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Published / 2025-04-12 21:14:30
यूपीआई ट्रांजेक्शन सेवा फिर से बहाल

गुड न्यूज... फिर से शुरू हुई पेटीएम, फोन पे और गूगल पे की सर्विस, यूजर्स को मिली राहत 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में शनिवार दोपहर को यूपीआई सर्विस कुछ समय के लिए ठप हो गयी। इस दौरान लाखों लोग गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसे ऐप्स के जरिए भुगतान नहीं कर पा रहे थे। कुछ समय बाद ये सर्विस सामान्य तौर पर शुरू हो गयी हैं। सर्विस दोबारा शुरू होने से यूजर्स को फिर से राहत मिली है। 

शनिवार दोपहर को यूपीआई पेमेंट सिस्टम में अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण गूगल पे, फोन पे और पेटीएम जैसे लोकप्रिय ऐप्स पर लेनदेन कुछ समय के लिए रुक गया। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर इसकी शिकायत की और बताया कि वे भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। 

इस गड़बड़ी की जानकारी सबसे पहले डाउन डिटेक्टर वेबसाइट ने दी, जो इंटरनेट सेवाओं में आई परेशानी को ट्रैक करती है। वेबसाइट के अनुसार, यूपीआई सर्विस में रुकावट की शुरुआत शनिवार दोपहर करीब 12 बजे हुई थी। 

यूपीआई भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली डिजिटल पेमेंट सेवा है। इसका उपयोग रोजाना करोड़ों लोग छोटे-बड़े लेनदेन के लिए करते हैं। यह सेवा बैंकिंग ऐप्स, फोन पे, गूगल पे और पेटीएम सहित कई प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। राहत की बात यह है कि कुछ समय बाद यह तकनीकी गड़बड़ी ठीक कर ली गयी और अब सभी ऐप्स पर यूपीआई ट्रांजैक्शन फिर से सुचारू रूप से हो रहे हैं।

Published / 2025-03-19 19:23:58
सुनीता ने रिकॉर्ड 9 बार किया स्पेस स्टेशन के बाहर स्पेसवॉक

सुनीता विलियम्स ने बनाया नया रिकॉर्ड

एबीएन नॉलेज डेस्क। नासा की अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने 286 दिनों यानी लगभग 9 महीने के अंतरिक्ष अभियाण के बाद धरती पर वापसी की, जबकि मूल रूप से यह मिशन केवल 8 दिनों के लिए निर्धारित था। इस बीच सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी को लेकर अमेरिका प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप ने कहा, जो वादा किया उसे निभाया।

बता दें कि फ्लोरिडा के तट पर भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल ने समुद्र में सफलतापूर्वक लैंडिंग की, जिसने इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के समापन का सूत्रपात किया।
इस असामान्य विस्तार के बावजूद, मिशन ने नासा और स्पेसएक्स के बीच सहयोग की एक नई मिसाल कायम की। 

अंतरिक्ष में बिताए गए महीनों के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रयोग और अवलोकन किए गए, जो भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। कैमरों ने वह निर्णायक पल कैद किया जब ड्रैगन कैप्सूल ने समंदर में उतरते हुए धरती की ओर कदम बढ़ाया, जिससे अंतरिक्ष यात्रा की इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का सफल समापन हुआ। 

नासा के बताया कि सुनीता विलियम्स और उनकी टीम ने 9 महीने में  900 घंटे का शोध पूरा किया। उन्होंने 150 से अधिक प्रयोग किए और उन्होंने अंतरिक्ष में सबसे अधिक समय बिताने वाली महिला का एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्पेस स्टेशन के बाहर 62 घंटे और 9 मिनट बिताए, यानी 9 बार स्पेसवॉक किया। इसके अलावा इस दौरान उन्होंने उन्होंने स्पेस स्टेशन की देखभाल की और साफ सफाई का भी ध्यान रखा।

Published / 2025-03-19 15:03:09
सकुशल लौटी सुनीता विलियम्स, नशा को बधाई

  • सुनीता विलियम्स समेत चार यात्री सुरक्षित लौटे, नासा ने कहा- क्रू-9 की सफल वापसी

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों के बाद धरती पर वापस लौट आई हैं। अंतरिक्ष एजेंसी- नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक सुनीता और बैरी विल्मोर को लेकर लौट रहा यान तड़के 3.27 बजे अमेरिका के फ्लोरिडा में समुद्र तल पर उतारा। खास बात ये है कि इस मिशन में नासा के साथ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। 

