एबीएन सेंट्रल डेस्क। अगर आपको टीका लगवाए तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है तो संक्रमण के प्रति लापरवाह रवैया खतरनाक साबित हो सकता है। डब्लूएचओ ने ताजा दिशानिर्देश में कहा है कि अगर संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाला कोई व्यक्ति 90 दिन पहले दोनों डोज लगवा चुका था तो उसे टीकारहित माना जाए। यानी ऐसे संभावित संक्रमित व्यक्ति के इलाज को लेकर सरकारों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि इस अवधि के बाद टीके से मिलने वाली प्रतिरक्षा कमजोर हो जाती है। पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के कमजोर पड़ने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने दिशानिर्देशों में संशोधन किया है। वैश्विक निकाय ने जो नए प्रोटोकॉल जारी किए हैं, उनसे यही परिलक्षित हो रहा है कि टीका लगवाने के तीन महीने बाद शरीर की प्रतिरक्षा में गिरावट होगी। यानी इस तरह दुनिया की टीका लगवा चुकी एक बड़ी तादाद के लिए बूस्टर की आवश्यकता की मांग भी जोर पकड़ सकती है। डब्लूएचओ ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि बूस्टर डोज लगाने जाने का बहुत सीमित डाटा ही अभी उपलब्ध है। डब्लूएचओ ने अपने ताजा दिशानिर्देश में कहा कि हाल में जिन लोगों ने कोरोनारोधी टीका लिया है, उन्हें संक्रमण जोखिम की श्रेणी में कम खतरे वाला माना जाए। मगर जिन लोगों ने 90 दिनों से ज्यादा समय पहले टीका लगवा लिया है, उन्हें जोखिम प्राथमिकता श्रृंखला में ऊपर रखना होगा, क्योंकि उनके शरीर की प्रतिरक्षा समय के साथ घटी होगी। डब्लूएचओ ने यह भी कहा कि अगर टीका लगवा चुके लोग किसी संक्रमित के संपर्क में आ जाते हैं तो उन्हें टीकारहित माना जाएगा और इस श्रेणी के हिसाब से ही उनके लिए सरकारें क्वारंटाइन व जांच के प्रोटोकॉल का पालन कराएं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकता। रास्ता, हवा और पानी किसी भी व्यक्ति के लिए बंद नहीं किया जा सकता। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने प्रार्थी गीता देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें घर तक जाने का रास्ता उपलब्ध कराने और सोमवार को पूर्व की स्थिति बहाल करने का निर्देश जिला प्रशासन और एसएसपी के दिया है। अदालत ने कहा है कि अदालत इस मामले में टाइटल तय नहीं कर रहा है। टाइटल तय करने के लिए दोनों पक्ष सक्षम न्यायालय में जा सकते हैं। लेकिन जब तक टाइटल डिसाइड नहीं हो जाता, तब तक किसी का रास्ता अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। ऐसा करना मौलिक अधिकार का हनन है। गीता देवी ने अपनी याचिका में कहा है कि वह हिनू की निवासी है। कुछ लोगों ने उनके घर का रास्ता बंद कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिस जमीन पर दीवार खड़ी कर रास्ता बंद किया है, वह आम रास्ता था, लेकिन उसे सरना की जमीन बताकर वहां बाउंड्री वॉल खड़ा कर दिया गया, जिससे उनके घर का रास्ता बंद हो गया है।
टीम एबीएन, रांची। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को झारखंड सरकार व डीजीपी नीरज सिन्हा के खिलाफ लंबित अवमानना याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर विचार को सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि डीजीपी सिन्हा 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने के बाद भी पद संभाल रहे हैं। सीजेआई एनवी रमण की पीठ को वरिष्ठ वील सिद्धाथ लूथरा ने बताया कि इस मामले को पिछले साल सितंबर में सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया था लेकिन अब तक इस पर सुनवाई शुरू नहीं हुई है। इस पर पीठ ने कहा, हमारे पास इस मामले की फाइल भेजिये, हम देखते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 जुलाई को राज्य सरकार, उसके शीर्ष अधिकारियों और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के