एबीएन सेंट्रल डेस्क। जीएसटी परिषद ने नियमों के अनुपालन में की जा रही कुछ गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर रखने पर शनिवार को सहमति जताने के साथ ही अभियोजन शुरू करने की सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये करने का फैसला किया। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक खत्म होने के बाद इसमें लिए गए इन फैसलों की जानकारी दी।
हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद समय की कमी के कारण बैठक के एजेंडा में शामिल 15 मुद्दों में से केवल आठ पर ही फैसला कर सकी। जीएसटी पर अपीलीय अधिकरण बनाने के अलावा पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में कर चोरी को रोकने के लिए व्यवस्था बनाने पर भी कोई फैसला नहीं हो पाया।
सीतारमण ने जीएसटी परिषद की बैठक खत्म होने के बाद कहा कि कोई नया कर नहीं लाया गया है। उन्होंने कहा कि परिषद ने स्पोर्ट्स यूटिलिटी वेहिकल (एसयूवी) के वर्गीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है और इस तरह के वाहनों पर लगने वाले कर को भी साफ कर दिया गया है।
मल्होत्रा ने कहा कि इस बैठक में ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर जीएसटी लगाने पर कोई चर्चा नहीं हुई क्योंकि मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह (जीओएम) ने इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। उन्होंने कहा कि समय इतना कम था कि जीओएम की रिपोर्ट जीएसटी परिषद के सदस्यों को भी नहीं दी जा सकी।
उन्होंने कहा कि परिषद ने जीएसटी कानून के अनुपालन में अनियमितता पर अभियोजन शुरू करने की सीमा को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने पर सहमति दी। मौजूदा समय में अभियोजन प्रक्रिया शुरू करने की सीमा एक करोड़ रुपये है।
इसके साथ ही दालों के छिलके पर जीएसटी को हटाने का फैसला भी किया गया। अभी तक दालों के छिलके पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगता था लेकिन अब उसे शून्य कर दिया गया है।
परिषद माल और सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के बारे में फैसला करने वाला सर्वोच्च निकाय है। परिषद की बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में वित्त राज्य मंत्रियों के अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली में वर्चुअल मोड के माध्यम से जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद् की बैठक के दौरान एजेंडा के 8 बिंदुओं को पूरा किया। जीओएम के दो मुद्दे थे जिन पर चर्चा करने की आवश्यकता थी लेकिन उन पर विचार नहीं किया जा सका ये तंबाकू और गुटखा पर क्षमता-आधारित कराधान और जीएसटी न्यायाधिकरण की स्थापना से संबंधित थे।
वहीं राजस्व सचिव ने बैठक के बाद बताया कि जीएसटी परिषद् की बैठक के दौरान जो फैसले लिये गये उनमें किसी भी अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने सहित कुछ मामलों का गैरअपराधीकरण करना और जीएसटी कानूनों के तहत किसी भी मामले में अभियोजन शुरू करने की राशि सीमा सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करना (नकली चालान को छोड़कर) आदि शामिल हैं।
जीएसटी परिषद की बैठक के बाद राजस्व सचिव ने कहा कि दालों की भूसी पर कर की दर 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई है। बैठक में रिफाइनरियों के लिए पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिश्रण की अनुमति 5% की रियायती दर पर दी गई है। शनिवार को शुरू हुई जीएसटी परिषद की बैठक के दौरान जीएसटी कानून के तहत अपराधों को गैर-अपराधीकरण, अपीलीय न्यायाधिकरणों की स्थापना और पान मसाला और गुटखा कारोबार में कर चोरी रोकने के लिए तंत्र बनाने पर चर्चा की गयी।
इससे पहले बताया गया था कि इस बैठक के दौरान आनलाइन गेमिंग और कैसीनो पर पर जीएसटी से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की अध्यक्षता में पिछले साल इस मुद्दे पर गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इससे जुड़ी अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। बैठक के पहले कयास लग रहे थे कि बैठक के दौरान कुछ वस्तुओं और सेवाओं में दर प्रयोज्यता पर स्पष्टता दी जाएगी। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट किया, केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज नई दिल्ली में वर्चुअल माध्यम से जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक की अध्यक्षता की। जीएसटी कानूनों के तहत अपराधों के गैर-अपराधीकरण के संबंध में जीएसटी परिषद की कानून समिति, जिसमें केंद्र और राज्यों के कर अधिकारी शामिल हैं ने परिषद को जीएसटी अपराधों के लिए अभियोजन शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया था।
कानून समिति ने यह भी सुझाव दिया था कि जीएसटी अपराधों के कंपाउंडिंग के लिए करदाता की ओर से देय शुल्क को कर राशि के 25 प्रतिशत तक कम कर दिया जाना चाहिए। यह वर्तमान में 150 प्रतिशत तक है। समिति ने यह बात व्यापार करने में आसानी में सुधार की दृष्टि से कही है। सूत्रों ने कहा है कि पान मसाला और गुटखा कंपनियों की ओर से कर चोरी पर जीओएम की रिपोर्ट पर परिषद की बैठक में चर्चा होनी थी। सूत्रों के अनुसार माल और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण की स्थापना के संबंध में सुझाव दिया है कि न्यायाधिकरणों में दो न्यायिक सदस्य और केंद्र और राज्यों के एक-एक तकनीकी सदस्य के अलावा अध्यक्ष के रूप में एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को शामिल किया जाना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज यानी शनिवार को यहां पश्चिम बंगाल सचिवालय में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा बिहार, झारखंड, ओडिशा और सिक्किम के उनके समकक्ष इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
बहरहाल, सचिवालय में सूत्रों ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक बैठक में अनुपस्थित रह सकते हैं। शाह बैठक में अन्य मुद्दों के साथ ही पांच राज्यों की सीमा से जुड़े मसलों और पूर्वी माल ढुलाई गलियारे का निर्माण पूरा करने पर चर्चा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्रियों के साथ ही सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के प्रमुखों के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। पहले यह बैठक पांच नवंबर को होनी थी लेकिन शाह के अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कोलकाता में सचिवालय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाह ने शुक्रवार शाम को यहां पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के सदस्यों के साथ बंद कमरे में बैठक की थी जिसमें राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गयी।
भाजपा नेताओं ने बताया कि शाह ने पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की भी समीक्षा की। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने पत्रकारों से कहा कि हमने गृह मंत्री को पश्चिम बंगाल में कानून एवं व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्हें पंचायत चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों की जानकारी भी दी गयी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचने का आग्रह किया है। करीब 30 मिनट चली इस बैठक में पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड-बंगाल के 33 ठिकानों से शुरू हुई आयकर की छापेमारी शुक्रवार को 17 ठिकानों पर जारी रही। 60 घंटे से चल रही छापेमारी में अब तक विभाग ने सभी ठिकानों से करीब 400 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का मामला पकड़ा है।
छापेमारी शनिवार को भी जारी रहेगी, जो सिर्फ झारखंड के गिरिडीह में सरिया से संबंधित पांच फैक्ट्रियों में होंगी। ये कंपनियां सलूजा, मोंगिया के अलावा गंगा प्रसाद साव ग्रुप से संबंधित हैं। बुधवार की सुबह से रांची के डाक्टर मजिद आलम, सरिया कंपनी सलूजा, मोगिया व गंगा प्रसाद ग्रुप से जुड़े झारखंड व बंगाल के 33 ठिकानों पर छापेमारी शुरू हुई थी। इन तीन दिनों में संबंधितों के ठिकाने से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिली है।
आयकर की यह छापेमारी सभी संबंधितों से जुड़े झारखंड के 30 व कोलकाता के तीन ठिकानों पर दो दिनों तक चली। तीसरे दिन उक्त छापेमारी 17 ठिकानों पर हुई। चौथे दिन सिर्फ पांच ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी। अब तक जिन ठिकानों पर छापेमारी हुई है, उनमें रांची, गिरिडीह व देवघर प्रमुख हैं।
छापेमारी में बरामद तीन करोड़ से अधिक के नकदी मामले में गिरिडीह की सरिया निर्माता कंपनी गंगा प्रसाद ग्रुप के ठिकाने से सर्वाधिक एक करोड़ पांच लाख रुपये मिले थे।
सलूजा के ठिकाने से भी एक करोड़ नकदी की बरामदगी हुई है। इनमें 40 लाख रुपये सलूजा के कोलकाता स्थित कार्यालय से मिले हैं। मोंगिया के ठिकाने से भी नकदी मिली है। इनसे जुड़े देवघर के सहयोगी के ठिकाने से भी बेनामी संपत्ति से संबंधित कागजात मिले हैं।
रांची के डॉक्टर मजिद आलम का इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक से कनेक्शन पुष्ट हुआ है। वे इस बैंक की आल इंडिया कमेटी में सदस्य हैं और इससे होने वाले लेन-देन में इनका हस्तक्षेप रहता है। उन्होंने इस बैंक के माध्यम से कर चोरी में क्या लाभ उठाया, इसकी जांच के लिए आयकर विभाग दूसरी सक्षम केंद्रीय जांच एजेंसी से अनुशंसा कर सकती है।
डॉ मजिद आलम के रांची के बरियातू स्थित आलम नर्सिंग होम के संचालक हैं।
आयकर विभाग ने अपनी छापेमारी में डॉ मजिद आलम के विरुद्ध करीब आठ करोड़ रुपये के कर चोरी का मामला पकड़ा है। आयकर विभाग को उनके ठिकानों से जो बैंकिंग लेन-देन व चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजित विधायक दल के नेताओं की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सम्मिलित हुए। बैठक में आगामी 19 दिसंबर से 23 दिसंबर 2022 तक आयोजित होने वाले पंचम झारखण्ड विधानसभा का दशम (शीतकालीन) सत्र के सुचारू संचालन हेतु विचार-विमर्श किया गया।
टीम एबीएन, रांची। ईडी को जेल का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने से जुड़े मामले में शुक्रवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार का जेल अधीक्षक हामिद अंसारी ईडी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए। कोर्ट ने 14 दिसंबर को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने पर जेल अधीक्षक को तलब किया था। उनके साथ एजी कार्यालय से कोर्ट में पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता आशुतोष आनंद भी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देने में कुछ तकनीकी समस्या आ रही है। साथ ही निजता भी आड़े आ रही है। कुछ कैदियों ने भी लिख कर दिया है कि न दिया जाये। इससे निजता का हनन होगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि ईडी सिर्फ मुख्य जेल गेट के बाहर का सीसीटीवी फुटेज मांग रहा है। ईडी ने सीसीटीवी फुटेज जेल प्रशासन से लेने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने इसकी इजाजत दी है। इस पर कहा गया कि सरकारी सेवक से जुड़ा मामला है। इसको देखते हुए जेल मैनुअल देखने के लिए समय दिया जाए। इस पर अदालत ने अगली तारीख 21 दिसंबर निर्धारित की है। उसी दिन अदालत आदेश पारित कर सकता है।
बता दें कि ईडी के आवेदन पर अदालत ने आठ दिसंबर को ही मेन गेट का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की इजाजत दी थी। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने फुटेज नहीं दिया। इसके बाद ईडी ने 14 दिसंबर को दोबारा अदालत में आवेदन दिया। जिस पर अदालत ने जेल अधीक्षक को बुलाया था।
कहीं उल्लंघन के कारण तो नहीं कराया जा फुटेज उपलब्ध :
अदालत के बाहर वहां मौजूद वकील आपस में बात कर रहे थे कि लगता है होटवार जेल में जेल मैनुअल का उल्लंघन हुआ है। जिसका खौफ जेल प्रशासन को सता रहा है। अगर ईडी को सीसीटीवी फुटेज मिल जायेगा तो जेल प्रशासन का मिलीभगत का पर्दाफाश हो जायेगा। बचने के लिए कैदियों की निजता के हनन का हवाला देकर टालमटोल किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में भारतीय प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का गुरुवार देर शाम तबादला किया गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को अपने कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। आईपीआरडी के नये निदेशक मुकेश कुमार बने, वहीं कोडरमा के उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा आदिवासी कल्याण आयुक्त बनाये गये हैं। कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है।
अधिसूचना के अनुसार, ग्रामीण कार्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह अपने कार्यों के साथ पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव के अतिरिक्त प्रभार पर रहेंगे। परिवहन सचिव राजेश कुमार शर्मा को अब श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण कौशल विभाग में सचिव बनाया गया है। श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त बनाये गये हैं। अनुसूचित जनजाति जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव के श्रीनिवासन अपने कार्यों के साथ परिवहन सचिव के अतिरिक्त प्रभार पर रहेंगे।
उत्पाद आयुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह को श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। आदिवासी कल्याण आयुक्त मुकेश कुमार श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान रांची के निदेशक बनाये गये हैं। इसके साथ मुकेश कुमार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में निदेशक और रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के उपाध्यक्ष के अतिरिक्त प्रभार पर भी रहेंगे। भू अर्जन भू अभिलेख एवं परिमाप के निदेशक उमाशंकर से जेप-आईटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के अतिरिक्त प्रभार पर रहेंगे।
नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देशक नेहा अरोड़ा अब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में अपर सचिव नियुक्त की गई हैं। योजना एवं विकास विभाग के अपर सचिव संजीव कुमार बेसरा श्रम आयुक्त बनाये गये हैं। दुमका के उप विकास आयुक्त करण सत्यार्थी उत्पाद आयुक्त बनाये गये हैं जबकि लोहरदगा की उपायुक्त गरिमा सिंह उच्च शिक्षा में निदेशक बनायी गयी है। रांची के उप विकास आयुक्त विशाल सागर सूचना प्रौद्योगिकी में निदेशक बनाये गये हैं। कोडरमा के उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा आदिवासी कल्याण आयुक्त नियुक्त किये गये हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव अभिजीत सिन्हा अपने कार्यों के साथ झारखंड मेडिकल एवं हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के प्रभार पर रहेंगे। श्रम नियोजन विभाग में संयुक्त सचिव ऋतुराज को कोडरमा उपविकास आयुक्त नियुक्त किया गया है। मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त संविदा एस लोहरदगा के उप विकास आयुक्त बनायी गयी हैं। अनुसूचित जनजाति जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव रवि आनंद पलामू के उप विकास आयुक्त बनाये गये हैं। आनंद अपने कार्यों के साथ में मेदिनीनगर निगम के नगर आयुक्त रहेंगे। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव रांची के उप विकास आयुक्त बने हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दिल्ली में रांची सांसद संजय सेठ और भाजपा नेता विनय जायसवाल ने एचईसी की गंभीर समस्याओं को लेकर भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे और भारी उद्योग सचिव कामरान रिजवी के साथ अलग-अलग मुलाकात की। दोनों से हुई मुलाकात में एचईसी को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी, जिसमें संजय सेठ ने कहा कि एचईसी को सुचारू रूप से चलाया जाए ताकि एचईसी का भविष्य अच्छा हो।
भारी उद्योग मंत्री से हुई मुलाकात के बाद संजय सेठ ने कहा कि मंत्रालय से उन्हें आश्वासन मिला है एचईसी को आगे बढ़ाया जायेगा। भारी उद्योग सचिव कामरान रिजवी ने कहा कि इसके भविष्य के लिए अच्छे पहल की ओर प्रयास की जा रही है। भाजपा नेता विनय जसवाल ने बकाया वेतन की मांग को लेकर कहा कि जल्द से जल्द भुगतान किया जाये। सचिव ने कहा की स्टील के साथ-साथ अन्य जगहों से एचईसी के बकाया पैसे को दिलाने की बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह एचईसी के शीर्ष अधिकारियों के साथ बृहद बैठक कर विभिन्न समस्याओं का समाधान किया जायेगा। एचईसी कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के साथ-साथ तमाम इंजीनियर मिलकर रिवाइवल प्लान भी तैयार कर रहे हैं। लेकिन वे इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि पूर्व में भी कई बार समीक्षा हो चुकी है। लेकिन जब बात उसे धरातल पर उतारतने की आती है तो मामला ठंडा पड़ जाता है।
एचईसी के इंजीनियरों को पिछले 13 माह से वेतन नहीं मिला है। 400 इंजीनियरों को अपना परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। पिछले दिनों एचईसी के प्रभारी सीएमडी नलिन सिंघल से बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद से यह आंदोलन जारी है। कभी प्रबंधन का पुतला फूंका जा रहा है, तो कभी जलेबी छानकर तो कभी मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इंजीनियरों ने बताया कि मेक इन इंडिया के तहत वोकल फॉर लोकर का नारा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और पांच ट्रिलियन इकॉनोमी का सपना तभी इन कल-कारखानों के बगैर कभी पूरा नहीं हो सकता।
आपको बता दें कि एचईसी की पहचान मदर ऑफ इंडिस्ट्री के रूप में हुआ करती थी। साल 1960 से 1990 तक इसका स्वर्णिल काल रहा। लेकिन समय के साथ इसकी स्थिति बिगड़ती रही। यह संस्थान सिर्फ राजनीतिक नारों में सिमट कर रह गया है। सेना, रेलवे के अलावा इसरो के लॉचिंग पैड स्ट्रक्चर को तैयार करने की ताकत रखने वाले इस संस्थान को खुद बैसाखी की जरूरत है। इसी संस्थान के क्षेत्र में जेएससीए, प्रोजेक्ट भवन, विधानसभा का संचालन हो रहा है। लेकिन इसकी हालत सुधरने के बजाए बिगड़ती जा रही है।
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