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अब लीजिये... देश की हवा में घुले ओमीक्रॉन के सभी वेरिएंट
Published / 2023-01-10 18:34:31
अब लीजिये... देश की हवा में घुले ओमीक्रॉन के सभी वेरिएंट

अब सरकारी सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन, जापान और अमेरिका समेत कई देशों में जानलेवा कोरोना वायरस फिर से कहर बरपा रहा है। इन देशों में ओमीक्रॉन के बीए.2 और एक्सबीबी वेरिएंट से सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हुए। बड़ी बात यह है कि इन वेरिएंट्स समेत ओमीक्रॉन के सभी वेरिएंट और सबवेरिएंट भारत की हवा में भी घुल चुके हैं। हालांकि डरने की कोई बात नहीं है, क्योंकि देश में अभी तक इन वेरिएंट्स की वजह से मामलों में न तो उछाल देखा गया है और न ही मौतों की संख्या में कोई बढ़ोतरी हुई है। सरकार की सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे के दौरान 324 पॉजिटिव नमूनों की सीक्वेंसिंग से भारत में सभी ओमिक्रॉन वेरिएंट की उपस्थिति का पता चला। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन क्षेत्रों में इन ओमीक्रॉन के इन वेरिएंट्स का पता चला है, वहां मृत्यु दर या कोरोना के मामलों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की टेस्टिंग जारी मंत्रालय ने पिछले साल 24 दिसंबर से देश के तमाम एयरपोर्ट्स पर पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कोरोना टेस्टिंग शुरू की थी। मंत्रालय ने बताया कि तमाम एयरपोर्ट्स पर 7786 उड़ानों से 13.6 लाख से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय यात्री भारत पहुंचे, जिनमें से 29 हजार 113 यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया गया। इनमें से 183 नमूने पॉजिटिव पाये गये, जिन्हें बाद में पूरे जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा गया। 50 नमूनों की सीक्वेंसिंग से ओमिक्रॉन और ओमिक्रॉन सब-लाइनेज का पता चला था, जिसमें एक्सबीबी (11), बीक्यू.1.1 (12) और बीएफ7.4.1 (1) वेरिएंट शामिल थे। कोरोना के एक्सबीबी 1.5 स्वरूप का नया मामला मिला बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के एक्सबीबी 1.5 स्वरूप का एक नया मामला पाया गया है, जिससे देश में इस स्वरूप से संबंधित मामलों की कुल संख्या आठ हो गई है। कोरोना वायरस के एक्सबीबी 1.5 स्वरूप की वजह से अमेरिका में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई थी। भारतीय सार्स कोव-2 जिनोमिकी संगठन (इंसाकोग) ने कहा कि पिछले 24 घंटे में संबंधित स्वरूप का नया मामला उत्तराखंड में मिला, जबकि इससे पहले एक्सबीबी 1.5 स्वरूप से जुड़े तीन मामले गुजरात में और एक-एक मामला कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान में मिला था।

कोरोना के नये वेरिएंट से डरें नहीं, बस सचेत रहें, सावधानी अपनायें : डॉ तापस
Published / 2023-01-07 18:17:00
कोरोना के नये वेरिएंट से डरें नहीं, बस सचेत रहें, सावधानी अपनायें : डॉ तापस

