एबीएन डेस्क, रांची। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 2021-22 सत्र के लिए अकादमिक कैलेंडर और परीक्षाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं, जिसमें सभी विश्वविद्यालयों को 31 अगस्त 2021 से पहले अंतिम वर्ष और सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने को कहा गया है। यूजीसी की ओर से शुक्रवार देर रात जारी दिशा-निर्देश में वर्ष 2021 में स्नातक डिग्री के लिए दाखिले में उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करने को कहा गया है। यूजीसी ने कहा कि कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई), काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (आईसीएसई) और राज्यों के बोर्डों के 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद शुरू की जाएगी। यूजीसी ने दिशा-निर्देश में कहा है कि स्नातक में दाखिले की प्रक्रिया एक अगस्त 2021 से शुरू होगी, जबकि नया अकादमिक सत्र एक अक्टूबर 2021 से शुरू होगा। इसके अलावा यूजीसी ने सभी विश्विद्यालयों को दाखिले की प्रक्रिया 30 सितंबर 2021 तक खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। खाली सीटें भरने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है। यूजीसी ने कहा है कि किन्हीं वजहों से 12वीं के किसी बोर्ड का परिणाम देरी से आता है तो नया सत्र 18 अक्टूबर से शुरू किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत ने 24 जून को सीबीएसई तथा आईसीएसई को 31 जुलाई तक 12वीं के नतीजे जारी करने का निर्देश दिया था। उधर, हिमाचल प्रदेश और बिहार सहित कई राज्य बोर्डों ने 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं।
एबीएन डेस्क। Infosys के सीओओ राव ने कहा कि डिजिटल टैलेंट की मांग में पिछले कुछ समय में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साथ ही कहा कि IT Sector में जैसे-जैसे नए टैलेंट की मांग बढ़ती है, कुछ समय बाद इंडस्ट्री में ये एक चुनौती बन जाती है. लिहाजा हमने Recruitment करने का फैसला किया है। कॉलेज ग्रेजुएट्स के लिए रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर आ रही है। दरअसल, देश की प्रमुख आईटी कंपनी Infosys के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रवीण राव (COO Pravin Rao) ने बताया है कि टेक कंपनी वित्त वर्ष 2021-22 (FY22) में 35,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को नौकरी देगी। बता दें कि इंफोसिस ने बुधवार को जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा साल-दर-साल आधार पर 22.7 फीसदी बढ़कर 5195 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 4233 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में 13 फीसदी रही इंफोसिस छोड़ने वालों की दर इंफोसिस के सीओओ राव ने कहा कि डिजिटल टैलेंट की मांग में पिछले कुछ समय में जबरदस्त इजाफा हुआ है। साथ ही कहा कि आईटी सेक्टर में जैसे-जैसे नए टैलेंट की मांग बढ़ती है, कुछ समय बाद इंडस्ट्री में ये एक चुनौती बन जाती है। लिहाजा, हमने वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2022 के लिए 35,000 कॉलेज ग्रेजुएट्स को भर्ती करने की योजना बनाई है। इंफोसिस में नौकरी छोड़कर जाने वाले लोगों की दर जून तिमाही में बढ़कर 13.9 फीसदी हो गई है। मार्च 2021 तिमाही में यह 10.9 फीसदी थी। हालांकि यह एट्रीशन रेट पिछले साल की जून तिमाही में 15.6 फीसदी से कम है। साल-दर-साल आधार पर कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम बढ़ी : सीओओ राव ने कहा कि हमने कर्मचारियों के लिए करियर में आगे बढ़ने के मौके, वेतन समीक्षा और प्रोत्साहन देने जैसे कई पहलुओं की शुरुआत की है। बता दें कि देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने बुधवार 14 जुलाई को जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। तिमाही आधार पर देखें तो मार्च 2021 तिमाही में इंफोसिस का नेट प्रॉफिट 5078 करोड़ रुपये था। कंपनी की कंसॉलिडेटेड इनकम साल-दर-साल आधार पर 18 फीसदी बढ़कर 28,986 करोड़ रुपये हो गई है। एक साल पहले यह 23,665 करोड़ रुपये थी। तिमाही आधार पर यह 6 फीसदी बढ़कर 26,311 करोड़ रुपये से 27,896 करोड़ रुपये हो गई है। टीसीएस भी कैम्पस से करेगी 40 हजार स्टूडेंट्स की भर्ती : भारतीय आईटी