टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार की प्रस्तावित कैबिनेट बैठक समाप्त हो गई है। कैबिनेट की बैठक में कुल 40 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है।
मनकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना में संशोधन करते हुए तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को लाभ मिलेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस कंपनी उपभोक्ताओं के सिलिंडर की बुकिंग रजिस्टर्ड कॉल के माध्यम से करती हैं लेकिन, होली के बाद एक तरफ बुकिंग की अवधि बढ़ा दी गयी है तो दूसरी ओर गैस किल्लत के बीच तीन दिन से सर्वर फेल है।
बुकिंग नहीं होने के कारण उपभोक्ता खाली सिलिंडर लेकर एजेंसी से गोदाम तक दौड़ रहे हैं। उन्हें गैस नहीं मिल रही हैं। बुधवार को हजारों उपभोक्ता बुकिंग नहीं होने पर एजेंसी और गोदाम पर सिलिंडर के लिए भटकते नजर आये। ऐसे में अब समय निर्धारित किए जाने से परेशानी और बढ़ सकती है।
गैस सिलिंडर की बुकिंग करानी है तो सुबह पांच बजे जागें, क्योंकि सुबह 5 से 7 और रात में 8 से 12 बजे तक ही फोन से बुकिंग होगी। सुबह 7 से रात 8 बजे तक करीब 13 घंटे बुकिंग बंद रहेगी। बुकिंग भी सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं की होगी, जिन्हें पिछले सिलिंडर की डिलीवरी लिए 25 दिन से अधिक हो चुके हैं। गैस संकट के बीच ऐसे नोटिस एजेंसियों पर चस्पा कर दिये गये हैं।
शहर में 50 हजार से अधिक एलपीजी गैस सिलिंडर उपभोक्ता परेशान हैं। घर में गैस नहीं होने से चाय, नाश्ता से लेकर सुबह और रात का खाना बनाने के लिए परेशान हैं। जिले में 13 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। इनमें करीब एक लाख उपभोक्ताओं की बुकिंग अधर में फंस गयी है। वहीं, एक लाख से अधिक उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने केवाईसी नहीं करायी है, वो भी परेशान हैं।
आईओसी जिला नोडल अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि जिले में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। गोदाम भरे हुए हैं। लोग अनावश्यक बुकिंग करा रहे हैं। इसके कारण सर्वर प्रभावित हो रहा है। इससे सिलिंडर आपूर्ति में भी दिक्कत आ रही है। अनावश्यक बुकिंग से बचें।
आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने कहा कि सर्वर की दिक्कत से बुकिंग नंबर और कंप्यूटर कार्य नहीं कर रहे हैं। बुकिंग के बाद 24 घंटे में सिलिंडर की आपूर्ति कर रहे हैं। बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिलता है, ये नहीं होने पर सिलिंडर आपूर्ति नहीं कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नव प्रोन्नत झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी नव प्रोन्नत आईएएस अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों से कहा कि अब तक के सेवा काल मे आप सभी जिस तरह राज्य के विकास में अहम योगदान देते आ रहे हैं और आगे भी इसी तरह हर व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं का समाधान पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाएंगे। आप सभी के सहयोग से ही राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले नव प्रोन्नत आईएएस अधिकारियों में दिलेश्वर महतो, इश्तियाक अहमद, विद्यानंद शर्मा पंकज, संगीता लाल, रोबिन टोप्पो, अनिलसन लकड़ा, अरुण कुमार सिंह, नागेंद्र पासवान, आसिफ इकराम, नीरज कुमार सिंह, जुल्फिकार अली, अर्चना मेहता एवं आलोक शिकारी कच्छप शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों के चयन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि एक ही घर में रहने वाले सभी मतदाताओं का मतदान केंद्र एक ही स्थान पर निर्धारित हो।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि आगामी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान सभी मतदान केंद्रों के बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर अंकित स्टीकर मतदाताओं के घरों पर लगाया जायेगा। इससे मतदाताओं को अपने बीएलओ से संपर्क करने में सुविधा होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घरों पर लगाये जाने वाले स्टीकर पर संबंधित मकान का हाउस नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा। जिन मकानों का हाउस नंबर नहीं है, उन्हें नोशनल नंबर देकर चिन्हित किया जाए ताकि पुनरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं, इसे लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाये। उन्होंने कहा कि गहन पुनरीक्षण के बाद तैयार होने वाली मतदाता सूची स्थायी दस्तावेज के रूप में रखी जाती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
रवि कुमार ने यह भी कहा कि राज्य में निर्वाचन से जुड़े किसी भी पद को रिक्त नहीं रहने दिया जाये। साथ ही विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए नियुक्त बीएलओ का प्रशिक्षण समय पर पूरा किया जाये। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बीएलओ ऐप के माध्यम से मतदाताओं की फोटो लेने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाये।
बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित आनलाइन माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और उप निर्वाचन पदाधिकारी मौजूद रहें।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रामनवमी जुलूस में चलंत डीजे बजाने पर लगाये गये प्रतिबंध को लेकर सियासत गरमा गयी है। इस मुद्दे पर भाजपा के विधायकों ने विधानसभा के बाहर और अंदर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि यह फैसला सरकार का नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन है।
भाजपा विधायक रोशनलाल ने सरकार पर हिंदू त्योहारों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रामनवमी करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा पर्व है। ऐसे में जुलूस में डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाना हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस फैसले को तुरंत वापस ले।
भाजपा विधायकों का कहना है कि जब भी हिंदू त्योहार आते हैं, तब सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करने लगती है। उनके अनुसार खासकर हजारीबाग की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है, जहां कई दिनों तक जुलूस, अखाड़े और धार्मिक आयोजन होते हैं।
विपक्ष का विरोध केवल विधानसभा परिसर तक सीमित नहीं रहा। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक अंदर भी नारेबाजी करते नजर आये। इस दौरान भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि अगर रामनवमी में डीजे नहीं बजेगा तो क्या हिंदुओं को धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिंदू त्योहारों के दौरान ही पाबंदियां लगाती है और हजारीबाग में प्रशासन लोगों को धमकाता है।
वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार केवल न्यायालय के निदेर्शों का पालन कर रही है। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि अदालत के निर्देश के अनुसार रात 10 बजे के बाद तेज ध्वनि वाले डीजे और लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है, इसलिए प्रशासन उसी नियम का पालन करा रहा है।
इस मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी सदन में स्पष्ट किया कि यह किसी धर्म विशेष का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज ध्वनि वाले म्यूजिक सिस्टम पर प्रतिबंध है और सरकार उसी नियम का पालन कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा उठाकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। रामनवमी जैसे आस्था के पर्व पर डीजे प्रतिबंध को लेकर झारखंड में विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है। सड़क से लेकर सदन तक गूंज रहे नारों के बीच यह मुद्दा फिलहाल शांत होता नजर नहीं आ रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और देश के कई हिस्सों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है।
सरकार के मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए देश में एलपीजी का उत्पादन करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि गैस की उपलब्धता बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि देश में हर दिन लगभग 60 लाख एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई की जाती है और फिलहाल वितरण व्यवस्था पहले की तरह ही चल रही है।
यदि कहीं कमी की स्थिति बनती है तो उसे इंडस्ट्री के लिए निर्धारित गैस को अस्थायी रूप से डायवर्ट करके पूरा किया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा कि वितरकों के पास गैस का जो स्टॉक आमतौर पर ढाई दिन में पहुंचता है, वह व्यवस्था अभी भी पहले की तरह ही बनी हुई है।
जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का समय 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि गैस की उपलब्धता संतुलित बनी रहे।
आयात को लेकर भी सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। अधिकारियों के अनुसार भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य समुद्री मार्गों से एलपीजी और गैस का आयात बढ़ा दिया है। पहले इन वैकल्पिक मार्गों से लगभग 55 प्रतिशत आयात होता था, जिसे अब बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार ने हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर भी सफाई दी है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोतरी मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की लागत की रिकवरी से जुड़ी है।
हालांकि, देश के कुछ शहरों से कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आयी हैं। होटल और रेस्टोरेंट संगठनों का कहना है कि कई जगहों पर गैस सिलेंडरों की डिलीवरी में देरी हो रही है। दिल्ली में रेस्टोरेंट और होटल एसोसिएशनों के अनुसार कई प्रतिष्ठानों के पास सीमित स्टॉक बचा है और कुछ जगहों पर सिर्फ एक से दो दिन का ही गैस भंडार रह गया है।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की सप्लाई को लेकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम भी उठाये जायेंगे, ताकि आम उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों को महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने उपस्थित सभी महिला सदस्यों को सम्मानित किया और राज्य के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है।
इस दौरान विधानसभा की महिला सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं और राज्य में महिलाओं के उत्थान, सुरक्षा तथा सशक्तिकरण से संबंधित विषयों पर अपने सुझाव साझा किये।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के आईपीएच सभागार में सोमवार को द ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 एवं फार्मा सही दाम ऐप विषय पर एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
झारखंड स्टेट फार्मास्युटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी, भारत सरकार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह थे।
मुख्य अतिथि अजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की गरीब और ग्रामीण जनता को दवाइयों के सही मूल्य के प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि फार्मेसी के छात्र-छात्राओं और केमिस्ट-ड्रगिस्ट संगठनों का सहयोग लिया जाए, तो इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर एनपीपीए के डायरेक्टर श्री कुमार अमन भारती ने दवाओं के मूल्य निर्धारण की जटिल प्रक्रिया को स्पष्ट किया और कहा कि कोई भी दवा कंपनी सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर दवा नहीं बेच सकती। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों से ओवरचार्ज की गयी राशि वसूली जायेगी।
निदेशक (औषधि) ऋतु सहाय ने झारखंड स्टेट फार्मास्युटिकल प्राइस मॉनिटरिंग एंड रिसोर्स यूनिट के कार्यों और राज्य में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जेपीएमआरयू के अंतर्गत कई आईईसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं ताकि लोगों में बृहद जागरूकता पैदा हो सके। इसके साथ मार्केट सर्वे में लगभग 600 दवाइयां, जिसमें ओवर प्राइसेज का केस था, उस संबंध में एमपीपीए को रिपोर्ट किया जा चुका है ताकि अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने फार्मा सही दाम मोबाइल ऐप की उपयोगिता बताई और उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस ऐप को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करें ताकि दवाओं की सही कीमत की जांच तुरंत की जा सके। इस जागरूकता कार्यक्रम में एनपीपीए के डायरेक्टर कुमार अमन भारती, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, डायरेक्टर-इन-चीफ डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप-निदेशक डॉ. सुजीत कुमार, कुमार रजनीश सिंह, सहायक निदेशक राम कुमार झा और प्रोजेक्ट कोआॅर्डिनेटर गुलाम रब्बानी ने भी अपने विचार साझा किये। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आये केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य, फार्मेसी कॉलेजों के विद्यार्थी और औषधि नियंत्रण निदेशालय के अधिकारी भारी संख्या में उपस्थित थे।
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