मेदांता रांची में है कोविड के इलाज की उच्च स्तरीय सुविधा कोरोना के नये वेरिएंट से घबरायें नहीं, लक्षण दिखाई देने पर करें डॉक्टर से संपर्क : डॉ तेजवीर प्रोटीन वाली चीजें खायें, भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें : डॉ तेजवीर टीम एबीएन, रांची। देश में बीएफ 7 वैरिएंट के मामले अभी बहुत कम आए हैं। देश में उस स्तर पर सर्कुलेट नहीं हुआ है। ये बातें मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रांची के डॉक्टर तापस साहू ने कही। हालांकि उनका यह भी कहना था कि यह वेरिएंट बहुत तेजी से इनफैक्ट करता है और फैलता है। कोरोना के जितने भी ओमीक्रोन वेरिएंट आये थे, वह बहुत ही लो डेंसिटी के हैं। मतलब यह कि अगर कोई इनफेक्टेड होता भी है तो उसके लक्षण बहुत माइल्ड होंगे।  डॉक्टर तेजवीर सिंह ने कहा कि देश में पिछले साल जनवरी-फरवरी में ओमीक्रोन की एक लहर आ चुकी थी। इससे देशवासियों में नेचुरल इम्युनिटी बन चुकी है। देश की अधिकतर आबादी कोविड-19 वैक्सीन के दो टीके ले चुकी है। बावजूद इसके हमें तैयार रहना होगा। घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी ने बूस्टर डोज नहीं लिया है तो वह बिना देरी किए ये डोज ले ले, साथ ही मास्क पहनने और हाथों को सैनिटाइज करने पर विशेष ध्यान दें। बुजुर्ग, प्रेग्नेंट औरत या वैसे लोग जो हृदय, फेफड़े, किडनी की बीमारी के साथ डायबिटीज से ग्रसित है। उन्हें थोड़ा ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। डॉक्टर तेजवीर ने बताया कि मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रांची में कोरोना के इलाज के लिए सारी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। यहां आईसीयू, टेस्टिंग, आइसोलेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अगर कोई कोरोना का मरीज आता है तो एक पल्मनोलॉजिस्ट लक्षण को देखता है। उसके बाद से आरटी और पीसीआर होता है। जिसकी रिपोर्ट 4 घंटे के अंदर चली जाती है। पॉजिटिव मरीज के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड हैं। अगर हमारे पास कोई संदिग्ध मरीज आता है तो उन्हें मेन आईसीयू में शिफ्ट नहीं करते हैं बल्कि उन्हें आइसोलेशन आईसीयू में शिफ्ट किया जाता है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती मरीज अलग आइसोलेशन में ही रहता है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है तो उन्हें कोविड आइसोलेशन में शिफ्ट कर दिया जाता है। हमारे पास विशेष स्टाफ, विशेष नर्स, ग्राउंड स्टाफ भी हैं। पूरी फोर्स अलग है। अगर कोई कोविड पेशेंट आता है तो प्रॉपर सफाई करके दरवाजे से पेशेंट को ऊपर ले कर जाते हैं। इसके अलावा हमारे वार्ड बॉय अलग हैं। हमारे पास पल्मनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन की भी अलग टीम है। जरूरत पड़ने पर 24 घंटे सातों दिन आईसीयू के डॉक्टर हैं। वहीं मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रांची के एमडी, पलमोनरी मेडिसिन और कंसलटेंट, पलमोनरी डॉक्टर तेजवीर सिंह ने बताया कि कोरोना का जो नया बीएफ 7 वेरिएंट आया है। यह कोरोना के ओमीक्रोन का ही सब वेरिएंट है। इसमें म्यूटेशन हो जाता है, उसे बीएफ सेवन के नाम से जाना जाता है। कोविड में पहले नेटिव वीटा था, फिर डेल्टा हुआ, ओमीक्रोन आया। अब ओमीक्रोन के म्यूटेशन के बाद बीएफ 1, बीएफ 2 आया और अब बीएफ 7 आया है। मूल रूप से यह ओमीक्रोन का ही सब-वेरिएंट है। डॉ तेजवीर से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि यह कितना घातक है, यह कहना थोड़ा मुश्किल है। क्योंकि अपने देश में ज्यादा मामले आए नहीं है। जितनी स्टडी हुई है, उससे यह पता चला है कि इस वेरिएंट की ट्रांसमिसिबिलिटी तेज है। यह फैलता बहुत जल्दी है और मोरटालिटी कम है। अपने देश में इसे वेरिएंट आॅफ कंसर्न का नाम दिया गया है। वेरिएंट की ट्रांसमिसिबिलिटी ज्यादा है। इससे अगर हॉस्पिटलाइजेशन ज्यादा हो, इम्यूनिटी को क्रॉस कर सके इसे वैरीअंट आॅफ कंसर्न कहा जाता है। अभी स्टडी चालू है। अब तक जितने भी स्टडी आए हैं, उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि अभी घबराने वाली कोई बात नहीं है। डॉक्टर तेजवीर यह भी बताते हैं कि अपने देश की हम चीन से तुलना नहीं कर सकते। दोनों में बहुत फर्क है। चीन में वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। चीन लॉकडाउन में था। अपने देश में पहले तीन लहरें हो चुकी हैं। देश की 80 प्रतिशत आबादी वैक्सीनेशन ले चुकी है। जो वैक्सीनेशन ले चुके हैं उनमें नेचुरल इम्यूनिटी है। इस नए वेरिएंट के लक्षण को लेकर बहुत सारे अफवाह उठ रहे हैं कि इसके लक्षण नये हैं। लेकिन जितनी भी स्टडी आई है उसके अनुसार लक्षण वही पुराने वाले हैं। बुखार, खांसी, सर्दी जुकाम, नाक का बंद होना, गले में खराश, गले में दर्द जैसे ही पुराने लक्षण है। जिनको भी लक्षण आ रहे हैं उन्हें खुद को आइसोलेट करना चाहिए। टेस्ट कराने चाहिए। टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। जब तक टेस्ट नहीं करायेंगे तो पता नहीं चलेगा। मान लिया कि हल्के लक्षण हीं है। आइसोलेट होना पड़ा। डॉक्टर के पास आरटी-पीसीआर पॉजिटिव आएगा तो उसे जीनोम सिक्वेंस के लिए भेजा जायेगा। तब पता चलेगा कि कौन सा वेरिएंट है? इसलिए टेस्ट कराना बहुत जरूरी है। डॉक्टर तेजवीर का यह भी कहना है कि वैसे लोग जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और जो किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, उनको सचेत रहने की जरूरत है। अगर कोई ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी की बीमारी से ग्रसित है तो उनको थोड़ा ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। इससे बचने के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। डॉक्टर तेजवीर यह भी बताते हैं कि खाने-पीने में बेहतर खुराक का ख्याल जरूर रखें। विटामिन, मिनरल का सेवन करें। डायट को दुरुस्त रखें। बाहर का खाना संभव हो तो न खायें। फास्ट फूड छोड़ दें। प्रोटीन वाली चीजें ज्यादा खायें।

