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Published / 2025-07-02 14:13:37
दलाई लामा : भिक्षु जैसी जिंदगी, लेकिन करोड़ों की संपत्ति!

जानिये 90 साल के दलाई लामा की कमाई का राज

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। अक्सर लोग सोचते हैं कि दलाई लामा एक व्यक्ति का नाम है, लेकिन वास्तव में यह एक धार्मिक पदवी है। तिब्बती बौद्ध धर्म के इतिहास में अब तक 14 दलाई लामा हो चुके हैं। मौजूदा दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो हैं, जो 6 जुलाई 2025 को 90 वर्ष के हो जाएंगे। 

उनका जन्म नाम ल्हामो धोंडुप था। साल 1959 में चीन के खिलाफ तिब्बत में हुए असफल विद्रोह के बाद वे हजारों तिब्बतियों के साथ भारत आ गये थे। तब से वे भारत में ही शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं और यहीं से तिब्बती बौद्ध परंपरा का नेतृत्व कर रहे हैं।

अब क्यों चर्चा में हैं दलाई लामा?

दलाई लामा एक बार फिर चर्चा में हैं, क्योंकि अब उनकी उम्र 90 साल के करीब पहुंच रही है और ऐसे में उत्तराधिकारी (15वें दलाई लामा) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी संस्था भविष्य में भी जारी रहेगी और अगला दलाई लामा तिब्बती परंपराओं के अनुसार चुना जाएगा। इसमें चीन की कोई भूमिका नहीं होगी।

दलाई लामा की कमाई और दौलत कितनी है?

अब सवाल उठता है कि आखिर दलाई लामा कमाई कैसे करते हैं और उनकी नेटवर्थ कितनी है? कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दलाई लामा की कुल संपत्ति 150 मिलियन डॉलर आंकी गई है, जो कि करीब 1,300 करोड़ रुपए होती है। यह आंकड़ा काफी चौंकाने वाला लग सकता है, खासकर जब हम उनकी साधारण जीवनशैली को देखते हैं।

दलाई लामा पैसे कैसे कमाते हैं? उनकी आय के मुख्य स्रोत हैं:

  1. भाषण और लेक्चर: दुनिया भर में आयोजित कार्यक्रमों में वो हिस्सा लेते हैं, जहां उन्हें बोलने के लिए मोटी फीस मिलती है।
  2. किताबों की बिक्री: उनकी आत्मकथा Freedom in Exile और कई अन्य किताबें दुनियाभर में लोकप्रिय हैं।
  3. छवि के अधिकार : फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रीज़, विज्ञापनों और अन्य माध्यमों में उनकी छवि के उपयोग के लिए उन्हें रॉयल्टी मिलती है।
  4. दान :  उन्हें दुनियाभर से बड़े पैमाने पर दान प्राप्त होता है, जिसका इस्तेमाल वे मानवीय और शैक्षिक कार्यों के लिए करते हैं।
  5. प्राइवेट टीचिंग: कई अमीर अनुयायी उन्हें निजी शिक्षाओं के लिए आमंत्रित करते हैं और इसके बदले उन्हें भुगतान किया जाता है।

हालांकि, यह भी बताया जाता है कि उनकी अधिकांश कमाई का इस्तेमाल धार्मिक, सामाजिक और शैक्षिक परियोजनाओं में होता है, न कि उनके निजी खर्चों में।

क्या 6 जुलाई को होगा उत्तराधिकारी का एलान?

दलाई लामा ने यह संकेत दिए हैं कि वे अपने 90वें जन्मदिन के मौके पर या उसके आसपास 15वें दलाई लामा को लेकर कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने पहले ही कहा है कि वे तिब्बती बौद्ध परंपरा के अनुसार ही उत्तराधिकारी तय करेंगे और संस्था आगे भी सक्रिय रहेगी।

Published / 2025-06-29 20:20:37
पाकिस्तान में आज फिर कांपी धरती!

तेज भूकंप से फैली दहशत, घर छोड़कर बाहर भागे लोग 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज पाकिस्तान में 5.3 तीव्रता के भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया जिससे लोग दहशत में आकर अपने घरों से बाहर निकल आये। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार इस भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर की गहराई में था। 

रॉयटर्स ने यूरो-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र के हवाले से बताया कि भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के मुल्तान शहर से 149 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था। यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह करीब 3:54 बजे महसूस किया गया।

हालांकि भूकंप से किसी के घायल होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

Published / 2025-06-24 16:14:43
ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद ईरान-इजरायल में युद्ध विराम

  • युद्ध विराम पर सहमत हुए इस्राइल-ईरान; ट्रंप के एलान के बाद से जारी संशय पर विराम

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। इस्राइल और ईरान ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित युद्ध विराम योजना को स्वीकार कर लिया है। इससे पश्चिम एशिया में 12 दिनों से चल रहे युद्ध पर विराम लग गया।

 ट्रंप ने युद्ध विराम का एलान तेहरान की ओर से कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी सीमित मिसाइल हमलों के बाद किया था। इरान की यह कार्रवाई उसके परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों का जवाब थी।

ट्रंप के एलान के बाद तेहरान ने इस्राइल को निशाना बनाकर मिसाइलों का अंतिम हमला किया, जिसमें मंगलवार सुबह कम से कम चार लोग मारे गए। जवाब में इस्राइल ने भी सुबह से पहले ईरान में कई जगहों पर हवाई हमले किए।

नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल ने ईरान के सैन्य नेतृत्व और कई सरकारी स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया और तेहरान के हवाई क्षेत्र पर भी नियंत्रण हासिल कर लिया। नेतन्याहू ने कहा, इस्राइल युद्ध विराम के किसी भी उल्लंघन का जोरदार तरीके से जवाब देगा।

Published / 2025-06-22 20:33:14
ईरान ने मैदान नहीं छोड़ी तो होगा बुरा परिणाम : अमेरिका

अमेरिका का नया ऐलान- ईरान पीछे नहीं हटा तो अगली कार्रवाई और बड़ी होगी 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और अब इसमें अमेरिका की सीधी सैन्य भागीदारी ने हालात और खतरनाक बना दिये हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने  ईरान के 3 प्रमुख परमाणु केंद्रों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर सटीक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई को शक्तिशाली और संदेश देने वाली स्ट्राइक बताया जा रहा है। 

ईरान को अमेरिकी हमले के बाद दूसरा बड़ा झटका, हिजबुल्लाह ने छोड़ा साथ

  • ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद इजराइल-ईरान युद्ध के क्षेत्र में फैलने की आशंका के मद्देनजर रविवार को विभिन्न देशों ने कूटनीतिक समाधान तलाशने और संयम बरतने की अपील की।  
  • अमेरिका ने बी 2 बॉम्बर्स और जीबीयू 57 बंकर बस्टर बमों से हमला कर  ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेलने का दावा किया। 
  • राष्ट्रपति ट्रंप बोले: अब शांति तभी संभव है जब ताकत दिखायी जाये। 
  • पीएम  बेंजामिन नेतन्याहू  ने कहा : ट्रंप और अमेरिका ने पूरी ताकत से सही समय पर हमला किया है। ये पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी था। 
  • इजराइल ने पहले ही इस्फहान में सेंट्रीफ्यूज साइट पर 2 बार हमला कर दिया था। 
  • ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची बोले: हमलावरों को उनके अपराध के लिए जवाबदेह ठहराया जायेगा। 
  • ईरान ने यूएन सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की, अमेरिका के कदम को पूर्व नियोजित आक्रामकता बताया। 
  • जंग से ईरान में अब तक 657 मौतें, जिनमें 263 आम नागरिक शामिल हैं। 2000 से ज्यादा घायल। 
  • इजराइल में 24 नागरिक मारे गये, सैकड़ों घायल। उत्तरी इलाकों में मिसाइल और ड्रोन गिरे। 
  • रानी टॉप कमांडर सईद इजादी, बेहनाम शाहरियारी और ड्रोन फोर्स प्रमुख मारे गये।  

वैश्विक असर और प्रतिक्रियाएं  

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले : डिप्लोमेसी ही एकमात्र रास्ता है। 
  • रूस, चीन, तुर्की, कतर और क्यूबा ने अमेरिकी हमले की आलोचना की। 
  • अरब लीग  और ओआईसी  की बैठकें जारी, मुस्लिम देश ईरान के साथ खड़े। 

