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Published / 2022-01-07 12:03:45
युवाओं-बुजुर्गों में कम गंभीर हो सकता है ओमिक्रॉन, लेकिन हल्के में लेने की भूल न करें...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच एक बार फिर से दुनिया को चेताया है कि इसे हल्के में न लें। डब्ल्यूएचओ चीफ ने जिनेवा में प्रेसवार्ता के दौरान चेताया कि वायरस का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन, भले ही डेल्टा स्वरूप से कम गंभीर प्रतीत होता हो लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं कि इसे हल्के की श्रेणी में रखना चाहिए। वहीं डब्ल्यूएचओ प्रमुख जेनेट डियाज ने कहा कि शुरूआती अध्ययनों से पता चला कि डेल्टा की तुलना में नवंबर में दक्षिण अफ्रीका और हांगकांग में पहली बार पहचाने गए वेरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम कम था। उन्होंने कहा कि युवा और वृद्ध दोनों लोगों में गंभीरता का जोखिम कम प्रतीत होता है। डब्ल्यूएचओ की यह टिप्पणी दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के अध्ययनों सहित अन्य आंकड़ों के साथ गंभीर बीमारी के कम जोखिम पर आई है। जेनेट डियाज ने कहा कि ओमिक्रॉन बुजुर्गों और युवाओं दोनों को प्रभावित कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसुस ने कहा कि वैक्सीन लोगों के लिए बेहद जरूरी है और साथ ही सतर्कता भी बरतनी जरूरी है। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने चेतावनी देते हुए कह कि पिछले वेरिएंट की तरह, ओमिक्रॉन के चलते लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा रहा है और उनकी मौत भी हो रही है, यह गंभीर रूप ले इससे पहले सभी देशों को उपाय करने जरूरी हैं। टेड्रोस ने कहा कि कई देशों में लोगों ने अब भी वैक्सीन नहीं लगाई है और लाखों लोग अब भी असुरक्षित है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ देशों में बूस्टर लगाए जा रहे हैं लेकिन बूस्टर महामारी को समाप्त नहीं करेगा, इसके बावजूद भी अरबों लोग पूरी तरह से असुरक्षित रहेंगे।

Published / 2022-01-07 06:14:56
ओमिक्रॉन : AIIMS के डॉक्टर बोले- घबराएं नहीं, घर पर भी आसानी से हो सकता है इलाज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमे ओमिक्रॉन स्वरूप के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। एम्स के डॉक्टर का कहना है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के तीन बाद लक्षण नजर आने लगते हैं। इसके मरीजों को घर पर ही लक्षणों के आधार पर ठीक किया जा सकता है। कुछ को ही अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। एम्स के मेडिसिन विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल ने बताया कि वर्तमान में ओमिक्रॉन के मामले अधिक फैल रहे हैं। ओमिक्रॉन रूप से संक्रमित होने के बाद अधिकतर लोगों को तीन दिन में लक्षण दिख सकते हैं, जबकि दूसरी लहर में सामने आए डेल्टा वेरियंट में संक्रमित होने के चार दिन बाद लक्षण मिलने लगते थे। अल्फा वेरियंट में पांच दिन बाद लक्षण दिखने लगते थे। यानी अन्य वेरियंट के मुकाबले ओमिक्रॉन संक्रमित लोगों में जल्दी लक्षण आ सकते हैं। घर पर ऐसे करें ओमिक्रॉन के हल्के मामलों का इलाज ● इलाज करने वाले डॉक्टर के लगातार संपर्क में रहें। स्वास्थ्य में किसी तरह की गिरावट आने पर तुरंत चिकित्सक को सूचित करें या फिर अस्पताल जाएं। ● चिकित्सक से संपर्क के बाद दूसरी बीमारियों से जुड़ी दवाएं भी जारी रख सकते हैं। यह भी जानें कोरोना के इलाज में एंटीवायरल दवाएं जैसे मोलिनुपिरवीर के अलावा मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के बारे में बहुत चर्चा है। डॉक्टर ने बताया कि ये दवाएं जादू की छड़ी नहीं हैं। ओमिक्रॉन नया वेरियंट है और इसमें मोनोक्लोनल एंटीबॉडी काम करेंगी यह नहीं कह सकते। अस्पताल कब जाएं ● सांस लेने में तकलीफ होने पर। ● सामान्य कमरे में ऑक्सीजन सेचुरेशन का स्तर 94 से कम हो। ● अगर छाती में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा हो। ● सही से दिमाग काम न करे, तीन से चार दिन बाद भी लक्षण बढ़ें। घर पर कैसे करें ओमिक्रॉन का इलाज? डॉक्टर नीरज निश्चल ने बताया कि ओमिक्रॉन के अधिकतर मरीजों को घर पर ही लक्षण के आधार पर इलाज देकर ठीक किया जा सकता है। ● वयस्क मरीजों को बुखार है तो वे पैरासिटामोल 650 एमजी ले सकते हैं। ● अगर बुखार कई दिन तक रहता है तो अपने डॉक्टर की सलाह से नॉन स्टेरॉइड दवा नेप्रोक्सिन 250 एमजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ● अगर सर्दी या जुकाम के लक्षण हैं तो सीट्राजिन 10 एमजी या लिवोसीट्राजिन 5 एमजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ● खांसी होने पर कफ सीरप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Published / 2022-01-06 13:20:55
ओमीक्रोन : जब डॉक्टर ही हो रहे संक्रमित, तो कैसे होगा लोगों का इलाज

एबीएन डेस्क। पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी एक बार फिर कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासतौर पर महाराष्ट्र राज्य में ये जानलेवा बीमारी अपना कहर सबसे ज्यादा बरपा रही है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 26,538 नये मामले सामने आए जबकि आठ मरीजों की बीमारी से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नये मामले पिछले दिन की तुलना में 43.71 प्रतिशत बढ़ गए। वहीं पिछले 72 घंटों में मुंबई में 200 से अधिक आवासीय डॉक्टरों को कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से संक्रमित पाया गया। सूत्रों के अनुसार मुंबई में कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये 200 डॉक्टरों के साथ पूरे राज्य में संक्रमित डॉक्टरों की संख्या 291 पार कर गयी है। मुंबई के साथ दिल्ली, कोलकाता, पटना, चंडीगढ़, लखनऊ और पटियाला में बड़ी संख्या में चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ कोरोना से संक्रमित मिला है। देशभर में अब तक 1000 से ज्यादा डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना पॉजिटिव हो चुका है। देश में कोरोना की दूसरी लहर भयानक थी। इस दौरान भी डॉक्टरों पर इसका कहर बरपा और करीब 2000 डॉक्टरों ने इस घातक बीमारी के चलते अपनी जान गंवाई। आईएमए ने दूसरी लहर के दौरान डॉक्टरों की मौत के आंकड़े जारी किए। कटअ के मुताबिक जनता में मृत्यु दर की तलना में हेल्थ वर्कर्स में मृत्युदर ज्यादा है। यही नहीं दूसरी लहर में करीब 10 हजार डॉक्टर संक्रमित हुए थे। सबसे बड़ी चिंता वाली बात यह है कि हेल्थकेयर वर्कर्स ही कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि ओमीक्रोन वेव में डेली केसेज की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग को तैयारी भी पहले की तुलना में ज्यादा रखनी होगी। ऐसे वक्त में स्वास्थ्य कर्मियों का खुद कोरोना पॉजिटिव होना बड़े खतरे का संकेत है। इससे आगे चलकर हेल्थकेयर स्टाफ की कमी पड़ सकती है। वहीं भारत में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के एक दिन में सर्वाधिक 495 नए मामले सामने आए, जिससे इस स्वरूप से संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 2,630 हो गयी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकडों में यह जानकारी दी गयी। ओमीक्रोन स्वरूप के कुल मामलों में से महाराष्ट्र में सबसे अधिक 797 मामले सामने आए, इसके बाद दिल्ली में 465, राजस्थान में 236, केरल में 234, कर्नाटक में 226, गुजरात में 204 और तमिलनाडु में 121 मामले सामने आए। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार भारत में एक दिन में कोविड-19 के 90,928 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,51,09,286 हो गई है। करीब दो सौ दिन बाद सामने आए ये सर्वाधिक मामले हैं।

Published / 2022-01-03 05:32:30
145 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी वैक्सीन, देश में बीते 24 घंटे में कोरोना के 33 हजार से ज्यादा मामले

