टीम एबीएन, बोकारो/ रांची। मतदान में युवाओं की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा सुनिश्चित करने के लिए 09 नवम्बर से 08 दिसम्बर, 2022 तक मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2023 की शुरुआत की गई है। इसमें 01 अक्टूबर 2005 से पहले जन्म लेने वाला कोई भी नागरिक मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। यदि उसकी उम्र 18 वर्ष नहीं भी हुई हो, तो भी वह आवेदन कर सकता है। उक्त आशय की जानकारी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने दी। उन्होंने कहा कि पहले आवेदन लेने का उद्देश्य मतदान में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है। साथ ही इससे समय की बचत होगी। 18 वर्ष पूरा होने पर वोटर आईडी उसके हाथ में हो : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने कहा कि मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन करने की अहर्ता तिथि 01 अक्टूबर 2005 रखने का उद्देश्य यही है कि 17 वर्ष की आयु वाले भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं, ताकि आने वाले वर्ष 2023 में 18 वर्ष पूरा होने पर वोटर आईडी उसके हाथ में रहेगा। इससे आने वाले मतदान में उसकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। पुनरीक्षण कार्यक्रम तीन चरण में होगा पूरा : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने कहा कि युवाओं को फोकस में रखकर पुनरीक्षण अवधि के दौरान 3 सप्ताह कार्यक्रम तय किये गये हैं, जिसमें प्रथम सप्ताह में 09 नवंबर से 15 नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में, दूसरे सप्ताह में 16 नवंबर से 22 नवंबर तक सभी सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में जिसमें +2 में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं जिनकी उम्र 17 वर्ष हो गयी हो, उनसे आवेदन लिए जायेंगे। तीसरे सप्ताह में 23 नवंबर से 29 नवंबर तक सभी कॉलेज और विश्वविद्यालयों में कैंप का आयोजन किया जायेगा एवं बीएलओ द्वारा मतदाता पहचान पत्र बनाने के लिए आवेदन लिया जाएगा। साथ ही पंजीकरण/सुधार आदि हेतु दावा आपत्ति पत्र प्राप्त किए जायेंगे। गरुड़ ऐप, वोटर हेल्पलाइन एप्प से मतदाता आॅनलाइन कर सकते हैं आवेदन : जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने कहा कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी मतदान केंद्रों में बीएलओ के द्वारा पंजीकरण/सुधार के लिए आवेदन लिए जायेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण को आधुनिक तकनीकी से सक्षम बनाना है, जिसके लिए मतदाता सेवाएं हेतु गरुड़ ऐप, वोटर हेल्पलाइन एप्प एवं ठश्रढ.कठ आदि तकनीक के माध्यम से आसानी से मतदाता अपने आवेदन को आॅनलाइन कर सकते है। उक्त आवेदन को बीएलओ जांच कर आगे बढ़ायेंगे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कैबिनेट की हुई बैठक में 34 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी। मंत्रिपरिषद की बैठक में झारखंड मंत्रालय में हुई इस बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इन प्रस्तावों में राजकीय पॉलटेकनिक आदित्यपुर के भवन के लिए 27 करोड़ 63 लाख की स्वीकृति, सिदो कान्हू विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालय मधुपुर सहित अन्य डिग्री कॉलेजों में पद सृजन की स्वीकृति, झारखंड उच्च न्यायालय में 87 राजपत्रित अराजपत्रित पदों की स्वीकृति, कांके रोड के कृषि निदेशालय के उत्तरी छोड़ में बनेगा पलास मार्ट, 4 करोड़ की राशि से पलास मार्ट बनाने की स्वीकृति, राज्य सरकार के छठा वेतनमान में अपुनरिक्षित कर्मियों और पेंशनधारियों को महंगाई भत्ता देने की स्वीकृति, मुख्यमंत्री सारथी योजना की स्वीकृति, झारखंड राज्य के युवाओं को इंजीनियरिंग मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना की स्वीकृति, झारखंड राज्य के युवाओं को यूपीएससी, जेपीएससी आदि प्रतियोगिता परीक्षा तैयारी हेतू एकलब्य योजना की स्वीकृति, गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना की स्वीकृति, राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंड को सुखाग्रस्त घोषित करने की घटनोत्तर स्वीकृति आदि शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय ने तलब किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीएम सोरेन को 17 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले हेमंत सोरेन को संघीय जांच एजेंसी ने तीन नवंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था, लेकिन वह आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। झारखंड के मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय से तीन सप्ताह का समय मांगा था।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अब मुख्यमंत्री सोरेन को अगले सप्ताह 17 नवंबर को राजधानी रांची स्थित उसके क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ और धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने के लिए कहा है। मामले में सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और दो अन्य स्थानीय बाहुबली बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश को ईडी ने गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कहा है कि उसने राज्य में अवैध खनन से जुड़ी अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय की पहचान की है।इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थकों को अपने आवास पर संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा था कि ईडी ने साजिश के तहत मुझे सम्मन भेजा है। अगर मैंने अपराध किया है, तो सम्मन भेजने की जगह मुझे गिरफ्तार करें। उन्होंने कहा था कि मुझे न तो डर है और न ही चिंता है। मैं और मजबूत बनकर ही उभरूंगा। अगर झारखंड के लोग चाहें तो, विरोधियों को छुपने की जगह भी नहीं मिलेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लंदन की हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कर्ज घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने तथा काले धन को सफेद बनाने के आरोपों का सामना करने के लिए हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दे दिया। न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने फैसला सुनाया। उन्होंने इस साल की शुरूआत में नीरव की अपील पर सुनवाई की अध्यक्षता की थी। दक्षिण-पूर्व लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद 51 वर्षीय नीरव को गत फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गयी व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गयी थी। उच्च न्यायालय में अपील पर सुनवाई की अनुमति दो आधार पर दी गयी थी। यूरोपीय मानवाधिकार समझौते (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 के तहत यदि नीरव की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका प्रत्यर्पण अनुचित या दमनकारी है तो दलीलों पर सुनवाई करने की अनुमति थी और मानसिक सेहत से ही संबंधित प्रत्यर्पण अधिनियम 2003 की धारा 91 के तहत इसकी अनुमति दी गयी। नीरव पर दो मामले हैं। एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके या सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित मामला जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कर रहा है और दूसरा उस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद में बदलने से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाला मामला है। उस पर साक्ष्यों को गायब करने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं जो सीबीआई के मामले में जोड़े गये।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में खनिज की खोज को लेकर अबतक 13 निजी एजेंसियों को मान्यता दी गयी है। खान मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसके साथ सरकारी एजेंसियों की कुल संख्या बढ़कर 22 पर पहुंच गयी है। पिछले साल खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में संशोधन के बाद निजी कंपनियों को खदानों की खोज में भाग लेने की अनुमति दी गई है। ऐसी एजेंसियों को भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के नेशनल एक्रीडिशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) से मान्यता लेने की आवश्यकता होती है। खान मंत्रालय के तहत आने वाला सार्वजनिक उपक्रम मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लि. (एमईसीएल), नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट फंडिंग के माध्यम से खनिजों की खोज करता है। इसके अलावा, एमईसीएल ब्लॉक के लिए रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार करने को लेकर परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है। एमईसीएल राजस्थान के पश्चिमी भाग में पोटाश की उपलब्धता के अध्ययन के लिए राजस्थान सरकार के साथ भी जुड़ा हुआ है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत की जी20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण किया और इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं भारत की जी20 अध्यक्षता के ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों को बधाई देता हूं। वसुधैव कुटुम्बकम विश्व के प्रति भारत की करुणा का प्रतीक है। कमल विश्व को एक साथ लाने में भारत की सांस्कृतिक विरासत और विश्वास को चित्रित करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया विनाशकारी कोरोना महामारी के बाद के प्रभावों से गुजर रही है। ऐसे में जी20 लोगो का प्रतीक आशा का प्रतिनिधित्व है। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, कमल खिलता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जी20 लोगो सिर्फ एक लोगो नहीं है बल्कि यह एक संदेश और एक भावना है जो हमारी रगों में है। यह एक संकल्प है, जिसे हमारी सोच में शामिल किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, कमल पर सात पंखुड़ियां, विश्व के सात महाद्वीपों और संगीत के सात स्वरों का प्रतिनिधित्व करती हैं. जी20 दुनिया को सद्भाव में लाएगा। इस लोगो में कमल का फूल भारत की पौराणिक विरासत, हमारी आस्था, हमारी बुद्धि का चित्रण कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत को अंतरराष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक एजेंडे में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। देश की जी20 की अध्यक्षता के ये लोगो, थीम और वेबसाइट भारत के संदेश और दुनिया के प्रति उसकी व्यापक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करेंगे। भारत एक दिसंबर से इंडोनेशिया से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। जी20 या 20 देशों का समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर सरकारी मंच है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापना करने के लिए भारत मध्यस्थता कर सकता है और भारत के समझाने के बाद रूस यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हो सकता है। वहीं, विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का रूस दौरा मध्यस्थता करने के लिए ही हो रहा है, जिसमें आज जयशंकर की मुलाकात रूसी उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से होगी। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर आज रूस की राजधानी मास्को में रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे। यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय विदेश मंत्री का ये पहला रूस दौरा है और जयशंकर का ये दौरा उस वक्त हो रहा है, जब कई अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत काफी अहम भूमिका निभाने वाला है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि एस जयशंकर का ये दौरा यूक्रेन युद्ध के बीच काफी अहम हो सकता है। वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी उप-प्रधानमंत्री मंटुरोव, जो व्यापार और उद्योग मंत्री भी हैं, उनके साथ डॉ जयशंकर की बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब अमेरिकी प्रेशर के बाद भी रूस और भारत मजबूत व्यापारिक भागीदार बन गये हैं और भारत-रूस के बीच का द्विपक्षीय व्यापार कथित तौर पर तीन गुना हो गया है और रूसी तेल का भारतीय आयात पिछले साल की तुलना में 20 गुना से ज्यादा हो गया है। इस बैठक के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में सुधार पर अहम बातचीत करेंगे। भारतीय विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष के बीच की बातचीत दोनों देशों के बीच ट्रेड और इन्वेस्टमेंट पर आधारित होगी, जिसमें ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल, ऊर्जा क्षेत्र में प्रोजेक्ट्स, खासकर आर्कटिक क्षेत्र में प्रोजेक्ट्स को लेकर अहम बैठक की जायेगी। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि, इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन ऑन ट्रेड, इकोनॉमिक्स, साइंटिफिक, टेक्नोलॉजिकल एंड कल्चरल कॉपरेशन पर भी बातचीत होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 51 नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किइस। राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि सभी नर्सों को उनके अनुकरणीय कार्य और निस्वार्थ सेवा के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2021 प्रदान करते हुए प्रसन्नता हो रही है। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सभी स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के नि:स्वार्थ योगदान के साथ-साथ राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम को गति देने में उनकी कड़ी मेहनत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महामारी ने दुनिया को हमारी नर्सों की ओवरटाइम काम करने, परिवारों से दूर रहने और अत्यधिक मांग वाली परिस्थितियों में सेवा करने की दुर्जेय भावना दिखायी है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में नर्सों का योगदान अनुकरणीय रहा है। ये पुरस्कार विजेता देश में युवा नर्सों और दाइयों को साथी नागरिकों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता और करुणा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेंगे। पूरी नर्सिंग बिरादरी को मेरी शुभकामनाएं। उल्लेखनयी है कि राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समाज में नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई मेधावी सेवाओं के लिए मान्यता के रूप में की गयी थी।
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