनातन महापंचायत की मुख्य शोभा यात्रा के सफल संचालन के लिए दिन रात लगे हैं।
प्रमोद कुमार सारस्वत श्री सनातन महापंचायत झारखंड के मीडिया प्रमुख बनाये गये। मुख्य संयोजक ललित नारायण ओझा ने इनके नाम की घोषणा की। उक्त जानकारी मीडिया प्रमुख प्रमोद सारस्वत ने दी।
एबीएन सोशल डेस्क। प्रशासन की तत्परता और लोगों के सहयोग से हरियाणा के जींद जिले के नरवाना में एक 15 साल की लड़की की शादी ऐन वक्त पर रोक दी गई। जब बारात सिर्फ दस किलोमीटर दूर थी, तभी स्थानीय प्रशासन, बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) और सामाजिक संगठन मिशन टू द डेस्परेट एंड डेस्टिट्यूट (एमडीडी) ऑफ इंडिया की टीम मौके पर पहुंच गई। ये खबर सुनते ही बारात ने रास्ते से ही वापस लौटने का फैसला किया। इस बीच टीम ने लड़की के परिवार को समझाया और उसे भी बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। चूंकि लड़का भी नाबालिग है, इसलिए उसे अपने परिवार के साथ अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
दरअसल इस मामले की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई, जब एमडडी के सदस्य को एक कॉल आई। संस्था के जिला समन्वयक नरेंद्र शर्मा बताते हैं, कॉल करने वाले की उम्र ज्यादा नहीं थी, उसने पहचान उजागर न करने की शर्त पर इस शादी की जानकारी दी। उसने बताया कि सोशल मीडिया पर चल रहे एक जागरूकता वीडियो में मेरा नंबर देखा था, जिसे नोट कर लिया था।
एमडीडी ऑफ इंडिया, नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी है, जो जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में जमीन पर काम कर करता है। संगठन लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाता है साथ ही पुलिस थानों, धर्मस्थलों और स्कूलों में कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करता है।
दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले, लड़की के ताऊ ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को एक पत्र लिखकर बताया था कि लड़की के पिता ने दूल्हे के परिवार से 1.5 लाख रुपये लेकर अपनी नाबालिग बेटी की शादी तय कर दी है। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, एनसीपीसीआर ने जींद पुलिस को भी इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इस तरह उसी फोन कॉल और ताऊ की शिकायत ने मिलकर पूरी कार्रवाई की नींव रखी।
इसलिए सूचना मिलते ही नरेंद्र शर्मा ने पुलिस और बाल विवाह निषेध अधिकारी की संयुक्त टीम के साथ सही वक्त पर पहुंचकर होने वाली इस गैरकानूनी शादी को रोक दिया। शर्मा बताते हैं, जब दस्तावेज जांचे और परिवार से पूछताछ की गई तो मालूम हुआ कि लड़की, चार बहनों में सबसे बड़ी है और वो भी महज साढ़े पंद्रह साल की है। वह छठी कक्षा में पढ़ती थी लेकिन हाल ही में स्कूल जाना बंद कर दिया था। इस तरह शादी में अब बस कुछ ही घंटे बाकी रह गए थे और घर पर करीब 20 मेहमान भी इकट्ठा हो चुके थे। बच्ची के माता-पिता को समझाया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। इसके बाद माता-पिता ने थाने में हलफनामा देकर कहा कि अब वह बिटिया की शादी बालिग होने के बाद ही करेंगे।
इस बीच बाल कल्याण समिति के सामने पेश होने पर लड़की ने परिवार के साथ वापस जाने से साफ मना कर दिया। उसने अधिकारियों से कहा, मेरे माता-पिता जबरदस्ती शादी करा रहे हैं। मुझे उनसे डर लगता है, मैं उनके साथ घर नहीं जाना चाहती। फिलहाल लड़की बाल आश्रय गृह में है जहां उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
बाल विवाह रोकने में आपसी तालमेल और जागरूकता की अहमियत पर एमडीडी ऑफ इंडिया के सीईओ सुरिंदर सिंह मान ने कहा, इस मामले से साफ पता चलता है कि एक फोन कॉल या एक शिकायत भी बच्चों की जिंदगी बचा सकती है। जब सब मिलकर काम करते हैं तो बड़े से बड़ा बदलाव मुमकिन है। इसी तरह के सहयोग और सक्रियता से हम 2030 से पहले ही हरियाणा को बाल विवाह मुक्त बना सकते हैं।
इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए संपर्क करें : जितेंद्र परमार (8595950825)
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