टीम एबीएन, रांची। राज्य की एकमात्र रेफरल अस्पताल रिम्स में थर्ड ग्रेड और फोर्थ ग्रेड कर्मचारी के भारी पैमाने पर रिक्त पद पर नियमित नियुक्ति के बिंदु पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने रिम्स को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग से काम नहीं चलेगा। हर हाल में नियमित नियुक्ति करें। कोर्ट ने राज्य सरकार को पद सृजन के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सप्ताह बाद होगी। रिम्स में 70 से 80 फीसदी पद रिक्त : अदालत ने इस बात को लेकर आश्चर्य जताया कि रिम्स में लगभग 70 से 80 फीसदी पद रिक्त हैं तो वहां पर काम कैसे चल रहा है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है कि अदालत को ही अब रिम्स की बेहतरी के लिए कुछ करना होगा। क्योंकि वहां की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। अदालत ने इस बात को लेकर भी कड़ी नाराजगी जताई कि थर्ड और फोर्थ ग्रेड के पदों पर आउटसोर्स कैसे कर दिया गया है जबकि सृजित पद अभी भी खाली है। इस दौरान रिम्स के निदेशक कोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने बताया कि करीब 300 से ज्यादा थर्ड और फोर्थ ग्रेड के कर्मियों के पद रिक्त हैं और 200 से ज्यादा नए पद सृजित करने के लिए झारखंड सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। इस पर अदालत ने नए पद सृजित करने के प्रस्ताव पर विचार करने को कहा। कोर्ट के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं : झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश एसएन प्रसाद की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। अदालत ने कहा कि रिम्स में थर्ड ग्रेड और फोर्थ ग्रेड कर्मचारी की नियुक्ति के लिए विज्ञापन तत्काल निकाला जाए। आउटसोर्सिंग तभी तक मान्य होगी जब तक इन पदों पर रिम्स में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। नियमित नियुक्ति पर रिम्स के रवैये पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब कोर्ट की ओर से एक साल पहले ही रिम्स के सभी रिक्त पदों पर भर्ती करने का आदेश दिया गया तो अब तक नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी की ओर से आयोजित संयुक्त असैनिक सेवा सातवीं से दसवीं मुख्य प्रतियोगिता परीक्षा 28, 29 और 30 जनवरी 2022 को आयोजित होगी। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10 बजे से 1:00 बजे तक और द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित कराई जाएगी। रांची के 9 परीक्षा केंद्रों पर जेपीएससी मेंस की परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसे लेकर तमाम प्रशासनिक तैयारियां कर ली गईं हैं। परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रांची द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है। परीक्षा केंद्र पर भीड़ लगाकर विधि व्यवस्था भंग करने की आशंका को देख रांची के एसडीओ ने परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके तहत सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों, सरकारी कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान एवं शवयात्रा को छोड़कर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एक जगह जमा होने की मनाही रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में यह निषेधाज्ञा दिनांक 28 से 30 जनवरी 2022 तक प्रत्येक दिन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस आदेश के कड़ाई से अनुपालन के लिए पुलिस प्रशासन जुट गया है। गौरतलब है कि जीपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों का एक गुट आंदोलन करने के मूड में है। लगातार इसे लेकर बैठकों का दौर जारी है, पिछले दिनों जेपीएससी सातवीं से लेकर दसवीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन भी हुआ था। उस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए जेपीएससी प्रशासन और जिला प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा है। तमाम परीक्षा केंद्रों के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती रहेगी। इधर, संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा Combined Recruitment Test (RT-1) 29 से 30 जनवरी 2022 को आयोजित की जा रही है। प्रत्येक दिन प्रथम पाली में परीक्षा पूर्वाह्न 9:30 बजे से 11:30 बजे पूर्वाह्न और द्वितीय पाली में अपराह्न 2 बजे से 4 अपराह्न तक परीक्षा, केंद्र गोस्सनर कॉलेज, क्लब रोड रांची (सब सेंटर A एवं B) में आयोजित की जाएगी। इन परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त वातावरण में परीक्षा के आयोजन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी है।
रांची। शिक्षा मंत्री की घोषणा के लगभग डेढ़ महीने बाद झारखंड अधिविध परिषद (जैक) को अपना अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मिल गया है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने बताया कि जल्द ही मैट्रिक और इंटर की परीक्षआएं ली जाएंगी। लेकिन यह परीक्षाएं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा निर्देश के बाद ही लिया जाएगा। इससे साफ हो गया है कि अगर आपदा प्रबंधन समय पर दिशा निर्देश जारी न करे तो राज्य भर के लगभग 3 लाख छात्र-छात्रा समय पर परीक्षा नहीं दे पाएंगे। मतलब साफ है कि इस बार भी परीक्षा को लेकर कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं और इन सवालों के जवाब छात्र-छात्राओं को नहीं मिल रहे। करीब तीन लाख छात्र-छात्राओं की भविष्य अंधकार में नजर आ रही है। इस पर जैक अध्यक्ष अनिल कुमार महतो ने कहा कि आज ही मैंने अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया है। वस्तु स्थिति को मैं देख रहा हूं। कोशिश होगी कि परीक्षा समय पर हो जाए। वहीं राज्य के छात्र-छात्राओं को वैक्सीन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला शिक्षा विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग का है। छात्र-छात्राओं को कैसे वैक्सीन दी जाये। इस मामले पर जब तक दिशा-निर्देश नहीं आती तब तक मैं कुछ भी नहीं कह सकता हूं। टीकाकरण को लेकर जैक अध्यक्ष के जवाब से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है और शिक्षा विभाग पर सिर्फ बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वस्तुस्थिति पर कोई बोलने वाला नहीं। छात्र-छात्राओं का भविष्य को लेकर हर अधिकारी टालमटोल कर जवाब दे रहे हैं।
टीम एबीएन, जमशेदपुर। एनआईटी जमशेदपुर में कम आय वर्ग के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए कॉलेज में पूरी तरह से ट्यूशन फी में छूट प्रदान करने हेतु आवेदन मांगे गए हैं। ऐसे छात्र, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख से कम है, उन्हें पूरे साल की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं एक लाख से पांच लाख तक की सालाना कमाई करने वाले परिवार के बच्चों को ट्यूशन फीस में दो तिहाई की छूट दी जा रही है। इसके लिए छात्रों को आय प्रमाण पत्र के साथ 31 जनवरी तक संस्थान में आवेदन करने के लिए कहा गया है। यह आवेदन सिर्फ 2021-22 में दाखिला लेने वाले इंजीनियरिंग के नए छात्रों के लिए उपलब्ध है। केंद्र सरकार की योजना के तहत एनआईटी जमशेदपुर में ट्यूशन फीस में सामान्य कोटि के छात्रों को भी लाभ दिया जा रहा है। आर्थिक आधार पर दिया जा रहा है या लाभ वंचित छात्रों को बराबरी का मौका देने के लिए दिया जा रहा है। ट्यूशन फीस में मिलने वाली छूट कम आय वर्ग वाले परिवार के बच्चों के लिए वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, इन बच्चों को हॉस्टल का वार्षिक शुल्क कॉलेज में जमा करना होगा। गौरतलब हो कि पिछले महीने ही एनआईटी जमशेदपुर में बीटेक के नए सत्र के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हुई है। दाखिला पूरा होने के बाद अब छात्रों को ट्यूशन फीस में छूट के लिए यह आवेदन उपलब्ध कराया गया है।
एबीएन डेस्क, रांची। गोस्सनर कॉलेज में स्नातकोत्तर के सत्र 2021-23 में सभी विषयों में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। यहां एमकॉम के अलावा विज्ञान संकाय के स्नातकोत्तर विषयों-गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, जूलॉजी, बॉटनी, भूगर्भशास्त्र में सीधा नामांकन लिया जा सकता है। वहीं, आर्ट्स संकाय में स्नातकोत्तर हिन्दी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और मानवशास्त्र में सीधा नामांकन लिया जा सकता है। एमकॉम में 200 सीटें उपलब्ध हैं। जबकि, स्नातकोत्तर के अन्य विषयों में 50-50, सीटें हैं। नामांकन संबंधी विस्तृत जानकारी कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट- www.gcran.org पर उपलब्ध है। साथ ही सीधा नामांकन पाने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राएं कॉलेज में संबंधित विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
रांची। रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत 17 कॉलेजों में संचालित स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को दो सत्रों के लिए अस्थायी संबद्धता विस्तार दिया है। इसके तहत विश्वविद्यालय की संबद्धता समिति ने स्नातक पाठ्यक्रम के लिए अकादमिक सत्र 2022-25 व 2023-26 और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए अकादमिक सत्र 2022-24 व 2023-25 के लिए संबद्धता विस्तार किया। यह भी निर्णय लिया गया कि सभी कॉलेजों को शिक्षक-छात्र अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति करना आवश्यक होगा, अन्यथा शिक्षकविहीन विषय में संबद्धता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, प्रायोगिक विषयों में सुसज्जित प्रयोगशाला होना आवश्यक होगा, अन्यथा अगले सत्र से संबद्धता पर विचार नहीं होगा। इसके अलावा नए संबद्धता वाले विषयों में सिर्फ एक सत्र के लिए ही संबद्धता विस्तार की अनुशंसा की गई है। जिन कॉलेजों के पाठ्यक्रमों को संबद्धता विस्तार दिया गया है, उनमें-सेंट पॉल्स कॉलेज, डुमरी कॉलेज, बसिया कॉलेज, केओ कॉलेज रातू, आरटीसी कॉलेज ओरमांझी, सेंट जेविसर्य कॉलेज सिमडेगा, सिल्ली कॉलेज, यूकेएस कॉलेज डकरा, संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज पंडरा, गोस्सनर कॉलेज, योगदा सत्संग कॉलेज, निर्मला कॉलेज, फ्लोरेंस कॉलेज पारा मेडिकल साइंस इरबा और कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेस, तुपुदाना शामिल हैं। कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेस में बीएससी इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी को सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए संबद्धता विस्तार दिया गया है।
गया। दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में अकादमिक सत्र 2021 - 22 में प्रवेश के लिए निर्धारित अंतिम तिथि की समाप्ति के बाद भी 391 सीटें खाली रह गई है। खाली बची यूजी, पीजी और पीजी डिप्लोमा की सीटों को भरने की कवायद फिर से शुरू कर दी गई है। सीयूएसबी की परीक्षा नियंत्रक रश्मि त्रिपाठी ने कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह से प्राप्त अनुमोदन के आधार पर अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार चार वर्षीय एकीकृत बीएससी बीएड के साथ 24 स्नातकोत्तर (पीजी) और पीजी डिप्लोमा इन योग पाठ्यक्रमों में रिक्त बची सीटों के लिए एक बार फिर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पाठ्यक्रमों में रिक्त कुल 391 सीटों में नामांकन के लिए इच्छुक अभ्यर्थी आठ जनवरी से 10 जनवरी, 2022 के की रात 11:55 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की लिंक https://www.cusbadmission.samarth.edu.in/ है। जिसके माध्यम से इच्छुक छात्र दाखिले के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं। ओबीसी की सबसे अधिक 132 सीटें खाली सीयूएसबी में यूजी, पीजी और पीजी डिप्लोमा में कुल 1,364 सीटें निर्धारित हैं। इनमें 973 सीटों पर दाखिला हुआ है जबकि 391 सीटें खाली रह गई है। खाली बची सीटों में यूआर कटेगरी की 44, इडब्लूएस की 55, एससी की 99, एसटी की 61 और सबसे अधिक ओबीसी की 132 सीटें शामिल हैं। विषयवार बात करें तो चार-वर्षीय एकीकृत बीएससी बीएड एक सीट, एम. जर्नलिज्म एंड मॉस कम्युनिकेशन 19, एम. / एमएससी साइकोलॉजी 14, एम. इंग्लिश 19, एम. हिंदी 27, एम. सोशियोलॉजी 38, एम. सोशल वर्क 27, एम. डेवलपमेंट स्टडीज 32, एम. हिस्ट्री 27, एम. पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स 15, एम. इकोनॉमिक्स 18, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी 06, एमएससी बायोइन्फरमेटिक्स 14, एमएससी एनवायर्नमेंटल साइंस 07, एमसीसी जियोलॉजी 04, एमएससी कंप्यूटर साइंस 15, एमएससी / एम. मैथमेटिक्स 11, एमएससी स्टेटिस्टिक्स 25, एमएससी फिजिक्स 05, एमएससी केमिस्ट्री 11, एलएलएम 06, एमकॉम 23, एमएड 17, एम. फार्म (फार्मासिटिक्स - 02), एम. फार्म (फार्माकोलॉजी - 01) एवं पीजी डिपोमा इन योग 07 सीटें खाली रह गई है। सीयू- सीईटी 2021 प्रवेश परीक्षा का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से सितम्बर 2021 के महीने में किया गया था और परीक्षा परिणामों की घोषणा अक्टूबर में की गई थी। प्रवेश परीक्षा में अर्जित अंकों के आधार पर सीयूएसबी ने अभ्यर्थियों को नवंबर और दिसंबर के महीने में दाखिले लेने का अवसर प्रदान किया था। 31 दिसंबर 2021 को अकादमिक सत्र 2021 - 22 में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी लेकिन विभिन्न पाठ्यक्रमों में रिक्त बची सीटों को भरने के लिए विवि ने अभ्यर्थियों को एक और मौका प्रदान किया है।
कोडरमा। इग्नू के जनवरी, 2022 सत्र के लिए 31 जनवरी तक आनलाइन नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। यह जानकारी जेजेकॉलेज इग्नू की समन्वयक प्रो संगीता बारला ने दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रम में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी इग्नू के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आनलाइन नामांकन ले सकते हैं। मालूम हो कि 24 दिसंबर से नामांकन की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और 31 जनवरी इसकी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इन विषयों में होगा नामांकन समन्वयक प्रो संगीता बारला ने बताया कि इच्छुक शिक्षार्थी इग्नू अध्ययन केंद्र पर स्नातक प्रतिष्ठा, स्नातक सामान्य एवं स्नातकोत्तर कार्यक्रम के अतिरिक्त स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजी डिप्लोमा) पाठ्यक्रम के अंतर्गत आपदा प्रबंधन (पीजीडीडीएम), ग्राम विकास (पीजीडीआरडी), अनुवाद अध्ययन (पीजीडीटी), अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय संचालन (पीजीडीआईबीओ) में नामांकन ले सकते हैं। इसके अलावा पर्यावरण एवं सतत विकास (पीजीडीईएसडी), उच्च शिक्षा (पीजीडीएचई), गांधी एवं शांति अध्ययन (पीजीडीजीपीएस), सतत विज्ञान (पीजीडीएसएस) एवं पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य (पीजीडीईओएच) पाठ्यक्रम में नामांकन लिया जा सकता है। सभी पाठ्यक्रम एक वर्ष की अवधि का होता है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन अध्ययन (डीटीएस), प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (डीईसीई), पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा (डीएनएचई) एवं एचआईवी के साथ परिवार शिक्षा (डीएएफई) पाठ्यक्रम में नामांकन लिया जा सकता है । प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम में निम्न विषयों में होगा नामांकन प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत भोजन एवं पोषण (सीएफएन), मार्गदर्शन (सीआईजी), पर्यटन अध्ययन (सीटीएस), एचआईवी और परिवार शिक्षा (सीएएफई), पर्यावरण अध्ययन (सीईएस), प्रयोगशाला तकनीक (सीपीएलटी), गांधी एवं शांति अध्ययन (पीजीसीजीपीएस), पोषण एवं बाल देखभाल (सीएनसीसी), प्राथमिक विद्यालय गणित शिक्षण (सीटीपीएम), आपदा प्रबंधन (सीडीएम) व ग्राम विकास (सीआरडी) पाठ्यक्रम में नामांकन ले सकते हैं । यह पाठ्यक्रम छह माह की अवधि का होता है। पाठ्यक्रमों को शिक्षार्थी अपने अन्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के साथ भी कर सकते हैं। एससी-एसटी कोटि के छात्र-छात्राओं का नि:शुल्क नामांकन : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन-जाति (एससी-एसटी) के छात्र-छात्राओं का आनलाइन मोड में निरूशुल्क नामांकन होगा । समन्वयक प्रो. संगीता बारला ने बताया कि आनलाइन नामांकन आवेदन के साथ निरूशुल्कता की सुविधा एनेक्सर-वन में वर्णित विषयों में ही प्राप्त होगा। इसके लिए अपेक्षित कागजात जमा करना अनिवार्य होगा। समर्पित कागजातों की जांच मुख्यालय स्तर पर होगी। सेवारत कर्मियों एवं अन्य किसी संस्थान से किसी प्रकार की सुविधा प्राप्त होने की स्थिति में यह लाभ नहीं मिलेगा। शुल्क में यह छूट मात्र एक कार्यक्रम के लिए दी जाएगी।
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