राज काज

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Published / 2022-08-30 18:48:48
अंकिता मर्डर केस : जांच के लिए SIT गठित, घटनास्थल पहुंची CID

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के अंकिता मर्डर केस में जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद पुलिस महकमा इस केस की जांच को लेकर अब रेस हो गया है। एसपी दुमका के नेतृत्व में SIT की टीम बनाई गई है जो अब अंकिता मर्डर केस की जांच करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए SP दुमका केस की पूरी निगरानी कर रहे हैं। दुमका की अंकिता को जिंदा जलाकर उसकी हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी शाहरूख सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। झारखंड पुलिस मुख्यालय के एडीजी एम एल मीणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि केस में हर पहलू से जांच की जा रही है। घटना के बाद फोरेंसिक और सीआईडी की टीम भी दुमका स्थित अंकिता के घर पहुंची है और घटनास्थल की जांच कर रही है। इस मामले में खुद एडीजी के पहुंचने के बाद जांच में तेजी आई है। रिम्स में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद अंकिता का अंतिम संस्कार सोमवार को दुमका में किया गया था। इस घटना के बाद झारखंड के लोग खासे आक्रोश में हैं, खासकर पुलिसिया कार्यशैली को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक शिष्टमंडल ने इलाके के डीआईजी से मुलाकात कर इस केस में एसीडीपीओ को अविलंब हटाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस केस की जांच में एसडीपीओ नूर मुस्तफा का भूमिका काफी संदिग्ध है। अंकिता की मौत के बाद एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वो अपना बयान दे रही है और हत्यारों के बारे में बता रही है।

Published / 2022-08-29 09:17:53
ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामला : चुनाव आयोग को राजभवन से नहीं गया है कोई आदेश-निर्देश

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में राजभवन की तरफ से अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं किये जाने के कारण झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। रविवार को सत्ताधारी दल के चार मंत्रियों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यपाल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक पद से अयोग्य करार देने की सिफारिश की है, लेकिन अभी तक राज्यपाल की तरफ से उस पर अपना मंतव्य चुनाव आयोग को नहीं भेजा गया है। इस बीच पिछले 25 अगस्त से मुख्यमंत्री आवास पर सत्ताधारी दल के विधायकों की समय-समय पर बैठकें चल रही हैं। कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखने के लिए खुद प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने मोर्चा संभाल रखा है। इस बीच कांग्रेस ने कैश कांड में शामिल अपने तीन विधायकों इरफान अंसारी, नमन विक्सल और राजेश कच्छप के खिलाफ दल बदल के तहत कार्रवाई करने की स्पीकर से शिकायत कर साफ संदेश दे दिया है कि ऐसे हालात में पलटी मारने वाले विधायकों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। इधर, सत्ताधारी दलों के दबाव को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि आज शाम तक राजभवन पूरे मामले पर अपना स्टैंड क्लियर कर सकता है। खास बात है कि राजनीतिक अस्थिरता की वजह से झारखंड का विकास कार्य प्रभावित हुआ है, सचिवालय में गतिविधि ठप है।

Published / 2022-08-28 10:54:45
मुख्यमंत्री यूपीए विधायकों समेत घूमेंगे नेतरहाट!

