टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिलदेव विद्यालय में 23 मार्च 2026 को कक्षा तृतीय एवं चतुर्थ के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए एक भव्य, सुव्यवस्थित एवं उद्देश्यपूर्ण उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली, आधुनिक शिक्षण-पद्धति, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण गरिमामय एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य-सह सहायक क्षेत्रीय अधिकारी एमके सिन्हा (डीएवी पब्लिक स्कूल्स, झारखंड जोन-बी) ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय और अभिभावक, दोनों ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के मजबूत आधार स्तंभ हैं। जब शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का समन्वय होता है, तभी एक सशक्त एवं जिम्मेदार नागरिक का निर्माण संभव है।
उन्होंने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग की आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, रचनात्मकता, आत्मविश्वास एवं जीवन-कौशलों का विकास भी अत्यंत आवश्यक है, और विद्यालय इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा तृतीय एवं चतुर्थ के शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली, गृहकार्य नीति, अनुशासन, गणवेश एवं विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल शिक्षा एवं नवाचार आधारित शिक्षण विधियों के उपयोग से भी उन्हें अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण संवाद सत्र रहा, जिसमें अभिभावकों ने अपनी जिज्ञासाएं एवं सुझाव साझा किए। प्राचार्य श्री सिन्हा एवं शिक्षकों ने उनके प्रश्नों का संतोषजनक समाधान प्रस्तुत करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तिगत एवं समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक नागेंद्र झा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं सार्थक बताया। यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम न केवल विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच सशक्त संवाद स्थापित करने में सफल रहा, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम भी सिद्ध हुआ।
मौके पर एसके राणा, जीके पाठक, संजय कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, जीवन कुमार सिंह, वीके द्विवेदी, रश्मि पांडेय, अंजु कुमारी, काकोली दत्ता, विनीता वर्मा एवं मंजू राणा सहित अन्य गणमान्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। इसी तरह का आयोजन कल कक्षा पहली एवं दूसरी के छात्रों-अभिभावकों के लिए विद्यालय परिसर में सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक आयोजित किया जायेगा। उक्त जानकारी डीएवी कपिलदेव, कडरू, रांची के मीडिया प्रभारी आलोक इंद्रगुरु ने दी।
एबीएन कैरियर डेस्क। अविराम ग्रामीण विकास स्वयं सेवी संस्थान माराडीह के द्वारा संचालित अविराम स्कूल आॅफ एक्सीलेंसी जो प्रखंड के टिको में संचालित है। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दिल्ली के द्वारा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, भवन आदि का निरीक्षण के बाद टेन प्लस टू तक के लिए मान्यता प्रदान कर दी गयी है। विद्यालय को 10 +2 तक मान्यता मिलने के बाद सोमवार को विधालय में जश्न मनाया गया। विद्यालय के सचिव इंद्रजीत कुमार भारती ने बताया कि टिको की धरती शहीदों की धरती है।
इसीलिए यहां टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की स्थापना के बाद से आधारभूत शिक्षा में गुणवत्ता लाने और क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए अविराम स्कूल आॅफ एक्सीलेंसी की स्थापना की गयी, जिसके लिए सीबीएसई के मानक अनुरूप पुस्तकालय पेयजल, प्रशिक्षित शिक्षकों व सीसीटीवी से आच्छादित परिसर, वृहद पुस्तकालय, संगीत, कंयूटर, लैब, मैथ फिजिक्स, बायो लैब, हेल्थ और फिजिकल रूम आदि प्रयोगशाला जो अत्याधुनिक सामग्री से सुसज्जित है।
दिव्यांगों हेतु रैंप और विशेष प्रसाधन कक्ष, कॉमन रूम स्टाफ रूम, एडमिनिस्ट्रेशन के लिए कक्ष गार्ड रूम बाउंड्रीवाल फी काउन्टर वेटिंग रूम विजिटिंग रूम आदि से परिपूर्ण किया गया और प्रथम प्रयास में ही विद्यालय को टेन प्लस टू की मान्यता मिल गयी। सबसे बड़ी बात है कि अविराम स्कूल आॅफ एक्सीलेंसी प्रखंड का पहला सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय बन गया है।
सचिव इंद्रजीत कुमार भारती ने कहा कि इस विद्यालय को झारखंड के शिक्षा जगत के पटल पर उसकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लाना चाहते है जिससे स्थानीय और दूरदराज के बच्चों को कक्षा बारह तक की शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का भविष्य बेहतर हो सकें। सोमवार को विधालय में जश्न मनाते हुए खुशियां मनायी गयी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में बढ़ोतरी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सरकार की ओर से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल काउंसिल को भेजा गया है, ताकि राज्य में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार हो सके और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा सके।
इस वर्ष जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अंडर ग्रेजुएट सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गयी है। इसी क्रम में दुमका, हजारीबाग और धनबाद मेडिकल कॉलेजों में भी 100-100 यूजी सीटों को बढ़ाकर 150 किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
इसके अलावा रांची स्थित रिम्स में अंडर ग्रेजुएट सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने का भी प्रस्ताव नेशनल मेडिकल काउंसिल को भेजा गया है। सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। जमशेदपुर में इस वर्ष पीजी सीटें 45 से बढ़कर 51 हो गयी हैं। वहीं धनबाद में पहले 9 पीजी सीटें थीं, जिन्हें 10 किये जाने की तैयारी है।
टीम एबीएन, रांची।झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा 9 वर्षों से लंबित झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) के शीघ्र आयोजन की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से संघ ने अवगत कराया कि राज्य के लाखों प्रशिक्षित शिक्षक अभ्यर्थी पिछले लगभग 9 वर्षों से जेटेट परीक्षा के आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लंबे समय से परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित होता जा रहा है तथा राज्य में शिक्षकों की कमी भी लगातार बनी हुई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मौके पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंदन कुमार सहित रवींद्र पासवान, बिमल कुमार, सुधीर चौधरी, क्षितिज कुमार, मनीष चंद्रा, हरिकेश महतो, राकेश रजक, संजय रजक, संतोष कुमार, दुर्गेश चंद्रवंशी, आलोक कुमार, वेद प्रकाश, कमलेश चौधरी, बिपिन कुमार चंद्रवंशी, राधे कुमार, नीरज कुमार एवं राहुल यादव ने कहा कि यदि जल्द ही परीक्षा आयोजन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो अभ्यर्थी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
अंत में संघ ने राज्य सरकार से अभ्यर्थियों के भविष्य एवं राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उक्त जानकारी झारखंड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंदन कुमार (8825155985) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सोमवार को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुवे कहा कि जेटेट परीक्षा अविलंब आयोजित करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण रूप से ज्ञापन सौंपने के दौरान निर्दोष और आंदोलनरत छात्र नेता बबलू महतो सहित सभी छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया है जो अति दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है आजसू इसका पुरजोर विरोध करती है।
राज्य सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठी चार्ज कर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। छात्र विरोधी राज्य सरकार लाठीचार्ज कर अपनी छात्रों विरोधी सरकार का प्रमाण दे रही है।
आजसू इसका पुरजोर विरोध करती है और राज्य सरकार से अविलंब मांग करती है जिस अधिकारी के आदेश पर ये लाठी चार्ज किया गया है उनपर एफआईआर किया जाय और कानूनी कार्रवाई अभिलम्ब किया जाये। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा ने अपने प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक उत्सव बीटोत्सव 2026 की आधिकारिक थीम की घोषणा की। यह कार्यक्रम 19 मार्च से 22 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं और विद्यार्थियों द्वारा संचालित कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
इस अवसर पर संस्थान के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें डीन आफ स्टूडेंट अफेयर्स डॉ प्रवीण श्रीवास्तव, एसोसिएट डीन आफ स्टूडेंट अफेयर्स डॉ दिलीप कुमार उपाध्याय और डॉ गौतम शांडिल्य शामिल थे। इसके साथ ही बीटोत्सव 2026 के फैकल्टी कोआर्डिनेटर डॉ सुमित श्रीवास्तव और डॉ ओपी पांडेय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्य और परिसर के विभिन्न विभागों के छात्र भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोजन टीम ने अतिथियों को सम्मान स्वरूप पौधे भेंट किये।
कार्यक्रम के दौरान बीटोत्सव 2026 की थीम गाथा : द हिस्ट्री इन एनैक्डोट्स का अनावरण किया गया। इसी अवसर पर बीटोत्सव 2026 की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गयी, जहां उत्सव से जुड़ी जानकारी और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में थीम से एक डीजे प्रस्तुति भी आयोजित की गयी।
बीटोत्सव, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा का वार्षिक सामाजिक-सांस्कृतिक उत्सव है। यह उत्सव देशभर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को एक मंच पर लाता है, जहां वे प्रतियोगिताओं, प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। यह कार्यक्रम संस्थान के मेसरा परिसर, रांची में आयोजित किया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। शनिवार को संस्कृत विभाग, रांची विश्वविद्यालय, रांची एवं पूर्ववर्ती छात्र संघ ने दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी का समापन समारोह सरला बिरला विश्वविद्यालय के योग एवं नैचुरोपैथी और आर्ट, कल्चर एंड स्पोर्ट संकाय की अध्यक्ष प्रो. नीलिमा पाठक की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ किया गया। उन्होंने ज्ञान विज्ञान की परंपरागत विद्या को शिक्षक के माध्यम से शिष्य को देने की बात कही न कि औपचारिक रूप से।
पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ मधुलिका वर्मा ने वैदिक श्लोक के माध्यम से स्वागत संबोधन किया। जिसमें मुख्य अतिथि स्वामी परिपूर्णानंद सरस्वती, (चिन्मय मिशन) ने वेद-वेदाङ्ग में भारतीय ज्ञान परंपरा के वास्तविक स्वरूप को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्कृत को रोजगार मात्र तक सीमित न कर दिया जाए। विशिष्टातिथि कुलसचिव डॉ गुरुचरण साहू ने भारतीय ज्ञान परंपरा के ज्ञान को इस प्रकार के सेमिनार के द्वारा जन-जन तक पहुंचने के प्रयास को सराहा।
सम्मान्यतिथि छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष, रांची वि. वि., रांची प्रो. सुदेश कुमार साहू ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के नौजवान छात्रों को लुप्त हुई भारतीय ज्ञान परंपरा को समाज के उद्धार हेतु लोगों के समक्ष लाना होगा। मंच संचालन मारवाड़ी कालेज के डॉ. राहुल कुमार ने करते हुए कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करते हुए संपन्न किया।
राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी में द्वितीय दिन तक कुल 120 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े गए। कुल शोध पत्रों में से तीन सर्वश्रेष्ठ पत्रों को प्रो. अयोध्या प्रसाद सिंह स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ रजनी गोस्वामी, डॉ पारंगत खलखो एवं डॉ जीतेश पासवान, उदय कर्मकार और डॉ भारती द्विवेदी ने सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रकट किया।
संगोष्ठी में डॉ मीना शुक्ल, अरुण बसंत, डॉ मीरा सिंह, डॉ जानकी देवी, डॉ शैलेश मिश्र, डॉ श्रीप्रकाश सिंह, डॉ सविता उरांव, डॉ धीरेंद्र दुबे, डॉ एसके घोषाल, डॉ जगदम्बा प्रसाद, डॉ लक्ष्मी कुमारी, शोधार्थी गण व अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) रांची इकाई के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति प्रो राजीव मनोहर से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें बुके एवं झारखंड की पारंपरिक छऊ नृत्य का मुखौटा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर छात्र संघ की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों एवं समस्याओं के समाधान के संबंध में एक मांग-पत्र भी सौंपा गया।
आजसू छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष तक विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति नहीं होने के कारण कई शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं का समाधान लंबित रहा। अब नये कुलपति के पदभार ग्रहण करने से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में एक नई उम्मीद जगी है कि विश्वविद्यालय की समस्याओं का समाधान होगा तथा विश्वविद्यालय को नयी दिशा और दशा मिलेगी।
मौके पर आजसू छात्र संघ ने कुलपति के समक्ष विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा। छात्र संघ ने मांग की कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पठन-पाठन को नियमित और सुचारू रूप से संचालित किया जाये। साथ ही नॉन-टीचिंग स्टाफ कर्मियों के साथ सकारात्मक पहल करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान किया जाये, ताकि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य छात्रहित में बेहतर ढंग से चल सकें।
इसके अतिरिक्त छात्र संघ ने विश्वविद्यालय के सभी प्रोफेशनल कोर्स को अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित कराने की मांग भी उठाई। साथ ही सत्र 2020-23, 2021-24 एवं 2022-25 के स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए स्पेशल परीक्षा आयोजित करने की मांग की गयी, क्योंकि इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
आजसू छात्र संघ ने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय में कई शिक्षक एक से अधिक प्रशासनिक पदों पर कार्य कर रहे हैं, जबकि राजभवन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार एक शिक्षक एक से अधिक पदों पर सेवा नहीं दे सकते। इसलिए इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
इसके अलावा छात्र संघ ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव को शीघ्र कराने की मांग भी उठायी। छात्र नेताओं ने बताया कि पिछले लगभग छह वर्षों से विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ है। हाल ही में फरवरी 2026 में विश्वविद्यालय द्वारा इलेक्टोरल रोल भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक चुनाव की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
आजसू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि कुलपति इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, जिससे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा और शैक्षणिक वातावरण और अधिक बेहतर होगा। इस मौके पर विश्वविद्यालय संयोजक रवि रोशन, प्रशांत महतो, खुशबू यादव, रोशन नायक, विनायक, मानस कुमार, बीटू वर्मा, आशीष एवं योगेश महतो सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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