ज्ञान विज्ञान

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Published / 2022-02-14 04:37:52
साल का पहला रडार इमैजनिंग सैटेलाइट लॉन्च

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो-ISRO) ने इस साल का अपना पहला रडार इमैजनिंग सैटेलाइट Earth Observation Satellite (EOS-04) को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से आज सुबह सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसरो ने यह सैटेलाइट लॉन्च पैड से आज सुबह 05.59 बजे दो छोटे सह-यात्री उपग्रहों के साथ पीएसएलवी से लॉन्च किया है। पीएसएलवी के जरिए इसरो ने धरती के पर्यवेक्षण उपग्रह या अर्थ ऑब्जर्वेश उपग्रह (orbit earth observation satellite EOS-04) को अंतरिक्ष में भेजा है। इस सैटेलाइट का नाम रडार इमैजनिंग उपग्रह भी है जो धरती की सतह की सटीक तस्वीर इसरो को भेजेगा। इसरो ने इस सैटेलाइट के साथ छोटे-छोटे दो और सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा है। पीएसएलवी-सी52 के जरिए 1,710 किलोग्राम वजन वाला ईओएस-04 उपग्रह को सूर्य की ध्रुवीय कक्षा में ग्रह से 529 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किया जाएगा। इसरो ने चार चरणों वाला रॉकेट पीएसएलवी से एक स्टूडेंट्स का उपग्रह INSPIRESat और दूसरा INSAT-2DT उपग्रह भी इसी उपग्रह के साथ लॉन्च किया है। INSAT-2DT भारत और भूटान का संयुक्त मिशन है। मिशन की सफलता के बाद इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट किया, PSLV-C52 का मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। दरअसल, रडार इमैजनिंग सैटेलाइट को ही अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट-4 कहा जाता है। यह सैटेलाइट किसी भी मौसम में धोरती की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीर भेजेगा। इससे बाढ़, मृदा अपरदन, जंगल, कृषि, हरियाली आदि की सटीक मैपिंग की जा सकेगी। यह अंतरिक्ष यान रिसोर्स सैटेलाइट, कार्टोसैट और RISAT-2B सीरीज के उपग्रह से प्राप्त डाटा को सी-बैंड में कलेक्ट करेगा। इस उपग्रह का कार्यकाल 10 साल का होगा।

Published / 2022-02-13 06:48:08
कल सुबह 5:59 मिनट पर इओएस-04 के साथ उड़ान भरेगा PSLV-C52

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 2022 के पहले मिशन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 14 फरवरी को सुबह 5:59 बजे मिशन पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV-C52) का सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण होगा। इसके जरिए धरती का पर्यवेक्षण उपग्रह (ईओएस)- 04 अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसरो ने एक ट्वीट में बताया कि पीएसएलवी-सी52, ईओएस-04 मिशन के प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे 30 मिनट की उलटी गिनती आज सुबह 04:29 बजे से शुरू हो गई है। पीएसएलवी-सी52 के जरिए 1,710 वजनी ईओएस-04 को 529 किमी ऊंचे परिक्रमा पथ में स्थापित किया जाएगा। क्या है इओएस-04 : इसरो ने बताया कि ईओएस-04 रडार इमेजिंग उपग्रह है। इसका उपयोग पृथ्वी की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में होगा। इनसे कृषि, वन, पौधरोपण, मिट्टी में नमी, पानी उपलब्धता और बाढ़ ग्रस्त इलाकों के नक्शे को तैयार करने में मदद मिलेगी। यह दो उपग्रह भी साथ जाएंगे :- इंस्पायर सेट-1: यह उपग्रह भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान तकनीक संस्थान ने कोलोराडो विश्विद्यालय के अंतरिक्ष भौतिक शास्त्र व वायुमंडलीय प्रयोगशाला के साथ तैयार किया है। • आईएनएस-2टीडी : साथ प्रक्षेपित होने वाला यह दूसरा उपग्रह इसरो का ही है। इसे भारत व भूटान के संयुक्त उपग्रह आईएनएस-2वी के पहले विकसित कर भेजा रहा है। इनसेट-4बी बना देश का 21वां डी-कमीशन होने वाला उपग्रह : इस बीच इसरो ने बताया कि इनसेट-4बी को 24 जनवरी को डी-कमीशन कर पोस्ट मिशन डिस्पोजल (पीएमडी) पर भेजा गया है। पीएमडी भेजने मतलब है कि उपग्रह ने अपना समय पूरा कर लिया है और अब इसे डिस्पोज किया जा रहा है। यह 21वां उपग्रह जिसे इसरो पीएमडी कर रहा है। 11 मार्च 2007 को यह 1,335 किलो वजनी इनसेट-4बी अंतरिक्ष में 12 साल काम करने के लिए भेजा गया था। संयुक्त राष्ट्र की अंतरिक्ष मलबा नियंत्रण गाइडलाइन के तहत इसे डिस्पोज करने के लिए 340 किमी ऊंचाई के परिक्रमा पथ "ग्रेवयार्ड-आर्बिट" में भेजा गया है।