सुनीता विलियम्स की सकुशल वापसी के लिए भारत में परिजनों ने यज्ञ-हवन और प्रार्थना की। गुजरात में अखंड ज्योति जलाई गई। फ्लोरिडा में स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से लौटे चारों अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी की नासा ने पुष्टि की। इसे वैज्ञानिक भाषा में सफल स्प्लैशडाउन बताया गया।

Published / 2025-03-18 13:51:31
चांद पर फिर तिरंगा लहराने की तैयारी में भारत

भारत भेजेगा Chandrayaan-5 मिशन

एबीएन नॉलेज डेस्क। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के जितने भी चंद्रयान मिशन अब तक चांद की सतह पर पहुंचे हैं, सभी ने चांद के बारे में कुछ नई खोज करने के साथ-साथ एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। 

फिर वह चाहें चांद पर पानी की मौजूदगी का पता लगाना हो या दुनिया में पहली बार चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरना। भारतीय चंद्रयान मिशन की वजह से ही चांद की सतह पर भारत का तिरंगा और ऊंचा उठा है। अब भारत ने चंद्रयान-5 मिशन भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।

इसरो के चेयरमैन वी. नारायण का कहना है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में चंद्रयान-5 मिशन को अनुमति दे दी है। ये भारत के चांद की सतह पर मानव को उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

क्या है चंद्रयान-5 मिशन

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन का कहना है कि भारत ने 2040 तक मानव को चांद की सतह पर उतारने का लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में भारत की कैपेसिटी बिल्डिंग करने के लिए चंद्रयान-5 मिशन भेजा जाएगा। इतना ही नहीं भारत ने 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन डेवलप करने का भी टारगेट सेट किया है।

चंद्रयान-5 मिशन के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसमें 350 किलोग्राम का एक रोवर होगा। वहीं भारत और जापान मिलकर इस पर काम करेंगे। चंद्रयान-5 से पहले भारत ने चंद्रयान-4 मिशन भेजना है। ये चांद की सतह से सैंपल कलेक्ट करने के लिए भेजा जाना है। 

सरकार ने पिछले साल ही चंद्रयान-4 मिशन को मंजूरी दे दी थी। ये मिशन चंद्रमा पर सेफ लैंडिंग और फिर उसके सेफ रिटर्न की कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए पूरा किया जाना है। साथ ही इसमें सैंपल कलेक्ट करने की टेक्नोलॉजी को भी विकसित करने का लक्ष्य है।

जबकि इससे पहले भारत ने 3 चंद्रयान मिशन और पूरे किए हैं। भारत का चंद्रयान-3 मिशन दुनिया का पहला ऐसा लूनार मिशन था, जिसमें रोवर ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की थी। इतना ही नहीं, इस मिशन के साथ ही भारत ने चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने की कैपेसिटी भी तैयार की है।

Published / 2025-03-16 12:05:17
क्रू-10 मिशन के बाद सुनीता और विल्मोर के लाउटंर की उम्मीदें बढ़ी

  • अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा क्रू-10 मिशन
  • जानें सुनीता विलियम्स और विल्मोर कब होंगे धरती के लिए रवाना

एबीएन नॉलेज डेस्क। नासा और स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया है। फैल्कन 9 रॉकेट में गए इस मिशन के चारों सदस्य अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गए हैं। डॉकिंग और हैच खुलने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने क्रू-9 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों से मुलाकात की। 

वहीं नासा के मुताबिक बुधवार को नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर धरती के लिए रवाना होंगे। नासा और स्पेसएक्स का क्रू-10 मिशन शनिवार को फैल्कन 9 रॉकेट के जरिये अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुआ था। 

इस मिशन में एन मैक्लेन, निकोल आयर्स, जापानी अंतरिक्ष  यात्री तकुया ओनिशी और रूसी अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव गये हैं। बताया जाता है कि क्रू-10 मिशन अंतरराष्ट्रीय स्टेशन पर पहुंच गया है। सफल डॉकिंग और हैच खुलने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने स्टेशन में प्रवेश किया।

Published / 2025-03-08 23:07:27
14 को आकाश में दिखेगा ब्लड मून का नजारा

एबीएन नॉलेज डेस्क। 14 मार्च 2025 को आसमान में ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा। ये एक ऐसी दुर्लभ घटना है जो कई सालों में एक ही बार घटित होती है। 

झारखण्ड की राजधानी रांची के प्रख्यात ज्योतिर्विद पंडित रामदेव पाण्डेय ने बताया कि ब्लड मून का मतलब है लाल चमक वाला चांद। यह ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान होता है। 

पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है। इससे चंद्रमा सूर्य की रोशनी से काफी हद तक या पूर्ण रूप से छिप जाता है। इस साल होली पर 65 मिनट के लिए ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा।

Published / 2025-03-07 21:13:08
तमिलनाडु में बनेगा देश का दूसरा रॉकेट लॉन्च पैड

इसरो की नयी सफलता  

एबीएन सेंट्रल डेस्क। इसरो का प्रमुख रॉकेट लॉन्च पैड आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में है। यहां से भारत ने अब तक कई ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किये हैं। देश की बढ़ती अंतरिक्ष गतिविधियों के चलते, इसरो एक और नया लॉन्च पैड बनाने जा रहा है, जो तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के कुलसेकरपट्टनम में बनेगा। 

यह कदम करफड की बढ़ती लॉन्चिंग क्षमता को देखते हुए उठाया गया है। नये लॉन्च पैड के बनने से इसरो को अंतरिक्ष मिशनों को और तेजी से और बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, देश में उपग्रहों की लॉन्चिंग क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को और गति मिलेगी।

कुलसेकरपट्टनम में इस रॉकेट लॉन्च पैड के लिए 2,233 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला पिछले साल फरवरी में रखी थी। इसके बाद इसरो ने यहां से पहले रोहिणी रॉकेट की लॉन्चिंग भी सफलतापूर्वक की थी।

नये लॉन्च पैड के निर्माण के बाद, यहां से पहली सफल लॉन्चिंग भी की गयी। रोहिणी 6एच200 छोटा रॉकेट 75.24 किमी की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद 121.42 किमी की दूरी तय करते हुए समुद्र में गिरा। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य एटमोसफेरिक सर्वे करना था। 

आज इस नये रॉकेट लॉन्च पैड के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गयी है। मौके पर इसरो के प्रमुख वैज्ञानिक राजाराजन और अन्य वैज्ञानिकों ने भूमि पूजन किया। इस परियोजना में एक नया सेवा भवन और प्रक्षेपण कॉम्प्लेक्स भी बनाया जायेगा, जिससे इसरो को भविष्य में अधिक स्वतंत्रता और लॉन्चिंग की गति मिलेगी।

Published / 2025-02-26 21:07:26
आईआईआईटी रांची का लिंक हैक, जानें कब...

आईआईआईटी रांची में भाषण के दौरान किसी अज्ञात ने हैक किया लिंक, प्रसारित की अश्लील सामग्री 

टीम एबीएन, रांची। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने आरोप लगाया कि आईआईआईटी रांची के छात्रों को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते समय किसी ने उनके लिंक को हैक किया और अश्लील सामग्री प्रसारित करना शुरू कर दिया, जिसके कारण आयोजकों को इसे बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

सैम के साथ संवाद: उथल-पुथल के दौर में गांधी की प्रासंगिकता विषय पर आॅनलाइन चर्चा के दौरान पित्रोदा ने यह दावा किया। इस चर्चा को उन्होंने शनिवार को एक्स पर पोस्ट किया गया था।  पित्रोदा ने कहा, हाल ही में मैं आईआईटी रांची के करीब 100 छात्रों से (आनलाइन) बात कर रहा था। 

अचानक किसी ने इसे हैक कर दिया और अश्लील सामग्री दिखाना शुरू कर दिया। हमारे पास इसे बंद करने के लिए अलावा कोई विकल्प नहीं था। कांग्रेस नेता ने टिप्पणी की, अब क्या यह लोकतंत्र है? क्या यह उचित है? वीडियो में पित्रोदा ने गलती से भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) रांची को आईआईटी रांची कह दिया। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह घटना बताती है कि शिक्षण संस्थान अब अपने लोकतांत्रिक और स्वतंत्र चरित्र खोते जाते हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं अकादमिक चचार्ओं की अखंडता और विचारों के स्वतंत्र आदान-प्रदान को कमजोर करती हैं।

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