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Published / 2026-05-11 18:24:59
रांची : रांची विवि में रिस्ट्रक्चरिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम को लेकर आजसू छात्र संघ ने कुलपति को सौंपा पत्र

आजसू ने रिस्ट्रक्चरिंग और क्लसटरिंग संबंधी संकल्प को तत्काल निरस्त करने हेतु रांची विश्विद्यालय परिसर में नोटिफिकेशन फाड़ कर एवं जला कर विरोध दर्ज किया एवं कुलपति को  विरोध-पत्र सौंपा 

टीम एबीएन, रांची। आजसू ने ज्ञापन के माध्यम से कुलपति  को कहा कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी संकल्प पत्रांक: 05/प0-13/2023 - 902, संकल्प पत्रांक : 05/प0-06/2023 - 893 एवं अन्य संकल्प पत्रों के माध्यम से राँची विश्वविद्यालय, इसके अंतर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों एवं झारखंड के अन्य विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के रिस्ट्रक्चरिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम को लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। 

यह प्रस्ताव राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा झारखंड की भाषाई एवं सांस्कृतिक अस्मिता के लिए अत्यंत चिंताजनक, अव्यावहारिक एवं जनविरोधी प्रतीत होता है। अत: आजसू  इस संपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हुए माननीय कुलपति से इसे तत्काल निरस्त करने की मांग करती हैं। 

झारखंड सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अभी भी विकासशील राज्यों की श्रेणी में आता है। राज्य के अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे विद्यार्थी सीमित संसाधनों के बीच अपने निकटवर्ती महाविद्यालयों में अध्ययन कर पाते हैं। वर्तमान व्यवस्था में एक ही महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय उपलब्ध रहने से विद्यार्थियों को विषय चयन की स्वतंत्रता, सहज पहुँच तथा संतुलित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होता है। 

किन्तु प्रस्तावित रिस्ट्रक्चरिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम के अंतर्गत किसी महाविद्यालय को केवल विज्ञान, किसी को केवल कला तथा किसी को केवल वाणिज्य अथवा अन्य विशिष्ट विषयों तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यवस्था पूर्णत: अव्यावहारिक, छात्र-विरोधी एवं शिक्षा-विरोधी है। यदि विद्यार्थियों को अलग-अलग संकायों के लिए विभिन्न महाविद्यालयों में जाना पड़ेगा, तो राज्य की संपूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित होगी। 

1. गरीब एवं ग्रामीण विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव  

इस व्यवस्था के कारण गरीब एवं ग्रामीण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें परिवहन, आवास एवं अन्य खर्च वहन करने पड़ेंगे, जो अधिकांश परिवारों के लिए संभव नहीं है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा छोड़ने को विवश होंगे। झारखंड पहले से ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से पीछे है। ऐसी स्थिति में यह व्यवस्था विद्यार्थियों को शिक्षा से और दूर कर देगी। 

2. छात्राओं की शिक्षा पर गंभीर असर  

ग्रामीण एवं पारंपरिक परिवारों की अनेक छात्राएं केवल निकटवर्ती महाविद्यालयों में ही अध्ययन कर पाती हैं। यदि विषयों के अनुसार उन्हें दूरस्थ महाविद्यालयों में जाना पड़े, तो उनकी शिक्षा बाधित होगी तथा महिला शिक्षा को गंभीर क्षति पहुंचेगी। 

3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल भावना के विपरीत  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति बहुविषयी शिक्षा की अवधारणा को बढ़ावा देती है, जहाँ विद्यार्थी विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकें। परंतु प्रस्तावित क्लसटरिंग सिस्टम महाविद्यालयों को संकीर्ण विषय-केन्द्रित संस्थानों में बदलने का प्रयास कर रहा है। वास्तविक बहुविषयी शिक्षा तभी संभव है जब एक ही महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य सभी संकाय उपलब्ध हों। 

