राज काज

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Published / 2022-06-03 13:17:34
झारखंड : सरकारी कर्मचारियों के 60 हजार पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर लगी रोक को सरकार ने हटा लिया है। सरकार के इस फैसले से करीब 60 हजार पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के द्वारा चिठ्ठी जारी कर दिया गया है। झारखंड में 24 दिसंबर 2021 से सरकारी कर्मियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई थी। गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान राज्य कर्मियों की प्रोन्नति में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के वरीय सरकारी सेवकों को प्रोन्नति से वंचित कर सामान्य वर्ग के कनीय कर्मियों को प्रोन्नति देने का मामला सदन में उठाया गया था। उठाये गये प्रश्न के बाद विधानसभा की एक विशेष समिति का गठन किया गया था।उसके बाद मामले की जांच की गयी थी। जिसके बाद राज्य सरकार द्वारा विभागीय पत्र 24.12.2021 के माध्यम से तत्काल प्रभाव से प्रोन्नति की प्रक्रिया स्थगित की गयी थी। सरकारी कार्यालयों में एससी, एसटी अधिकारियों व कर्मियों के प्रोन्नति में हुए विसंगति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चला। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य के सरकारी कार्यालयों मंं एससी, एसटी अधिकारियों व कर्मियों प्रतिनिधित्व का आंकड़ा जुटाने के लिए प्रमोशन पर रोक लगा दी गई। इस रोक की वजह से सरकारी विभागों में विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मियों का प्रोन्नति रूक गयी। कई अधिकारी व कर्मचारी उच्च पदों पर प्रोन्नति पाये बगैर रिटायर हो गए। राज्य सरकार ने इस बीच अपर मुख्य सचिव एल खियांगते की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की। इस कमेटी को सरकारी कार्यालयों में एससी-एसटी के प्रतिनिधित्व का आंकड़ा जुटाने को कहा गया। पिछले वर्ष आठ अक्टूबर को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी। इसके बाद विभाग ने रिपोर्ट के आधार पर एक विधेयक लाया और इसमें परिणामी वरीयता के आधार पर एससी-एसटी को प्रोन्नति देने की बात कही गई है। कार्मिक सचिव वंदना डाडेल के द्वारा जारी चिठ्ठी के बाद प्रोन्नति पर लगी रोक हट गई है और सरकार ने इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर सभी विभागों के प्रधानों और उपायुक्त को सूचित किया है।

Published / 2022-06-02 15:06:16
लगातार तीसरे माह 1.40 लाख करोड़ के पार रहा जीएसटी कलेक्शन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जीएसटी के मोर्चे पर एक बार फिर सरकार को भारी-भरकम कलेक्शन हुआ है। मई 2022 के महीने में एकत्र किया गया ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1,40,885 करोड़ रुपए है। इसमें सीजीएसटी 25,036 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 32,001 करोड़ रुपए, आईजीएसटी 73,345 करोड़ रुपए और उपकर 10,502 करोड़ रुपए शामिल है। एक साल पहले क्या था हाल : मई 2022 का कलेक्शन पिछले वर्ष के इसी महीने में 97,821 करोड़ रुपए के जीएसटी राजस्व से 44 फीसदी अधिक है। बहरहाल, जीएसटी कलेक्शन का बढ़ना अच्छे संकेत हैं। यह अच्छी खबर ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार ने बीते 31 मई को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 86912 करोड़ रुपए का जीएसटी क्षतिपूर्ति भी जारी किया है। लगातार तीसरे माह 1.40 लाख करोड़ : वहीं, ॠरळ लागू होने के बाद से चौथी बार है जब कलेक्शन 1.40 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा है। वहीं, मार्च 2022 से लगातार तीसरा महीना है जब कलेक्शन ने इस स्तर को पार किया है। आपको बता दें कि साल 2017 में जीएसटी लागू किया गया था। अप्रैल में टूटे थे सारे रिकॉर्ड : बीते अप्रैल माह में जीएसटी कलेक्शन के सारे रिकॉर्ड टूट गए थे। अप्रैल 2022 में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 1.68 लाख करोड़ रुपए का रहा, जो अब तक का सर्वाधिक है। यह पहली बार था जब जीएसटी कलेक्शन 1.50 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर गया।

Published / 2022-06-01 09:06:45
उत्पाद विभाग को मई 2022 में रिकॉर्ड 188 करोड़ का मिला राजस्व : विनय चौबे

टीम एबीएन, रांची। उत्पाद विभाग की नई शराब नीति की वजह से राजस्व संग्रहण में मई 2022 में 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है, जो एक रिकॉर्ड है। नई नीति लागू होने के पूर्व अप्रैल 2022 में 109 करोड़ रू का राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि मई 2022 में 188 करोड़ रू की प्राप्ति हुई। एक तरफ राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी ओर नीति में चार बिन्दुओं पर हुए बदलाव की वजह से सिस्टम में भी आमूल-चूल परिवर्तन आया है। ये बातें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने उत्पाद विभाग के कौटिल्य सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। श्री चौबे ने बताया कि राज्य में नई शराब नीति को लेकर 31 मार्च को संकल्प जारी किया गया था और एक महीने में नई नीतियों को तैयार कर 1 मई 2022 से राज्य में नई शराब नीति को लागू किया गया। एक महीने में सरकार को उत्पाद राजस्व में 188 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है जो अब तक का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि नई उत्पाद नीति को राजस्व वृद्धि के अनूकूल बनाया गया है जिसमें तीन बिन्दुओं यथा थोक बिक्रेता, खुदरा बिक्रेता और बार संचालन को लेकर नई नीतियां बनाई गयी हैं जबकि देसी शराब नीति में संशोधन किया गया है। साथ ही मैन पावर, सुरक्षा गार्ड, ऑडिट, ट्रांसपोर्ट आदि के लिये अलग-अलग एजेंसियों का चयन ऑनलाईन टेंडर के माध्यम से पारदर्शिता के साथ किया गया है। नीति में चेक्स एंड बैलेंस के बीच संतुलन बनाया गया है। पिछली बार सेल्स पर राजस्व का प्रावधान था जबकि इस बार की नीति में उठाव पर राजस्व का प्रावधान किया गया है साथ ही शराब का जहां उत्पादन हो रहा है, हम नई नीति के अनुरूप् वहीं पर ऑनलाईन होलोग्राम देकर कोड उपलब्ध करा रहे हैं। उत्पाद सचिव ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2017 के अगस्त में नई उत्पाद नीति जब लागू की गयी थी, उस वक्त लागू होने के अगस्त महीने में सिर्फ 23 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई थी जबकि एक मई 2022 को लागू नीति के बाद 188 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है तो इस नीति की सफलता की कहानी का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि मई महीने में कंट्री लीकर की समस्या आई थी लेकिन आगामी दस दिनों के अन्दर इस समस्या से निजात मिल जायेगी। नियोजन नीति को लेकर उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कमेटी गठित कर दी गयी है, जो सतत प्रक्रिया के बाद अर्हता पूरी करने वालों का नियोजन करेगी। उत्पाद आयुक्त अमित कुमार ने जानकारी दी कि वर्तमान में कुल 1434 दुकानें सक्रिय हैं और बीते एक महीने में 49 दुकानों में ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रन कर रहा है। उन्होंने बताया कि 1 जून से पांच जिलों रांची, जमशेदपुर, धनबाद, सरायकेला और बोकारो में भी ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम प्रारंभ किया जा रहा है। उक्त व्यवस्था लागू हो जाने से लिकेज की संभावना लगभग खत्म हो जायेगी।

Published / 2022-05-31 15:32:01
ग्रामीण विकास योजनाओं से समृद्ध हो रहे गांव : आलमगीर आलम

टीम एबीएन, रांची। प्रोजेक्ट भवन सभागार में ग्रामीण महिलाओं के संकुल स्तरीय संगठनों के पदाधिकारियों का राज्य स्तरीय एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्घाटन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री आलमगीर आलम ने कार्यक्रम के जरिए राज्य के सखी मंडल की दीदीयों को सशक्त कर आजीविका एवं आमदनी बढ़ोतरी समेत कई सामाजिक क्षेत्रों में विकास के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत संकुल संगठन की बहनों को झारखण्ड में उपलब्ध विभिन्न आजीविका के अवसरों का लाभ मिले इस हेतु विभाग नवीनतम रणनीति बनायें और सखी मंडल की दीदियों को प्रशिक्षित करें जिसके जरिए सखी मंडल एवं उच्चतर संगठन सरकार के लक्ष्यों के मुताबिक ग्रामीण विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सके। इसी कड़ी में राज्य में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेट पशु सखी, कृषक मित्र, वनोपज मित्र, सीआरपी समेत परियोजना क्रियान्वयन के लिए करीब 90 हज़ार सामुदायिक कैडर को प्रशिक्षित कर परियोजना के विस्तारण में लगाया गया है। श्री आलम ने बताया कि राज्य में अब तक करीब 35 लाख ग्रामीण महिलाए 2.79 लाख समूह से जुड़ कर आत्मनिर्भर बन चुकी है। राज्य की करीब 27 लाख बहनों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा जा चुका है वहीं 16.79 लाख बहनों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जोड़ा जा चुका है। गांव में बैंकिंग सुविधाओं को आसान बनाने में बीसी सखी की भूमिका की तारीफ करते हुए श्री आलम ने कहा कि अब तक 4647 बीसी सखी पंचायतों में घर-घर बैंकिंग सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि सखी मंडल से जुड़ी 21 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जा चुका है। जिसके तहत दीदियां खेती, पशुपालन, वनोपज एवं उद्यमिता से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक कुल 230 पलाश मार्ट की शुरूआत की जा चुकी है जो प्रशंसनीय है। वहीं इस पहल से 2 लाख से ज्यादा दीदियां लाभान्वित हो रही है। श्री आलम ने अपने संबोधन में कहा कि अब तक 128,374 समूह सदस्यों को अजीविका संवर्धन गतिविधियों हेतु 30,000/- रू से अधिक की व्यक्तिगत ऋण उपलब्ध करायी जा चुकी है। वहीं इस वित्तीय वर्ष में अब तक 209,118 समूह सदस्यों को व्यक्तिगत ऋण हेतू चिन्हित किया जा चुका है एवं इनको मुद्रा लोन / केसीसी लोन / अपने समूह से ऋण उपलब्ध कराने हेतु प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में फूलो झानो आशीर्वाद अभियान के जरिये हड़िया दारू निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी 23,000 से ज्यादा महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराया गया है। वहीं राज्य संपोषित जोहार परियोजना के तहत 17 जिलों के 68 प्रखंडों के 3815 गांव में 3922 उत्पादक समूह एवं 20 उत्पादक कंपनियों संचालन हो रहा है। जिसके तहत राज्य के करीब 2.21 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास सचिव डॉ मनीष रंजन ने कहा कि इस कार्यशाला के जरिए संकुल संगठन के पदाधिकारियों को गांव के उत्पादों के संग्रहण, गुणवत्तापूर्ण संग्रहण एवं क्लस्टर तैयार करने से लेकर बाजार व्यवस्था पर प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सखी मंडल की प्रत्येक दीदी की आमदनी 10 हजार से 15 हजार करना हमारा लक्ष्य है। इस कार्यशाला में दीदियों को बिजनस प्लान के गुर एवं फायदे समेत पलाश के उत्पादों के बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं गुणवत्ता पर भी मंथन किया जाएगा। ग्रामीण विकास सचिव ने दीदियों के शिकायत एवं सुझाव के लिए इंटरनल कंप्लेन सिस्टम पर कार्य करने की सलाह दी एवं आईटी टूल्स के उपयोग पर बल दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेएसएलपीएस के सीईओ सूरज कुमार ने कहा कि जिलावार क्लस्टर एप्रोच में कार्य करने के लिए सखी मंडल की दीदियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में दीदियां इस पहल से आत्मनिर्भरता के पथ पर बढ़ेगी एवं उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी। कार्यक्रम में नाबार्ड के सीजीएम विनोद कुमार ने नाबार्ड के विभिन्न योजनाओं की जानकारी सखी मंडल की बहनों से साझा की। वहीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के जीएम सुबोध कुमार ने सभी दीदियों से 8 जून को आयोजित होने वाले मेगा क्रेडिट कैंप में भाग लेने की अपील की। कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में संकुल संगठन के पदाधिकारियों को क्लस्टर एप्रोच, बिजनस प्लान, वित्तीय समावेशन पर प्रशिक्षित किया गया। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से 200 से ज्यादा संकुल संगठन की दीदियां उपस्थित थी। इस कार्यशाला में अपर सचिव राम कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास विभाग व अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

Published / 2022-05-30 15:48:28
वंदना दादेल को उद्योग विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी वंदना दादेल अपने कार्यों के साथ उद्योग विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। श्रीमती वंदना दादेल वर्तमान में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की प्रधान सचिव है एवं मंत्रिमंडल सचिवालय समन्वय एवं निगरानी विभाग के प्रधान सचिव के अतिरिक्त प्रभार में भी है। इस सम्बन्ध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग अधिसूचना जारी की है।

Published / 2022-05-28 15:48:26
कोविड प्रोटोकॉल और मॉनसून के मद्देनजर बनायें कार्य योजना : छवि रंजन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में मांडर विधानसभा उप चुनाव के सफल संचालन के लिए आज अहम बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में उपायुक्त ने माण्डर उपचुनाव के लिए गठित कोषांगों के वरीय और नोडल पदाधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिया। उपायुक्त ने निर्वाचन कोषांग, कार्मिक कोषांग, ई भी एम कोषांग, वाहन कोषांग, प्रशिक्षण कोषांग, मैटेरियल कोषांग, व्यय अनुश्रवण कोषांग, प्रेक्षक कोषांग, एम सी सी कोषांग, मीडिया कोषांग, डाक मतपत्र कोषांग समेत सभी 18 कोषांगों के वरीय एवं नोडल पदाधिकारियों को कोविड प्रोटोकॉल और मॉनसून को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने का निदेश दिया है। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा दिए गए सभी दिशानिदेर्शों का अक्षरश: पालन करने का भी निदेश दिया गया। आदर्श आचार संहिता (मॉडल कोड आॅफ कंडक्ट) कोषांग को संचालित करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी को अधिकृत किया गया है। विधि व्यवस्था के संधारण के लिए एडीएम लॉ एंड आर्डर तथा एसडीएम रांची को आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। वाहनों के परमिशन के लिए निवार्ची पदाधिकारी मांडर विधानसभा को अधिकृत किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि मतगणना केंद्र के मतगणना हॉल में कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से ही पूरी तैयारी करने की व्यवस्था करनी है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निदेर्शों के आलोक में कितने काउंटिंग हॉल की आवश्यकता होगी इसका आंकलन भी करने का निदेश दिया गया। कोविड उचित व्यवहार के अनुपालन के लिए सभी कोषांग के वरीय एवं नोडल पदाधिकारियों को आवश्यकता के आंकलन करते हुए सामग्रियों की मांग उचित माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। मॉनसून को देखते हुए मैटेरियल कोषांग को विभिन्न कोषांगों को सामग्री उपलब्ध करने के लिए पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। सभी 429 मतदान केंद्रों पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। स्टैटिक सर्विलांस टीम, वीडियो व्यूइंग टीम के क्रियान्वयन और लगातार मोनिटरिंग का भी निर्देश दिया गया। कार्मिक कोषांग के वरीय पदाधिकारी को आवश्यकतानुसार कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निदेश दिया गया। प्रशिक्षण कोषांग, वेब कास्टिंग कोषांग, सी- विजिल, सहायता एवं शिकायत निवारण कोषांग, सिंगल विंडो कोषांग, डाक मतपत्र कोषांग, पी डब्ल्यू डी कोषांग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इस अवसर पर डीडीसी, ए डी एम लॉ एंड आडर्र, ए सी, एस डी एम रांची समेत वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-05-28 14:41:54
राज्यसभा चुनाव : झामुमो का होगा उम्मीदवार, सोनिया से मिलने सीएम गये दिल्ली

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यसभा चुनाव को लेकर बात हुई जिसके बाद झामुमो ने साफ कर दिया है कि उम्मीदवार उन्हीं का होगा। राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा के लिए शिबू सोरेन अधिकृत किया गया है। माना जा रहा है कि झामुमो के इस फैसले से कांग्रेस को झटका लग सकता है। कहा जा रहा है झामुमो ने जो फैसला लिया है उसकी जानकारी सोनिया गांधी को खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली जाकर देंगे। झामुमो के फामूर्ले के तहत राज्यसभा में झामुमो का उम्मीदवार होगा। उसके बदले में झामुमो मांडर उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगी। झामुमो ने साफ कर दिया है कि झारखंड के राज्यसभा चुनाव में उनका ही उम्मीदवार होगा। उनके इस फैसले से दोनों दलों के बीच खटास भी आ सकती है। इससे पहले झारखंड कांग्रेस के बड़े नेता दिल्ली गए थे वहां ये फैसला किया था कि किसी अल्पसंख्यक को उम्मीदवार बनाया जाएगा। अब उन नेताओं की कवायद को झटका लगा है। पार्टी की ओर से कौन राज्यसभा का उम्मीदवार होगा इसके लिए शिबू सोरेन अधिकृत किया गया है। माना जा रहा है कि पुराने नेता सुप्रियो भट्टाचार्या का नाम भी चर्चा में है तो अन्य नामों के साथ इस नाम पर भी चर्चा होगी। अंतिम फैसला दिशोम गुरु शिबू सोरेन को लेना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में हेमन्त सोरेन, सीता सोरेन, लोबिन हेम्ब्रम, चंपई सोरेन, मथुरा महतो, जगरनाथ महतो, मिथलेश ठाकुर सहित सभी विधायकों ने भाग लिया। बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अलग सरना धर्म कोड की मांग को लेकर झामुमो का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन जाएगा। झामुमो के नेता सुप्रियो भट्टाचार्या ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल जून महीने में राष्ट्रपति से मुलाकात कर अलग सरना धर्म कोड की मांग करेंगे।

Published / 2022-05-28 12:39:05
पलामू : चैनपुर के भड़गांवा में 29 को पुनर्मतदान, वार्ड सदस्य के लिए पड़ेंगे वोट

टीम एबीएन, मेदिनीनगर, पलामू। त्रिस्तरीय पंचायत (आम), निर्वाचन, 2022 को लेकर चैनपुर प्रखंड के भड़गांवा ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 9, मतदान केन्द्र संख्या 256 पर पुर्नमतदान होगा। यह मतदान केन्द्र प्राथमिक विद्यालय, कुरका में स्थित है। यहां वार्ड सदस्य पद के लिए पुर्नमतदान की तिथि राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड रांची द्वारा 29 मई को निर्धारित है। मतदान प्रात: 7 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त शशि रंजन ने उक्त मतदान केन्द्र के संबंधित क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की है कि निर्धारित तिथि एवं समय पर मतदान केंद्र पहुंचकर अपने-अपने मत का प्रयोग करें। साथ ही मतदान कर्मियों को सही से कर्त्तव्य निर्वहन का निदेश दिया है। इधर, पुनर्मतदान को लेकर चैनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी गिरीवर मिंज ने प्राथमिक विघालय, कुरका का जायजा लिया। साथ ही वार्ड क्षेत्र के लोगों के बीच जाकर मतदान करने की अपील करते हुए मतदान के महत्त्व को बताया। उन्होंने सभी से अपील किया कि निर्धारित समय पर मतदान अवश्य करें। साथ में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी राधेश्याम राम भी उपस्थित थे। विदित हो कि त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन, 2022 के तहत पलामू जिले में चार चरणों में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुए हैं। प्रथम चरण में 65.17 प्रतिशत मतदान हुए। जबकि द्वितीय चरण में 70 प्रतिशत, तृतीय चरण में 71.79 प्रतिशत एवं चतुर्थ चरण में 72.36 प्रतिशत मतदान हुए हैं। दो चरणों का मतगणना कार्य भी संपन्न हो चुका है। वहीं तृतीय एवं चतुर्थ चरण की मतगणना के लिए 31 मई 2022 की तिथि निर्धारित है। पुनर्मदान की मतगणना भी निर्धारित तिथि को होगी। मतगणना के लिए कृषि उत्पादन बाजार समिति, बैरिया में तैयारी की गयी है। मतगणना तृतीय चरण मनातू, तरहसी, नीलांबर- पीतांबरपुर (लेस्लीगंज), सतबरवा, पांकी एवं चतुर्थ चरण में पांडू, विश्रामपुर, चैनपुर, रामगढ़ एवं सदर मेदिनीनगर प्रखंड में हुए मतदान की मतगणना होनी है।

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