एबीएन डेस्क। देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बाद कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन की गाइडलाइन में कुछ बदलाव किए हैं। पिछले 9 दिनों में देश में कोरोना के मामले 6 गुना से ज्यादा बढ़े हैं, ओमिक्रॉन का डबलिंग रेट 3 दिनों का है। देश में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद यह फैसला लिया गया है। देश में कोरोना केसों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी से केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में 24 घंटे के अंदर डबलिंग रेट हो गया है। मुंबई और बंगाल में भी यही हाल है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार कोरोना की तीसरी लहर को लेकर काफी चिंतित है। सरकार को चिंता इस बात की है जिस तरह डेल्टा वैरिएंट ने दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले भारत में कहर बरपाया था, उसी तरह कहीं ओमिक्रॉन भी भारत में कहर न दिखा दे, क्योंकि अभी तक दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन से बने हालात उतनी चिंता का विषय नहीं है। सरकार के मन में चिंता यह भी है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट भारत में क्या असर डालेगा? और कोरोना के मामले बढ़ेंगे तो अस्पताल पर भी बोढ बढ़ेगा क्योंकि देश में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन को जारी किया है। इन गाइडलाइन्स को प्रभावी रूप से अमल में लाने को लेकर राज्यों को कंट्रोल रूम दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि मरीज की मॉनिटरिंग राज्य सही से कर पाएं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने सोमवार को कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर अपने सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस को 31 जनवरी तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस सस्पेंड करने का फैसला सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के हित को देखते हुए लिया गया है। जितेंद्र सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा, पिछले कुछ दिनों में कोविड मामलों में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारिओं के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अगले आदेश तक के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह निर्णय सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के हित में लिया गया है। हालांकि आदेश में यह कहा गया है कि सभी कर्मचारी को अटेंडेंस रजिस्टर में मैन्युअली अपनी उपस्थिति दर्ज करना जरूरी है। आदेश में कहा गया है कि सभी विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करना जारी रखेंगे कि सभी कर्मचारी हर समय मास्क पहनें और सीओवीआईडी उपयुक्त व्यवहार का सख्ती से पालन करें। केंद्र सरकार ने 8 नवंबर से सभी स्तरों के कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति फिर से शुरू कर दी थी। कोरोनो वायरस महामारी के प्रकोप के कारण कर्मचारियों को पहले बायोमेट्रिक उपस्थिति से छूट दी गई थी।
एबीएन डेस्क। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ) और नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय उन करीब 6,000 संस्थानों या संगठनों में शामिल हैं, जिनका विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण शनिवार को समाप्त हो गया। अधिकारियों ने कहा कि इन संस्थानों ने या तो अपने एफसीआरए लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया या केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके आवेदनों को खारिज कर दिया। विदेशी चंदा (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) से संबंधित आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, जिन संगठनों और संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण समाप्त हो गया है या वैधता समाप्त हो गई है, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल फाउंडेशन, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और ऑक्सफैम इंडिया शामिल हैं। एफसीआरए के तहत पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) और इसके सहयोगियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि अधिनियम के तहत पंजीकरण शनिवार (1 जनवरी) को समाप्त माना गया है। विदेशी चंदा प्राप्त करने के लिए किसी भी संगठन और एनजीओ के लिए एफसीआरए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। शुक्रवार तक 22,762 एफसीआरए रजिस्टर्ड एनजीओ थे। शनिवार को यह घटकर 16,829 हो गए क्योंकि 5,933 एनजीओ ने कामकाज बंद कर दिया। जिन संगठनों का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया है, उनमें मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई), इमैनुएल हॉस्पिटल एसोसिएशन, जो पूरे भारत में एक