टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद श्रम विभाग ने मलेशिया में फंसे गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 30 श्रमिकों को झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में श्रम विभाग ने मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बीएन रेड्डी को पत्र लिख मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। मलेशिया में भारत के उच्चयुक्त को लिखे पत्र में बताया गया है कि राज्य के 30 श्रमिक लीडमास्टर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन एसडीएन बीएचडी में कार्यरत हैं। इन सभी से नेगेरी सेम्बिलन दारुल खुसस, मलेशिया ट्रांसमिशन कार्य में लाइनमैन के रूप में कार्य लिया गया है। श्रमिक 30 जनवरी 2019 से वहां काम कर रहे हैं। उनका अनुबंध 3 साल की अवधि के लिए था, जो अब खत्म हो गया है। लेकिन, ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भारत नहीं भेजा जा रहा है। साथ ही पिछले चार माह से वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया है। श्रम विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो ने उच्चायुक्त से अनुरोध किया है कि मामले में हस्तक्षेप करें और कंपनी, ठेकेदार को श्रमिकों के वैध बकाया राशि भुगतान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में बिगड़ते हालात को देखते हुए एयर इंडिया ने शुक्रवार को भारत और यूक्रेन के बीच तीन उड़ानों का संचालन करने का एलान किया है। इनमें से पहली उड़ान का संचालन 22 फरवरी, दूसरी का 24 फरवरी और तीसरी करा 26 फरवरी हो होगा। ये विमान यूक्रेन के बोरीस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरेंगे। एयर इंडिया ने इसे लेकर कहा कि टिकट बुकिंग एयर इंडिया के बुकिंग आॅफिस, कॉल सेंटर और अधिकृत ट्रैवेल एजेंट के जरिए की जा सकती है। भारत सरकार ने गुरुवार को भारतीय विमानन कंपनियों को यूक्रेन से भारत के लिए चार्टर्ड उड़ानों का संचालन करने के लिए कहा था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि यूक्रेन से बाकी अन्य देशों के लिए उड़ाने चालू हैं, लेकिन भारत के लिए नहीं हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी बड़ा फैसला लेते हुए एयर बबल व्यवस्था के तहत दोनों देशों के बीच उड़ानों की संख्या से संबंधित फैसले से प्रतिबंध हटा लिया है, ताकि यहां फंसे भारतीय स्वदेश लौट सकें। दरअसल, भारत सरकार की कोशिश है कि यूक्रेन से भारतीय नागरिकों विशेष रूप से छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए, लेकिन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि मंत्रालय की यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए अभी कोई योजना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारतीय नागरिकों को वहां से निकालने के लिए विशेष उड़ानों का प्रबंध नहीं किया जा रहा है। भारत ने अपने नागरिकों को यूक्रेन से अस्थायी रूप से लौटने की सलाह दी है।
टीम एबीएन, रांची। 22 वर्ष बाद झारखंड राज्य पथ परिवहन निगम के गठन का सपना साकार होगा। झारखंड की सड़कों पर सरकार की बसें भी चलेंगी। परिवहन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के आम बजट में निगम के गठन का प्रस्ताव शामिल करने की अनुशंसा की है। परिवहन मंत्री व सचिव की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव को वित्त विभाग को बजट भाषण में शामिल करने के लिए भेज दिया है। मालूम हो कि झारखंड संभवत: देश का पहला राज्य है, जिसका अपना पथ परिवहन निगम नहीं है। इसी तरह एचईसी परिसर में प्रस्तावित ट्रैफिक पार्क के निर्माण को भी मूर्त रूप दिया जाएगा। बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपए कर्णांकित किए जाएंगे। यह झारखंड का पहला ट्रैफिक पार्क होगा, जहां ट्रैफिक नियमों, गाड़ियों की जानकारी के अलावा बच्चों के मनोरंजन की व्यवस्था होगी। बिहार ने निगम बना लिया, झारखंड 22 वर्ष तक सोचता ही रहा : वर्ष 2000 में बिहार से झारखंड अलग हो गया। अलग झारखंड बनने के बाद लगभग तीन साल तक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के माध्यम से ही बसों का संचालन होता रहा। लेकिन 2004 में बिहार ने झारखंड से अपना रिश्ता तोड़ कर अलग बिहार राज्य पथ परिवहन निगम का गठन कर लिया। हालांकि निगम की संपत्तियों पर कई वर्षों तक चले विवाद के बाद 2009 में निगम की परिसंपत्तियों का पूरी तरह बंटवारा हो गया। झारखंड को 700 कर्मचारी मिले। उन्हें दूसरे सरकारी विभागों में प्रतिनियुक्त किया गया। पार्क में जाने वाला व्यक्ति ट्रैफिक रूल्स से वाकिफ होगा : पार्क एेसा होगा, जहां एक बार जाने के बाद व्यक्ति ट्रैफिक से जुड़ी अधिकतम जानकारियां प्राप्त कर सकेगा और उसे ड्राइविंग लाइसेंस लेने में सहुलियत होगी। इसके अलावा पार्क में बच्चों के मनोरंजन के भी साधन होंगे। बच्चों के चलाने के लिए तरह-तरह की गाड़ियां होंगी। जानकारी के अनुसार, पार्क निर्माण के लिए टाटा के साथ जल्द ही एमओयू किये जाने की भी संभावना है। टाटा मोटर पार्क निर्माण में कंसलटेंट की भूमिका निभाएगी। एचईसी परिसर में 3.5 एकड़ जमीन पर बनेगा ट्रैफिक पार्क : एचईसी परिसर में जगन्नाथपुर मंदिर से पहले लगभग साढ़े तीन एकड़ जमीन पर ट्रैफिक पार्क निर्माण की भी बजट में घोषणा होगी। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक पार्क निर्माण का प्रस्ताव भी बजट भाषण में शामिल करने की अनुशंसा की है। इसके लिए अगले बजट में 10 करोड़ की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव दिया है। यह झारखंड का पहला ट्रैफिक पार्क होगा। ट्रैफिक पार्क में ट्रैफिक से जुड़े चिह्नों को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा वहां पुरानी से पुरानी और नई गाड़ियों को दर्शाया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की है कि वे 31 मार्च 2022 तक 1.10 लाख आयुष्मान भारत स्वास्थ्य-कल्याण केंद्रों का संचालन सुनिश्चित करें। केंद्र ने कहा है कि इन केंद्रों में टेली-कसंल्टेशन सेवा भी होनी चाहिए, ताकि मरीज फोन के जरिए भी स्वास्थ्य से जुड़ी सलाहें मांग सकें। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इसमें उन्होंने अधिकारियों के साथ आयुष्मान भारत स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर चर्चा की और इसके तहत मुहैया कराए जाने वाली सेवाओं की जानकारी ली। आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के केंद्र सरकार के लक्ष्य का जिक्र करते हुए राजेश भूषण ने कहा कि राज्यों को आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के संचालन को लेकर पहले ही इत्तला कर दिया गया था। इन्हें टेली-कंसल्टेशन केंद्रों के तौर पर चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये स्वास्थ्य-कल्याण केंद्र मुफ्त दवाएं, मुफ्त जांच मुहैया कराएंगे और इनके जरिए योग और स्वस्थ जीवन जीने के सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे आम लोगों को फायदा पहुंचेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग ने हाइकोर्ट में दिये शपथ पत्र के मुताबिक 7वीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का संशोधित रिजल्ट प्रकाशित कर दिया है। संशोधित रिजल्ट प्रकाशन में बताया गया है कि अनारक्षित श्रेणी से 1552, अनुसूचित जाति कोटि के अंतर्गत 362, अनुसूचित जनजाति कोटे के अंतर्गत 1002, अत्यंत पिछड़ा वर्ग 1 कोटि के अंतर्गत 994, पिछड़ा वर्ग 2 कोटि के अंतर्गत 681 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अंतर्गत 294 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इस तरह से कुल 4885 अभ्यर्थी हैं, जो मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। इस बार जो रिजल्ट प्रकाशित किया गया है उसमें केवल अभ्यर्थियों का रोल नंबर दिया हुआ है। पिछली बार जारी रिजल्ट में कैटेगरी के अनुसार रिजल्ट प्रकाशित किया गया था, जिसे अब संशोधित कर दिया गया है। बताते चलें कि झारखंड लोक सेवा आयोग ने 19 सितंबर को प्रारंभिक परीक्षा ली थी, इसके लिए 24 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। रिजल्ट में कट आॅफ मार्क्स जारी : रिजल्ट प्रकाशन के साथ कट आॅफ मार्क्स जारी किया है। इसके तहत अनारक्षित के लिए 248 अंक, ओबीसी वन के लिए 248, बीसी दो के लिए 248, ईडब्ल्यूएस के लिए 246, एससी के लिए 242 और एसटी उम्मीदवारों के लिए 232 अंक निर्धारित किये गये हैं। सफल और फार्म भर चुके अभ्यर्थियों को फिर से फार्म भरने की जरूरत नहीं : आयोग ने कहा है कि वैसे अभ्यर्थी जो पूर्व में प्रकाशित रिजल्ट में सफल घोषित किये गये थे और वर्तमान संशोधित परीक्षा पूर्व में भी सफल हुए हैं और उन्होंने पूर्व में मुख्य परीक्षा के लिए आॅनलाइन आवेदन किया है। ऐसे अभ्यर्थियों को फिर से मुख्य परीक्षा के लिए आॅनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं संशोधित परीक्षा फल में सफल घोषित हुए शेष अन्य अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए आॅनलाइन आवेदन पत्र भरना आवश्यक होगा। आयोग की ओर से इसकी जानकारी जल्द ही प्रकाशित की जायेगी। 