4. महाविद्यालयों की ऐतिहासिक पहचान समाप्त होने का खतरा  

वर्षों से स्थापित महाविद्यालय अपनी समग्र शैक्षणिक संरचना एवं बहुविषयी स्वरूप के कारण प्रसिद्ध हैं। यदि उनमें से विभिन्न संकाय समाप्त या स्थानांतरित कर दिए गए, तो उनकी ऐतिहासिक पहचान, शैक्षणिक गरिमा एवं सामाजिक महत्व प्रभावित होगा। 

5. शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों पर संकट  

इस संकल्प में अनेक शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों को सरेंडर करने तथा पुनर्गठन के नाम पर समाप्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भारी कमी है। पदों की कटौती से शिक्षा की गुणवत्ता, शोध कार्य, परीक्षा व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं प्रशासनिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। 

6. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं पर सीधा खतरा  

झारखंड अपनी समृद्ध जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं, संस्कृति, परंपराओं एवं लोकजीवन के कारण पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि आदिवासी एवं मूलवासी समाज की ऐतिहासिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक अस्मिता की आधारशिला हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संताली, हो, खड़िया, कुड़ुख, मुंडारी, नागपुरी, पंचपरगनिया, खोरठा एवं कुड़माली जैसी भाषाओं का अध्ययन-अध्यापन होने के कारण नई पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ी हुई है। किंतु प्रस्तावित क्लसटरिंग सिस्टम के अंतर्गत इन विभागों को सीमित अथवा स्थानांतरित किए जाने से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभाग स्वत: कमजोर हो जायेंगे। अधिकांश विद्यार्थी दूरस्थ महाविद्यालयों में जाकर इन भाषाओं का अध्ययन नहीं कर पायेंगे, जिससे नामांकन घटेगा, विभाग निष्क्रिय होंगे तथा धीरे-धीरे ये भाषाएं उच्च शिक्षा व्यवस्था से समाप्त होने लगेंगी। यह केवल शैक्षणिक क्षति नहीं होगी, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान एवं भाषाई विरासत पर भी गंभीर आघात होगा। 

7. झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में और पीछे धकेलने वाला निर्णय  

झारखंड जैसे राज्य में आवश्यकता उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने की है, न कि उन्हें विभाजित एवं कमजोर करने की। महाविद्यालयों को तोड़ने के बजाय उनमें शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, डिजिटल सुविधाएं एवं शोध व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो झारखंड उच्च शिक्षा, भाषा एवं संस्कृति तीनों क्षेत्रों में और अधिक पिछड़ जायेगा। 

अत: कुलपति से विनम्र प्रार्थना है कि 

  1. रिस्ट्रक्चरिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम संबंधी उक्त संकल्प को तत्काल निरस्त किया जाए। 
  2. प्रत्येक महाविद्यालय में पूर्ववत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को यथावत रखा जाए। 
  3. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभागों एवं अध्ययन-अध्यापन की वर्तमान व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाए। 
  4. शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों में कटौती बंद कर नियमित नियुक्तियां की जाएं। 
  5. किसी भी नयी व्यवस्था को लागू करने से पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं शिक्षाविदों से व्यापक विमर्श किया जाए। 

हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय कुलपति महोदया से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं राज्य के शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक भविष्य के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए इस जनविरोधी संकल्प को तत्काल निरस्त करने की कृपा करेंगे। 

ज्ञापन सौंपने में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, प्रदेश वरीय उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव, प्रदेश सचिव राजेश सिंह, रोशन नायक, सक्षम झा, महानगर अध्यक्ष अमन साहू, निशांत लिंडा, पंकज, पीयूष, मोहन कुमार, अब्दुल खान, यश सोनी, अभिषेक, राज दुबे, रूपम, सुष्मिता कुमारी, खुशी कुमारी, लिजा बेक, प्राची खलखो, फुलमनी कुमारी, नयना कुमारी, सती कुमारी, मनीषा कुमारी, प्रीति कुमारी, रेशमा कुमारी, गीता, सोनी, मनिता, काजल इत्यादि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रदेश अध्यक्ष अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के ओम वर्मा ने दी। 

Published / 2026-05-10 22:36:29
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग में छात्रों को मिला सर्टिफिकेट और मेडल

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग में छात्रों को मिला सर्टिफिकेट और मेडल

