रांची। झामुमो विधायक विकास मुंडा ने नक्सली सरेंडर पॉलिसी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने पर संगठन की जानकारी देने का प्रावधान है। वैसे नक्सली को सरेंडर पॉलिसी का लाभ मिलना चाहिए जो संगठन में सक्रिय हों। फिर भी नकुल यादव और कुंदन पाहन को कैसे पॉलिसी का लाभ मिला। विकास मुंडा ने कहा कि इनामी नक्सलियों को 1 करोड़ तक कि राशि दी जाती है। लेकिन नक्सली हमले में जान गंवाने वाले आम लोग को सिर्फ एक लाख मिलता है। उन्हें 50 लाख मिलना चाहिये। इस पर सीएम हेमंत सोरेन ने जवाब दिया। इसके पहले शुक्रवार को सदन में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने घोषणा की कि अगले साल तक हर जिले में नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज शुरू हो जायेंगे। श्री गुप्ता सदन में प्रदीप यादव के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि गोड्डा में आगामी अक्टूबर माह में नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज का शिलान्यास कर लिया जायेगा। इसके अलावा लोहरदगा, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, बोकारो, खूंटी व रामगढ़ आदि जिलों में जल्द ही नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज खोलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा विधायक अनंत ओझा के सवाल पर कहा कि अब दिव्यांग बोर्ड की बैठक भी नियमित होगी। दरअसल, कोरोना संकट के कारण बोर्ड की बैठक पिछले कुछ माह से नहीं हो रही थी। भाजपा विधायक श्री ओझा ने प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि साहिबगंज में दिव्यांग बोर्ड की पिछली बैठक 22 मार्च 2020 को हुई थी। एक साल से बैठक लंबित है। इसके कारण दिव्यांग जनों को पेंशन आदि की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मंत्री श्री गुप्ता ने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। लंबित बैठक का ठोस कारण नहीं मिलने पर संबंधित पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी। दरअसल, शुक्रवार को प्रथम पाली में शुक्रवार के कारण साढ़े 12 बजे तक ही सदन की कार्यवाही हुई। कोरोना काल में केंद्र से मिली मदद ऊंट के मुंह में जीरा : भाजपा विधायक राज सिन्हा के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में केंद्र सरकार से मिली मदद उंट के मुंह में जीरा जैसी है। श्री सिन्हा ने कहा था कि कोरोना संकट के दौर में हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मदद मिली, बावजूद इसके राज्य सरकार सिर्फ अपना क्रेडिट लेती है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कोरोना संकट से उबरने के लिए पीएम केयर्स फंड से वेंटिलेटरए थर्मल स्कैनर, कीट, फेस मास्क और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई गई या इसके लिए आर्थिक सहयोग केंद्र से दिया गया। इसी पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र ने उंट के मुंह में जीरा जैसी मदद की है। बीएसएल में 1500 विस्थापितों को नियोजित किया जायेगा। भाजपा विधायक विरंची नारायण के अल्प सूचित प्रश्न के जवाब में मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि बोकारो इस्पात संयंत्र में 1500 विस्थापितों को प्रशिक्षण दिलाकर नियोजित किया जायेगा। विधायक बंधु तिर्की ने प्रश्नकाल के दौरान सदन में उठा आइएएस सुनील बर्णवाल की पत्नी रिचा संचिता की योग्यता का मामला उठाया। श्री तिर्की ने पूर्व मुख्य सचिव अरूण सिंह को अर्हता नहीं रखने के बावजूद केस दिये जाने का मामला उठाया। पूर्व की रघुवर सरकार में सीएम के प्रधान सचिव रहे सुनील बर्णवाल की पत्नी रिचा संचिता की योग्यता का मामला सदन में उठा। विधायक श्री तिर्की ने सरकार से पूछा कि क्या यह बात सही है कि कोर्ट में लगभग 150 गवर्नमेंट आटोनोमस बॉडी है। उसमें से 80 निकायों का जिम्मा दो वकीलों को ही है। एक वकील का नाम अशोक कुमार सिंह जो भूत पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं और दूसरे वकील का नाम रिचा संचिता है, जो आईएस सुनील कुमार बर्णवाल की पत्नी हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने जवाब में कहा कि विधि विभाग द्वारा सभी विभागों और अधिवक्ता से संबंधित मामले में वस्तुस्थिति उपलब्ध करने का अनुरोध किया गया है और विभागों से प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित बोर्ड-निगम और प्राधिकार से संबंधित मामलों के लिए झारखंड हाई कोर्ट में अशोक कुमार सिंह और रिचा संचिता की बतौर अधिवक्ता सेवा ली जा रही है। बंधु तिर्की ने सरकार से पूछा कि सरकारी वकील बनाने में कौन सा नियम और गाइडलाइन फॉलो किया जाता है। कोर्ट में सरकार की तरफ से यह भी बताया गया कि अनुसूचित जनजाति के कितने वकील सरकार के पैनल में आते हैं। अशोक कुमार सिंह 16 विभागों का काम देख रहे ह। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि अशोक कुमार सिंह 16 विभागों का काम बतौर वकील देख रहे हैं। जबकि रिचा संचिता सिर्फ दो विभागों का काम देख रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और विधि सम्मत फैसला लिया जायेगा। सदन के बाहर भूख हड़ताल पर आजसू विधायक लंबोदर महतो बैठे।
