टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शुक्रवार को उत्तराखंड से युवा संगम कार्यक्रम के तहत झारखंड की यात्रा पर आए युवाओं के साथ राज भवन में संवाद करते हुए कहा कि भारत पूरे विश्व में विविधता में एकता का अद्वितीय और उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
राज्यपाल ने एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल को प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के माध्यम से एकता और सछ्वाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी संस्कृति, आर्थिक समृद्धि और नवाचारों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है।
राज्यपाल ने झारखंड और उत्तराखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों का गठन वर्ष 2000 में हुआ था और लोकसभा सदस्य के रूप में इनके गठन के पक्ष में उन्होंने अपना मत दिया था। उत्तराखंड, जिसे देवभूमि कहा जाता है, अपने पवित्र तीर्थस्थलों और हिमालय की छटा के लिए प्रसिद्ध है।
वहीं, झारखंड अपनी खनिज संपदा, सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। पर्यटन के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं, विश्वप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा वैद्यनाथ समेत कई मंदिर आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रशासन ने अपने दुग्ध उत्पाद ब्रांड मेधा को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर के सरकारी दफ्तरों के बाहर बूथ स्थापित करने का निर्णय लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। राज्य के स्वामित्व वाली डेयरी ब्रांड मेधा झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) का एक हिस्सा है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से जेएमएफ राज्य में डेयरी विकास कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि वह सरकार से बूथ स्थापित करने के लिए स्थान उपलब्ध कराने का आग्रह करेंगी। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के बाहर मेधा डेयरी के लिए अस्थायी बूथ भी स्थापित किये जायेंगे।
तिर्की ने बृहस्पतिवार शाम रांची के हेसाग स्थित पशुपालन निदेशालय में जेएमएफ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में मेधा डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि विभाग का मानना है कि स्कूली बच्चे ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए एक सशक्त माध्यम हो सकते हैं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के बाहर दुग्ध ब्रांड के अस्थायी बूथ छात्रों को अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की एक किस्म प्रदान करेंगे। मंत्री ने रांची के मांडर, चान्हो और बेड़ो में मेधा डेयरी बूथ खोलने का भी निर्देश दिया। बयान में कहा गया है कि विभाग ने डेयरी संयंत्र स्थापित करने के लिए जमशेदपुर के बजाय सरायकेला-खरसावां जिले में स्थल का चयन करने का भी निर्णय लिया है।
तिर्की ने ग्रामीण समुदायों को जोड़ने, रोजगार के अवसर पैदा करने तथा विभाग को अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करने के लिए महासंघ के साथ-साथ एक डेयरी सहकारी समिति की स्थापना का भी सुझाव दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का दूसरा केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2025 को पेश किया जायेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में सुबह 11 बजे से वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करना शुरू करेंगी।
सत्ता में आने के बाद से ही पीएम मोदी की सरकार किसानों की आय बढ़ाने में जुटी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि बीते सालों की तरह इस साल भी किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किये जा सकते हैं। सरकार का पूरा फोकस किसानों की आय बढ़ाने पर है। आइये जानते हैं कि इस बजट में किसानों के लिए कौन-कौन सी बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए किसान के्रडिट कार्ड (केसीसी) की लिमिट में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती हैं। सरकार, केसीसी के मौजूदा 3 लाख रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर सकती है। इससे किसानों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। केसीसी की लिमिट बढ़ाए जाने से किसान अपनी कमाई बढ़ाने के लिए ज्यादा निवेश कर सकेंगे।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार एग्री इनपुट्स पर वसूले जाने वाले जीएसटी में कटौती कर सकती है। अलग-अलग फसलों की खेती में इस्तेमाल होने वाले बीज और खाद पर अलग-अलग दरों से जीएसटी वसूला जाता है। किसानों की कमाई बढ़ाने की कोशिशों के तहत सरकार इन पर वसूले जाने वाले जीएसटी घटा सकती है।
सरकार ने पिछले बजट में खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं के लिए 65,529 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। हालांकि इस बजट में सरकार कृषि योजनाओं के लिए किये जाने वाले आवंटन में 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती है।
टीम एबीएन, रांची। जैन श्वेतांबर साधुमार्गी संघ के आचार्य 1008 श्री रामलाल जी महाराज के 50वें दीक्षा अंगीकार दिवस को स्वर्ण महोत्सव (महत्तम शिखर महोत्सव) के रूप में इस बार मनाया जा रहा है।
आगामी स्वर्ण महोत्सव के उपलक्ष्य में झारखंड के राज्यपाल महोदय संतोष गंगवार को नोखा, बीकानेर राजस्थान आने का निमंत्रण आज श्रीसाधुमार्गी संघ रांची ने दिया। साथ ही राज्यपाल को आगामी स्वर्ण महोत्सव के लिए शुभ संदेश प्रदान करने हेतु निवेदित किया।
श्री साधुमार्गी जैन संघ रांची के अध्यक्ष अशोक सुराणा, समता युवा संघ रांची के अध्यक्ष राकेश बच्छावत, उत्तम कोठारी, संयम जैन, डॉ ज्ञानेंद्र कुमार आदि ने राज्यपाल से मुलाकात कर निवेदन किया है।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 13 जनवरी 2025 को सिविल सर्जन कार्यालय रांची के सभागार में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेल्थ प्रोफेशनल प्रशिक्षण का आयोजन डॉ प्रभात कुमार सिविल सर्जन रांची की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में रांची जिला अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर में पदस्थापित कम्युनिटी हेल्थ आफीसर को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि भारत तंबाकू आधारित उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और उत्पादक है। तंबाकू का सेवन, बहुत सारे रोगों जैसे- कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और हृदय रोगों सहित स्वास्थ्यगत बीमारियों के मुख्य कारकों में से एक है।भारत में तंबाकू का उपयोग विभिन्न रूपों में होता है।
इसके अलावा, देश में तंबाकू का सेवन सिगरेट, बीड़ी और सिगार तथा अधिकत्तर धूम्रमुक्त रूप में किया जाता है। भारत न केवल सबसे बड़े तंबाकू उत्पादक देशों में से एक है बल्कि विश्व में तंबाकू के सेवन से होने वाली मौतों के 1/6वें हिस्से का जिम्मेदार भी है। ॠअर के सर्वे के मुताबिक किशोरों में तंबाकू के सेवन का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है हमें इसे रोकने की आवश्यकता है। हेल्थ प्रोफेशनल होने के नाते हम सभी का यह दायित्व है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरुक कर सके और आम जनों को नशे की लत से निजात दिलाने में सहायक सिद्ध हो।
तभी हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना कर सकते हैं। जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, रांची डॉक्टर सीमा गुप्ता ने कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुए कोटपा एक्ट अधिनियम 2003 के बारे में विस्तृत जानकारी दी उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 2002 में बनाया गया था संसद द्वारा 2003 में पारित कर अधिनियम बना। भारत सरकार ने तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2007 में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) का शुभारंभ किया।इसका उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण कानून और तंबाकू के उपयोग द्वारा होने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता प्रसारित करना भी है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक, रांची प्रवीण कुमार सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से समय-समय पर पोस्टर, बैनर अखबार, पत्रिका आदि के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभाव संबंधित प्रचार प्रसार किया जाता है जिससे कि जनमानस को इसका लाभ मिल सके ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके। सदर अस्पताल रांची एवं रिम्स डेंटल कॉलेज में तंबाकू सीजन सेंटर स्थापित की गयी है जहां पर तंबाकू एवं तंबाकू संबंध पदार्थ के लत से निजात दिलाया जाता है, साथ ही इस लत को छुड़ाने के लिए मुफ्त में गम एवं पैचेस डॉक्टर की सलाह पर मरीज को दी जाती है। जिसका प्रभाव यह देखा गया है कि लोग तंबाकू का सेवन करना धीरे -धीरे छोड़ रहे है। यह इस कार्यक्रम की सफलता मानी जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ आसिफ कुमार मांझी, मेडिकल आफिसर डॉ ए आर मुस्ताफी, जिला परामर्शीय सुशांत कुमार ,जिला लेखा प्रबंधक तारा पद कोयरी, जिला डाटा प्रबंधक संजय तिवारी, फाइनेंशियल एंड लॉजिस्टिक कंसलटेंट एनसीडी श्री सरोज कुमार चौधरी, सोशल वर्कर सतीश कुमार एवं रांची कैंसर केयर हॉस्पिटल टाटा ट्रस्ट की ओर से कोआर्डिनेटर नीरज कौशिक मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हेमंत सोरेन सरकार 5 लाख स्टूडेंट्स को साइकिल देने जा रही है। आठवीं कक्षा के 5 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल मिलेगी। अप्रैल 2025 में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने के बाद मई में साइकिल का वितरण शुरू कर दिया जायेगा। इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गयी है। मार्च 2025 में 7वीं की परीक्षा हो जायेगी।
