राज काज

View All
Published / 2022-11-01 23:00:51
वित्त मंत्री बोलीं- अमीर देशों के घटनाक्रमों के प्रभाव से निपटने को जी20 में सामूहिक प्रयासों पर होगा जोर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत विकसित अर्थव्यवस्थाओं के घटनाक्रमों के प्रभाव से निपटने और क्रिप्टो करेंसी के वैश्विक स्तर पर विनियमन के लिए जी20 में सामूहिक प्रयास का दबाव बनायेगा। ऐसी स्थिति जो एक जगह से शुरू होती है और उसका अप्रत्यक्ष प्रभाव कहीं और पड़ता है, उसे स्पिलओवर कहते हैं। सीतारमण ने एक दिसंबर से भारत द्वारा जी20 की अध्यक्षता संभालने के बाद चर्चा वाले क्षेत्रों का भी जिक्र किया। इनमें बहुपक्षीय संस्थानों और खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा में सुधार समेत प्राथमिकता वाले आठ क्षेत्र शामिल हैं। इंडोनेशिया से भारत जी20 की अध्यक्षता संभालेगा, जो 20 विकसित और विकासशील देशों का समूह है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि हम अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ तुलना के लिहाज से बहुत सहज स्थिति में हैं। हमारा वृहत आर्थिक आंकड़ों का आधार ठीक है। उन्होंने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को हमेशा विकसित देशों की अर्थव्यवस्था में होने वाली घटनाओं के अनपेक्षित प्रभाव का सामना करना पड़ता है। जी20 मंच में भारत लगातार अपनी स्थिति बनाए हुए हैं और उभरती अर्थव्यस्थाओं तथा निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों की चिंताओं पर लगातार नजर रख रहा है। सीतारमण ने इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकनॉमिक रिलेशंस (इक्रियर) के जी20 सम्मेलन में कहा, ऐसे समय में जब हम विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाओं में अनपेक्षित स्पिलओवर का भी सामना कर रहे हैं, भारत जैसे देश या मध्यम या निम्न आय वर्ग या उभरते बाजार इसका कितना खामियाजा उठा सकते हैं। आईएमएफ ने विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की चेतावनी देते हुए पिछले महीने 2022 के लिए वैश्विक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 3.2 प्रतिशत और 2023 के लिए 2.9 प्रतिशत कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का उल्टा असर हुआ है, सीतारमण ने कहा कि वे जी20 में इस चर्चा का हिस्सा हो सकते हैं।

Published / 2022-10-31 22:43:08
शीतकालीन सत्र में देशद्रोह कानून बदल सकती है केंद्र सरकार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) के तहत देशद्रोह कानून में बदलाव ला सकती है। शीर्ष अदालत देशद्रोह कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। शीर्ष अदालत ने देशद्रोह कानून को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस भी जारी किया। भारत के मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित के नेतृत्व वाली शीर्ष अदालत ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुनवाई के लिए देशद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले मामलों को सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी। मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ को अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने कहा कि केंद्र को कुछ और समय दिया जाए क्योंकि संसद के शीतकालीन सत्र में कुछ हो सकता है। वेंकटरमणि ने कहा कि यह मुद्दा संबंधित अधिकारियों के विचाराधीन है और इसके अलावा 11 मई के अंतरिम आदेश के मद्देनजर चिंता का कोई कारण नहीं है, जिसने प्रावधान के उपयोग को रोक दिया था। अटॉर्नी जनरल वेंकटरमणि ने कहा कि इस अदालत द्वारा 11 मई, 2022 के आदेश में जारी निर्देशों के संदर्भ में मामला अभी भी संबंधित अधिकारियों के ध्यानार्थ है। उन्होंने अनुरोध किया कि कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए ताकि सरकार उचित कदम उठा सके। भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए देशद्रोह को अपराध बनाती है। इससे पहले मई में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जब तक सरकार इसकी समीक्षा नहीं करती और जेल में बंद लोग जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं, तब तक विवादास्पद देशद्रोह कानून पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, जो देशद्रोह के अपराध को अपराध बनाती है, उसे तब तक स्थगित रखा जाये जब तक कि सरकार द्वारा कानून की समीक्षा करने की कवायद पूरी नहीं हो जाती। भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की पीठ ने केंद्र सरकार और राज्यों से धारा 124 ए के तहत कोई भी मामला दर्ज नहीं करने को कहा था। पीठ ने कहा कि अगर भविष्य में ऐसे मामले दर्ज किए जाते हैं, तो पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं और अदालत को इसका तेजी से निपटान करना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा था कि जिन लोगों पर पहले से ही आईपीसी की धारा 124ए के तहत मामला दर्ज है और वे जेल में हैं, वे जमानत के लिए संबंधित अदालतों का दरवाजा खटखटा सकते हैं। पीठ ने आदेश दिया था कि प्रावधान को स्थगित करना उचित होगा। केंद्र सरकार को धारा 124ए के प्रावधानों की फिर से जांच करने और पुनर्विचार करने की अनुमति देते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि जब तक आगे की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक कानून के प्रावधान का इस्तेमाल नहीं करना उचित होगा।

