एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने वीरवार को एक अहम फैसले की सुनवाई के दौरान कहा कि बिना वसीयत के मृत हिंदू पुरुष की बेटियां पिता की स्व-अर्जित और अन्य संपत्ति पाने की हकदार होंगी और उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों की अपेक्षा वरीयता होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला मद्रास उच्च न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर आया है जो हिंदू उत्तराधिकार कानून के तहत हिंदू महिलाओं और विधवाओं को संपत्ति अधिकारों से संबंधित था। न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने कहा कि वसीयत के बिना मृत किसी हिंदू पुरुष की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति चाहे वह स्व-अर्जित संपत्ति हो या पारिवारिक संपत्ति के विभाजन में मिली हो, उसका उत्तराधिकारियों के बीच वितरण होगा। पीठ ने इसके साथ ही कहा कि ऐसे पुरुष हिंदू की बेटी अपने अन्य संबंधियों (जैसे मृत पिता के भाइयों के बेटे/बेटियों) के साथ वरीयता में संपत्ति की उत्तराधिकारी होने की हकदार होगी। पीठ किसी अन्य कानूनी उत्तराधिकारी की अनुपस्थिति में बेटी को अपने पिता की स्व-अर्जित संपत्ति को लेने के अधिकार से संबंधित कानूनी मुद्दे पर गौर कर रही थी। न्यायमूर्ति मुरारी ने पीठ के लिए 51 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए इस सवाल पर भी गौर किया कि क्या ऐसी संपत्ति पिता की मृत्यु के बाद बेटी को मिलेगी जिनकी वसीयत तैयार किए बिना मृत्यु हो गयी और उनका कोई अन्य कानूनी उत्तराधिकारी नहीं हो।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय संचार सुरक्षा नीति के दिशा-निर्देशों और अधिकारियों द्वारा सरकार के निर्देशों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन करने और कई सूचनाओं के लीक होने के बाद खुफिया एजेंसियों ने संचार को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देश में सभी सरकारी अधिकारियों को गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम जैसे एप्स का इस्तेमाल करने से मना किया गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक खुफिया एजेंसियों के निर्देश में कहा गया है कि व्हाट्सएप-टेलीग्राम जैसे एप्स पर गोपनीय जानकारी शेयर करना खतरे से खाली नहीं है, क्योंकि निजी कंपनियां डाटा को अपने सर्वर पर स्टोर करती हैं जो कि देश के बाहर स्थित हैं। इन डाटा का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। वीडियो कांफ्रेंसिंग पर मीटिंग करने और घर से काम करने वाले अधिकारियों के लिए भी निर्देश दिए हैं। सभी मंत्रालयों को इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया है। एजेंसियों ने कहा है कि मीटिंग में किसी भी तरह की स्मार्ट डिवाइस जैसे- एपल सिरी, अमेजन एलेक्सा, गूगल असिस्टेंट आदि का इस्तेमाल ना हो। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई अधिकारी अपने फोन में जरूरी दस्तावेज को स्कैन करके रखते हैं और फिर उसे तमाम तरह के एप्स के जरिए दूसरों के साथ साझा करते है जो कि सुरक्षित नहीं है। सभी मंत्रालयों को भेजे गए नए निर्देश में कहा गया है कि मीटिंग के दौरान अधिकारी अपने स्मार्टफोन और स्मार्टवॉच को कमरे के बाहर रखें। इसके अलावा कार्यालयों में अमेजॉन इको, एपल होमपॉड, गूगल होम जैसे स्मार्ट डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भी मनाही की गई है। घर के नेटवर्क के जरिए किसी जरूरी दस्तावेज को भेजने से भी मना किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक नए निर्देश में किसी भी जगह वर्चुअल मीटिंग करने से मना किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए थर्ड पार्टी एप के बजाय सभी अधिकारियों और मंत्रालयों को भारत सरकार के वर्चुअल सेटअप का इस्तेमाल करना चाहिए जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक), नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने तैयार किए हैं।।