ज्ञान विज्ञान

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Published / 2022-07-27 05:28:10
विज्ञान का चमत्कार : वैज्ञानिकों ने पहली बार घटाया चूहे की उम्र, अब इंसानों की बारी...

एबीएन नॉलेज डेस्क। इंसानों में अमर होने की चाहत है और कोई भी इंसान बूढ़ा नहीं होना चाहता है। हर इंसान चाहता है कि वो कभी भी ना मरे, वो अमर हो जाए और दुनियाभर के वैज्ञानिक इस कोशिश में लगातार प्रयोग करते रहते है और पहली बार ऐसा हुआ है कि वैज्ञानिकों की एक टीम ने चूहों की उम्र घटाने में कामयाबी हासिल कर ली है और इसे विज्ञान का चमत्कार कहा जा रहा है। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार वैज्ञानिकों की एक टीम ने चूहों की कोशिकाओं को रीसेट करने में कामयाबी हासिल कर ली है, जिससे चूहों की उम्र कम हो गई है। हार्वर्ड के जीवविज्ञानी डॉ डेविड सिंक्लेयर के नेतृत्व में किए गए अभूतपूर्व शोध से मनुष्यों में बढ़ती उम्र को उलटने की दौड़ पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। वैज्ञानिकों की टीम ने प्रोटीन का उपयोग करके अविश्वसनीय परिणाम प्राप्त किए है, जिससे एक वयस्क कोशिका को एक स्टेम सेल में बदलने में कामयाबी मिली है। वैज्ञानिकों ने अपने इस प्रयोग को लेकर कहा है कि अब प्रभावी रूप से घड़ी की सुइयों को वापस घुमा सकते हैं और उम्र बढ़ाने वाली कोशिकाओं को उसके छोटे आकार में रीसेट कर सकते हैं। डॉ सिनक्लेयर ने सेलुलर कायाकल्प को "स्थायी रीसेट" के रूप में वर्णित किया है और उनका मानना है कि वही वैज्ञानिक सिद्धांत मानव कोशिकाओं पर लागू किया जा सकता है। उन्होंने सीएनएन से बात करते हुए कहा है कि, जहां तक हम बता सकते हैं, और हमें लगता है कि यह एक सार्वभौमिक प्रक्रिया हो सकती है, जिसे हमारी उम्र को रीसेट करने के लिए पूरे शरीर में लागू किया जा सकता है। डॉ सिनक्लेयर और उनकी टीम ने पहले चूहों में क्षतिग्रस्त रेटिना को युवा चूहों के ब्लड प्लाज्मा को ट्रांसप्लांट करके उसे ठीक करने में कामयाबी हासिल की है। वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने इस प्रक्रिया से चूहों के सेल्स को बूढ़ा होने से रोकने में 54 प्रतिशत सफलता हासिल की है। डॉ सिनक्लेयर को पूरा विश्वास है कि बढ़ती उम्र को पलटना भी कई घातक बीमारियों को ठीक करने की कुंजी है और उन्हें विश्वास है कि ये नई वैज्ञानिक तकनीकें इंसानों को लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास 70 साल की उम्र में कैंसर, 80 की उम्र में हृदय रोग और 90 की उम्र में भूलने की बीमारी को ठीक करने की नई तकनीक हासिल करने की क्षमता है और इसकी वजह से जो हजारों जाने जाती हैं, उसे बचाया जा सकता है। हालांकि, कुछ और रिसर्चर्स ऐसे हैं, जिन्होंने चूहों की उम्र को पलटने में कामयाबी हासिल की है और उन्हीं वैज्ञानिकों में से एक वैज्ञानिक हैं, जापान के बायोमेडिकल वैज्ञानिक डॉ शिन्या यामानाका, जिन्होंने वयस्क चूहों की त्वचा कोशिकाओं को उनके मूल पैटर्न में उनके एपिजेनेटिक निशान को प्रभावी ढंग से रीसेट करके स्टेम कोशिकाओं के लिए सफलतापूर्वक फिर से प्रोग्राम किया है। आपको बता दें कि एपिजेनेटिक परिवर्तन ही उम्र बढ़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं और जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, हमें बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं। इस सफलता ने जापानी वैज्ञानिक डॉ यामानाका को नोबेल पुरस्कार दिलाया था और स्टेम सेल को अब "यामानाका कारक" के रूप में जाना जाता है। वैज्ञानिक सिनक्लेयर के प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले व्हिटनी केसी ने कहा कि वैज्ञानिक सिनक्लेयर के शोध से पता चलता है कि आप जीवन को लंबे समय तक छोटा बनाने के लिए उम्र बढ़ने को बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह दुनिया को बदलना चाहते हैं और उम्र बढ़ने को एक बीमारी बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, आधुनिक चिकित्सा पद्धति से बीमारी का इलाज किया जाता है, जबकि बीमारी क्यों हुई है, इसका इलाज नहीं किया जाता है, और ज्यादातर बीमारियों की असल वजह उम्र का बढ़ना है। वहीं, सिनक्लेयर ने कहा कि हम जानते हैं कि जब हम चूहे में मस्तिष्क जैसे अंग की उम्र उलट देते हैं, तो उम्र बढ़ने के रोग दूर हो जाते हैं। याददाश्त वापस आती है, कोई और मनोभ्रंश नहीं होता है। उन्होंने कहा कि, मेरा मानना है कि भविष्य में, उम्र बढ़ने में को देर तक रोकना और फिर उसे उलटना, उन बीमारियों के इलाज का सबसे अच्छा तरीका होगा जो हम में से अधिकांश को पीड़ित करते हैं।

