टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 29 जुलाई शुरू होने की संभावना है। अगस्त के पहले सप्ताह तक इस सत्र का आयोजन किया जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 5 से 6 दिनों का कार्य दिवस होने की संभावना है, जिसमें सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य किए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा जल्द ही इसकी औपचारिक रुप से घोषणा की जायेगी। सत्र की शुरुआत होने के बाद 30 और 31 को शनिवार-रविवार के कारण सदन की कार्यवाही नहीं होगी। सोमवार यानी एक अगस्त से सदन की कार्यवाही चलेगी जिसमें विधायी कार्यों के अलावे सरकार द्वारा पिछले दिनों राजभवन से लौटाई गई कई बिलों को सदन के पटल पर रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान विधायक अपने अपने क्षेत्र की समस्या को सदन में रखेंगे। इसके अलावे सदन के पहले दिन मांडर की नवनिर्वाचित विधायक शिल्पी नेहा तिर्की सदन की सदस्यता ग्रहण करेंगी। संवैधानिक व्यवस्था के तहत एक सत्र से दूसरे सत्र की अधिकतम अवधि 06 महीने का होना चाहिए। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी से 25 मार्च तक हुआ था। इस तरह मानसून सत्र 25 सितंबर से पहले होना चाहिए। 2021 में 03 से 09 सितंबर तक मानसून सत्र चला था वहीं 2020 में कोरोना के कारण 18 से 22 सितंबर तक मानसून सत्र आयोजित हुए थे जबकि 2019 में 22 से 26 जुलाई तक आयोजित हुआ था। विधानसभा सत्र सामान्य तौर पर साल में तीन बार आहूत किए जाते हैं जो कि बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र के रुप में जाना जाता है। संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल द्वारा सदन की कार्यवाही प्रत्येक 06 माह में कम से कम एक बार बुलाया जाता है। जाहिर है मानसून सत्र को लेकर सरकार के पास अभी पर्याप्त दिन शेष हैं। बजट सत्र को छोड़कर मानसून और शीतकालीन सत्र अमूमन कम दिनों का बुलाया जाता है। 2019 और 2020 में मानसून सत्र महज पांच दिनों का ही बुलाया गया था।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि 15 अगस्त 2022 तक राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन स्कीम का सौगात देगी राज्य सरकार। 15 अगस्त तक सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू होगी। आपकी झारखंडी सरकार सभी वर्गों के सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। मेरी कोशिश है 15 अगस्त 2022 तक झारखंड के सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी काल से उबरने के बाद अब राज्य सरकार विकास कार्यों को गति देने में लगी है। सरकार की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में आप सभी कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। आप सभी लोग राज्य सरकार के अभिन्न अंग हैं। राज्य को बेहतर दिशा देने में सभी वर्गों का साथ चाहिए तभी राज्य आगे बढ़ेगा। हमारी सरकार आपकी समस्याओं का समाधान कर रही है। राज्य के पारा शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं का निदान भी वर्तमान सरकार ने किया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज बिरसा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी में आयोजित पेंशन जयघोष महासम्मेलन में कही। राज्य के सर्वांगीण विकास में सभी का सहयोग जरूरी : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इस फुटबॉल स्टेडियम में उपस्थित आप सभी पदाधिकारी, कर्मीगण के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है। आप सभी लोग सरकार का आंख, कान, नाक तथा हाथ-पांव बनकर कार्य करते हैं। झारखंड प्रदेश जहां की भौगोलिक संरचना कई मायनों में काफी अलग है। यहां लोग पहाड़, पर्वत, जंगल सहित अनेकों दुर्गम जगहों पर निवास करते हैं, उन तक सरकार की योजनाओं और संदेशों को आप के माध्यम से पहुंचाया जाता है। सरकार और आपके आपसी समन्वय से इस राज्य को विकास की श्रेणी में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार इस राज्य की परिस्थिति को देखते हुए सभी समस्याओं को सुलझाते हुए कदम बढ़ा रही है। हमें किसी भी हाल में हारना नहीं है। सरकार समस्याओं के जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जनहित के सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण काल में आप सभी ने सराहनीय कार्य किया : मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल के समय आप सभी के द्वारा किया गया कार्य काफी सराहनीय रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर जनहित में जो कार्य आप सभी ने कर दिखाया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। वैश्विक संक्रमण के समय राज्य के अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स, इत्यादि पर्याप्त संख्या में नहीं थे, ऐसी स्थिति में भी हम सभी ने मिलकर राज्य को इस संक्रमण से निकालने का काम कर दिखाया है। ये सब आपके सहयोग से ही संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लोग अपने अपने घरों में कैद थे। तभी गरीब, किसान, मजदूर, जरूरतमंदों तक आंगनबाड़ी कर्मी, सहिया दीदियां एवं सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं सहित विभिन्न संस्थान के लोगों ने भोजन पहुंचाया। राज्य सरकार ने झारखंड में किसी को भी भूखा मरने नहीं दिया। हम सभी ने मिलकर उस समय एक बेहतर प्रबंधन का मिसाल कायम किया। सभी के विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जिस आशा और विश्वास के साथ हमारी सरकार बनी है, इन आशा और विश्वास पर हमें खरा उतरना है। सरकार ने जो वादे किए हैं उन वादों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने की कोशिश की जा रही है। 32 वर्ष बाद राज्य में कृषि पदाधिकारी तथा राज्य गठन के बाद पहली बार विधि प्रयोगशालाओं में राज्य के स्थानीय बच्चों की नियुक्ति की गई है। झारखंड कृषि प्रधान राज्य है। कृषि पदाधिकारियों के अभाव में आधुनिक संसाधनों का उपयोग यहां के किसान नहीं कर पा रहे थे। मुझे विश्वास है कि अब नवनियुक्त पदाधिकारियों द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीक की जानकारी तथा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। राज्य विधि प्रयोगशालाओं में फॉरेंसिक जांच के लिए कर्मी नहीं थे। अब हमें फॉरेंसिक जांच सहित कई जांचों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जन-जीवन को सुरक्षित करना लक्ष्य : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में जन-जीवन को सुरक्षित करना हमारा लक्ष्य है। सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारी सरकार ने राज्य में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का काम किया है। पात्र लोगों को खोज-खोज कर सरकार पेंशन देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठने वाले लोगों को संवेदनशील होना चाहिए। जनहित के निर्णय लेने से पहले सभी पहलुओं को देखने की आवश्यकता पड़ती है। इस पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी की भी चिंता करना जरूरी है। वर्तमान राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के कई योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है। हमारी सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन न के बराबर किया गया है। हमारी सरकार सभी लोगों के साथ संवेदना रखती है। हमारी सरकार में लाठी-डंडा, शोषण या बेवजह परेशान करने की इजाजत नहीं है। पहले राज्य के पारा शिक्षक साल के 12 महीनों में 11 महीना धरना प्रदर्शन ही करते दिखते थे, परंतु सरकार गठन के बाद हमने उनके समस्याओं को सुलझाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की उदासीन रवैया से राज्य में समस्याओं का अंबार लगा पड़ा है। हमारी सरकार हरसंभव इन समस्याओं को सुलझाने में लगी है। मुख्यमंत्री का परंपरागत स्वागत किया गया : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के सभा स्थल पर पहुंचते ही तालियों की गूंज से स्टेडियम गुंजायमान हो गया। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम झारखंड (एनएमओपीएस) के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का परंपरागत स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को एक शिक्षिका रजनी कुमारी ने उनका तथा राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पेंटिंग सप्रेम भेंट किया। मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक अंबा प्रसाद, पदमश्री मुकुंद नायक, एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत कुमार सिंह, प्रदेश महिला अध्यक्ष डॉ सुधा शर्मा सहित अन्य राज्य के प्रतिनिधि तथा झारखंड के विभिन्न जिलों एवं प्रखंडों से पहुंचे पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने के मुद्दे पर राज्य की सत्ताधारी झामुमो भारी पसोपेश में है। राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर उसने शनिवार को तय किया कि इस मुद्दे पर कोई निर्णय लेने से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। झामुमो ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक बुलायी थी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन की अध्यक्षता में पार्टी के सभी विधायक और सांसद मौजूद थे। लेकिन दो घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में पार्टी यह तय नहीं कर सकी कि राष्ट्रपति चुनाव में वह द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी अथवा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का समर्थन करेगी। झामुमो के विधायक नलिन सोरेन ने बताया कि मोरहाबादी स्थित शिबू सोरेन के आवास पर हुई इस बैठक में पार्टी ने तय किया कि केन्द्र सरकार से कुछ मुद्दों पर पहले बात की जाएगी और उसके बाद ही पार्टी द्रौपदी मुर्मू की उम्मीदवारी को समर्थन देने के बारे में अंतिम फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी का रुख तय करने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। हालांकि पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने बैठक के बाद कहा कि अभी राष्ट्रपति पद पर समर्थन के मुद्दे पर पार्टी ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और इस बारे में अंतिम निर्णय लेने से पूर्व पार्टी के विधायकों एवं सांसदों की एक और बैठक की जायेगी। बैठक के बाद झामुमो नेता और राज्य के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भी कहा कि बैठक में राज्य हित और देश हित के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, अभी तक हम लोगों ने फैसला नहीं किया है कि किसके पक्ष में मतदान करना है। पार्टी की एक और बैठक होगी उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। द्रौपदी मुर्मू मूल रूप से ओडिशा के मयूरभंज जिले की हैं और वह संथाल समुदाय से संबन्ध रखती हैं। वह झारखंड की राज्यपाल रहीं है और इस दौरान उनके झामुमो के साथ बहुत निकट संबंध रहे। विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा का भी झारखंड से गहरा नाता है। यशवंत सिन्हा झारखंड के हजारीबाग से कई बार सांसद रहे और फिलहाल उनके बेटे जयंत सिन्हा हजारीबाग से ही भाजपा के लोकसभा सांसद हैं। इस बीच झामुमो ने बयान जारी कर बताया कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन की अध्यक्षता में पार्टी के सभी सांसदों एवं विधायकों की बैठक हुई। बयान में कहा गया, बैठक में राष्ट्रपति चुनाव के संबंध में चर्चा की गई और इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लेने हेतु माननीय केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन को अधिकृत किया गया।
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने के मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा असमंजस की स्थिति में है। शनिवार दोपहर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में जेएमएम के विधायक-सांसद इस मुद्दे पर एकमत नहीं हो पाये जिस वजह से पार्टी ने मतदान पूर्व एक बार फिर बैठक कर निर्णय लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गुरुजी शिबू सोरेन की मौजूदगी में हुई इस बैठक में पार्टी के विधायक और सांसद मौजूद थे। कई घंटों तक हुई इस बैठक में पार्टी विधायक और सांसदों ने अपनी अपनी राय रखी। कुछ विधायकों का मानना था कि यशवंत सिन्हा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इससे विपक्षी एकता में खटास होगी तो कुछ विधायक का मानना था कि दलगत भावना से उठकर एनडीए प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू को समर्थन करना चाहिए। फिलहाल विधायक की अलग अलग राय के बाद केन्द्रीय अध्यक्ष को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। इसके अलावा मतदान से पहले एक बार फिर पार्टी विधायक-सांसदों की बैठक करने का फैसला लिया गया। इसके अलावा बैठक में कुछ विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को केन्द्रीय गृहमंत्री से मिलकर झारखंड की वर्तमान परिस्थिति से अवगत कराने की सलाह दी गई। जेएमएम विधायक वैद्यनाथ राम ने मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में लोगों ने खुलकर विचार रखे हैं और आगे मुख्यमंत्री इसपर निर्णय लेंगे। वहीं जेएमएम नेता सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी देशहित और राज्यहित में फैसला लेगी। फिलहाल बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। बैठक में मंत्री मिथिलेश ठाकुर, मंत्री चंपाई सोरेन, मंत्री जगरनाथ महतो, विधायक मथुरा महतो, विधायक वैद्यनाथ राम सहित कई मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय वायुसेना में शुक्रवार (24 जून) से अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है। शुक्रवार से कैंडिडेट रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। ऑनलाइन परीक्षा एक महीने बाद यानि 24 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इस साल दिसंबर से पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। 19 जून को वायुसेना ने नई योजना के बारे में सारी डिटेल शेयर की थी। इसके तहत पात्रता मानदंड, पारिश्रमिक पैकेज, मेडिकल और सीएसडी (कैंटीन स्टोर ) सुविधाएं, दिव्यांगता के लिए मुआवजा, दिव्यांगता की सीमा की गणना, छुट्टी और ट्रेंनिंग समेत अलग-अलग जानकारियां मुहैया कराई गई हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड की पूर्व राज्यपाल 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना नामांकन दाखिल करेंगी। नामांकन के दौरान ओडिशा की सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजद) के प्रतिनिधि के रूप में राज्य सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहेंगे। बीजद ने मुर्मू की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। इससे पहले मुर्मू बृहस्पतिवार को अपने गृह राज्य ओडिशा से दिल्ली पहुंचीं और शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा से भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी मुर्मू के नामांकन पत्र में पहले प्रस्तावक होंगे। भाजपा अध्यक्ष नड्डा सहित पार्टी के अन्य शीर्ष नेता भी प्रस्तावकों में शामिल रहेंगे। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद जोशी के आवास पर प्रस्तावक और समर्थक के तौर पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए मुर्मू की उम्मीदवारी की देश भर में तथा समाज के सभी वर्गों द्वारा सराहना की जा रही है। उन्होंने ट्विटर पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। मोदी ने कहा, द्रौपदी मुर्मू जी से मुलाकात की। राष्ट्रपति पद के लिए उनकी उम्मीदवारी की देश भर में और समाज के सभी वर्गों द्वारा सराहना की जा रही है। जमीनी समस्याओं के प्रति उनकी समझ और भारत के विकास को लेकर उनकी दृष्टि उत्कृष्ट है। इसके बाद मुर्मू ने शाह, नड्डा और राजनाथ सिंह के अलावा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की। शाह ने एक ट्वीट में कहा, राजग की ओर से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू जी से भेंट कर उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं। उनके नाम की घोषणा से ही जनजातीय समाज अत्यंत गौरव की अनुभूति कर रहा है। मुझे विश्वास है कि उनके प्रशासनिक व सार्वजनिक अनुभव का लाभ पूरे देश को मिलेगा। राजनाथ ने मुर्मू से मुलाकत के बाद एक ट्वीट में कहा, आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से भेंट कर उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। उनका जीवन समाज के निर्बल वर्गों के सशक्तिकरण के प्रति समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वे देश और समाज को और मज़बूत करने में प्रभावी भूमिका निभायेंगी। शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने के बाद मुर्मू अपना चुनावी अभियान आरंभ करेंगी। वह देश भर का दौरा कर विभिन्न राजनीति दलों के नेताओं से मुलाकात कर चुनाव में समर्थन की गुजारिश करेंगी। आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो मुर्मू की जीत की संभावना प्रबल है। यदि वह जीत जाती हैं तो वह देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। इस बीच, भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से फोन पर बात की और उनसे मुर्मू द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के दौरान उपस्थित रहने का आग्रह किया। चूंकि पटनायक इटली के दौरे पर हैं, इसलिए उन्होंने अनुपलब्धता के लिए खेद जताते हुए अपने मंत्रिमंडल के दो सहयोगियों, जगन्नाथ सारका और टुकुनी साहू को मुर्मू के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करने और नामांकन के दौरान मौजूद रहने को कहा है। सारका पटनायक मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति और जनजाति विकास मंत्री हैं जबकि टुकुनी साहू के पास जल संसाधन, वाणिज्य और परिवहन मंत्रालय का जिम्मा है। पटनायक ने एक ट्वीट में कहा, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के नामांकन के संदर्भ में मुझसे बात की। मेरे मंत्रिमंडल के सहयोगी जगन्नाथ सारका और टुकुनी साहू आज नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे और कल नामांकन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसके बाद सारका और साहा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के दिल्ली स्थित आवास पहुंचे और उन्होंने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बीजद के नेता सस्मित पात्रा भी वहां मौजूद थे। सारका और साहू के अलावा नामांकन के दौरान बीजद के 22 में से कम से कम 10 विधायक भी मौजूद रहेंगे। मुर्मू की उम्मीदवारी का मेघालय जनतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) ने भी समर्थन करने की घोषणा की है। इस बारे में अंतिम फैसला जल्द ही गठबंधन सहयोगियों की एक बैठक में किया जाएगा। एमडीए का समर्थन करने के लिए निलंबित किए गए कांग्रेस के पांच विधायक भी मुर्मू के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाये जाने के निर्णय को ऐतिहासिक करार देते हुए सभी दलों से उन्हें सर्वसम्मति से निर्वाचित करने की अपील की। संगठन ने सभी दलों से कहा कि मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिये निर्वाचित करके वे जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण प्रगति को लेकर प्रतिबद्धता जताएं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से आह्वान किया कि मुर्मू जब शुक्रवार दोपहर 12 बजे अपना नामांकन पत्र भरेंगी, उस वक्त वे अपने-अपने जिला केंद्रों एवं गांवों में मिठाई बांटकर, ढोल बजाकर और नाच-गाकर खुशियां मनाएं। मुर्मू को उम्मीदवार बनाने पर भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय नेतृत्व को आभार कार्यक्रम में चौहान ने कहा, आज मैं, अंतरात्मा से प्रसन्न हूं। इतना आनंदित हूं कि आप कल्पना नहीं कर सकते। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं कई आदिवासी लोगों सहित गणमान्य लोग शामिल थे। चौहान ने कहा, एक नई क्रांति हो रही है, जो समाज और विकास की दौड़ में सबसे पीछे व सबसे नीचे रह गए थे; उन्हें विकास की दृष्टि से तो ऊपर लाया ही जा रहा है। साथ ही मान, सम्मान और इज्जत देकर देश का भाग्य, भविष्य बनाने का मौका दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, यह केवल द्रौपदी मुर्मू जी का सम्मान नहीं है। यह भारत के आदिवासी समाज का सम्मान है। यह मध्य प्रदेश के दो करोड़ आदिवासी भाइयों और बहनों का सम्मान है। हमारे समाज से हमारी बहन राष्ट्रपति बनेंगी। इससे पहले, मुर्मू के दिल्ली पहुंचने पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, पार्टी के सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश बिधूड़ी सहित कई नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। वह यहां ओडिशा भवन में ठहरी हैं। राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले ओडिशा में एक संक्षिप्त बयान में मुर्मू ने कहा था, मैं सभी का धन्यवाद करती हूं और सभी से राष्ट्रपति चुनाव के लिए सहयोग मांगती हूं। मैं 18 जुलाई से पहले सभी मतदाताओं (सांसदों) से मिलूंगी और उनका समर्थन मांगूंगी। राष्ट्रपति पद के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।
टीम एबीएन, लातेहार (पलामू)। लातेहार जिले के खेल स्टेडियम में आयोजित बिरसा किसान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसानों के बीच केसीसी का वितरण कर उन्हें लाभान्वित किया। पलामू प्रमंडल के 52043 किसानों को केसीसी का लाभ दिया गया। इनके बीच 334.94 करोड़ केसीसी ऋण का वितरण किया गया। इसमें पलामू जिले के 18,500 किसानों के बीच 100 करोड़ ऋण का वितरण किया गया। वहीं लातेहार जिले के 23,204 किसानों के बीच 150.12 करोड़ ऋण का वितरण किया गया। वहीं गढ़वा जिले के 10,339 किसानों के बीच 87.81 करोड़ केसीसी ऋण वितरण किया गया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने प्रमंडल क्षेत्र के तीनों जिले पलामू, लातेहार एवं गढ़वा के 10-10 किसानों को सांकेतिक रूप से केसीसी ऋण का वितरण किया। कार्यक्रम को सरकार के माननीय मंत्रियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया। लातेहार उपायुक्त अबु इमरान ने सभी का स्वागत किया। उनके ने जनकारी दी कि मुख्यमंत्री के द्वारा किसानों को बिरसा किसान सम्मान के तहत किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से अच्छादित कर उनके कृषि कार्यों में सहयोग करने हेतु इस समारोह का आयोजन किया गया है। निश्चित रूप से किसानों को मिल रहे यह केसीसी वरदान साबित होगा और किसान भाई कृषि कार्य सुगमतापूर्वक कर आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रमण्डल स्तरीय बिरसा किसान सम्मान समारोह में किसान क्रेडिट कार्ड वितरण कार्यक्रम के तहत पलामू प्रमण्डल के लातेहार जिला से कुल 23204 बिरसा किसानों को 150.124 करोड़ रूपये केसीसी की स्वीकृति प्रदान की गयी है। पलामू जिला में 18500 बिरसा किसानों को 100 करोड़ रूपये की केसीसी की स्वीकृति प्रदान की गयी है। गढ़वा जिला में अबतक कुल 10339 बिरसा किसानों को 87.81 करोड़ रूपये ऋण की स्वीकृति दी गयी है। पलामू प्रमण्डल में अबतक कुल 52043 बिरसा किसानों को 337.94 करोड़ रूपये का केसीसी की स्वीकृति प्रदान की गई है। झारखण्ड सरकार की यह मंशा है कि झारखण्ड के सभी किसानों को बिरसा किसान सम्मान के तहत किसान क्रेडिट कार्ड वितरण किया जाए और झारखण्ड सरकार के इस महत्वपूर्ण उद्देश्य को साकार करने के लिए पलामू प्रमण्डल भी कदम से कदम मिलाते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि छुटे हुए बिरसा किसानों को भी आनेवाले दिनों में जल्द से जल्द किसान क्रेडिट कार्ड से अच्छादित किया जाएगा। मुख्य समारोह के पूर्व लातेहार में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री को लातेहार उपायुक्त आबू इमरान सहित अन्य अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। वहीं मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर किया गया। प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री जोबा मांझी, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीकी ने भी संबोधित किया। मौके पर विधायक वैघनाथ राम, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त जटा शंकर चौधरी, डीआईजी राजकुमार लकड़ा, पलामू उपायुक्त शशि रंजन, गढ़वा उपायुक्त रमेश घोलप, पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, लातेहार के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन, गढ़वा के पुलिस अधीक्षक अंजनी झा, लातेहार के उप विकास आयुक्त, डीआरडीए निदेशक, लातेहार के अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी तथा गणमान्य अतिथि, जनप्रतिनिधि एवं काफी संख्या में आमलोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार में बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि सभी अनुबंधकर्मियों को नियमित करने पर सरकार ने योजना तैयार की है। नियमित करने को लेकर सरकार नियमावली बना रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राज्य के अधिकारी अनुबंधकर्मियों पर जब मन चाहे यहां-वहां ट्रांसफर पोस्टिंग कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा सभी को नियमित करने पर सरकार ने नियमावली बनाने का निर्देश दिया है। सीएम हेमंत सोरेन लातेहार के खेल मैदान में बिरसा किसान सम्मान समारोह में भाग लेने पहुंचे थे। करीब 40 मिनट के संबोधन में सीएम ने कई बिंदुओं पर बात रखी। पीएम ने अनुबंध कर्मियों को नियमित करने के अलावा सबसे बड़ी बात कही कि झारखंड के अधिकारी गड़बड़ हैं उन्हें स्थानीय भाषा जानने की जरूरत है। यहां की जनता उन्हें स्थानीय भाषा सिखाएगी। अग्निपथ योजना पर टिप्पणी करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि अग्निवीर के माध्यम से देश को आग में झोंकने की योजना तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि झारखंड के किसानों को सरकार सम्मान दे रही है। प्रति वर्ष 23 जून को आयोजित होगा किसान सम्मान समारोह : मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि यह कार्यक्रम किसानों को सम्मान देने के लिए है। उन्होंने किसानों से किए हुए वादे को पूरा करेंगे। 10 लाख बिरसा किसानों को सम्मान दिया जा रहा है। हुंकार भरने का समय पलामू प्रमंडल को दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक चार लाख किसानों के ऋण माफ किया गया है। प्रत्येक वर्ष 23 जून को बिरसा कृषि सम्मान समारोह आयोजित होगा। राज्य में 58 लाख किसान परिवार हैं। जल्द ही बिरसा किसान सम्मान कार्ड जारी होगा, जिसमें किसानों का सम्पूर्ण डाटा होगा। उन्होंने कहा कि नेतरहाट में चाय का बगान लगेगा, इसकी संभावना तलाशी जा रही है। मंत्री जोबा मांझी ने अधिकारियों से अपील है कि योग्य लाभुकों तक लाभ पहुंचाएं। उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि ऋण लें लेकिन उसे समय पर चुकता करें, कृषि को आगे बढ़ाएं। पलामू प्रमंडल के 52043 किसानों के बीच 337 करोड़ का केसीसी का वितरण, कृषि पर निर्भर है 80 प्रतिशत आबादी : बिरसा कृषि सम्मान समारोह में पलामू प्रमंडल के 52043 किसानों के बीच 336 करोड़ रुपये का केसीसी वितरण किया गया। लातेहार में 23204, पलामू में 18500 जबकि गढ़वा में 10339 किसानों के बीच केसीसी का वितरण किया गया। पलामू प्रमंडल की 80 प्रतिशत के करीब आबादी कृषि पर निर्भर है। इस आयोजन के माध्यम से किसानों को टारगेट किया गया। इस दौरान विधायक बैजनाथ राम, रामचन्द्र सिंह, सीएम के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव अबु बकर सिद्दकी, कमिश्नर जटाशंकर चौधरी, डीआईजी राजकुमार लकड़ा, पलामू, गढ़वा और लातेहार के डीसी मौजूद थे।
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