टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2 अक्टूबर को झारखंड का दौरा करेंगे और 83,300 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी झारखंड के हजारीबाग में दोपहर बाद लगभग 2 बजे देश भर में जनजातीय समुदायों के व्यापक और समग्र विकास को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 79,150 करोड़ रुपये से अधिक के कुल परिव्यय के साथ धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू करेंगे।
यह अभियान लगभग 63 हजार गांवों को कवर करेगा, जिससे 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 549 जिलों और 2740 ब्लॉकों में पांच करोड़ से अधिक आदिवासी लोगों को लाभ होगा। इसका लक्ष्य केंद्र सरकार के विभिन्न 17 मंत्रालयों और विभाग द्वारा कार्यान्वित 25 हस्तक्षेपों के माध्यम से सामाजिक बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका में महत्वपूर्ण अंतराल की संतृप्ति प्राप्त करना है।
मोदी जनजातीय समुदायों के लिए शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) का उद्घाटन करेंगे और 2800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 ईएमआरएस की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत 1360 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें 1380 किलोमीटर से अधिक सड़क, 120 आंगनबाड़ी, 250 बहुउद्देश्यीय केंद्र और 10 स्कूल छात्रावास शामिल हैं।
प्रधानमंत्री इसके अलावा पीएम जनमन के तहत ऐतिहासिक उपलब्धियों की एक श्रृंखला का भी अनावरण करेंगे, जिसमें लगभग तीन हजार गांवों में 75 हजार 800 से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के घरों का विद्युतीकरण, 275 मोबाइल चिकित्सा इकाइयों का संचालन, 500 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन, स्थापना तथा 250 वन धन विकास केंद्रों और 5550 से अधिक पीवीटीजी गांवों को नल से जल से संतृप्त करना शामिल है।
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी महीने में दूसरी बार झारखंड आ रहे हैं। इससे पहले 15 सितंबर को पीएम मोदी झारखंड आये थे। पीएम ने इस दौरान देश को 6 वंदे भारत एक्सप्रेस समेत अरबों की सौगात दी थी।
टीम एबीएन, रांची। ग्रामीण एसपी सुमित अग्रवाल ने रविवार को एसएसपी सभागार में क्राइम मीटिंग और दुर्गा पूजा को लेकर सभी डीएसपी, थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी के साथ बैठक की।
बैठक में दुर्गा पूजा को देख शांति समिति की बैठक करने, पंडाल में सीसीटीवी कैमरा लगवाने, पुरुष-महिला वाेलिेंटियर प्रतिनियुक्ति करने, पंडाल से 50 मीटर तक ठेला और खोमचा नहीं लगाने (खास कर गैस का प्रयोग करने वाले), रावण दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखने, विसर्जन रूट पूर्व से निर्धारित करने, विसर्जन के दौरान गोताखोर का प्रतिनियुक्ति करने, तालाब में बैरिकेडिंग करने सहित अन्य निर्देश दिये।
बैठक में विगत माह में दिये गये निर्देशों की समीक्षा बारी- बारी सभी थाना प्रभारी से की। अपराध नियंत्रण के साथ छिनतई, रेप, पोक्सो, चोरी, लूट एवं यूडी मामलों की समीक्षा करते हुए उसके निष्पादन शीघ्र करने को कहा गया।
इसके अलावा लंबित वारंट का समय पर निष्पादन करते हुए न्यायालय को सूचित करने, लंबित पासपोर्ट का सत्यापन करने, सीसीटीएनएस में आइएफ- दो व पांच को अपडेट करने, पिछले वर्ष जेल से छूटे अपराधकर्मियों का सत्यापन करने, संपत्तिमूलक कांडों के उद्भेदन करने, जुआ- शराब के अड्डेबाजी पर छापेमारी करने का निर्देश दिया गया। अंत में एसपी ने बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियो एवं कर्मियों को पुरस्कृत भी किया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम के बिजली दर बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव पर आज 30 सितंबर को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग फैसला सुना सकताी है। आयोग के सचिव से मिली जानकारी के मुताबिक नियामक आयोग जेबीवीएनएल के प्रस्ताव पर सुनवाई के पश्चात एक साथ वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 का नया बिजली दर शाम 4 बजे घोषित करेगा।
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को जेबीवीएनएल के द्वारा भेजे गये 2024-25 के लिए बिजली के दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। यदि इसे मान लिया जाता है तो वर्तमान 6.65 रुपये की जगह राज्य में 9.50 रुपये प्रति यूनिट देने होंगे। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी घरेलू उपभोक्ताओं को 6.30 रुपये के स्थान पर 8.25 रुपये प्रति यूनिट बिजली का भुगतान करना होगा।
