टीम एबीएन, रांची। एआइसीटीइ के निर्देशों और कुलपति के अनुमोदन से बीआइटी मेसरा में 13 से 15 अप्रैल, 2023 तक भारतीय ज्ञान प्रणाली (आईकेएस) पर तीन दिवसीय प्रदर्शनी आयोजित की जायेगी। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य युवाओं को प्राचीन भारत की वैज्ञानिक कठोरता और विरासत से अवगत कराना है, जो उन्हें सीखने, अनुसंधान और विकास, नवाचार, उद्यमिता और नये ज्ञान के निर्माण में भागीदारी के स्तर को बढ़ावा देने के लिए उत्साहित कर सकता है। यह उनके स्वयं के विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में बहुत योगदान दे सकता है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य पर्याप्त गहराई के साथ भारतीय ज्ञान प्रणाली से अवगत कराना भी है।यह हमें अपने संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित कर सकता है। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता कुलपति करेंगे जो 13 अप्रैल 2023 को कैट में दोपहर 3.30 बजे से शाम 5.00 बजे के दौरान होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में युवाओं के लिए बहुत ही अच्छी खबर सामने आ रही है। झारखंड होम डिफेंस कॉर्प्स ने होम गार्ड पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किये हैं। योग्य उम्मीदवार झारखंड गृह रक्षा कोर की आधिकारिक साइट के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 1501 पदों को भरा जाना है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 25 अप्रैल से शुरू होगी और 9 मई, 2023 को समाप्त होगी। इच्छुक सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100/- तय किया गया है। आवेदन शुल्क का भुगतान आनलाइन माध्यम से किया जाना चाहिए। साथ ही, अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार झारखंड गृह रक्षा कोर की आधिकारिक साइट देख सकते हैं।
टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। शाश्वत इंस्टीच्यूट आॅफ टीचर्स एजुकेशन, हुटूप, इरबा, रांची में त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आज तीसरे दिन भी देश और विदेश के विभिन्न प्रतिभागियों ने मंच पर और आनलाइन व्यवस्था से अपनी उपस्थिति दर्ज की, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में शिक्षकों की भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना से किया गया सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना डॉ अनु सिन्हा, दिल्ली ने नृत्य प्रस्तुत किया। तत्पश्चात छात्रों के द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया तत्पश्चात अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न के द्वारा स्वागत किया गया। आज के संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ अजित कुमार सिन्हा, वीसी रांची विश्वविद्यालय थे। अध्यक्षीय उद्बोधन महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार शर्मा के द्वारा किया गया। संगोष्ठी में विशिष्ट उद्गार महाविद्यालय ट्रस्टी श्री स्नेह रंजन, श्री अनुपम शशांक (मैनेजिंग ट्रस्टी), श्री अमरनाथ भगत (उपाध्यक्ष) ने अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ कमल कुमार बोस, रांची ने किया। कार्यक्रम के अंत में स्मारिका विमोचन किया गया तथा राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ जंग बहादुर पांडेय, कॉलेज के अध्यक्ष श्री अनिल शर्मा, कॉलेज प्रबंधक डॉ आनंद जी, प्राचार्य डा विनोद कुमार राय तथा कॉलेज के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेतर कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं ने सहभागिता प्रस्तुत की।
टीम एबीएन, रांची। 02 अप्रैल 23 को सायं 03 से 05 स्टूडेंट सर्किल, रेडियम रोड में यूजीसी-नेट परीक्षा की तैयारी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन श्री सुभाष कुमार लाल ने किया, इस सेमिनार में तीस छात्रों ने भाग लिया। सेमिनार के वक्ताओं एवं प्रशिक्षकों ने पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी बातों को छात्रों के समक्ष प्रस्तुत किया। सेमिनार में यूजीसी नेट की महात्वता को बताते हुए डॉ अजय प्रताप वर्मा ने बताया की विद्यार्थी किस प्रकार से इस राष्ट्रीय परीक्षा को पास कर सकते हैं। डॉ वर्मा ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के समय विद्यार्थी पुस्तकों को पढ़ने की जगह गाइड इत्यादि शॉर्टकट तरीकों का प्रयोग करते है जिसकी वजह से उनका चयन नही हो पाता है। यदि विद्यार्थी प्रशिक्षकों के बताये हुए तरीकों से अध्ययन करते है तो उनकी सफलता निश्चित हो जाती है। आज के इस सेमिनार में एसएस मेमोरियल के प्रो अभिषेक गुप्ता, प्रो अनिकेत पीयूष सिंह, डॉ नीरज कुमार (एएसआई), प्रो राकेश प्रसाद, प्रो विमल कुमार इत्यादि अनेक विद्वानों ने अपने विचार प्रस्तुत किये। कार्यक्रम का समापन श्री अरविंद कुमार लाल ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना के साथ किया।
असीम सिन्हा ने छात्रों को फिल्म संपादन के इतिहास से वर्तमान तक से रूबरू करायाआरयू मास कॉम में संपन्न हुआ फिल्म एडिटिंग पर बेहतरीन कार्यशाला सह सेमिनारटीम एबीएन, रांची। शनिवार एक अप्रैल को आरयू के मास कॉम डिपार्टमेंट के सभागार में बॉलीवूड तथा अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के प्रसिद्ध फिल्म एडिटर असीम सिन्हा ने एक सेमीनार सह कार्यशाला में विभाग के छात्रों को फिल्म संपादन के बारीकियों को सिलसिलेवार तरीके से बताया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्रों ने भाग लिये और अपने सवाल भी पूछे।असीम सिन्हा के विभाग में आगमन पर मास कॉम की प्राध्यापक पूजा उरांव ने झारखंड के परंरा के अनुसार लोटा के जल से उनका हाथ धोकर किया। इसके बाद विभाग के उपनिदेशक डॉ विष्णु चरण महतो ने उन्हें शॉल देकर सम्मानित किया और स्वागत भाषण दिया।मास कॉम के निदेशक प्रो डॉ बीपी सिन्हा ने असीम सिन्हा को स्मृति चिन्ह दिया और अपने संबोधन में सभागार में आये छात्रों और मीडिया को बताया कि असीम सिन्हा ने चंद्रकांता सीरियल से लेकर फिल्म मम्मो, वेलकम टू सज्जनपुर, जजंतरम ममतंरम जैसे चर्चित फिल्मों सहित बॉलीवूड के सैकड़ो फिल्मों का संपादन किया है। इसके अलावा वह अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों के संपादन का भी काम करते हैं।इस कार्यशाला सह सेमीनार में असीम सिन्हा ने 19वीं सदी के प्रारंभ से लेकर आज तक के फिल्मों के संपादन में तकनीक, बदलाव और स्पेशल इफेक्ट्स तक के बारे में प्रोजेक्टर पर फिल्मों को दिखा कर बहुत ही रोचक और सटीक तरीके से बताया। इस दरम्यान उन्होंने प्रारंभिक दौर के फिल्मों द ग्रेट ट्रेन रॉबरी, द ओडेसा स्टेट्स जैसी फिल्मों को भी दिखाया।असीम सिन्हा ने कहा कि ग्रीफिथ को फादर आफ एडिटिंग कहते हैं और 1915 से ड्रामाटिक कंटेट की शुरुआत हुई वही 1926 में मोंटाज सिक्वेंस की शुरुआत हुई।रूसी फिल्मकार पोदोवकीन ने इंटेलेक्चुअल मोंटाज की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि फिल्म मेकिंग एक व्यक्ति का नहीं बल्कि टीम वर्क है और फिल्म के एडिटिंग में तीन चीजें बहुत महत्वपूर्ण हैं। वो है सेलेक्सन आफ शोर्ट्स, अरेंजमेंट आफ शाट्स, टाइमिंग आफ शाट्स।छात्रों और शिक्षकों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि एडिटर कभी भी कंटेंट के साथ छेड़छाड़ नहीं करता बल्कि फोर्म के साथ छेड़छाड़ करता है। इसके अलावा संगीत की वीडियो एडिटिंग बिल्कुल ही अलग होती है। वैसे ही डांस फाइट के वीडियो एडिटिंग्स अलग होते हैं। इसमें कोरियोग्राफर, फाइट मास्टर के साथ बैठना होता है। वैसे ही डाक्यूमेंट्री फिल्मों की एडिटिंग बहुत ही परिश्रम का एक चुनौतीपूर्ण होता है। आज की तकनीक की चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि आज कल स्पेशल इफेक्ट्स और ग्रीन बैंकग्राउंड से भी बहुत कुछ किया जा सकता है जो पर्दे पर जीवंत हो उठता है। वास्तव में फिल्म एडिटिंग टाइम का कंप्रेसन और एक्सपेंशन होता है।सब कुछ टाइम एंड स्पेस है। उन्होंने श्याम बेनेगल जैसे निदेशकों के साथ काम के अनुभवों को भी छात्रों को सुनाया बताया।झारखंड में फिल्म बनाने की इच्छा है: एक छात्र के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं झारखंड से हूं। देश विदेश में संपादन के काम में व्यस्त रहता हूं, पर मेरी इच्छा है कि झारखंड में फिल्म बनाउं और मैं यह निर्माण कार्य अवश्य करूंगा।इस आयोजन में विभाग के शिक्षक डॉ संकर्षण परिपूर्णन, संतोष उरांव, कुदंन कुमार चौधरी, पूजा उरांव, मनोज कुमार शर्मा, अंग्रेजी विभाग की प्राध्यापक डॉ पूनम निगम सहाय। मास कॉम विभाग के कर्मी पूर्णेंदूशेखर तिवारी, सुशील रंजन, डहरू टोप्पो, रेखा बाखला समेत सैकड़ो छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अंशिता सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मनोज कुमार शर्मा ने किया।
टीम एबीएन, रांची। शाश्वत इंस्टीट्यूट आफ टीचर्स एजुकेशन, रांची के तत्वावधान में 1 -3 अप्रैल 2023 तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हो रहा है। इस सेमिनार में देश और विदेश के अनेक शिक्षाविद (इन लाइन आफ लाइन) भाग लेंगे और अपने सारगर्भित विचारों से लाभान्वित करेंगे। कल प्रातः 10:30 बजे उद्घाटन सत्र में जो विद्वान उपस्थित रहेंगे उनमें डा अजीत कुमार सिन्हा, कुलपति, रांची, विश्वविद्यालय, डा तपन कुमार शाण्डिल्य, कुलपति श्यामा प्रसाद मुखर्जी, डा एस पी अग्रवाल, कुलपति, साईनाथ विवि, रांची डा त्रिवेणी नाथ साहू कुलपति झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय, रांची डा एसपी यादव कुलपति, वाईवीएन, रांची श्री संजय सेठ सांसद, रांची डा आर के शर्मा, रांची, डा राम सिंहासन सिंह, गया डा कुमारी मनीषा आदि प्रमुख हैं। इस संगोष्ठी में सबका आमंत्रण और सबका स्वागत है। यह जानकारी आयोजन सचिव डा जंग बहादुर पाण्डेय ने दी।
एबीएन करियर डेस्क। हाईस्कूल-इंटर कॉलेज में पीजीटी-टीजीटी टीचर बनने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC)ने 3120 पोस्ट ग्रेजुएट और ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी/ टीजीटी) भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। पीजीटी और टीजीटी भर्ती के लिए उम्मीदवारों की उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन झारखंड कर्मचरी चयन आयोग की वेबसाइट jssc.nic.in पर जाकर करना है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 मई है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 5 अप्रैल को शुरू होगी। झारखंड टीजीटी और पीजीटी की 3120 वैकेंसी में 2855 पोस्ट रेगुलर वैकेंसी और 265 वैकेंसी बैकलॉग है।पीजीटी भर्ती 2023 के लिए योग्यताझारखंड में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर बनने के लिए संबंधित विषय में कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ पीजी की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही बीएड भी किया होना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। रांची विश्वविद्वालय का 36वां दीक्षांत समारोह 28 अप्रैल को होगा। विवि स्तर पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है। समारोह में स्नातक (सत्र 2019-22), पीजी (सत्र 2020-22) तथा पांच फरवरी 2022 से 31 जनवरी 2023 तक पीएचडी उत्तीर्ण कुल साढ़े 28 हजार विद्यार्थियों की डिग्री पर मुहर लगेगी। वहीं 80 से अधिक विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिये जायेंगे। स्नातक के लगभग 20 हजार विद्यार्थी, स्नातकोत्तर में लगभग 8347 विद्यार्थी और पीएचडी में लगभग 150 विद्यार्थी हैं।
टीम एबीएन, रांची। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा, रांची और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड ने आज दिनांक 29/03/2023 को स्थायी और हरित प्रौद्योगिकी की उपलब्धि की दिशा में इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयासों को तेज करने और तेज करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं।उद्योग संस्थान की साझेदारी का इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी, बैटरी प्रबंधन प्रणाली और माइक्रोग्रिड के क्षेत्र में लाभ उठाया जायेगा। इस समझौता ज्ञापन में संयुक्त परियोजना उद्यम, बौद्धिक संपदा का सृजन और विशेषज्ञता और अनुसंधान विद्वानों का आदान-प्रदान शामिल है।प्रोफेसर संदीप दत्ता, रजिस्ट्रार, बीआईटी मेसरा और श्री आशीष खुशु, मुख्य तकनीकी अधिकारी, एलएंडटी टीएस लिमिटेड ने प्रोफेसर इंद्रनील मन्ना, कुलपति, बीआईटी मेसरा, प्रोफेसर टी घोष, एचओडी ईईई, डीन और ईईई विभाग के संकाय सदस्यों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।श्री आशीष खुशु ने बीआईटी मेसरा के साथ इस संयुक्त उद्यम के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, माइक्रोग्रिड और इलेक्ट्रिक ड्राइव के विकास के लिए प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने की उम्मीद व्यक्त की है। कुलपति बीआईटी मेसरा ने बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित अनुप्रयोग के वर्तमान परिदृश्य के संदर्भ में इस समझौता ज्ञापन के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों का जवाब देने और टिकाऊ के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए विद्युत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गहन शोध की आवश्यकता बताई है और नवाचार के माध्यम से हरित ऊर्जा।
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