Published / 2022-10-31 20:21:14
डिजिटल रुपये का पहला पायलट परीक्षण मंगलवार से

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा डिजिटल रुपया (थोक खंड) का पहला पायलट परीक्षण मंगलवार यानी एक नवंबर को करेगा। यह परीक्षण सरकारी प्रतिभूतियों में लेनदेन के लिए किया जायेगा। आरबीआई ने सोमवार को बयान में कहा, पायलट परीक्षण के तहत सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन का निपटान किया जायेगा। पायलट परीक्षण में भाग लेने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बैंक आॅफ बड़ौदा, यूनियन बैंक आॅफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी की पहचान की गई है। आरबीआई ने यह भी कहा कि डिजिटल रुपये (खुदरा खंड) का पहला पायलट परीक्षण विशेष उपयोगकर्ता समूहों के बीच चुनिंदा स्थानों में किया जाएगा, जिसमें ग्राहक और कारोबारी शामिल हैं। इसकी शुरुआत एक महीने के भीतर करने की योजना है।

Published / 2022-10-31 20:12:20
पुराने संसद भवन में ही होगा शीतकालीन सत्र!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का शीतकालीन सत्र पुराने भवन में आयोजित किया जा सकता है क्योंकि नए भवन का कुछ निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा से आगे बढ़ सकता है। सूत्रों ने सोमवार को ये जानकारी दी। सरकार ने नए संसद भवन को शीतकालीन सत्र से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा था जो आमतौर पर नवंबर के तीसरे सप्ताह से शुरू होता है। सूत्रों ने कहा कि इमारत जीवन में एक बार और जटिल परियोजना है जिसका निर्माण एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण टाइमलाइन पर किया जा रहा है, सूत्रों ने कहा कि निर्माण चौबीसों घंटे चल रहा है। इमारत का सिविल कार्य लगभग पूरा : उन्होंने बताया कि इमारत का सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन फिनिशिंग टच, इलेक्ट्रिकल समेत कई दूसरे काम इस साल के अंत तक जारी रह सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि भवन के निर्माण के साथ फर्नीचर, कालीन, दीवार पर भित्ति चित्र और अन्य चीजें बनाने का काम चल रहा है। इस समय सही तारीख बता पाना मुश्किल है। इसलिए पुराने भवन में होने वाले शीतकालीन सत्र से इंकार नहीं किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों को भरोसा है कि बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक नए भवन में होगी। संसद परिसर में निर्माण कार्य के चलते इसके कई प्रवेश और निकास द्वार बंद हैं। नया त्रिकोणीय संसद भवन सेंट्रल विस्टा देश के पावर कॉरिडोर की पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना में एक साझा केंद्रीय सचिवालय, प्रधानमंत्री का नया आवास और प्रधानमंत्री कार्यालय और नए उपराष्ट्रपति एन्क्लेव सहित कई चीजों की परिकल्पना की गई है। सूत्रों ने कहा कि भवन पूरी तरह से सुसज्जित होने के बाद भी संसद सत्र के सुचारू संचालन और सांसदों को सभी सहायता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को परिचित और प्रशिक्षित करने के लिए लगभग 15-20 दिन चाहिए। इसके लिए लोकसभा सचिवालय, राज्य सभा सचिवालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, आईटीडीसी और हाउस कीपिंग स्टाफ के लिए मॉक ड्रिल और अभ्यास का आयोजन किया जायेगा।

Published / 2022-10-30 22:59:28
पीएम ने 3,000 युवाओं को दिये सरकार में काम करने के लिए नियुक्ति पत्र