इसी महीने रिजल्ट भी जारी कर दिए जायेंगे। रिजल्ट आने के बाद एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी। 1 अप्रैल 2025 से कक्षाएं शुरू हो जायेंगी। सरकार मई 2025 में साइकिल का वितरण शुरू कर देना चाहती है। साइकिल वितरण समय पर हो जाये, इसके लिए फरवरी-मार्च में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। अगर एक बार फिर टेंडर नहीं हो पाता है, तो स्टूडेंट्स के बैंक अकाउंट में पैसे भेज दिये जायेंगे।
अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) स्टूडेंट्स को कल्याण विभाग की ओर से साइकिल खरीदने के लिए 4,500 रुपये मिलेंगे। वहीं, सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग की ओर साइकिल खरीदने के लिए 3500 रुपए दिये जायेंगे। पिछले 3 साल से यही व्यवस्था चल रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा/ रांची। कल दिनांक 13 जनवरी 2025 को जमशेदपुर में दक्षिण पूर्व रेलवे रांची एवं चक्रधरपुर डिवीजनल रेलवे कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। इस बैठक में लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद सुखदेव भगत के साथ-साथ दक्षिण पूर्व रेलवे के जनरल मैनेजर, रांची चक्रधरपुर डिविजनल के मैनेजर के साथ-साथ अनेक सांसद भी शामिल होंगे।
सांसद सुखदेव भगत बैठक में रांची लोहरदगा टोरी तक दोहरी लाइन बिछाने, रांची से लोहरदगा गुमला होते हुए कोरबा तक नई रेल लगाने, लोहरदगा होकर अनेक ट्रेन चलाने सहित दर्जनों समस्याओं को बैठक में रखकर उसका निदान करने का प्रयास करेंगे।
टीम एबीएन, देवघर/ रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बाबा बैद्यनाथ की पावन भूमि पर 22वें देवघर पुस्तक मेला का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक मेले को ज्ञान, संस्कृति और साहित्य के प्रसार का एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया।
राज्यपाल ने कहा कि देवघर की यह भूमि न केवल बाबा बैद्यनाथ धाम जैसे आध्यात्मिक केंद्र के लिए विख्यात है, बल्कि यहां महान संत ठाकुर अनुकूल चंद्र जी ने समाज को अपने विचारों और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से प्रेरित किया। यह पावन भूमि सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक धरोहर का एक प्रेरणास्रोत है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी देवघर का योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा है।
असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान यहां की जनता और क्रांतिकारियों की भूमिका अतुलनीय रही है। इस भूमि ने हमेशा समाज को प्रेरणा और ऊर्जा दी है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि आधुनिक महिला इतिहासकार इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास कर रही हैं और महिलाओं की भूमिका को नए द्दष्टिकोण के साथ प्रस्तुत कर रही हैं।
यह न केवल इतिहास लेखन को समृद्ध करता है, बल्कि समाज के समग्र विकास में सहायक भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने महिलाओं को न केवल अधिकार और अवसर प्रदान किये हैं, बल्कि समाज में उनकी एक नयी पहचान भी स्थापित की है।
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं केवल इतिहास का हिस्सा न बनें, बल्कि इतिहास के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभायें। राज्यपाल ने रांची विश्वविद्यालय, रांची द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में झारखंड की नायिकाएं विषय पर आयोजित संगोष्ठी की सराहना की और इसे झारखंड तथा भारत की ऐतिहासिक परंपराओं को उजागर करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
इस अधिवेशन में देशभर के प्रख्यात इतिहासकारों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। मौके पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा, महिला इतिहासकार परिषद की अध्यक्ष प्रो (डॉ) सुस्मिता पाण्डेय, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ बालमुकुंद पांडेय और रांची विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सुजाता सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
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