एबीएन कैरियर डेस्क। भारत सरकार के शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। झारखंड से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए धनबाद की शिक्षिका मुनमुन भट्टाचार्य का चयन हुआ है। उनके चयन की खबर से धनबाद समेत पूरे झारखंड के शिक्षकों और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है। शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को नयी दिल्ली में राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया जायेगा। मुनमुन भट्टाचार्य धनबाद के बरमसिया स्थित मध्य विद्यालय में शिक्षिका हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान के लिए चुना गया है। राज्य स्तर की चयन समिति ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत कई उत्कृष्ट शिक्षकों के नाम केंद्रीय चयन समिति को भेजे थे। कड़े मूल्यांकन, प्रस्तुतीकरण और नवाचार के आकलन के बाद सीमित सीटों के बीच मुनमुन भट्टाचार्य अंतिम चयन सूची में जगह बनाने में सफल रहीं। 2008 से शुरू हुआ शिक्षण का सफर मुनमुन भट्टाचार्य का शिक्षण सफर वर्ष 2008 में डीएवी पब्लिक स्कूल, कोयला नगर से शुरू हुआ। वर्ष 2015 तक उन्होंने वहां शिक्षिका के रूप में काम किया। इसके बाद वर्ष 2016 में सरकारी शिक्षिका के तौर पर रांची जिले के सिल्ली स्थित एक विद्यालय में योगदान दिया। वर्ष 2019 में उनका तबादला धनबाद के मध्य विद्यालय बरमसिया में हुआ। वर्ष 2023 में उन्हें विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी सौंपी गयी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए कई प्रयोग किये। उन्होंने स्वयं शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीचिंग-लर्निंग मटेरियल) तैयार की और पढ़ाई को सिर्फ किताब-कॉपी तक सीमित रखने के बजाय गतिविधि-आधारित बनाया। स्कूल में पोषण वाटिका, जल संरक्षण और कंप्यूटर आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी उन्होंने काम किया। उनकी इसी नवाचारी सोच और विद्यालय में किये गये कार्यों को जिला स्तर पर भी सराहना मिली और उन्हें सम्मानित किया गया।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में दिनांक 22.8.26 से 28.8.26 तक वेद सप्ताह के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें वैदिक महाहवन, पौधारोपण, वेदों के श्लोकों का वाचन, आर्य समाज के नियमों का लेखन प्रमुख हैं। इस समारोह का शुभारंभ प्राचार्य डॉ तापस घोष ने मंगल दीप प्रज्ज्वलित करके किया। फिर विद्यार्थियों ने वैदिक महाहवन में भाग लिया। वैदिक ऋचाओं से पूरा विद्यालय परिसर गुंजायमान रहा। तत्पश्चात वृक्षारोपण अभियान का सफल एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।इस अवसर पर प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया तथा सबको पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने पोस्टर बनाकर पौधरोपण का संदेश दिया तथा पौधरोपण से संबंधित सूक्तियां लिखकर पौधों से होने वाले लाभों के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। विद्यालय परिवार ने यह संकल्प लिया कि वे लगाये गये प्रत्येक पौधे के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ भविष्य का निर्माण किया जा सके।
जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान को लेकर छात्र नेताओं की सामूहिक प्रेस वार्ता टीम एबीएन, रांची। आज रांची प्रेस क्लब में जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान चला रहे छात्रों की सामूहिक प्रेस वार्ता आयोजित की गयी। प्रेस वार्ता में आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के साथ राजेश सर, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित एवं प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 26 वर्षों से झारखंड की भर्ती व्यवस्था में अनियमितता, अपारदर्शिता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली एवं पैरवी से नौकरी पाने जैसी समस्याओं से यहां के पढ़ने-लिखने वाले युवा त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जेपीएससी एवं जेएसएससी में हो रही भ्रष्टाचार, पेपर लीक एवं धांधली के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। इस संघर्ष की शुरूआत 2 जुलाई से, आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से, सत्याग्रह की शुरूआत 25 जुलाई से तथा भूख हड़ताल आंदोलन की शुरूआत 2 अगस्त 2026 से की गयी। इस दौरान पूरे राज्य के छात्रों का व्यापक जनसमर्थन मिला और आंदोलन के दबाव में झारखंड सरकार द्वारा विवादित 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गयी, जिसमें 22 परीक्षाएं रद्द, 17 परीक्षाओं पर जांच तथा 6 परीक्षाएं स्थगित की गयीं। इसके बाद छात्र आंदोलन को स्थगित किया गया। लेकिन मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद सरकार द्वारा न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखे जाने को लेकर देवेंद्रनाथ महतो ने चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सीआईडी जांच की रिपोर्ट तथा परीक्षाओं को रद्द करने के पीछे की गड़बड़ियों और कारणों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से नहीं रखने के कारण 11वीं से 13वीं जेपीएससी, फूड सेफ्टी आॅफिसर, सीडीपीओ एवं जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के रद्दीकरण पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे झारखंड के छात्रों में भविष्य को लेकर एक बार फिर चिंता उत्पन्न हुई है। अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी रखी अपनी बात सामूहिक प्रेस वार्ता में राजेश सर, चंदन रजक, रवि, अयूब अली, विमल महतो, राजेश्वर, विमल कुमार, कमलेश, अंकित एवं प्रेम कुमार सहित अन्य छात्र प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार रखे। सभी ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने, लंबित जांच को स्पष्ट रूप से सामने लाने तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार से गंभीरता के साथ कार्रवाई करने की मांग रखी। सभी छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी योग्य एवं निर्दोष अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं है। आंदोलन का उद्देश्य केवल भ्रष्ट, अपारदर्शी एवं अनियमित भर्ती व्यवस्था में सुधार कराना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष तरीके से उनका अधिकार मिल सके। 24 से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा देवेंद्रनाथ महतो ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 24 अगस्त 2026, सोमवार से दिसुम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का शुभारंभ किया जायेगा। यह यात्रा झारखंड के 24 जिलों के प्रमुख स्थानों पर जायेगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों एवं छात्र समुदाय के बीच जनजागरण अभियान चलाया जायेगा और भर्ती व्यवस्था में सुधार एवं पारदर्शिता को लेकर छात्रों को जागरूक किया जायेगा। यात्रा को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम एवं सोशल मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किया गया है। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई झारखंडी छात्रों की आर-पार की लड़ाई है और इसे आगे भी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जायेगा। 15 सितंबर की सुनवाई को लेकर सरकार से उम्मीद देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि आगामी 15 सितंबर 2026 को होने वाली न्यायालय की सुनवाई में सरकार से उम्मीद है कि वह सीआईडी जांच की रिपोर्ट एवं संबंधित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखेगी और अपने फैसले के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का छलावा या धोखाधड़ी स्वीकार नहीं की जायेगी। यदि छात्रों के साथ अन्याय होता है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जेपी आंदोलन की तर्ज पर इस संघर्ष को जनआंदोलन से जोड़ा जायेगा तथा सभी 24 जिलों के प्रखंड एवं गांव स्तर तक आम लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जायेगा। आगे मुख्यमंत्री आवास घेराव, अनिश्चितकालीन झारखंड बंद एवं आर्थिक नाकेबंदी जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की भी घोषणा की जायेगी। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि अपने हक और अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जायेगा। यदि झारखंड के छात्रों के साथ अन्याय जारी रहता है, तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जायेगा तथा झारखंड की खनिज संपदा को झारखंड से बाहर ले जाने के मुद्दे को भी आंदोलन से जोड़ा जायेगा। अंत में सभी छात्र नेताओं ने झारखंड के छात्रों, युवाओं एवं आम नागरिकों से अपील की कि भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कराने के इस शांतिपूर्ण संघर्ष में एकजुट होकर सहयोग करें।
छात्र-सांसद सह वाद-विवाद प्रतियोगिता में डीएवी गांधीनगर के अभिनव झा ने हासिल की इंडिया लेवल पर पाँचवीं रैंकटीम एबीएन, रांची। जीरो हाऑर फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित छात्र-संसद सह वाद-विवाद प्रतियोगिता में डी ए वी पब्लिक स्कूल गांधीनगर, सीसीएल, रांची के प्रतिभाशाली छात्र अभिनव झा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडिया लेवल पर पाँचवीं रैंक हासिल कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में अभिनव झा ने अपने तार्किक विचार, प्रभावशाली अभिव्यक्ति, विषय की गहन समझ तथा आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया और राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया।अभिनव की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विद्यालय परिवार में हर्ष का वातावरण है। विद्यालय के प्राचार्य श्री प्रदीप कुमार झा ने अभिनव झा को बधाई देते हुए कहा कि वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति-कौशल तथा समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि अभिनव की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।विद्यालय के वरिष्ठ शैक्षिक समन्वयक श्री अमित कुमार दत्ता ने भी अभिनव को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवीं रैंक प्राप्त करना उसकी प्रतिभा, परिश्रम और सतत अभ्यास का परिणाम है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अभिनव भविष्य में भी अपनी प्रतिभा से विद्यालय और समाज का नाम रोशन करेगा। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने भी अभिनव झा को इस शानदार सफलता के लिए बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
किसी भी अनजान व्यक्ति से इंस्टाग्राम में दोस्ती ना करें : प्रवीण कुमार एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास। वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर कतरास पुलिस ने गुरुवार को जीएनएम इंटर कॉलेज कतरास में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। कतरास पुलिस ने साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने तथा पोक्सो एक्ट की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कतरास थानेदार प्रवीण कुमार ने कहा कि अगर भविष्य में आपके साथ साइबर अपराध होता है तो आप इसकी सूचना पुलिस में आने के पूर्व 1930 नंबर पर इसकी जानकारी तुरंत दें। इसके अलावे यदि आपको किसी भी बात को लेकर कोई परेशान करता है तो 112 पर डायल कर अपनी समस्या को बता सकते हैं। आपके डायल करने पर पुलिस आपके बीच तुरंत उपलब्ध रहेगी। प्रवीण कुमार ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ इंस्टाग्राम पर दोस्ती न बनायें कोई भी अनजान वीडियो कॉल आने पर नहीं उठायें। किसी को भी अपना ओटीपी शेयर नहीं करें। प्राचार्य रेखा कुमारी ने कहा कि पुलिस द्वारा दिये गये प्रशिक्षण का शत प्रतिशत अमल करें। यह प्रशिक्षण आपके आने वाले जीवन में बहुत कारगार साबित होगा। मौके पर प्राचार्य रेखा कुमारी, शिक्षक बबलू महतो, संकेता कुमारी, नीलू, शांतनु पांडेय, सिराज अहमद, सहायक निरीक्षक मनोज कुमार, दुर्गेश कुमार, पवन तिर्की के अलावे विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बीआईटी मेसरा रांची में स्पीच और म्यूजिक में अनुसंधान के फ्रंटियर्स पर 30वें अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम की मेजबानी करेगाटीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी मेसरा) द्वारा स्पीच एंड म्यूजिक में अनुसंधान के फ्रंटियर्स पर 30वें अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम (FRSM 2026) का आयोजन 21 से 22 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। बीआईटी मेसरा के गणित विभाग और जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता के सर सी. वी. रमन सेंटर फॉर फिजिक्स एंड म्यूजिक द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, विशेषज्ञों और छात्रों को स्पीच, संगीत, ध्वनि और मानव-केंद्रित तकनीकों के बीच उभरते अंतर्संबंधों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इंटेलिजेंट एंड इनक्लूसिव साउंड: ब्रिजिंग स्पीच, म्यूजिक एंड ह्यूमन-सेंटर्ड टेक्नोलॉजीज विषय पर आयोजित FRSM 2026 में गणित, ध्वनिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल तकनीकों में हो रही प्रगति के माध्यम से ध्वनि की समझ और उसके अनुप्रयोगों के विस्तार पर चर्चा की जाएगी। सिम्पोजियम में स्पीच और संगीत विश्लेषण, भाषा प्रसंस्करण, ध्वनि और संगीत संश्लेषण, भावना और अनुभूति, ध्वनिकी, संगीत सूचना पुनर्प्राप्ति तथा शिक्षा और चिकित्सा में प्रौद्योगिकी-सक्षम अनुप्रयोगों जैसे विषयों पर चर्चा होगी।1990 में अपनी शुरुआत के बाद से, FRSM स्पीच और संगीत के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच रहा है। तीन दशकों से अधिक समय में, सिम्पोजियम ने ध्वनि के भौतिकी, भाषाविज्ञान, स्पीच प्रोसेसिंग, स्पीच थेरेपी, संगीत मनोविज्ञान, न्यूरोम्यूजिकोलॉजी, कम्प्यूटेशनल म्यूजिकोलॉजी और संगीत चिकित्सा सहित विभिन्न विषयों को एक साथ लाया है। FRSM का 30वां संस्करण इस अंतरविषयक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ध्वनि प्रौद्योगिकियों के लिए बुद्धिमान, समावेशी और मानव-केंद्रित दृष्टिकोणों पर विशेष जोर देगा।FRSM 2026 में शोधकर्ता और विशेषज्ञ स्पीच और संगीत के ध्वन्यात्मक, गणितीय, संज्ञानात्मक और भावनात्मक आयामों का अध्ययन करेंगे तथा यह भी चर्चा करेंगे कि उभरती प्रौद्योगिकियां विश्लेषण, संचार, सीखने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए रूपों में कैसे योगदान दे सकती हैं।सिम्पोजियम शोधकर्ताओं को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, विचारों का आदान-प्रदान करने और अंतरविषयक तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अवसर तलाशने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। छात्रों और शोधार्थियों के लिए यह सिम्पोजियम विभिन्न शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि के विशेषज्ञों के साथ संवाद करने, अनुसंधान के उभरते क्षेत्रों से परिचित होने, शैक्षणिक नेटवर्क बनाने तथा आगे की पढ़ाई और अनुसंधान के लिए संभावित अवसरों का पता लगाने का अवसर प्रदान करेगा।विशिष्ट अतिथि एवं वक्तायूएसए के सेंट जॉन्स यूनिवर्सिटी की डॉ. स्मिता गुहा मुख्य अतिथि होंगी, जबकि आईआईटी बॉम्बे की प्रो. प्रीति राव सम्मानित अतिथि होंगी।आमंत्रित वक्ताओं में क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के प्रो. मार्कस पियर्स; बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी, यूके के डॉ. आशुतोष कर; टॉनिक सोनिक के संस्थापक निदेशक, ध्वनि कलाकार एवं गोंग शिक्षक संज हॉल; अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रो. उमर फारूक; रिम्स के डॉ. एस. बी. सिंह; और काउंसलर एवं म्यूजिक मूवमेंट थेरेपिस्ट तथा रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, कोलकाता की अतिथि संकाय गीताश्री मजूमदार शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय और प्रमुख भारतीय संस्थानों के विशेषज्ञों की भागीदारी से सिम्पोजियम में वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, संगीत, चिकित्सा और ध्वनि-आधारित कार्यप्रणालियों से जुड़े विविध दृष्टिकोण सामने आएंगे।आयोजन टीमसिम्पोजियम का संयोजन गणित विभाग के प्रो. सौभिक चक्रवर्ती द्वारा किया जा रहा है। डॉ. अनिंदिता बेरा और डॉ. पवन कुमार शॉ सह-संयोजक के रूप में कार्य कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. सितांशु शेखर साहू आयोजन सचिव हैं, जबकि गणित विभाग के डॉ. अभिनव चक्रवर्ती और डॉ. अयन चंदा सह-आयोजन सचिव हैं। मीडिया सेल से आर. पी. मिश्रा और डॉ. मृणाल कुमार पाठक भी इस आयोजन में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।अपने 30वें संस्करण के साथ, FRSM 2026 उन विषयों को एक साथ लाने के अपने लंबे प्रयास को जारी रखेगा, जो पारंपरिक रूप से ध्वनि का विभिन्न दृष्टिकोणों से अध्ययन करते हैं। गणित और विज्ञान को स्पीच, संगीत, प्रौद्योगिकी और मानव अनुभव से जोड़ते हुए, सिम्पोजियम का उद्देश्य सार्थक शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा अनुसंधान और सहयोग में नई दिशाओं को प्रोत्साहित करना है।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त आंदोलन के प्रथम चरण सत्याग्रह और भूख हड़ताल आंदोलन के सूत्रधार छात्र आंदोलन के प्रमुख छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने सरकार जेएसएससी सीजीएल, टीडीपीएल एजेंसी रद्द होते ही भूख हड़ताल के 17वें दिन अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। सदर अस्पताल में उनका अनशन स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडे और डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो की संयुक्त उपस्थिति में समाप्त कराया गया। स्वास्थ्य लाभ के बाद आज सदर अस्पताल से डिस्चार्ज होकर देवेन्द्र नाथ महतो ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड में विवादित सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है, जो भारत के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्र हित में सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के दौरान जिन परीक्षाओं पर आरोप लगाए गए थे, जिनमें जेएसएससी सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं शामिल हैं, उन्हें रद्द कर दिया गया है। इस आंदोलन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रेस मीडिया साथियों एवं अन्य सहयोगियों के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने आगे कहा कि अब अगली लड़ाई नई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और पैरवी के जरिए नौकरी पाने की कोई गुंजाइश न हो, अगर कोई धांधली का हिम्मत करता है तो उसे पकड़कर आजीवन कारावास हो तथा हर योग्य अभ्यर्थी को उसकी मेधा और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर नौकरी मिलने की गारंटी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक भर्ती व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं हो जाती।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्ररवींद्र पासवान बोले- परीक्षा रद्द होने के बाद भी जारी रहेगा आंदोलनटीम एबीएन, रांची। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की परीक्षा रद्द करने की मांग मान ली है। इसके बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि आंदोलनकारियों ने एक बड़ी लड़ाई जरूर जीत ली है, लेकिन अभी उनकी प्रमुख मांग पूरी नहीं हुई है।रवींद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने अभी CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं की है। जब तक पूरे मामले की CBI जांच की मांग नहीं मानी जाती, तब तक छात्र आंदोलन और अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 24 दिनों बाद छात्रों की मांग सुनी, जिसके लिए छात्र उनका धन्यवाद करते हैं, लेकिन परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच अभी भी जरूरी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द होने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं होगा। छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की CBI से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
झारखंड : सीएम ने इन परीक्षाओं को किया रद, देखें लिस्टटीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि परीक्षा सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। समिति परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों का अध्ययन करेगी और आवश्यक सुझाव देगी। इसके अलावा सरकार ने राज्य के लोगों से भी परीक्षा सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव देने की व्यवस्था की गई है।TDPL द्वारा कंडक्ट EXAMSJPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) की परीक्षाएँ14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (14th JPSC Prelims)11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (11th–13th JPSC)JPSC बैकलॉग परीक्षा 2023 एवं 2025बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO – Child Development Project Officer)खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO – Food Safety Officer)वन क्षेत्र अधिकारी (FRO – Forest Range Officer)सहायक वन संरक्षक (ACF – Assistant Conservator of Forest)झारखंड पात्रता परीक्षा (JET – Jharkhand Eligibility Test)अपर मुख्य जिला न्यायाधीश / सिविल जज परीक्षा (Civil Judge Exam)सहायक लोक अभियोजक – नियमित एवं बैकलॉग परीक्षा (APP Regular & Backlog Exam)JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षा JSSC CGL – संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (Combined Graduate Level Examination)
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