खिलाफ अपने फैसले के कथित उल्लंघन के लिए अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया था। बाद में सिन्हा को भी इस मामले में वादी बनाया था। याचिकाकर्ता राजेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के हिनू में रास्ता रोकने के मामले में दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी किसी व्यक्ति का हवा, पानी और रास्ता रोका नहीं सकता है। यह मौलिक अधिकार है मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता। अदालत ने रांची जिला प्रशासन और एसएसपी को निर्देश दिया है कि वो बाउंड्री हटवाकर 21 फरवरी तक रास्ता दिलाएं और कोर्ट को इससे अवगत कराएं। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि कुछ स्थानीय लोगों ने उनके घर के सामने के रास्ते को बंद कर दिया है जबकि वह आम रास्ता था, लेकिन उसे सरना स्थल का जमीन बताते हुए उसकी घेराबंदी कर दी गयी, जिससे रास्ता बंद हो गया है। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई कि उन्हें रास्ता दिलाया जाए। इस पर अदालत ने कहा कि यहां टाइटल डिसाइड नहीं किया जा सकता है। दोनों ही पक्ष सक्षम न्यायालय में टाइटल में जाने को स्वतंत्र हैं, लेकिन जब तक टाइटल डिसाइड नहीं होता तब तक किसी का रास्ता रोका नहीं जा सकता है। क्योंकि यह मौलिक अधिकार है और मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता है। यहां बता दें कि रांची हिनू की गीता देवी के घर का रास्ता स्थानीय लोगों ने घेराबंदी करके बंद कर दिया है। उसी रास्ता को खुलवाने की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उसी याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने रांची जिला प्रशासन और रांची एसएसपी को रास्ता दिलाने का निर्देश दिया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच में एजेंसी ने 445 करोड़ रुपए कीमत की 354 एकड़ से ज्यादा जमीन जब्त की है। उक्त कार्रवाई रामस्वरूप लौह उद्योग लिमिटेड के खिलाफ की गई है जिसे पश्चिम बंगाल में कोयला खनन के लिए ब्लॉक आवंटित किया गया था। एक बयान में एजेंसी ने कहा कि अस्थायी रूप से जब्त 354.25 एकड़ जमीन की कागजी कीमत 5.29 करोड़ रुपये थी, जिसकी वर्तमान में बाजार में कीमत 445.59 करोड़ रुपए हो गई है। रामस्वरूप लौह उद्योग लिमिटेड को पश्चिम बंगाल में पांच अन्य आवंटियों सहित उत्तरी और दक्षिणी कोयला ब्लॉक में मोइरा मधुजोर आवंटित किया गया था।
एबीएन डेस्क। परिजन अपने बच्चों को पहले कैसे भी अपनी बाइक या स्कूटी पर बिठकर घुमा लेते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए अब नए नियम जारी किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय दोपहिया वाहन चालकों के लिए नया नियम लेकर आया है। इसमें 4 साल से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन पर ले जाने के लिए नए सुरक्षा नियमों को लेकर अधिसूचित किया गया है। इस नए नियम में दोपहिया चालक को बच्चों के लिए हेलमेट और हार्नेस बेल्ट का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा और इसके साथ ही वाहन की गति को केवल 40 किमी प्रति घंटे तक सीमित रखना होगा। उल्लंघन करने पर जुर्माना : नए यातायात नियम का उल्लंघन करने पर 1000 का जुर्माना और तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले बच्चों के लिए अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियम को शामिल करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया गया है। यह नियम चार साल तक के बच्चों को कवर करता है। नए नियमों के अनुसार : • बच्चों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सेफ्टी हार्नेस हल्का, वाटरप्रूफ, कुशन वाला होना चाहिए • इसमें 30 किग्रा भार वहन करने की क्षमता होनी चाहिए। • यात्रा की पूरी अवधि के दौरान बच्चे को सुरक्षित करने के लिए वाहन चलाने वाले को बच्चे की सुरक्षा के लिए हार्नेस से बांधना होता है, जो कि दो पट्टियों के साथ आता है। • यात्रा के दौरान बच्चे को क्रैश हेलमेट या साइकिल हेलमेट भी पहनाना जरुरी होगा। • दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यह सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है कि बच्चों के साथ यात्रा करते समय वाहन की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक न हो। बता दें कि इससे पहले पिछले साल 2021 अक्तूबर में मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना जारी कर नियम में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसमें वाहन चलाने वालों को बच्चों के लिए सेफ्टी हार्नेस और क्रैश हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया गया था।
टीम एबीएन, रांची। डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले आरसी 47ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने दोषी करार चार महिला समेत 34 अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा के साथ दो लाख रुपये तक जुर्माना किया है। वहीं अदालत ने दोषी करार लालू प्रसाद, डॉ. आरके राणा समेत 41 अभियुक्तों की सजा के बिन्दु पर सुनवाई की तारीख 21 फरवरी निर्धारित की है। सजा के बिन्दु पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। जबकि ट्रायल फेस कर रहे छह महिला आरोपी समेत 24 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। मामले में कुल 10 महिला समेत 99 अभियुक्त मुकदमे का सामना कर रहे थे। अदालत ने तीन स्तरों में फैसला सुनाया। अदालत ने सबसे पहले अभियुक्तों का नाम पुकारा। इसके बाद पहले स्तर में 24 आरोपियों को बरी करनेवाले का नाम पढ़ा। दूसरे स्तर में तीन साल की सजा पानेवालों नाम पढ़ा गया। तीसरे स्तर में शेष बचे 41 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश दिया। बता दें लालू प्रसाद चारा घोटाले के पांचवें मामले में भी दोषी पाए गए हैं। इससे पूर्व चारा घोटाले को अन्य चार मामलों में भी दोषी पाकर अदालत ने साढ़े तीन साल से लेकर 14 साल तक सजा सुनाई थी। वर्तमान में उन मामलों में आधी सजा काटने के बाद जमानत पर चल रहे हैं। अदालत ने लालू समेत 41 को दोषी पाकर भेजा जेल : लालू प्रसाद - बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. आरके राणा - पूर्व विधायक सह बेक जूलियस - पूर्व पशुपालन सचिव नित्या नंद कुमार सिंह - पूर्व बजट एवं लेखा पदाधिकारी, पटना महेंद्र प्रसाद - पूर्व ट्रेजरी अधिकारी, डोरंडा रांची देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव - सहायक आयुक्त, (कॉमर्शियल टैक्स) पटना राम सेवक साहू - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा कोषागार डॉ. राधा रमन सहाय - पूर्व आहरण एवं संवितरण अधिकारी, एएचडी, रांची डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद - पूर्व सहायक निदेशक(प्लानिंग), एएचडी, रांची डॉ जूनुल भेंगराज - पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, एएचडी, रांची डॉ बृज नंदन शर्मा - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, चाईबासा डॉ. राम प्रकाश राम - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, पलामू व जमशेदपुर डॉ. जसबंत सहाय - पूर्व सहायक निदेशक, चाईबासा डॉ. रवींद्र कुमार सिंह - पूर्व टीवीओएम चाईबासा डॉ. प्रभात कुमार सिन्हा - पूर्व टीवीओएम, डालटेनगंज डॉ. ललितेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व मैनेजर, पीबीएफ-20, होटवार डॉ. कृष्ण बिहारी लाल - पूर्व मैनेजर, आरपीएफ होटवार डॉ. अजित कुमार सिन्हा - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. चंदेर किशोर लाल - पूर्व सहायक प्रबंधक, होटवार डॉ. बिरसा उरांव - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. शिव नंदन प्रसाद - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) जमशेदपुर डॉ. अर्जुन शर्मा - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा डॉ. मुकेश कुमार श्रीवास्तव - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा डॉ. बृज नंदन प्रसाद वर्मा - सहायक निदेशक, पोल्ट्री फार्म, होटवार डॉ. नलिन रंजन प्रसाद सिन्हा - पूर्व फार्म मैनेजर, होटवार डॉ. कमल किशोर शर्मा - पूर्व सहायक निदेशक(पोल्ट्री) खूंटी रवि नंदन कुमार सिन्हा - मेसर्स ए ट्रेडर्स पटना मो. सईद - मेसर्स एमएस इंटरप्राइजेज रांची जगमोहन लाल कक्कड़ - मेसर्स नवकेतन इंटरप्राइजेज रांची मोहिंदर सिंह बेदी - मेसर्स सेमेक्स क्रिजेनिक्स, दिल्ली दयानंद प्रसाद कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची सुरेश कुमार दुबे - मेसर्स छोटानागपुर वेटरिनरी इंटरप्राइजेज, रांची उमेश दुबे - मसर्स जय भंडार एंड सप्लाइ, बिहार राजेश मेहरा - मेसर्स वीकेसी ट्रेडर्स, रांची डॉ. बिजयेश्वरी प्रसाद सिन्हा - मेसर्स एकता वेटेरिनरी वर्क, रांची त्रिपुरारी मोहन प्रसाद - मेसर्स बिहार सरजिको मेडिको एजेंसी, पटना बाल कृष्ण शर्मा - श्री गौरी एजेंसी, भागलपुर डॉ. अजित वर्मा - मेसर्स लिटल ओक फार्मास्युटिकल, कोलकाता रवि कुमार मेहरा - मेसर्स अरके इंटरप्राइजेज, रांची महेंद्र कुमार कुंदन - मेसर्स कृष्णा ट्रेडर्स, रांची राजेंद्र कुमार हरित - मेसर्स पूजा रोडलाइन, रांची अदालत ने 34 आरोपियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई, लेकिन अपील करने के लिए सभी को जमानत की सुविधा प्रदान की गई है। ध्रुव भगत - पूर्व एमएलए सह अध्यक्ष पीएसी जगदीश शर्मा - पूर्व विधायक सह पीएसी अध्यक्ष अधीप चंद्र चौधरी - पूर्व आयकर आयुक्त, रांची परमेश्वर प्रसाद यादव - प्रोगेसिव सहायक (सांख्यिकीविद्), रांची डॉ. गौरी शंकर प्रसाद - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, रांची डॉ. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव - पूर्व प्रोजेक्ट अधिकारी, खूंटी सुरेंद्र कुमार सिंह - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, डालटेनगंज डॉ. शशि भूषण वर्मा - पूर्व टीवीओएम, लोहरदगा डॉ. शैलेंद्र कुमार सिन्हा - पूर्व टीबीओएम, चाईबासा डॉ. राकेश कुमार सिन्हा - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, जमशेदपुर डॉ. राजेंद्र बैठा - पूर्व सब-डिवीजनल पशुपालन पदाधिकारी, सरायकेला डॉ. रामाशिष सिंह - पूर्व प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. उमा कान्त यादव - पूर्व मैनेजर, सूअर विकास यूनिट-10, होटवार डॉ. राम किशोर शर्मा - चलंत पशुचिकित्सक, जमशेदपुर डॉ. राम नाथ राम - पूर्व सब-डिवीजनल, पशुपालन पदाधिकारी, चक्रधरपुर अशोक कुमार यादव - मेसर्स अशोक कुमार एंड ब्रदर्स रांची मो. तौहीद - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची अभय कुमार सिन्हा - मेसर्स पीएन इंटरप्राइजेज, रांची श्याम नंदन सिंह - मेसर्स श्याम इंडसट्रीज, रांची नंद किशोर प्रसाद - मेसर्स त्रिशुल इंटरप्राइजेज, रांची संदीप मल्लिक - मेसर्स हिन्दुस्तान लाइव स्टोक एजेंसी, दिल्ली सरस्वती चंद्र - मेसर्स एसआर इंटरप्राइजेज, पटना सुनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स श्री बाबा केमिकल वर्क, पटना सुशील कुमार सिन्हा - मेसर्स समर्पन वेटेरिनरी इंटरप्राइजेज, पटना राकेश गांधी उर्फ सुनिल गांधी - मेसर्स मगध डिस्ट्रीब्यूर्टस,पटना शरद कुमार - मेसर्स मेडवेट रांची नयन रंजन - मेसर्स नयन फार्मा, पटना सुलेखा देवी - मेसर्स श्री शंकर मेडिकल एजेंसी मदन मोहन पाठक - मेसर्स स्वर्णरेखा मेडिकल एजेंसी, रांची संजय कुमार - मेसर्स हिन्दुस्तान फार्मास्युटिकल पटना मंजु बाला जायसवाल - मेसर्स आरके भगत रांची रबीन्द्र प्रसाद - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना राम नंदन सिंह - मेसर्स एग्रोवेट सेल्स एंड सर्विस, रांची राजन मेहता - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली अदालत ने साक्ष्य के अभाव में जिन्हें बरी किया : 1. एनुल हक - एकाउंटेंट, डोरंडा कोषागार। 2. राजेंद्र पांडेय - एकाउंटेंट डोरंडा कोषागार। 3. साकेत बिहारी लाल - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा। 4. दीना नाथ सहाय - स्क्रूटिनी क्लर्क। 5. डॉ. कामेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व सहायक पोल्ट्री अधिकारी, रांची। 6. सनाउल हक - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 7. मो. इकराम - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 8. मो. हुसैन - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 9. सैरूनिशा - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची। 10. कलशमणि कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची 11. बलदेव साहू - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची। 12. रंजीत सिन्हा - मेसर्स आर कारपोरेशन, रांची। 13. अनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स एमपी प्राइवेट लि. पटना। 14. निर्मला प्रसाद - मेसर्स मडिवेट, रांची। 15. कुमारी अनिता प्रसाद - मेसर्स मेडिवेट रांची। 16. रामावतार शर्मा - मेसर्स तिरूपति एजेंसी, पटना। 17. रामा शंकर सिंह - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना। 18. बसंत कुमार सिन्हा - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना। 19. सुनिल कुमार श्रीवास्तव - मेसर्स क्यू-मैक्स लेबोरेटरीज, नासिक। 20. चंचला सिन्हा - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना 21. प्रांति सिंह - मेसर्स अग्रोवेट इंडस्ट्रीज, रांची। 22. हरिश खन्ना - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली मधु मेहता -मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली। जेल अधीक्षक तय करेंगे की लालू का इलाज रिम्स या जेल में रांची। चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू प्रसाद, डॉ आरके राणा एवं डॉ केएम प्रसाद की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अदालत में आवेदन दिया गया। अदालत ने दोपहर बाद दो बजे आवेदन पर सुनवाई करते हुए जेल अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार चिकित्सक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अर्थात् जेल प्रशासन अब तय करेगा कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजा जाए या जेल में ही उनका इलाज होगा। लालू को पांच में से पांचों केस में दोषी व सजा : 1. आरसी 20ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का पहला केस : 37.70 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 30 सितंबर 2013 को कोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराया। एक अक्तूबर 2013 को पांच साल जेल की सजा हुई। 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। 2. आरसी 64ए/96, देवघर ट्रेजरी केस : लगभग 90 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में 23 दिसंबर 2017 को दोषी करार। 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। लालू पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। 3. आरसी 68ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का दूसरा केस : 33.61 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 24 जनवरी 2018 को लालू दोषी करार। इसी दिन उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई। 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 4. आरसी 38ए/96, दुमका ट्रेजरी केस : 3.31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 19 मार्च 2018 को लालू प्रसाद को दोषी पाया गया। 24 मार्च 2018 को लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेगी। यानी कुल 14 साल की सजा हुई। साथ में 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 5. आरसी 47ए/96, डोरंडा ट्रेजरी केस : 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 15 फरवरी 2022 को लालू प्रसाद दोषी करार। सजा के बिन्दु पर सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
टीम एबीएन, रांची। डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद दोषी को चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में ट्रायल का सामना कर रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव दोषी करार दिए गए हैं। उन्हें 21 फरवरी की सुनाई जाएगी। आरके राणा, जगदीश शर्मा, ध्रुव भागत को भी सीबीआइ कोर्ट ने दोषी पाया है। वहीं इस मामले में 24 अभियुक्त बरी कर दिए गए हैं। इनमें राजेन्द्र पांडे, साकेत, दिनांनाथ सहाय, रामसेवक साहू, अईनुल हक, सनाउल हक, मो एकराम, मो हुसैन, शैरो निशा, कलसमनी कश्यप, बलदेव साहू, रंजीत सिन्हा, अनिल कुमार सिन्हा (सप्लायर), निर्मला प्रसाद, कुमारी अनिता प्रसाद, रामावतार शर्मा, श्रीमती चंचला सिंह, रमाशंकर सिन्हा, बसन्त, सुलिन श्रीवास्तव, हरीश खन्ना, मधु, डॉ कामेस्वर प्रसाद शामिल हैं। उधर, सीबीआइ कोर्ट परिसर से यह महत्वपूर्ण खबर आ रही है कि चारा घोटाला मामले के कई अभियुक्त अभी तक अदालत नहीं पहुंच पाए हैं। अदालत ने इसे गंभीरता से लिया है और कहा है कि किसी भी सूरत में आरोपितों को शाम तक कोर्ट आना ही होगा। देखना यह होगा कि यह आरोपित किस तरीके से शाम तक कोर्ट में लाए जा रहे हैं या पहुंच पा रहे हैं। रांची के मोराबादी स्थित गेस्ट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार लालू प्रसाद यादव सीबीआइ कोर्ट में हाजिर होने पहुंच चुके हैं। उधर, सीबीआई कोर्ट मैं आज की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मालूम हो कि चारा घोटाला कि इस मामले में सीबीआई ने अभियुक्तों की जो सूची कोर्ट में सुपुर्द की है उसमें लालू प्रसाद यादव का नाम दूसरे नंबर पर दर्ज है। उधर, गेस्ट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार, लालू यादव ने मोरहाबादी स्टेट गेस्ट हाउस में पहले पूजा-पाठ किया। पूजा के बाद दही खाकर जतरा बनाया। इसके बाद अदालत के लिए रवाना हुए। बताते चलें कि स्टेट गेस्ट हाउस से महज एक किलोमीटर की दूरी पर सीबीआइ अदालत है।
टीम एबीएन, रांची। बहुचर्चित चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले में कोर्ट ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को करार किया है। फैसला आने के कुछ ही घंटे में यह डिसीजन कोर्ट ने सुनाया है। आज सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनायी। सुबह दस बजे से कोर्ट में अभियुक्तों की पेशी शुरू हो गयी थी। दोपहर तक सभी अभियुक्तों को फैसला सुना दिया जाएगा। 11.50 बजे लालू यादव दोषी करार। 10.30 बजे चारा घोटाला मामले में न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में सीबीआई कोर्ट में फैसले पर सुनवाई शुरू। सभी अभियुक्तों की हो रही है हाजिरी। 11.16 बजे लालू यादव पहुंचे कोर्ट। 10:58 बजे सीबीआई की विशेष कोर्ट के जज एसके शशि 11:30 बजे कोर्ट रूम में पहुंचेंगे। 10:58 बजे स्टेट गेस्ट हाउस कोर्ट कैंपस के लिए रवाना हुए लालू यादव। 10:18 बजे आरोपी आर के राणा पहुंचे सीबीआई कोर्ट। 10:16 बजे लालू के वकील प्रभात कुमार पहुंचे कोर्ट। चारा घोटाला के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में आज आना है फैसला। राजद सुप्रीमो लालू यादव ठीक 11:00 बजे स्टेट गेस्ट हाउस से व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में हाजिर होने के लिए निकलेंगे। लालू यादव के साथ राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, श्याम रजक, जयप्रकाश यादव और भोला यादव भी कोर्ट पहुंचेंगे। मीसा भारती के कोर्ट परिसर जाने को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.