इसके अलावा जेबीवीएनएल ने फिर से लोड आधारित फिक्स्ड चार्ज करने का प्रस्ताव नियामक आयोग को दिया है। इसके तहत यदि किसी उपभोक्ता के घर में 4 किलोवाट का लोड है तो वर्तमान में उसे 100 रुपये देने होते हैं। यदि टैरिफ प्रस्ताव की मंजूरी मिल जाती है तो 100 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर उसे 400 रुपये प्रति माह अतिरिक्त फिक्स चार्ज के रूप में देना पड़ेगा।
गौरतलब है कि हर साल 30 नवंबर से पहले जेबीवीएनएल आगामी वित्तीय वर्ष को लेकर नये टैरिफ प्लान का प्रस्ताव नियामक आयोग के समक्ष रखता है, जिसकी सुनवाई के बाद इस पर निर्णय लिए जाते हैं। अब देखना होगा कि नियामक आयोग एक साथ दो वित्तीय वर्ष के प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती है।
टीम एबीएन, रांची। चुनाव आयोग की टीम महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारियों का जायजा लेने बृहस्पतिवार को देर शाम मुंबई पहुंची। महाराष्ट्र के दौरे पर पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू के साथ लगभग 12 अधिकारियों का दल है।
आयोग अगले दो दिन तक राज्य में चुनावी तैयारी की समीक्षा करेगा। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है। इस बीच आयोग ने शुक्रवार को आगामी महाराष्ट्र चुनावों के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से उनके सुझाव मांगे।
भाजपा ने कार्यदिवस पर मतदान का सुझाव दिया, जबकि कांग्रेस ने हाउसिंग सोसाइटियों में मतदान केंद्रों के होने पर आपत्ति जतायी। यह प्रत्येक पार्टी के साथ आमने-सामने की बैठक थी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुनाफ हकीम और गजानन देसाई ने किया। भाजपा का प्रतिनिधित्व मिहिर कोटेचा और आशीष शेलार ने किया।
आयोग ने लोकसभा चुनाव के दौरान मुंबई शहर में मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को हुई असुविधा पर असंतोष व्यक्त किया और शीर्ष अधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा। राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर बेंच, पंखे, पेयजल और शेड सहित सभी सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
आयोग ने कहा कि मतदान के दिन मतदाताओं को असुविधा की किसी भी शिकायत पर वह सख्ती से कार्रवाई करेगा। इस बीच चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस प्रमुख से आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अधिकारियों के तबादले के अपने आदेशों को पूरी तरह लागू न करने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
चुनाव आयोग ने कड़े शब्दों में लिखे पत्र में कहा कि 31 जुलाई को जारी निर्देश के बावजूद कि तीन साल से अधिक समय से अपने गृह जिलों या वर्तमान पद पर कार्यरत अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाए, राज्य प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है। चुनाव आयोग (ईसी) के आदेश के अनुसार, अनुपालन रिपोर्ट 31 अगस्त तक देनी थी।
आयोग अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में कभी भी चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है। संभावना जतायी जा रही है कि दोनों राज्यों में नवंबर में एक साथ विधानसभा के चुनाव कराये जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में पिछली बार अक्तूबर में ही विधानसभा के चुनाव हुए थे।
टीम एबीएन, रांची। आज का दिन आपके और आपके परिवार के लिए जितना खुशी और उत्साह का है, उतना ही हमारे लिए भी है। आप सभी सरकार के अभिन्न अंग के रूप में जुड़ रहे हैं। इसे सिर्फ एक नौकरी ना समझे बल्कि आपको सामाजिक दायित्व निभाने का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप अपनी क्षमता और दक्षता का इस्तेमाल राज्य के विकास के पहिए को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज शौर्य सभागार, जैप -1, डोरंडा, रांची में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में नव चयनित 527 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जब अलग राज्य बना तो कैडर विभाजन का मामला सामने आया। कई विभागों में वर्षों तक अधिकारियों और कर्मियों का कैडर विभाजन नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में वर्षों तक टेंपरेरी व्यवस्था के तहत काम किसी तरह चलता रहा। कुछ पदों पर नियुक्तियां हुई तो उसे लेकर भी काफी उलझने आयीं। ऐसे में नियुक्तियों के नहीं होने का खामियाजा इस राज्य और यहां के नौजवानों को भुगतना पड़ा। हमारी सरकार जब बनी तो शुरुआती 2 वर्षों तक कोरोना की वजह से सारी व्यवस्थाएं अव्यवस्थित हो गयी थी।
इससे निजात पाने के बाद जब हमने विभागों की समीक्षा बैठक शुरू की तो पता चला कि बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों में पद रिक्त हैं। जब इसकी जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि विभिन्न विभागों के विभिन्न संवर्गों के लिए अबतक नियुक्ति नियमावली ही नहीं बनी है। ऐसे में हमारी सरकार ने तेज गति से सभी विभागों के सभी संवर्गों के लिए नियुक्ति नियमावली का गठन बहलियों का सिलसिला शुरू किया। अबतक विभिन्न विभागों में रिक्त हजारों पदों पर नियुक्तियां हो चुकी है और कई पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शिक्षक समेत विभिन्न विभागों में अलग-अलग पदों पर कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला है। आपके जुड़ने से हमारी शक्ति में और इजाफा हुआ है। इससे निश्चित तौर पर सरकार के कार्यों में गति आयेगी। मेरा मानना है कि व्यवस्था किसी एक व्यक्ति से नहीं चलती है।
जब तक सभी विभाग के सहकर्मी मिलजुलकर विकास का पहिया नहीं खींचेंगे, राज्य को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को एक साथ मिलकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चाहे अधिकारी हो या आदेशपाल, सभी को सरकार एक नजरिए से देखती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अब तक कई नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सम्मिलित होने का मौका मिल चुका है। इस दौरान हजारों युवाओं को अब तक नियुक्ति पत्र प्रदान कर चुके हैं। मैं आपको बताना चाहूंगा कि कई नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में अभ्यर्थियों के एक हाथ में जहां नियुक्ति पत्र था, वहीं दूसरे हाथ में पदस्थापन पत्र। इसमें सबसे बड़ी बात यह है उनका पदस्थापन लॉटरी के माध्यम से किया गया और सभी अभ्यर्थियों ने खुद अपने पदस्थापन की पर्ची निकाली। इस तरह नियुक्तियों के साथ-साथ पोस्टिंग में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद जेपीएससी की परीक्षा बिना किसी विवाद के रिकॉर्ड समय मे पूरी हुई। आज बीडीओ, सीओ, डीएसपी और अन्य अधिकारी राज्य को अपनी सेवा दे रहे हैं। इससे पहले जेपीएससी की एक परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने कई वर्ष लग जाते थे और हर परीक्षा को लेकर विवाद बना रहता था। लेकिन हमारी सरकार ने जिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की, उसमें बड़ी संख्या में गरीब युवाओं ने अपनी मेहनत की बल पर कामयाबी हासिल की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ गैर सरकारी क्षेत्र में भी हजारों युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है। आज देश और विदेश के कई बड़ी कंपनियों में ये नौजवान कार्य कर रहे हैं। वहां वे अपने हुनर और कार्य की बदौलत अपनी एक अलग पहचान बनायी है। हमारी सरकार इन कंपनियों में कार्य कर रहे नौजवानों का पूरा ट्रैक रिकॉर्ड रख रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे राज्य भर का भ्रमण लगाकर करते आ रहे हैं। इस दौरान कई जगहों पर देखने को मिला कि सीमित संसाधनों के बीच भी कई शिक्षक और अन्य कर्मी काफी बेहतर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत करने की परंपरा शुरू होनी चाहिए, ताकि उनका उत्साह और मनोबल और ऊंचा हो। इसके लिए विभिन्न विभागों को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के बाद पहली बार झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा ली जा रही है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान कुछ नौजवानों की हुई मौत काफी दु:खद और चिंतनीय है। इसके वजहों को जानना बेहद जरूरी है। हमारी सरकार नौजवानों की मौत मामले में पूरे तह तक जाने का प्रयास कर रही है। इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी मदद के लिए पत्र भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर झारखंड कर्मचारी आयोग की विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षा में सफल और अनुशंसित 527 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इनमें 120 पीजीटी और टीजीटी शिक्षक, 200 सहायक शिक्षक एवं 56 प्रयोगशाला सहायक के अलावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में 47, पथ निर्माण विभाग में 25, जल संसाधन विभाग में 49, नगर विकास एवं आवास विभाग में 28, वित्त, वाणिज्य कर एवं खाद्य आपूर्ति विभाग में एक-एक और रिम्स में तीन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिला।
इस समारोह में मंत्री रामेश्वर उरांव, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बैद्यनाथ राम, मंत्री बन्ना गुप्ता, मंत्री हफीजुल हसन, राज्य सभा सांसद महुआ माजी, विकास आयुक्त अविनाश कुमार, प्रधान सचिव मस्त राम मीणा, प्रधान सचिव सुनील कुमार, प्रभारी सचिव उमा शंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक आदित्य रंजन और माध्यमिक शिक्षा निदेशक उत्कर्ष गुप्ता उपस्थित रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने देश में बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। गुरुवार को श्रम और रोजगार मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है और वेरिएबल डीयरनेस अलाउंस (वीडीए) को संशोधित किया है। इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत का सामना करने में मदद मिलेगी।
संशोधित मजदूरी दरों का फायदा उन मजदूरों को मिलेगा जो निर्माण, लोडिंग-अनलोडिंग, चौकीदारी, सफाई, हाउसकीपिंग, खनन और कृषि जैसे कार्यों में लगे हुए हैं, और जो केंद्र सरकार के दायरे में आते हैं। इस फैसले से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी, जिससे महंगाई की चुनौतियों से निपटने में उन्हें राहत मिलेगी।
नयी मजदूरी दरें 1 अक्टूबर 2024 से लागू होंगी। इससे पहले अप्रैल 2024 में मजदूरी दरों में आखिरी बार बदलाव किया गया था। मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी उनके कौशल स्तर और भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर तय की गई है। कौशल स्तर के हिसाब से मजदूरों को अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल श्रेणियों में बांटा गया है, जबकि भौगोलिक क्षेत्रों को अ, इ और उ श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
संशोधन के बाद, क्षेत्र अ में अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रतिदिन (20,358 रुपये प्रति माह) होगी। अर्ध-कुशल मजदूरों के लिए यह दर 868 रुपये प्रतिदिन (22,568 रुपये प्रति माह), कुशल मजदूरों के लिए 954 रुपये प्रतिदिन (24,804 रुपये प्रति माह) और अत्यधिक कुशल मजदूरों तथा हथियारबंद चौकीदारों के लिए 1,035 रुपये प्रतिदिन (26,910 रुपये प्रति माह) निर्धारित की गयी है।
केंद्र सरकार हर साल 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को वीडीए में संशोधन करती है, जो औद्योगिक मजदूरों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में छह महीने की औसत वृद्धि के आधार पर होता है। विस्तृत जानकारी श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस फैसले से मजदूरों की खरीद शक्ति में इजाफा होगा और महंगाई के दबाव से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने साधना जयपुरियार, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-26/20) को झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-9(2)(ख) के तहत दिनांक 30.05.2024 से अगले आदेश तक निलंबित किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 से पहले झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य के 01 लाख 76 हजार 977 किसानों को एक बड़ी राहत देने जा रही है।
झारखंड कृषि ऋण माफी योजना के अंतर्गत 400.66 करोड़ की राशि की ऋण अदायगी की जायेगी। अन्नदाताओं के कर्ज को चुकाने की चिंता से मुक्ति दिलाने वाली इस योजना का आज यानी गुरुवार 26 सितंबर को धुर्वा के प्रभात तारा मैदान में कृषि एवं पशुपालन विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित होने वाला है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, कृषि मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, श्रम नियोजन एवं उद्योग मंत्री सत्यानंद भोक्ता और खिजरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप शामिल होंगे।
इसके अलावा कृषि विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख पी, कृषि निदेशक ताराचंद सहित अन्नदाता की भी इस कार्यक्रम में उपस्थिति रहेगी। कृषि निदेशालय में उपनिदेशक, सामान्य प्रशासन मुकेश कुमार सिन्हा ने झारखंड कृषि ऋण माफी योजना कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर 2020 को शुरू की गई यह एक प्रमुख योजना है, जो प्रति मानक फसल ऋणधारक को 50,000 रुपये तक की ऋण माफी सुनिश्चित करती है। झारखंड सरकार ने राज्य के अल्पावधि कृषि ऋण धारक किसानों को कर्ज के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई।
कृषि उपनिदेशक ने बताया कि किसानों के कर्ज माफी की इस योजना का मुख्य उद्देश्य फसल ऋण धारकों की ऋण पात्रता में सुधार करना और नए फसल ऋण की प्राप्ति सुनिश्चित कराना है।
इस योजना का उद्देश्य कृषक समुदाय के प्रवास को रोकना और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। उन्होंने बताया कि कृषि ऋण माफी योजना का लक्ष्य राज्य के 09 लाख से अधिक अन्नदाता किसानों के चहरे पर लिए गए कर्ज को चुकाने की चिंता से मुक्ति दिलाना है।
31 मार्च 2020 तक के मानक फसल ऋणधारक किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना को वेब पोर्टल पर संपर्क रहित और कागज रहित आवेदन प्राप्त करने के माध्यम से ऑनलाइन लागू किया गया है।
आवेदकों को ई-केवाईसी के लिए नजदीकी सीएससी पर जाकर आवेदन करना होगा। 50 हजार रुपये तक के बकाया फसल ऋण का पुनर्भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जाता है इस योजना को लेकर मिली किसी भी शिकायत का निवारण ऑनलाइन किया जाता है।
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