सर्विसेस कंपनीज को वैश्विक कंपनियों की ओर से क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स में निवेश बढ़ाए जाने का फायदा मिला है। इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी वैश्विक कंपनियों ने निवेश बढ़ाया है। इंफोसिस की प्रतिद्वंद्वी कंपनी टीसीएस ने हाल में कहा था कि वो कैम्पस से 40 हजार फ्रेशर्स को नौकरियां देगी। टीसीएस के पास निजी क्षेत्र की आईटी कंपनियों में सबसे ज्यादा 5 लाख कर्मचारी हैं। कंपनी ने पिछले साल भी 40 हजार ग्रेजुएट्स को भर्ती किया था। टीसीएस ने भी अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के मुताबिक, उसके तिमाही मुनाफे में 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
एबीएन डेस्क, रांची। ANM के लिए निकली बंपर वैकेंसी। स्टेट हेल्थ सोसाइटी बिहार ने अपने आधिकारिक पोर्टल Statehealthsocietybihar.org पर ANM की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके लिए 1 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गई है और 21 जुलाई को समाप्त होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एएनएम के पद के लिए कुल 8,853 रिक्तियों को भरने के लिए भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। भर्ती की महत्वपूर्ण तिथि 1) ऑनलाइन आवेदन की प्रारंभिक तिथि – 1 जुलाई 2021 2) आवेदन की अंतिम तिथि – 21 जुलाई 2021 3) आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई 2021 है शैक्षणिक योग्यता एएनएम के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास एएनएम में 2 साल का डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें बिहार नर्सिंग काउंसिल में भी रजिस्टर्ड होना चाहिए। पदों का विवरण एएनएम – 8853 पद यूआर- 2177 यूआर (एफ) – 1167 ईडब्ल्यूएस – 665 ईडब्ल्यूएस (एफ) – 323 एमबीसी – 1088 एमबीसी (एफ) – 597 एससी- 995 एससी (एफ) – 531 ईसा पूर्व- 606 बीसी (एफ) – 314 एसटी- 86 एसटी (एफ) – 20 डब्ल्यूबीसी- 284 आयु सीमा जनरल/ईडब्ल्यूएस – 37 वर्ष जनरल और ईडब्ल्यूएस (महिला)/बीसी/एमबीसी (पुरुष और महिला) – 40 वर्ष एससी / एसटी – 42 वर्ष एसएचएसबी एएनएम चयन प्रक्रिया चयन परीक्षा के आधार पर किया जाएगा परीक्षा पैटर्न परीक्षा 100 अंकों की होगी जीके, एनालिटिकल रीजनिंग, न्यूमेरिकल एबिलिटी और अंग्रेजी पर 80 प्रश्न होंगे समय 2 घंटे ऐसे करें अप्लाई एएनएम के इन पदों पर आवेदन करने के लिए बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की आधिकारिक वेबसाइट http://statehealthsocietybihar.org पर जाएं. वेबसाइट के होमपेज पर आपको एएनएम भर्ती का विज्ञापन दिखाई देगा। विज्ञापन पढ़ने के बाद आवेदन पत्र भरें।
भुरकुंडा (रामगढ़)। सीबीएसई ने कोरोना महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनजर सत्र 2021-22 के लिए 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा के लिए नई मूल्यांकन नीति घोषित कर दी है। बोर्ड की नई नीति से अवगत कराने के लिये श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा ने बुावार को बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए वेबिनार का आयोजन किया। वेबिनार में प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने नई मूल्यांकन योजना के बाबत छात्रों को बताया कि इस बार पूरे सिलेबस को दो हिस्सों में बांटा गया है।जिसमें 50-50 प्रतिशत सिलेबस शामिल होगा। दो बार परीक्षा होगी। यानी अब दो बार बोर्ड की परीक्षा देनी होगी। पहले हिस्से की परीक्षा नवंबर-दिसंबर में होगी। जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में ली जायेगी। इस दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम युक्तिसंगत बना रहे। प्राचार्या ने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन का आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट वर्क बेहतर व विश्वसनीय तरीके से हो, इसकी भी व्यवस्था बोर्ड द्वारा की जाएगी। प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने कहा कि टर्म वन की परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र होंगे।