टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने डीवीसी और एनटीपीसी के 1690 करोड़ के टैरिफ, सब्सिडी भुगतान का निर्णय लिया है। इसमें से सरकार के कुछ फैसले जनता की जेब पर भारी पड़ने वाले हैं। इन्हीं में से एक है झारखंड नगरपालिका संशोधन विधेयक 2021, जिसके तहत शहरों में दस से 15 फीसदी होल्डिंग टैक्स बढ़ेगा। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मंत्रालय में दोपहर बाद 4 बजे से कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। इसमें संसदीय कार्य सह ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, परिवहन मंत्री चंपाई सोरेन, श्रममंत्री सत्यानंद भोक्ता सहित मंत्रिपरिषद के अन्य मंत्री और अधिकारी मौजूद थे। कैबिनेट की बैठक में जहां राज्य में बिजली की कमी के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी पर चर्चा हुई, वहीं भोक्ता समाज को एसटी में शामिल करने के बाद पंचायत चुनाव में हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठा। इस दौरान कैबिनेट में करीब 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी। हालांकि पंचायत चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की ब्रीफिंग नहीं की गई। जानकारी मिली है कि मंत्रिपरिषद ने लंबे समय से चल रहे डीवीसी और एनटीपीसी बकाया विवाद को सुलझाने के लिए डीवीसी और एनटीपीसी के 1690 करोड़ के टैरिफ सब्सिडी भुगतान का निर्णय लिया है इसके अलावे कूटे में 70 विधायक आवास निर्माण पर सरकार ने 203 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया है। झारखंड में होल्डिंग टैक्स का निर्धारण अब सर्किल रेट के आधार पर होगा। कैबिनेट में इस प्रस्ताव पर सहमति मिल गई है। होल्डिंग टैक्स का प्रस्ताव नगर विकास विभाग द्वारा लाया गया, जिसमें झारखंड नगरपालिका संशोधन विधेयक 2021 शामिल है। इसमें रांची सहित राज्य के सभी शहरी निकायों में होल्डिंग टैक्स में 10 से 15% की बढ़ोतरी की सूचना है।
टीम एबीएन, लोहरदगा। भगवंथ खुबा, केंद्रीय राज्यमंत्री, रसायन एवं उर्वरक और नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय, भारत सरकार आज लोहरदगा पहुंचे। इस दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न इंडीकेटर्स, प्रगति संबंधित समीक्षा बैठक जिला परिषद भवन स्थित सभागार में की। केंद्रीय राज्यमंत्री ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समृद्ध समाज बनाने में आप पदाधिकारियो की भूमिका अहम है। सरकार की ओर से आप भी लोगों के साथ न्याय कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश हित में बारीकी से सोचते हैं चाहे वे गरीब हो, दलित हों, किसान, महिला या बच्चे हों। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि लोग सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक रूप से मजबूत बनें तभी सही मायने में विकास होगा। जो पिछड़े हैं उन्हें सबल बनाना ही उद्देश्य है। प्रधानमंत्री का सपना है कि लोगों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाएं मिले, सभी योजनाओं का लाभ मिले। वह समाज जिसमें समानता हो। जो जिम्मेवारी आपको सरकार ने दी है उससे अच्छी तरह निभायें। जो जरूरतमंद हैं उन्हें लाभ अवश्य दें। केंद्र सरकार द्वारा जो भी फण्ड प्राप्त होता है उसका बेहतर इस्तेमाल करें। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के विभिन्न इंडीकेटर्स की समीक्षा : केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा आज कृषि, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, आधारभूत संरचना, विद्युत, भवन, सड़क निर्माण, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास आदि की समीक्षा की गई। लोहदगा जिला प्रशासन की ओर से एससीए योजनांतर्गत सफलता की कहानियों से अवगत कराया गया जिसमें किस्को स्थित औद्योगिक सिलाई केंद्र, तिसिया स्थिति ब्रिकेटिंग प्लांट, पेशरार स्थित दरी उत्पादन केंद्र, सेन्हा स्थित स्वेटर उत्पादन केंद्र, एससीए योजना से निर्मित नवाडीह-फेतहपुर सड़क, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत सेन्हा के घाटा ग्राम में सौर उर्जा से सिंचाई योजना, मनरेगा अंतर्गत पेशरार में नाशपाती बागवानी योजना आदि की जानकारी शामिल रही। आज की बैठक में उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण, पुलिस अधीक्षक आर रामकुमार, उप विकास आयुक्त गरिमा सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अरूण सिंह समेत अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी व तकनीकी विभागों के अभियंता उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चार चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव के तीसरे चरण की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। चुनाव अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। राज्य चुनाव आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद ने बताया कि अधिसूचना संबंधित जिलों के जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा जारी की जाती है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही 19 जिलों के 70 प्रखंडों में नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रसाद ने बताया कि नामांकन दाखिल करने का समय सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक है। उन्होंने बताय कि तीसरे चरण में पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख दो मई है जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख सात मई है। तीसरे चरण में 24 मई को 1,047 पंचायतों में मतदान होगा और 31 मई को मतगणना होगी। तीसरे चरण में 128 जिला परिषद सदस्य, 1,290 पंचायत समिति सदस्य, 1,047 मुखिया और 12,911 पंचायत सदस्य के लिए मतदान कराया जाएगा। पंचायत चुनाव के पहले दौर के लिए नामांकन 23 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें कुल 39,513 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। दूसरे चरण के मतदान के लिए नामांकन जारी है, जो 27 अप्रैल को समाप्त होगा। दूसरे चरण के मतदान के लिए 23 अप्रैल तक अब तक 4,261 नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को देना है। योजना लागू हुए एक वर्ष हो गया, लेकिन उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं दिख रहा है। इस योजना का लाभ बड़े पैमाने पर देना सुनिश्चित करें। इसके लिए विभाग कार्य योजना एक सप्ताह के अंदर तैयार करें। प्री मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति सभी को समय पर मिलनी चाहिए। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के वित्तीय वर्ष 2021-22 की प्रगति, वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्य योजना की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने छात्रों के लिए निर्मित और निर्माणाधीन हॉस्टल्स की समीक्षा के क्रम में कहा कि जहां जरूरत हो वहीं हॉस्टल का निर्माण करें। हॉस्टल निर्माण के गैप की समीक्षा होनी चाहिए। निर्माण में आधारभूत संरचना एवं संसाधनों का पूर्ण ध्यान रखें। इसकी पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। बच्चों को बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए। इन हॉस्टल में रसोईया, खाद्यान्न और गार्ड उपलब्ध कराने के लिए सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री ने संचालित आवासीय विद्यालय, निर्माण हेतु प्रस्तावित विद्यालय एवं निर्माणाधीन आवासीय विद्यालयों के निर्माण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आवासीय विद्यालयों के बेहतर संचालन हेतु योजना बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के प्रति लोगों को जागरूक हेतु पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर लगाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया। उन पोस्टर में लोन लेने की प्रक्रिया की जानकारी दें। ताकि लोगों को योजना का लाभ मिल सके। लोन लेकर स्वरोजगर अपनाने वाले की संख्या को बढ़ाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने योजना का लाभ सभी जरूरतमंदों को देने का निर्देश दिया। ग्रामीण क्षेत्र में इसका अधिक प्रचार करने की आवश्यकता है। शिविर लगा कर इसकी जानकारी लोगों को दें। हर माह शिविर का आयोजन होना चाहिए। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना 2021-22 के तहत अनुसूचित जनजाति के 1672, अनुसूचित जाति के 682, पिछड़ा वर्ग के 1180, दिव्यांग 70 एवं 249 अल्पसंख्यक लोगों को स्वरोजगार हेतु लोन आवेदन दिया। कुल 3, 853 लोगों के आवेदन स्वीकृत हुए, इसके विरुद्ध कुल 59.61 करोड़ रूपये आवंटित किए गए। मुख्यमंत्री ने कल्याण छात्रावासों का जीर्णोद्धार, छात्रावासों में खाद्यान आपूर्ति, छात्रावासों में रसोईया सुरक्षाकर्मी एवं साफ-सफाई कर्मियों की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत फेड से प्रावधान, पारदेशीय छात्रवृति योजना का क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों के संचालन, रांची में 50 एकड़ भूमि पर एकीकृत जनजातीय संस्कृति केन्द्र की स्थापना, सरना / मसना / धुमकुड़िया /कब्रिस्तान, बिरसा आवास, शहीद ग्राम विकास योजना, PVTG ग्रामोत्थान योजना, EMRS / आश्रम विद्यालय / PVTG, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण, भारत सरकार से विमुक्त होने वाली राशि का ब्योरा, अल्पसंख्यक एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लिए तीन-तीन नये आवासीय विद्यालय का निर्माण, छात्रवृत्ति वितरण, साईकिल वितरण समेत अन्य विषयों के संबंध में विस्तार से जाना। समीक्षा बैठक में मंत्री चंपाई सोरेन, मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव केके सोन, अपर सचिव अजय नाथ झा एवं अन्य उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को 16 और यूट्यूब चैनल पर बैन लगा दिया है। इनमें 10 भारतीय और 6 पाकिस्तानी चैनल शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि यह चैनल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार कर रहे थे। इससे पहले पिछले हफ्ते सरकार ने कई यूट्यूब चैनल को बैन किया था। इससे पहले केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य देशों के साथ संबंधों के अलावा सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने के मामले में सोशल मीडिया प्लेटफार्म यूट्यूब के 22 चैनलों को ब्लॉक किया था। पिछले साल फरवरी में आईटी नियम-2021 की अधिसूचना जारी होने के बाद से भारतीय यूट्यूब चैनलों पर यह पहली कार्रवाई मंत्रालय ने बताया था कि सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 के तहत समाचार आधारित 18 भारतीय यूट्यूब चैनल समेत पाकिस्तान स्थित चार अन्य चैनलों को ब्लॉक करने के आदेश जारी किये गये हैं। इसके अलावा तीन ट्विटर अकाउंट , एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक किया गया था। भारतीय सशस्त्र बलों और जम्मू कश्मीर के संबंधित विभिन्न मुद्दों के अलावा विदेशी संबंधों को लेकर फर्जी समाचार पोस्ट किये करने के लिए इन चैनलों का उपयोग किया गया था। मंत्रालय ने बताया कि ये चैनल कुछ भारतीय टीवी समाचार चैनलों के टेम्प्लेट और लोगों का उपयोग कर रहे थे, जिसमें उनके समाचार प्रस्तोताओं की तस्वीरें भी शामिल थीं। ऐसा दर्शकों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता रहा है कि ये समाचार प्रामाणिक हैं।
टीम एबीएन, पलामू। हुसैनाबाद के पंचायत उर्दवार मंजुराहा के मुखिया पद के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने वाली हुसैनाबाद थाना क्षेत्र केेझरहा गांव निवासी सुजीत राम की पत्नी सपना कुमारी की जाति प्रमाण पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। हुसैनाबाद के अंचल पदाधिकारी ने बताया कि सपना कुमारी ने 22 अप्रैल को मुखिया पद के लिए नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया था, जिसमें संलग्न जाति प्रमाण पत्र बिहार राज्य का था। उनके पिता का नाम लक्ष्मण पासवान अंकित था। पुनः 23 अप्रैल को उनके ने अंचल कार्यालय में जाति प्रमाण प्रस्तुत किया, जिसमें पिता का नाम लक्ष्मण पासवान अंकित है, लेकिन उनका पता ग्राम : झरहा, पोस्ट : जपला, थाना हुसैनाबाद अंकित है। अंचल अधिकारी ही मुखिया पद हेतु हुसैनाबाद प्रखंड में हो रहे पंचायत चुनाव के निर्वाची पदाधिकारी हैं। ऐसे में उन्होंने स्वतः संज्ञान में लेते हुए जाति प्रमाण पत्र की जांच कराई, तो पाया गया कि लक्ष्मण पासवान आवेदिका के पिता का नाम खतियानी रैयत देवी दुसाध ग्राम-झरहा के वंशावली में कूटरचना कर अवैध तरीके से प्रविष्ट कर सत्यापित करा लिया गया है, जो गैरकानूनी है। इसलिए हुसैनाबाद के अंचल अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सपना कुमारी की जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया।
टीम एबीएन, नीलांबर-पीतांबरपुर। झारखंड पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। प्रखंड कार्यालय में मुखिया और वार्ड सदस्य के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हो गयी है। प्रखंड कार्यालय में कड़ी धूप में नामांकन पत्र खरीदते प्रत्याशी नजर आएं। वहीं प्रखंड कार्यालय खुलते ही मुखिया और वार्ड सदस्य प्रत्याशी प्रखंड में घूमते नजर आए। हालांकि दोपहर बाद से प्रखंड पदाधिकारी द्वारा नामांकन पत्र का बिक्री शुरू कर दी गई है। आज मुखिया पद के 38 और वार्ड सदस्य केलिए 33 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई।और 26 अप्रैल से नामांकन का तिथि भी घोषणा की गई है ।कई प्रत्याशियों ने कड़ी धूप में नामांकन पत्र के लिए लाइन में लगकर ख़रीदने पर नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना था कि प्रखंड प्रशासन ने प्रत्याशियों के लिए ना तो पीने के पानी की व्यवस्था की है और न ही धूप से बचने के लिए टेंट पंडाल की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच देश अब इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बढ़ रहा है, जबकि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को भी हालिया ईंधन का विकल्प बनाने की दिशा में काम कर रही है। आम लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी अपनी ओर से सब्सिडी दे रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी एक बड़ी अपडेट यह सामने आ रही है कि आनेवाले दिनों में भारतीय सेना में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल होगा। जी हां, भारतीय सेनाने अपने वाहनों के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का फैसला लिया है। सेना के अधिकारियों ने इसके लिए रेकमेंडेशन तैयार कर लिया है। दरअसल, नई दिल्ली में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष टाटा मोटर्स, परफेक्ट मेटल इंडस्ट्रीज (पीएमआई) और रिवोल्ट मोटर्स कंपनी ने अपने-अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (एश्) का प्रदर्शन किया। इलेक्ट्रिक वाहन निमार्ताओं ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान हासिल की गई इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रौद्योगिकी और इनका प्रचलन बढ़ने के बारे में जानकारी दी। कहा जा रहा है कि जल्द ही भारतीय सेना के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हो जाएंगे। क्या है सरकार का प्लान? - भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए अधिकारियों के बोर्ड ने अपनी अनुशंसाओं को अंतिम रूप दे दिया है। इसी आधार पर भारतीय सेना तीन श्रेणियों यानी कारो, बसों और मोटरसाइकिलों में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रही है। रक्षा मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारतीय सेना में शामिल करने तथा सरकार की नीतियों के अनुरूप जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि फेम क तथा कक की सरकारी नीति ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को भरपूर बढ़ावा दिया है। बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता समाप्त कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यह बात दुहराई कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को सेना देगी प्रोत्साहन : पीबीएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे का मानना है कि परिवहन का भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों में निहित है और भारतीय सेना को इस मामले में पथप्रदर्शक बनना होगा। इस तकनीक को अपनाने में भारतीय सेना को भी अग्रणी भूमिका निभानी होगी, क्योंकि विश्व की सेनाएं भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रही हैं। भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए एक निश्चित समयबद्ध रूपरेखा तैयार करने के लिए आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशक (डीजीएसटी) लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार सिंह यादव के तहत अधिकारियों के एक बोर्ड का गठन पहले ही किया जा चुका है।
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