एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार देर रात तीन यूरोपीय देशों की यात्रा के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार सुबह जर्मनी की राजधानी बर्लिन पहुंचे। रविवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय यूरोपीय दौरे की जानकारी दी। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उनका यूरोप दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब यह क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और उसके पास चुनाव के अवसर हैं। उन्होंने कहा कि शांति और समृद्धि की भारत की चाह में यूरोपीय देश प्रमुख साझेदार हैं। वे भारत के यूरोपीय साझेदारों के साथ सहयोग की भावना को मजबूत करना चाहते हैं। • मोदी दो मई को जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए। • यह इस साल होने वाली उनकी पहली विदेश यात्रा है। • इस दौरान वह 25 कार्यक्रमों में शामिल होंगे और तीन दिवसीय यात्रा के दौरान उन देशों में वह लगभग 65 घंटे बिताएंगे। • सरकारी सूत्रों के अनुसार इस दौरान मोदी 7 देशों के आठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें करेंगे। • सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी 50 वैश्विक व्यवसायियों से भी बातचीत करेंगे। • प्रधानमंत्री पहले जर्मनी जाएंगे, उसके बाद डेनमार्क और फिर वापसी में कुछ समय के लिए पेरिस में रुकेंगे। • सूत्रों के अनुसार मोदी जर्मनी और डेनमार्क में एक-एक रात बिताएंगे। • पीएम मोदी जर्मनी के बाद तीन और चार मई को कोपेनहेगन की यात्रा करेंगे। • इस दौरान वे डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे • इसी दिन वह द्वितीय भारत-नार्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। • अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मोदी फ्रांस में रुकेंगे। मोदी वहां राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पीएम मोदी की यूरोपीय यात्रा पर एक ट्वीट में कहा, यह यात्रा साझेदारी को गहरा करने, रणनीतिक अभिसरण का विस्तार करने और क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने का अवसर है। इससे पहले मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और देश में अर्ध-चालकों (सेमी-कंडक्टर) की खपत 2030 तक 110 अरब अमरीकी डॉलर के पार होने की उम्मीद है। यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप "इको-सिस्टम" है। उन्होंने कहा कि भारत अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार है और अन्य चीजों के साथ ही 5जी में क्षमताओं को विकसित करने में निवेश किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों के लिए वार्षिक शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह कैलेंडर विद्यालय प्रबंधन समिति का वार्षिक कैलेंडर है। कैलेंडर के तहत हर 3 महीने पर पेरेंट्स टीचर मीट का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी है। कैलेंडर के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति की हर महीने की 25 तारीख को एक बैठक आयोजित होगी, जिसमें विद्यालयों की समस्याओं और विभिन्न योजनाओं के संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा। जनवरी महीने में माध्यमिक विद्यालय में बोर्ड परीक्षा की तैयारी स्कूल की बुनियादी ढांचे के लिए पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ बैठक का आयोजन होगा। इसके अलावा पेरेंट टीचर मीटिंग में बच्चों की उपस्थिति पर भी चर्चा को लेकर योजना बनाई जाएगी। वहीं फरवरी महीने में विद्यालय सुरक्षा पर चर्चा होगी। पांचवीं, आठवीं और दसवीं के छात्र छात्राओं के लिए कई क्रियाकलापों का संचालन होगा। मार्च के महीने में शिक्षकों के साथ परिचर्चा का आयोजन होगा। इसके तहत पेरेंट्स से क्या सहयोग लेना है। सेकंड टर्म में बच्चों की प्रगति क्या है। विद्यालय प्रबंधन समिति इस पर चर्चा करेगी। अप्रैल में बैक टू स्कूल अभियान में छात्रों का नामांकन और उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। पांचवीं, छठी, आठवीं, नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं में छात्रों का रजिस्ट्रेशन मैपिंग भी की जाएगी। लगातार हर महीने कुछ न कुछ गतिविधि विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से रखी गई है। जनवरी से लेकर दिसंबर तक विद्यालय समिति की बैठक और विभिन्न क्रियाकलापों की जानकारी कैलेंडर में दी गई है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी वार्षिक कैलेंडर में हर महीने अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। पढ़ाई की गुणवत्ता के साथ-साथ मिड डे मील और विभिन्न योजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। विद्यालय समिति की मासिक बैठक भी आवश्यक है। इसका पूरी तरह पालन करने का निर्देश झारखंड परियोजना परिषद की ओर से दे दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव में इस बार आधी आबादी का दबदबा देखने को मिल रहा है। इस बार साठ फीसदी महिलाएं चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रही हैं। वहीं इसी बीच झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले और दूसरे चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई। तीसरे चरण के लिए नामांकन चल रहा है। वहीं 29 अप्रैल से चौथे चरण के लिए नामांकन शुरू हो गया। दूसरे चरण के लिए नामांकन का काम पूरा हो गया। चौथे चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि छह मई है। अंतिम चरण में 23 जिलों के 72 प्रखंडों में मतदान होगा। वहीं 7 और 9 मई को स्क्रूटनी की जायेगी। 10 व 11 मई को नाम वापसी होगी। 12 मई को चुनाव चिह्न आवंटित किया जायेगा। अंतिम चरण का मतदान 27 मई को और मतगणना 31 मई को होगी। 10 और 11 मई को नाम वापसी की तारीख है। इसके बाद 12 मई को चुनाव चिह्न आवंटन होगा और 27 मई को मतदान होगा। 31 मई को वोटों की कांउटिंग होगी। बता दें कि एक मई रविवार और तीन मई ईद की छुट्टी होने के कारण ऑफिस बंद रहेगा। इस कारण दो दिन प्रत्याशी नामांकन नहीं कर सकेंगे। चौथे चरण में ग्राम पंचायत सदस्य के 53,479, ग्राम पंचायत मुखिया के 4,345, पंचायत समिति सदस्य के 5,341 व जिला परिषद सदस्य के 536 पद शामिल हैं। झारखंड पंचायत चुनाव के चौथे चरण के लिए 29 अप्रैल से नॉमिनेशन प्रक्रिया शुरू हो गई जो आगामी छह मई तक चलेगी। वहीं, सात से नौ मई तक नॉमिनेशन पेपर की स्क्रूटनी होगी। चार चरणों में होंगे चुनाव 14 मई से 27 मई के बीच चार चरणों में चुनाव होंगे। कुल मिलाकर 4,345 मुखिया, 5,341 पंचायत समिति सदस्य, 536 जिला परिषद सदस्य और 53,479 ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए मतदान होगा। बता दें कि पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें 146 जिला परिषद सदस्यों, 1,405 पंचायत समिति सदस्यों, 1,127 मुखियाओं और 14,079 पंचायत सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार द्वारा संचालित राज्य के तमाम जिला पुस्तकालय में बिजली पेयजल और आवश्यकता के अनुसार बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के निर्देश के तहत अब राज्य के सभी जिला पुस्तकालय सुबह 8 से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। विभाग के इस फैसले से लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा। बता दें कि कोरोना काल के दौरान सभी शिक्षण संस्थानों के साथ साथ सेंट्रल लाइब्रेरी और जिला पुस्तकालय को भी बंद कर दिया गया था। लेकिन चीजें सामान्य होने पर शिक्षण संस्थानों के साथ साथ सभी लाइब्रेरी को भी ओपन कर दिया गया है। लेकिन इन लाइब्रेरी में समय सीमा निर्धारित किया गया था। सुबह 9 बजे से दिन के 2 बजे तक ही विद्यार्थी लाइब्रेरी का लाभ ले पा रहे थे। अब शिक्षा विभाग के नए निर्देश के मुताबिक राज्य के सभी जिला पुस्तकालय सुबह 8 से रात के 9 बजे तक खुले रहेंगे। विद्यार्थियों को इन पुस्तकालयों का लाभ मिल सके। ज्यादा से ज्यादा समय विद्यार्थी पुस्तकालयों में बिता सके। इसी के मद्देनजर शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। पुस्तकालयों के लिए किताब क्रय के लिए भी जिलों को राशि दिए जाने के बाद भी अब तक जिला पुस्तकालयों के लिए पुस्तकों की खरीदारी नहीं होने पर डीईओ को फटकार लगाई गई है। साथ ही जल्द से जल्द इन पुस्तकालयों में लाइब्रेरियन की भी व्यवस्था करने की बात कही गई है। जिन जिलों में पुस्तकालय के लिए किताबों की खरीदारी की गई है। उसकी पूरी सूची जिला शिक्षा परियोजना परिषद के तहत राज्य शिक्षा परियोजना परिषद को सौंपने को कहा गया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को पुस्तकालय से संबंधित तमाम ब्योरा देने का आदेश जारी हुआ है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आज से खुदरा दुकानों में सरकारी व्यवस्था के तहत शराब बेची जाएगी। झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिए 1564 दुकानों में शराब बेचने की घोषणा की गई थी। लेकिन, फिलहाल राज्य भर में 1100 शराब की दुकानें ही खोल पाने में सरकार सफल हो पाई है। नियमावली के तहत आज से शराब की सभी बोतल पर QR कोड लगा होगा। ताकि शराब की हर बोतल को ट्रैक किया जा सके। इस बारे में झारखंड खुदरा शराब विक्रेता संघ के अध्यक्ष अचिंत्य साहू ने बताया कि नियमावली में रिटेल में शराब की बिक्री पर 3 फ़ीसदी मार्जिन फिक्स किया गया है, जबकि एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में इस मार्जिन को नौ फ़ीसदी कर दिया गया है। हर बोतल को किया जा सकेगा ट्रैक : दरअसल इससे पहले चल रही व्यवस्था के तहत खुदरा शराब दुकान व्यापारी कोटा के उठाव के अनुसार तय की गई रेवेन्यू का भुगतान करते थे। लेकिन, अब सरकारी व्यवस्था के तहत हर बोतल पर तय की गई करीब 9 फ़ीसदी की मार्जिन राशि के आधार पर रेवेन्यू प्राप्त होगा। मतलब शराब की बोतल पर जो एमआरपी लिखा होगा, उसका 9 फ़ीसदी सरकार के रेवेन्यू में जाएगा। वहीं, दूसरी ओर क्यू आर कोड हर बोतल पर लिखा होगा, जिससे हर बोतल पर रेवेन्यू सुनिश्चित कर दी जाएगी। साथ ही बोतल को ट्रैक भी किया जा सकेगा। हालांकि इस बदली व्यवस्था को लेकर सियासत भी जमकर हो रही है। बीजेपी लगातार छत्तीसगढ़ मॉडल का विरोध कर रही है। पार्टी की मानें तो सरकारी मशीनरी को शराब बेचने में लगाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर झारखंड खुदरा शराब विक्रेता संघ लगातार सरकार की इस नई व्यवस्था का विरोध कर रहा है। संघ ने कहा कि सरकार बैक डोर से छत्तीसगढ़ मॉडल को लाने की तैयारी कर रही ह
टीम एबीएन, रांची। मंगलवार को होने वाले ईद पर्व काे लेकर रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ईद के दौरान शहर में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात रहेंगे। शहर की सुरक्षा के लिए सुबह छह बजे से राजधानी में दाे हजार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिसमें जिला बल, और रैफ की कंपनी भी शामिल रहेगी। रांची के सीनियर एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि रांची के कचहरी स्थित कंट्रोल रूम और धुर्वा स्थित नए कंट्रोल रूम से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधियों पर नजर रखा जाएगा। सादे लिबास में भी पुलिस अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से निगहबानी होगी। वहीं थानों में क्यूआरटी भी रिजर्व रखे गए हैं। इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने पीसीआर, टाईगर पुलिस और बीट पुलिस से भी लगातार संपर्क स्थापित करते रहने का निर्देश दिया गया है। बाइक दस्ता भी गली मोहल्लों में गश्त करेगी। सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। एसएसपी ने थानेदारों को निर्देश दिया है कि क्षेत्र के हर संवेदनशील इलाकों पर विशेष फोकस हो। प्रमुख ईदगाह, मस्जिदों सहित अन्य धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। थानेदार व डीएसपी खुद अपने-अपने क्षेत्र में गश्त लगाते रहें। किसी प्रकार की सूचना मिलने के बाद अपने आसपास से सटे थाना प्रभारी और डीएसपी से संपर्क स्थापित कर सुरक्षा सुनिश्चित करें। ईद के मद्देनजर सोशल साइट्स की भी पुलिस निगरानी कर रही है। इसके लिए साइबर सेल में एक विशेष टीम बनाई गई है। टीम सोशल साइट्स पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर निगरानी कर रही है। एसएसपी ने कहा है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कई ग्रुप के एडमिन को थाना स्तर से आगाह किया गया है चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट किया गया, तो पोस्ट करने वाले और एडमिन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की है। यातायात व्यवस्था काे सुगम बनाए रखने के लिए हरमू ईदगाह सहित प्रमुख जगहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। सभी काे विशेष ताैर पर जिम्मेवारी दी गयी है कि आने-जाने वाले लाेगाें काे किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हाे। शहर में जाम ना लगे। सुरक्षा में कहीं से कोई चुक ना हाे इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सुरक्षा के दृष्टिकाेण से अग्निशमन और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। फायर ब्रिगेड की टीम काे चाैकन्ना रहने का निर्देश दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्य पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में लाभुकों की संख्या 6,608,71 से बढ़कर 1434314 हो गई। मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत नए वृद्ध लाभुकों की संख्या में 5,774,26 की वृद्धि दो वर्ष में दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2019 तक इस योजना का 3,451,68 वृद्धजन लाभ ले रहे थे, वहीं 28 अप्रैल 2022 तक इनकी संख्या बढ़कर 9,225, 94 हो गई। इस दौरान 5,774,26 नये वृद्ध लाभुकों को योजना का लाभ दिया गया। इस तरह, स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के लाभुकों की संख्या में 31 दिसम्बर 2019 तक 87,796 नि:शक्त को जोड़ा गया था, जबकि 28 अप्रैल 2022 तक 1,878, 76 हो गई। योजना के तहत अप्रैल 2022 तक 1,000,80 नए लाभुकों को जोड़ा गया। मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना का लाभ दिसंबर 2019 तक 1,721,96 लाभुक को मिल रहा था, जो 28 अप्रैल 2022 तक 2, 574, 34 हो गया। योजना के तहत 85, 238 नये सुपात्र लाभुकों को जोड़ा गया। इस प्रकार मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना का लाभ दिसंबर 2019 तक 52, 336 लाभुक ले रहे थे, अप्रैल 2022 तक 9, 825 नए लाभुकों को योजना से आच्छादित किया गया। वर्तमान में इस योजना का लाभ 62, 161 लाभुक ले रहें हैं। मुख्यमंत्री राज्य एचआईवी /एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना में भी दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक 874 नये लाभुक जोड़े गए, इनकी संख्या 3, 375 से बढकर 4, 249 हो गई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत नीति आयोग की ओर से प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में मार्च माह के लिए रामगढ़ जिले को देश में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में मार्च महीने के आकलन में रामगढ़ जिले को पांचवां, कृषि के क्षेत्र में आठवां, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में सातवां एवं बुनियादी ढांचे में 15 वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि समग्र आकलन में जिले को इस माह छठा स्थान मिला है। बता दें कि नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में सुधार के लिए उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश पर नियमित रूप से सभी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा कर ससमय डाटा पोर्टल पर अपलोड कराने का भी निर्देश दिया गया है। भले रामगढ़ जिले ने स्वास्थ्य एवं पोषण और कृषि जैसे संकेतकों में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, लेकिन शिक्षा के संकेतक चिंतित करते हैं। डेल्टा रैंकिंग में शिक्षा के क्षेत्र में रामगढ़ की 108 वीं रैंकिंग चिंतित करने वाली है। जब किसी व्यक्ति और समाज के विकास की बुनियादी शर्त ही शिक्षा मानी जाती हो, तब 117 जिलों में शिक्षा की 108 वीं रैंकिंग आगे आने वाले दूसरे संकेतकों पर भी दुष्प्रभाव डाल सकती है। इसलिए इस पर भी फोकस करना जरूरी है। दरअसल, भारत में लोगों के जीवन की गुणवत्ता अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला विविधताओं पर निर्भर करती है। इस आर्थिक विषमता को दूर करने के लिए देश के 117 जिलों में जनवरी 2018 में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। नीति आयोग की इस पहल का मकसद था पिछड़े जिलों की पहचान कर उनका तेजी से विकास करना। इसके अलावा देश में प्रतिस्पर्धी संघवाद की संस्कृति को बढ़ावा देकर पिछड़े जिलों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विषयों पर फोकस करना है, जिसका नागरिकों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है। • स्वास्थ्य और पोषण। • शिक्षा। • कृषि और जल संसाधन। • वित्तीय समावेशन और कौशल विकास। • बुनियादी ढांचा।
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