एबीएन बिजनेस डेस्क। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी तथा वैश्विक अनिश्चितता के बीच बृहस्पतिवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट आयी। निवेशकों के सतर्क रुख के चलते सेंसेक्स 114 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान ऊपर-नीचे होने के बाद अंत में 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत टूटकर 77,844.52 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 78,384.70 अंक के उच्चस्तर तक गया और 77,713.21 अंक के निचले स्तर तक आया। सेंसेक्स में 671.49 अंक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 4.30 अंक यानी 0.02 प्रतिशत के मामूली नुकसान के साथ 24,326.65 अंक पर बंद हुआ।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध, संपत्ति प्रबंधन प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारतीय बाजार पूरे सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव में रहा। निफ्टी 24,326 अंक पर स्थिर रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी, कच्चे तेल के दाम के 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बने रहने, रुपये की कमजोरी तथा शांति वार्ता पर ईरान के रुख को लेकर असमंजस के बीच बाजार धारणा प्रभावित हुई।
सेंसेक्स के शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, टाइटन, सन फार्मा और आईटीसी में गिरावट आयी। दूसरी ओर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर लाभ में रहे। मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.40 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मॉलकैप में 1.09 प्रतिशत की बढ़त रही।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा, बाजार में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, रुपये की स्थिरता, वैश्विक धारणा में सुधार और चुनिंदा शेयरों में लिवाली के चलते आशावाद का रुख कायम है। हालांकि, आगे चलकर भू राजनीतिक अनिश्चितता और संस्थागत निवेशकों का रुख बाजार को प्रभावित कर सकता है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत के नुकसान के साथ 99 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
आॅनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, भारतीय शेयर बाजार लगभग स्थिर रहे क्योंकि निवेशक अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। निफ्टी लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 5,834.90 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
एबीएन बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में 6 मई को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह में शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक अच्छी मजबूती के साथ खुले लेकिन कुछ ही घंटों ने बाजार ने अपनी ज्यादातर बढ़त गंवा दी। फिर, 2 बजे के बाद बाजार में जबरदस्त तेजी आई। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के जल्द डील की उम्मीद है। इस खबर से जहां मार्केट में रिकवरी आई वही क्रूड में बड़ी गिरावट दिखी।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 940.73 अंक यानी करीब 1.22 फीसदी चढ़कर 77,958.52 अंक पर आ गया। निफ्टी 298.15 अंक यानी 1.24 फीसदी चढ़कर अंक चढ़कर 24,330.95 के स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार को अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांक अच्छी तेजी के साथ बंद हुए थे।
एबीएन बिजनेस डेस्क। आज शेयर बाजार की शुरूआत लाल निशान पर हुई थी। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों में दिनभर तेज गिरावट रही। हालांकि कारोबार बंद होने से पहले मार्केट ने रिकवरी की।
सेंसेक्स 1151.22 अंक फिसल कर 76,345.14 पर आ गया, वहीं निफ्टी में 355.15 अंक की गिरावट आयी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 582.86 अंक टूटकर 76,913.50 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी 180.10 अंक गिरावट के साथ 23,997.55 के स्तर पर बंद हुआ।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया वीआइएक्स में उछाल ने मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता का संकेत दिया तो निवेशक घबरा गये और ताबड़तोड़ शेयर बेचने लगे। इंडिया वीआइएक्स की बात करायी यह 5% से अधिक उछलकर 18 के पार चला गया।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गयी।
30 शेयरों वाला सेंसेक्स 982.71 अंक या 1.27% गिरकर 76,681.29 अंक पर बंद हुआ। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 275.10 अंक या 1.14% गिरकर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक शेयर बाजार ज्यादातर नीचे रहे जबकि तेल की कीमतें बढ़ीं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत ठप रही। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे कमजोर होकर 94.23 पर बंद हुआ।
वॉल स्ट्रीट के सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आने के बाद अमेरिकी वायदा बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एसएंडपी 500 का वायदा 0.1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का वायदा 0.2 प्रतिशत गिर गया।
यूरोप में शुरुआती कारोबार में, जर्मनी का ऊअ 0.2 प्रतिशत गिरकर 24,106.17 पर आ गया, और पेरिस का सीएसी 40 1 प्रतिशत गिरकर 8,147.70 पर आ गया। ब्रिटेन का एफटीएसई 100 0.6 प्रतिशत गिरकर 10,397.64 पर आ गया।