11 से 13 मार्च के बीच ली जायेगी परीक्षा : आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित रिजल्ट के साथ-साथ मुख्य परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी है। नोटिफिकेशन के अनुसार, मुख्य परीक्षा 11 से 13 मार्च के बीच ली जायेगी। इसके लिए राजधानी रांची में परीक्षा केंद्र बनाये जायेंगे। परीक्षा दो पालियों में ली जायेगी। परीक्षा से संबंधित कार्यक्रम एवं अन्य सूचनाएं बाद में प्रकाशित की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से, अपने-अपने क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण के नये मामलों और संक्रमण दर पर विचार करने के बाद कोविड-19 की अतिरिक्त पाबंदियों की समीक्षा करने, संशोधन करने या उन्हें हटाने को कहा है। सरकार ने मामलों में राष्ट्रव्यापी कमी की सतत प्रवृत्ति का जिक्र करते हुए यह कहा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में कहा कि भारत में कोविड-19 महामारी 21 जनवरी से सतत रूप से घटने की प्रवृत्ति प्रदर्शित कर रही है। पिछले हफ्ते औसत दैनिक मामले 50,476 थे और पिछले 24 घंटे में 27,409 नये मामले सामने आए। दैनिक संक्रमण दर मंगलवार को घट कर 3.63 प्रतिशत रह गई। भूषण ने कहा कि शुरूआती महीनों में, अधिक मामले सामने आने के मद्देनजर कुछ राज्यों ने अपनी सीमाओं और हवाईअड्डों पर अतिरिक्त पाबंदियां लगाई थीं। उन्होंने पत्र में कहा कि कोविड-19 जन स्वास्थ्य चुनौती से प्रभावी रूप से निपटने के साथ-साथ यह भी समान रूप से महत्वपूर्ण है कि लोगों का आवागमन और आर्थिक गतिविधियां राज्य स्तर पर लगाई गई अतिरिक्त पाबंदियों के चलते प्रभावित नहीं हों। अतिरिक्त पाबंदियों को हटाते हैं तो यह उपयोगी होगा : भूषण ने कहा, वर्तमान में, चूंकि पूरे देश में संक्रमण के मामले घटने की प्रवृत्ति प्रदर्शित हो रही है, ऐसे में यदि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अतिरिक्त पाबंदियों की समीक्षा/संशोधन करते हैं या उन्हें हटाते हैं तो यह उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए 10 फरवरी को अपने दिशानिर्देश संशोधित किये थे। भूषण ने कहा कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मामलों में कमी या वृद्धि तथा दैनिक आधार पर संक्रमण के प्रसार की प्रवृत्ति की निगरानी जारी रखें। उन्होंने पत्र में कहा, मैं आश्वस्त हूं कि आपके नेतृत्व में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कोविड-19 की चुनौती से निपट लेंगे तथा इस दौरान लोगों के जीवन एवं आजीविका पर उसका प्रभाव न्यूनतम किया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एडीजी नितिन अग्रवाल और आईजी राजीव सिंह ने बुधवार को मुलाकात की। मुख्यमंत्री को सीआरपीएफ के अधिकारियों ने राज्य में नक्सलियों के विरुद्ध जारी अभियान से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान की गति को और बढ़ाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी आरडीडी, डीइओ और डीएसई उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान शिक्षा मंत्री अपने पदाधिकारियों के कार्य से संतुष्ट नहीं थे। शिक्षा मंत्री ने पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि एक माह में व्यवस्था सुधार कर लें, अन्यथा कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो राज्य में शिक्षा व्यवस्था सुधारने को लेकर एक्टिव हैं। इसको लेकर जैक के पदाधिकारियों, विभिन्न निदेशालयों और अन्य विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षा में सुधार को लेकर विचार विमर्श कर रहे हैं। प्रखंड से लेकर जिला और राज्य स्तरीय अधिकारियों से विमर्श कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आरडीडी, डीईओ, डीएसई के साथ-साथ स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक उपस्थित थे। बैठक में स्कूलों की गतिविधियां, शिक्षकों की उपस्थिति, आरटीई के तहत नामांकन और मिड डे मील और मुफ्त पुस्तक वितरण आदि कार्यों की समीक्षा की, जिसमें संतोषजनक कार्य नहीं दिखा। बैठक में पदाधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत किया। लेकिन शिक्षा मंत्री ने लिखित रिपोर्ट देखने से इंकार कर दिया। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि रिपोर्ट सिर्फ कागजों पर अच्छा लगता है। ग्राउंड पर कहीं भी कुछ सही नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षा पदाधिकारियों को एक महीने का समय दिया है। एक महीने के अंदर व्यवस्था दुरुस्त नहीं किया गया तो पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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