राज काज

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Published / 2022-05-01 14:00:52
श्रमिकों/कामागारों के प्रति संवेदनशील है राज्य सरकार

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दिशा-निर्देश में गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 30 कामगारों में से 10 की झारखण्ड सुरक्षित वापसी श्रमिक दिवस से दो दिन पूर्व हुई। शेष 20 कामगारों की वापसी हेतु सरकार प्रयास कर रही है। ये पहली बार नहीं हुआ, जब देश और विदेशों में फंसे कामगारों की सुरक्षित वापसी का कार्य किया गया हो। ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं, जब सरकार कामगारों के सम्मान में आगे आई है। कोरोना संक्रमण काल में झारखंड अपने श्रमिकों को प्लेन ट्रेन और अन्य परिवहन के माध्यम से वापस लाने वाला पहला राज्य था। सरकार को राज्य के श्रमिकों और कामगारों की चिंता थी और यही वजह रही कि अचानक लगे लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के देश के विभिन्न राज्यों में फंसने की जानकारी मिलते ही सरकार ने सबसे पहले उनके लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था की तत्पश्चात उन्हें लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे श्रमिकों एवं कामगारों को लाने का कार्य शुरू किया गया। हजारों की संख्या में श्रमिक अपने घर लौटे। श्रमिकों के रोजगार का हुआ प्रयास : कोरोना संक्रमण के इस दौर में रोजगार का अभाव दिखाई दे रहा था। दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह दौर विभीषिका के समान था। इसको देखते हुए सरकार के स्तर पर कार्य योजना तैयार की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर जो तनाव था उसे काफी हद तक सरकार ने कम करने का प्रयास किया। ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों मानव दिवस सृजित कर सरकार श्रमिकों को काम दिलाने में सफल रही। मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक कुल 2.8 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ते हुए जॉबकार्ड निर्गत किया गया। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी कार्य के अभाव को देखते हुए शहरी रोजगार गारंटी योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना से शहरी जनसंख्या के करीब 31 प्रतिशत लोग जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहें हैं उन्हें लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया। झारखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों भाईयों के लिए पांच योजना लागू की गई है। 2021-22 में 6 हजार श्रमिकों को 11 करोड़ रूपये के समतुल्य राशि का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का सरलीकरण किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने ही राज्य में स्वरोजगार अपना सकें। सरकार ने कदम बढ़ाया : श्रमिकों के कल्याण हेतु सरकार ने कदम बढाया। संक्रमण काल में प्रवासी श्रमिकों और कामगारों ने बहुत कुछ झेला है और इसकी पुनरावृति ना हो, इसके लिए सरकार उनके पलायन को देख सुरक्षित और जवाबदेह प्रवासन सुनिश्चित कर रही है। क्योंकि इससे पूर्व श्रमिकों के लिए कोई ठोस नीति का निर्माण नहीं किया गया। कोराना काल में सरकार के प्रयास से झारखण्ड से अन्य राज्यों में प्रवास करने वाले श्रमिकों की संख्या ज्ञात हुई। उन सभी का निबंधन राज्य सरकार के श्रमाधान और केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल में किया गया है, जिससे मुसीबत के समय सरकार उनतक पहुंच कर मदद कर सके। श्रमिकों की सुरक्षा का भी ध्यान : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिसंबर 2021 में सेफ एंड रिस्पांसिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव (एसआरएमआइ) का शुभारंभ किया था। झारखण्ड से रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन होता है, परंतु आज तक प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित और जवाबदेह पलायन के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनायी गयी थी। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के पहल पर एसआरएमआइ का शुभारम्भ हुआ है। सेफ एंड रिस्पॉन्सिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव के तहत प्रवासी श्रमिकों और कामगारों के सुरक्षित और जिम्मेदार प्रवासन हेतु गुमला और पश्चिमी सिंहभुम में केंद्र का शुभारम्भ किया गया। यह केंद्र जिला श्रम एवं रोजगार कार्यालय के तत्वावधान में जिला स्तरीय सहायता प्रकोष्ठ के रूप में तथा जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य करेगा। इसके जरिये गुमला और पश्चिमी सिंहभूम के अन्दर अंतरराज्यीय प्रवासियों और उनके परिवारों की पहचान करने दिशा में काम करेंगे, ताकि ऐसे श्रमिकों एवं कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कार्य उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर किया जायेगा। साथ ही, श्रमिकों और कामगारों के पंजीकरण की भी सुविधा केंद्र में दी जाएगी। इनके लिए शिविर का आयोजन भी समय-समय पर करने की योजना है। श्रमिक दिवस पर दुमका में भी केंद्र का शुभारंभ हो रहा है। हमारी सरकार माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में श्रमिकों और कामगारों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि राज्य से जो भी श्रमिक बाहर काम करने जाते हैं उनके लिए एक ऐसी नीति तैयार की जाए जिससे वह और उनके परिवार दूसरे राज्यों में भी सरकारी नीतियों का लाभ उठा सकें। हम लगातार कोशिश कर रहे है की किस तरह पलायन को सुरक्षित एवं ज़िम्मेदार बनाया जाए। आज श्रम दिवस पर मैं राज्य सरकार की ओर से अपनी श्रमिक भाइयों - बहनों को नमन करता हूं। उक्त जानकारी श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने दी।