Published / 2022-02-09 17:34:57
बीएसएनएल को 4जी की तरह 5जी नेटवर्क शुरू करने का भी काम : अश्विनी वैष्णव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने बुधवार को कहा कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 4जी की तरह 5जी नेटवर्क शुरू करने का भी कार्य सौंपा जाएगा। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में कहा, प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत 5जी के कोर नेटवर्क, रेडियो नेटवर्क, उपकरण, हैंडसेट की पूरी तैयारी हो गई है। बहुत जल्द इसकी भी प्रगति के बारे में सदन के सदस्यों को जानकारी दी जाएगी। 4जी बीएसएनएल को दिया गया है। 5जी भी बीएसएनएल को दिया जाएगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह कहा। वैष्णव ने कहा कि बीएसएनएल की बाजार हिस्सेदारी 2014 में साढ़े सात प्रतिशत रह गयी थी, जो आज 10 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मंत्री ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आज बीएसएनएल का नेटवर्क हर महीने एक लाख घरों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह (नेटवर्क) लगभग 20 लाख घरों तक पहुंच गया है।

Published / 2022-02-07 09:58:04
दो दिनों तक फ्री सर्विस देगी रिलायंस जियो, इन्हें होगा फायदा...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिलायंस जियो अपने कुछ यूजर्स को दो दिनों की फ्री सर्विस दे रही है। आपको बता दें कि शनिवार को जियो का नोटवर्क दिल्ली और मुंबई में डाउन हो गया था। यूजर्स का कहना है कि यह दिक्कत लगभग 8 घंटे तक हुई। इसका हर्जाना भरने के लिए रिलायंस जियो ने अपने यूजर्स को दो दिनों तक फ्री सर्विस देने का ऐलान किया है। यह सुविधा यूजर्स के जियो अकाउंट में जोड़ दी जाएगी और यूजर्स के मौजूदा प्लान की वेलिडिटी दो दिनों तक बढ़ जाएगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी जियो यूजर्स को मैसेज कर रही है, जिसमें कहा गया है कि गुडविल गेस्चर के तौर पर हम 2-DAY RENTAL CREDIT दे रहे हैं, जो आपके नंबर पर ऑटोमेटिक अप्लाई हो जाएगा।

Published / 2022-02-03 15:30:20
अगस्त में अंतरिक्ष में छोड़ा जायेगा चंद्रयान-3

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने कहा है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन-चंद्रयान-3 को अगस्त में प्रक्षेपित करने की योजना है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष, डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि चंद्रयान -3 अगस्त 2022 में प्रक्षेपित किया जानेवाला है। डॉ सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि चंद्रयान-2 से मिली सीख और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर चंद्रयान-3 की तैयारी जारी है। इसके कई कल पुर्जे और प्रणालियों का निर्माण और उनके के विशेष परीक्षण का काम सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि इसका लॉन्च (प्रक्षेपण) अगस्त 2022 के लिए निर्धारित है। डॉ सिंह ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से दिसंबर तक कुल 19 अंतरिक्ष मिशन प्रक्षेपित करने की योजना है। इनमें आठ प्रक्षेपण यान मिशन, सात अंतरिक्ष यान मिशन और चार प्रौद्योगिकी दशार्ने के मिशन होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण चल रहे कई मिशन प्रभावित हुए हैं। सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नितिगत सुधार और नए प्रस्तुत मांग संचालित मॉडल की पृष्ठभूमि में परियोजनाओं का पुनर्मूल्यांकन किया गया है।

Published / 2022-02-02 17:21:32
आईएनएस विक्रांत के लिए राफेल-मरीन का हुआ सफल फ्लाइट टेस्ट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। फ्रांस निर्मित लड़ाकू विमान राफेल के समुद्री संस्करण का गोवा में सफल उड़ान परीक्षण किया गया और इसके लिए परिस्थितियां ठीक वैसी ही बनाई गई थीं जैसी स्वदेश विकसित विमान वाहक पोत कठर विक्रांत पर होती हैं। राफेल-एम की प्रतिस्पर्धा अमेरिका निर्मित सुपर हॉर्नेट से है। भारतीय नौसेना द्वारा 44,000 टन के कठर विक्रांत पर तैनाती के लिए संभावित खरीद के लिए इन दोनों का मूल्यांकन किया जा रहा है। आईएनएस विक्रांत का अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में परीक्षण चल रहा है और यह अगस्त से सेवा में आ सकता है। भारत में फ्रांस के राजदूत एमैनुअल लेनै ने मंगलवार शाम को यहां कहा कि राफेल मरीन की आपके (भारत के) विमान वाहक पोत से उड़ान भरने की क्षमता देखने के लिए परीक्षण किए गए और ये अच्छे रहे। भारत के नए विमान वाहक पोत को जंप लांच शिप की तरह डिजाइन किया गया है, जिससे कोई विमान इसकी गति की मदद से उड़ान भर सकता है और यह अन्य विमान वाहक पोतों से अलग है जो विमान के उड़ान भरने के लिए कैटापुल्ट लांच नामक उपकरण या तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। लेनैं ने कहा कि राफेल-एम विमान का पिछले महीने 12 दिन तक गोवा के कठर हंसा केंद्र से परीक्षण किया गया और इसके लिए 283 मीटर की कृत्रिम स्की-जंप सुविधा का इस्तेमाल किया गया। बोइंग के सुपर हॉर्नेट या एफ/ए-18 विमानों को भी भारत को बेचने के लिए पेशकश की जा रही है और अगले महीने इनका भी आईएनएस हंसा पर इस तरह का परीक्षण हो सकता है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि आपूर्तिकर्ताओं ने राफेल-एम और सुपर हॉर्नेट दोनों में बदलाव किए हैं ताकि उन्हें भारत के ऑर्डर के लिहाज से बनाया जा सके।

Published / 2022-02-02 16:52:32
प्रोजेक्ट 75 की पांचवीं पनडुब्बी के लिए समुद्री परीक्षण शुरू, बढ़ेगी नौसेना की ताकत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय नौसेना ने बुधवार को कहा कि परियोजना (प्रोजेक्ट) 75 की पांचवीं पनडुब्बी का समुद्री परीक्षण प्रारंभ हो गया है। इसके तहत प्रणोदक प्रणाली, हथियार एवं संवेदी उपकरणों की जांच की जायेगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार इन परीक्षणों के पूरा हो जाने पर इस साल के अंत में इस पनडुब्बी की भारतीय नौसेना को आपूर्ति करने की योजना है और बेड़े में शामिल करने के बाद वह आईएनएस वगीर नाम से जाना जाएगा। नौसेना ने एक बयान में कहा, प्रोजेक्ट 75, यार्ड 11879, भारतीय नौसेना की कलवरी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी ने एक फरवरी को अपने समुद्री परीक्षण शुरू किये हैं। पनडुब्बी (का निर्माण कार्य) नवंबर 2020 में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (मडीएल) के कन्होजी आंगरे वेट बेसिन से शुरू किया गया था। बेड़े में शामिल करने के बाद उसका नाम वगीर रखा जाएगा। उसने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद मुम्बई स्थित एमडीएल ने 2021 में प्रोजेक्ट 75 की दो पनडुब्बियों की आपूर्ति की है और पांचवीं पनडुब्बी के समुद्री परीक्षण की शुरुआत एक मील का पत्थर है। बयान में कहा गया है, पनडुब्बी समुद्र में अपनी सभी प्रणालियों जैसे प्रणोदक प्रणाली, हथियार एवं संवेदी उपकरणों की सघन जांच से गुजरेगी। इन परीक्षणों के पूरा होने पर 2022 में ही इस पनडुब्बी को भारतीय नौसेना को आपूर्ति करने की योजना है।

Published / 2022-02-01 05:25:52
कानून का असर: फेसबुक ने हटाए 1.93 करोड़ आपत्तिजनक पोस्ट, गूगल और इंस्टाग्राम भी सक्रिय

एबीएन डेस्क। देश में आपत्तिजनक सामग्री (कंटेंट) को लेकर फेसबुक, गूगल और इंस्टाग्राम ने कड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने कहा है कि दिसंबर में 13 श्रेणियों के तहत फेसबुक ने एक करोड़ 93 लाख से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट हटाए। कंपनी की मासिक अनुपालन रिपोर्ट में कहा गया है कि फोटो साझा करने के मंच इंस्टाग्राम से 12 श्रेणियों के तहत 24 लाख कंटेंट हटाए गए। फेसबुक को भारतीय शिकायत प्रणाली के माध्यम से मिली 531 शिकायतें : सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम के मुताबिक बड़े डिजिटल मंचों के लिए (जिनके 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ता हैं ) हर महीने अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना जरूरी है। इस रिपोर्ट में आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर प्राप्त शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण होता है। इस रिपोर्ट में स्वचालित तरीके से निगरानी के जरिए हटाई गई आपत्तिजनक सामग्री का भी विवरण होता है। रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर में फेसबुक को भारतीय शिकायत प्रणाली के माध्यम से 531 शिकायतें मिलीं। गूगल ने दिसंबर में हटाए 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट : गूगल को दिसंबर में कॉपीराइट उल्लंघन समेत आपत्तिजनक कंटेंट (सामग्री) को लेकर उपयोगकर्ताओं से 31,497 शिकायतें मिलीं। इन शिकायतों के आधार पर गूगल ने 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया। इसके अलावा स्वचालित तरीके से निगरानी के जरिए दिसंबर में 4,05,911 कंटेंट भी हटाए गए। रिपोर्ट में कहा है कि उसे भारत के व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं से दिसंबर महीने में 31,497 शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतों के बाद कार्रवाई करते हुए कंपनी ने विभिन्न श्रेणियों में 94,173 आपत्तिजनक कंटेंट पर कार्रवाई की, इनमें कॉपीराइट उल्लंघन के 93,693 कंटेंट शामिल हैं। बता दें कि फेक न्यूज को रोकने को लेकर फेसबुक अब पहले से कहीं ज्यादा सक्रिय हो गया है। किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट पर रिपोर्ट करने के बाद फेसबुक उचित कार्रवाई करता है। इससे पहले सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने नवंबर महीने में भारत में फेसबुक पर 1.62 करोड़ से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की थी। फेसबुक ने कार्रवाई 13 कैटेगरी में की थी। कंपनी की मंथली कप्लायंस रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक की तस्वीरें शेयर करने के प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने नवंबर के दौरान 12 कैटेगरी में 32 लाख से ज्यादा कंटेंट पर कार्रवाई की थी।

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