टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार निजी क्षेत्र में 75 फीसदी आरक्षण की घोषणा को धरातल पर उतारने की पूरी तरह से तत्पर नजर आ रही है इसी कड़ी में शनिवार (16 जुलाई) को राजधानी के मोरहाबादी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसकी शुरुआत कर रहे हैं। इस दौरान वो करीब दस हजार युवाओं को जॉब ऑफर लेटर प्रदान करेंगे। ये नियुक्तियां निजी क्षेत्र में स्थानीय नीति के तहत की जा रही हैं। मुख्यमंत्री 25 अभ्यर्थियों को सांकेतिक रुप से ऑफर लेटर देकर निजी क्षेत्र में स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी का अवसर प्रदान करेंगे। श्रम विभाग की नियोजन पदाधिकारी नीरु कुमारी ने कहा कि पिछले दिनों विभाग द्वारा आयोजित भर्ती कैंप में चयनित अभ्यर्थी को इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में ऑफर लेटर मिलेगा। इसके अलावा नगर विकास, कल्याण विभाग एवं कौशल विकास विभाग द्वारा भी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दी जाएगी। श्रम एवं प्रशिक्षण विभाग के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई है। कार्यक्रम स्थल पर सरकार के निजी क्षेत्र में नियोजन को लेकर बनाई गयी नियमावली को विशेष रुप से प्रदर्शित की गई है। मोरहाबादी मैदान में करीब 12 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की है। इसके अलावा मंच को आकर्षक ढंग से तैयार किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 29 जुलाई से 5 अगस्त तक चलेगा। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर राज्यपाल के आदेश के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव सैयद जावेद हैदर ने कहा इस मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे जिसमें 1 अगस्त से लेकर 5 अगस्त तक प्रश्नकाल होगा वहीं इस दौरान अनुपूरक भी सदन में लाए जायेंगे। 29 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे। सदन की कार्यवाही दिन के 11 बजे से शुरू होगी। 30 एवं 31 जुलाई को शनिवार-रविवार होने के कारण नहीं होगी। वहीं एक अगस्त को वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम अनुपूरक सदन के पटल पर रखा जायेगा। 2 अगस्त को इस पर वाद विवाद चर्चा के बाद इसे पारित कराया जायेगा। 3 अगस्त और 5 अगस्त को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य अगर हो तो वह होंगे। 5 अगस्त को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य, गैर सरकारी संकल्प पटल पर रखा जायेगा। विधानसभा के प्रभारी सचिव सैयद जावेद हैदर ने विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम 5 के अधीन सभी विधानसभा सदस्यों को निश्चित तिथि एवं समय को उपस्थित रहने को कहा है। एक अगस्त से 5 अगस्त तक अल्पसूचित-तारांकित प्रश्न लेने के लिए 27 जुलाई से 29 जुलाई तक सूचना देने को कहा गया है। संवैधानिक प्रावधान के अनुसार एक सत्र से दूसरे सत्र की अधिकतम अवधि 06 महीने का होना चाहिए। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी से 25 मार्च तक हुआ था। इस तरह मानसून सत्र 25 सितंबर से पहले होना चाहिए। 2021 में 03 से 09 सितंबर तक मानसून सत्र चला था। वहीं 2020 में कोरोना के कारण 18 से 22 सितंबर तक मानसून सत्र आयोजित हुए थे, जबकि 2019 में 22 से 26 जुलाई तक आयोजित हुआ था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 55 प्रस्तावों पर मुहर लग गई है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए कुछ शर्तों के साथ कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा झारखंड में 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करनेवालों के लिए यह फ्री कर दी गई है। पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कार्मिक के प्रधान सचिव और वित्त विभाग के प्रधान सचिव कमेटी के सदस्य पुरानी पेंशन योजना की स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके अलावा कैबिनेट ने झारखंड के उनलोगों के लिए बिजली फ्री करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है जो 100 यूनिट बिजली खर्च करते हैं। कैबिनेट की बैठक में तय हुआ कि झारखंड में चेंबर ऑफ कॉमर्स की बिल्डिंग बनेगी, इसके लिए 2.10 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। झारखंड में पहला डिजिटल स्किल यूनिवर्सिटी के लिए मॉनसून सत्र में आएगा प्रस्ताव, खूंटी में बने पॉलिटेक्निक कॉलेज से संचालित होगी यूनिवर्सिटी। 2018 में झारखंड में कुल 8 पॉलिटेक्निक कॉलेज बनाए गए थे। ये कॉलेज खूंटी, लोहरदगा, पलामू, चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, बगोदर और हजारीबाग में बनाए गए हैं। ये सभी खूंटी में बने पॉलिटेक्निक कॉलेज के अंतर्गत संचालित होंगे। कैबिनेट ने रामगढ़ जिले में कुटुंब न्यायालय के बनने का रास्ता साफ कर दिया है। राज्य की 36 अनुसूचित जातियों (जो अनुसूची 1 और 2 में शामिल हैं) जिन्हें केंद्र से जातिगत आरक्षण और ईडब्ल्यूएस का लाभ नहीं मिलता है, उन्हें अब केंद्र से जारी आय एवं परिसंपत्ति प्रपत्र को राज्य सरकार ने अंगीकृत करने का फैसला किया है। टाना भगतों को साल में 2 बार कपड़े के लिए 4000 रुपये देने की सहमति जताते हुए झारखंड कैबिनेट ने 3.68 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति दे दी है। झारखंड में मनरेगा मजदूरों को अब 237 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। राज्य सरकार 27 रुपये अतिरिक्त राशि देगी। अभी केंद्र से 210 रुपये मिलते हैं। 405 विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को IIM रांची से ट्रेनिंग मिलेगी। अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी विधेयक को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकार लिया है। लोहरदगा में समाहरणालय भवन बनाने की योजना को कैबिनेट ने हां कह दिया है। इस पर 45.80 करोड़ खर्च किए जायेंगे। पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजाति विश्वविद्यालय विधेयक 2022 को प्रशासिनक मंजूरी दे दी गई है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार द्वारा स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार में 75% आरक्षण के साथ नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को लेकर यातायात पुलिस के द्वारा शनिवार को रांची के मोरहाबादी मैदान के आसपास रूट में बदलाव किए गए हैं। यातायात पुलिस की तरफ से बताया गया है कि मोरहाबादी मैदान में होने वाले कार्यक्रम को लेकर आसपास वीआईपी मूवमेंट रहेगा। जिस वजह से आम लोगों के लिए रूट में बदलाव किया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से जानकारी दी गई है कि मोरहाबादी के आसपास वीआईपी मूवमेंट होगा, खास करके आईटीआई मोड़ से सिद्धो-कान्हू पार्क मोड़, रांची कॉलेज पार्क मोड़ होते हुए राज्य के गेस्ट हाउस से बाएं मुड़ने वाले रास्ते पर से वीआईपी मूवमेंट होगा। वहीं करम टोली, हॉट लिप्स चौक, एटीआई मोड़, रणधीर वर्मा चौक, एसएसपी आवास, उपायुक्त आवास और आॅक्सीजन पार्क के आसपास भी आम नागरिकों के वाहनों के प्रवेश वर्जित किए गए हैं। वहीं उपायुक्त आवास से मोरहाबादी जाने वाले मार्ग, दीनदयाल नगर की तरफ से उपायुक्त आवास होकर मोरहाबादी जाने वाले मार्ग, राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन के आवास के बगल वाले मार्ग, मुख्यमंत्री आवास से रजिस्ट्री आॅफिस के बगल वाले रास्ते से होते हुए स्टेट गेस्ट हाउस तक पहुंचने वाले मार्ग सहित करम टोली से बोरियो रोड होते हुए मोरहाबादी तक पहुंचने वाले मार्ग सीमित समय के लिए आमजन के लिए बंद रहेंगे। इन मार्गों पर आम लोग कार्यक्रम के दौरान प्रवेश नहीं कर सकेंगे। हालांकि शहर के अन्य मार्गों पर छोटे वाहनों का परिचालन पूर्व की तरह ही रहेगा, लेकिन मोरहाबादी करम टोली और हॉट लिप्स चौक के आसपास यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस व्यवस्था में आम लोगों को वैकल्पिक रास्ता का उपयोग करना पड़ेगा ताकि कार्यक्रम की सुरक्षा में कोई चूक न हो सके। बता दें कि 16 जुलाई को निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम मोरहाबादी मैदान में आयोजित किया गया है। जिसमें करीब 10,000 नियुक्ति पत्र वितरण किए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अलावा कई वीआईपी गेस्ट मौजूद रहेंगे। वहीं इस कार्यक्रम में 10,000 से ज्यादा लोगों के आने की संभावना हैं जिसको लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की टीम ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश से वस्तुओं का निर्यात इस साल जून में 23.52 प्रतिशत बढ़कर 40.13 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान व्यापार घाटा रिकॉर्ड 26.18 अरब डॉलर रहा। बृहस्पतिवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश का निर्यात मई में 20.55 प्रतिशत बढ़ा था। जून में वस्तुओं का आयात सालाना आधार पर 57.55 प्रतिशत उछलकर 66.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल का आयात दोगुना हुआ : वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, वस्तु व्यापार घाटा जून में 172.72 प्रतिशत बढ़कर 26.18 अरब डॉलर हो गया जो पिछले साल इसी महीने में 9.60 अरब डॉलर रहा था।" कच्चे तेल का आयात जून में लगभग दोगुना होकर 21.3 अरब डॉलर रहा। कोयला एवं कोक का आयात आलोच्य महीने में दोगुना से अधिक 6.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो जून 2021 में 1.88 अरब डॉलर था। सोने का आयात भी लगभग 183 प्रतिशत बढ़कर 2.74 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल जून में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण आयात कम रहा था। इसके कारण जून, 2021 में व्यापार घाटा 9.6 अरब डॉलर ही रहा था। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात बढ़ा : चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में निर्यात 24.51 प्रतिशत बढ़कर 118.96 अरब डॉलर पहुंच गया। इस दौरान आयात 49.47 प्रतिशत बढ़कर 189.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में व्यापार घाटा बढ़कर 70.80 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 की पहली तिमाही में 31.42 अरब डॉलर था। निर्यात के मोर्चे पर पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात जून में दोगुना से अधिक होकर 8.65 अरब डॉलर पर पहुंच गया। रत्न एवं आभूषण निर्यात 25 प्रतिशत बढ़कर 3.53 अरब डॉलर रहा। कपड़ा, चावल, तिलहन, चाय, इंजीनियरिंग, मांस, डेयरी तथा पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात भी पिछले महीने अच्छा रहा। हालांकि लौह अयस्क, हस्तशिल्प, प्लास्टिक और लिनोलियम, सूती धागा/कपड़ा, हथकरघा उत्पाद, कालीन और काजू के निर्यात में आलोच्य महीने में गिरावट आई। व्यापार आंकड़ों के बारे में रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि व्यापार घाटा बढ़ने से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा बढ़ने का जोखिम है। हालांकि उन्होंने कहा, हम 2022-23 के लिए चालू खाते का घाटा 105 अरब डॉलर रहने या सकल घरेलू उत्पाद के तीन प्रतिशत के अनुमान में मामूली गिरावट आने की उम्मीद कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि जून, 2022 में सेवा निर्यात 24.77 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। यह पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 22.04 प्रतिशत अधिक है। सेवा आयात आलोच्य महीने में 48.62 प्रतिशत बढ़कर 16.11 अरब डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में अप्रैल-जून तिमाही में निर्यात 26.25 प्रतिशत बढ़कर 70.97 अरब डॉलर रहा। आयात 49.15 प्रतिशत बढ़कर 45.35 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार का समर्थन मिलता रहा तो झारखंड अगले पांच से सात वर्षों में अग्रणी राज्यों में से एक होगा। वहीं सोरेन ने याद दिलाया कि राज्य के योगदान को नहीं भूलना चाहिए। सोरेन कोयले और अन्य के मद में 1.36 लाख करोड़ रुपये की बड़ी राशि का भुगतान नहीं करने के लिए अक्सर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते रहें हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवघर हवाई अड्डे के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा, हमने देखा है कि इमारत बनाने वाले मजदूरों को अक्सर भुला दिया जाता है। सोरेन ने कहा, झारखंड कोयला और लोहा सहित अपने खनिजों के माध्यम से वर्षों से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हवाईअड्डा राज्य के विकास में योगदान देगा और उन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले 300 से अधिक परिवारों को धन्यवाद दिया। सोरेन ने उम्मीद जताई कि मोदी के साथ आए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिन हवाई मार्गों और हवाई अड्डों का वादा किया था, वे जल्द ही पूरे होंगे। सोरेन ने कहा, अगर हमें केंद्र से लगातार समर्थन मिलता है तो झारखंड अगले पांच से सात वर्षों में जल्द ही एक अग्रणी राज्य में बदल जाएगा। मुख्यमंत्री ने साहिबगंज में निर्मित जलमार्ग के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। सिंधिया ने इस कार्यक्रम में घोषणा की कि झारखंड को तीन और हवाई अड्डे मिलेंगे और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य में 14 नए हवाई मार्ग उपलब्ध कराए जाएंगे। मोदी ने इसकी आधारशिला रखी और 16,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
टीम एबीएन, रांची। कोरोना काल में वाहनों का परिचालन बंद था। वाहन मालिकों की ओर से लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने की मांग की जा रही है। वाहन मालिकों की मांग पर राज्य के परिवहन विभाग ने परिवहन व्यवसायियों की परेशानी को देखते हुए कोरोना काल के दौर टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर वाहन मालिकों को जरूरी कागजात के साथ आवेदन जमा करना होगा। परिवहन विभाग के द्वारा इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि जो गाड़ियां कोरोना काल के समय बंद थी उससे उस समय का टैक्स नहीं लिया जाएगा। उसके अलावा जो भी गाड़ियां बिना परमिट की वजह से सड़क पर परिचालित नहीं हो पा रही थी वैसी गाड़ियों का भी बिना दंड शुल्क के परमिट जारी किया जायेगा। वाहन मालिक झारखंड के वाहन मालिक टैक्स माफी को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। वहीं कोरोना संक्रमण शुरू होने से ठीक पहले गाड़ियों की खरीद की। लेकिन परमिट नहीं बना। इससे वाहन खड़ी रही। इन वाहनों का भी टैक्स माफ करने की मांग की जा रही है। परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों की परेशानी को देखते हुये टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है। विभाग ने पत्र जारी करते हुए कहा कि जिन वाहन मालिकों पर टैक्स बकाया है। उसका भुगतान करें। इसके बाद कोरोना काल के टैक्स माफ कर दिया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि वाहन मालिक टैक्स माफ कराने को लेकर 14 जुलाई से 15 अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी कर लें।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। देवघर में आज से श्रावणी मेले की शुरुआत हो चुकी है। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने मेले का उद्घाटन किया। मौके पर स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे के साथ कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। कोरोना के कारण 2 सालों के बाद इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन की टीम मुस्तैदी से जुटी हुई है। बाबा नगरी देवघर में दो साल बाद सावन के महीने में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने वाली है। कोविड संक्रमण की वजह से पिछले दो साल शिव भक्त बाबा की नगरी नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन इस बार श्रावणी मेले का भव्य आयोजन हो रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 50 से 60 लाख के बीच श्रद्धालु देवघर पहुंचेंगे। यही वजह है कि पुलिस मुख्यालय की तरफ से श्रावणी मेले को लेकर पुख्ता तैयारियां की गई है। श्रावणी मेले के लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। देवघर एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि मेला में लगभग 18000 पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों को भी ड्यूटी लगाया गया है। एसपी ने बताया कि मेला के लिए रैफ की कंपनी, महिला सीआरपीएफ की कंपनी के साथ साथ एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वॉयड की सेवा ली गई है। मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए सभी प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी और एचएचएमडी के साथ पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
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