Published / 2022-04-30 10:39:26
पवन हंस में 51% की हिस्सेदारी को सरकार 211 करोड़ रुपये में बेचेगी, किसे मिलेगा मालिकाना हक?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एयर इंडिया के बाद केंद्र सरकार ने पवन हंस लिमिटेड में अपनी पूरी 51% हिस्सेदारी की बिक्री और मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर के लिए स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की बोली को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स ने अक्टूबर, 2016 में PHL के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी। इस समिति में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल थे। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने पवन हंस लिमिटेड में अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी 211.14 करोड़ रुपये में बेचने के लिए स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की उच्चतम बोली को मंजूरी दे दी है। इसके बाद लेन-देन अब अंतिम चरण में चला जाता है, जिसमें अगले चरण में लेटर ऑफ अवार्ड जारी करना, शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करना और लेनदेन को बंद करना शामिल है। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, विशेषज्ञों (लेन-देन सलाहकार और परिसंपत्ति मूल्यांकनकर्ता) द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर पवन हंस की बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य 199.92 करोड़ रुपये तय किया गया था। तत्पश्चात, तीन बोलियां बोलीदाताओं की उपस्थिति में खोली गईं। वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि तीनों बोलियां वैध पाई गईं। बता दें कि सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस इस समय गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है। पवन हंस देश की इकलौती सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है। तीन दशक से भी अधिक पुरानी इस कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में लगभग 69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद साल 2019-20 में भी कंपनी को लगभग 28 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। इसी के चलते सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। बता दें कि पवनहंस भारत सरकार और ONGC का एक जॉइंट वेंचर है जो हेलिकॉप्टर और एयरो मोबिलिटी सर्विस देता है। भारत सरकार के पास कंपनी में 51 फीसदी शेयर हैं और ONGC के पास 49 फीसदी शेयर। ONGC भी भारत सरकार के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट ट्रांजैक्शन में सक्सेसफुल बिडर को अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी। इसका प्राइस और टर्म्स एंड कंडीशन भी वही करेगी।

Published / 2022-04-30 07:44:47
पंचायत चुनाव : जानें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कब डाले जायेंगे अंतिम चरण के वोट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव के लिए चौथे और आखिरी चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने शुक्रवार को निर्वाचन की सूचना प्रकाशित कर दी। आखिरी चरण के लिए छह मई तक नामांकन दाखिल किये जा सकेंगे। सात और नौ मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 10 और 11 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 12 मई को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जायेगा। 27 मई को आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे तथा 31 मई को वोटों की गिनती होगी। आखिरी चरण में राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित प्रखंडों में चुनाव प्रक्रिया होगी। पंचायत चुनाव के आखिरी चरण में 23 जिलों के 72 प्रखंडों में चुनाव होगा। सरायकेला-खरसांवा जिले को छोड़कर सभी जिलों के एक या इससे अधिक प्रखंडों में नामांकन होंगे। किस जिले में कौन-कौन प्रखंड शामिल हैं : 1. गढ़वा- कांडी, बरडीहा, मंझिआंव, डंडई, मेराल, गढ़वा और डंडा 2. मेदिनीनगर- पांडु, विश्रामपुर, चैनपुर, रामगढ़ और मेदिनीनगर 3. लातेहार- गारू और महुआड़ांड़ 4. चतरा- पत्थलगड़ा, सिमरिया और टंडवा 5. हजारीबाग- कटकमसांडी, कटकमदाग, हजारीबाग, केरेडारी और बड़कागांव 6. कोडरमा- कोडरमा, चंदवारा और जयनगर 7. गिरिडीह- बगोदर, डुमरी और पीरटांड़ 8. देवघर- मारगोमुंडा, सारठ और पालोजोरी 9. गोड्डा- मेहरमा, ठाकुरगंगटी और बोआरीजोर 10.साहिबगंज- साहिबगंज, बरहेट और राजमहल 11. पाकुड़- लिट्टीपाड़ा, आमड़ापाड़ा और पाकुड़िया 12. दुमका- सरैयाहाट, जामा और जरमुंडी 13. जामताड़ा- जामताड़ा, नाला और कुंडहित 14. धनबाद-निरसा और गोविन्दपुर 15. बोकारो- चास और चंदनकियारी 16. रामगढ़- मांडू 17. लोहरदगा- कैरो, लोहरदगा और भंडरा 18. गुमला- पालकोट, बसिया और कामडारा 19. खूंटी- खूंटी, मुरहू और अड़की 20. रांची- खलारी, बुढ़मू, चान्हो, मांडर और रातू 21. सिमडेगा- बांसजोर और बानो 22. पश्चिमी सिंहभूम- हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर, कुमारडुंगी और मंझगांव 23. पूर्वी सिंहभूम- गोलमुरी सह जुगसलाई में पंचायत चुनाव कराया जा रहा है।

