राज काज

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Published / 2022-07-27 12:52:38
लोहरदगा दौरे पर सीएम हेमंत : लाभुकों के बीच बांटी परिसंपत्तियां

टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोहरदगा पहुंच गये हैं। हेलीकॉप्टर से लोहरदगा के बीएस कॉलेज स्टेडियम में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बीएस कॉलेज स्टेडियम परिसर में ही बनाए गए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। यहां से सीएम हेमंत सोरेन ने ग्राम योजना के लाभुकों के साथ संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने लाभुकों के बीच योजना का सुकृति प्रमाण पत्र और पौधा भी वितरित किया। कार्यक्रम में लोहरदगा, गुमला, खूंटी, रांची और लातेहार जिले के लाभुक शामिल हो रहे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से विगत कई दिनों से तैयारियां की जा रही थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल में पहुंचने के साथ लोगों का उत्साह देखने को मिला।

Published / 2022-07-27 12:52:12
झारखंड में सूखा : मंथन के बाद एक्शन प्लान बनायेंगे कृषि वैज्ञानिक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सूखे के हालात हैं। इससे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श के लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को राज्य के प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों के साथ आपात बैठक कर उनसे सुझाव मांगे। तय हुआ कि कृषि वैज्ञानिक राज्य के 24 जिलों में अब तक हुई बारिश की स्थिति को देखते हुए एक समेकित रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके आधार पर आगे का एक्शन प्लान तय किया जायेगा। 21 जिलों में स्पेशल केयर की जरूरत : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने की। बैठक में कृषि विभाग की ओर से पेश की गयी रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में अब तक औसत से 51 फीसद कम बारिश हुई है और राज्य के 24 में से 21 जिलों में स्पेशल केयर करने की जरूरत है। धान की बुआई में सबसे ज्यादा शॉर्ट फॉल दिखाई दे रहा है। 2021 में अब तक 36.74 क्षेत्र में धान की बुआई हो गयी थी, जबकि इस वर्ष मात्र 14.11 प्रतिशत क्षेत्र ही कवर किया जा सका है। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कृषि वैज्ञानिक केंद्र और आईसीएआर के कृषि वैज्ञानिकों ने झारखंड के इको सिस्टम के मुताबिक कम वक्त में पैदावार देने वाली फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत बतायी। इसके अलावा डीएसआर मेथड पर काम करने और बीजों 75 फीसदी सब्सिडी देने, कृषि की पैदावार बढ़ाने के लिए सरफेस वाटर हार्वेस्टिंग पर नीति लागू करने और मिट्टी की नमी को बचाने के उपाय पर काम करने से सुझाव मिले। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों पलामू प्रमंडल का दौरा किया था। गढ़वा में मात्र 1.5 प्रतिशत, पलामू में 0.25 रोपाई और लातेहार में तीन प्रतिशत रोपाई हुई है। पूरे राज्य से ऐसी ही रिपोर्ट है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप दस्तावेज तैयार कर किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया जायेगा। राज्य में मल्टीक्राप को बढ़ावा देने के लिए चावल और गेहूं के साथ दाल और दलहन व अन्य खेती पर भी फोकस किया जायेगा। बताया गया कि झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत राज्य के 20,000 कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए किसानों की मदद की जा रही है। बैठक में कृषि सचिव अबु बकर सिद्दिकी और कृषि निदेशक निशा उरांव एवं विभाग अन्य अफसर भी मौजूद रहे।

Published / 2022-07-26 18:25:22