टीम एबीएन, रांची। जोहार लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन द्वारा आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित भाषा डेटा एनोटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह बुद्धा साइंस एंड टेक्निकल इंस्टिट्यूट, चूना भट्टा, कोकर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि इंटरनेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शशि भूषण पांडे, विशिष्ट अतिथि सौरभ कुमार तथा राय यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरियन रविन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी आवश्यक हो गई है। वहीं विशिष्ट अतिथि ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखें ही नहीं, बल्कि दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 दिनों तक चला, जिसमें लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। हालांकि प्रशिक्षण के सभी स्तरों को सफलतापूर्वक केवल 20 विद्यार्थियों ने पूरा किया। इन सफल विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा मेडल एवं सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

संस्था के सीईओ डॉ. भारत भूषण ने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। ऐसे समय में देश के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दक्ष होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सावित्री कुमारी, अंजली कुमारी, संजना कुमारी एवं सुभाष कुमार का विशेष योगदान रहा।

Published / 2026-05-09 21:39:47
लोहरदगा : बीएड कॉलेज की राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिक्षा और जलवायु जागरूकता पर जोर

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा के बीएड कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय था- एनईपी 2020: जलवायु जागरूकता के माध्यम से शिक्षा का रूपांतरण। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संगोष्ठी का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पर्यावरणीय चेतना को शिक्षा के साथ जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना था। 

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। बीएड कॉलेज के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर मुख्य अतिथि सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का अभिनंदन किया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस संगोष्ठी में शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षा जगत से जुड़े कई विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। 

अपने संबोधन में धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 देश के भविष्य को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसका प्रभाव सीधे तौर पर मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ रहा है। ऐसे में शिक्षा के माध्यम से जलवायु जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। 

उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरणीय शिक्षा को व्यवहारिक रूप से लागू करने की जरूरत है, ताकि छात्र-छात्राएं न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी पर्यावरण संरक्षण के उपायों को अपनाएं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में विशेष प्रयास करें। 

संगोष्ठी में विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, बीएस कॉलेज के प्रोफेसर शशि गुप्ता सहित कई शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किये। वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति में समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण को भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षा संस्थानों की भूमिका अहम है। 

कार्यक्रम में महिला टीचर ट्रेनिंग कॉलेज, लोहरदगा के बीएड एवं एमएड के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भी संगोष्ठी में भाग लिया और विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्नों एवं सुझावों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा व्यक्त की। संगोष्ठी के दौरान जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। 

उन्होंने छात्रों को पेड़-पौधे लगाने, जल संरक्षण करने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने जैसे छोटे-छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच को प्रोत्साहित किया, बल्कि जलवायु जागरूकता के महत्व को भी रेखांकित किया। आयोजकों ने उम्मीद जतायी कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किये जायेंगे, जिससे समाज में जागरूकता का स्तर और अधिक बढ़ सके।

Published / 2026-05-09 18:37:29
पलामू के पीएमश्री स्कूल ने फिर लहराया परचम

इंटरमीडिएट रिजल्ट में विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मोहम्मदगंज। प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएमश्री स्तरोन्नत प्लस टू उच्च विद्यालय ने इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में एक बार फिर शानदार उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों में विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया अध्याय लिखा है। परिणाम जारी होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल बन गया। 

विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विज्ञान संकाय में कुल 320 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें 290 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि 26 छात्र द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। केवल एक विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहा तथा दो छात्र अनुपस्थित रहे।

  1. विज्ञान संकाय में अंकित कुमार शर्मा ने 449 अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। वहीं अंकेश कुमार ने 441 और अतिश कुमार ने 438 अंक लाकर टॉप थ्री में स्थान बनाया। 
  2. कला संकाय में भी विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। कुल 100 परीक्षार्थियों में 35 ने प्रथम श्रेणी और 64 ने द्वितीय श्रेणी हासिल की। इस संकाय में पिंटू कुमार ने 384 अंक लाकर पहला स्थान प्राप्त किया। अभ्यास कुमार 363 अंक के साथ दूसरे तथा वंदनी कुमारी 361 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। 
  3. वाणिज्य संकाय से परीक्षा में शामिल एकमात्र छात्र अभिषेक कुमार ने 428 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल की और विद्यालय का नाम रोशन किया। 

