टीम एबीएन, रांची। अलका तिवारी झारखंड की नयी चीफ सेक्रेटरी बनायी गयी हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने इसकी पुष्टि की है। अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस हैं। उनके रिटायरमेंट की तिथि 30 सितंबर 2025 है।
यहां बता दें कि 31 अक्टूबर को एल खियांग्ते रिटायर हो गये। राज्य सरकार ने एल खियांग्ते के तीन महीने के एक्सटेंशन के लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन इस पर कोई आदेश नहीं आया। बताते चलें कि 1988 बैच के आईएएस एल खियांग्ते लगभग 11 महीने चीफ सेक्रटरी के पद पर रहे।
टीम एबीएन, रांची। ईडी की टीम आज यानी मंगलवार की सुबह रांची के कई स्थान पर पहुंची और छापेमारी कर रही है। ईडी ने झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी विनय चौबे, आबकारी विभाग के अधिकारी गजेंद्र सिंह और झारखंड शराब टेंडर से जुड़ी कई कंपनियों के मालिकों के ठिकानों पर दबिश डाली है। मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई शराब घोटाले के मामले में की जा रही है। दरअसल, झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ की शराब नीति को ही तीन साल पहले लागू किया था।
छत्तीसगढ़ के अधिकारियों अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी और उनके सिंडिकेट ने शराब घोटाला करके छत्तीसगढ़ सरकार को अरबों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया था जिसकी जांच ED कर रही है। आरोप है कि इसी सिंडिकेट ने झारखंड के अधिकारियों के साथ मिलकर झारखंड की आबकारी नीति में परिवर्तन किया।
इसके बाद राज्य में देशी और विदेशी शराब का टेंडर भी सिंडिकेट के लोगों को दिलवाया और झारखंड में बिना हिसाब की डूप्लीकेट होलोग्राम लगी देशी शराब की बिक्री की गयी। इससे करोड़ों रुपयों की अवैध कमाई की गयी। जिससे सरकार का राजस्व प्रभावित हुआ। बता दें कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में IAS विनय चौबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है।
एफआईआर के आधार पर ईडी छापेमारी कर रही है। गौरतलब हो कि विकास चौबे राज्य में 2022 की आबकारी नीति के कार्यान्वयन के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रधान सचिव थे। वहीं, इस शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की टीम ने छत्तीसगढ़ में भी छापा मारा था और वहां के अधिकारियों से भी पूछताछ की थी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर, (पलामू)। निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त विशेष सामान्य प्रेक्षक योगेंद्र त्रिपाठी एवं विशेष पुलिस प्रेक्षक मनमोहन सिंह आज पलामू पहुंचे। दोनों विशेष प्रेक्षकों ने प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर में पलामू प्रमंडल के तीनों जिले पलामू, लातेहार एवं गढ़वा के सभी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विधानसभा चुनाव के तैयारियों की समीक्षा की। तीनों जिले के सभी 9 विधानसभा क्षेत्र की समीक्षा के दौरान प्रेक्षकों ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पक्षपात रहित मतदान करने का निर्देश दिया।
विशेष सामान्य प्रेक्षक योगेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव को लेकर मतदान पूर्व पूरी तैयारी कर लें और कमियों को तत्काल दूर करते हुए अलर्ट मोड में रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पक्षपात रहित मतदान आवश्यक है। चुनाव आयोग के निदेशों का पालन करते सभी बिंदुओं पर बारीकी से अनुपालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने मतदान केंद्रों पर दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं के लिए आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं के साथ-साथ मतदान केंद्र तक उन्हें लाने के लिए परिवहन सुविधा की पूर्व मैपिंग करने का निर्देश दिया।
साथ ही मतदान कर्मियों को विभिन्न परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ मतदान केंद्र के सभी स्थान एवं निर्धारित समय तक पहुंचाना सुनिश्चित कराने से मतदान प्रतिशत की कमियों को दूर किया जा सकेगा। उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखते हुए अफवाहों पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण में किसी तरह की कोई समस्या नहीं आने दें।
विशेष पुलिस प्रेक्षक मनमोहन सिंह ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान त्योहार का भी माहौल है। ऐसे में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी निगरानी रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने से स्वतंत्र, निष्पक्ष, भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने में सहूलियत होगी।
प्रेषकों ने मतदान के समय एवं मतदान केंद्रों के बदलाव को लेकर मतदाताओं को विशेष रूप से जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होंने अंतराज्यीय एवं अंतर्जिला चेक पोस्ट की निगरानी बढ़ाते हुए जब्ती संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं सोशल मीडिया पर प्रसारित एवं प्रकाशित हो रहे न्यूज, आपत्तिजनक खबरें, फेक न्यूज पर प्रभावी कार्रवाई करने, व्हाट्सएप ग्रुप की पोस्ट को नियमित निगरानी रखते हुए आपत्तिजनक या दूसरों को आघात पहुंचाने वाले पोस्ट पर कार्रवाई करने, क्रिटिकल एवं वल्नरेबल मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। प्रेक्षकदव्य ने अन्य कई बिंदुओं की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये।
