एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि अमेरिका ने मियामी में यूक्रेनी और रूसी टीमों के बीच वार्ता आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। दोनों देशों के अधिकारी युद्ध समाप्त करने के लिए वार्ता के एक और दौर के लिए वहां एकत्रित हुए हैं।
जेलेंस्की ने कहा, जहां तक मुझे समझ आया है, उन्होंने इस प्रारूप का प्रस्ताव रखा है: यूक्रेन, अमेरिका, रूस। उन्होंने आगे कहा कि यूरोपीय देश भी उपस्थित हो सकते हैं और पहले से हो चुकी बैठक के संभावित परिणामों को समझने के बाद इस तरह की संयुक्त बैठक आयोजित करना तर्कसंगत होगा।
इस बीच शनिवार को भी रूस के हमले जारी रहे। यूक्रेन की आपातकालीन सेवा ने शनिवार को बताया कि दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर रूसी मिसाइल हमले में आठ लोग मारे गए और 27 घायल हो गए। इसी बीच, क्रेमलिन का एक दूत लगभग चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्तावित योजना पर बातचीत के लिए फ्लोरिडा जाने वाला था।
ये चर्चाएं ट्रंप प्रशासन के महीनों से चल रहे शांति प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनमें इस सप्ताह की शुरुआत में बर्लिन में यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारियों के साथ बैठकें भी शामिल थीं। यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार ने शुक्रवार देर रात कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका में अमेरिकी और यूरोपीय सहयोगियों के साथ अलग-अलग बैठकें पूरी कर ली हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और इथियोपिया क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में प्राकृतिक साझीदार हैं: मोदी अदीस अबाबा, 17 दिसंबर (भा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इथियोपियाई संसद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इथियोपिया क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में प्राकृतिक साझीदार हैं।
मंगलवार को अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर इथियोपिया पहुंचे मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, इथियोपिया अफ्रीका के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र पर स्थित है। भारत हिंद महासागर के केंद्र में स्थित है। हम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी में प्राकृतिक साझीदार हैं।
उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के रूप में, भारत और इथियोपिया एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं और एक-दूसरे को बहुत कुछ दे सकते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों में जलवायु और विचारों के मामले में भी समानता है। मोदी के संबोधन के अंत में सांसदों ने खड़े होकर तालियां बजायीं। मोदी तीन देशों की चार दिवसीय यात्रा पर हैं।
वह मंगलवार को जॉर्डन से यहां पहुंचे थे और यहां से ओमान के लिए रवाना होंगे। नरेंद्र मोदी ने अदीस अबाबा में अपने आधिकारिक दौरे के दौरान दोहरी कूटनीति और सुरक्षा सहयोग पर जोर दिया है। मोदी अफ्रीकी साझेदारों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अहमियत पर बल दे रहे हैं।
उन्होंने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ वार्ता में कहा कि मित्र देशों का समर्थन भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद इथियोपिया की संवेदनाओं और सहयोग की सराहना की और कहा कि हमें आतंकवाद जैसे वैश्विक खतरे के खिलाफ मिलकर काम करना होगा और मित्र राष्ट्रों का समर्थन हमारे संघर्ष में बहुत मायने रखता है।
यह टिप्पणी विशेष रूप से 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में आयी है, जिसमें 26 पर्यटकों सहित भारतीय नागरिकों की जान गयी थी और भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिए सशस्त्र कार्रवाई की थी। मोदी के इस दौरे का उद्देश्य अफ्रीका तथा ग्लोबल साउथ के साथ सुरक्षा, आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना भी है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास एक प्रमुख मुद्दा है।
संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। यह मानवता का दुश्मन है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मोदी ने कहा कि आतंकवाद न किसी सीमा को मानता है, न किसी धर्म या संस्कृति को, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई भी साझा, सामूहिक और वैश्विक होनी चाहिए।
उन्होंने चेताया कि आतंकवाद केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह विकास, शांति और लोकतंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। प्रधानमंत्री ने भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद का सामना करता रहा है और अपने अनुभव दुनिया के साथ साझा करने को तैयार है।
उन्होंने इथियोपिया और अन्य अफ्रीकी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया। मोदी ने यह भी कहा कि भारत और इथियोपिया के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और मानवीय हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुधारों और वैश्विक मंचों पर ठोस कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आस्ट्रेलिया ने बच्चों की आनलाइन सुरक्षा को लेकर एक नया और कड़ा कदम उठाया है। अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और अन्य प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं होगी। इस नये कानून की घोषणा प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने तकनीकी कंपनियों के अत्यधिक प्रभाव से नियंत्रण वापस ले लिया है। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने इस कदम को युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए दुनिया में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव बढ़ गया है और अब काफी है।
नये नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के अकाउंट हटाने होंगे, वरना भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इस कानून के लागू होते ही देशभर के कई बच्चे के फेसबुक, इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसी साइट्स पर अकाउंट बंद हो गये।
गौरतलब है कि इंस्टाग्राम के पास अकेले 13 से 15 साल के लगभग 3.5 लाख आस्ट्रेलियाई यूजर्स हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि हर किसी को अपनी उम्र प्रमाणित नहीं करनी होगी, लेकिन जिन पर शक होगा, उन्हें अपनी उम्र साबित करनी पड़ सकती है। बच्चे बिना लॉगिन किए कुछ कंटेंट देख सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत अकाउंट नहीं बना पायेंगे।
इस पाबंदी में फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक शामिल हैं। इसके अलावा, किक और ट्विच जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म भी इसमें शामिल हैं। यूट्यूब को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है, हालांकि पहले इसे शैक्षिक उपयोग के कारण छूट मिलने की संभावना थी। फिलहाल, रोब्लॉक्स, पिंटरेस्ट और व्हाट्सएप पर पाबंदी नहीं है, लेकिन सरकार इस लिस्ट की समीक्षा कर रही है।
ज्यादातर कंपनियों ने नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है, लेकिन कई ने इसकी आलोचना भी की है। मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम की कंपनी) ने चेतावनी दी है कि इससे बच्चे कम नियंत्रित वेबसाइटों की ओर जा सकते हैं, जो उनके लिए अधिक जोखिम भरा हो सकता है।
ईलॉन मस्क की प्लेटफॉर्म ने भी नियमों का पालन करने की पुष्टि की है। यह 10 प्रतिबंधित प्लेटफॉर्म में आखिरी था जिसने अपनी योजना बताई और कहा कि आस्ट्रेलियाई कानून का पालन करना अनिवार्य है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के प्रमुख पर्व दीपावली को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया है।
दीपावली महापर्व के शिलालेख को संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, मंत्रालय में सचिव विवेक अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारियों और 194 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और यूनेस्को के वैश्विक नेटवर्क के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बुधवार को यहां लाल किला में आयोजित यूनेस्को अंतर-सरकारी समिति के 20वें सत्र के दौरान मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में अंकित किया गया।
श्री शेखावत ने इस दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि यह शिलालेख भारत और विश्वभर के उन समुदायों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है जो दीपावली की शाश्वत भावना को जीवित रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार तमसो मा ज्योतिर्गमय के सार्वभौमिक संदेश का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की भावना को दर्शाता है और आशा, नवजीवन तथा सद्भाव का प्रतिनिधित्व करता है।
इस महापर्व की जीवंतता और जन-केंद्रित प्रकृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि दीपावली उत्सव के पीछे लाखों लोगों का योगदान होता है, जिनमें दीये बनाने वाले कुम्हार, उत्सव की सजावट करने वाले कारीगर, किसान, मिठाई बनाने वाले, पुजारी और सदियों पुरानी परंपराओं को निभाने वाले परिवार शामिल हैं।
इस पर्व की महत्ता में प्रवासी भारतीयों की जीवंत भूमिका को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका, खाड़ी देशों, यूरोप और कैरेबियन में मनाए जाने वाले दीपावली समारोहों ने दीपावली के संदेश को महाद्वीपों में फैलाया और सांस्कृतिक सेतुओं को मजबूत किया है। यह शिलालेख विरासत की रक्षा करने और इसे भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने की नयी जिम्मेदारी है।
उन्होंने नागरिकों से दीपावली की एकता की भावना को अपनाने और भारत की समृद्ध अमूर्त सांस्कृतिक परंपराओं का समर्थन जारी रखने का आग्रह किया। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि दीपावली का शिलालेख भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के बारे में वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देगा तथा भावी पीढ़ियों के लिए समुदाय-आधारित परंपराओं की रक्षा के प्रयासों को सुदृढ़ करेगा।
दीपावली विभिन्न क्षेत्रों, समुदायों तथा वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय में मनाए जाने वाले जन त्योहार के रूप में मान्यता प्राप्त एकता, नवीनीकरण और सामाजिक सामंजस्य के सिद्धांतों के प्रतीक का त्योहार है। दीये जलाना, रंगोली बनाना, पारंपरिक शिल्पकला, अनुष्ठान, सामुदायिक समारोह और पीढ़ी दर पीढ़ी ज्ञान का हस्तांतरण इसकी जीवंतता और भौगोलिकता की सीमाओं के अनुकूलन की क्षमता को दर्शाता हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने विज़िटर बुक में रूसी भाषा में एक विशेष नोट लिखा, जिसमें गांधीजी के योगदान और भारत-रूस संबंधों पर उनके दृष्टिकोण को भी व्यक्त किया गया।
पुतिन ने गांधीजी को मानवता के महान मार्गदर्शक कहा और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान को अतुलनीय बताया। उन्होंने लिखा कि गांधीजी के स्वतंत्रता, सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे।
उन्होंने आगे गांधीजी के दर्शन को नये और बराबरी वाले विश्व से जोड़ते हुए लिखा कि गांधी और रूसी दार्शनिक लियो टॉल्स्टॉय दोनों समान मूल्यों परस्पर सम्मान, नैतिकता और न्याय के आधार पर विश्व व्यवस्था की कल्पना करते थे। पुतिन ने लिखा, गांधीजी एक ऐसी दुनिया का सपना देखते थे, जहां किसी एक शक्ति का दबदबा न हो बल्कि समानता और सम्मान हो। उन्होंने इस विचार को अपने समय में टॉल्स्टॉय के साथ साझा किया।
पुतिन ने अपने नोट के अंतिम भाग में साफ किया कि आज भारत और रूस वैश्विक मंच पर उन्हीं सिद्धांतों का समर्थन करते हैं। उन्होंने लिखा कि दोनों देशों के बीच सहयोग बराबरी और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित है, और यह किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इमरान खान की बहन उज्मा खातून ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। वह 20 मिनट की मुलाकात के बाद जेल के बाहर आयीं और इमरान के बारे में जानकारी दी। उज्मा ने कहा कि इमरान खान की सेहत सही है, लेकिन उन्हें आइसोलेशन में रखा गया।
जेल में इमरान को मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा रहा। आखिरी बार इमरान की सेहत से जुड़ी जानकारी 4 नवंबर को आयी थी, जब बहन अलीमा उनसे मिलने गयी थीं। इमरान खान से मुलाकात को मंगलवार अडियाला जेल के बाहर हजारों समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हुई थी।
कई जगहों पर पुलिस और इमरान समर्थकों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली है। समर्थक इमरान को रिहा करो और इमरान नहीं झुकेगा जैसे नारे भी लगा रहे हैं। इमरान की बहनों ने पिछले हफ्ते इसको लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रूख किया था।
इमरान की बहन आलिमा के मुताबिक उनके भाई के मामले में जेल प्रशासन कोर्ट की अवमानना कर रहा है। पीटीआई समर्थकों के विरोध को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 2 हफ्ते के लिए धारा-144 लागू की गयी है।
इमरान खान की बहन उज्मा खातून ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। वह 20 मिनट की मुलाकात के बाद जेल के बाहर आयी और इमरान के बारे में जानकारी दी। उज्मा ने कहा कि इमरान खान की सेहत सही है, लेकिन उन्हें आइसोलेशन में रखा गया।