नेजल वैक्सीन को कोविन पोर्टल पर लिस्टेड करने की मंजूरी
Published / 2022-12-27 13:55:47
नेजल वैक्सीन को कोविन पोर्टल पर लिस्टेड करने की मंजूरी

जानें कितनी होगी भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन की कीमतएबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने जहां नाक द्वारा दी जाने वाली दवा नेजल वैक्सीन को बीते हफ्ते मंजूरी दे दी वहीं अब नेजल वैक्सीन की कीमत भी साफ हो गई है। बता दें कि अब इसे कोविन पोर्टल पर लिस्टेड करने की मंजूरी भी मिल गयी है। वहीं इसकी कीमत की बात करें तो इनकोवेक वैक्सीन की कीमत 800+ 5% जीएसटी बतायी जा रही है। यह सरकार द्वारा तय की गई कीमत है इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में नेजल वैक्सीन की कीमत 325 रुपये होगी। वहीं, नेजल वैक्सीन जनवरी के आखिरी हफ्ते से लगेगी। दरअसल, हाल ही में केंद्र सरकार ने  भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। इस वैक्सीन का नाम इनकोवेक है। कोविन प्लेटफॉर्म पर अब ये वैक्सीन भी उपलब्ध होगी। ये वैक्सीन 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लगाई जायेगी इतना ही नहीं नाक से दी जाने वाली इस वैक्सीन को बूस्टर डोज पर लगाया जायेगा।वहीं, सूत्रों ने कहा कि राज्य या केंद्र सरकारों ने खरीद के लिए कोई अपील नहीं की है। दूसरे देशों से मंजूरी मिलने के बाद इनकोवेक को अन्य देशों में वैक्सीन को निर्यात करने की योजना बना रहा है। इस इंट्रानेजल को भारत में 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सीडीएससीओ से भी मंजूरी मिल गई है।

कोरोना को हराना है... देश में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल
Published / 2022-12-27 13:33:05
कोरोना को हराना है... देश में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए कोरोना के ताजा आंकड़ेएबीएन सेंट्रल डेस्क। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार की मॉक ड्रिल शुरू हो गयी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया सभी अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं।दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को 31 दिसंबर से 15 जनवरी तक दिल्ली हवाईअड्डे पर कोविड ड्यूटी पर तैनात करने के अपने आदेश को वापस लिया। प्राधिकरण का कहना है कि जरूरत पड़ने पर हवाई अड्डे पर नागरिक सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की जायेगी।देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के 157 नये मामले सामने आये हैं और एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं सक्रिय मामले घटकर 3,421 हो गये हैं।

कोरोना को हराना है... एम्स के डॉ की सलाह मानें और कोरोना से बचें
Published / 2022-12-24 13:29:18
कोरोना को हराना है... एम्स के डॉ की सलाह मानें और कोरोना से बचें

एबीएन हेल्थ डेस्क। चीन में कोरोना बेकाबू है। जिसे देख पूरी दुनिया सकते में है। दिल्ली एम्स के चिकित्सकों में भी बेचैनी दिख रही है। उन्होंने देशवासियों से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के प्रति खुद सतर्क रहने की अपील की है। इसे लेकर एम्स के डॉ विनोद ने लोगों को स्वस्थ और सतर्क रहने जरूरी टिप्स भी दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सभी परिवार के सदस्य कृपया ध्यान दें : कोई भी खाली पेट न रहेंउपवास न करेंरोज एक घंटे धूप लेंएसी का प्रयोग न करेंगरम पानी पीयें, गले को गीला रखेंसरसों का तेल नाक में लगायेंघर में कपूर व गूगल जलायें आप सुरक्षित रहें। घर पर रहेंआधा चम्मच सोंठ हर सब्जी में पकते हुए डालेंरात को दही न खायेंबच्चों को और खुद भी रात को एक एक कप हल्दी डाल कर दूध पीयेंहो सके तो एक चम्मच चवनप्राश खायेंघर में कपूर और लौंग डाल कर धूनी देंसुबह की चाय में एक लौंग डाल कर पीयेंफल में सिर्फ संतरा ज्यादा से ज्यादा खायेंआंवला किसी भी रूप में चाहे अचार, मुरब्बा, चूर्ण इत्यादि खायें।यदि आप कोरोना को हराना चाहते हो तो कृप्या करके ये सब अपनाइये।दूध में हल्दी आपके शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ायेगा। जितना संभव हो जरूर करें।

आ गयी सर्दी... इन सब्जियों फ्रिज में न रखें, बन जायेगा जहर!
Published / 2022-12-23 18:29:57
आ गयी सर्दी... इन सब्जियों फ्रिज में न रखें, बन जायेगा जहर!

कुछ सब्जियां फ्रिज में रखने पर सर्दी में करती हैं बॉडी में जहर की तरह असर एबीएन हेल्थ डेस्क। रेफ्रिजरेटर तकनीकी प्रगति में से एक माना जा सकता है जिसमें हम खाने-पीने की चीजें लम्बे समय तक फ्रेश रखते हैं। कुछ समय के लिए खाने-पीने की चीजें फ्रिज में रखना समय की जरूरत है। हमारी मसरूफियत भरी जिंदगी में हम सुबह का खाना रात तक फ्रिज में ही सुरक्षित रखते हैं। अक्सर हम लोग वीकआॅफ के दिन ही सब्जियां और फू्रट खरीद लेते हैं और उसका पूरे हफ्ते इस्तेमाल करते हैं। फल और सब्जियों को स्टोर करने से काम आसान हो जाता है। लेकिन आप जानते हैं कि सर्दी में कुछ फूड्स को फ्रिज में स्टोर करने से उनकी तासीर बदल जाती है और वो फूड बॉडी में जहर की तरह असर करते हैं। कुछ सब्जियां सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इन सब्जियों को हम फ्रेश रखने के लिए फ्रिज में रख देते हैं। आप जानते हैं कि कुछ सब्जियों को फ्रिज में रखने से उनकी तासीर बदल जाती है और वो सेहत को नुकसान पहुंचाती है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन सी ऐसी सब्जियां हैं जिन्हें फ्रिज में स्टोर नहीं करना चाहिए। टमाटर को फ्रिज में नहीं रखें :  डायटिशियन के मुताबिक टमाटर को फ्रिज में स्टोर नहीं करना चाहिए। अगर आप टमाटर को रखना चाहते हैं तो कमरे के तापमान में रखें। एक्सपर्ट के मुताबिक टमाटर को फ्रिज में रखने से उसका स्वाद, बनावट और सुगंध में बदलाव होने लगता है। टमाटर ऐसी सब्जी है जो पकने के बाद एथिलीन गैस छोड़ती हैं जो सब्जियों को तेजी से पकाती है। टमाटर को अगर रखना चाहते हैं तो कमरे में रखें। खीरा को फ्रिज में नहीं रखें : कॉलेज आफ एग्रीकल्चर एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज के मुतााबिक अगर खीरे को 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे कुछ दिनों तक रखा जाए तो ये तेजी से सड़ने लगता हैं। खीरा को आप फ्रिज में नहीं रखें बल्कि नॉर्मल टेम्प्रेचर पर रखें। ज्यादा समय तक फ्रिज में रखा खीरा सेहत को बिगाड़ सकता है। एवोकाडो :  एवोकाडो को फ्रिज में नहीं रखें। एवोकाडो में फैटी एसिड ज्यादा मात्रा में होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होता है। इस फूड को फ्रिज में रखने पर उसकी बाहरी परत सख्त हो जाती है और अंदरूनी भाग खराब होने लगता है। कच्चे एवोकाडोस को फ्रिज में रखने पर वो कच्चे ही रहेंगे और खराब हो जाएंगे और आपकी सेहत को नुकसान पहुंचायेंगे। आलू को फ्रिज में कभी मत रखें : कुछ लोग आलू को भी बाकी सब्जियों के साथ फ्रिज में रख देते हैं। आलू को फ्रिज में रखने पर उसमें मौजूद स्टार्च शुगर में बदल जाता है जो शुगर के मरीजों की ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। एक्सपर्ट के मुताबिक आलू को फ्रिज में रखने के बजाए खुली जगह पर नॉर्मल तापमान में रखें। लहसुन को रखें फ्रिज से दूर :  हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक लहसुन को कई तरह से संग्रहित किया जा सकता है, जैसे कि कमरे के तापमान पर या रेफ्रिजरेटर या फ्रीजर में। लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक ताजा लहसुन को स्टोर करने का सबसे सरल और सबसे अच्छा तरीका आपके किचन में हैं। किचन में नॉर्मल तापमान पर लहसुन को स्टोर करने से उसकी तासीर नहीं बदली और वो सेहत के लिए उपयोगी रहता है।

