ज्ञान विज्ञान

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Published / 2021-12-02 03:16:09
पेरिस या सिंगापुर नहीं, ये है दुनिया का सबसे महंगा शहर

एबीएन डेस्क। जीवनयापन के लिए तेल अवीव दुनिया का सबसे महंगा शहर घोषित हुआ है। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (ईआईयू) ने 173 शहरों में किए गए सर्वेक्षण के बाद बुधवार को वर्ल्डवाइड कॉस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स जारी किया है, जिसमें इजरायली शहर तेल अवीव को सबसे महंगा शहर घोषित किया गया है।रैंकिग में पेरिस और सिंगापुर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर ईआईयू के वर्ल्डवाइड कॉस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स में पेरिस और सिंगापुर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे हैं, उसके बाद ज्यूरिख और हांगकांग का स्थान रहा। वहीं न्यूयॉर्क छठे स्थान पर, जिनेवा सातवें, आठवें स्थान पर कोपेनहेगन, नौवें में लॉस एंजिल्स और 10वें स्थान पर जापान का ओसाका है। बीते वर्ष सर्वेक्षण ने जीवनयापन के लिए पेरिस, ज्यूरिख और हांगकांग को संयुक्त रूप से दुनिया का सबसे महंगा शहर घोषित किया था। तेल अवीव में महंगाई दर पिछले पांच वर्षों में शीर्ष पर ईआईयू ने 173 शहरों में वस्तुओं और सेवाओं के दाम के लिए अमेरिकी डॉलर में किए गए भुगतान की तुलना के आधार पर इंडेक्स जारी किया है, इसमें तेल अवीव में पिछले पांच वर्षों में सबसे तेज महंगाई दर दर्ज की गई है। इस साल अगस्त और सितंबर में एकत्र किए गए आंकड़ों में पाया गया है कि माल और वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हुई थी, जो दर्शाती है कि स्थानीय मुद्रा के संदर्भ में औसत कीमतों में 3.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। ईआईयू की प्रमुख उपासना दत्त ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण सामाजिक प्रतिबंधों ने माल की आपूर्ति को बाधित कर दिया, जिससे माल की कमी और कीममों में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने कहा कि हम इस साल के इंडेक्स में स्पष्ट रूप से पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी का प्रभाव देख सकते हैं, जो महंगाई की एक वजह है। उन्होंने कहा कि इस साल केंद्रीय बैंकों से महंगाई को कम करने के लिए सावधानीपूर्वक ब्याज दरों में वृद्धि की उम्मीद है। दमिश्क सबसे सस्ता शहर इंडेक्स में जीवनयापन के लिए दमिश्क को दुनिया का सबसे सस्ता शहर घोषित किया गया है। वहीं औसत महंगाई के आंकड़े में कराकास, दमिश्क, ब्यूनस आयर्स और तेहरान में असाधारण उच्च दर नहीं पाई गई है।

Published / 2021-11-29 13:53:53
5जी शुरू करने की तैयारी के बीच 6जी की भी चर्चा तेज

नयी दिल्ली। देश में अभी 5जी शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन इसी बीच उसके अगले संस्करण 6जी की चर्चा भी तेज हो गई है। इस बारे में कोई और नहीं बल्कि आईटी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है। अश्विनी वैष्णव ने देश में ही बने 6जी टेक्नोलॉजी की बात की है। उनका कहना है कि यह हाईटेक टेक्नोलॉजी साल 2023 के अंत में या 2024 के शुरू में लॉन्च हो सकती है। अश्विनी ने एक वोबनार में 6जी को बनाने और लॉन्चिंग के बारे में बताया। उनके मुताबिक देश में 6जी पर काम बहुत पहले शुरू हो गया है और इसके इस्तेमाल हम 2024 तक या 2023 के अंत तक देख सकते हैं। केंद्रीय मंत्री एक वेबिनार में बोल रहे थे। अश्विनी ने कहा, 6जी बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है। पहले से निर्धारित समयावधि में इसे पूरा होते हुए देख सकते हैं। अभी हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारे पास देश में ही बने टेलीकॉम सॉफ्टवेयर होंगे, जिनपर यह टेक्नोलॉजी चलेगी। टेलीकॉम के उपकरण भी देश में ही बनेंगे और यह देसी टेलीकॉम नेटवक पूरी दुनिया को अपनी सेवा दे सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 5जी टेक्नोलॉजी की लॉन्चिंग भी पूरी तैयारी में है। अगले साल की तीसरी तिमाही तक 5जी टेक्नोलॉजी का कोर सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया जाएगा। वैष्णव ने 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि नीलामी के लिए ट्राई ने परामर्श करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो अगले साल फरवरी-मार्च तक संपन्न हो जाएगी। 5जी की नीलामी प्रक्रिया 2022 की दूसरी तिमाही में शुरू होगी। टेलीकॉम सेक्टर में कुछ मामले वर्षों से लंबित हैं, जिनमें सुधार और तेजी लाने के लिए सरकार सुधारों को लागू करने पर जोर दे रही है। दूसरी ओर, सेल्युलर आॅपरेटर्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया ने सरकार से 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी की बेस प्राइस में आधे से भी अधिक कटौती करने का अनुरोध किया है।