बैठक के प्रारंभ में पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त बाल किशन मुंडा ने प्रेक्षकों का स्वागत करते हुए विषय प्रवेश कराया। साथ ही पलामू प्रमंडल के विधानसभा क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों पर की गयी तैयारियों की जानकारी दी। वहीं पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक ने भी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संबंध में प्रेक्षकों को अवगत कराया। पलामू, गढ़वा एवं लातेहार जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिले के विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा चुनाव की अबतक की तैयारियों का डेटाबेस प्रस्तुत करते हुए तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में विशेष सामान्य प्रेक्षक योगेंद्र त्रिपाठी, विशेष पुलिस प्रेक्षक मनमोहन सिंह के अलावा तीनों जिले में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस प्रेक्षक, व्यय प्रेक्षक, सामान्य प्रेक्षक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखंड के अवर निर्वाचन पदाधिकारी (मुख्यालय) सुनील कुमार सिंह, पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त बाल किशुन मुंडा, पुलिस महानिरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक वाईएस रमेश, पलामू के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन, गढ़वा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त शेखर जमुआर, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय, लातेहार के जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, मेदिनीनगर नगर निगम के आयुक्त जावेद हुसैन, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर रांची जिला निर्वाचन पदाधिकारी विवेक कुमार सुमन के सहयोग से सहायक उपसमाहर्ता आदित्य पांडेय के दिशा-निर्देश में समाजसेवी डॉ दीपक गुप्ता मतदान जागरूकता अभियान लगातार आयोजित कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम जिम्नास्टिक खिलाड़ियों के बीच आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ दीपक गुप्ता ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए एक प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने कहा, चुनाव वह अवसर है, जब एक-एक वोट की कीमत लोकतंत्र के भविष्य को तय करती है। हम सबके पास यह शक्ति है कि हम अपने समाज, अपने प्रदेश और अपने देश को एक नयी दिशा दें। पिछले चुनाव में कुछ बूथों पर कम मतदान देखा गया था।
इस बार, आइये यह प्रण लें कि हम खुद भी वोट डालेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करेंगे। हर वोट की गूंज विधानसभा तक जायेगी, इसलिए आपका हर एक वोट अनमोल है। डॉ गुप्ता ने आगे कहा कि आप सभी खिलाड़ी हैं और एक अनुशासित जीवन के प्रतीक हैं। आपके प्रयासों से न सिर्फ आप, बल्कि आपके आसपास का समाज भी प्रेरणा लेगा।
13 नवंबर को अपने मतदान केंद्र पर जाकर लोकतंत्र को मजबूत करने का यह सुनहरा अवसर न छोड़ें। देश आपसे उम्मीद करता है, और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में इस बार अपने बूथ पर सबसे पहले पहुंचें। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने लोकतंत्र को सशक्त बनायें।
कार्यक्रम में खिलाड़ियों को मतदान के महत्व को समझाते हुए शपथ दिलायी गयी। साथ ही, सभी से यह अपील की गई कि वे अपने परिवार, मित्रों और आस-पास के पांच-पांच लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करें और एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभायें।
टीम एबीएन, रांची। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ नेहा अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा किसी की भावना को आहत करने वाले बयान से बचना चाहिए। ऐसा बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होगी। नेहा अरोड़ा ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है।
चुनाव आयोग के इन दिशा-निर्देशों को दोबारा राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देश में मुख्य रूप से कहा गया कि मतदाताओं की जातिगत/सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मतदाताओं को गुमराह करने के उदेश्य से राजनैतिक दल और कार्यकर्ता बगैर तथ्यात्मक आधार के कोई गलत बयानबाजी नहीं करेंगे।
बगैर प्रमाणित आरोप के तोड़-मरोड़ कर अन्य दलों अथवा दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं की आलोचना नहीं करनी है। नेताओं अथवा कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के किसी पहलू, जो सार्वजनिक गतिविधियों से संबंधित नहीं हों, की आलोचना नहीं की जायेगी। नेहा अरोड़ा ने कहा कि अपने विरोधी को अपमानित करने के लिए व्यक्तिगत आक्षेप के निम्नतम स्तर का प्रयोग नहीं किया जायेगा।
चुनाव प्रचार के लिए पूजा स्थलों का उपयोग नहीं किया जायेगा। खासकर धार्मिक उपहास और निंदा के संदर्भ नहीं दिये जा सकते। नेहा अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को किसी भी ऐसे कृत्य/कार्य/बयान से परहेज करना है, जिन्हें महिलाओं के सम्मान और प्रतिष्ठा के प्रतिकूल माना जा सकता है। मीडिया में असत्यापित एवं भ्रामक विज्ञापन नहीं दिये जायेंगे। समाचार सामग्री के रूप में छदम् तरीके से विज्ञापन नहीं दिये जायेंगे।
सोशल मीडिया में विरोधियों को अपमानित या तिरस्कार करने वाले, गरिमा से नीचे के पोस्टों को डालना/साझा करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के 43 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 805 नामांकन दर्ज किये गये हैं। उनमें सर्वाधिक 32-32 नामांकन पूर्वी और पश्चिमी जमशेदपुर में हुए हैं।
वहीं सबसे कम नामांकन सिमरिया और खूंटी में 11-11 दर्ज किये गये हैं। वहीं आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ अब तक 19 प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक राज्य में 57.66 करोड़ की अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती की गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान मतदान केंद्र के बारे में यदि आपको जानकारी नहीं है, तो चिंता की जरुरत नहीं है। चुनाव आयोग आपके घर के दरवजे तक मतदाता सूचना पर्ची पहुंचायेगा। 26 अक्टूबर से स्थानीय बीएलओ के माध्यम से यह वोटर स्लिप 5 नवंबर तक पहले चरण के मतदान के लिए वितरित की जायेगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत और मतदान की गति बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए मतदानकर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूचना पर्ची हर मतदाता तक पहुंचाने का कार्य 5 नवंबर तक चलेगा।
इस दौरान अपने ठिकाने पर अनुपस्थित मतदाता, जिनका निधन हो चुका हो या जो किसी दूसरे स्थान पर चले गये हो, उनकी मतदाता सूचना पर्ची 5 नवंबर के बाद निर्वाचन पदाधिकारी के पास जमा करानी होती है। उस सूचना पर्ची का गलत उपयोग रोकने के लिए उसकी गिनती कर सीलबंद कर दी जाती है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूचना पर्ची में अंकित पार्ट नंबर और सीरियल नंबर को नोट कर ही मतदान करने जाएं। इस बार मतदाता सूचना पर्ची पर अंकित पार्ट नंबर और सीरियल नंबर को घेरे के भीतर दर्शाया जायेगा। सीरियल नंबर से मतदाताओं का नाम खोजने में समय जाया नहीं होगा।
वहीं पार्ट नंबर से सही कतार में खड़ा होने की सहूलियत होगी। क्योंकि नाम से मतदाता की जानकारी खोजने में काफी समय बर्बाद होता है और उसका असर मतदान की गति पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा ऐसा करने से एक मतदाता महज डेढ़ मिनट के भीतर मतदान की पूरी प्रक्रिया पूरी कर लेगा। इससे मतदान समय काफी कम हो जायेगा और मतदाता अनावश्यक परेशानी से भी बच सकेंगे।
टीम एबीएन, रांची। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कैप्टन कूल कहे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी चुनाव आयोग के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं। उनके लाखों प्रशंसक झारखंड सहित देश भर में है। ऐसे में चुनाव आयोग ने माही के क्रेज को देखते हुए उनकी फोटो और वीडियो के इस्तेमाल के लिए पत्र लिखा था।
धोनी से सहमति मिलने के बाद चुनाव आयोग ने झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान माही की तस्वीर लगी पोस्टर को मतदान केंद्र से लेकर विभिन्न चौक चौराहा और प्रमुख स्थानों पर लगाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा माही सोशल मीडिया और टीवी के माध्यम से विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपील करते हुए नजर आयेंगे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भारतीय जनता पार्टी पर झामुमो के कुछ नेताओं को खरीदने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा खेमा पिछले 5 वर्षों में उन्हें डराने और उनकी सरकार गिराने में विफल रहा।
सोरेन ने यह भी कहा कि इस बार झारखंड विधानसभा चुनाव दो ताकतों के बीच होगा। उन्होंने कहा कि इसमें एक ताकत पूंजीपतियों का प्रतिनिधित्व करती है और दूसरी आदिवासियों, दलितों, गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए खड़ी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार दीपक बिरुआ के समर्थन में चाईबासा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भाजपा पर पिछले पांच वर्षों से उनकी सरकार को गिराने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
सोरेन ने कहा, वे भाजपा पिछले पांच साल से हमारी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे जेल भेजा, लेकिन सरकार गिराने में नाकाम रहे। मुझे डराने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने हमारे कुछ नेताओं को खरीद लिया। सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके समुदाय के कुछ नेता पैसे लेकर भाजपा के एजेंट बन गए हैं। हालांकि, सोरेन ने किसी झामुमो नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की ओर था, जो हाल में भाजपा में शामिल हो गए थे।
हेमंत सोरेन ने दावा किया कि भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और पूरा भाजपा खेमा एक आदिवासी मुख्यमंत्री को सत्ता से हटाने के लिए उनके पीछे पड़ा है। उन्होंने कहा, भाजपा का राज्य के आदिवासियों और मूल निवासियों से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी नजर राज्य के खनिज संसाधनों पर है। सोरेन ने कहा कि देश भर के भाजपा नेता झारखंड में डेरा डाले हुए हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse