एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब केवल एक स्कैन से आप असली और नकली दवाओं का पता लगा सकेंगे। केंद्र सरकार ने 300 नामी दवाओं के ब्रांड पर क्यूआर कोड लगाने का निर्देश जारी कर दिया है। बता दें कि यह नया नियम अगले साल अगस्त से लागू हो जायेगा। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्यूआर कोड लगाने वाले फैसले को लागू करने के लिए औषधि नियम, 1945 में कुछ जरूरी संशोधन भी किये हैं।
इस फैसले का मकसद एनाल्जेसिक, विटामिन, मधुमेह और हायपरटेंशन की कॉमन ड्रग्स की प्रामाणिकता सुनिश्नत करना है। सरकार के इस फैसले से डोलो, सेरिडॉन, कॉरेक्स, एलेग्रा जैसा प्रसिद्ध ब्रांड पर असर पड़ेगा। सरकार ने फार्मा कंपनियों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन 300 दवाओं के फॉमूर्लेशन के पैकेज पर क्यूआर कोड प्रिंट होगा उनका एक बड़ा हिस्सा ज्यादातर काउंटर से खरीदा जाता है।
इस नियम के लागू होने से ग्राहकों को आसानी से पता चलेगा कि उनकों बेची जा रही दवा असली है या नकली। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस साल जून में एक ड्राफ्ट गैजेटेड नोटिफिकेशन जारी किया था और लोगों से इस पर उनकी राय मांगी थी। टिप्पणियों और विचार-विमर्श के आधार पर मंत्रालय इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के नियम 96 की शेड्यूल के अनुसार, 300 ड्रग फॉमूर्लेशन प्रोडक्ट्स के निर्माताओं को अपने प्राइमरी या सेकेंडरी पैकेज लेबल पर क्यूआर कोड को प्रिंट करना अनिवार्य होगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरी क्षेत्र में किये गये अनधिकृत आवासीय निर्माण को नियमित करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के द्वारा इसके लिए अनधिकृत आवासीय निर्माण को नियमितीकरण करने के लिए योजना- 2022 का प्रारूप तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने योजना को दी सहमति दे दी है।
अब लोगों को लाभ देने की प्रक्रिया शुरू
शहरी क्षेत्र में किए गए अनाधिकृत / विचलित निर्माण को नियमितीकरण शुल्क के माध्यम से नियमितीकरण हेतु झारखंड अधिनियम, 2011 अधिसूचित किया गया था, लेकिन बहुतायत संख्या में लोग इस अवसर का लाभ नहीं उठा सके। पुन: राज्य सरकार द्वारा "अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने के लिए योजना, 2019" अधिसूचित किया गया लेकिन विभिन्न निकायों / प्राधिकारों तथा विभिन्न संगठनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह योजना भी विभिन्न कारणों से आम जनता को रियायत पहुँचाने में विशेष कारगर नहीं हो सकी। उपरोक्त बिन्दुओं के आलोक में यह आवश्यकता महसूस की गई कि एक बार फिर अनाधिकृत निर्माण को संरचनात्मक स्थिरता एवं नियोजन मापदंड के दायरे में रखकर नियमित करने की कार्रवाई की जाए। उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 590 (1) एवं सह पठित धारा-434 के तहत दी गई शक्ति का उपयोग करते हुए राज्य सरकार अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने की योजना प्रतिपादित कर रही है। योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2019 के पूर्व से निर्मित आवासीय एवं गैर आवासीय भवनों का नियमितीकरण हो सकेगा। इस योजना को और अधिक प्रभावी और सरल बनाने के लिए लोगों से अगले एक महीने तक सुझाव और फीडबैक भी मांगे जायेंगे।
अनाधिकृत निर्मित्त भवनों के नियमितीकरण के लिए अनुमान्य निर्धारित सीमा
भवन की ऊंचाई 15 मीटर तक हो सकती है लेकिन संरचना केवल ग्राउंड + 3 मंजिला (जी+3) का होना चाहिए। तथा 500 वर्गमीटर तक प्लॉट क्षेत्र (प्लिंथ क्षेत्र 100% तक) और 500 वर्गमीटर से अधिक का प्लाट क्षेत्र, जिसका प्लिंथ क्षेत्र 75% या 500 वर्गमीटर, जो भी कम हो, होना चाहिए।
भवनों के लिए नियमितीकरण शुल्क इस प्रकार होगा
आवासीय और गैर आवासीय भवनों के लिए अलग-अलग शुल्क का निर्धारण किया गया है। नगर पंचायत स्थित आवासीय भवन के लिए 50 रुपए प्रति वर्गमीटर एवं गैर-आवासीय के लिए 75 रुपए प्रति वर्गमीटर, म्युनिसिपल काउंसिल(नगर पालिका परिषद) स्थित आवासीय भवन के लिए 75 रुपए प्रति वर्गमीटर एवं गैर-आवासीय भवन के लिए 100 रुपए प्रति वर्गमीटर तथा नगर निगम/विकास प्राधिकरण / नगर पालिका क्षेत्र स्थित आवासीय भवन के लिए 100 रुपए प्रति वर्गमीटर एवं गैर-आवासीय के लिए 150 रुपए प्रति वर्गमीटर की राशि देय होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश को बड़ी सौगात दी। उन्होंने शनिवार को ईटानगर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इस एयरपोर्ट को डोनी पोलो एयरपोर्ट नाम दिया गया है, जो अरुणाचल प्रदेश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। इसमें सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के प्रति राज्यवासियों की सदियों पुरानी श्रद्धा को दर्शाता है।
डोनी पोलो एयरपोर्ट की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में रखी थी। यह एयरपोर्ट 690 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में बनकर तैयार हुआ है। 640 करोड़ से अधिक लागत में बना यह एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को बढ़ाने में अधिक योगदान देगा। एयरपोर्ट में 2300 मीटर का रनवे है, जो किसी भी मौसम में संचालन में सक्षम है। इसके अलावा एयरपोर्ट टर्निमल की इमारत काफी मॉडर्न है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा, संसाधनों की रीसाइकिलिंग को बढ़ावा देती है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को तैयार करते समय पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसके लिए उस भूमि का उपयोग किया जाता है, जिस पर पूर्व में कोई काम न किया गया हो। जानकारी के मुताबिक, इस एयरपोर्ट का निर्माण वर्तमान में मौजूद एयरपोर्ट की भीड़ को कम करने के लिए किया जाता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व धरोहर सप्ताह के दौरान आगरा के ताजमहल से एक खबर सामने आ रही है। विश्व धरोहर सप्ताह की आज से शुरुआत हो रही है। ताजमहल समेत सभी पुराने स्मारकों पर 19 से 25 नवंबर तक फ्री में एंट्री मिलेगी। 18 नवंबर दिन शुक्रवार को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने ट्वीट करके ये जानकारी दी है।
एएसआई ने ट्वीट के साथ आदेश की रिपोर्ट और डीजी के अप्रूवल से जारी किया गया है। वर्ल्ड हेरिटेज वीक के तहत 19 नवंबर को आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल, आगरा किला सहित कई प्राचीन इमारतों और स्मारकों में पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जायेगा। अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ राजकुमार पटेल ने बताया कि 19 नवंबर को ताजमहल में केवल प्रवेश नि:शुल्क होगा यानी 50 रुपये का प्रवेश टिकट नहीं खरीदना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम-किसान योजना के सभी लाभार्थी कृषकों को 31 दिसम्बर, 2022 तक ई-केवाईसी सत्यापन कराया जाना अनिवार्य किया गया है।
रजिस्ट्रार, सहकारिता एवं स्टेट नोडल अधिकारी (पीएम-किसान) मेघराज सिंह रतनू ने बताया कि इससे लाभार्थी कृषक को योजनान्तर्गत लाभ सुचारू रूप से मिल सकेंगे। ई-केवाईसी के अभाव में कृषकों को आगामी किश्तों से वंचित रहना पड़ सकता है।
रतनू ने बताया कि कृषकों को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आधार कार्ड के द्वारा बायोमेट्रिक प्रणाली से ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण कराना होगा। सभी ई-मित्र केन्द्र पर ई-केवाईसी के लिए शुल्क 15 रूपये प्रति लाभार्थी (कर सहित) निर्धारित किया गया है। आगामी किस्तों का लाभ ई-केवाईसी पूर्ण होने पर ही मिलेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। "काशी-तमिल संगमम" में भाग लेने के लिए शुक्रवार शाम तमिलनाडु के धर्मगुरुओं (आदिनम) का पहला जत्था वाराणसी पहुंच गया। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लेकर काशी विश्वनाथ धाम में आदिनम का भव्य स्वागत किया गया।
काशी विश्वनाथ धाम में केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और उत्तर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल, मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने पुष्प वर्षा कर अगवानी की। काशी तमिल संगमम के उद्घाटन समारोह में तमिलनाडु के प्रमुख मठ-मंदिरों के आदिनम (महंत) को काशी की धरती पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्मानित करेंगे। भारतीय सनातन संस्कृति के दो अहम प्राचीन पौराणिक केंद्रों के मिलन के साक्षी नागरिक होंगे।
बताते चलें कि काशी तमिल संगमम में आने वाले आदिनाम को काशी में बसे लघु तमिलनाडु का भ्रमण भी कराया जायेगा। हनुमान घाट और उसके आसपास स्थित शंकर मठ सहित अन्य मंदिरों को भी दिखाया जायेगा। इसके अलावा तमिलनाडु के परिवारों के बीच भी वहां से आने वाले लोगों को ले जाया जायेगा। इसके पहले काशी विद्वत परिषद, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा अभिनंदन समारोह आयोजित किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीवी आनंद बोस (71) को बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। बोस केरल कैडर के 1977 बैच के (सेवानिवृत्त) भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने 2011 में सेवानिवृत्त होने से पहले यहां राष्ट्रीय संग्रहालय में एक प्रशासक के रूप में कार्य किया था।
उनकी नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी। राष्ट्रपति ने डॉ सीवी आनंद बोस को पश्चिम बंगाल का नियमित राज्यपाल नियुक्त किया है। मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन इस साल जुलाई में जगदीप धनखड़ को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किए जाने के बाद से पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। बोस ने अपने कैडर राज्य केरल और केंद्र दोनों में अलग-अलग पदों पर काम किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया। एक आधिकारिक आदेश से यह जानकारी मिली। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी मिश्रा को 18 नवंबर, 2023 तक सेवा विस्तार दिया गया है। मिश्रा (62) को 19 नवंबर, 2018 को दो साल की अवधि के लिए प्रवर्तन निदेशालय का निदेशक नियुक्त किया गया था।
बाद में 13 नवंबर 2020 को एक आदेश में केंद्र सरकार ने पूर्वव्यापी प्रभाव से नियुक्ति पत्र में संशोधन किया और उनके कार्यकाल को दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया। सरकार पिछले साल एक अध्यादेश लायी थी जिसमें अनुमति दी गयी थी कि ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशकों का कार्यकाल दो साल की अनिवार्य अवधि के बाद तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है। बाद में, मिश्रा को एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था।
बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक संजय कुमार मिश्रा का कार्यकाल एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। प्रवर्तन निदेशालय केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत कार्य करता है।
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