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि 18 साल के कम आयु के मरीजों के लिए एंटीवायरल और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज़ की जरूरत नहीं है। केंद्र ने कहा कि कोविड संक्रमण की गंभीरता के बावजूद, और यदि स्टेरॉयड का उपयोग किया जाता है, तो उन्हें 10 से 14 दिनों में कम किया जाना चाहिए। ‘बच्चों और 18 साल से कम आयु के किशोरों में कोविड-19 के प्रबंधन के लिए संशोधित व्यापक दिशानिर्देश’ में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि पांच साल और उससे कम उम्र के बच्चों के लिए मास्क लगाने का सुझाव नहीं दिया जाता। गाइडलाइंस में कहा गया कि 6-11 साल के बच्चे अपनी क्षमता के आधार पर अपनी सुरक्षा और अभिभावकों की उचित देखरेख में सही तरह से मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। गाइडलाइंस में यह भी कहा गया कि 12 साल से कम और उससे ज्यादा के बच्चों को बड़ों की तरह की मास्क पहनने के नियमों का पालन करना चाहिए। ओमिक्रॉन के चलते आई कोविड मामलों की नई लहर के मद्देनजर केंद्र के एक्सपर्ट्स ने इन दिशानिर्देशों में संशोधन किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्रेन में रिजर्वेशन टिकट पाने के लिए आपको काफी पहले टिकट बनवानी पड़ती है, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि ऐन मौके पर किसी कारणवश आपको यात्रा रद्द करनी पड़ती है। ऐसे में लोग टिकट कैंसिल करवा लेते हैं, लेकिन अगर आपकी जगह किसी और व्यक्ति को यात्रा करनी है तो उसके लिए अलग टिकट बनवानी पड़ती है। लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? ऐसा मुमकिन है, क्योंकि आपकी टिकट पर आपकी जगह दूसरा व्यक्ति सफर कर सकता है। इसका मतलब ये कि आपके टिकट के पैसे बर्बाद नहीं होंगे, क्योंकि आप अपनी टिकट अपने परिवार के किसी सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, ये सुविधा रेलवे ने काफी समय से दी हुई है, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके बारे में जानकारी है। आइए जानते हैं कैसे आप इस खास सुविधा का लाभ उठा सकते हैं? • आपको जानकारी होनी चाहिए कि रेलवे द्वारा ये सुविधा दी जाती है कि कोई भी यात्री अपनी कन्फर्म टिकट अपने परिजन जैसे- पिता, माता, भाई, बहन, बेटी, बेटा, पति या पत्नी के नाम पर आसानी से ट्रांसफर कर सकता है। ऐसा करने के लिए यात्री को ट्रेन खुलने के 24 घंटे पहले एक रिक्वेस्ट देनी पड़ती है, जिसके बाद टिकट पर यात्री का नाम काटकर दूसरे सदस्य का नाम डाल दिया जाता है। • वहीं ध्यान में रखने वाली बात ये है कि भारतीय रेलवे टिकटों के ट्रांसफर की सुविधा केवल एक बार ही देती है। • इसका मतलब ये कि अगर आपने टिकट एक बार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर कर दिया, तो इसके बाद आप इसे बदल कर किसी दूसरे के नाम पर ट्रांसफर नहीं कर सकते। ट्रेन टिकट ट्रांसफर करने का तरीका : इसके लिए आप सबसे पहले टिकट का प्रिंट आउट निकालें। उसके बाद अपने निकटतम रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर, जिसके नाम पर टिकट ट्रांसफर करना है उसका आईडी प्रूफ जैसे आधार या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर, काउंटर पर टिकट ट्रांसफर के लिए आवेदन करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्ज के भारी बोझ तले दबे कारोबारी विजय माल्या के लंदन स्थित आलीशान घर पर बैंक अब किसी भी समय उसे बेदखल कर कब्जा ले सकता है। भारत में करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए माल्या करीब पांच साल से ब्रिटेन में रह रहा है। माल्या (65) को इस आलीशान घर से बेदखल करने के आदेश पर रोक लगाने की अर्जी ब्रिटिश अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी थी। स्विस बैंक यूबीएस के साथ लंबे समय से जारी कानूनी विवाद में माल्या के इस घर को खाली कराने का आदेश दिया गया था। माल्या ने इस आदेश के अनुपालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया था लेकिन लंदन हाई कोर्ट के चांसरी डिविजन के न्यायाधीश मैथ्यू मार्श ने अपने फैसले में कहा कि माल्या परिवार को बकाया राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने का कोई आधार नहीं है। इसका मतलब है कि माल्या को इस संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है। कर्ज के भारी बोझ तले दबे कारोबारी विजय माल्या के लंदन स्थित आलीशान घर पर बैंक अब किसी भी समय उसे बेदखल कर कब्जा ले सकता है। भारत में करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए माल्या करीब पांच साल से ब्रिटेन में रह रहा है। माल्या (65) को इस आलीशान घर से बेदखल करने के आदेश पर रोक लगाने की अर्जी ब्रिटिश अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी थी। स्विस बैंक यूबीएस के साथ लंबे समय से जारी कानूनी विवाद में माल्या के इस घर को खाली कराने का आदेश दिया गया था। माल्या ने इस आदेश के अनुपालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया था लेकिन लंदन हाई कोर्ट के चांसरी डिविजन के न्यायाधीश मैथ्यू मार्श ने अपने फैसले में कहा कि माल्या परिवार को बकाया राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देने का कोई आधार नहीं है। इसका मतलब है कि माल्या को इस संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गणतंत्र दिवस के मद्देनजर, ऐतिहासिक लाल किला 22 से 26 जनवरी तक सुरक्षा कारणों से बंद रहेगा। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को ट्विटर पर यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा, गणतंत्र दिवस के मद्देनजर, लाल किला सुरक्षा कारणों से 22 जनवरी 2022 से 26 जनवरी 2022 तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा। पुलिस ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है और जवान हमेशा मुस्तैद रहते हैं तथा आतंकवाद रोधी उपाय करते हैं, खासकर राष्ट्रीय महत्व के किसी भी कार्यक्रम से पहले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हाल में पंजाब में हुई चूक का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बल ज्यादा मुस्तैद है ताकि राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह की कोई घटना नहीं हो। गणतंत्र दिवस अब हर साल 24 के बजाय 23 जनवरी से मनाया जाएगा। इसमें स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शामिल किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के मद्देनजर लागू किये गये रात्रि कर्फ्यू और रविवार के लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों से पिछले सप्ताह 3.45 करोड़ वसूले गये। पुलिस महानिदेशक के कार्यालय की तरफ से आज यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि सात जनवरी से शनिवार तक लगाए गए लॉकडाउन में नियमों का उल्लंघन करने वालों से जुर्माने के तौर पर 3.45 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। विज्ञप्ति में कहा गया कि इस दौरान कुल 254 मामले दर्ज किये गये हैं और 96 लोग गिरफ्तार किये गये हैं। फेस मास्क नहीं पहनने पर कुल 1,64,329 लोगों पर जुर्माना लगाया गया, 1,910 पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया और 1,552 लोगों पर किसी वैध कारण के बिना सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होने के लिए जुर्माना लगाया गया। इनमें से चेन्नई के 43,417 लोगों से 86 लाख रुपये की वसूली की गई, जबकि नॉर्थ जोन में मास्क नहीं पहनने और लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर 40,148 लोगों से 83 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के निदेशक (विपणन) को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम (पीएसयू) महारत्न कंपनी के उत्पाद बेचने वाले डीलरों को छूट प्रदान करने की नीति के संभावित लाभार्थियों से कथित तौर पर 50 लाख रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने निदेशक ई एस रंगनाथन, बिचौलियों और व्यापारियों की संलिप्तता वाले कथित रिश्वत घोटाले का खुलासा किया और शनिवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने रंगनाथन के कार्यालय और आवास सहित आठ स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई के प्रवक्ता आर सी जोशी ने कहा, उक्त आरोपी (रंगनाथन) के परिसरों से छापेमारी के दौरान करीब 1.29 करोड़ नकद और सोने के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि यह आरोप है कि रंगनाथन महारत्न पीएसयू द्वारा विपणन किए गए पेट्रो रसायन उत्पादों को खरीदने वाली निजी कंपनियों को छूट के संभावित लाभार्थियों से रिश्वत ले रहे थे।
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