करियर

View All
Published / 2026-03-14 18:28:56
डीएसपीएमयू के नवनियुक्त कुलपति से मिला आजसू छात्र संघ का प्रतिनिधिमंडल

टीम एबीएन, रांची। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) रांची इकाई के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो राजीव मनोहर से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें बुके एवं झारखंड की पारंपरिक छऊ नृत्य का मुखौटा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर छात्र संघ की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं के समाधान के संबंध में एक मांग-पत्र भी सौंपा गया। 

आजसू छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष तक विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति नहीं होने के कारण कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं का समाधान लंबित रहा। अब नये कुलपति के पदभार ग्रहण करने से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में एक नई उम्मीद जगी है कि विश्वविद्यालय की समस्याओं का समाधान होगा तथा विश्वविद्यालय को नयी दिशा और दशा मिलेगी। 

मौके पर आजसू छात्र संघ ने कुलपति के समक्ष विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा। छात्र संघ ने मांग की कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पठन-पाठन को नियमित और सुचारू रूप से संचालित किया जाये। साथ ही नॉन-टीचिंग स्टाफ कर्मियों के साथ सकारात्मक पहल करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाये, ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य छात्रहित में बेहतर ढंग से चल सकें। 

इसके अतिरिक्त छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के सभी प्रोफेशनल कोर्स को अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित कराने की मांग भी उठाई। साथ ही सत्र 2020-23, 2021-24 एवं 2022-25 के स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित करने की मांग की गयी, क्योंकि इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में नोटिस भी जारी किया जा चुका है। 

आजसू छात्र संघ ने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय में कई शिक्षक एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर कार्य कर रहे हैं, जबकि राजभवन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार एक शिक्षक एक से अधिक पदों पर सेवा नहीं दे सकते। इसलिए इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। 

इसके अलावा छात्र संघ ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव को शीघ्र कराने की मांग भी उठायी। छात्र नेताओं ने बताया कि पिछले लगभग छह वर्षों से विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ है। हाल ही में फरवरी 2026 में विश्वविद्यालय द्वारा इलेक्टोरल रोल भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। 

आजसू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि कुलपति इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, जिससे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा और शैक्षणिक वातावरण और अधिक बेहतर होगा। इस मौके पर विश्वविद्यालय संयोजक रवि रोशन, प्रशांत महतो, खुशबू यादव, रोशन नायक, विनायक, मानस कुमार, बीटू वर्मा, आशीष एवं योगेश महतो सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Published / 2026-03-13 18:18:14
बीआईटी मेसरा में धूमधाम से मना इंटरनेशनल महिला दिवस

टीम एबीएन, रांची। अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन आज बी आई टी मेसरा लालपुर यूनिट के राष्ट्रीय सेवा योजना NSS के तत्वावधान में कार्यक्रम नजरिया नाम से आयोजित किया गया, जिसमें संस्थान के छात्रों और शिक्षकों की भागीदारी रही।

इस कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक डॉ विजय कुमार झा के द्वारा उद्बोधन में महिलाओं के शक्ति की बातें बोलते हुए कहा कि आज विष्व की कोई भी देश महिलाओं की भागीदारी के बगैर विकसित हो ही नहीं सकती आप किसी भी क्षेत्रों की बात करे महिला अपनी लोहा मनवाया हैं। उन्होंने संस्थान की विकास में शामिल सभी महिलाओं का आभार व्यक्त किया और उनके सम्मान में पाँच पेड़ लगाने की बात कह छात्रों का हौसला बढ़ाया।

डॉ अमृता प्रियम ने महिला दिवस के इस आयोजन के लिए NSS के सदस्यों को साधुवाद देते हुए कहा कि आज महिलाओं को आप हर क्षेत्र में आगे देख सकते है अब तो हमने महिला विष्व कप जीत कर पूरे देश में महिलाओं का मान बढ़ाया हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ अभय रंजन श्रीवास्तव ने इस प्रकार के आयोजनों में शामिल होने वाले सभी का अभिवादन किया और महिला के प्रति सम्मान करने का आह्वान छात्रों से की।

आज के कार्यक्रम में डॉ श्रावणी , डॉ मिली दत्ता, डॉ अमृता सरकार, श्रीमती मिनि दुबे, एलिश प्रीति, अनामिका, सरिता , डॉ आशुतोष मिश्र, डॉ सौमित्रो, खालिद असरफ, डॉ उमेश प्रशाद, सोनी कुमारी, वोनीमा तिग्गा, डॉ महुवा  बनर्जी सहित सैकड़ों संख्या में छात्र उपस्थित हुए आयोजन में प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें पेंटिंग, भाषण और कविता महिलाओं से संबंधित विषयों पर आयोजित किया गया।

Published / 2026-03-13 17:28:45
रांची विवि में दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी शुरू

टीम एबीएन, रांची। दिनांक 13/02/ 2026 को संस्कृत विभाग, राँची विश्वविद्यालय, राँची एवम पूर्ववर्ती छात्र संघ के द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रिय शोध-संगोष्ठी का प्रो. चंद्रकांत शुक्ल के अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलित  करके शुभारंभ किया गया।

संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो अर्चना कुमारी दुबे के द्वारा वैदिक श्लोक के माध्यम से स्वागत संबोधन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि ओड़िआ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शत्रुघ्न पाणिग्रही ने वेद-वेदाङ्ग में भारतीय ज्ञान परंपरा के  वास्तविक स्वरूप को समझने के लिए वेद-वेदाङ्गो का ज्ञान नितान्त आवश्यक है। 

सृष्टि उत्पत्ति के ज्ञान हेतु ऋग्वेद के नासदीय सूक्त, पुरुष सूक्त, हिरण्यगर्भ सूक्तों का पठन-पाठन आवश्यक हो जाता है। अग्नि के अनेकों प्रकार हो सकते हैं पर सबके मूल में अग्निदेव ही हैं। 

विशिष्टातिथि पूर्व कुलपति प्रो. कामिनी कुमार ने भारतीय ज्ञान परंपरा को हजारों वर्षों से चली आ रही एक समृद्ध परंपरा कही। यह आधुनिक युग में भौतिकता एवं  आध्यात्मिकता के बीच समन्वय रखना सिखाती है।

अध्यक्षीय भाषण में प्रो चंद्रकांत शुक्ल ने वेद एवं वेदाङ्ग के बारे में विस्तृत जानकारी दी जो आज के दौर में छात्र अपने शैक्षणिक कार्यकाल में अध्ययन कर रहे है। पूर्ववर्ती छात्र संघ के अध्यक्ष डॉ मीना शुक्ल ने सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

मंच संचालन प्राध्यापक डॉ. शैलेश मिश्र ने करते हुए आयुर्वेद में निहित दैनिक दिनचर्या को विस्तृत रूप से बताया जो आधुनिक जीवन के सर्वांगीण विकास के अत्यंत आवश्यक है। द्वितीय सत्र के राष्ट्रिय शोध-संगोष्ठी में प्रथम दिन 70 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े गए। अंत में पूर्ववर्ती छात्र संघ की बैठक करते हुए प्रथम दिवस की कार्यक्रम को समाप्त किया गया।

संगोष्ठी में डॉ ताराकांत शुक्ल, डॉ मोहन गोप, डॉ ब्रजेश मिश्र, डॉ जानकी देवी, डॉ मधुलिका वर्मा, डॉ श्रीप्रकाश सिंह, डॉ भारती द्विवेदी,डॉ धीरेंद्र दुबे, डॉ. एस. के. घोषाल, डॉ. राहुल कुमार, डा.जगदम्बा प्रसाद, डा.लक्ष्मी कुमारी, डॉ पारंगत आर्य, डॉ जीतेश पासवान, शोधार्थी गण व अन्य उपस्थित थे।

Published / 2026-03-12 21:16:19
रांची विवि में 13 और 14 को होगी राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी

टीम एबीएन, रांची। गुरुवार को संस्कृत विभाग, रांची विश्वविद्यालय, रांची में पूर्ववर्ती छात्र संघ की बैठक हुई, जिसमें दो दिवसीय राष्ट्रिय शोध-संगोष्ठी को अंतिम रूप दिया गया। वेद-वेदाङ्ग में निहित भारतीय ज्ञान परंपरा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इस विषय पर दिनांक 13 एवं 14 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। 

विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में उपर्युक्त विषय पर राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी में 150 से ज्यादा शोध पत्र वाचन किया जायेगा, जिनका  रजिस्ट्रेशन अब  किया जा चुका है। 

बैठक में प्रो चंद्रकांत शुक्ल, डॉ मीना शुक्ला, प्रो अर्चना कुमारी दुबे, डॉ मधुलिका वर्मा, डॉ श्रीप्रकाश सिंह, डॉ भारती द्विवेदी, डॉ शैलेश कुमार मिश्र, डॉ धीरेंद्र दुबे, डॉ. एसके घोषाल, डॉ राहुल कुमार, डॉ जगदम्बा प्रसाद, डॉ लक्ष्मी कुमारी, शोधार्थी गण व अन्य उपस्थित थे।

Published / 2026-03-09 17:24:20
एसआर डीएवी पुंदाग के दो विद्यार्थी सीए की इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण

  • एसआर डीएवी पुंदाग के दो विद्यार्थी सीए की इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण

एबीएन कैरियर डेस्क। द इंस्टीट्यूट ऑफ चाटर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया का विद्यार्थी बनना गर्व का विषय है। यह वाणिज्य संकाय विद्यार्थियों का सपना होता है। इस सपने को साकार करने की दिशा में एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के दो पूर्व विद्यार्थी; आकांक्षा कुमारी तथा आर्यन कुमार अग्रसर हैं। 

उन्होंने एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग से सीबीएसई. बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पास करने के उपरांत चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई करने के लिए अपना नामांकन करवाया तथा अपने कठिन परिश्रम के बल पर उन्होंने पहले फाउण्डेशन तथा अब इंटरमीडिएट का चरण पूरा किया।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने दोनों सफल विद्यार्थियों को उनकी इस शानदार उपलब्धि बधाई देते हुए कहा कि दोनों विद्यार्थी अन्य विद्यार्थियों के लिए भी  प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उनके जैसे विद्यार्थियों पर विद्यालय परिवार को गर्व है।

उन्होंने दोनों सफल विद्यार्थियों को सलाह दी कि इसी प्रकार लगन से पढ़ाई करते रहे, ताकि कम से कम समय में वे सीए का कोर्स भी पूरा कर सकें। उन्होंने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Published / 2026-03-09 13:08:16
एसआर डीएवी पुंदाग के वरिष्ठ शिक्षकेत्तर कर्मचारी (एलडीसी) केसी प्रमाणिक का विदाई समारोह

  • एसआर डीएवी पुंदाग के वरिष्ठ शिक्षकेत्तर कर्मचारी (एलडीसी) केसी प्रमाणिक का विदाई समारोह

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल पुंदाग, रांची के एलडीसी केसी प्रमाणिक को भावभीनी विदाई दी गई। विद्यालय परिवार की ओर से प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उन्हें स्मृति चिह्न, उपहार तथा  अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।उन्होंने सम्पूर्ण समर्पण और कर्त्तव्य निष्ठा के साथ अपने लगभग तीस वर्षों  के सेवा काल को पूर्ण करके अवकाश प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य तथा उनके सहकर्मी गण ने उनके साथ के अपने कार्य काल के अनुभव साझा किए। उन्होंने भी इस शानदार विदाई के लिए विद्यालय परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने उनको उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि जिस कर्तव्यनिष्ठा के साथ उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया, वह अनुकरणीय है।

उन्होंने ऑफिस स्टाफ के समक्ष उनकी कार्यकुशलता को उदाहरण के रूप में रखा।उनके  योगदान से विद्यालय ने नई ऊंचाइयों को छुआ है।विदाई समारोह में पूरे विद्यालय परिवार ने उपस्थित रह कर के.सी.प्रमाणिक के आरोग्य ,सुख- शांति ,संपदा की कामना की।

Published / 2026-03-07 20:17:39
बीआईटी मेसरा में रूट्स टू रेनैसांस कार्यशाला

बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा में रूट्स टू रेनैसांस कार्यशाला का दूसरा दिन: जनजातीय विरासत, नवाचार और डिजिटल उद्यमिता के समन्वय पर जोर 

टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला रूट्स टू रेनैसांस: झारखंड में जनजातीय विरासत, नवाचार और डिजिटल उद्यमिता का समन्वय का दूसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन बीआईटी मेसरा के प्रबंधन विभाग ने मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के सहयोग से किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और छात्रों ने भाग लेकर जनजातीय विरासत, तकनीक और नवाचार के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। 

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि आसिफ इकराम, निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग, गवर्नमेंट आॅफ झारखंड ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों और नवाचारी मंचों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय विरासत से जुड़े शोध और जागरूकता को मजबूत करने के लिए सरकारी संस्थानों और बीआईटी मेसरा के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के बीच सहयोग को और बढ़ाया जाना चाहिए। 

कार्यक्रम के दौरान कई विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं आयोजित की गयीं। डिजाइनर सुमंगल नाग ने वस्त्र और जनजातीय विरासत विषय पर सत्र का संचालन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से पारंपरिक जनजातीय वस्त्रों के डिजाइन और पैटर्न को नये रूप में विकसित कर अभिनव सांस्कृतिक उत्पाद तैयार किये जा सकते हैं। 

एक अन्य रोचक सत्र शैलेंद्र पाठक ने आयोजित किया, जिसमें उन्होंने शास्त्रीय संगीत, जनजातीय संगीत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार विभिन्न पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों को मिलाकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से नये वाद्य संगीत के रूप तैयार किए जा सकते हैं। 

इसके अतिरिक्त हिमांशु कुमार ने जनजातीय लोककथाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर कार्यशाला आयोजित की। इस सत्र में उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक डिजिटल चित्रण तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से जनजातीय लोककथाओं, पारंपरिक कलाओं और दृश्य कथाओं को नये डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। यह कार्यशाला डॉ. मृणाल पाठक के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। 

कार्यक्रम का समापन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। इसमें एक जनजातीय परिधान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसमें पारंपरिक परिधानों और हस्तशिल्प की सुंदर झलक प्रस्तुत की गयी। कार्यक्रम का अंत प्रसिद्ध पाइका नृत्य की ऊजार्वान प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में सामने रखा। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय परंपराओं और आधुनिक तकनीकों के बीच संवाद और नवाचार को प्रोत्साहित करना था, ताकि छात्र, शोधकर्ता और उद्यमी सांस्कृतिक संरक्षण और डिजिटल उद्यमिता के क्षेत्र में नयी संभावनाओं का अन्वेषण कर सकें।

Published / 2026-03-06 21:11:46
UPSC : अनुज अग्निहोत्री बने देश के नये टॉपर

  • UPSC का परिणाम घोषित: अनुज अग्निहोत्री बने देश के नए टॉपर
  • Top-10 में इन दिग्गजों ने मारी बाजी

एबीएन कैरियर डेस्क। अनुज अग्निहोत्री ने 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इस परीक्षा के परिणाम शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने घोषित किए। राजेश्वरी सुवे एम ने दूसरा स्थान और आकांश धुल ने तीसरा स्थान हासिल किया।

आयोग ने बताया कि कुल 958 उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं और उन्हें विभिन्न केंद्रीय सिविल सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है। सिविल सेवा परीक्षा हर वर्ष तीन चरणों — प्रीलिमिनरी एग्जाम, मेन Exam and Interview — में आयोजित की जाती है। इसे UPSC द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहित अन्य सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए आयोजित किया जाता है।
आयोग के अनुसार, अनुशंसित 348 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को अस्थायी (प्रोविजनल) रखा गया है। केंद्र सरकार ने सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भरने के लिए कुल 1,087 रिक्तियों की जानकारी दी थी। UPSC के परिसर में परीक्षा हॉल के पास एक “फैसिलिटेशन काउंटर” भी है। उम्मीदवार कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक व्यक्तिगत रूप से या फोन नंबर 23385271/23381125/23098543 पर अपनी परीक्षा/भर्ती से संबंधित किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए संपर्क कर सकते हैं।
रैंक रोल नंबर नाम
1 1131589 अनुज अग्निहोत्री
2 4000040 राजेश्वरी सुवे
3 3512521 आकांश धुल
4 0834732 राघव झुनझुनवाला
5 0409847 ईशान भटनागर
6 6410067 जीनिया अरोड़ा
7 0818306 ए आर राजा मोहद्दीन
8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी
9 0831647 आस्था जैन
10 1523945 उज्जवल प्रियांक
11 1512091 यशस्वी राज वर्धन
12 0840280 अक्षित भारद्वाज
13 7813999 आन्या शर्मा
14 5402316 सुरभि यादव
15 3507500 सिमरनदीप कौर
16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव
17 0829589 चितवन जैन
18 5604518 श्रुति आर
19 0105602 निशार डिशंत अमृतलाल
20 6630448 रवि राज
UPSC CSE परिणाम 2025 (जारी)

लाइव अपडेट: जानें मेरिट सूची कैसे डाउनलोड करें। उम्मीदवार UPSC CSE की अंतिम मेरिट सूची पीडीएफ देखने और डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर जाएं।
  2. UPSC CSE Final Merit List PDF लिंक पर क्लिक करें।
  3. UPSC CSE की अंतिम मेरिट सूची पीडीएफ स्क्रीन पर दिखाई देगी और डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।
  4. PDF File को सेव करें और उसकी एक प्रिंट कॉपी निकाल लें।

Top-10 की लिस्ट में इन नामों ने बनाई अपनी खास पहचान

इस साल के परिणाम केवल पहले तीन स्थानों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि Top 10 में शामिल हर नाम एक प्रेरणादायक कहानी कहता है। इस खास सूची में राघव झुनझुनवाला और ईशान भटनागर ने भी अपनी जगह पक्की की है। इनके साथ ही जीनिया अरोड़ा और AR राजा मोहद्दीन ने अपनी बुद्धिमानी का परिचय देते हुए टॉप-10 में गौरवशाली स्थान पाया। 

सफलता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। पक्षल सेक्रेटरी, आस्था जैन और उज्जवल प्रियांक ने भी अपनी असाधारण मेहनत के दम पर इस प्रतिष्ठित सूची के आखिरी तीन पायदानों को सुशोभित किया। अब ये सभी नवनियुक्त अधिकारी देश की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।

Page 3 of 96

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse