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Published / 2026-07-04 20:54:31
एसआर डीएवी पुंदाग में 11वीं के विद्यार्थियों का भव्य स्वागत समारोह

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग, रांची में वर्ष 2026 में कक्षा एकादश के विद्यार्थियों का हर्षोल्लासपूर्वक स्वागत किया गया। कक्षा द्वादश  के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस फ्रेशर्स वेलकम समारोह की  शुरुआत कक्षा एकादश व द्वादश के लिए हवन से हुई, जिसमें समृद्ध और सफल शैक्षणिक यात्रा की कामना की गयी। 

दीप प्रज्ज्वलन के बाद प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने प्रेरक संबोधन दिया और बताया कि विज्ञान, वाणिज्य व मानविकी—हर स्ट्रीम में उज्ज्वल भविष्य के अवसर हैं। उन्होंने नियमित उपस्थिति, अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। 

समारोह का विशेष आकर्षण स्कूल के सफल पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद रहा। बैच 2024 की टॉपर राशि सिंह, जो वर्तमान में मैत्रेय कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं; ने अपने अनुभव साझा किये। 

साथ ही दीप गुप्ता (एमबीबीएस एमजीएम मेडिकल कॉलेज), अनुष्का अधिकारी (वाणिज्य टॉपर, सेंट्स जेवियर्स कॉलेज की छात्रा), तनु सिंह (विज्ञान टॉपर) और स्वस्ती साहू (एनआईएफटी, गांधीनगर) ने भी अपने प्रेरणादायक सफर के विषय में बताते हुए महत्वपूर्ण सलाह दी। पूर्व विद्यार्थियों ने कक्षा एकादश में मजबूत आधार बनाने, शिक्षकों पर विश्वास रखने और कोचिंग पर अधिक निर्भर न करते हुए स्वयं मेहनत पर जोर देने की अपील की। 

कार्यक्रम में सुंदर नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी गयीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। फ्रेशर्स प्रेरित, आत्मविश्वासी और आगे बढ़ने के लिए तैयार दिखाई दिये। प्राचार्य डॉ तापस घोष और समस्त शिक्षकों की ओर से कक्षा एकादश के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।समारोह का समापन शांति पाठ से हुआ।

Published / 2026-07-02 20:39:30
राष्ट्रीय शोध लेख प्रतियोगिता हेतु आवेदन आमंत्रित

टीम एबीएन, रांची। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय शोध लेख प्रतियोगिता के लिए कार्यालय प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), झारखंड, रांची को राज्य का नोडल कार्यालय नामित किया गया है।

प्रतियोगिता में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी के पात्र विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वित्त एवं राजकोषीय शासन विषय पर विद्यार्थियों में अनुसंधान कौशल को प्रोत्साहित करना है। 

राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमश: 75,000, 50,000 एवं 25,000 तथा राष्ट्रीय स्तर पर क्रमश: 1,25,000, 1,00,000 एवं 75,000 प्रदान किये जायेंगे। राज्य स्तर के लिए आॅनलाइन आवेदन 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तथा राष्ट्रीय स्तर के लिए 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक स्वीकार किये जायेंगे।

पात्रता, प्रतियोगिता के विषय, विस्तृत दिशा-निर्देश एवं आॅनलाइन पंजीकरण संबंधी जानकारी https://icssr.org/applications-cag-icssr-research-article-competition या https://cag.gov.in/ae/jharkhand/en  पर उपलब्ध है। उक्त जानकारी दीपक दयाल प्रसाद (7979063686) ने दी। 

Published / 2026-07-01 21:16:06
एसआर डीएवी पुंदाग के विद्यार्थियों का हिंदी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों ने हिंदी विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हिंदी ओलम्पियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण, 8 रजत तथा 7 कांस्य पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाया। 

सप्तम कक्षा की छात्रा दिव्यांशी नाथ को हिंदी ओलंपियाड में राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतिभा सम्मान प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ। हिंदी विकास मंच द्वारा उसे नई दिल्ली के तीनमूर्ति भवन के  प्रधान मंत्री संग्रहालय में  स्मृति चिन्ह, स्वर्ण पदक तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था।

यह उपलब्धि स्कूल के लिए गौरव का विषय है। यह प्रतियोगिता राज भाषा हिंदी के प्रति रुचि जगाने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के हजारों विद्यार्थी भाग लेते हैं। यह सम्मान विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम  का शानदार परिणाम है।

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने सभी विजेताओं को बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अत्यंत गर्वित हैं। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे स्कूल परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत है। हम आगे भी उनसे ऐसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद रखेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Published / 2026-06-30 18:45:58
बिना बिजली-इंटरनेट के स्मार्ट क्लास चलाने की तैयारी

बिना बिजली-इंटरनेट के कैसी स्मार्ट क्लास? सरकारी स्कूलों से सामने आयी जमीनी हकीकत 

एबीएन कैरियर डेस्क। केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब पर लगातार जोर दे रही हैं। उद्देश्य है कि बच्चों को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़कर उन्हें डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जाए। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग नजर आती है। बिजली की अनियमित आपूर्ति, कमजोर इंटरनेट नेटवर्क और संसाधनों की कमी के कारण कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गयी हैं। 

डिजिटल शिक्षा के प्रभावी संचालन में बाधा बन रही  

खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड का उदाहरण इस स्थिति को स्पष्ट करता है। यहां सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की व्यवस्था तो की गयी है, लेकिन नियमित बिजली और बेहतर इंटरनेट के अभाव में उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नतीजतन, छात्र आज भी पारंपरिक पद्धति से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी डिजिटल शिक्षा के प्रभावी संचालन में बाधा बन रही है। 

बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना आवश्यक  

नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि डिजिटल शिक्षा की पहल स्वागतयोग्य है, लेकिन पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करना आवश्यक है। यदि निर्बाध बिजली, तेज इंटरनेट और उपकरणों के रखरखाव की व्यवस्था नहीं होगी, तो स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। 

नियमित संचालन संभव नहीं हो रहा 

मुरहू प्रखंड के उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने कहा कि डिजिटल शिक्षा को सफल बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करना होगा। उन्होंने बताया कि मुरहू में आईसीटी के माध्यम से 12 से 13 स्मार्ट क्लास संचालित हैं, लेकिन खराब इंटरनेट और अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उनका नियमित संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। जिले में केवल दो बुनियादी विद्यालय हैं, जिनमें एक खूंटी और दूसरा मुरहू प्रखंड में स्थित है। 

30 स्कूलों का संचालन कर रही एनजीओ 

अरुण कुमार साबू ने बताया कि मुरहू प्रखंड में कुल 157 स्कूल, 134 सरकारी विद्यालय, 26 सहायता प्राप्त (अनुदानित) स्कूल हैं, जबकि एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) करीब 30 स्कूलों का संचालन कर रही है। वहीं लगभग 40 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल 10 से 12 बच्चे ही नामांकित हैं। 

संसाधनयुक्त स्कूलों में स्थानांतरित करना चाहिए 

अरुण कुमार साबू का कहना है कि सरकार को ऐसे छोटे विद्यालयों का युक्तिकरण कर विद्यार्थियों को बड़े और संसाधनयुक्त स्कूलों में स्थानांतरित करना चाहिए, ताकि स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो सके। उनके अनुसार, केवल स्मार्ट क्लास की घोषणा कर देने से डिजिटल शिक्षा सफल नहीं होगी, जब तक गांवों के स्कूलों में बिजली, इंटरनेट और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ नहीं की जातीं।

Published / 2026-06-30 18:41:15
एसआर डीएवी पुंदाग में क्वेस्ट कक्षा पत्रिका का विमोचन

टीम एबीएन, रांची। आज एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में प्राचार्य डॉ तापस घोष के मार्गदर्शन में सप्तम कक्षा की कक्षा पत्रिका क्वेस्ट का विमोचन किया गया। 

यह एक अनोखी शुरुआत है, जिसके तहत हर महीने बारी-बारी से विद्यालय की सभी कक्षा के विद्यार्थी अपनी कक्षा की पत्रिका निकालेंगे। वद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ तापस घोष ने सप्तम अ की पत्रिका क्वेस्ट का विमोचन करते हुए विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। 