परीक्षा का समय 90 मिनट का होगा। टर्म वन में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आाार पर ही परीक्षा होगी। सीबीएसई द्वारा स्कूलों को प्रश्नपत्र भेजा जायेगा। आब्जर्वर की निगरानी में परीक्षा होगी। परीक्षा में ओएमआर सीट का प्रयोग होगा। ओएमआर सीट स्कैनिंग के बाद पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। परीक्षा वाले दिन ही छात्र द्वारा पाए गए नंबर भी अपलोड कर दिए जाएंगे। मार्च-अप्रैल में होने वाली परीक्षा का समय दो घंटे होगा। इसमें केस आाारित, स्थिति आाारित, शार्ट और लांग प्रश्न होंगे। यदि कोरोना के कारण परीक्षा की इजाजत नहीं मिलती है, तो फिर 90 मिनट की परीक्षा होगी। 90 मिनट वाली परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। पीजीटी विवेक प्राान ने कहा बोर्ड द्वारा छात्रहित में उठाया गया यह बड़ा कदम है। इसमें अफलाइन व अनलाइन दोनों परीक्षा को यान में रखकर योजना बनाई गई है। विद्यार्थी अभी से ही इसकी तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल मे उत्पन्न नई व्यवस्थाओं को यान में रखकर स्कूल पहले से ही बच्चों को इस तरह की परीक्षा का अभ्यास कराने में जुटा है। स्कूल के ऐप्प पर नियमित अनलाइन परीक्षा ली जा रही है, ताकि वे नई व्यवस्था के लिए अभ्यस्त हो सकें।
रांची। रांची विश्वविद्यालय में यूजी और पीजी की फाइनल परीक्षाएं आफलाइन ही आयोजित होंगी। इससे विश्वविद्यालय के 14 अंगीभूत कॉलेजों और रांची विश्वविद्यालय के 22 विभागों की फाइनल परीक्षा पर असमंजस खत्म हो गया है। इस परीक्षा में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। कोविड-19 संक्रमण का दौर होने से कोविड गाइडलाइन का पालन कराये जाने की भी चुनौती है। इसको लेकर विवि प्रशासन ने राज्य सरकार से मार्गदर्शन मांगा है। कोरोना महामारी के मद्देनजर राज्य के विश्वविद्यालयों में आफलाइन क्लासेस बंद हैं। जो कक्षाएं संचालित भी की जा रही हैं, उनमें आनलाइन ही पढ़ाई हो रही है। रांची के डीएसपीएमयू की ओर से तो आनलाइन क्लास के बाद अब परीक्षा भी आनलाइन ही कंडक्ट की जा रही है। हालांकि अब कोविड-19 संक्रमण के बिगड़े हालात में कुछ सुधार आने के बाद रांची विश्वविद्यालय आॅफलाइन परीक्षा के लिए कदम बढ़ा रहा है। विश्वविद्याललय ने अपने विद्यार्थियों की यूजी और पीजी की फाइनल परीक्षाएं आॅफलाइन आयोजित करने का निर्णय कर लिया है। हालांकि इस निर्णय का विभिन्न छात्र संगठन और विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। इधर, आफलाइन परीक्षा के छात्रों के विरोध को लेकर विवि प्रबंधन का कहना है कि यूजीसी की गाइडलाइन के तहत ही फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें विश्वविद्यालय प्रबंधन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। विवि का कहना है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ-साथ, विदेशों में उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए भी आफलाइन तरीके से फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा दिया जाना अनिवार्य है। यह विद्यार्थियों के ही भविष्य का सवाल है। इसलिए आफलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षाएं कब आयोजित की जाएंगी। इसे लेकर विश्वविद्यालय ने अभी कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया है और न ही इसको लेकर किसी तारीख का ऐलान किया है। इसी के साथ ही रांची विवि के 14 अंगीभूत कॉलेजों के साथ-साथ 22 पीजी विभागों के यूजी और पीजी की परीक्षाओं की तैयारी शुरू हो गई है। इन परीक्षाओं में हजारों विद्यार्थी शामिल होंगे। हालांकि इन परीक्षार्थियों की सुरक्षा को लेकर विवि चिंतित है। पूरी वस्तुस्थिति से राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग को अवगत कराया गया है। राज्य सरकार की ओर से हरी झंडी मिलते ही इस परीक्षा को आयोजित किया जाएगा। रांची यूनिवर्सिटी की परीक्षा और अन्य जानकारियां जिसमें परीक्षा तिथि भी शामिल है, जल्द ही विवि की वेबसाइट पर जारी कर दी जायेंगी। बताते चलें कि एमबीबीएस की फाइनल परीक्षाएं विवि की ओर से आफलाइन तरीके से आयोजित की जा रहीं हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए यह परीक्षाएं आयोजित की जा रहीं हैं। राज्य सरकार के निर्देश मिलने के बाद ही इस परीक्षा को भी आफलाइन आयोजित किया जा रहा है। रांची विश्वविद्यालय की कुलपति कामिनी कुमार का कहना है कि राज्य सरकार से आफलाइन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर मार्गदर्शन मांगा है। सरकार से इस