कैसे जानें आप बीएफ.7 संक्रमित हैं, क्या यह ज्यादा जानलेवा है?
Published / 2022-12-22 23:14:49
कैसे जानें आप बीएफ.7 संक्रमित हैं, क्या यह ज्यादा जानलेवा है?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में तेजी से संक्रमण फैला रहे बीएफ.7 नामक कोविड-19 के नके म्यूटेशन ने केंद्र सरकार को लोगों को मास्क लगाने और टीका लगवाने की सलाह देने के लिए प्रेरित किया है। कोविड-19 के ओमिक्रॉन स्ट्रेन के इस सब-वैरिएंट के देश में अब तक बीएफ.7 के चार मामले सामने आये हैं। इनमें से तीन गुजरात से हैं और एक ओडिशा से। दो संक्रमित व्यक्ति अमेरिका की यात्रा करके लौटे थे। ये महिलाएं हैं। हालांकि, चारों अब स्वस्थ हो चुके हैं।भले ही भारत में आने वाले रोजाना केसों की संख्या नियंत्रण है, केंद्र ने बुधवार को संक्रमित मरीजों को निगरानी में रखने और उभरते वैरिएंट की पहचान करने के उपायों पर चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आने वाले यात्रियों के नमूने फिर से लिए जा रहे हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वे सभी कोविड केसों के नमूनों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भारतीय एसएआरएस- सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम प्रयोगशालाओं में भेजें। बीएफ.7 क्या है : सभी वायरसों की तरह एसएआरएस- सीओवी-2, जिसके कारण 2020 में कोविड महामारी फैला, अल्फा, डेल्टा, ओमिक्रॉन और अन्य जैसे कई म्यूटेशन से गुजरा। ये वैरिएंट मानव प्रतिरक्षा (इम्यून सिस्टम) और टीके से बचने के लिए शाखाओं में बंट गये और अधिक सब-वैरिएंट के रूप में विकसित हुए। बीएफ.7 (बीए.5.2.1.7) का पहला मामला भारत में पहली बार जुलाई में पाया गया था। यह अत्यधिक तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है। यह चीन में प्रवेश करने से पहले पहली बार अमेरिका और यूरोप में पाया गया था, जहां यह नए संक्रमणों में तेजी से वृद्धि कर रहा है। कैसे पता चलेगा कि मुझे बीएफ.7 संक्रमण है : बीएफ.7 संक्रमण वाले मरीजों में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों के समान लक्षण दिखाई देते हैं। इसके लक्षणों में ऊपरी श्वसन संक्रमण, गले में खराश, थकान, नाक बहना, खांसी और बुखार शामिल हैं। कुछ रोगियों में लूज मोशन और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। नये सब-वेरिएंट के कारण ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा है। हालांकि, ऐसे कुछ मामले हैं जिनमें मरीज को निमोनिया हुआ है। अधिकांश विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि चौथा बूस्टर डोज कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है।क्या बीएफ.7 सब-वेरिएंट ज्यादा घातक है : बीएफ.7 वैरिएंट ओमिक्रॉन का एक वेरिएंट है, जिसमें ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक न्यूट्रलाइजेशन रेजिस्टेंस है, जिसका अर्थ है कि टीके या यहां तक कि बाईवेलेंट बूस्टर डोज संक्रमण या पुन: संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं हो सकते। नये वेरिएंट की इनक्यूबेशन पीरियड कम है, यह बताता है कि संक्रमण का पता लगाने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट प्रभावी नहीं होंगे।हाई ट्रांसमिशन रेट के साथ, यह मौजूदा एक्सबीबी स्ट्रेन को प्रतिस्थापित करेगा, जो भारत में नए मरीजों में पाया जाने वाला सबसे प्रमुख स्ट्रेन है। अगर इसके प्रसार को रोकने के लिए कदम नहीं उठाये गये तो यह फैल सकता है। एक अनुमान के अनुसार, BF.7 वेरिएंट से संक्रमित एक व्यक्ति अपने आसपास के 10-18.6 लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि, ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट की मृत्यु दर अधिक नहीं है, लेकिन विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल बताते हैं कि चीन की 60 फीसदी आबादी तीन महीने के भीतर संक्रमित हो जायेगी और हजारों लोगों के मरने की आशंका है। इसकी मुख्य वजह यह है कि चीनी नागरिकों को दी गई वैक्सीन कोविड-19 के शुरुआती वेरिएंट वाले एक मृत वायरस से विकसित किया गया था, जबकि एमआरएनए टीके म्यूटेशन के खिलाफ अधिक प्रभावी माने जाते हैं।

दारू : बड़वार-जरगा बिरहोर टोला के कई बच्चे-बड़े चर्म रोग से पीड़ित
Published / 2022-12-22 20:49:19
दारू : बड़वार-जरगा बिरहोर टोला के कई बच्चे-बड़े चर्म रोग से पीड़ित

नहीं हो रहा है कोई समुचित इलाज, खतरे में लोगों का जीवन रौशन सिन्हा टीम एबीएन, दारू (हजारीबाग)। प्रखंड क्षेत्र के पुनाई पंचायत के जरगा और इरगा पंचायत के बड़वार बिरहोर टोला के दर्जनों बच्चे गंभीर चर्म और अन्य रोगों से पीड़ित है पर इनका समुचित इलाज नही हो पा रहा है। सरकार के तरफ से इन्हें विशेष संरक्षित समुदाय का दर्जा दिया गया है पर इनके इलाज की तरफ इनका कोई ध्यान नहीं है। चर्म रोग से पीड़ित बच्चों के माता पिता का कहना है कि इन बच्चों के इलाज वे गरीबी के कारण नहीं करा पा रहे हैं उनके मुहल्ले में बीडीओ, सीओ, मुखिया सहित कई लोग आते हैं पर किसी भी तरह से उनकी मदद नही मिल पाई है। लुप्त होती इस समुदाय की तरफ यदि ठीक से नहीं ध्यान दिया गया तो इनकी स्तिथि दिन ब दिन और खराब होती जायेगी। जरगा का लक्ष्मण बिरहोर की आंखों में कुछ दिन पूर्व मिट्टी चली गयी थी जिसका भी इलाज वो ठीक से नहीं करा पा रहा है उसे एक आंख से दिखना पूरी तरह से बंद हो गया है और उसकी दूसरी आंख की भी रोशनी कम हो रही है। उसकी तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वो दिन भर घर में पड़ा रहता है और कोई मेहनत मजदूरी के काम भी नहीं कर पाता है। पंचायत के मुखिया अनिल कुमार देव ने उसकी आंखों का इलाज करवाने का भरोसा दिलाया है।

चीन में बढ़ रहे कोरोना मामलों पर जानें क्या बोले डब्ल्यूएचओ प्रमुख
Published / 2022-12-22 09:02:14
चीन में बढ़ रहे कोरोना मामलों पर जानें क्या बोले डब्ल्यूएचओ प्रमुख

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम गेब्रेयेसस ने कहा कि संगठन चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों की खबरों को लेकर बेहद चिंतित है, क्योंकि देश ने अपनी शून्य कोविड नीति को मोटे तौर पर छोड़ दिया है, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। टेड्रोस ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी को चीन में कोविड-19 की गंभीरता, विशेषकर अस्पतालों और गहन देखभाल इकाइयों में भर्ती मरीजों को लेकर और अधिक जानकारी की आवश्यकता है, ताकि जमीन पर स्थिति का व्यापक जोखिम आकलन किया जा सके। उन्होंने कहा कि चीन में गंभीर बीमारी के बढ़ते मामलों की खबरों के बीच बदल रही स्थिति को लेकर डब्ल्यूएचओ बहुत चिंतित है।

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