Published / 2021-11-27 13:14:39
गूगल : ब्राउजर कुकीज पर नई प्रतिबद्धताओं का प्रस्ताव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ब्रिटिश प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा है कि उसने अपने ब्राउजर में यूजर-ट्रैकिंग कुकीज में बदलाव पर अल्फाबेट की साथी कंपनी गूगल से बेहतर प्रतिबद्धता हासिल की है। ब्रिटिश प्रतिस्पर्धा नियामक ने कहा, कुछ क्रोम में कुछ कुकीज कम होंगे इसमें अमेरिकी प्रतिस्पर्धा और बाजार प्राधिकरण (सीएमए) क्रोम में कुछ कुकीज को कम करना शामिल है। गूगल इसकी योजना की जांच कर रहा है ताकि डिजिटल विज्ञापन की प्रतिस्पर्धा में कोई बाधा न पहुंचे। गूगल ने जून में प्राइवेसी सैंडबॉक्स को लेकर अपनी योजना में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा था जिसमें सीएमए को एक निरीक्षण भूमिका की अनुमति देना शामिल है। गूगल ने यह भी कहा है कि यदि उसकी प्रतिबद्धताएं स्वीकार की गईं तो इन्हें विश्व स्तर पर लागू किया जाएगा। सीएमए ने कहा कि गूगल ने कुछ अन्य चिंताओं को दूर करने के लिए भी अपना संकल्प दोहराया है। इसमें आईपी पते तक पहुंच को कम करना और डाटा पर अंदरूनी सीमाओं को स्पष्ट करना शामिल है। सीएमए के मुख्य कार्यकारी एंड्रिया कोसेली ने बताया कि हम हमेशा से यूजरों की गोपनीयता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।

Published / 2021-11-23 15:47:16
वायु सेना को मिलेगा स्वदेशी जीसैट- 7 सी सैटेलाइट, संचार नेटवर्क बनेगा मजबूत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सशस्त्र सेनाओं के बीच संचार नेटवर्क को सुरक्षित एवं मजबूत बनाने के लिए वायु सेना के लिए 2,236 करोड़ रुपए की लागत से देश में ही बने जीसैट- 7 सी उपग्रह की खरीद को मंगलवार को मंजूरी दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज हुई रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव को जरूरत के आधार पर खरीद की श्रेणी में मेक इन इंडिया के तहत मंजूरी दी गई है। वायुसेना के आधुनिकीकरण और संचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है और इस की अनुमानित लागत 2,236 करोड़ रुपए है। सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो के लिए इस उपग्रह का पूरा डिजाइन, विकास और प्रक्षेपण देश में ही किया जाएगा। इसकी बदौलत हमारी सशस्त्र सेनाएं एक दूसरे के साथ सभी तरह की परिस्थितियों में पूरी सुरक्षा के साथ द्दष्टि की सीमा से आगे तक संपर्क साधने में सक्षम होगी।

Published / 2021-11-21 09:22:43
अब आधार कार्ड नंबर से खाते में ट्रांसफर होंगे पैसे, स्मार्टफोन और यूपीआई की नहीं होगी जरूरत

एबीएन डेस्क। बीते कुछ सालों में भारत के अंदर डिजिटल पेमेंटिंग सिस्टम में कई बड़े बदलाव हुए हैं। यही एक बड़ी वजह है, जिसके चलते डिजिटल ट्रांजैक्शन की मात्रा में एक्सपोनेंशियल ग्रोथ देखने को मिली है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि देश की अर्थव्यवस्था को जल्द से जल्द एक कैशलेस इकॉनोमी के रूप में बदला जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही आधार कार्ड में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। रिपोर्ट की मानें तो आने वाले समय में हम आधार कार्ड के जरिए पैसों को ट्रांसफर कर सकेंगे। अभी तक हम लोग आधार कार्ड का उपयोग सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों की कई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए करते थे। वहीं अब इस नए बदलाव के आने से देश में लेन देन की एक नई व्यवस्था की शुरूआत हो जाएगी। इससे देश भर के करोड़ों लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इसी कड़ी में आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से - रिपोर्ट के मानें तो BHIM (Bharat interface for money) यूजर्स आसानी से आधार कार्ड नंबर के जरिए उन व्यक्तियों के खातों में पैसों को भेज सकेंगे, जिनके पास स्मार्टफोन या यूपीआई आईडी नहीं है। इससे देश में एक सकारात्मक बदलाव आ सकता है। बीते कुछ सालों में डिजटलीकरण की रफ्तार में काफी तेजी आई है। इस कारण कई लोग लेनदेन के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं। वहीं देश के भीतर कई लोग ऐसे भी हैं, जो अभी भी लेन देन की इस नई व्यवस्था का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्ट की मुताबिक आधार कार्ड से पैसों को ट्रांसफर करने के लिए आपको BHIM ऐप में संबंधित व्यक्ति के आधार नंबर को दर्ज करना होगा। आधार नंबर को दर्ज करने के बाद वेरीफाई के बटन पर क्लिक करना है। इसे करने के बाद आधार नंबर की लिंकिंग की पुष्टि की जाएगी। प्रोसेस सफलतापूर्वक होने के बाद राशि को संबंधित व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

Published / 2021-11-20 14:51:55
क्या लाल ग्रह मंगल पर नहीं है जीवन?

एबीएन डेस्क। मंगल ग्रह पर जीवन की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए एक निराशाजनक खबर है। वैज्ञानिकों के एक नए अध्ययन में कहा गया है कि जिन जीवाश्म (फॉसिल) साक्ष्यों को उस ग्रह पर जीवन का संकेत समझा गया है, वे भ्रामक हो सकते हैं। धरती से कई रोबोट संचालित यान मंगल ग्रह पर भेजे गए हैं। उन्हें वहां जीवन के संकेत का पता लगाने के मकसद से भेजा गया है। आम तौर पर मंगल ग्रह की सतह शुष्क है। लेकिन उस पर कुछ सूक्ष्म माइक्रोफॉसिल नजर आए हैं, जिन्हें कुछ वैज्ञानिकों ने इस ग्रह पर अतीत या वर्तमान में जीव मौजूद होने का संकेत समझा है। छद्म जीवाश्मों की थ्योरी : लेकिन लंदन से प्रकाशित जर्नल आॅफ जियोलॉजिकल में छपी एक ताजा अध्ययन रिपोर्ट में माइक्रोफॉसिल संकेतों की व्याख्या करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एडिनबरा विवि में एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट सीन मैकमोहन और आॅक्सफोर्ड विवि में जियो-बॉयोलॉजिस्ट जूली कॉस्मिड्स ने अपनी अध्ययन रिपोर्ट मे कहा है कि वैज्ञानिकों को गैर-जैवीय खनिज पदार्थों पर भी जरूर ध्यान देना चाहिए। इनमें कई ऐसे होते हैं, जो फॉसिल की तरह नजर आते हैं। इस अध्ययन रिपोर्ट में दर्जनों ऐसे गैर-जैवीय (नॉन बॉयोलॉजिकल) प्रक्रियाओं का जिक्र है, जिनसे छद्म जीवाश्म पैदा होते हैं। यानी वे जीवाश्म जैसे दिखते हैं, लेकिन असल में वे जीवाश्म नहीं होते। इन शोधकर्ताओं के मुताबिक मंगल ग्रह पर जो जीवाश्म दिखे हैं, उनके साथ भी ऐसी ही बात हो सकती है। वेबसाइट साइंसअलर्ट.कॉम पर छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक मैकमोहन ने कहा है- आगे चल कर मार्स पर गए घुमंतू यान (रोवर) जरूर ऐसी कोई चीज हासिल करेंगे, जो जीवाश्म की तरह नजर आएंगे। इसलिए हमें उनकी रासायनिक संरचना को समझने के लिए खुद सक्षम बनाना पड़ेगा।

Published / 2021-11-12 14:23:31
रोज 4.8 घंटे फोन पर बिता रहे भारतीय, एप डाउनलोड्स में भी 28% का इजाफा

एबीएन डेस्क। हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। इंटरनेट के साथ भी ऐसा ही है। कई एक्सपर्ट कम-से-कम मोबाइल इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन लोग कहां सुनने वाले हैं। भारत के लोग इस वक्त स्मार्टफोन पर सबसे ज्यादा वक्त बिता रहे हैं। एक रिपोर्ट से इसकी जानकारी मिली है। भारतीय मोबाइल यूजर्स के बीच गेमिंग एप्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। मोबाइल पर समय बिताने के मामले में भारत चौथे नंबर पर : मोबाइल एप एनालिस्ट कंपनी एप एनी की एक रिपोर्ट के मुताबकि 5.5 घंटे के साथ इंडोनेशिया पहले नंबर पर, 5.4 घंटे के साथ ब्राजील दूसरे नंबर पर, 5 घंटे के साथ दक्षिण कोरिया तीसरे नंबर पर, 4.8 घंटे के साथ भारत चौथे नंबर पर और 4.8 घंटे के साथ मैक्सिको पांचवे नंबर पर है। भारतीय यूजर्स हर रोज 24 घंटे में से 4.8 घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। पिछले साल की पहली तिमाही में यह समय 4 घंटे का था। इसमें सबसे ज्यादा यूजर्स गेमिंग वाले हैं। इसके अलावा फिनटेक और क्रिप्टो एप्स भी भारत में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। एप एनी ने 2021 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट जारी की है। कुल एप्स की डाउनलोडिंग में भी 28 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है जिसके बाद डाउनलोड हुए कुल एप्स की संख्या 24 बिलियन पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत मोबाइल गेमिंग के लिहास से पूरी दुनिया में सबसे बड़ा मार्केट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्येक पांचवां मोबाइल गेम एप भारत में ही डाउनलोड होता है। सबसे ज्यादा डाउनलोडिंग का ताज लुडो किंग के सिर फैंटसी मोबाइल गेम एप्स की लोकप्रियता के बावजूद साल 2021 की छमाही में लुडो किंग डाउनलोडिंग के मामले में टॉप पर है। घरेलू गेमिंग एप्स को महज 7.6 फीसदी ही डाउनलोड्स मिले हैं। सरकार द्वारा पिछले साल बैन करने के बाद भी पबजी मोबाइल गेम लोकप्रियत के शिखर पर है। पबजी मोबाइल को हाल ही में भारत में नए नाम बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया के नाम से लॉन्च किया गया है। फिनटेक एप्स का इस्तेमाल 5.4 गुना बढ़ा : फोनपे, गूगल पे और सरकार के यूपीआई एप्स समेत कई सारे फिनटेस एप्स के इस्तेमाल में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला है। फिनटेक एप्स का इस्तेमाल भारतीय यूजर्स पिछले साल के मुकाबले 5.4 गुना अधिक कर रहे हैं। फेस्टिव सीजन के दौरान डिजिटल पेमेंट वाले एप्स के इस्तेमाल में बड़ा इजाफा देखने को मिला है।

Published / 2021-11-11 03:48:25
उपलब्धि: स्पेसएक्स के अंतरिक्ष यान से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन रवाना हुए चार यात्री

एबीएन डेस्क। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने गुरुवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मिलकर चार अंतरिक्ष यात्रियों का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) का मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस क्रू के पृथ्वी की कक्षा पार करते ही 60 वर्षों के इतिहास में 600 लोगों के अंतरिक्ष में जाने का अनोखा रिकॉर्ड बन गया। स्पेसएक्स हाल ही में चार अंतरिक्ष यात्रियों को अपने अंतरिक्ष यान के जरिए वापस पृथ्वी पर भी लेकर आया है। बताया गया है कि टीम में जो अंतरिक्षयात्री शामिल किए गए हैं, उनमें एक अनुभवी स्पेसवॉकर (अंतरिक्ष में विमान से बाहर निकलकर अभ्यास कर चुका व्यक्ति) और दो युवा शामिल हैं। नासा ने इन्हें अपने आने वाले चंद्र मिशन के लिए भी चुना है।

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