एबीएन डेस्क। भारत में एक दिन में कोरोना वायरस के 33,750 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,49,22,882 हो गई। वहीं, 123 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,81,893 हो गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में covid-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,45,582 हो गई है। यह संक्रमित मामलों का 0.42 प्रतिशत है। दैनिक संक्रमण दर 3.84 प्रतिशत हो गई है। covid के नए रूप ओमिक्रॉन से 23 राज्यों में 1700 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं जिनमें महाराष्ट्र में सर्वाधिक 510, दिल्ली में 351 और केरल में 156 मामले हैं। ओमिक्रॉन के संक्रमण से 639 व्यक्ति उबर चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि इसी अवधि में 10846 लोग कोविड से मुक्त हुए हैं। अभी तक कुल तीन करोड़ 42 लाख 95 हजार 407 लोग कोविड से उबर चुके हैं। स्वस्थ होने की दर 98.20 प्रतिशत है। 145.68 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी वैक्सीन : पिछले 24 घंटे में देशभर में 23 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं। इसके साथ ही कुल टीकाकरण 145.68 करोड़ से अधिक हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को यहां बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में 23 लाख 30 हजार 706 कोविड टीके लगाए गए हैं। इसके साथ ही सोमवार सुबह 7 बजे तक 145 करोड़ 68 लाख 89 हजार 306 कोविड टीके दिए जा चुके हैं।

Published / 2021-12-31 14:07:42
क्‍या भारत में कोरोना की तीसरी लहर आ गई है? यहां जानें ताजा हाल...

नई दिल्‍ली। भारत में कोरोना के जो केस बढ़ रहे हैं वे ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण ही बढ़ रहे होंगे। हम इस बारे में एक्‍सपेक्‍ट कर रहे थे। ओमिक्रॉन के आने के बाद केस तेजी से बढ़ रहे हैं क्‍योंकि इसका डबलिंग टाइम दो से तीन दिन के बीच है। यह बात विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्‍ट सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने NDTV के साथ विशेष बातचीत में कही। सौम्‍या ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संबंधित तीन पहलू हैं। पहली बात तो यह कि यह ज्‍यादा संक्रामक है। डेल्‍टा वैरिएंट की तुलना में यह करीब चार गुना ज्‍यादा संक्रामक है। ऐसे में लोगों को ज्‍यादा सावधानी रखनी होगी। यदि कोई संक्रमित, दूसरे से मिलेगा। वैसे भी यह शादी-पार्टी का टाइम है, ऐसी स्थिति में बीमारी फैलने का जोखिम ज्‍यादा रहेगा। दूसरी बात जिसे उत्‍साहवर्धन माना जा सकता है, वह यह कि इस वैरिएंट के कारण लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहे। डेल्‍टा वैरिएंट के कारण जहां ज्‍यादा लोगों को अस्‍पताल में भर्ती करने (करीब एक चौथाई) की नौबत आ रही थी वहीं ओमिक्रॉन में ऐसा नहीं है। ओमिक्रॉन से प्रभावित 100 में से केवल पांच लोगों को ही अस्‍पताल दाखिल होने की नौबत आ रही और इन पांच लोगों में भी लक्षण कम हैं। सौम्‍या ने बताया तीसरा पहलू यह कि हम ओमिक्रॉन वैरिएंट पर वैक्‍सीन के असर को देख रहे हैं। वैक्‍सीन बीमार होने से तो बचा रहा है। भले ही यह संक्रमित होने से नहीं बचाती लेकिन बीमार होने से बचाती है। ऐसे में जिन्‍होंने वैक्‍सीन के डोज नहीं लिए, वे जल्‍द लगवाएं। यह ओमिक्रॉन से सुरक्षा प्रदान करेगा, लेकिन साथ में मास्‍क और सोशल डिस्‍टेंसिंग भी जरूरी है। एक अन्‍य सवाल पर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) की चीफ साइंटिस्‍ट ने माना कि जीनोम स्‍वीक्‍वेंसिंग का रिजल्‍ट आने में वक्‍त लगता है। उन्‍होंने कहा कि जितने ज्‍यादा टेस्‍ट किए जाएंगे उतने ही मामलों की संख्‍या बढ़ेगी। जिन देश में टेस्टिंग ज्‍यादा हो रही, वहां केस ज्‍यादा आ रहे। जीनोम सीक्‍वेंसिंग का ट्रेंड हम देख सकते हैं। हर केस की जीनोम सीक्‍वेंसिंग की जरूरत नहीं है। वायरस तो वही है और इसके प्रिवेशन मैथर्ड्स भी वहीं हैं। अब दवाएं भी तलाशी गई है लेकिन इन्‍हें डॉक्‍टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। जिस तरह से सरकार ने कहा पैनिक न करें और जो उपाय पता हैं, उन्‍हें आजमाएं। मास्‍क पहने, बीमार हैं तो घर में रहे और भीड़भाड़ में न जाएं। क्‍या कोरोना की तीसरी लहर में हम आ गए है, इसके जवाब में सौम्‍या ने कहा कि इस बारे में आने वाले कुछ दिनों में पता लगेगा लेकिन अन्‍य देशों के ट्रेंड को देखें तो ऐसा कहा जा सकता है, हमें तैयारी करके रखनी होगी। भारत में वैक्‍सीनेशन के सवाल पर कहा कि 50 फीसदी आबादी को फुली वैक्‍सीनेटे करना अच्‍छा टूल है। अलग-अलग वैक्‍सीन बने यह अच्‍छी बात है। ऐसे लोग जिनके संक्रमण की जद में आने की ज्‍यादा आशंका है, उनका टीकाकरण करना होगा। जल्‍द से जल्‍द दूसरा डोज देने और उम्रदराज लोगों को बूस्‍टर डोज पर भी ध्‍यान देने की जरूरत है। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पर बोझ बढ़ने की डब्‍ल्‍यूएचओ की चेतावनी को लेकर उन्‍होंने कहा कि डेल्‍टा वैरिएंट भी भी अभी पूरी तरह खत्‍म नहीं हुआ। अगर कोरोना के कारण बहुत ज्‍यादा संक्रमित हुए तो हेल्‍थ स्‍ट्रक्‍चर पर बोझ पड़ सकता है। हमें इसके लिए तैयारी करके रखनी होगी।