Published / 2022-07-26 07:48:06
5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू, रेस में जियो, आइडिया, वोडाफोन और अडानी ग्रुप

एबीएन नॉलेज डेस्क। 5जी नेटवर्क के लिए आज देश में 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हो रही है। अब जल्द ही आपको 5जी की सुविधा अपने मोबाइल फोन पर मिलेगी। 5जी की नीलामी में देश की चार बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, ये सभी कंपनियां 72 गीगाहर्ट्ज की रेडियोवे्स को हासिल करने के लिए 4.3 लाख करोड़ की नीलामी में हिस्सा ले रही हैं। नीलामी की प्रक्रिया आज सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। हालांकि इस 5जी की बिक्री प्रक्रिया को पूरा होने में कई दिन लग सकते हैं। इस नीलामी में अडानी इंटरप्राइजेस, भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया हिस्सा ले रहे हैं।

Published / 2022-07-24 16:59:53
चीन ने किया अपने अंतरिक्ष केंद्र के पहले लैब मॉड्यूल का सफल प्रक्षेपण

एबीएन नॉलेज डेस्क। चीन ने अपने निर्माणाधीन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लैब मॉड्यूल का रविवार को सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। चीन की अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान के तट स्थित वेनचांग अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण स्थल से वेन्तियान को लेकर लॉन्ग मार्च-5बी वाई3 रॉकेट रवाना हुआ। नया मॉड्यूल मूल मॉड्यूल के काम न करने की स्थिति में उसकी जगह काम करेगा और साथ ही तियांगोंग अंतरिक्ष केंद्र में शक्तिशाली वैज्ञानिक प्रयोगशाला के तौर पर भी काम करेगा। चीन अभी इस अंतरिक्ष केंद्र का निर्माण कर रहा है। सरकारी पीपुल्स डेली अखबार की खबर के मुताबिक, चीन लैब मॉड्यूल का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण करने के साथ ही अपने अंतरिक्ष केंद्र का निर्माण जल्द ही पूरा करने वाला है।

Published / 2022-07-19 05:45:21
गाड़ी के टायरों पर क्यों बने होते हैं रबर के "कांटे", यहां जानें...

एबीएन नॉलेज डेस्क। बाइक और कारों के टायरों को ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि इन पर रबर के कांटे लगे हुए नजर आएंगे। इसे ज्यादातर लोग मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। चौंकाने वाली बात है कि यह कोई निर्माण से जुड़ी गड़बड़ी नहीं है। इसे योजना के तहत बनाया गया है। टायरों में रबर के कांटों को खास मकसद से बनाया गया। जानिए, इन्हें क्या कहते हैं और इनका काम क्या है… टायर पर मौजूद इन रबर के कांटों को वेंट स्पिउज के नाम से जाना जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी चीज का बाहर की ओर निकला हुआ होना। टायरों के काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए इन्हें बनाया जाता है। आसान भाषा में समझें तो गाड़ी चलने के दौरान टायर पर दबाव बनता है, इस दबाव को कम करने के लिए इसे निर्माण के दौरान बनाया जाता है। इसे बनाने वाली कंपनियां जब टायर का निर्माण करती हैं तब रबर के इन नुकीले हिस्सों को टायर में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसा क्यों किया जाता है, अब इसकी एक वजह और भी जान लीजिए। टायर के निर्माण के दौरान इनमें बुलबुले बनने का खतरा रहता है। अंदरूनी तौर पर ऐसा होने पर टायर कमजोर हो सकता है, इसलिए इन्हें लगाकर इसका खतरा कम किया जाता है। अगर आप कोई टायर खरीद रहे हैं और उनमें ये कांटे मौजूद हैं तो इसका मतलब है वो अच्छी क्वालिटी का है। इसलिए अगली बार आप ऐसा टायर खरीदते हैं तो इसका मतलब है कि ये फायदे का सौदा है।

Published / 2022-07-16 06:55:30
एयरटेल ने स्थापित किया बॉश फैसिलिटी में भारत का पहला निजी 5जी नेटवर्क

टीम एबीएन, रांची। भारत के प्रमुख कम्युनिकेशन सॉल्यूशन्स प्रोवाइडर, भारती एयरटेल (एयरटेल) ने आज बेंगलुरू में बॉश ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (आरबीएआई) फैसिलिटी में भारत के पहले निजी 5जी नेटवर्क के सफल परीक्षण की घोषणा की। एयरटेल का ऑन-प्रिमाइसेस 5जी कैप्टिव प्राइवेट नेटवर्क दूरसंचार विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशन) द्वारा आवंटित परीक्षण 5जी स्पेक्ट्रम पर बनाया गया। एयरटेल ने ट्रायल स्पेक्ट्रम का उपयोग करते हुए बॉश की अत्याधुनिक निर्माण सुविधा में क्वालिटी सुधारने और ऑपरेशनल एफिसियेंसी बढाने के लिए दो इंडस्ट्रियल ग्रेड यूज़ केस के जरिये लागू किया। दोनों ही मामलों में, मोबाइल ब्रॉडबैंड और अति विश्वसनीय लो-लेटेंसी संचार जैसी 5जी तकनीक ने ऑटोमेटेड ऑपरेशन को गति प्रदान की और डाउनइम को भी कम किया। एयरटेल बिजनेस के डायरेक्टर व सीईओ अजय चितकारा ने कहा, एयरटेल भारत के डिजिटल परिवर्तन और उद्यमों के विकास का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि वे वैश्विक स्तर को प्राप्त करना चाहते हैं। हमारा मानना है कि एयरटेल के पास देश के किसी भी हिस्से में और किसी भी आकार के उद्यम के लिए कैप्टिव प्राइवेट नेटवर्क सॉल्यूशन देने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा, साझेदारी और विशेषज्ञता उपलब्ध है। एयरटेल भारत में 5जी तकनीक को लागू करने में अग्रणी है, अपने 5GforBusiness के हिस्से के रूप में कई भागीदारों के साथ और कई स्थानों पर विभिन्न वर्टीकल इंडस्ट्रियल उपयोग के मामलों का परीक्षण कर रहा है। पिछले साल, एयरटेल ने हैदराबाद में लाइव 4जी नेटवर्क पर भारत के पहले 5जी अनुभव का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। इसने भारत के पहले ग्रामीण 5जी परीक्षण के साथ-साथ 5जी पर पहले क्लाउड गेमिंग अनुभव का भी प्रदर्शन किया है। 5GforBusiness के हिस्से के रूप में, Airtel ने 5जी आधारित समाधानों का परीक्षण करने के लिए विश्व की अग्रणी कंसल्टिंग व टेक्नोलॉजी कंपनियों व ब्रांड्स के साथ हाथ मिलाया है।

Published / 2022-07-15 05:54:46
खुद की इंटरनेट सेवा वाला देश का पहला और इकलौता राज्य बना केरल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा कि केरल देश का ऐसा पहला और इकलौता राज्य है जिसके पास अपनी इंटरनेट सेवा है। केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क लिमिटिड को दूरसंचार विभाग से इंटरनेट सेवा प्रदाता लाइसेंस मिल गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की। केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क लिमिटिड राज्य में हर शख्स की इंटरनेट तक पहुंच सुनिश्चित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी आईटी अवसंरचना योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाइसेंस मिलने के बाद समाज में डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए परिकल्पित परियोजना अपना कामकाज शुरू कर सकती है। विजयन ने ट्विटर पर कहा कि केरल अपनी इंटरनेट सेवा वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि अब हमारी प्रतिष्ठित #KFON परियोजना इंटरनेट को एक बुनियादी अधिकार के रूप में देने के अपने संचालन को शुरू कर सकती है। KFON योजना की परिकल्पना बीपीएल परिवारों और 30,000 सरकारी कार्यालयों को मुफ्त इंटरनेट देने के लिए की गई है।