दर्जन से अधिक अस्पताल चलाता है, ट्यूबरकोलोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया, विश्व धर्मायतन, महर्षि आयुर्वेद प्रतिष्ठान, नेशनल फेडरेशन ऑफ फिशरमेन को-ऑपरेटिव्स लिमिटेड शामिल हैं। हमदर्द एजुकेशन सोसाइटी, दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क सोसाइटी, भारतीय संस्कृति परिषद, डीएवी कॉलेज ट्रस्ट एंड मैनेजमेंट सोसाइटी, इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर, गोदरेज मेमोरियल ट्रस्ट, दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी, जेएनयू में न्यूक्लियर साइंस सेंटर, इंडिया हैबिटेट सेंटर, लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वुमन, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग और अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच भी इन संस्थानों या संगठनों में शामिल हैं।
एबीएन डेस्क। चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले (आरसी 47ए/96) में फैसला आने में एक कदम दूर है। तीन आरोपियों की ओर से बहस पूरी होते ही फैसले की तारीख अदालत निर्धारित कर देगी। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत मुकदमे का सामना करे रहे आरोपियों को नये साल में कोर्ट खुलते ही उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हालांकि आरोपियों को व्यक्तिगत उपस्थिति की जगह अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की छूट है। वर्तमान में मामले में 102 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इसमें से लालू प्रसाद समेत 99 आरोपियों की ओर से बहस पूरी हो चुकी है। बाकी तीन आरोपियों की ओर से तीन-चार जनवरी को बहस की जाएगी। जानकारी के अनुसार बहस पूरी करा चुके एक-दो आरोपियों की मौत की सूचना है। लेकिन उन आरोपियों के मृत्यु प्रमाणपत्र अदालत तक नहीं पहुंचा है। मामले में फैसला का समय निकट है। इसको देखते हुए सुनवाई कर रही विशेष अदालत वर्तमान समय में मुकदमे का सामना कर रहे आरोपियों की सही संख्या जानने को लेकर उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया है। बता दें कि डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की कपट पूर्ण निकासी से जुड़े मामले में बड़े राजनीतिज्ञ लालू प्रसाद, जगदीश शर्मा, डॉ. आरके शर्मा, ध्रुव भगत, पांच बड़े ब्यूरोक्रेट, 30 पशु चिकित्सक, छह एकाउंट के व 56 आपूर्तिकर्ता शामिल हैं।
टीम एबीएन, रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिला स्थित माता के सिद्ध पीठ छिन्नमस्तिका एवं पर्यटन स्थल पतरातू में नये वर्ष में उन्हीं को प्रवेश मिलेगा जिन्होंने कोविड-19 रोधी टीके कम से कम एक खुराक ले ली है। रामगढ़ की उपायुक्त माधवी मिश्रा ने शुक्रवार को पतरातू एवं छिन्नमस्तिका धाम का दौरा कर मौके पर पूरी व्यवस्था की समीक्षा की और दिशानिर्देश जारी कर लोगों से नए वर्ष का आनंद लेने के साथ ही कोरोना वायरस के दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि जिन लोगों ने टीकाकरण नहीं कराया होगा उन्हें इन दोनों प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तथा पर्यटक स्थलों पर प्रवेश नहीं दिया जाए। उन्होंने इन स्थानों पर मास्क भी अनिवार्य किया है, साथ ही इन दोनों स्थानों पर टीकाकरण का भी प्रबंध करने को कहा है जिससे, जिन लोगों को टीका नहीं लगा हो वह यहां अपना टीकाकरण भी करवा सकते हैं। ज्ञातव्य है कि नये वर्ष में राज्य के इन दोनों धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है।
एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड स्टेट बार काउंसिल की बैठक गुरुवार को अध्यक्ष राजेन्द्र कृष्ण के नेतृत्व में बार काउंसिल कार्यालय में हुई। जिसमें कई बिन्दुओं पर चर्चा हुई। बैठक में उपाध्यक्ष राजेश कुमार शुक्ला, बार काउंसिल के सदस्य प्रशांत सिंह, सदस्य संजय कुमार विद्रोही समेत सभी सदस्य शामिल थे। बैठक में आपसी सहमति के बाद कई निर्णय पारित किए गए। इसमें वकालतनामा को केन्द्रीकृत करने पर निर्णय पारित हुआ। अर्थात् राज्य भर में वकालतनामा की कीमत एक समान होगी। इसके लिए एक सब-कमेटी का गठन किया जाएगा। प्रत्येक वकालतनामा पर वेलफेयर स्टांप चिपकाना अनिवार्य कर दिया गया है। स्टांप नहीं चिपकाने पर वकील एवं नोटरी पब्लिक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। दोषी पाने पर लाइसेंस भी रदद् किया जा सकता है। अध्यक्ष को सब-कमेटी गठन करने का अधिकार पास हुआ। फंड की स्थिति बेहतर रहने पर पेंशन सात हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने पर सहमति बनी। एडवोकेट क्लर्क स्टांप का बार काउंसिल से मंजूरी मिल गयी है। राज्य सरकार के निर्णय में देरी हो सकती। इसको देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पूरे राज्य में प्रारंभ किया जाएगा। स्टेट बार काउंसिल बिल्डिंग का निर्माण जल्द से जल्द कराने पर निर्णय लिया गया। पेंशन, स्टाइपेन एवं डेथ क्लेम का आवेदन का सत्यापन स्टेट बार काउंसिल करेगा। इसके लिए 30 दिनों की समय सीमा निर्धारण किया गया है। सत्यापन के बाद आवेदन को ट्रस्टी कमेटी के पास भुगतान के लिए भेजा जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल सरकार ने यूके से कोलकाता हवाई अड्डे के लिए आने वाली सभी उड़ानों को निलंबित करने का फैसला किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 3 जनवरी से यूके से कोलकाता आने वाली सभी उड़ानों पर बैन रहेगा। बंगाल के अपर मुख्य सचिव बी पी गोपालिका द्वारा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल को लिखे पत्र में उन्होंने राज्य सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा, मुझे आपको सूचित करना है कि विश्व स्तर पर और साथ ही देश के भीतर ओमिक्रॉन मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, राज्य सरकार ने अस्थायी रूप से और अगले आदेश तक 3 जनवरी, 2022 से यूनाइटेड किंगडम से कोलकाता के लिए सभी सीधी उड़ानों को निलंबित करने का निर्णय लिया है। यूके भारत सरकार द्वारा अधिसूचित एक जोखिम वाला देश है, इसलिए यहां से राज्य में उड़ानों को अनुमति नहीं दी जाएगी और जारी किए गए किसी भी एनओसी को वापस ले लिया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिसमस पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलना शुरू हो गया है। नए साल पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। गौरतलब है कि क्रिसमस व नए साल के मद्देनजर बंगाल में फिलहाल नाइट कफ्र्यू में ढील दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधान करते हुए कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए अविलंब कड़े कदम उठाने की जरुरत है। कोलकाता से सटा उत्तर 24 परगना जिला 145 मामलों के साथ कोरोना संक्रमण के मामले में फिलहाल दूसरे स्थान पर है जबकि तीसरे स्थान पर हावड़ा (79) है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना (60) और हुगली (59) का स्थान है। मुर्शिदाबाद, झारग्राम, पुरुलिया, अलीपुरदुआर, दक्षिण दिनाजपुर व कलिंपोंग में कोरोना अभी पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं पूर्व मेदिनीपुर, झारग्राम, दार्जिलिंग, दक्षिण दिनाजपुर, हुगली, मालदा, जलपाईगुड़ी, बांकुड़ा और पुरुलिया में कोरोना से मौत का सिलसिला थमा है। कोलकाता में कोराना से अब तक 3,04,720 लोग संक्रमित हुए हैं और 5,611 लोगों की मौत हुई है। उत्तर 24 परगना जिले में कोरोना से अब तक 5,012 लोगों की मौत हुई है। बंगाल में कोरोना से स्वस्थ होने वालों की संख्या बढ़कर 16,32,956 हो गई है। स्वस्थ होने वालों की दर 98.32 प्रतिशत है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाने को कहा है। सूबे के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम को संबोधित इस पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने गत 21 दिसंबर को राज्यों को सलाह दी थी कि वे नाइट कर्फ्यू व बड़े समारोहों को नियंत्रित करने जैसे प्रतिबंध लागू करें। बेड की क्षमता बढ़ाएं और कोरोना से संबंधित स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों को कड़ाई से लागू करे।
रांची (मुरलीधर)। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले (आरसी 47ए/96) में नये साल के जनवरी महीने में फैसला आने की पूरी संभावना है। लालू प्रसाद की ओर से जारी बहस लगभग पूरी हो चुकी है। अन्य 99 आरोपियों की ओर से बहस पूरी कर ली गयी है। शेष तीन आरोपियों की बहस की जानी शेष है। बहस पूरी होते ही मामला फैसला पर चला जाएगा। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में रोजाना हो रही है। इस साल का अंतिम दिन गुरुवार रहेगा। इसके बाद अदालत तीन जनवरी से मामले में सुनवाई करेगी। डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े मामले में 102 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। सीबीआई ने प्रारंभ में लालू प्रसाद, डॉ। जगन्नाथ मिश्र समेत 176 को आरोपी बनाया था। आरोप तय होने के दौरान इसकी संख्या घटकर 148 हो गयी। 25 वर्षों में इसकी संख्या घटकर वर्तमान में 102 रह गयी है। हाल ही में चार आरोपियों का निधन हुआ था। इतना ही नहीं कई आरोपी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। अब देखना है कि फैसला आते-आते आरोपियों की संख्या में कितनी कमी आएगी। बता दें कि लालू प्रसाद से जुड़े पांचवें व अंतिम मामले में रांची की सीबीआई की अदालत में सुनवाई चल रही है। साथ ही चारा घोटाले के 53 मामलों में से 51 मामले में फैसला आ चुका है। वहीं डोरंडा कोषागार लगभग 36.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले (आरसी48ए/96) में आरोपियों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं।
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