प्रधानाचार्य ने कहा कि कक्षा पत्रिका विद्यार्थियों की प्रतिभा, सृजनात्मकता एवं अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। पत्रिका में विद्यार्थियों की कविताएं, कहानियां, लेख, चित्रकला तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों को स्थान दिया गया है। 

कार्यक्रम में शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने पत्रिका की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रयासों की प्रशंसा की। अंत में संपादक मंडल एवं सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Published / 2026-06-29 21:24:35
झारखंड : 1042 नवचयनित आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र

1042 नव चयनित इंटर-स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य की नियुक्ति, कई सेवानिवृत्त सहायक आचार्य को मिला नियुक्ति पत्र 

एबीएन कैरियर डेस्क। 1042 नव चयनित इंटर स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य की नियुक्ति की गयी है। इस दौरान कई सेवानिवृत्त सहायक आचार्य को नियुक्ति पत्र मिला। वहीं, कई सहायक आचार्य आने वाले कुछ दिन में सेवानिवृत्त हो जायेंगे। 

31 मई को सेवानिवृत्त हुए पलामू के मोहम्मद नईम अंसारी को नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने 24 सालों से पारा शिक्षक के तौर पर सेवा दिया। वह साल 2013 से नियुक्ति के लिए प्रयास कर रहे थे।

Published / 2026-06-29 21:17:53
एसआर डीएवी पुंदाग के विद्यार्थियों का हिंदी ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन

एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों ने हिंदी विकास संस्थान के तत्वावधान में आयोजित हिंदी ओलम्पियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण, 8 रजत तथा 7 कांस्य पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाया।

सप्तम कक्षा की छात्रा दिव्यांशी नाथ को हिंदी ओलंपियाड में राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतिभा सम्मान प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ। हिंदी विकास मंच द्वारा उसे नयी दिल्ली के तीनमूर्ति भवन के  प्रधान मंत्री संग्रहालय में  स्मृति चिह्न, स्वर्ण पदक तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था। 

यह उपलब्धि स्कूल के लिए गौरव का विषय है। यह प्रतियोगिता राज भाषा हिंदी के प्रति रुचि जगाने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के हजारों विद्यार्थी भाग लेते हैं। यह सम्मान विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम  का शानदार परिणाम है। 

प्राचार्य डॉ तापस घोष ने  सभी विजेताओं को बधाई तथा शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम अपने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अत्यंत गर्वित हैं। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे स्कूल परिवार के लिए प्रेरणास्रोत है। हम आगे भी उनसे ऐसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद रखेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।

Published / 2026-06-26 20:38:30
रांची : लखनऊ हादसे के बाद सकते में राजधानी के कोचिंग सेंटर

लखनऊ हादसे के बाद रांची के कोचिंग सेंटरों पर उठे सवाल! नियमों की अनदेखी का लग रहा आरोप 

टीम एबीएन, रांची। लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग हादसे के बाद देशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना में कई छात्रों की मौत के बाद अभिभावकों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गयी है। झारखंड की राजधानी रांची सहित हजारीबाग, जमशेदपुर और धनबाद में संचालित कई कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 

रांची में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे कोचिंग संस्थान 

रांची के लालपुर, कांटाटोली, सिरमटोली, सर्कुलर रोड और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। इनमें पढ़ने के लिए झारखंड के अलावा बिहार समेत अन्य राज्यों से भी छात्र आते हैं। आरोप है कि कई संस्थान संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के संचालित हो रहे हैं। 

इमरजेंसी एग्जिट और फायर सेफ्टी को लेकर सवाल 

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि अधिकांश इमारतों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर क्षमता से अधिक छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाया जाता है, जिससे किसी आपदा की स्थिति में भगदड़ और जनहानि का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पर्याप्त वेंटिलेशन, अग्निशमन यंत्र और फायर सेफ्टी मानकों की भी कमी देखने को मिलती है। 

सुरक्षा मानकों के अनुपालन की उठी मांग 

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते कोचिंग व्यवसाय के बीच सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और सख्त अनुपालन आवश्यक है। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और मानकों की समीक्षा की जानी चाहिए। 

अभिभावकों ने सुरक्षा आडिट की मांग की 

अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सुरक्षा आॅडिट कराए और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई करे। उनका कहना है कि छात्रों की जान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

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