Published / 2022-07-12 03:59:19
नासा ने जारी की गैलेक्सी की पहली रंगीन तस्वीर, बाइडेन बोले- मानवता के लिए ऐतिहासिक क्षण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दुनिया के सबसे बड़े और शक्तिशाली जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के जरिए गैलेक्सी की पहली ऐसी तस्वीर दिखाई है जो इससे पहले कभी नहीं देखी गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इस तस्वीर को सबसे पहले देखा। तस्वीर को नासा, यूरोपियन स्पेस एजेंसी और कैनेडियन स्पेस एजेंसी ने जारी किया है। तस्वीर में अंतरिक्ष को काफी डिटेल में क्लिक किया गया है और छोटे से छोटे कण को भी देखा जा सकता है। तस्वीर को जारी करते हुए जो बाइडेन ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक दिन है, यह सबसे ऐतिहासिक क्षण है, पूरे अमेरिका और मानवता के लिए। वहीं कमला हैरिस ने भी तस्वीर को लेकर कहा कि यह हम सभी के लिए रोमांचक क्षण है। अंतरिक्ष में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि हम 13 बिलियन साल से अधिक पीछे देख रहे हैं। आप तस्वीर में जो रोशनी देख रहे हैं व 13 बिलियन साल से अधिक समय से यात्रा कर रही है। नासा ने कहा कि इन तस्वीरों के साथ ही वेब साइंस ऑपरेशन की आधिकारिक शुरुआत होती है, जो कि आगे भी इस मिशन के तहत साइंस थीम को आगे भी अनुंसाधन करती रहेगी। बता दें कि जेम्स वेब टेलीस्कोप से ली गई तस्वीर को पिछले 6 महीने से प्रोसेस किया जा रहा था। दुनिया की सबसे शक्तिशाली दूरबीन के बारे में जानिए : वैज्ञानिकों ने वेब टेलिस्कोप की उम्र यूं तो दस वर्ष बताई है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि ये करीब 20 वर्षों तक काम करता रहेगा। ये वेब टेलीस्कोप अंतरिक्ष में प्रक्षेपित सबसे शक्तिशाली दूरबीनों में से एक है। नासा के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर पाम मेलरॉय के मुताबिक, नासा के मिशन में 20 साल तक संचालित करने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त ईंधन क्षमता है। वहीं वेब के डिप्टी सीनियर प्रोजेक्ट साइंटिस्ट जोनाथन गार्डनर ने कहा यह दूरबीन बहुत दूर स्थित आकाशगंगाओं की तलाश में अहम भूमिका निभा सकती है।

Published / 2022-07-11 14:04:34
6जी लाने की तैयारी में सैमसंग, 5जी से 50 गुना तेज मिलेगी इंटरनेट सेवा

एबीएन नॉलेज डेस्क। इस समय भारत में टेलीकॉम कंपनियां 5जी का ट्रायल कर रही हैं। इस तरह की उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक भारत में 5जी सर्विस की शुरूआत हो जाएगी। वहीं, भारत में 5जी के कर्मिशियल रोल आउट से पहले ही 6जी को लेकर खबरें आ रहीं हैं। ऐसा कहा जा रहा कि भारत में 6जी को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल ही में 6जी अनुसंधान, विकास और मानकीकरण का नेतृत्व करने के लिए संचार प्रौद्योगिकियों के भविष्य पर चर्चा करने के लिए अकादमिक और उद्योग के विशेषज्ञों के साथ अपना पहला 6जी फोरम आयोजित किया। फोरम में, द नेक्स्ट हाइपर-कनेक्टेड एक्सपीरियंस फॉर आॅल शीर्षक से, वैश्विक उद्योग विशेषज्ञों ने 6जी एयर इंटरफेस और 6जी के लिए एआई- आधारित इंटेलिजेंट नेटवर्क के विषयों पर प्रस्तुतिकरण और चर्चा की। सैमसंग रिसर्च के अध्यक्ष और प्रमुख सेबेस्टियन सेउंग ने अपने भाषण के दौरान कहा, हम कल्पना करते हैं कि 6जी हाइपर-कनेक्टिविटी के अगले स्तर के माध्यम से मनुष्यों और हर चीज के लिए अंतिम अनुभव प्रदान करेगा और यह विचार हमारे 6जी विजन की नींव के रूप में कार्य करता है। सेउंग ने कहा कि यह 6जी की तैयारी शुरू करने का समय है। सैमसंग ने इस महीने की शुरुआत में एक श्वेत पत्र जारी किया था, जिसमें 6जी के लिए अपना दृष्टिकोण रखा गया, जिसे अल्ट्रा-वाइडबैंड, अल्ट्रा-लो लेटेंसी, अल्ट्रा-इंटेलिजेंस और हाइपर-स्पेशियलाइजेशन और 6जी के लिए ग्लोबल फ्ऱीक्वेंसी बैंड को सुरक्षित करने के तरीके के रूप में वर्णित किया गया।

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