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजनीति में मचे भूचाल के बीच मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल के सभी विधायक झारखंड के पर्यटन क्षेत्रों का भ्रमण कर एकजुटता दिखा रहे हैं। इसी क्रम में संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री समेत अन्य लोग नेतरहाट भी पहुंच सकते हैं। हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक किसी ने भी नहीं की है। परंतु संभावना को देखते हुए हलचल बढ़ गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर माइनिंग लीज के लगे आरोप के बाद उनके विधायक की सदस्यता रद्द होने की संभावना प्रबल हो गई है। ऐसे में सत्ताधारी दल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री समेत सत्ताधारी दल के विधायक झारखंड के खूंटी जिले में स्थित लतरातू डैम पहुंचकर वहां नौका विहार आदि कर पर्यटन का लुत्फ उठाए थे। शनिवार को ही यह अफवाह उड़ने लगी थी कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विधायक दल के लोग नेतरहाट पहुंचने वाले हैं। परंतु देर शाम जब मुख्यमंत्री समेत अन्य विधायक खूंटी से वापस रांची लौट गए तो इस संभावना पर विराम लग गया। परंतु रविवार को एक बार फिर चर्चा का बाजार गर्म है कि मुख्यमंत्री समेत अन्य विधायक नेतरहाट पहुंचेंगे। नेतरहाट में स्थित अधिकांश प्राइवेट होटल पहले से बुक हैं। बताया जाता है कि बंगाल के पर्यटकों के द्वारा नेतरहाट के प्राइवेट होटलों को बुक कराया गया है। शनिवार और रविवार को वैसे भी नेतरहाट में पर्यटकों की भीड़ रहती है। इसीलिए यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि सरकारी स्तर पर होटलों को बुक कराया गया है अथवा नहीं। इधर सुरक्षा को लेकर भी तैयारी दिख रही है। शनिवार को भी नेतरहाट में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को लगाया गया था। ऐसे में इस संभावना से इनकार भी नहीं किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री समेत अन्य विधायक नेतरहाट पहुंच सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि किसी भी स्तर से नहीं हो पाई है। जिले के कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी नेतरहाट पहुंच गए हैं। परंतु इस संबंध में कोई भी अधिकारी यह नहीं बता रहा है कि सीएम अथवा विधायकों का भ्रमण कार्यक्रम नेतरहाट में होने वाला है।

Published / 2022-08-28 05:46:44
बढ़ती कीमत पर काबू पाने के लिए आटा, मैदा और सूजी के निर्यात पर लगा प्रतिबंध

एबीएन सेंटल डेस्क। केंद्र सरकार ने आटा, साबुत आटा, मैदा और सूजी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसा इन उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए किया गया है। सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, गेहूं या मेसलिन का आटा, मैदा, साबुत आटा और सूजी के निर्यात को मुक्त से प्रतिबंधित किया जाता है। सूजी में रवा और सिरगी भी शामिल हैं। सरकार की ओर से यह आदेश डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने जारी किया है। हालांकि, सरकार की अनुमति के साथ अब कुछ मामलों में निर्यात किया जा सकेगा। जारी आदेश में कहा गया है कि फॉरेन ट्रेड पॉलिसी 2015-20 के ट्रांजिशनल अरेजमेंट्स संबंधी प्रावधान इस नोटिफिकेशन के तहत लागू नहीं होंगे। आपको बता दें कि इससे पहले 25 अगस्त को सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। यह फैसला आर्थिक मामलों की कैबिनटे कमेटी ने किया था। रूस और यूक्रेन युद्ध ही इसका कारण बने। दोनों की देश गेहूं के सबसे बड़े निर्यातक हैं और इनके बीच युद्ध से दुनियाभर में गेहूं की सप्लाई बाधित हो गई। इसलिए भारत से गेहूं निर्यात की मांग बढ़ गई। निर्यात बढ़ने के कारण भारत में गेहूं की कीमत ऊपर जाने लगी और इस पर लगाम लगाने के लिए निर्यात प्रतिबंधित कर दिया गया। हालांकि, इससे विदेशों में आटे की मांग में तेजी आ गई। इस साल अप्रैल-जुलाई के दौरान आटे की मांग में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 200 फीसदी अधिका का उछाल देखा गया। भारत ने 2021-22 में 24.6 करोड़ डॉलर का आटा निर्यात किया था, जबकि इस वित्त वर्ष केवल अप्रैल-जुलाई में ही 12.8 करोड़ डॉलर का आटा निर्यात कर दिया। गेहूं की आपूर्ति घटने और मांग बढ़ने के कारण देश समें 22 अगस्त 2022 को इसकी खुदरा कीमत में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22 फीसदी का उछाल देखने को मिला। 22 अगस्त को गेहूं खुदरा बाजार में 31.04 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जबकि पिछले अगस्त में इसकी कीमत 25.41 रुपये थी। वहीं, आटे की कीमत में इस दौरान 17 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

Published / 2022-08-27 15:29:13
राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मददगार है डीएमएफटी : अबुबकर सिद्दिकी, खान सचिव

टीम एबीएन, रांची। डिस्ट्रिक मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में मददगार है। माइनिंग क्षेत्र में खनन के कारण होने वाले दुष्प्रभाव की भरपाई के लिए डीएमएफटी लाया गया है। इस फंड के माध्यम से उस क्षेत्र का विकास किया जाता है। जरूरत है अधिकारियों द्वारा इस फंड के माध्यम से सही योजनाओं के चयन की। उक्त बातें शनिवार को खान सचिव अबु बकर सिद्दिकी, ने होटल लीलैक में आयोजित कार्यशाला में कही। डीएमएफटी की गाइडलाइन का गंभीरता से अध्ययन करें अधिकारी : खान सचिव अबुबकर सिद्दिकी ने कार्यशाला में उपस्थित जिलों से आए डीडीसी व डीएमओ को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड के परिप्रेक्ष्य में डीएमएफटी बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं झारखंड के लिए एक मौका है, क्योंकि यहां धनबाद, बोकारो, चाईबासा, रामगढ़ आदि कई खनन क्षेत्र हैं, जहां डीएमएफटी के फंड से कई विकास योजनाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि योजनाएं लेने से पूर्व हमें इसकी गाइड्लाइन का गंभीरता से अध्ययन कर लेना जरूरी है, ताकि सही योजनाओं से लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिले। उपायुक्त और उप विकास आयुक्त डीएमएफटी का उपयोग डीएमएफ जिलों में लोगों की समस्याओं को हल करने में करें : खान सचिव अबुबकर सिद्दीकी ने कहा कि डीएमएफ से सम्बंधित जिलों को प्राथमिकता देते हुए उस क्षेत्र में शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य विकास योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लें। उन्होंने निर्देश दिया कि डीएमएफटी फंड को खनन क्षेत्र की विकास योजनाओं में खर्च करने का रोडमैप तैयार करें। ग्राम सभा से स्वीकृत करा कर योजनाओं को धरातल पर उतारें : खान सचिव श्री अबुबकर सिद्दीकी ने कहा कि सरकार ने ग्राम सभा को ससक्त किया है। योजनाओं का चयन करने की शक्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि गाँव में किस तरह की योजनाओं से लोगों को अधिक से अधिक लाभ होगा, यह उन्हें ही तय करने का अधिकार दिया गया है, इसलिए योजनाओं को ग्राम सभा से स्वीकृत करा कर ही धरातल पर उतारें। उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि द्वारा भी अनुशंसा की गयीं योजनाओं को ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद ही डीएमएफटी फंड से खर्च करें। इस कार्यशाला से डीएमएफटी के संदर्भ में जारी गाइडलाइन को समझने में मिलेगी मदद : खान निदेशक अमित कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा डीएमएफटी के संदर्भ में जारी गाइड्लाइन को समझने में कोई गैप रह गया है, तो इस तरह की कार्यशाला से मदद मिलेगी। साथ ही खान मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा 2015 पीएमकेकेकेवाई गाइड्लाइन में संशोधन करना है, जिसमें राज्यों से सुझावों की अपेक्षा की गयी है। इस कार्यशाला के माध्यम से इस दिशा में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस कार्यशाला से लाभ लेकर अपने अपने क्षेत्र में डीएमएफटी फंड का उपयोग वैसी योजनाओं के लिए करें, जिससे लोगों की अधिक से अधिक समस्याएं दूर हों। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल के लिए डीएमएफटी के तहत ली जाने वाली योजनाओं का रोडमैप तैयार करें। प्रेजेंटेशन के माध्यम से डीएमएफटी की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गयी : सुश्री श्रेष्ठा बनर्जी, निदेशक , इंडिया जस्ट ट्रैंजिÞशन सेंटर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से डीएमएफटी की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने झारखंड के संदर्भ में डीएमएफ जिलों में ली जानी वाली योजनाओं की जानकारी दी साथ ही उस क्षेत्र में डीएमएफटी फंड के तहत विकास कार्यों का रोड्मैप बताया। सुश्री ज्योति सिंह, झारखंड कोआॅर्डिनेटर फॉर प्रोग्राम मैनजमेंट आॅफ डीएमएफ/पीएमकेकेकेवाई ने झारखंड के डीएमएफ जिलों में डीएमएफटी फंड के माध्यम से किये जानेवाले कार्यों की अद्यतन जानकारी दी। कार्यशाला में खान आयुक्त जितेंद्र कुमार सिंह, खान विभाग के संयुक्त सचिव शेखर जमुआर, झारखंड के विभिन्न जिलों से आए उपविकास आयुक्त,जिला खनन पदाधिकारी सहित सम्बंधित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-08-27 10:37:17
देश के 49वें चीफ जस्टिस बने यूयू ललित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। जस्टिस उदय उमेश ललित शनिवार को देह के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लिए। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में तीन मुख्य सुधार करने का एलान किया है। उन्होंने कहा, मेरा प्रयास रहेगा मामलों को सूचीबद्ध करने में पारदर्शिता हो। ऐसी व्यवस्था बना सकूं, जिसमें जरूरी मामले संबंधित पीठों के सामने स्वतंत्रता पूर्वक उठाये जा सकें। जस्टिस ललित ने कहा, प्रयत्न किया जाएगा कि कम से कम एक संविधान पीठ सालभर काम करती रहे। उक्त बातें जस्टिस ललित शुक्रवार को निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण के कार्यकाल के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, हमें निश्चित रूप से मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को यथासंभव स्वच्छ और पारदर्शी बनाने का प्रयत्न करना है। साथ ही, लोग जल्द ही जरूरी मामलों की त्वरित सुनवाई के मामले में भी एक स्पष्ट व्यवस्था देखेंगे। जहां तक तीसरे विषय का प्रश्न है, मेरा हमेशा से मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को कानूनों को पूरी स्पष्टता के साथ सामने रखना चाहिए। ऐसा करने के लिए बड़ी पीठ की जरूरत है, ताकि मुद्दे तत्काल स्पष्ट हो सकें। इसलिए हम पूरा प्रयास करेंगे कि हमारे पास पूरे साल कम से कम एक संविधान पीठ उपलब्ध हो। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में तीन सदस्यीय पीठ सबसे बड़ी होती है और किसी मामले में सांविधानिक स्थिति का फैसला करने के लिए अलग से संविधान पीठ का गठन किया जाता है। शपथ लिये जस्टिस ललित : जस्टिस यूयू ललित शनिवार को देश के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लिये। वह भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश बने और उनका कार्यकाल सिर्फ 74 दिन का होगा। वह 8 नवंबर, 2022 को अवकाश ग्रहण करेंगे।

Published / 2022-08-26 15:39:57
फायरिंग रेंज आंदोलन से जुड़े सभी केस वापस लेगी सरकार : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, लातेहार/रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा, सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव के हम वंशज हैं। जल-जंगल-जमीन और अपने हक के लिए आंदोलन करना हमारे खून में है। विगत 30 सालों से वर्ष के 2 दिन 22 और 23 मार्च को टुटवापनी मोड़ पर फायरिंग रेंज की जमीन वापस पाने को आंदोलन करने के लिए लोग एकत्रित होते थे। इस आंदोलन में गुरुजी श्री शिबू सोरेन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था। आज उसी आंदोलन के हक में फैसला लेने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। अब यह जमीन यहां के मूल निवासियों की रहेगी। सरकार इस आंदोलन से जुड़े सभी केस वापस लेने जा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि दुर्भाग्य है हमारा, हम आदिवासियों का कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री ने आदिवासी समाज को शुभकामना सन्देश देना भी उचित नहीं समझा। इनकी नजर में हम आदिवासी नहीं वनवासी हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने टुटवापनी मोड़, लातेहार में विकास मेला सह विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहीं। इस अवसर पर नेतरहाट फायरिंग रेंज के आंदोलन में शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु मुख्यमंत्री ने दो मिनट का मौन रखा। साथ ही आंदोलन में मुख्य निभाने वाले केंद्रीय जन संघर्ष समिति के लोगों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। विस्थापितों की पीड़ा जान रही सरकार : मुख्यमंत्री ने कहा कि फायरिंग रेंज के आंदोलन में शहीद, प्रताड़ित, विस्थापित लोगों की पीड़ा को मैं भली-भांति समझता हूं। हमारे लिए जल, जंगल और जमीन ही सब कुछ है। 1965 में जब फायरिंग रेंज स्थापित किया गया, तो यहाँ के गांव के गांव विस्थापित करा दिए गए। विस्थापितों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आज इस जमीन को वापस लेकर हम इसपर हल बैल के साथ जब तक खेती नहीं करते तब तक इस आंदोलन के शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि पूरी नहीं होगी। झारखंडवासियों के चेहरे पर ला रहे मुस्कान : मुख्यमंत्री ने कहा कि नेतरहाट की वादियों के बीच विकास मेले का आयोजन हमारे मूलनिवासी, आदिवासी, गांव के लोग, किसान भाई के बीच सरकार की कल्याणकारी योजना पहुंच रही है या नहीं, इसे देखने का हमारा प्रयास है। आज करोड़ो की परिसंपत्ति का लाभुकों के बीच वितरण किया जा रहा है और आगे भी जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ने का काम किया जाता रहेगा। हम हर झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम कर रहे हैं। जिनको योजनाओं से जोड़ा गया है, उनके चेहरे पर तो मुस्कान आ गयी है और लोग यह सोच कर भी खुश है कि सरकार हमारे हित के लिए कार्य कर ही रही है। विभिन्न योजनाओं से लोगों को किया जा रहा लाभान्वित : मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनकल्याण के लिए योजनाओं को बनाने का काम कर रहे हैं। आदिवासियों के सम्मान के लिए हमने जनजातीय महोत्सव मनाया। इसमें राज्य के आदिवासी भाइयों के साथ निकटवर्ती राज्यों के आदिवासी भाई भी आए। उनके बीच संस्कृति का आदान प्रदान हुआ। उन्होंने कहा कि आज गरीब बच्चों को पढ़ने के लिए पाठ्य पुस्तकें और पोशाक वितरित किये गए। सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। साथ ही इस क्षेत्र के सवार्गींण विकास के लिए सरकार की महती योजनाओं का शिलान्यास और पूरी हो चुकी योजनाओं का उद्घाटन भी किया जा रहा है। 60 योजना का हुआ उद्घाटन एवं 29 योजनाओं का शिलान्यास : कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा कुल 23127.80487 लाख रुपये की योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास एवं परिसंपत्ति वितरण किया गया। जिसमें, 913.66095 लाख रुपये की 60 योजना का उद्घाटन,17078.21717 लाख रुपये की 29 योजनाओं का शिलान्यास एवं 3991 लाभुकों के बीच 5135.92675 लाख रुपए की परिसंपत्ति का वितरण किया गया। कार्यक्रम में लातेहार विधायक श्री बैद्यनाथ राम, विधायक मनिका श्री रामचंद्र सिंह, गुमला विधायक श्री भूषण तिर्की, आयुक्त पलामू प्रमंडल श्री जटा शंकर चौधरी, पुलिस उप महानिरीक्षक, पलामू प्रमंडल श्री राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त लातेहार श्री भोर सिंह यादव, जिला प्रशासन के पदाधिकारी, योजनाओं के लाभुक एवं आम जन उपस्थित थे।

Published / 2022-08-26 04:00:55
हेमंत सरकार के भविष्य पर बड़ा फैसला आज; सीएम आवास पर 11 बजे अहम बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज का दिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए अहम होने वाला है। ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में राज्यपाल रमेश बैस चुनाव आयोग के फैसले पर विशेषज्ञों से सलाह के बाद फैसले को सार्वजनिक कर देंगे। इस बीच आज सुबह 11 बजे झामुमो, कांग्रेस और राजद के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। वहीं माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो क्या वह सीएम बने रहेंगे। एक्स्पर्टस का मानना है कि अगर उनकी पार्टी नए सिरे ने सोरेन को विधायक दल का नेता चुनती है तो वह सीएम बने रह सकते हैं। हालांकि उन्हें 6 महीने के अंदर फिर विधानसभा का चुनाव जीतना होगा। हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के साथ-साथ संभवत उनको 3 या 6 साल के लिए चुनाव लड़ने से डीबार किया गया है।

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