ग्लोबल इकोनॉमी पर असर  

  • तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, कच्चा तेल $110 प्रति बैरल तक पहुंचा। 
  • गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में तेजी। ग्लोबल शेयर बाजारों में गिरावट। 
  • भारत, यूके, जर्मनी, कनाडा ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी। 

अगला कदम 

  • अमेरिका की ओर से कहा गया है कि यदि ईरान पीछे नहीं हटा तो अगली कार्रवाई और बड़ी होगी।  
  • ट्रंप सरकार अगले 72 घंटों में ईरान के खिलाफ नौसैनिक और साइबर आपरेशन शुरू कर सकती है। 
  • ईरान ने चेतावनी दी है कि अब से हर हमला सीधा युद्ध माना जायेगा।

Published / 2025-06-22 09:17:00
ईरान को शांति के रास्ते पर आ जाए, अगली बार हमला और भी बड़ा होगा: ट्रंप

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में ईरान को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद ट्रंप ने कहा कि "अब समय है कि ईरान युद्ध की राह छोड़कर शांति का रास्ता अपनाए।" ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर सफल सैन्य हमलों के बाद देशवासियों को संबोधित करते हुए ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले 40 वर्षों से दुनिया को धमकाता आ रहा था, लेकिन अब वक्त आ गया है कि वह शांति का रास्ता अपनाए।

ट्रंप ने अपने भाषण में खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में सबसे कठिन और संवेदनशील टारगेट को निशाना बनाया और यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने बताया कि हमलों में फोर्डो, नतांज और एस्फाहान जैसे प्रमुख परमाणु संवर्धन ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। हमारा उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को खत्म करना था, और हम इसमें सफल हुए हैं। ये ठिकाने अब दुनिया के लिए खतरा नहीं हैं, ट्रंप ने कहा।
दुनिया की कोई सेना ऐसा नहीं कर सकती अमेरिकी सेना की प्रशंसा करते हुए ट्रंप ने कहा, दुनिया में कोई दूसरी सेना नहीं है जो इतनी सटीकता और ताकत से ऐसी कार्रवाई कर सके। उन्होंने इस ऑपरेशन को शानदार सैन्य सफलता बताया और इसे अमेरिकी सेना की क्षमता का प्रमाण बताया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह देश दुनिया में आतंकवाद का नंबर एक प्रायोजक बन चुका था और उसके परमाणु कार्यक्रम से वैश्विक शांति को गंभीर खतरा था। उन्होंने हमारे लोगों को मारा है, उनके हाथ-पैर उड़ाए हैं। कासिम सुलेमानी ने कई निर्दोषों की जान ली थी। मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि अब यह नहीं चलेगा, ट्रंप ने भावुक होकर कहा।

Published / 2025-06-22 08:59:38
कुर्सी पर बैठकर ईरान की तबाही देख रही थी ट्रंप टीम

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। व्हाइट हाउस ने रविवार को कुछ तस्वीरें जारी की हैं जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और वरिष्ठ सलाहकार सिचुएशन रूम में मौजूद दिख रहे हैं। कुर्सी पर बैठकर ट्रंप की टीम ईरान की तबाही देख रही थी। ये तस्वीरें तब सामने आईं जब अमेरिकी सेना ने ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान पर हवाई हमले किए। इन तस्वीरों को ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद और मौजूदा स्थिति पर राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्रीय संबोधन के दौरान साझा किया गया।

कई दिनों के विचार-विमर्श के बाद और स्वयं द्वारा निर्धारित दो सप्ताह की समय-सीमा से काफ़ी पहले ट्रंप द्वारा अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी ईरान के विरुद्ध इजरायल के सैन्य अभियान में शामिल होने का निर्णय क्षेत्रीय संघर्ष में एक बड़ी वृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब इजरायल और ईरान के बीच एक सप्ताह से घातक झड़पें जारी हैं। इजरायल का कहना है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक रहा है जबकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बता रहा है। 

इस लड़ाई को रोकने के कूटनीतिक प्रयास अब तक विफल रहे हैं। अमेरिका ने बताया कि इस ऑपरेशन में छह बंकर-बस्टर बमों ने भारी सुरक्षा वाले फोर्डो स्थल को निशाना बनाया जबकि 30 टॉमहॉक मिसाइलों ने अन्य ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल किया गया। यह दिखाता है कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है।

Published / 2025-06-18 21:07:42
ईरान की चेतावनी- ट्रंप आगे बढ़े तो शुरू हो जायेगा पूर्ण युद्ध

ईरान का ट्रंप को अल्टीमेटम-अमेरिका के किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से छिड़ जायेगा पूर्ण युद्ध 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को चेतावनी दी कि उनके देश को निशाना बनाकर किए जा रहे इजराइली हमलों में अमेरिकी हस्तक्षेप से पूर्ण युद्ध छिड़ जायेगा। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने अल जजीरा इंग्लिश समाचार चैनल पर प्रसारित एक साक्षात्कार के दौरान ये टिप्पणियां कीं। इस साक्षात्कार का सीधा प्रसारण किया गया। यह ईरान एवं इजराइल के मौजूदा संघर्ष के बीच उनका पहला साक्षात्कार है। 

बाघई ने कहा, अमेरिका का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप इस क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का कारण होगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू में ईरान पर इजराइल के हमलों से खुद को दूर रखा था लेकिन बाद में उन्होंने अमेरिका की अधिक भागीदारी का संकेत देते हुए कहा कि वह संघर्ष विराम से कहीं अधिक बड़ा कुछ चाहते हैं। अमेरिका ने इस क्षेत्र में और अधिक युद्धक विमान भी भेजे हैं। हजारों इजराइली विदेश में फंसे हुए हैं। इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में विमानों की आवाजाही को बाधित कर दिया है।

Published / 2025-06-15 18:46:01
अमेरिका को छेड़ा तो ईरान भुगतेगा बुरा परिणाम

  • ट्रंप का खुला ऐलान-अमेरिका को छेड़ा तो ईरान भुगतेगा भयानक परिणाम

एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध के बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका का ईरान पर हुए हालिया हमलों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अगर ईरान ने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो अमेरिका की पूरी सैन्य ताकत से जवाब मिलेगा, और ऐसा तबाही का मंजर सामने आएगा जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। 

यह बयान ट्रंप ने शनिवार रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान और इज़राइल के बीच इस खूनी संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन अगर अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो यह चुप नहीं बैठेगा।

ट्रंप का बड़ा बयान- हमला हुआ तो तबाही तय

ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हुए हमले में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। लेकिन अगर ईरान की तरफ से अमेरिका पर किसी भी तरह का हमला होता है तो अमेरिकी सशस्त्र बल पूरी ताकत से जवाब देंगे और वो नतीजा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने ईरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और वैज्ञानिक मारे गए हैं। 

जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर 150 से अधिक मिसाइलें दागी हैं, जिससे दोनों देशों के बीच खुला युद्ध छिड़ गया है। अब अमेरिका की स्थिति पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं-क्या वह इजराइल का समर्थन करेगा, या युद्ध से अलग रहेगा?

ट्रंप ने किया मध्यस्थता का प्रस्ताव

हालांकि ट्रंप ने साथ में यह भी कहा कि अगर हमें मौका मिले, तो हम ईरान और इजराइल के बीच शांतिपूर्ण समझौता करवा सकते हैं। हम इस खूनी संघर्ष को खत्म करना चाहते हैं। यह बयान दर्शाता है कि ट्रंप संघर्ष में सीधा हस्तक्षेप नहीं चाहते, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।

अमेरिका की भूमिका और खतरे की आशंका

ईरान ने पहले ही अमेरिका और ब्रिटेन को चेताया है कि अगर उन्होंने इजराइल का साथ दिया तो उनके सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पहले भी ईरान समर्थित समूहों के हमले हो चुके हैं। इस बीच अमेरिका में चुनावी माहौल भी गर्म है, और ट्रंप 2024 चुनाव के प्रमुख रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। उनका बयान राष्ट्रवादी और आक्रामक छवि को मजबूत करता है।

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