Published / 2022-04-29 17:59:22
पंचायत चुनाव : चौथे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए 23 जिलों के 72 प्रखंडों में होगा मतदान

टीम एबीएन, रांची। 27 मई को होनेवाले पंचायत चुनाव के अंतिम और चौथे चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस चरण में 23 जिलों के 72 प्रखंडों में मतदान होगा। जिसके लिए 6 मई तक नामांकन दाखिल किये जायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में आज यानी शुक्रवार को सूचना प्रकाशित कर दी गई है। चौथे चरण के लिए 6 मई तक नामांकन पर्चा भरे जाने के बाद 7 और 9 मई को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी इसके बाद 10 और 11 मई को नामांकन वापसी की तारीख निर्धारित की गई है। 12 मई को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद 27 मई को मतदान सुबह 7 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगा। चौथे चरण का मतगणना 31मई को होगा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में कुल 18920 पदों के लिए मतदान होगा। इस फेज में जिला परिषद सदस्य के 159, पंचायत समिति सदस्य के 1587, ग्राम पंचायत मुखिया के 1299 और ग्राम पंचायत सदस्य के 15,875 पदों पर चुनाव होगा। कुल 18920 पदों में महिलाओं के लिए 10724 पद आरक्षित हैं यानी 56.68 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। वैसे तो चौथे फेज में सरायकेला-खरसावां को छोड़कर राज्य के शेष 23 जिलों के 72 प्रखंडों में चुनाव होगा मगर यदि रांची की बात करें, तो इस जिले के पांच प्रखंड खलारी, बुढमू, चान्हो, मांडर और रातु में मतदान होगा। जिला प्रशासन द्वारा जिला परिषद सदस्य को छोड़कर शेष सभी तीन पदों के लिए नामांकन प्रखंड मुख्यालय में सुनिश्चित किया है। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय में जिला परिषद सदस्य का नामांकन होगा। नोमिनेशन निर्धारित संख्या और कागजात के साथ निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष दिन के 11 बजे से 3 बजे तक होगा।

Published / 2022-04-29 17:40:20
भारतीय सेना के नए वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को भारतीय सेना का नया वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय- भारतीय सेना ने ट्वीट किया। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल एमएम नरवणे और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को भारतीय सेना का वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू एक मई 2022 को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की नियुक्ति ग्रहण करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल राजू वर्तमान में डीजी मिलिट्री ऑपरेशंस की कमान संभाल रहे हैं। यह एक दुर्लभ मामला है जहां एक अधिकारी जो सेना कमांडर नहीं रहा है। वह वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार संभालेगा। लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने इससे पहले श्रीनगर स्थित 15 कोर का नेतृत्व किया था। गौरतलब है कि भारतीय सेना को एक मई को लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे के रूप में भी नया आर्मी चीफ मिलेगा। वह देश के 29वें थल सेना प्रमुख होंगे और वह जनरल एमएम नरवणे के 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद उनका स्थान लेंगे। वह कोर ऑफ इंजीनियर के पहले अधिकारी होंगे जो थल सेना के प्रमुख होंगे। जनरल नरवणे 28 महीने का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।

Published / 2022-04-29 12:27:08
...अब गोवा में जीएसटीमुक्त होगी द कश्मीर फाइल्स

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गोवा में पिछले महीने कर मुक्त घोषित द कश्मीर फाइल्स फिल्म को राज्य में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता के बाद यहां संवाददाताओं को बताया कि कैबिनेट ने फिल्म को जीएसटी मुक्त करने के लिए स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गोवा प्रदेश अध्यक्ष सदानंद शेत तनावड़े और अन्य सदस्यों के साथ 14 मार्च को फिल्म देखने के बाद फिल्म को राज्य में कर मुक्त करने की घोषणा की थी। डॉ सावंत ने कहा था कि युवा पीढ़ी को 90 के दशक की घटनाओं की जानकारी होनी चाहिए।

