एबीएन डेस्क।. देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शुमार भारती एयरटेल ने अपने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए प्रीपेड प्लान्स की कीमत में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एयरटेल ने प्रीपेड प्लान्स की दरों में तकरीबन 25 फीसदी तक बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से बढ़ाई गई नई दरें आगामी 26 नवंबर 2021 से लागू होंगी। कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि एयरटेल ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि प्रति यूजर्स मोबाइल औसत राजस्व (ARPU) कम से कम 200 रुपए और अधिकतम 300 पर होना चाहिए, ताकि पूंजी पर एक उचित रिटर्न प्रदान किया जा सके, जो वित्तीय रूप से स्वस्थ व्यापार मॉडल की अनुमति देता है। कंपनी ने आगे कहा कि हम यह भी मानते हैं कि ARPU का यह स्तर नेटवर्क और स्पेक्ट्रम में आवश्यक पर्याप्त निवेश को सक्षम करेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात है कि यह एयरटेल को भारत में 5जी को रोल आउट करने के लिए काफी जगह देगा। इसलिए, पहले कदम के रूप में नवंबर के महीने के दौरान हम अपने टैरिफ को rebalance करने का कदम उठा रहे हैं और नई टैरिफ 26 नवंबर, 2021 से प्रभावी होंगी। प्रीपेड की नई दरें : सभी प्रीपेड पैक की नई टैरिफ 26 नवंबर, 2021 से www.airtel.in पर उपलब्ध होंगे। शुरुआती वायस प्लान का टैरिफ 28 दिनों की वैधता के साथ मौजूदा 79 रुपए की जगह अब 99 रुपए होगा। इसमें 50 प्रतिशत अधिक टॉकटाइम (99 रुपए), 200 एमबी डेटा और एक पैसा प्रति सेंकेंड का वॉयस टैरिफ जैसे लाभ शामिल हैं।
नई दिल्ली। आजकल ऑनलाइन शॉपिंग बड़ी तेजी से पांव पसार चुका है। जिसमें सभी लोगों की सहभागिता है। खासकर युवा वर्ग का तो कहा ही नहीं जाता। लेकिन इसके जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कुछ इसी तरह का एक मामला प्रकाश में आया है। ऑनलाइन गांजा बेचने के मामले में अमेजन के निदेशकों पर एफआईआर दर्ज किया गया है। दर्ज FIR के अनुसार कथित तौर पर इकॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए स्वीटनर बेचने की आड़ में गांजा बेचा जा रहा था। मध्य प्रदेश की भिंड जिले की पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। भिंड पुलिस ने ऑनलाइन गांजा बिक्री रैकेट का भंडाफोड़ किया था। जिसके बाद एफआईआर की यह कार्रवाई की गई। भिंड के एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि देश में एएसएसएल के तौर पर काम करने वाली ऐमजॉन इंडिया के कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 38 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं कैट ने केंद्र सरकार से तत्काल इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग की थी। कैट ने अपनी मांग में कहा था कि एनसीबी को अमेजन के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इसने विक्रेता के रूप में काम किया है और पैसे कमाए हैं। हालांकि अमेजन ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि वह अपने प्लेटफार्म के जरिए अवैध उत्पादों की बिक्री की इजाजत नहीं देता है। वह इस मामले की जांच में सहयोग कर रहा है।
एबीएन डेस्क। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया लेकिन अफसोस जताया कि सरकार कुछ किसान समूहों को कानूनों के लाभों के बारे में समझाने में असफल रही। इस फैसले की सराहना करते हुए तोमर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री की श्रद्धा और भाईचारे की भावना का भी प्रतिबिंब है। तोमर ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा राष्ट्रहित और जनभावना को हर चीज से ऊपर रखा है और यह फैसला उनके बड़े दिल को भी दर्शाता है। कृषि कानूनों को निरस्त करने के अलावा मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की और साथ ही शून्य बजट आधारित कृषि को बढ़ावा देने के तरीके भी सुझाए।
एबीएन डेस्क। विश्व बैंक ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया कि प्रवासी भारतीयों ने कोरोना महामारी के बावजूद इस साल अब तक 87 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 64.64 खरब रुपये) भारत भेजे हैं। विश्व बैंक के मुताबिक, अमेरिका इसका (प्रेषित धन) सबसे बड़ा स्रोत है और कुल रकम में इसका योगदान 20 फीसदी है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में बताया गया कि भारत दुनिया में विदेशों से पैसे भेजे जाने के लिहाज से पहले नंबर पर है और इस राशि में 4.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में बताया गया कि दूसरी तीमाही के दौरान कोविड-19 के मामलों और मौतों की गंभीरता को देखते हुए परोपकारी कार्य करने के लिए प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजे गए धन ने एक प्रमुख भूमिका निभाई, प्रवासी भारतीयों द्वारा भेजे गए पैसे में ऑक्सीजन टैंक की खरीद के लिए भेजी गई राशि शामिल है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत के बाद चीन, मैक्सिको, फिलीपींस और मिस्र हैं। इस राशि में 2022 तक और वृद्धि होने और इसके 89.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। विश्व बैंक ने कहा कि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में विदेशों से भेजी गई राशि 2021 में 7.3 प्रतिशत बढ़कर 589 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। विश्व बैंक के प्रव्रजन और विकास संक्षिप्त के अनुमानों के अनुसार, विकास की यह वापसी पहले के अनुमानों की तुलना में अधिक मजबूत है और 2020 में प्रवाह के लचीलेपन का अनुसरण करती है, जब कोविड-19 के कारण गंभीर वैश्विक मंदी के बावजूद विदेशों से पैसे भेजने में केवल 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई थी। विश्व बैंक के सोशल प्रोटेक्शन एंड जॉब्स के वैश्विक निदेशक माइकल रुतकोव्स्की ने कहा "प्रवासियों से प्रेषित धन प्रवाह ने कोविड-19 संकट के दौरान आर्थिक कठिनाइयों से पीड़ित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए सरकारी नकद हस्तांतरण कार्यक्रमों को बहुत सहायता पहुंचाई है। वैश्विक स्तर पर महामारी से तनावपूर्ण घरेलू बजट को राहत प्रदान करने के लिए प्रेषित धन के प्रवाह को सुगम बनाना सरकारी नीतियों का एक प्रमुख घटक होना चाहिए।
एबीएन बिजनेस डेस्क। क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में बुधवार को गिरावट जारी है। बिटक्वॉइन की कीमतें घटकर 59,000 डॉलर से नीचे पहुंच गई हैं। Ether इस महीने में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप में पिछले 24 घंटों में करीब 10 फीसदी की गिरावट देखी गई है। ट्रैकर CoinGecko के मुताबिक, इसका आंकड़ा घटकर 2.7 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय और बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वॉइन 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 58,956 डॉलर पर पहुंच गई। बिटक्वॉइन की कीमतें हाल ही में करीब 69,000 डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। इसमें इस साल अब तक 105 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई है। बिटक्वॉइन की कीमतों में इस साल जबरदस्त तेजी बिटक्वॉइन की कीमतें इस साल दोगुने से ज्यादा हो गई हैं। जबकि, Ether में करीब छह गुना की तेजी देखी गई है। पिछले हफ्ते दोनों करेंसी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। इसकी वजह करेंसी के लिए लोगों के बीच बढ़ता आकर्षण रहा है। Ethereum ब्लॉकचैन से संबंधित और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether भी 5 फीसदी से ज्यादा गिरकर 4,111 डॉलर पर पहुंच गई। Ether की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब ट्रेड कर रही है। बिटक्वॉइन में तेजी के साथ इसमें भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसकी वजह लोगों द्वारा ज्यादा बड़े स्तर पर ब्लॉकचैन का अपनाना है। इस बीच dogecoin की कीमतें 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 0.23 डॉलर पर पहुंच गईं। जबकि, Shiba Inu भी 7 फीसदी से ज्यादा घटकर 0.000047 डॉलर पर आ गई है। दूसरी क्रिप्टोकरेंसी जैसे Litecoin, XRP, Polkadot, Uniswap, Stellar, Cardano, Solana में भी पिछले 24 घंटों के दौरान गिरावट देखी जा रही है।
एबीएन डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वित्त सचिवों के साथ बैठक करेंगी। यह बैठक अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए मानकों पर चर्चा करने के लिए की जा रही है। वित्त मंत्रालय के सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा इसे लेकर कहा था कि बैठक कोविड महामारी की दो लहरों के बाद तेजी से पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में हो रही है। सोमनाथन ने कहा था, भारत निवेश के लिए एक आकर्षक स्थान बन रहा है... निजी क्षेत्र की ओर से इसे लेकर सकारात्मक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भू राजनीतिक विकास और गतिविधियां भी भारत के पक्ष में हैं। वहीं, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने कहा कि बैठक में विचार-विमर्श निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए जमीन और जल के उपयोग पर नियमों को आसान करने पर केंद्रित रहेगी। वर्चुअल माध्यम से होगी बैठक, ये अधिकारी-मंत्री भी होंगे शामिल : वित्त मंत्रालय ने इस बैठक को लेकर एक ट्वीट में जानकारी दी। वर्चुअल माध्यम से होने वाली इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और भागवत कराड़ भी हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, राज्यों के मुख्य सचिव और वित्त सचिव भी बैठक में शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि हम पूंजीगत व्यय कर रहे हैं और निजी क्षेत्र की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिल रही है। वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना ने पटरी से उतार दी थी अर्थव्यवस्था : वित्त वर्ष 2020-21 कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित रहा था। इस साल देश की अर्थव्यवस्था में 7.3 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था ने काफी सकारात्मक रुख दिखाया है और यह 20.1 फीसदी की दर से बढ़ी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में ही 64 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है।
जमशेदपुर। शुक्रवार को जमशेदपुर परिसदन में झारखंड मुक्ति मोर्चा पुर्वी सिंहभूम जिला समिति की एक आपात बैठक जिला अध्यक्ष सह विधायक रामदास सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विगत कोल्हान स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के जमशेदपुर स्थित मुख्यालय को महाराष्ट्र के पुणे में स्थानांतरित किए जाने का विरोध स्वरूप आगामी 17 नवंबर को टाटा संस्थान के जमशेदपुर स्थित कंपनी के चार गेटों पर धरना प्रदर्शन (नाकाबंदी) का कार्यक्रम मजबूती पुर्वक आयोजित करने का निर्णय लिया गया आज की बैठक में धरना प्रदर्शन (नाकाबंदी) कार्यक्रम की रूपरेखा वह रणनीति पर विचार विमर्श किया गया बैठक में निर्णय लिया गया। तय हुआ कि टाटा स्टील के जनरल अफिस गेट के कार्यक्रम का नेतृत्व माननीय विधायक श्री समीर महंती, विधायिका श्रीमती सविता महतो, पूर्व सांसद सुमन महतो, अल्पसंख्यक मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद हिदायतुल्ला खान के साथ-साथ बलदेव भुइयां के द्वारा किया जाएगा। इसी तरह टाटा स्टील के बिष्टुपुर थाना समीप गेट का नेतृत्व विधायक संजीव सरदार के साथ-साथ केंद्रीय महासचिव मोहन कर्मकार केंद्रीय सचिव आस्तिक महतो केंद्रीय सचिव राजु गिरी केंद्रीय सदस्य योगेंद्र कुमार निराला, सुनील महतो एवं अकरम खान के द्वारा किया जाएगा। टाटा मोटर्स मुख्य गेट टेल्को का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सह विधायक रामदास सोरेन जी के साथ साथ केंद्रीय सचिव शेख बदरुद्दीन केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद लाल केंद्रीय सदस्य महावीर मुर्मू केंद्रीय सदस्य नरोत्तम दास झामुमो मजदूर यूनियन के महासचिव शैलेंद्र मैंईथी जिला सचिव लाल्टु महतो एवं जमशेदपुर नगर दलगोविंद लोहरा के द्वारा किया जाएगा। टाटा कमिंस प्राइवेट लिमिटेड टेल्को के गेट का नेतृत्व माननीय विधायक श्री मंगल कालिंदी के साथ-साथ केंद्रीय क्रीड़ा मोर्चा के अध्यक्ष श्री मनोज यादव केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोडिया सोरेन जिला उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति जिला परिषद पिंटू दत्ता जमशेदपुर प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू द्वारा किया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि पुर्वी सिंहभूम जिला में स्थित झारखंड मुक्ति मुक्ति मोर्चा के सभी अनुषंगिक जिला इकाई के पदाधिकारी एवं समर्थक टाटा कंपनी के जनरल अफिस गेट पर आयोजित धरना प्रदर्शन (नाकाबंदी) कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। बैठक में केन्द्रीय सदस्य बाबर खान जिला परिषद बगराई मार्डी जिला उपाध्यक्ष श्यामल रंजन सरकार अरुण प्रसाद पार्थो प्रकाश मांझी लव सरदार ष्णा कामत मिर्जा हांसदा निता सरकार झरना पाल सबिता दास दलगोविंद लोहरा गोपाल महतो मोहम्मद समद अजय रजक राजा सिंह प्रितम हेम्बरम अधिवक्ता राश विहारी हंस शेख सलीम सहजादा आदी उपस्थित थे।
एबीएन बिजनेस डेस्कः आइकॉनिक मोटरसाइकिल ब्रांड Yezdi अब Jawa Motorcycle का हिस्सा नहीं है। जावा मोटरसाइकिल ने अपने ट्विटर पोस्ट में इसकी जानकारी दी। पोस्ट में जावा ने लिखा कि येज्दी ब्रांड अब अलग काम करेगा। जावा के बाद क्लासिक लीजेंड्स येज्दी को भारतीय बाजार में फिर से खड़ा करने में मदद करेगा। अगले साल आ सकती है येज्दी की एडवेंचर मोटरसाइकिल : जावा की बात करें तो कंपनी भारत में डेडिकेटेड सेल्स चैनल्स के जरिए अपनी रेट्रो-थीम्ड मोटरसाइकिल्स को लॉन्च कर चुकी है। अब येज्दी भी भी अपने प्रॉडक्ट्स को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, अभी प्रॉडक्ट्स के बारे में ज्यादा डीटेल्स उपलब्ध नहीं हैं। माना जा रहा है कि येज्दी भी भारत में अपने रेट्रो-थीम्ड मोटरसाइकिल्स को लॉन्च करेगा। उम्मीद है कि कंपनी साल 2022 में अपनी एक नई एडवेंचर मोटरसाइकिल लॉन्च करेगी।
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