Published / 2021-12-30 15:45:37
बच्चों का टीका : दो से 18 साल के वॉलंटियरों पर हुए अध्ययन में दिखी मजबूत सुरक्षा और प्रतिरक्षा

एबीएन हेल्थ डेस्क। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ पहला स्वदेशी टीका कोवाक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने गुरुवार को एलान किया कि बच्चों के मामले में उसके बीबीवी 152 (कोवाक्सिन) टीका दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन में सुरक्षित और बेहतर प्रतिरक्षा उपलब्ध कराने वाला साबित हुआ है। कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इसने दो से 18 साल की आयु के स्वस्थ बच्चों और किशोरों में कोवाक्सिन से संबंधित सुरक्षा, प्रतिक्रिया और प्रतिरक्षण क्षमता का आकलन करने के लिए दूसरे और तीसरे चरण का बहुकेंद्रीय अध्ययन किया था। कंपनी ने इस डाटा को उत्साजनक बताया है। भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने कहा कि बच्चों में कोवाक्सिन का चिकित्सकीय परीक्षण का डाटा बहुत उत्साहजनक है। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि यह टीका बच्चों में सुरक्षा और प्रतिरक्षा क्षमता के लिहाज से बेहतर साबित हुआ है। कृष्णा एला ने कहा कि हमने अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित कोरोना रोधी टीका विकसित करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इन टीके के चिकित्सकीय परीक्षणों के दौरान किसी तरह की गंभीर प्रतिकूल घटना की जानकारी नहीं मिली। बता दें कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने बीते दिनों 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए कोरोना टीके की अनुमति दे दी थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बच्चों के टीकाकरण को लेकर दिशानिर्देशों के अनुसार बच्चों को केवल कोवाक्सिन टीके की खुराक दी लगाई जाएगी।

Published / 2021-12-30 04:50:22
ओमीक्रोन हल्का संक्रमण है, इससे ज्यादा घबराएं नहीं बस सतर्क रहें : डॉ रणदीप गुलेरिया

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन एक बार फिर कोविड महामारी के फैलने की आशंका बढ़ गई है। इस बीच दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि ओमीक्रोन हल्का संक्रमण है तो ऑक्सीजन की आवश्यकता इतनी अधिक नहीं हो सकती है। मैं सभी से दवाओं की जमाखोरी से बचने का अनुरोध करूंगा। हम मामलों में किसी भी वृद्धि का प्रबंधन करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं। डॉ गुलेरिया ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भारत की बड़ी आबादी को कोविडरोधी टीका लगाया जा चुका है, फिर भी हम बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क हैं। इसलिए, हमारे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें, जिसमें मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और भीड़ वाली जगहों से बचना शामिल है, ताकि इसके प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई। हमें खुद को बचाना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि टीकाकरण या प्राकृतिक संक्रमण के कारण लोगों में एंटीबॉडी विकसित हुई है।

Published / 2021-12-25 17:30:51
अब बच्चों को भी लगेगा टीका... कोवैक्सीन को बच्चों की वैक्सीन के लिए DCGI ने दी मंजूरी

एबीएन डेस्क। ओमिक्रोन के गहराते अंकित के बीच बच्चों के कोरोना टीकाकरण को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही 12 से 18 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण के लिए रास्ता साफ हो गया है।

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