राज काज

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Published / 2022-07-22 15:23:21
किसानों के साथ संवेदनशीलता के साथ खड़ा है सरकार व प्रशासन : बादल पत्रलेख

टीम एबीएन, मेदिनीनगर, (पलामू)। पलामू प्रमंडल क्षेत्र में कमजोर मानसून के मद्देनजर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्री बादल आज पलामू प्रमंडल के जिलों का दौरा किया। किया। इस दौरान उन्होंने फसलों के अच्छादन का आकलन किया, तो स्थिति चिंताजनक मिली। प्रमंडलीय मुख्यालय स्थित परिसदन भवन, पलामू में संवाददाता सम्मेलन कर उन्होंने पलामू भ्रमण के दौरान किये गये आकलन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि मानसून की स्थिति को देखते हुए सरकार व स्थानीय प्रशासन किसानों के लिए संवेदनशीलता के साथ खड़ा है। पलामू प्रमंडल सहित राज्य में सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। किसानों को झारखंड राज्य फसल राहत योजना का लाभ दिया जाएगा। इसके तहत फसल में 30% से 50% की क्षति पर 3,000 रुपए प्रति एकड़ अधिकतम 15,000 रुपए एवं 50% से अधिक के फसल नुकसान पर क्षतिपूर्ति के रूप में 4,000 रुपए प्रति एकड़ अधिकतम 20,000 रुपए का लाभ दिये जाने का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान रैयती जमीन एवं बटाई पर खेत लेकर खेती करने वालों किसानों पर लागू होगी। मंत्री ने कहा कि सुखाड़ की स्थिति होने पर आपदा प्रबंधन के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर राहत कार्य चलाएगी। उन्होंने ने कहा कि मंगलवार को सभी विभागों की संयुक्त बैठक हो गई है। इसमें पलामू में वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी बात उपायुक्त से हुई है और उपायुक्त ने 15वें वित्त की राशि से पुराने बांध के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पशुओं को भी सुरक्षित रखने की योजना है। उनके लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पशुओं के चारे के लिए एक्शन प्लान तैयार करें। पलामू में हर वर्ष सुखाड़ की स्थिति की विभीषिका देखते हुए यहां के लिए स्थाई समाधान की तैयारी भी सरकार कर रही है। मजबुत एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा और वैकल्पिक खेती कराने की पहल होगी, लेकिन तत्काल वर्तमान स्थिति निपटने की तैयारी है। मंत्री ने कहा कि पलामू प्रमंडल का दौरा कर उन्होंने फसलों के अच्छादन का आकलन किया, तो पाया कि गढ़वा जिले में एक से डेढ़ प्रतिशत बुआई हुआ है, जबकि पलामू जिले में अबतक 0.25% ही बुआई का कार्य हो पाया है, जबकि 15 मई से 15 अगस्त तक बुआई का मुख्य समय होता है। करीब 2 माह अधिक समय बीतने के बाद भी स्थिति भयावह है। यहां वास्तविक रेनफॉल 83% कम हुआ है। उन्होंने कहा कि भ्रमण के दौरान पाया कि पलामू के सतबरवा के कुछ हिस्सों में करीब 5 से 6 एकड़ धान का आच्छादन हुआ है। वहीं हजारों-हजार एकड़ खेत खाली पड़े हैं। उन्होंने किसानों से जब बातचीत की तो किसान हताश एवं निराश थे। कृषि मंत्री ने कहा कि 10 दिनों के अंदर यहां बारिश नहीं होती है, तो 30 साल पूर्व की सुखाड़ वाली स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पुराने बांधों का जीर्णोद्धार एवं तालाबों से गाद निकालने के लिए भी एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री टपक सिंचाई का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी है। सरकार के साथ स्थानीय जिला प्रशासन किसानों की समस्या को देखते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगी। प्रेसवार्ता में श्री बादल के साथ बिट्टू पाठक, राजेंद्र सिन्हा आदि उपस्थित थे।

Published / 2022-07-22 11:21:48
गुमला : झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान तेज, 8 फर्जी चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई

टीम एबीएन, गुमला/रांची। उपायुक्त के निर्देश पर डुमरी प्रखंड में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया गया। आयुष चिकित्सक डॉ राजेश शर्मा के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम 8 झोलाछाप चिकित्सकों और दो मेडिकल स्टोरों में छापामारी की। छापेमारी के दौरान डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर की कागजातों की जांच की। इसमें सिर्फ दो मेडिकल स्टोर ने साक्ष्य प्रस्तुत किये, लेकिन 8 झोलाछाप डॉक्टरों के पास कोई साक्ष्य नहीं था। इन 8 फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई की जायेगी। डॉ राजेश शर्मा ने कहा कि उपायुक्त के निर्देशानुसार डुमरी प्रखंड में कार्य कर रहे फर्जी चिकित्सकों को चिन्हित करना है। इसकी सूची तैयार कर डीसी कार्यालय को उपलब्ध कराना है, ताकि इन फर्जी डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि उपायुक्त के निर्देश के आलोक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी की ओर से चार सदस्यीय टीम गठित कर झोलाछाप चिकित्सकों की क्लीनिकों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 10 क्लीनिकों और दुकानों की कागजात जांच की गई। इसमें डुमरी के प्रदीप कुमार ढाली और लिपन विश्वास, बेलटोली के मो इरफान और मो अदुस कयूम, भागीटोली के महावीर उरांव, समीर मजूमदार, नटावल और रवि सिंह के पास कोई वैध कागजात उपलब्ध नहीं था। वहीं, डुमरी के शर्मा मेडिकल डुमरी एवं जैरागी के प्रसाद मेडिकल ने कागजात प्रस्तुत किये। डॉ राजेश शर्मा ने बताया कि फर्जी डॉक्टरों की सूची बनाकर वरीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिये अनुशंसा की है।

Published / 2022-07-21 15:13:18
देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी द्रौपदी मुर्मू, 25 को लेंगी शपथ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। द्रौपदी मुर्मू भारत की 15वीं राष्ट्रपति होंगीं। वह आजाद भारत की दूसरी महिला और पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी। 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश के 15वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगी। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। 24 जुलाई को वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कौन हैं द्रौपदी मुर्मू : द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। वह संथाल परिवार, एक आदिवासी जातीय समूह से ताल्लुक रखती हैं। वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं। 2006 से 2009 तक एसटी मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रहीं। 2004 से 2009 तक रायरंगपुर विधानसभा की सदस्य रहीं। ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी और बीजू जनता दल गठबंधन सरकार के दौरान वह 6 मार्च 2000 से 6 अगस्त 2002 तक वाणिज्य और परिवहन के लिए स्वतंत्र प्रभार और 6 अगस्त 2002 से 16 मई 2004 तक मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री थीं। बता दें कि द्रौपदी मुर्मू ने शिक्षक के रूप में काम किया है। वह पार्षद और फिर विधायक बनीं। सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तरह द्रौपदी मुर्मू लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हैं और लंबे समय तक विधायक और मंत्री रही हैं। उन्होंने ओडिशा सरकार के परिवहन और वाणिज्य विभागों को संभाला है। और 2007 में विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार जीता है। मुर्मू 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल भी रहीं।

Published / 2022-07-21 14:17:36
सीएम हेमंत सोरेन ने दुमका को दी 401 करोड़ की सौगात, कहा- पुरानी पेंशन योजना बदल देगी झारखंड की तकदीर

टीम एबीएन, दुमका/रांची। सीएम हेमंत सोरेन अपने दो दिवसीय दौरे पर दुमका में हैं। इस दौरान उन्होंने पुलिस लाइन मैदान में सर्वजन पेंशन योजना के कार्यक्रम में भाग लिया। इस समारोह में सीएम हेमंत सोरेन ने करीब 401 करोड़ की 113 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री जोबा मांझी, पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव, शिकारीपाड़ा विधायक नलिन सोरेन, जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा समेत संथाल परगना क्षेत्र के प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे सर्वजन पेंशन योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू होने से झारखंड के 3:30 करोड़ लोगों के लिए एक सौगात है। इस योजना के लागू होने से झारखंड की तकदीर बदल जाएगा। लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और अब उन्हें इस बात की चिंता नहीं रही रिटायरमेंट के बाद उनका क्या होगा या फिर उनके परिवार का क्या होगा। अब कर्मचारी सकारात्मक विचार के साथ काम करेंगे। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का जवाब नहीं रहा था इससे उन्हें सिर्फ इस बात की चिंता रहती थी कि आगे उनका जीवन कैसा होगा, लेकिन इस बात की चिंता करने की फुर्सत झारखंड की पुरानी सरकार के लोगों में नहीं थी। उनकी सरकार पुरानी पेंशन योजना को लागू किया है जो आने वाले समय में झारखंड और देश के विकास को गति देगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में महिला के लिए ना रोजगार है न तनख्वाह, न उसकी सुरक्षा को लेकर के कोई जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज देश की हालत ये है कि यहां सिर्फ हिंदू-मुसलमान हो रहा है और अर्थव्यवस्था खराब होती जा रही है। रुपया बहुत तेजी से नीचे गिरा है इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं, लेकिन झारखंड में स्थितियां बदली हैं झारखंड में हम उन्होंने पेंशन योजना को लेकर के नीति बना दी है और आने वाले समय में झारखंड देश के विकास को गति देगा।

Published / 2022-07-21 14:16:16
मानसून की कमी से परिस्थितियां प्रतिकूल, वैकल्पिक फसल की करें तैयारी : श्री बादल

टीम एबीएन, रांची। पूरे राज्य में इस वर्ष अब तक 58 फीसदी बारिश कम हुई है। 15 मई से 15 अगस्त के बीच बुवाई का मौसम होता है लेकिन बारिश कम होने से पूरे राज्य में 10% से भी कम बुवाई का काम हुआ है जो एक शुभ संकेत नहीं है। यह बातें राज्य के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री श्री बादल ने झारखंड राज्य फसल राहत योजना के क्रियान्वयन के संदर्भ में सभी जिलों के उपायुक्तों, कृषि पदाधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। श्री बादल ने कहा कि इस वर्ष बारिश कम हुई है 10% से भी कम बुआई हुई है और 65 फीसदी तक बिचड़ा डाला गया है। इसे देखते हुए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वैकल्पिक फसल की योजना तैयार रखें। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को ससमय सरकार का सहयोग मिल सके, इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और राज्य में झारखंड राज्य फसल राहत योजना के क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों कृषि पदाधिकारियों एवं सहकारिता पदाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी उपायुक्तों को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक 1 सप्ताह के अंदर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही जनता की जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। जिन क्षेत्रों में सूखा का असर ज्यादा हो सकता है, उन क्षेत्रों के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जो क्षेत्रों का मुआयना करके अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने झारखंड राज्य फसल योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कृषि गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रखंड एवं जिला स्तर पर समन्वय समिति का गठन किया गया है साथ ही राज्य में 20,000 कॉमन सर्विस सेंटर एवं प्रज्ञा केंद्रों में किसान अपना निबंधन करा सकते हैं। इसके अलावा आवेदन स्वयं भी किया जा सकता है। राहत योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से किसानों को बीस हजार रुपए तक का सहयोग सरकार के द्वारा दिया जाएगा। इसके लिए रजिस्टार को आॅपरेटिव प्रतिनिधि से संपर्क कर शिकायतों की मॉनिटरिंग करेंगे तथा जो निबंधित किसान हैं और जिन्हें केसीसी का लाभ नहीं मिला है उन्हें कैंप लगाकर लाभ दिया जाएगा। योजना की सफलता एवं सुगमतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु समय पर मॉनिटरिंग एवं प्रचार करने की उन्होंने बात कही। कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि समय रहते ही वैकल्पिक तैयारी शुरू कर दी गई है आपदा प्रबंधन के लोगों से संपर्क किया जा रहा है राज्य में अगर सुखाड़ की स्थिति बनती है तो केंद्र से भी सहयोग की उम्मीद के साथ योजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेकेंडरी एक्शन प्लान के तहत शॉर्ट टर्म कृषि योजना बनाई जा रही है इसके लिए सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया गया। बीएयू और केवीके के वैज्ञानिकों की सलाह पर हो रहा काम : कृषि मंत्री श्री बादल ने बताया निदेशालय स्तर पर कई एडवाइजरी जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि अल्पावधि सूखा प्रतिरोधी बीज के लिए नए डिमांड लिए जा रहे हैं ताकि किसानों को अविलंब आपूर्ति की जा सके। वैज्ञानिकों के द्वारा किसान को नियमित सलाह दी जा रही है साथ ही किसानों को मोबाइल मैसेज के जरिए बीज एवं रोपण की विधि की भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा रबी फसल की तैयारी निदेशालय स्तर पर वैज्ञानिकों के सलाह के अनुसार की जा रही है। राहत योजना की सफलता के लिए बनाएं कार्ययोजना : श्री सिद्दीकी- कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि झारखंड राज्य फसल राहत योजना के क्रियान्वयन के लिए पीएमयू का सपोर्ट ले तथा समय पर निबंधन किसानों का हो सके यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग निर्देश दिया कि लाभुकों का केवाईसी जरूर कराएं तथा 28 जुलाई को हजारीबाग में प्रमंडलीय शिविर का आयोजन किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर किया जा रहा है उसकी तैयारी रखें एवं बैंकर से मीटिंग करें ताकि ज्यादा से ज्यादा केसीसी के आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। सचिव ने कहा कि केसीसी के लिए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के निर्देश है की प्रखंड स्तर पर कैंप का आयोजन करना है ताकि केसीसी से वंचित लोगों को लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी सीएससी मैनेजर की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है ट्रेंड सीएससी मैनेजर 20000 सीएससी को ट्रेनिंग देने जा रहे हैं इसके लिए सभी जिलों में प्रचार प्रसार करने की जरूरत है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सके। बताया कि उपलब्ध किसानों का डाटा जो सरकार के पास मौजूद है उसे भी वेबसाइट में अपलोड कर दिया गया है और उपलब्ध डाटा के लिए वेरीफिकेशन की आवश्यकता नहीं होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कृषि विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, सहकारिता रजिस्ट्रार श्री मृत्युंजय बरनवाल, विशेष सचिव श्री प्रदीप हजारे एवं सीएससी के राज्य प्रमुख श्री शंभू कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। क्या हैं झारखंड राज्य फसल राहत योजना- योजना के प्रमुख प्रावधान : योजना अंतर्गत लाभ केवल प्राकृतिक आपदा से होने वाले फसल क्षति के मामले में लागू। योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक फसल मौसम ( खरीफ एवं रबी) में अलग-अलग निबंधन एवं आवेदन करना होगा। योजना में भाग लेने के लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। प्राकृतिक आपदा से हुए फसल क्षति का आकलन एवं निर्धारण क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट के द्वारा किया जाएगा। 30% से 50% तक फसल क्षति होने पर आवेदक को प्रति एकड़ 3000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। 50% से अधिक फसल क्षति होने पर आवेदक को प्रति एकड़ 4000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ तक फसल क्षति सहायता राशि दी जाएगी। योजना के अंतर्गत आवेदन करने की पात्रता : सभी रैयत एवं बटाईदार किसान। किसान झारखंड राज्य के निवासी हों। आवेदक किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। आवेदक किसान का वैध आधार संख्या होनी चाहिए। कृषि कार्य करने से संबंधित वैध भूमि दस्तावेज /भू स्वामित्व प्रमाण पत्र अथवा राजस्व रसीद/ राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती /पट्टा बटाईदार किसानों द्वारा भूस्वामी से सहमति पत्र। न्यूनतम 10 डिसमिल और अधिकतम 5 एकड़ हेतु निबंधन। सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक। आवेदक किसानों को अपना संख्या बायोमेट्रिक प्रणाली द्वारा प्रमाणित करना होगा। योजना में शामिल होने की प्रक्रिया : http://jrfry.jharkhand.gov.in पर स्वयं या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पंजीकरण कराया जा सकता है। आनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन के लिए आवश्यक सूचना एवं दस्तावेज : आधार संख्या, मोबाइल संख्या, आधार संबंध बैंक खाता विवरण, आयतन भू स्वामित्व प्रमाण पत्र अथवा राजस्व रसीद (31 मार्च 2022 तक भुगतान किया हुआ), वंशावली (मुखिया /ग्राम प्रधान/ राजस्व कर्मचारी /अंचल अधिकारी द्वारा निर्गत), सरकारी भूमि पर खेती करने हेतु राजस्व विभाग से निर्गत बंदोबस्ती पट्टा (बटाईदार किसान द्वारा), घोषणा पत्र (रैयत और बटाईदार किसान द्वारा), सहमति पत्र (बटाईदार किसान द्वारा), पंजीकृत किसानों के चयनित फसल एवं बुवाई के रखवा का पूर्ण विवरण।

Published / 2022-07-20 17:53:58
कल आयेंगे राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय जनता को बृहस्पतिवार को पता चल जाएगा कि देश का 15वां राष्ट्रपति कौन होगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान हो चुका है और बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे यहां संसद भवन में मतगणना शुरू होगी। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से द्रौपदी मुर्मू जबकि विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा उम्मीदवार हैं। मुर्मू की जीत की काफी संभावना जतायी जा रही है। यदि वह जीत हासिल करती हैं, तो देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बन जाएंगी। देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो जाएगा और 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे। सभी राज्यों से मतपत्र संसद भवन लाए जा चुके हैं। चुनाव अधिकारी संसद के कमरा संख्या 63 में मतगणना के लिए तैयार हैं। इस कक्ष में मतपत्रों की चौबीस घंटे कड़ी सुरक्षा की जा रही है। चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज्य सभा के सचिव जनरल पीसी मोदी बृहस्पतिवार को मतगणना की निगरानी करेंगे। शाम तक चुनाव परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। मोदी पहले सांसदों के सभी मतों की गिनती के बाद चुनावी रुझानों के बारे में जानकारी देंगे और फिर 10 राज्यों के वोटों की वर्णानुक्रम में गिनती के बाद फिर से जानकारी साझा करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन समेत 31 स्थानों और विधानसभाओं के भीतर 30 केंद्रों पर सोमवार को पूर्वाह्न 10 बजे से शाम पांच बजे के बीच मतदान हुआ था। कई राज्यों में मुर्मू के पक्ष में "क्रॉस वोटिंग" होने की खबरें भी आई थीं। राष्ट्रपति चुनाव में सदस्यों को व्हिप जारी नहीं किया जाता। मनोनीत सांसदों को छोड़कर संसद के दोनों सदनों लोकसभा व राज्य सभा के सदस्य और सभी राज्यों की विधानसभा के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में 776 सांसदों और 4,033 निर्वाचित विधायकों समेत कुल 4,809 मतदाता मतदान के पात्र थे। इसमें मनोनीत सांसद व विधायक और विधान परिषद के सदस्य मतदान नहीं कर सकते। निर्वाचन आयोग के अनुसार सोमवार को हुए मतदान के दौरान 99 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपना वोट डाला। भारतीय जनता पार्टी के सांसद सनी देओल और संजय धोत्रे समेत आठ सांसद मतदान नहीं कर पाए। देओल मतदान के दौरान इलाज के लिए विदेश गए हुए हैं, जबकि धोत्रे आईसीयू में भर्ती हैं। सोमवार को भाजपा और शिवसेना के दो-दो, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और एआईएमआईएम के एक-एक विधायक ने मतदान नहीं किया। कोविंद ने वर्ष 2017 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कुल 10,69,358 में से 7,02,044 वोट पाकर जीत हासिल की थी। उनकी प्रतिद्वंद्वी मीरा कुमार को केवल 3,67,314 वोट मिले थे।

Published / 2022-07-20 17:50:56
दो दिवसीय दौरे पर दुमका पहुंचे सीएम हेमंत, सर्वजन पेंशन योजना समारोह में लेंगे भाग

टीम एबीएन, दुमका/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को दुमका पहुंचे। यहां वे गुरुवार 21 जुलाई को सर्वजन पेंशन योजना समारोह में शिरकत करेंगे। इसके अलावा कई विकास योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका पहुंचे, तो यहां संथालपरगना के डीआईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल, दुमका के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, एसपी अम्बर लकड़ा समेत कई अधिकारियों और पार्टी कार्यकतार्ओं ने उनका स्वागत किया। सीएम को गार्ड आॅफ आॅनर भी दिया गया। सीएम हेमंत सोरेन 21 जुलाई को पुलिस लाइन मैदान में सर्वजन पेंशन योजना सह विकास योजना के शिलान्यास - उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस अवसर पर लगभग 400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

Published / 2022-07-20 15:53:56
दो दिवसीय दौरे पर दुमका पहुंचे सीएम हेमंत, सर्वजन पेंशन योजना समारोह में लेंगे भाग

टीम एबीएन, दुमका/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को दुमका पहुंचे। यहां वे गुरुवार 21 जुलाई को सर्वजन पेंशन योजना समारोह में शिरकत करेंगे। इसके अलावा कई विकास योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले हेलीकॉप्टर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका पहुंचे तो यहां संथालपरगना के डीआईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल, दुमका के उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला, एसपी अम्बर लकड़ा समेत कई अधिकारियों और पार्टी कार्यकतार्ओं ने उनका स्वागत किया। सीएम को गार्ड आॅफ आॅनर भी दिया गया। सीएम हेमंत सोरेन 21 जुलाई को पुलिस लाइन मैदान में सर्वजन पेंशन योजना सह विकास योजना के शिलान्यास - उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस अवसर पर लगभग 400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

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