Published / 2022-04-28 17:31:12
पावर प्लांट्स में कोयला आपूर्ति बढ़ाने के लिए CCL-ECL टारगेट बढ़ाएं : कोयला मंत्री

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पावर प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश के लिए कोल डिमांड को पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सीसीएल और ईसीएल को प्रतिदिन कोल उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है, जिससे कोयला की कमी पावर प्लांट में न हो। निर्देश के मुताबिक अब सीसीएल 2 लाख 20 हजार टन कोयला प्रतिदिन पावर प्लांटों को भेजेगा। इसी तरह ईसीएल को भी टारगेट बढ़ाया गया है। झारखंड दौरे पर आये केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार शाम दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। करीब डेढ़ घंटे तक चली इस बैठक में सीसीएल और ईसीएल के अधिकारियों ने वर्तमान समय में हो रहे कोयला उत्पादन की जानकारी दी। बैठक में पावर प्लांट में कोयले की कमी पर चर्चा हुई। सीसीएल प्रबंध निदेशक पीएम प्रसाद ने बताया कि सीसीएल द्वारा प्रतिदिन 2 लाख टन कोयला पावर प्लांट को भेजा जाता है। केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पावर प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कोल डिमांड को पूरा करने का निर्देश दिया है। सीसीएल एमडी पीएम प्रसाद ने कोयले की कमी के कारण बिजली की कमी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सीसीएल के पास वर्तमान समय में 6.5 मिलियन टन कोल स्टॉक है, जो एक महीने तक पावर प्लांट्स को मुहैया करा सकता है। उन्होंने कहा कि पावर जेनरेशन बढ़ाने के लिए कोल की डिमांड बढ़ी है। केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी दो दिवसीय झारखंड दौरे पर हैं। गुरुवार दोपहर 12 बजे के करीब रांची पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले प्रोजेक्ट भवन में माइंस विभाग के अधिकारियों और राजमहल माइंस के अफसरों, स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की। कल यानी शुक्रवार को कोयला मंत्री बड़का सयाल एरिया सीएचपी कंस्ट्रक्शन साइट का दौरा करेंगे। उसके बाद दोपहर 1:30 बजे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ मुलाकात कर दिन के 3 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे।

Published / 2022-04-27 14:52:47
पंचायत चुनाव : कलस्टर बनाने के लिए अंतिम प्रस्ताव भेजने की तैयारी

टीम एबीएन, पलामू। त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन, 2022 के सफल संचालन एवं शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सह पंचायत राज पदाधिकारी शैलेश कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी सह सामग्री कोषांग के नोडल पदाधिकारी शाहिद अहमद, परिवहन पदाधिकारी सह परिवहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी अनवर हुसैन आज छतरपुर एवं हुसैनाबाद पहुंचे। पदाधिकारियों ने छतरपुर स्थित राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय में अस्थाई रूप से प्रस्तावित वज्रगृह, एवं मतगणना केंद्र एवं डिस्पैच सेंटर तथा हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थित वज्रगृह एवं मतगणना केंद्र तथा डिस्पैच सेंटर का निरीक्षण किया। इस क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने वज्रगृह एवं मतगणना केंद्र स्थल पर निर्वाचन कार्य के लिए अबाधित विद्युत आपूर्ति करने हेतु अस्थाई रूप से विद्युतीकरण कराने का निर्देश दिया। साथ ही वहां साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल इत्यादि आवश्यक बुनियादी सुविधाएं शीघ्र बहाल करने का निर्देश दिया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुसैनाबाद एवं छतरपुर अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी, सभी निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थाना प्रभारियों के साथ बैठक कर निर्वाचन कार्य हेतु अबतक किए गए कार्यों की समीक्षा की। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत कलस्टर बनाने हेतु शीघ्र अंतिम प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। वहीं कलस्टर पर पेयजल, शौचालय इत्यादि आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर वॉल पेंटिंग कराने का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारियों को वज्रगृह एवं मतगणना केंद्र को लेकर 2 दिनों के भीतर संशोधित प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया, ताकि निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी दी जा सके। पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही शस्त्रों का निरीक्षण करने की बातें कही। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी तरह की कोई व्यवधान नहीं होनी चाहिए। अराजक तत्व, असामाजिक तत्व एवं अपराधिक छवि के लोगों पर विशेष नजर रखी जाए, ताकि चुनाव निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके। इसके अलावा बिहार से सटे सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया। छतरपुर में बैठक एवं निरीक्षण के दौरान छतरपुर अनुमंडल पदाधिकारी एनपी गुप्ता एवं हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय में बैठक एवं वज्रगृह तथा डिस्पैच सेंटर के निरीक्षण के दौरान हुसैनाबाद अनुमंडल पदाधिकारी कमलेश्वर नारायण सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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