रांची। राजधानी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख रांची डीसी और एसएसपी सख्त हो गये हैं। 18 मार्च यानी आज से मास्क चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। 17 मार्च को इससे संबंधित अधिसूचना भी विभाग ने जारी कर दी थी। सचिव केके सोन ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर मास्क चेकिंग अभियान चलाने की बात कही थी। आदेश पूरी तरह से लागू कराने के लिए रांची डीसी छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा आज (गुरुवार को) खुद सड़कों पर निकल पड़े। लोगों से हाथ जोड़कर मास्क पहनने की अपील की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिग और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। इस अभियान की शुरुआत के दौरान एसएसपी एसके झा, नोडल पदाधिकारी संजय कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी राकेश रंजन उरांव, मेरी मड़की, जी ई एल चर्च कॉम्प्लेक्स व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रोशन लाल भाटिया समेत अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रांची। राजधानी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देख रांची डीसी और एसएसपी सख्त हो गये हैं। 18 मार्च यानी आज से मास्क चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। 17 मार्च को इससे संबंधित अधिसूचना भी विभाग ने जारी कर दी थी। सचिव केके सोन ने राज्य के सभी उपायुक्तों को पत्र लिखकर मास्क चेकिंग अभियान चलाने की बात कही थी। आदेश पूरी तरह से लागू कराने के लिए रांची डीसी छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा आज (गुरुवार को) खुद सड़कों पर निकल पड़े। लोगों से हाथ जोड़कर मास्क पहनने की अपील की। साथ ही सोशल डिस्टेंसिग और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया। इस अभियान की शुरुआत के दौरान एसएसपी एसके झा, नोडल पदाधिकारी संजय कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी राकेश रंजन उरांव, मेरी मड़की, जी ई एल चर्च कॉम्प्लेक्स व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रोशन लाल भाटिया समेत अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रांची: राज्य के मेडल विजेता कुल 36 खिलाड़ियों को राज्य सरकार ने बुधवार को सीधे नियुक्ति पत्र सौंपा है. प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 27 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपा है. अचानक सूचना दिए जाने के कारण बाकी खिलाड़ी नहीं पहुंच पाए थे. इन सभी खिलाड़ियों को गृह विभाग में कॉन्स्टेबल के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा गया है. 36 खिलाड़ियों में से 27 को बुधवार को नियुक्ति पत्र सौंपा गया. वहीं 9 को उनके अनुपस्थिति के कारण नियुक्ति पत्र उनके घर पर भेज दिया जाएगा. प्रतिभावान खिलाड़ियों को मिलेगा उचित स्थान जिन 27 खिलाड़ियों को आज नियुक्ति पत्र सौंपा गया है. उसमें से 10 पुरुष और 17 महिलाएं हैं. नियुक्ति पत्र सौंपे 27 खिलाड़ियों में 12 सामान्य कोटि, 11 अनुसूचित जनजाति, 3 ओबीसी-1, 1 ओबीसी-2 से आते हैं. नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड देश का एक ऐसा राज्य है जहां के पिछड़े इलाकों से खिलाड़ियों ने देश दुनिया में नाम कमाया है. लेकिन सोचकर काफी दुख होता है कि इन खिलाड़ियों के हुनर को पहचानने और हीरे को तराशने में सरकार को एक लंबा समय लग गया. हेमंत सोरेन ने कहा, उनकी सरकार ने प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक उचित स्थान देने का काम शुरू किया है. पिछले दिनों राज्य में पहली बार सभी 24 जिलों में खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी. अब अगली कड़ी में इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनकी योग्यता के अनुसार सीधे नियुक्ति पत्र सौंपा गया है. झारखंड में छिपी है अभूतपूर्व प्रतिभा हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड केवल जमीन के अंदर के संसाधन से परिपूर्ण नहीं है बल्कि जमीन के ऊपर भी इस राज्य में अभूतपूर्व प्रतिभा छिपी है. ये प्रतिभा युवा खिलाड़ियों में विशेष तौर पर है. मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने, उन्हें हुनरमंद बनाने और सरकार का हिस्सा बनाने का काम ये सरकार करेगी. इन खिलाड़ियों को मिली सीधी नियुक्ति इन खिलाड़ियों में लकी मंडल, मनीषा सिंह, वासिउल हसन, कुमारी प्रियंका, हिंदू मुंडा, अर्पणा कुमारी, जयलक्ष्मी लागुरी, कविता कुमारी, नवीन कुमार राम, देवआनंद बासके, सीमा कुमारी सिन्हा, तुलसी हेंब्रम, राहुल मिंज, ज्योति कुमारी, दीपक बहादुर तितुंग, राम कुमार भट्ट, आलोक लकड़ा, मोहम्मद अबूतालिब अंसारी, राजीव साहू, नूतन मंजू मिंज, प्रवीण अख्तर, प्रीति कुमारी, विमला मुंडा, फनी भूषण प्रसाद, रीना कुमारी, सुमनलता मुर्मू, सुकमती पूर्ति और संगीता खलको शामिल थे. होल्ड पर 3 खिलाड़ी 3 खिलाड़ियों को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है. अगले हफ्ते इन खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा. कहा जा रहा है कि इनके कुछ कागजात का वेरिफिकेशन बाकी है और बी कैटेगरी में इनकी नियुक्ति होगी. इसे लेकर इन खिलाड़ियों को सूचना दे दी गई है. वहीं एक खिलाड़ी की पहले ही सीधी नियुक्ति कर दी गई थी. कुल 40 शॉर्टलिस्टेड खिलाड़ियों को राज्य सरकार की ओर से सीधी नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और इसका परिणाम आज खिलाड़ियों को मिला. झारखंड के इतिहास में ये पहली बार हुआ जब खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति मिली है. झारखंड गठन के 20 साल बाद खिलाड़ियों के लिए ये एक बेहतर अवसर रहा. नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा भी आने वाले समय के लिए अब रास्ता खुल गया है और भी खिलाड़ियों की नियुक्ति धीरे-धीरे की जाएगी.
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