राज काज

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Published / 2022-08-15 05:30:14
40,000 रुपये तक की जॉब में राज्य के लोगों को मिलेगा 75% आरक्षण : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस पर रांची के मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण किया। बाद में सीएम हेमंत सोरेन ने लोगों को संबोधित करते हुए राज्य की दशा और दिशा पर बात की। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया और कहा कि वे राज्य को विकास की डगर पर ले जा रहे हैं। उन्होंने राज्य की चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य से पलायन कम करने के लिए लोगों की मदद की जा रही है और राज्य के 40000 रुपये तक के नियोजन में यहां के लोगों को ही नियुक्त किया जायेगा। ध्वजारोहण के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान राज्य की दशा और दिशा पर अपनी बात रखी। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हम राज्य को विकास की डगर पर ले जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि जिन लोगों ने झारखंड के लिए बलिदान दिया और जिस सोच के साथ बलिदान दिया कि ऐसा झारखंड बने उसी के लिए हम प्रयासरत हैं। इस दौरान सीएम ने अपनी उपलब्धियां भी गिनाईं। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड ने अभूतपूर्व कार्य किया है, शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और हमारी स्वास्थ्य सेवा मजबूत हुई है। सड़क मार्ग, जलमार्ग, वायु मार्ग का लगातार विकास हो रहा है, जिससे राज्य की अधोसंरचना मजबूत हो रही है। युवाओं के लिए रोजगार का सृजन करना सरकार की प्राथमिकता में है और सबसे बड़ी चुनौती राज्य से हो रहे पलायन को रोकने की है। सीएम ने लोगों से कहा कि झारखंड सरकार ने फैसला किया है कि 40000 रुपये तक वेतन पाने वाले वैसे नियोजन जो राज्य के तहत होंगे, उसमें 75 फीसदी पद पर राज्य के लोगों को ही नियुक्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य से पूरी तरह से पलायन को रोक पाना संभव नहीं है। लेकिन विपदा के समय में अपने लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए हमारी सरकार तत्परता के साथ काम कर रही है।

Published / 2022-08-14 10:49:04
राजधनी रांची में कल सुबह से रात 10 बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री

टीम एबीएन, रांची। स्वतंत्रता दिवस पर सोमवार सुबह छह से रात के 10 बजे तक शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इस दिन बड़े वाहनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। कई जरूरी निर्देश दिए गए हैं। मोरहाबादी स्थित कार्यक्रम स्थल पर वीवीआईपी और वीआईपी वाले वाहन प्रवेश कर सकेंगे। अन्य वाहनों को कार्यक्रम स्थल से दूर खड़ा करना होगा। कार्यक्रम को लेकर 15 जगहों पर ड्रॉप गेट बनाए गए। पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है। इससे संबंधित आदेश जारी किया गया है। इस दौरान कांके से रांची भाया बोड़िया, चाईबासा, खूंटी से रांची के लिए बिरसा चौक, गुमला सिमडेगा से अरगोड़ा के रास्ते रांची के लिए कटहल मोड़, पलामू लोहरदगा से रांची के लिए आइटीआई बस स्टैंड, जमशेदपुर से रांची के लिए नामकुम दुर्गा सोरेन चौक, जमशेदपुर से सदाबहार चौक के रास्ते कुसई घाघरा, पतरातू से रांची के लिए चांदनी चौक, ओरमांडी से रांची के लिए बूटी मोड़, बुटी मोड़ से रांची भाया बरियातू से बुटी मोड़ तक। यहां होगी वाहनों की पार्किंग : मुख्यमंत्री का कारकेड और वीवीआईपी के वाहन मुख्य मंच के पीछे बने पार्किंग स्थल पर, पदाधिकारियों के गाड़ियों की पार्किंग वाहन समारोह स्थल के पश्चिमी गैलरी के बगल में, वीआईपी पास युक्त मुख्य मंच के पश्चिम बने पार्किंग स्थल पर पार्क होंगे, मीडियाकर्मियों की गाड़ी हॉकी स्टेडियम के उत्तर बाबू वाटिका के सामने स्थित आर्मी ग्राउंड से टले स्थल पर पार्क किए जायेंगे, बड़े वाहन का बूटी मोड़ से बरियातू होते हुए तथा अन्य मार्गों से शहर में प्रवेश बंद रहेगा, कांके की ओर से आने वाली बड़ी वाहनें चांदनी चौक तक ही आयेंगे। छोटे वाहन राम मंदिर मोड़ से सीधे हॉटलिप्स चौक, न्यू मार्केट चौक होकर अपने गंतव्य की ओर जायेंगे। मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की गाड़ियां एटीआई मोड़, सिद्धू-कान्हू मोड़, रांची कॉलेज होते हुए राजकीय गेस्ट हाउस से बांये मुड़कर वीवीआईपी प्रवेश द्वारा मंच तक जाएंगे और उनके वाहनों की पार्किंग मुख्य मंच के पीछे बने पार्किंग स्थल में होगी। डीसी आवास मोड़ से हॉकी स्टेडियम तक कोई पार्किंग नहीं होगी एवं रांची कॉलेज मोड़ से वीवीआईपी इंट्री गेट तक पार्किंग वर्जित रहेगा। शहर के अन्य मार्गों पर छोटे वाहनों का परिचालन पूर्ववत रहेगा।

Published / 2022-08-14 07:21:29
स्वतंत्रता दिवस : इस बार सशस्त्र बलों को मिलेगा स्पेशल मेडल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएएफपी) के सदस्यों को नवनिर्मित विशेष पदक (स्पेशल मेडल) दिये जायेंगे। नए मेडल में आगे की तरफ अशोक स्तंभ और पीछे की तरफ अशोक चक्र होगा। एक सरकारी अधिसूचना के अनुसार, ये स्पेशल मेडल कॉपर और निकल मिश्र धातु से बने होते हैं। प्रति पदक 96 रुपये की लागत संबंधित राज्य सरकारों द्वारा वहन की जाएगी। भारत में सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को हर 25 साल में इस तरह के पदक देने की परंपरा है। इन्हें अंतिम बार भारत की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 15 अगस्त 1997 को दिया गया था। 1997 में सशस्त्र बलों को दिए गए पदक में लाल किले की एक छवि थी जिस पर अंग्रेजी में रिम के साथ स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ 1947-1997 लिखा हुआ था। भारत के नक्शे को पीछे की तरफ चित्रित किया गया था। यह पदक सेना, नौसेना और वायु सेना, प्रादेशिक सेना, अन्य रिजर्व बलों, रेलवे पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा संगठन और अग्निशमन सेवाओं सहित सभी सेवारत कर्मियों को दिया गया था।

Published / 2022-08-14 06:30:14
झारखंड : 15 अगस्त को जेलों से रिहा होंगे 110 कैदी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की विभिन्न जेलों में सजा काट रहे 110 बंदियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिहा किया जायेगा। झारखंड सरकार ने इन सभी दोष सिद्ध बंदियों की सजा माफ कर दी है। आजादी का अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों के क्रम में पहले चरण 15 अगस्त के अवसर पर बंदियों के जेल में अच्छे आचरण को देखते हुए उनकी शेष सजा अवधि माफ करते हुए रिहा करने का निर्णय लिया गया है। झारखंड सरकार ने होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से 10, पलामू सेंट्रल जेल से 78, हजारीबाग स्थित जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा से 12, घाघडीह स्थित केंद्रीय कारा से 3, गिरीडीह स्थित केंद्रीय कारा से 1 और दुमका स्थित केंद्रीय कारा से 6 कैदियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। रिहा होने वाले कैदियों में हजारीबाग स्थित जेपी केंद्रीय कारा के सबसे अधिक उम्र के यमुना सोनार (77 वर्ष) और सबसे कम उम्र के राजू भुइयां (25 वर्ष) शामिल है। गौरतलब है कि गृह विभाग में राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी कैदियों की जेल की शर्तों को कम करने का फैसला करती है और राज्य कैबिनेट को इसकी सिफारिश करती है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजी जाती है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को अपने-अपने राज्यों में कुछ मानदंडों को पूरा करने वाले कैदियों की सजा माफ करने का निर्देश दिया है। मृत्युदंड और आजीवन कारावास के दोषी, आतंकी गतिविधियों में शामिल कैदी, एनडीपीएस के आरोप में दोषी, बलात्कार, मानव तस्करी, जाली नोटों और मनी लॉन्ड्रिंग को सजा माफी का लाभ नहीं दिया जाता है।

Published / 2022-08-13 15:27:00
राज्यपाल रमेश बैस को दिया गया गार्ड आफ आनर

टीम एबीएन, रामगढ़/ रांची। राज्य के महामहिम राज्यपाल रमेश बैस शनिवार को कुछ समय के लिए पेटरवार स्थित फारेस्ट गेस्ट हाउस में पड़ाव किए। जहां उपायुक्त कुलदीप चौधरी, पुलिस अधीक्षक चंदन झा, उप विकास आयुक्त कीर्ति श्री समेत अन्य वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों की उपस्थिति में पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड आॅफ आॅनर दिया। इससे पूर्व उपायुक्त कुलदीप चौधरी, पुलिस अधीक्षक चंदन झा एवं उप विकास आयुक्त कीर्ति श्री ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। मौके पर महामहिम राज्यपाल श्री रमेश बैस ने फारेस्ट गेस्ट हाउस परिसर में हर घर तिरंगा सेल्फी प्वाइंट में तस्वीर खिंचवाई। बाइक तिरंगा रैली को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना : माननीय महामहिम राज्यपाल श्री रमेश बैस ने पेटरवार फारेस्ट गेस्ट हाउस के समीप हरी झंडी दिखाकर मोटर साइकिल तिरंगा रैली को रवाना किया। रैली में सीआरपीएफ, सीआइएसएफ के जवानों के अलावा काफी संख्या में आम नागरिक शामिल थे। उल्लेखनीय हो कि महामहिम राज्यपाल झारखंड रमेश बैस अपने धनबाद यात्रा के दौरान यहां कुछ समय के लिए रूके थे। मौके पर जिला व अनुमंडल स्तर के कई प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-08-13 09:19:45
स्वतंत्रता दिवस : डीसी-एसएसपी की उपस्थिति में हुआ समारोह का फुल ड्रेस रिहर्सल

टीम एबीएन, रांची। स्वतंत्रता दिवस पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित झंडोत्तोलन समारोह की तैयारियों को लेकर आज दिनांक 13 अगस्त 2022 को उपायुक्त, रांची राहुल कुमार सिन्हा की अगुवाई में फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया। फुल ड्रेस रिर्हसल के दौरान स्वतंत्रता दिवस को होने वाले कार्यक्रमों को दुहराया गया। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा एवं वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने परेड की सलामी ली। उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी पार्टियों को परेड से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कार्यक्रम स्थल का मुआयना कर तैयारियों का भी जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को ससमय पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों की ज्वायंट ब्रीफिंग : स्वतंत्रता दिवस पर मोरहाबादी मैदान में आयोजित झंडोत्तोलन समारोह के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों की ज्वायंट ब्रीफिंग की हुई। इस दौरान जिलास्तरीय पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था द्वारा ब्रीफिंग के दौरान सभी अधिकारियों को उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी, रांची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची द्वारा निकाले गए संयुक्तादेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को ससमय प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंचकर कार्य एवं दायित्व का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल को ठीक से समझ लें, जहां जिनकी ड्यूटी लगी है एक बार जाकर देख लें। उन्होंने सारे मुख्य अतिथियों को कार्यक्रम स्थल में लाने की कार्यवाही ससमय सुनिश्चित करने को कहा। वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले सभी आगंतुकों की जांच गंभीरता से करें। कोई भी अवांछित व्यक्ति आपत्तिजनक सामग्री लेकर प्रवेश न करें। मोरहाबादी मैदान मेें आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने वाले विभिन्न प्लाटून निम्न हैं : 1. सीआरपीएफ - एक प्लाटून। 2. आईटीबीपी - एक प्लाटून। 3. सीआईएसएफ - एक प्लाटून। 4. एसएसबी - एक प्लाटून। 5. झारखण्ड जगुआर - एक प्लाटून। 6. जैप 1 - एक प्लाटून एवं एक प्लाटून बैण्ड पार्टी। 7. जैप 2 - एक प्लाटून।न 8. जैप 10 - एक प्लाटून एवं एक प्लाटून बैण्ड पार्टी। 9. एनसीसी एसआर - एक प्लाटून (गर्ल्स)। 10. एनसीसी एसआर - एक प्लाटून (ब्वॉयज)। 11. रांची पुलिस (महिला) - एक प्लाटून। 12. रांची पुलिस (पुरुष) - एक प्लाटून। 13. होमगार्ड: एक प्लाटून एवं एक प्लाटून बैण्ड पार्टी।

Published / 2022-08-13 08:47:04
केंद्र ने बनाई रणनीति : देश में मोटे अनाज का क्षेत्रफल अगले पांच साल में 50 लाख हेक्टेयर बढ़ेगा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्ष में देश में मोटा अनाज का क्षेत्रफल 50 लाख हेक्टेयर व उत्पादन एक करोड़ टन बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए रणनीति तैयार कर काम शुरू कर दिया गया है। यूपी में 20 प्रतिशत क्षेत्रफल व 35 प्रतिशत उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है। ऐसा करके देश निर्यात की स्थिति में आ सकता है और अपने प्राचीनतम अनाज को दुनिया को गिफ्ट के तौर पर भेंट कर सकता है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद के निदेशक विलास टोनापी ने मीडिया से बातचीत में पोषक अनाज का उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार केंद्र की रणनीति को साझा किया। उन्होंने बताया, 2018 को केंद्र ने मोटा अनाज वर्ष घोषित कर इस ओर महत्वपूर्ण पहल की थी। अब मोटे अनाजों के प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। इससे देश के पारंपरिक, पौष्टिक और स्वस्थ अनाज के बारे में वैश्विक स्तर पर जागरूकता लाने में मदद मिलेगी। यूपी, हरियाणा व पंजाब पर फोकस : टोनापी ने बताया, मोटे अनाज के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ निर्यात के जरिए किसानों की आय भी बढ़ेगी। यूपी, हरियाणा व पंजाब में मोटे अनाज का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के कई गुना जायदा अवसर है। यहां इनके प्रोत्साहन को लेकर कई तरह की पहल चल रही हैं। प्रोत्साहन की जरूरत : टोनापी ने कहा, एक करोड़ टन अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए सिंचित भूमि में भी पोषक अनाज की खेती लाने की आवश्यकता है। इसके लिए केंद्र सरकार को सभी राज्यों में प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये सहायता देकर पोषक अनाज की खेती को प्रोत्साहित करना चाहिए। ये है रणनीति : • 25 विश्वविद्यालयों में सीड हब की स्थापना। • देश में बन रहे 10 हजार एफपीओ में 1000 मोटा अनाज पर काम करेंगे। • किसानों को खेत पर बीज, फूड प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग के साथ निर्यात से जुड़ी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। • ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान संचालित कर मोटे अनाज के फायदे बताए जाएंगे। कुछ अहम तथ्य : • भारत इस समय 15 लाख टन मोटे अनाज का उत्पादन करता है। • अगले 5 वर्ष में 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और एक करोड़ टन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य है। • वर्तमान में 30% की दर से क्षेत्रफल में वृद्धि हो रही है। • मोटे अनाज से जुड़े नए उद्यमियों को 5 लाख व पूर्व से कार्यरत को 25 लाख तक की वित्तीय सहायता की व्यवस्था है।

Published / 2022-08-13 02:14:35
कृषि वैज्ञानिकों ने भ्रमण कर जानी खेती की हकीकत, किसानों को दी जरूरी सलाह

टीम एबीएन, मेदिनीनगर, (पलामू)। कम वर्षापात के मद्देनजर कृषि कार्य में पड़ रहे प्रतिकूल असर को लेकर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ डीएन सिंह की उपस्थिति में संस्थान के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार, डॉ ए साह एवं सभी क्षेत्र कर्मचारी आज क्षेत्र का भ्रमण किया। डॉ डीएन सिंह ने संस्थान तथा कृषकों को कृषि कार्य में सभी प्रबंधन को लागू करने की सलाह दी। उन्होंने वर्षा जल संचयन, श्री विधि से धान लगाने, घास की निकौनी प्रबंधन, यूरिया का टॉप ड्रेसिंग कर बेहतर कर पाया। उन्होंने कहा कि संस्थान इस प्रतिकूल स्थिति में भी अपने प्रक्षेत्र अंतर्गत 10 एकड़ में बीज उत्पादन योजना के तहत धान की रोपाई की है। कम बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति के बावजूद यहां धान की फसल लगना बड़ी बात मानी जा रही है। साथ ही संस्थान के कृषि संबंधित 35-40 प्रयोग भी लगाया गया है। वहीं अरहर, सोयाबीन, उरद और मूंगफली की खेती भी की गयी। यह सब जल के बेहतर प्रबंधन से संभव हो पाया है। यहां पर 4 एकड़ में धान की सीधी बुवाई गेहूं की तरह की गई है, जो ठीक है। कृषकों को सलाह दी गयी कि वह मध्यम तथा सोत जमीन में इसी तरह धान की बुआई कर अपनी उत्पादन ले सकते हैं। वहीं अभी भी किसान अपनी जमीन पर अरहर लगाकर अच्छा उत्पादन ले सकते हैं।

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