एशियाई बाजार में ट्रेडिंग के दौरान, टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक तकनीकी शेयरों की भारी खरीदारी के चलते 1 प्रतिशत बढ़कर 59,716.18 पर पहुंच गया। गुरुवार को इसने इंट्राडे में 60,000 से ऊपर का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। हांगकांग का हैंग सेंग शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,978.07 पर बंद हुआ, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.1 प्रतिशत गिरकर 4,079.90 पर आ गया।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग अपरिवर्तित रहते हुए 6,475.63 पर बंद हुआ। आॅस्ट्रेलिया में, एसएंडपी/एएसएक्स 200 में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आयी और यह 8,786.50 पर पहुंच गया। ताइवान का ताइएक्स सूचकांक 3.2 प्रतिशत उछल गया क्योंकि कंप्यूटर चिप निर्माता टीएसएमसी, जो सूचकांक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के एक और दौर पर प्रगति सीमित रही, भले ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा रहा है, जबकि यह मूल रूप से समाप्त होने वाला था।
होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और जहां युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता था, अभी भी काफी हद तक बंद है, और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी अभी भी लागू है। पिछले हफ्ते अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगाने के बाद, ईरान ने बुधवार को जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को जब्त कर लिया।
ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को साफ करने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है, और उन्होंने सेना को उस क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली छोटी ईरानी नावों को गोली मारकर नष्ट करने का आदेश दिया। ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी को शुरू होने के बाद से तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
एबीएन बिजनेस डेस्क। भारतीय शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स-निफ्टी आज दिन भर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 852.49 अंक (1.09%) गिरकर 77,664.00 पर और निफ्टी 205.05 अंक (0.84%) टूटकर 24,173.05 पर बंद हुआ।
एबीएन बिजनेस डेस्क। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सोमवार को निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से घरेलू शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 78,520.30 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान यह 78,942.45 के ऊपरी और 78,203.30 के निचले स्तर तक भी गया। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 11.30 अंक यानी 0.05 प्रतिशत बढ़कर 24,364.85 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, भारतीय स्टेट बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बजाज फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन (यानी इंडिगो) के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। इसके उलट, लार्सन एंड टुब्रो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर नुकसान में रहे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.76 प्रतिशत बढ़कर 94.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद गहराने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। हालांकि, निवेशक पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम को पूर्ण संघर्ष की शुरूआत के बजाय संभावित वार्ता रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
इसके साथ ही नायर ने कहा कि संघर्ष विराम समाप्त होने की समयसीमा नजदीक होने से बाजार में सतर्कता बनी हुई है। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार को 504.86 अंक चढ़कर 78,493.54 अंक और निफ्टी 156.80 अंक बढ़कर 24,353.55 अंक पर बंद हुआ था।
एबीएन बिजनेस डेस्क। आज शेयर बाजार की शुरूआत हरे निशान पर हुई। सेंसेक्स 78,677 पर खुला और 78730 का हाई बनाया। निफ्टी भी 24385 के स्तर पर खुला था। हालांकि कारोबार के दौरान इस तेजी पर ब्रेक लग गया और मार्केट लाल निशान पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 122 अंक गिरकर 77,988 के लेवल पर आ गया जबकि निफ्टी में 34 अंक की गिरावट रही, ये फिसलकर 24,196 पर बंद हुआ।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में महंगाई के मोर्चे पर मार्च महीने में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.40% हो गयी, जो फरवरी में 3.21% थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण महंगाई दर 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम 3.11% दर्ज की गयी। खाद्य महंगाई में भी इजाफा देखने को मिला। मार्च में खाद्य महंगाई दर 3.87% रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.96% और शहरी इलाकों में 3.71% दर्ज की गयी, जो यह दर्शाता है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों का दबाव ज्यादा बना हुआ है। वहीं, आवास क्षेत्र में महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही। मार्च 2026 में हाउसिंग इंफ्लेशन 2.11% आंकी गयी। इसमें ग्रामीण आवास महंगाई 2.54% और शहरी आवास महंगाई 1.95% रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा तय करेगा। फिलहाल महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक के तय लक्ष्य दायरे के भीतर बनी हुई है, जिससे नीतिगत स्तर पर राहत की स्थिति बनी हुई है।
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