युवाओं का "सारथी" बनेगी राज्य सरकार : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा वर्ग जो किसी भी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं राज्य सरकार उनका सारथी बनेगी। राज्य में जल्द ही "मुख्यमंत्री सारथी योजना" की शुरुआत की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के सभी वर्ग समुदाय के वैसे अभ्यर्थी जो यूपीएससी, जेपीएससी सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग इत्यादि के खर्च का वहन नहीं कर पा रहे हैं उन्हें राज्य सरकार अपने खर्चे से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां उच्चतर शिक्षा हेतु विदेशों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध करा रही है। आने वाले समय में हमारे बच्चे अधिक संख्या में उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने हेतु विदेशों में पढ़ने जाएं इस दायरे को राज्य सरकार बढ़ाएगी। हमारी सरकार राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी परीक्षा 2021 में राज्य के 26 अभ्यर्थियों ने एक साथ सफलता पायी है। यूपीएससी का परिणाम स्पष्ट करता है कि झारखंड के बच्चे तमाम चुनौतियों तथा सीमित संसाधनों के साथ आगे बढ़ने का हौसला रखते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय के सभागार में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित CIVIL SERVICES EXAM-2021 में सफल हुए झारखंड राज्य के अभ्यर्थियों का अभिनंदन समारोह में अपने संबोधन में कहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झारखंड के सभी 26 अभ्यर्थी जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा-2021 में सफलता पायी है उन्हें सम्मानित किया तथा बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने सभागार में उपस्थित यूपीएससी परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों के परिजनों को भी सम्मानित किया एवं बधाई दीं। सभी ने झारखंड का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जैसे ही यह खबर मिली कि यूपीएससी परीक्षा 2021 में राज्य के 26 होनहार अभ्यर्थियों ने एक साथ सफलता पायी है, आपकी सफलता की चर्चा चारों ओर गूंजने लगी। राज्य के प्रत्येक लोगों के जुबान पर आप सभी की चर्चा थी। आप सभी की सफलता की खुशियां आपके परिजन तो मना ही रहे थे आपकी सफलता की खुशियां हम सभी लोग भी इसी प्रोजेक्ट भवन में अपने-अपने ढंग से एक दूसरे से बांट रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के होनहार देश के कोने-कोने में अपनी सेवा दे रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर केंद्रीय कैबिनेट के विभिन्न विभागों सहित कई बड़ी-बड़ी संस्थाओं में झारखंड के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने देश को बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस सहित अन्य बड़े पदों पर अधिकारी दिए हैं। आज इस सभागार में उपस्थित कई सफल अभ्यर्थी जो तकनीकी शिक्षा, इंजीनियरिंग, डॉक्टर समाजशास्त्र इत्यादि को चुनने के बाद भी सिविल सर्विस सेवा में नियुक्त हुए हैं। निश्चित रूप से आप जब अपने कर्म क्षेत्र में जाएंगे तब हो सकता है कि स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहें, लेकिन आप विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों की धरती रही है। यहां के लोगों ने हमेशा अपने कार्यों के बदौलत अपनी अलग पहचान बनाई है। झारखंड वो राज्य है जब देश की आजादी की लड़ाई लड़ी गई उससे पहले ही हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति को संरक्षित करने की लड़ाई लड़ रहे थे। सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जायेगा झारखंड : मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में ही राज्य में टूरिज्म पॉलिसी की शुरुआत हुई है। हमारी सरकार चाहती है कि झारखंड को सिर्फ खनिज संपदाओं के रूप में ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के रूप में भी जाना जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में हमेशा से पर्यटकों का आना-जाना लगा रहा है। राज्य में विधि व्यवस्था मजबूत और सुदृढ़ बनी रहे इस निमित्त हमारी सरकार ने प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्सली प्रभावित जिलों के बच्चे भी आईएएस, आईपीएस सहित कई सेवाओं में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी होनहार देश के कोने-कोने में रहकर समाज सेवा करें यह खुशी की बात है। देश को प्रगति की ओर दिशा देने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। आप सभी लोग झारखंड के सर्वांगीण विकास में भी अपनी महती भूमिका निभाएंगे ऐसा मुझे विश्वास है। झारखंड के प्रति आप अपना सुझाव सरकार को दें, सरकार आपके सुझावों का स्वागत करेगी। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, निदेशक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सूरज कुमार, यूपीएससी परीक्षा 2021 के सफल अभ्यर्थी श्रुति राजलक्ष्मी, उत्सव आनंद, रवि कुमार, नम्रता चौबे, आयुष वेंकट वत्स, अक्षत आयुष, विकास महतो, अन्ना सिन्हा, चिरंजीवी आनंद, सर्वप्रिया सिन्हा, दिव्यांश शुक्ला, मनीष कुमार, डॉ आकाश सिन्हा, सुमित कुमार ठाकुर, दक्ष जैन, नाजिश उमर अंसारी, सौरभ पांडेय, अमित आनंद, राज विक्रम, कुमार किसलय, मुकेश कुमार गुप्ता, वेदांत शंकर, आशीष, रितेश, अंकित बड़ाईक, राकेश रंजन उरांव सहित सभी अभ्यर्थियों के परिजन उपस्थित थे।

Published / 2022-07-26 18:15:32
सुखाड़ की आशंका को लेकर कृषि मंत्री की अध्यक्षता में महामंथन, कृषि वैज्ञानिकों के साथ रायशुमारी

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश में राज्य में सुखाड़ की आशंका को लेकर कृषि विभाग सतर्क हो गया है। 2022 में औसत से 58 फ़ीसदी कम बारिश होने की वजह से किसानों में मायूसी है। किसान के चेहरे पर मुस्कुराहट बरकरार रहे इसके लिए आज कृषि मंत्री श्री बादल की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केंद्र आईसीएआर बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कृषि कृषि वैज्ञानिकों के साथ राज्य के वर्तमान हालात पर महामंथन किया गया। नेपाल हाउस स्थित सभागार में कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य में भीषण संकट की आशंका प्रबल होती जा रही है। सबसे कम बारिश की वजह से बुवाई का काम काफी कम हुआ है जो एक चिंता का विषय है। श्री बादल ने कहा कि ऐसी विषम परिस्थिति में राज्य के किसान कृषि वैज्ञानिकों से शोध की गुणवत्ता के उत्कृष्ट उदाहरणों की अपेक्षा रखता है। राज्य के निर्माण में कृषि वैज्ञानिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाये और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप दस्तावेज तैयार कर किसानों तक जागरूकता अभियान चलाया जाए। हमें राज्य मल्टीक्राप को बढ़ावा देने के लिए चावल और गेहूं के साथ दाल और दलहन व अन्य खेती पर भी फोकस करना होगा। साथ ही फूड सिक्योरिटी के साथ न्यूट्रिशन सिक्योरिटी लोगों को मिले इसका भी ख्याल रखने की जरूरत है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र को क्वालिटी सीड्स प्रोडक्शन हेतु आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात कही। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को लेकर वह काफी चिंतित हैं और झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत राज्य के 20,000 कॉमन सर्विस सेंटर किसानों को असिस्ट कर रहे हैं। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले 20 दिन काफी क्रिटिकल है इसलिए सभी को मिलकर काम करना होगा। जरूरत इस बात की है कि सुखाड़ की स्थिति में भी संभावनाओं की तलाश जारी रखी जाए और अगर भविष्य में सुखाड़ जैसे हालात बनते हैं तो केंद्र सरकार से अनुदान के लिए राज्य सरकार की ओर से मजबूत तरीके से दावेदारी पेश की जानी चाहिए। कृषि विज्ञान केंद्र राज्य का बैकबोन : सचिव- कृषि विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी ने कहा के राज्य में बारिश कम होने की वजह से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए शॉर्ट टर्म और वैकल्पिक फसल पर जोर देने की जरूरत हैं उन्होंने उड़द, मडुआ और सोयाबीन की खेती करनी होगी साथ में मक्का, अरहर, ज्वार और बाजरा जो न्यूट्रीशनली रिच हैं, उन पर फोकस करना होगा। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से कहा कि कृषि विज्ञान पर केंद्र राज्य का बैकबोन है इसलिए इनकी भूमिका जागरूकता के साथ-साथ तकनीकी मदद देने में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारी किसानों के साथ समन्वय बनाए ताकि राज्य में सुखाड़ की आशंका को लेकर निदान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सके। कृषि निदेशक ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर दिया प्रेजेंटेशन : कृषि निदेशक श्रीमति निशा उरांव और आपने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देकर राज्य में अब तक औसत से 51 फीसद कम बारिश हुई है और राज्य के कुल इक्कीस जिलों में स्पेशल केयर करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि पेडी में सबसे ज्यादा शॉर्ट फॉल दिखाई दे रहा है। 2021 में 36.7 4% अब तक एरिया कवर किया गया था जबकि 2022 में मात्र 14.11 प्रतिशत ही एरिया में क्रॉप्स का काम हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में शॉर्ट ड्यूरेशन वैरायटी पर फोकस किया जा रहा है साथ ही नई तकनीकी की जानकारी किसानों तक पहुंचाने की योजना है। विशेष कृषक गोष्ठी का आयोजन जारी है इसके माध्यम से किसानों को नई तकनीकी का बारे में जानकारी दी जा रही है। कृषि निदेशालय ने ब्लॉक चेन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि बारिश के स्तर को देखते हुए अलग-अलग जिलों का समूह बनाया गया है और सभी जिलों से अलग-अलग स्पेशल मीटिंग की जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने दिए सुझाव : सुखाड़ पर महामंथन के दौरान बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कृषि वैज्ञानिक केंद्र और आईसीएआर के कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी के झारखंड के इको सिस्टम के मुताबिक कृषि में विभिन्न अवयवों को जोड़ने की जरूरत है साथ ही कहा कि राज्य में डीएसआर मेथड पर भी काम करने की आवश्यकता है। बैठक में यह भी सुझाव आए कि मौजूदा परिस्थिति में किसानों को बीज वितरण में जो 50 फ़ीसदी की सब्सिडी मिलती है उसे बढ़ाकर 75% सब्सिडी अनुदान देने की जरूरत है। कृषि की पैदावार बढ़ाने के लिए सरफेस वाटर हार्वेस्टिंग पर नीति बनाने की जरूरत पर बल देते हुए वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर नीति राज्य सरकार बनाती है तो मिट्टी की नमी को बचाया जा सकेगा। बैठक में निदेशक श्री मृत्युंजय वर्णवाल, शशि प्रकाश झा सहित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, कृषि विज्ञान केंद्र और आईसीएआर के कृषि वैज्ञानिक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-07-26 18:00:53
मानसून सत्र को हंगामेदार बनाने की तैयारी, सत्ता पक्ष-विपक्ष तैयार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 29 जुलाई से 5 अगस्त तक चलेगा। एक तरफ सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण संचालित करने की तैयारी की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष-विपक्ष रणनीति बनाने में जुटा है। विपक्ष के कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि मानसून सत्र हंगामेदार होगा। खास बात यह कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से सदन को लेकर 28 जुलाई को रणनीति बनाई जायेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में जहां सरकार को घेरने की रणनीति पर मुहर 28 जुलाई को लगेगी। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से सरकार की उपलब्धि और विपक्ष के मुद्दे से बचाव पर कार्ययोजना बनाई जायेगी। पूर्व स्पीकर और बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि सदन में सरकार को घेरने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे ही मुद्दे हैं। कानून व्यवस्था, ईडी की कारवाई जैसे कई मुद्दे पर विपक्ष सरकार से सवाल करेगी। इधर, सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की ओर से भी सदन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। 28 जुलाई को कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी की जायेगी। कांग्रेस विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार की खामियों को सदन में रखना उसको सकारात्मक रुप में लेकर सत्तापक्ष जवाब देगा। मानसून सत्र को लेकर बुधवार को झारखंड विधानसभा में हाईलेवल बैठक होगी। स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो की मौजूदगी में होनेवाली बैठक में मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्रवाई को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने को लेकर अधिकारियों और विभिन्न दलों के नेताओं के साथ मंत्रणा होगी। इस मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे, जिसमें 1 अगस्त से लेकर 5 अगस्त तक प्रश्नकाल होगा वहीं इस दौरान अनुपूरक बजट भी सदन में लाए जाएंगे। गौरतलब है कि 29 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे। सदन की कार्यवाही दिन के 11 बजे से शुरू होगी। 30 एवं 31 जुलाई को शनिवार-रविवार होने के कारण नहीं होगी। वहीं, 1 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2022- 23 के प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। 2 अगस्त को इस पर चर्चा के बाद इसे पारित कराया जाएगा। 3 अगस्त और 5 अगस्त को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य यदि हो तो वह होंगे। 5 अगस्त को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य, गैर सरकारी संकल्प पटल पर रखा जाएगा।

Published / 2022-07-26 17:29:12
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को लोहरदगा में

टीम एबीएन, लोहरदगा। मुख्यमंत्री श्री हेमत सोरेन कल दिनांक 27.07.2022 को लोहरदगा आयेंगे जहां वे बीएस कॉलेज स्टेडियम,लोहरदगा में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय बिरसा हरित ग्राम योजना सम्मान समारोह में शामिल होंगे। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जायेगा। चयनित किसानों द्वारा योजना से जुड़े अपने अनुभव को साझा भी किया जायेगा। वहीं बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी और लातेहार के किसान शामिल होंगे। कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री के अलावा डॉ रामेश्वर उरांव, माननीय मंत्री, योजना-सह-वित्त, वाणिज्यकर विभाग एवं खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखण्ड रांची, श्री आलमगीर आलम, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, झारखण्ड, रांची, श्री धीरज प्रसाद साहू माननीय राज्यसभा सांसद, श्री सुदर्शन भगत, माननीय सांसद, श्री चमरा लिण्डा, माननीय विधायक, बिशुनपुर भी शामिल होंगे। कार्यक्रम 01 बजे अपराह्न से प्रारंभ होगा। सभी जिले के 05-05 किसानों को दिया जाएगा प्रशस्ति पत्र, करेंगे अनुभव साझा : कार्यक्रम में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के 05-05 लाभुकों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसी बीच किसान अपने अनुभव भी साझा करेंगे:- लोहरदगा जिला के लाभुक : 01. बालो उरांव, कुम्बटोली, खरकी, किस्को, लोहरदगा। 02. भंगा भगत, कोलसिमरी, कुडू, लोहरदगा। 03. फुलदेव उरांव, मुन्दो, भटखिजरी, लोहरदगा। 04. अफसाना खातून, उगरा, सेन्हा, लोहरदगा। 05. नन्दलाल उरांव, मुन्दो, भटखिजरी, लोहरदगा। खूंटी जिला के लाभुक : 01. मुल्या भेंगरा, कुमांग, तोरपा, खंूटी। 02. मार्शल गुड़िया, हुसीर, तोरपा, खूंटी। 03. विश्वनाथ इरगू, तपेसरा, कर्रा, खूंटी। 04. महानंद स्वांसी, लालमुम, खूंटी। 05. मनोरमा टुटी, कुंजला, खूंटी। गुमला जिला के लाभुक : 01. विश्वासी कुजूर, बसिया। 02. लीलावती देवी, सोनमेर, बसिया। 03. सरोजनी उरांव, लोहड़ी, बसिया। 04. तारामुनी कच्छप, बसिया। 05. सावित्री देवी, बसिया। रांची जिला के लाभुक : 01. अश्विनी सिंह, चिल्द्री, बेड़ो। 02. घघारी उरांव, बोदा, बेड़ो। 03. बन्धु उरांव, टांगर, चान्हो। 04. शांति कच्छप, गड़गांव, इटकी। 05. प्रभात कुमार गिरि, हैसालौंग, खलारी। लातेहार जिला के लाभुक : 01. कमलेश उरांव, जान्हो, मनिका। 02. मो0 सलीम अंसारी, केना, लातेहार। 03. बिरबल उरांव, घाघू, बालूमाथ। 04. बुधन गंझू, दुधिमाटी, चंदवा। 05. रोशन कुजूर, पुटरूर्गी, महुआडाड़। जिला के 10 लाभुकों के बीच 35.26 लाख रूपये की राशि का स्वीकृति पत्र : मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत लोहरदगा जिला के कुल 10 नये लाभुक को स्वीकृति पत्र दिया जायेगा। इसमे कुल भूमि 9.5 एकड़ है जिसमें स्वीकृत राशि 35.26 लाख रूपये है। लाभुकों की सूची इस प्रकार हैः- 01. मनदेयाल महतो, सोरन्दा, भौरों, भण्डरा, लोहरदगा। 02. धनेश्वर उरांव, महुवरी, गजनी, कैरो, लोहरदगा। 03. पैंत्रुस कुजुर, हिसरी, किस्को, लोहरदगा। 04. मुतेजा अंसारी, उपर हिसरी, किस्को, लोहरदगा। 05. बुधैन उरांव, कुडू, लोहरदगा। 06. सरस्वती देवी, लावागाई, कुडू, लोहरदगा। 07. देवनन्दन उरांव, हेसल, लोहरदगा। 08. सीतापति उरांव, हेसल, लोहरदगा। 09. प्रमोद उरांव, रोरद, पेशरार, लोहरदगा। 10. उमा देवी, अलौदी, सेन्हा। लोहरदगा। कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना, वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत पांच जिलों के कुल 50 लाभुकों के बीच फलदार पौधा दिया जाना है। इस योजना में कुल भूमि 42.5 एकड़ पर 50 किसानों को कुल 1 करोड़ 36 लाख 29 हजार रुपये राशि की स्वीकृति दी गयी है। लाभुकों की सूची इस प्रकार हैः- लोहरदगा जिला के लाभुक : 01. विशेश्वर उरांव, भौंरो, भण्डरा, लोहरदगा। 02. श्वेता भगत, चिपो, गुड़ी, कैरो, लोहरदगा। 03. रेखा देवी, सलैया, पाखर, किस्को, लोहरदगा। 04. संजो उरांव, बगडू, लोहरदगा। 05. आरिफ खान, लापरु, ककरगढ़, कुडू, लोहरदगा। 06. अनुप मुण्डा, हेंजला, कुडू। 07. निशा लकड़ा, तिगरा, लोहरदगा। 08. निरती उरांव, निंगनी, लोहरदगा। 09. बंधनी देवी, ओनेगड़ा, पेशरार, लोहरदगा। 10. आरती देवी, मुर्कीतोड़ार, सेन्हा, लोहरदगा। खूंटी जिला के लाभुक : 01. सरेश मुण्डा, बिरहु, खूंटी। 02. बसंती देवी, गुटजोरा। 03. कान्ती देवी, गुटजोरा। 04. रेखा देवी, गुटजोरा। 05. पूजा देवी, गुटजोरा। 06. मनमसीह हेरेंज, कच्चाबारी। 07. करण कुमार बैठा, कच्चाबारी। 08. हारूण धान, कच्चाबारी। 09. बेनी उरांव, डुमरगड़ी। 10. रामू उरांव, डुमरगड़ी। रांची जिला के लाभुक : 01. मंगल मुण्डा, जामटोली, बेडो। 02. विनय उरांव, ईटा, बेड़ो। 03. नागेन्द्र नाथ, ईटा, बेड़ो। 04. बिरसा मुण्डा, ईटा, बेड़ो। 05. पंकज कुजूर, ईटा, बेड़ो। 06. चरिया धान, जामटोली, बेड़ो। 07. प्रभात केरकेट्टा, कुन्दी, ईटकी। 08. सुखदेव उरांव, चचगुड़ा, ईटकी। 09. अनीता देवी, कमाती, चान्हो। 10. बिरसी उराईन, ताला, चान्हो। गुमला जिला के लाभुक : 01. रजनी मिंज, कलिगा, बसिया। 02. मोनिका मिंज, कलिगा, बसिया। 03. क्रेसेन्सिया, मिंज,कलिगा, बसिया। 04. प्रतिमा मिंज, कलिगा, बसिया। 05. अंतुनिया मिंज, कलिगा, बसिया। 06. मरियानुस कुल्लू, कलिगा, बसिया। 07. बिरसमनी तिर्की, कलिगा, बसिया। 08. ख्रीस्टिना बरला, कलिगा, बसिया। 09. मनोज लोहरा, कलिगा, बसिया। 10. दीपक टोपनो, कलिगा को बसिया। लातेहार जिला के लाभुक : 01. कुवंर परहिया, तरवाडीह, लातेहार। 02. महेंद्र सिंह, हेठपोचरा, लातेहार। 03. फुलदेव सिंह, सेरनदाग, हेरहंज। 04. भुनेश्वर यादव, सालवे, बारियातू। 05. मो0 तोफिक, मुरपा, बालूमाथ। 06. सुरेश भगत, मासियातु, बालूमाथ। 07. श्यामबिहारी सिंह, हामी, महुआडांड़। 08. फूलचंद भुईंया, सिंजो, मनिका। 09. फुदवा देवी, रांकीकला, मनिका। 10. महेश सिंह, हुटाप, चंदवा।

Published / 2022-07-26 08:56:02
दिल्ली से हरियाणा के बीच चलेगी स्काई बस : नितिन गडकरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा ऐलान किया। नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली और हरियाणा में चुनिंदा मार्गों पर स्काईबस शुरू करना चाहते हैं जिससे यातायात की भीड़ और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जलवायु एजेंडा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। प्रदूषण के साथ आर्थिक वृद्धि होना अच्छी रणनीति नहीं है। उन्होंने अधिक ब्योरा दिए बिना कहा कि मैं धौला कुआं से मानेसर तक स्काईबस (मास ट्रांजिक सर्विस) शुरू करना चाहता हूं। बाद में इसे बढ़ाकर सोहना तक किया जाएगा। गडकरी यहां बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा है कि उनका सपना भारत में ईधन के आयात को शून्य करने का है। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि उनका सपना भारत में जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करना है। उन्होंने कहा कि उनका सपना जीवाश्म ईंधन के आयात को शून्य पर लाना है। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि पानी से ग्रीन हाइड्रोजन बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल आर्थिक रूप से सस्ता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी था और इथेनॉल देश में कृषि विकास को बढ़ाने जा रहा है, क्योंकि हम चावल से इथेनॉल का निर्माण करेंगे।

Published / 2022-07-25 06:41:34
भारत की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, CJI एनवी रमण ने दिलायी शपथ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। द्रौपदी मुर्मू ने आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण किया। भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमण ने उन्हें संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हाॅल में पद एचं गोपनीयता की शपथ दिलाई। द्रौपदी मुर्मू देश की सबसे कम उम्र की व पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं। वह आजादी के बाद जन्म लेने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। शपथ ग्रहण से पहले मुर्मू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक स्थल राजघाट पहुंचीं और पुष्पांजलि अर्पित की। मैं ओडिशा के जिस गांव में पैदा हुई वहां स्कूल जाना एक सपना था। मैंने अपने गांव से काॅलेज जाने वाली पहली लड़की थी। भारत के राष्ट्रपति पद पर मेरा निर्वाचन मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह देश के हर गरीब की उपलब्धि है। देश का हर गरीब च्यक्ति मुझमें अपना प्रतिबिंब देख सकता है।

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