जेल में इमरान को मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा रहा। आखिरी बार इमरान की सेहत से जुड़ी जानकारी 4 नवंबर को आयी थी, जब बहन अलीमा उनसे मिलने गयी थीं। इमरान खान से मुलाकात को मंगलवार अडियाला जेल के बाहर हजारों समर्थकों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। कई जगहों पर पुलिस और इमरान समर्थकों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली है।
समर्थक इमरान को रिहा करो और इमरान नहीं झुकेगा जैसे नारे भी लगा रहे हैं। इमरान की बहनों ने पिछले हफ्ते इसको लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रूख किया था। इमरान की बहन आलिमा के मुताबिक उनके भाई के मामले में जेल प्रशासन कोर्ट की अवमानना कर रहा है। पीटीआई समर्थकों के विरोध को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 2 हफ्ते के लिए धारा-144 लागू की गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चक्रवात दित्वा से आई विनाशकारी बाढ़ और व्यापक तबाही को देखते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सरकार से तुरंत आपातकाल लागू करने की मांग की थी।
चिकित्सकों के ट्रेड यूनियन ने भी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उसी की सिफारिश की थी। शुक्रवार और शनिवार को जारी सरकारी राजपत्र में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की पुष्टि की गई। इसके तहत सैनिकों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवाओं, नागरिक प्रशासन और नागरिक सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती संभव हो सकेगी।
अधिकारियों का मानना है कि इससे राहत एवं बचाव कार्यों की रफ्तार तेज होगी। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात दित्वा शनिवार को श्रीलंका को पार कर दक्षिण भारत की तटीय रेखा में प्रवेश कर गया है। महानिदेशक अथुला करुणानायके ने कहा दित्वाह श्रीलंका से निकल चुका है, लेकिन भारी बारिश और तेज हवाओं का असर अभी कुछ समय तक जारी रहेगा।
आपदा प्रबंधन केंद्र (DMC) के अनुसार श्रीलंका में 123 लोगों की आधिकारिक मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 130 लोग लापता है। कई क्षेत्रों में संचार व्यवस्था ठप्प, इसलिए संख्या और बढ़ने की आशंका है। चक्रवात के चलते घर, सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे राहत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के इतर जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में शुक्रवार को आॅस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, नाभिकीय ऊर्जा और व्यापार जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की।
इस वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी प्रधानमंत्री अल्बानीज के साथ बहुत सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि भारत-आस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी के पांच वर्ष पूरे होने पर दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गयी है। बैठक के दौरान शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री श्री अल्बानीज ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत और आस्ट्रेलिया घनिष्ठ मित्र और विश्वसनीय साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में दोनों नेताओं ने 2020 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित होने के बाद पिछले वर्षों में सहयोग के बढ़ते दायरे पर संतोष व्यक्त किया।
श्री अल्बानीज ने लाल किला आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने राजनीतिक रणनीतिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, गतिशीलता, शिक्षा तथा जन से जन का संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जतायी कि शीर्ष स्तर पर बढ़ते संपर्कों ने द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति प्रदान की है और दोनों देशों ने परस्पर साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहरायी।
यह बैठक दिल्ली में हुई 16वें भारत-आस्ट्रेलिया विदेश मंत्रियों के फ्रेमवर्क संवाद के एक दिन बाद हुई, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और आस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर विचार-विमर्श किया। श्री वोंग ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मुलाकात की।
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