संबंध में जो भी निर्देश मिलेगा, उसके तहत ही विवि परीक्षाओं का आयोजन करेगा। हालांकि विवि ने अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने नेशनल डिफेंस एकेडमी और नौसेना एकेडमी एग्जाम (II) 2021 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। फिलहाल, एप्लिकेशन विंडो ओपन है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 जून है। गौरतलब है कि इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए नेशनल डिफेंस एकेडमी और नौसेना एकेडमी में कुल 400 पदों पर भर्ती होनी है। उम्मीदवारों केवल ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं। एप्लिकेशन फॉर्म सबमिट करने के लिए किसी और मोड को अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे एग्जामिनेशन में प्रवेश के लिए सभी एलिजिबिलिटी कंडीशन को पूरा करते हैं। ऑनलाइन आवेदन 6 जुलाई 2021 से 12 जुलाई 2021 शाम 6 बजे तक विड्रॉ किए जा सकते हैं। बता दें कि यूपीएससी 5 सितंबर 2021 को एनडीए के थल सेना, नौसेना और वायु सेना विंग में 148वें कोर्स में एडमिशन के लिए परीक्षा लेगी। 2 जुलाई 2022 से शुरू होने वाले 110वें इंडियन नेवल एकेडमी कोर्स (आईएनएसी) के लिए भी परीक्षा आयोजित की जाएगी। यूपीएससी NDA II एग्जाम 2021- वैकेंसी डिटेल्स : टोटल पोस्ट- 400 पद, पद का नाम : नेशनल डिफेंस एकेडमी- कुल 370 पद, 208 आर्मी के लिए, 42 नेवी के लिए, 120 पोस्ट एयर फोर्स के लिए। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया : आयु सीमा – केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार, जिनका जन्म 02 जनवरी, 2003 से पहले और 1 जनवरी, 2006 के बाद नहीं हुआ है वे ही पदों पर आवेदन करने के लिए एलिजिबल हैं।
एबीएन डेस्क, रांची। CBSE 12वीं के रिजल्ट संबंधी मार्किंग स्कीम के मुताबिक उन छात्रों को कंपार्टमेंट दिया जाएगा, जो एक विषय में फेल हो जाएंगे। जो स्टूडेंट एक से अधिक विषयों में पास मार्क्स हासिल नहीं कर पाएंगे, उन्हें फेल (एसेंशियल रिपीट) किया जाएगा। सीबीएसई के नियम के मुताबिक किसी विषय में पास होने के लिए उस विषय में 33 फीसदी मार्क्स होने जरूरी हैं। नियमानुसार थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों अलग-अलग पास होना अनिवार्य है। जैसा कि घेषितज किया गया है, 12वीं के परिणाम 31 जुलाई तक आने की संभावना है। जिन छात्रों कंपार्ट होंगे, उनकी परीक्षा हालात ठीक होने पर कराई जाएगी। जो फेल होंगे, उन्हें अगले वर्ष ही परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। उनके लिए पूरी कक्षा रिपीट करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक स्कूल अपने यहां परीक्षा परिणाम समिति बनाएगा जिसमें 5 सदस्य होंगे। इसमें विद्यालय के प्राचार्य अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा कक्षा-बारहवीं को पढ़ाने वाले स्कूल के वरिष्ठतम 2 शिक्षक होंगे। 2 शिक्षक कक्षा-बारहवीं को पढ़ाने वाले पड़ोसी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक होगें।12वीं के यूनिट टेस्ट, मिड टर्म या प्री-बोर्ड एग्जाम के थ्योरी के अंकों के आधार पर 40 अंकों का वेटेज मिलेगा। रिजल्ट कमेटी तय करेगी कि किस टेस्ट के आधार पर वेटेज दिया जाए। कोई स्कूल प्री-बोर्ड के हिसाब से तय कर सकता है तो कोई यूनिट टेस्ट से।
रांची। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा इस सत्र में आयोजित होने वाले 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। राज्य में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा पहले 4 मई 2021 से शुरू होने वाली थी। लेकिन, कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षाएं स्थगित कर दी गयी थी।इस फैसले के बाद राज्य में मैट्रिक-इंटर के लगभग साढ़े साथ लाख स्टूडेंट्स को अब परीक्षा नहीं देनी होगी। इसमें मैट्रिक में 4.32 लाख और इंटर में 3.31 लाख परीक्षार्थी हैं। जैक के पहले ही सीबीएसई, आइसीएसई सहित देश के तमाम राज्य के स्कूल बोर्ड 10वीं और 12वीं बोर्ड कि परीक्षा रद्द कर चुके हैं। रिजल्ट कैसे जारी किया जाये इसपर मंथन भी किया जा रहा है। सीबीएसइ, आईसीएसइ बोर्ड की ओर से रिजल्ट के लिए मार्किंग स्कीम जारी करने के साथ प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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