प्रधानाध्यापक राकेश कुमार सिंह ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया।

Published / 2026-05-09 18:28:52
संत अलॉयस मोंटेशरी स्कूल, रांची में मना सेव वाटर डे

टीम एबीएन, रांची। संत अलॉयस मोंटेशरी स्कूल, रांची में आज सेव वाटर डे अर्थात् जल संरक्षण दिवस मनाया गया। मौके पर ब्रदर मनोज लुगुन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होने तथा इस अभियान में सक्रिय पहल करने के लिए प्रेरित किया। 

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने परिवार एवं पड़ोसियों को भी जल बचाने के लिए उत्साहित करें। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि जल प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है और इसके बिना जीवन संभव नहीं है। 

इस अवसर पर अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षिकाओं के हाथों में बैनर और प्लैकार्ड थे, जिन पर जल ही जीवन है तथा जल है तो कल है जैसे प्रेरणादायक नारे लिखे हुए थे। विद्यालय के प्रिंसिपल ब्रदर माइक ने सभी को उत्साहित करते हुए इन नारों के माध्यम से राहगीरों तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

Published / 2026-05-09 18:25:34
एसआर डीएवी पुंदाग में मनायी गयी कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर जयंती

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में बांग्ला कैलेंडर के अनुसार 25 बैसाख को  महान कवि, दार्शनिक और नोबल पुरस्कार विजेता कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी। 

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को टैगोर जी के साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक योगदान से अवगत कराना था। उन्होंने नोबल पुरस्कार प्राप्त करके सभी भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था। इस शुभ अवसर पर कविगुरु को भाव भीनी पुष्पांजलि अर्पित की गयी। 

विद्यालय के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने अपने संदेश में कहा कि टैगोर की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। उन्होंने साहित्य के साथ - साथ शिक्षा जगत में भी नवाचारी प्रयोग का जोरदार समर्थन किया। 

वे एक प्रकृति प्रेमी भी थे। उनकी रचनाओं में सभी ऋतुओं का मनोहारी चित्रण मिलता है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर शिक्षकगण और सभी छात्रगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने छात्रों में साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि को और भी प्रबल किया।

Published / 2026-05-08 19:01:58
पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 10 पत्रकारों को सुधा सिन्हा मेमोरियल सम्मान

  • पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 10 पत्रकारों को सुधा सिन्हा मेमोरियल सम्मान
  • रोजलिन लकड़ा, किसलय और कुलदीप सिंह दीपक को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

टीम एबीएन, रांची। रांची की पहली महिला पत्रकार सुधा सिन्हा की स्मृति में सुधा सिन्हा मेमोरियल पत्रकारिता सम्मान समारोह शुक्रवार को रांची प्रेस क्लब में संपन्न हुआ। सुधा अरमान मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट रे ऑफ होप एवं रांची प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मीडिया कर्मियों को सम्मानित किया गया।

इस वर्ष का प्रतिष्ठित सुधा सिन्हा मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती रोजलिन लकड़ा (सुगिया बहन), वरिष्ठ पत्रकार किसलय और वरिष्ठ छायाकार कुलदीप सिंह दीपक को प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें पत्रकारिता और छायांकन के क्षेत्र में लंबे समय तक की गई उनकी समर्पित और उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री बलबीर दत्त, वरिष्ठ पत्रकार व पूर्व सूचना आयुक्त बैजनाथ मिश्र, प्रभात खबर के पूर्व झारखंड संपादक अनुज कुमार सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार श्रीनिवास, शर्मिष्ठा मजुमदार और सुधा अरमान मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष शुब नारायण दत्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इन अतिथियों ने विभिन्न श्रेणियों में चयनित पत्रकारों को पुरस्कार प्रदान किए। 

इस अवसर पर वक्ताओं ने पत्रकारिता की बदलती चुनौतियों, रांची में पत्रकारिता के स्वर्णिम इतिहास और विशेष रूप से रांची की पहली महिला पत्रकार सुधा सिन्हा के कार्यों व उनके संघर्षपूर्ण जीवन की चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि सुधा सिन्हा ने उस दौर में पत्रकारिता की मशाल जलाई थी जब महिलाओं का इस क्षेत्र में आना बहुत कठिन माना जाता था।

समारोह के दौरान  श्रेयसी मिश्रा और आरती सहुलियार को एक्सीलेंस अवार्ड इन जर्नलिज्म, कुंदन कुमार चौधरी को एक्सीलेंस इन सोशल इम्पैक्ट अवार्ड, धर्मेंद्र स्वरूप को जेम अवार्ड, आनंद दत्ता को सुधा सिन्हा मेमोरियल जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, कुमार गौरव को यूथ एंडेवर अवार्ड और करिश्मा सिन्हा को बेस्ट इमर्जिंग जर्नलिस्ट अवार्ड से नवाजा गया।

कार्यक्रम के दौरान प्रभात खबर के स्थानीय संपादक संजय मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार रजत गुप्ता, दिवाकर प्रसाद, सुनील सिंह बादल, दिलीप श्रीवास्तव नीलू, गंगेश गुंजन, प्रमोद झा, नवेंदु उन्मेष, किरण जी सहित प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभु नाथ चौधरी, उपाध्यक्ष बिपिन उपाध्याय, सचिव अभिषेक सिन्हा, कार्यकारिणी सदस्य राजन बॉबी, चंदन वर्मा, विजय गोप, क्लब के पूर्व अघ्यक्ष राजेश सिंह, सुरेंद्र सोरेन, सत्यप्रकाश पाठक सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद रहे। 

मंच संचालन मृदुला जी ने किया अतिथियों ने कहा कि इस तरह के सम्मान समारोहों से निष्पक्ष और जन-सरोकार की पत्रकारिता करने वालों का मनोबल बढ़ता है।

Published / 2026-05-08 16:18:02
एसआर डीएवी पुंदाग में कक्षा 11-12वीं के विद्यार्थियों के लिए करियर जागरूकता का प्रेरणास्पद कार्यक्रम

  • एसआर डीएवी पुंदाग में कक्षा 11-12वीं के विद्यार्थियों के लिए करियर जागरूकता का प्रेरणास्पद कार्यक्रम

टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में करियर विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाते हुए, कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के छात्रों के लिए प्रतिष्ठित मार्गदर्शकों के निर्देशन में करियर काउंसलिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया। सत्र में प्रसिद्ध प्रशिक्षक एवं शिक्षाविद्  प्रवीण शर्मा, जो आईआईएम- राँची के पूर्व छात्र हैं, मुख्य भूमिका में रहे। 

उन्होंने करियर प्लानिंग पर मूल्यवान जानकारी साझा की तथा छात्रों को सीयूईटी, सीएलएटी, आईपीएमएटी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे वे समर्पण, आत्मविश्वास एवं भविष्य के लक्ष्यों के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ तैयारी करने को प्रेरित हुए।

प्रवीण शर्मा के साथ-साथ, सत्र का संचालन करियर काउंसलर एवं प्रतियोगी परीक्षा विश्लेषक डीएवी पब्लिक स्कूल के पूर्व विद्यार्थी मोहित अग्रवाल ने भी किया, जिन्होंने छात्रों को करियर विकल्पों एवं प्रवेश परीक्षाओं संबंधी मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने छात्रों को अपने करियर पथ चुनते समय सतर्क एवं विचारशील रहने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक छात्र में अद्वितीय क्षमताएँ होती हैं तथा उन्हें अपनी रुचि, शक्तियों एवं आकांक्षाओं के अनुरूप पेशा चुनना चाहिए। 

उन्होंने इस प्रतिस्पर्धी विश्व में अनुशासित, दृढ़निश्चयी एवं भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए छात्रों को प्रेरित किया। यह ज्ञानवर्धक सत्र अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ, जिससे छात्र प्रेरित होकर आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य गढ़ने को तैयार हो गए।

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