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंस के जरिए जम्मू-कश्मीर रोजगार मेले को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पहले जब भी जम्मू-कश्मीर के लोगों से मिलता था, उनका एक दर्द हमेशा महसूस करता था। ये दर्द था... व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार। जम्मू-कश्मीर के लोग भ्रष्टाचार से नफरत करते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हर हिंदुस्तानी का गौरव है। हमें मिलकर जम्मू-कश्मीर को नई ऊंचाई पर ले जाना है। मैं मनोज सिन्हा जी और उनकी टीम की इस बात के लिए भी प्रशंसा करूंगा कि वो भ्रष्टाचार रूपी बीमारी को समाप्त करने के लिए भी जी-जान से जुटे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने हमेशा ट्रांसपेरेंसी पर बल दिया है, ट्रांसपेरेंसी को सराहा है। आज जो नौजवान सरकारी सेवाओं में आ रहे हैं, उन्हें ट्रांसपेरेंसी को अपनी प्राथमिकता बनाना है।मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, कनेक्टिविटी बढ़ रही है, उसने टूरिज्म सेक्टर को भी मजबूत किया। 21वीं सदी का ये दशक जम्मू-कश्मीर के इतिहास का सबसे अहम दशक है। अब समय पुरानी चुनौतियों को पीछे छोड़कर नई संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने का है। मुझे खुशी है जम्मू-कश्मीर के नौजवान अपने प्रदेश के विकास के लिए, जम्मू-कश्मीर के लोगों के विकास के लिए बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। पीएम ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के होनहार नौजवानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज जम्मू-कश्मीर में 20 अलग-अलग जगहों पर 3 हजार युवाओं को सरकार में काम करने के लिए नियुक्ति पत्र सौंपे जा रहे हैं।

Published / 2022-10-30 09:48:52
दशकों से पीड़ित भारत में अब आतंक के खिलाफ हो जीरो टॉलरेंस की नीति : राष्ट्रपति

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के दशकों से आतंकवाद से पीड़ित होने की बात की ओर ध्यान दिलाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार की जा रही योजना का मार्गदर्शक आतंकवाद के प्रति तनिक भी सहन नहीं करने की नीति होनी चाहिए, भले ही इसको को प्रेरणा देने वाला कोई भी हो। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवाद निरोधी समिति के शिष्टमंडलों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ लड़ने की भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ने इसपर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए तैयार की जा रही योजना/रूपरेखा का मार्गदर्शक आतंकवाद के प्रति तनिक भी सहन नहीं करने की (जीरो टॉलरेंस) नीति होनी चाहिए। राष्ट्रपति से मिलने आये शिष्टमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए मुर्मू ने मुंबई आतंकवादी हमला 26/11 के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ अपनी यात्रा शुरू करने की उनके कदम की प्रशंसा की। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, दुनिया का सबसे मुक्त और विविध समाज है और यह दशकों से आतंकवाद से पीड़ित है। बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधित राजदूत रूचिरा काम्बोज ने सीटीसी के अध्यक्ष के रूप में राष्ट्रपति मुर्मू को यूएनएससी सीटीसी के कामकाज और उसकी प्राथमिकताओं के बारे में बताया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष व गैबन के विदेश मंत्री माइकल मूसा अदामो और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी राष्ट्रपति मुर्मू को यूएनएससी सीटीसी के गौण पहलुओं और आगे की रणनीति के बारे में बताया, जो कि शनिवार को दिल्ली में दिल्ली प्रस्ताव में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू से मिलने पहुंचे शिष्टमंडल में घना की विदेश मंत्री शर्ली अयोरकोर बोशवे, यूएई के अंतरराष्ट्रीय सहयोग मामलों के राज्य मंत्री रीम इब्राहिम अल हाशिमी और अल्बानिया के विदेश उपमंत्री मेगी फिनो शामिल हैं।

Published / 2022-10-29 07:50:40
आजम खां प्रकरण : चुनाव आयोग ने किया रामपुर सीट रिक्त घोषित

एबीएन सेंट्रल डेस्क। विधानसभा सचिवालय ने रामपुर सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी है। अब चुनाव आयोग इस सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा करेगा। नफरती भाषण मामले में रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा बृहस्पतिवार को सुनाई गई सजा के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में आजम खां की सदस्यता समाप्त करते हुए रामपुर सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। विधान सभा सचिवालय ने रामपुर सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी है। अब चुनाव आयोग इस सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा करेगा। इस कारण हुई सदस्यता रद्द सपा के दिग्गज नेता आजम खां को भड़काऊ भाषण देने के मामले में कोर्ट ने तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। हालांकि, सजा सुनाए के बाद कोर्ट ने आजम खां अपील दाखिल होने तक 25-25 हजार रुपये के दो जमानती दाखिल करने पर अंतिरम जमानत दे दी। बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे। उन्होंने 07 अप्रैल 2019 को अपने चुनाव प्रचार के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था। आजम खां के भाषण का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मिलक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले में आजम खां जमानत पर चल रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसले के लिए 27 अक्तूबर की तिथि फैसले के लिए निर्धारित की थी। बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में सपा नेता आजम खां को दोपहर लगभग दो बजे दोषी करार कर दिया। कोर्ट ने शाम लगभग साढ़े चार बजे अपने फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई। इसके बाद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25-25 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर अपील दाखिल तक आजम खां को अंतरिम जमानत दे दी।

Published / 2022-10-28 23:27:20
सरकार ने बजट के लिए तीन बिंदुओं पर मांगे सुझाव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सरकार कर प्रोत्साहनों, कर कटौतियों औऱ रियायतों को चरणबद्ध ढंग से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही प्रत्यक्ष कर दरों को तर्कसंगत बनाने पर भी सरकार का ध्यान है। ऐसी स्थिति में उद्योग संगठनों को सुझावों से संबंधित विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करना चाहिए। सरकार ने विभिन्न उद्योग एवं व्यापारी संगठनों से सुझाव मांगेवित्त मंत्रालय ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के बारे में सुझाव मांगे हैं। वित्त वर्ष 2023-24 का बजट अगले साल एक फरवरी को पेश किया जायेगा। दुनिया इस समय गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। भारत के सामने भी इस समय कई आर्थिक चुनौतियां हैं। इस मुश्किल दौर के बीच सरकार एक बार फिर अगले साल का बजट तैयार करने में जुट गयी है। इस बीच वित्त वर्ष 2023-24 के बजट की तैयारी के क्रम में सरकार ने विभिन्न उद्योग एवं व्यापारी संगठनों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के बारे में सुझाव मांगे हैं। सरकार कर रही है विभिन्न पक्षों से बातचीत : विभिन्न पक्षों के साथ परामर्श का सिलसिला शुरू करते हुए वित्त मंत्रालय ने उद्योग एवं व्यापारी संगठनों से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के बारे में सुझाव मांगे हैं। उद्योग संगठनों को अपने सुझावों के साथ ही उनके औचित्य का भी ब्योरा देना होगा। अगर इस औचित्य को गुणवत्तापरक पाया जाता है तो उसे अगले वित्त वर्ष के बजट में जगह दी जा सकती है। वित्त वर्ष 2023-24 का बजट अगले साल एक फरवरी को पेश किया जायेगा। इन तीन बिंदुओं पर मांगे सुझाव : वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि कर संरचना, कर की दरों और कर-आधार बढ़ाने से संबंधित सुझावों को पांच नवंबर तक उसके पास भेजा जा सकता है। मंत्रालय ने उद्योग संगठनों के लिए प्रेषित संदेश में कहा, वर्ष 2023-24 के बजट के लिए प्रस्ताव तैयार करने के क्रम में वित्त मंत्रालय आपके संगठन के विचारों एवं सुझावों से लाभान्वित होना चाहेगा। खर्च घटाने की कोशिश में सरकार : वित्त मंत्रालय के मुताबिक, सरकार कर प्रोत्साहनों, कर कटौतियों और रियायतों को चरणबद्ध ढंग से खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही प्रत्यक्ष कर दरों को तर्कसंगत बनाने पर भी सरकार का ध्यान है। ऐसी स्थिति में उद्योग संगठनों को सुझावों से संबंधित विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करना चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने उद्योग संगठनों से अनुपालन बोझ घटाने, कर निश्चितता प्रदान करने और कानूनी प्रक्रिया घटाने से संबंधित सुझाव भी मांगे हैं। वहीं अप्रत्यक्ष करों के संदर्भ में किसी उत्पाद के लिए उल्टी शुल्क संरचना दुरूस्त करने से संबंधित सुझावों में विनिर्माण के हरेक चरण में होने वाले मूल्यवर्द्धन की जानकारी देने को भी कहा गया है।

Page 241 of 349

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse